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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ‘गजरथ यात्रा’ पुस्तक का किया विमोचन

मुख्यमंत्री ने कहा - जनसुरक्षा के साथ हाथियों और उनके प्राकृतिक आवास का संरक्षण हमारी प्राथमिकता

मानव-हाथी द्वंद्व प्रबंधन एवं हाथियों की सुरक्षा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वनकर्मियों को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

गांवों और विद्यालयों तक पहुंचकर हाथियों के व्यवहार एवं सुरक्षित सह-अस्तित्व के प्रति जागरूक कर रही ‘गजरथ यात्रा’

रायपुर अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के गृहग्राम बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में जशपुर वनमंडल के जनजागरूकता अभियान पर आधारित पुस्तक ‘गजरथ यात्रा-भाग 02’ का विमोचन किया। यह पुस्तक मानव-हाथी द्वंद्व को कम करने, हाथियों के संरक्षण और प्रभावित क्षेत्रों में जनजागरूकता बढ़ाने के लिए जशपुर वनमंडल द्वारा किए जा रहे प्रयासों एवं अभिनव गतिविधियों का दस्तावेज है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि जशपुर वन-संपदा और जैव विविधता से समृद्ध क्षेत्र है। यहां मानव और वन्यजीवों के बीच सुरक्षित सह-अस्तित्व सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। हाथियों के प्राकृतिक व्यवहार और उनके विचरण क्षेत्रों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाकर मानव-हाथी द्वंद्व की घटनाओं को कम करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा के साथ वन और वन्यजीवों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने ‘गजरथ यात्रा’ की सराहना करते हुए कहा कि हाथी प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय समुदायों को जागरूक और सतर्क बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे प्रयासों में वन विभाग के साथ स्थानीय समुदायों की सक्रिय भूमिका मानव-हाथी सह-अस्तित्व को मजबूत बनाने में सहायक होती है।

इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार सहित वन विभाग एवं जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।

गांव-गांव और विद्यालयों तक पहुंच रही ‘गजरथ यात्रा’

जशपुर वनमंडल द्वारा विगत वर्षों से हाथी प्रभावित क्षेत्रों में मानव-हाथी द्वंद्व को कम करने और ग्रामीणों को सुरक्षित व्यवहार के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। ‘गजरथ यात्रा’ इसी दिशा में शुरू किया गया एक व्यापक जनजागरूकता अभियान है।

इस अभियान के माध्यम से हाथी प्रभावित गांवों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों तक पहुंचकर ग्रामीणों, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को हाथियों के प्राकृतिक व्यवहार, उनके आवास, भोजन और विचरण क्षेत्रों के संबंध में जानकारी दी जा रही है। लोगों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने, उनकी उपस्थिति के दौरान अनावश्यक रूप से निकट नहीं जाने और आपात स्थिति में तत्काल वन विभाग को सूचना देने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है।

अभियान के माध्यम से हाथियों को लेकर प्रचलित भ्रांतियों और भय को दूर कर उनके प्रति वैज्ञानिक, संवेदनशील एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ग्रामीण समुदायों की सुरक्षा के साथ हाथियों के संरक्षण को सुनिश्चित करते हुए द्वंद्व की संभावनाओं को न्यूनतम करना है।

‘गजरथ यात्रा-भाग 02’ में दर्ज हुई संरक्षण और जनजागरूकता की यात्रा

‘गजरथ यात्रा-भाग 02’ में जशपुर वनमंडल द्वारा मानव-हाथी द्वंद्व प्रबंधन और हाथी संरक्षण के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों को विस्तार से संकलित किया गया है। पुस्तक में जनजागरूकता कार्यक्रमों, ग्रामीण समुदायों की भूमिका, विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण से जोड़ने तथा हाथियों के साथ सुरक्षित व्यवहार को प्रोत्साहित करने वाली गतिविधियों को प्रमुखता से स्थान दिया गया है।

पुस्तक इस संदेश को भी रेखांकित करती है कि वन्यजीव संरक्षण को प्रभावी बनाने में वन विभाग के साथ स्थानीय समुदायों और आम नागरिकों की जागरूकता एवं सहयोग महत्वपूर्ण है। विशेषकर हाथी प्रभावित क्षेत्रों में समय पर सूचना, सावधानी और सामुदायिक समन्वय मानव तथा हाथियों दोनों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं।

तकनीक बनी जनसुरक्षा की सहयोगी, समय पर मिल रही हाथियों की सूचना

 

रायपुर  अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ पत्रकार श्री रमेश शर्मा के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री रमेश शर्मा ने अपनी लेखनी के माध्यम से समाज को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनका योगदान और समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता सदैव स्मरणीय रहेगी।

मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीराम से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा शोकाकुल परिजनों एवं शुभचिंतकों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति और संबल प्रदान करने की प्रार्थना की है।

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दृष्टिबाधित छात्रा जयमंती खेस को भेंट किया लैपटॉप

मुख्यमंत्री ने पूछा—“आगे क्या बनना चाहती हो?”, जयमंती बोलीं—“शिक्षक बनना चाहती हूं”

मुख्यमंत्री ने बढ़ाया हौसला- “शिक्षक राष्ट्र निर्माता होते हैं, मेहनत से अपने सपने को जरूर साकार करें”

विशेष सॉफ्टवेयर से पढ़ाई होगी आसान, अध्ययन सामग्री को सुनकर कर सकेंगी अध्ययन

रायपुर अगस्त 2026/ मजबूत इरादों के आगे कठिनाइयां भी रास्ता छोड़ देती हैं। जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड के ग्राम गोरिया की शत-प्रतिशत दृष्टिबाधित छात्रा जयमंती खेस ने अपनी दृष्टिबाधा को कभी शिक्षा की राह में बाधा नहीं बनने दिया। उच्च शिक्षा प्राप्त कर शिक्षक बनने का सपना संजोए जयमंती की पढ़ाई को अब तकनीक का मजबूत सहारा मिला है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज ग्राम बगिया स्थित अपने निवास पर जयमंती को विशेष सॉफ्टवेयर युक्त लैपटॉप प्रदान कर उनका हौसला बढ़ाया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

जयमंती वर्तमान में डिग्री गर्ल्स कॉलेज, रायपुर में बी.ए. अंतिम वर्ष की छात्रा हैं। दृष्टिबाधा के बावजूद शिक्षा के प्रति उनकी लगन और आगे बढ़ने का जज्बा मजबूत है। लैपटॉप मिलने से अब डिजिटल अध्ययन सामग्री तक उनकी पहुंच आसान होगी और वे आधुनिक तकनीक की सहायता से अपनी पढ़ाई को अधिक सुगमता से आगे बढ़ा सकेंगी।

लैपटॉप प्राप्त करते समय जयमंती के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह लैपटॉप उनकी पढ़ाई में बेहद उपयोगी साबित होगा। इससे अध्ययन सामग्री तक पहुंच आसान होने के साथ उच्च शिक्षा के अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने में भी मदद मिलेगी।

“शिक्षक बनना चाहती हूं”—जयमंती के जवाब ने मुख्यमंत्री को किया प्रसन्न

मुख्यमंत्री श्री साय ने लैपटॉप प्रदान करने के दौरान जयमंती से आत्मीय बातचीत की। उन्होंने छात्रा की पढ़ाई के बारे में जानकारी ली और पूछा, “आगे क्या बनना चाहती हो?” जयमंती ने आत्मविश्वास से जवाब दिया, “शिक्षक बनना चाहती हूं।”

जयमंती का लक्ष्य जानकर मुख्यमंत्री ने उनका उत्साहवर्धन करते हुए कहा, “शिक्षक राष्ट्र निर्माता होते हैं। पूरी लगन से पढ़ाई करें और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर आगे बढ़ती रहें।” मुख्यमंत्री ने उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दृढ़ संकल्प और परिश्रम से जीवन की कठिन से कठिन चुनौती को पार कर अपने सपनों को साकार किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें, इसके लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। विशेष रूप से दिव्यांग विद्यार्थियों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप संसाधन और सहयोग उपलब्ध कराकर उन्हें शिक्षा एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है।

जनदर्शन में रखी थी आवश्यकता, संवेदनशीलता से मिला समाधान

जयमंती ने अपनी पढ़ाई को सुगम बनाने के लिए कलेक्टर जनदर्शन में लैपटॉप उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। छात्रा की आवश्यकता और शिक्षा के प्रति उनकी लगन को देखते हुए कलेक्टर ने समाज कल्याण विभाग को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

इसके बाद समाज कल्याण विभाग ने छात्रा की विशेष जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सहायक सॉफ्टवेयर से युक्त लैपटॉप तैयार कराया। आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वयं यह लैपटॉप जयमंती को प्रदान किया। इस प्रकार जनदर्शन में छात्रा द्वारा रखी गई आवश्यकता का समाधान उसके शिक्षा के सपने को आगे बढ़ाने का माध्यम बन गया।

तकनीक बनेगी जयमंती की आंखें, पढ़ाई होगी अधिक सुगम

समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जयमंती की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए लैपटॉप में विशेष सहायक सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराया गया है। इसकी सहायता से स्क्रीन पर उपलब्ध सामग्री को आवाज के माध्यम से सुना और समझा जा सकेगा।

इस तकनीकी सुविधा से जयमंती डिजिटल पुस्तकें, नोट्स एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री का उपयोग अधिक आसानी से कर पाएंगी। इससे उनकी उच्च शिक्षा की राह सुगम होने के साथ डिजिटल माध्यमों से स्वतंत्र रूप से अध्ययन करने की क्षमता भी बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री से मिले प्रोत्साहन और तकनीक के इस सहयोग ने जयमंती के शिक्षक बनने के सपने को नई ऊर्जा दी है। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि अवसर, संसाधन और प्रोत्साहन मिले तो शारीरिक चुनौतियां प्रतिभा और सपनों की उड़ान को रोक नहीं सकतीं।

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर डीकेएस अस्पताल रायपुर में हुआ सफल उपचार

आर्थिक तंगी बनी थी इलाज में बाधा, मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने बढ़ाया मदद का हाथ

स्वस्थ होकर मुख्यमंत्री से मिले अविनाश, कहा - मुश्किल समय में मिली मदद ने बदल दी जिंदगी

रायपुर  अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल जरूरतमंद परिवारों के जीवन में आशा और विश्वास का संचार कर रही है। बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के साथ ही गंभीर बीमारी से जूझ रहे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए भी लगातार सहायता दी जा रही है। इसी संवेदनशील पहल से फरसाबहार विकासखंड के ग्राम पंडरीपानी निवासी 21 वर्षीय अविनाश नायक का रायपुर के डीकेएस अस्पताल में सफल उपचार संभव हो सका है।

स्वस्थ होने के बाद अविनाश आज मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया पहुंचे और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया। अविनाश ने मुख्यमंत्री को बताया कि उपचार के बाद उनकी स्थिति में काफी सुधार आया है और अब वे पहले की तुलना में कहीं अधिक सहजता से चलने-फिरने के साथ अपने दैनिक कार्य कर पा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उनके स्वस्थ होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य की कामना की।

जन्म से थी परेशानी, आर्थिक तंगी के कारण नहीं हो पा रहा था उपचार

अविनाश नायक को जन्म से ही बाएं पैर के अंगूठे और एक अन्य अंगुली में मांसपेशियों एवं हड्डी के असामान्य रूप से बढ़ने की समस्या थी। उम्र बढ़ने के साथ यह परेशानी भी बढ़ती गई। इससे उन्हें चलने-फिरने और रोजमर्रा के काम करने में कठिनाई होने लगी। उपचार की आवश्यकता होने के बावजूद परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति उनके सामने सबसे बड़ी बाधा बनी हुई थी।

कुछ वर्ष पूर्व अविनाश ने उपचार के लिए जिला अस्पताल में चिकित्सकों से संपर्क किया। जांच के बाद चिकित्सकों ने बेहतर उपचार एवं ऑपरेशन के लिए किसी बड़े चिकित्सा संस्थान में जाने की सलाह दी। परिवार के लिए इलाज और ऑपरेशन का खर्च वहन करना संभव नहीं था। ऐसे में बेहतर उपचार की उम्मीद लिए अविनाश ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में अपनी समस्या बताते हुए सहायता के लिए आवेदन किया।

कैंप कार्यालय ने दिखाई तत्परता, रायपुर में कराया उपचार

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने अविनाश की समस्या को गंभीरता और संवेदनशीलता से लेते हुए उनके उपचार के लिए तत्काल आवश्यक पहल की। उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए रायपुर भेजा गया, जहां डीकेएस अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उनका उपचार और ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया।

सफल उपचार ने अविनाश के जीवन की एक बड़ी परेशानी दूर कर दी है। लंबे समय से जिस शारीरिक समस्या के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था, उससे अब काफी राहत मिली है। वे सामान्य दिनचर्या की ओर लौट रहे हैं।

आर्थिक स्थिति कमजोर थी, मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बना सहारा

मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान अविनाश ने भावुक होकर बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे किसी बड़े अस्पताल में जाकर अपना उपचार करा सकें। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन देने के बाद उनकी समस्या पर गंभीरता से पहल हुई और रायपुर के डीकेएस अस्पताल में सफल उपचार कराया गया।

अविनाश ने मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कठिन समय में मिली इस सहायता ने उन्हें बड़ी परेशानी से मुक्ति दिलाई है। उन्होंने उपचार में सहयोग करने वाले चिकित्सकों और प्रशासन के प्रति भी धन्यवाद व्यक्त किया।

जरूरतमंदों के लिए उम्मीद और विश्वास का केंद्र बना कैंप कार्यालय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन रहा है। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बीमारी और अन्य कठिन परिस्थितियों में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में संवेदनशीलता के साथ पहल की जा रही है।

अविनाश की कहानी इसी संवेदनशील व्यवस्था का उदाहरण है। आर्थिक अभाव के कारण जिस युवक का उपचार लंबे समय से नहीं हो पा रहा था, उसे समय पर सहायता और बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलने से आज उसके जीवन में नई उम्मीद आई है। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय जरूरतमंदों के लिए सहायता के माध्यम के साथ भरोसे और संवेदनशील शासन के केंद्र के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है।

 

‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, सेनानियों के योगदान और सुशासन की उपलब्धियों का प्रदर्शन

21 अगस्त तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी प्रदर्शनी

रायपुर,  अगस्त 2026/ 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी नागरिकों और विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के योगदान, अमर सेनानियों के शौर्य एवं बलिदान, राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा तथा राज्य की सुशासन और विकास यात्रा को प्रदर्शनी में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है।

इसी क्रम में बी.पी. पुजारी गवर्नमेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल, राजातालाब रायपुर के विद्यार्थियों ने शिक्षिकाओं के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन किया। विद्यार्थी मानवी साहू, पलक साहू, योगिता विश्वकर्मा, आनंदित बोस और युगती सोनकर शिक्षिका अनवरी जावेद शेख एवं सुनील महर के साथ प्रदर्शनी देखने पहुंचे। विद्यार्थियों ने विभिन्न छायाचित्रों, ऐतिहासिक दस्तावेजों और प्रदर्शित सामग्री को उत्सुकता के साथ देखा तथा स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों की जानकारी प्राप्त की।

‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा

प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा पर केंद्रित खंड है। इसमें ‘वंदे मातरम्’ की रचना से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रजागरण के प्रेरणादायी स्वर के रूप में इसकी भूमिका को ऐतिहासिक संदर्भों और छायाचित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।

प्रदर्शनी के माध्यम से नई पीढ़ी को यह समझने का अवसर मिल रहा है कि स्वतंत्रता केवल संघर्ष और बलिदान का परिणाम नहीं, बल्कि देशवासियों की एकजुटता, राष्ट्रप्रेम और दृढ़ संकल्प की भी गौरवगाथा है।

छत्तीसगढ़ के वीर सेनानियों के संघर्ष और बलिदान की गाथा

प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, जननायकों और अमर बलिदानियों के योगदान से जुड़े दुर्लभ छायाचित्र, दस्तावेज और ऐतिहासिक प्रसंग प्रदर्शित किए गए हैं। महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास तथा प्रदेश में हुए सामाजिक और राष्ट्रीय आंदोलनों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंग भी प्रदर्शनी का हिस्सा हैं।

विभागीय अधिकारियों ने विद्यार्थियों को छायाचित्रों और ऐतिहासिक घटनाओं की जानकारी देते हुए स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण से अवगत कराया।

योजनाओं से बदली जिंदगी की तस्वीर

प्रदर्शनी में राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं और आम नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। महिलाओं, किसानों, युवाओं, श्रमिकों और जरूरतमंद परिवारों के लिए संचालित योजनाओं के माध्यम से विकास और सशक्तिकरण की तस्वीर प्रस्तुत की गई है।

महतारी वंदन योजना, कृषक उन्नति योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी पहलों की जानकारी भी प्रदर्शनी में दी गई है। विद्यार्थियों ने इन योजनाओं के बारे में भी विशेष रुचि दिखाई।

सुशासन और आधुनिक अधोसंरचना से विकसित छत्तीसगढ़ की झलक

प्रदर्शनी में डिजिटल पंजीयन, सुशासन तिहार, हरित छत्तीसगढ़, शिक्षा एवं अधोसंरचना विस्तार सहित राज्य की विकास यात्रा को भी छायाचित्रों और सूचनात्मक सामग्री के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। बेहतर सड़क एवं रेल संपर्क, औद्योगिक अधोसंरचना, निवेश और रोजगार के नए अवसरों की झलक भी यहां देखने को मिल रही है।

एआई तकनीक से विरासत और पर्यटन का अभिनव अनुभव

प्रदर्शनी में आधुनिक तकनीक और छत्तीसगढ़ की विरासत का अनूठा संगम भी देखने को मिल रहा है। एआई आधारित विशेष पहल के माध्यम से आगंतुक प्रदेश के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों की पृष्ठभूमि के साथ अपनी डिजिटल तस्वीर तैयार करा सकते हैं। बच्चों और युवाओं में इस पहल को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। इसके अलावा राज्य की विकास यात्रा, उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन भी किया जा रहा है।

21 अगस्त तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी प्रदर्शनी

कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में आयोजित यह सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी 15 से 21 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से रात 8 बजे तक आम नागरिकों के अवलोकन के लिए खुली रहेगी। विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी को ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी और छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास एवं वर्तमान विकास से परिचित कराने वाला अनुभव बताया।

​छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में बढ़ा दाखिले का दायरा

अब 31 अगस्त तक ले सकेंगे प्रवेश

​रायपुर, अगस्त 2026/उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि हमारी सरकार का मूल ध्येय प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा का प्रकाश पहुँचाना है। दूरस्थ और ग्रामीण अंचलों के कई मेधावी युवा विभिन्न व्यावहारिक कठिनाइयों के कारण समय पर प्रवेश नहीं ले सके थे। हम नहीं चाहते कि तिथियों के फेर में किसी भी योग्य विद्यार्थी का एक साल खराब हो या वह उच्च शिक्षा से वंचित रह जाए। छात्रहित को सर्वोपरि रखते हुए प्रवेश की तारीख 31 अगस्त तक बढ़ाई गई है। मैं सभी विद्यार्थियों से अपील करता हूँ कि वे इस अवसर का पूरा लाभ उठाएं।
​छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों को बड़ी राहत देते हुए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कॉलेजों में प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। राज्य के जिन शासकीय और निजी महाविद्यालयों में अभी भी सीटें रिक्त हैं, वहाँ छात्र अब 31 अगस्त 2026 तक दाखिला ले सकेंगे। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में विधिवत आदेश जारी कर दिया गया है।
​उल्लेखनीय है कि इससे पहले विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत प्राचार्य स्तर पर प्रवेश की समय सीमा 31 जुलाई तक और कुलपति की अनुमति से 14 अगस्त तक तय की गई थी। लेकिन अंतिम तिथि बीतने के बाद भी कई महाविद्यालयों में सीटें खाली रह गई थीं और दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले कई अभ्यर्थी समय पर आवेदन नहीं कर पाए थे। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए शासन ने तिथि विस्तार का यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

बिल्हा विकासखंड के ग्राम कड़ार में 20 लाख रूपए के सामुदायिक भवन का हुआ भूमिपूजन

​रायपुर, अगस्त 2026/​बिलासपुर जिला स्थित बिल्हा विकासखंड के ग्राम कड़ार में आयोजित भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश के राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने डॉ. खूबचंद बघेल और स्वामी आत्मानंद महाराज जैसी महान विभूतियों के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में लाखों लोग जन्म लेते हैं, लेकिन अमर वही होते हैं जो अपने सत्कर्मों से समाज का निर्माण करते हैं और इतिहास रचते हैं।
इस अवसर पर ​मंत्री ने 20 लाख रूपए से बनने वाले सामुदायिक भवन का भूमि पूजन किया। छत्तीसगढ़ निर्माण की पृष्ठभूमि का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि ​पृथक छत्तीसगढ़ राज्य का सपना देखा गया था, और मार्ग में निरंतर आगे बढ़ने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने उस सपने को साकार किया। यदि वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ का निर्माण न हुआ होता, तो प्रदेश की स्थिति आज भी वैसी ही बनी रहती। आज सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, नौकरी और अधोसंरचना के हर क्षेत्र में तेज़ी से काम हो रहा है। छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा और राजस्व का पूरा पैसा अब यहीं के सर्वांगीण विकास में उपयोग हो रहा है।
​सामाजिक बदलाव पर प्रकाश डालते हुए मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि कभी पूर्णतः कृषि पर आधारित हमारा समाज अब व्यवसाय, व्यापार और नौकरियों के क्षेत्र में भी तेज़ी से आगे बढ़ा है। लोगों के रहन-सहन का स्तर बदला है; जिनके पास कभी साइकिल नहीं थी, वे आज दोपहिया, चारपहिया और हवाई यात्रा तक का आनंद ले रहे हैं। गांव-गांव में महज 5 से 10 किलोमीटर के दायरे में स्कूल, हायर सेकेंडरी विद्यालय और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं, लोगों की क्रय शक्ति बढ़ी है। इस भौतिक प्रगति के साथ हम सभी को ​सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण पर ध्यान देना जरूरी है।आधुनिकता के इस दौर में गांव-घर का पारस्परिक प्रेम और पारिवारिक मर्यादाएं प्रभावित हो रही हैं। प्रगति के साथ-साथ अपनी प्राचीन संस्कृति, परंपरा और संस्कारों को बनाए रखना बेहद अनिवार्य है, क्योंकि संस्कारों के बिना जीवन अधूरा है। हमें एक ऐसे समाज का निर्माण करना होगा जहां आपसी प्रेम, भाईचारा, संवेदनशीलता और एक-दूसरे के दुख-सुख में खड़े रहने की भावना सदैव जीवंत रहे।

​वरिष्ठ नेताओं के अनुभव और मार्गदर्शन से मिल रही काम करने की प्रेरणा:श्री धरमलाल कौशिक

​कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने अपने उद्बोधन में वरिष्ठ नेतृत्व के मार्गदर्शन और जीवन अनुभवों की महत्ता पर बल दिया। ​उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं का जीवन अनुभवों से भरा होता है, जिससे सीखकर, समझकर और पढ़कर संगठन व समाज सेवा के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। पृथक छत्तीसगढ़ के निर्माण के बाद से लेकर आज तक प्रदेश ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। दूर-दराज़ के क्षेत्रों तक भौतिक साधनों और बुनियादी सुविधाओं की पहुंच ने आम नागरिक के जीवन को सुगम बनाया है।
​ बिल्हा विकासखंड के ग्राम कड़ार में आयोजित इस भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के क्रेडा के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी,सरपंच ब्रजेश दुबे,जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ नागरिक और ग्रामीण जन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

रायपुर, 16 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के पचपेड़ी नाका स्थित रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल परिसर में अत्याधुनिक रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने नई कैंसर इकाई में उपलब्ध उपचार सुविधाओं एवं अत्याधुनिक मशीनरी का अवलोकन किया तथा अस्पताल प्रबंधन एवं चिकित्सकों को इस महत्वपूर्ण पहल के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान श्री साय ने डॉ. संदीप दवे के भाई श्री प्रदीप दवे को पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल पिछले 36 वर्षों से छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि डॉ. संदीप दवे के भाई स्वर्गीय श्री प्रदीप दवे का कैंसर से निधन हुआ था। इस व्यक्तिगत पीड़ा ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ व्यापक स्तर पर काम करने का संकल्प मजबूत किया। आज उसी संकल्प का परिणाम रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट के रूप में सामने आया है। उन्होंने कहा कि यह संस्थान आने वाले समय में हजारों-लाखों लोगों को बेहतर कैंसर उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ा है। कैंसर मरीजों को अब एक ही परिसर में जांच, उपचार और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने डॉ. संदीप दवे और उनकी पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि निजी क्षेत्र की ऐसी पहल से प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को और गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य गठन के 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में स्वास्थ्य संस्थानों के विस्तार को गति मिली और वर्तमान सरकार भी पिछले ढाई वर्षों से प्रदेश के कोने-कोने तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेशवासियों को उपचार के लिए प्रदेश से बाहर न जाना पड़े और उन्हें आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं अपने ही प्रदेश में उपलब्ध हों।

कैंसर की रोकथाम में स्क्रीनिंग और शुरुआती जांच जरूरी : डॉ. रमन सिंह
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट के शुभारंभ को छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इस संस्थान के पीछे सेवा और संवेदना की भावना जुड़ी हुई है। डॉ. दवे के भाई की कैंसर से मृत्यु ने उन्हें गहरा आघात दिया और संभवतः इसी पीड़ा ने कैंसर के उपचार के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने की प्रेरणा दी। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कैंसर केवल मरीज की नहीं, बल्कि पूरे परिवार की सामूहिक पीड़ा होती है। उन्होंने कैंसर की समय पर पहचान के लिए नियमित स्क्रीनिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शुरुआती चरण में कैंसर की पहचान होने पर उपचार की संभावनाएं काफी बेहतर हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में पहले से उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं के साथ अब कैंसर उपचार की सुविधा जुड़ने से मरीजों को एक ही छत के नीचे व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

15 मेडिकल कॉलेज और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल से स्वास्थ्य सेवाओं का बढ़ा दायरा : स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट के शुभारंभ से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में एक महत्वपूर्ण नई कड़ी जुड़ी है। इसका लाभ छत्तीसगढ़ सहित देश के अन्य हिस्सों के मरीजों को भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के समय छत्तीसगढ़ में केवल एक मेडिकल कॉलेज था। तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के प्रयासों से मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 10 हुई और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पिछले ढाई वर्षों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के बाद प्रदेश में अब 15 मेडिकल कॉलेज हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इसी अवधि में प्रदेश में सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का भी विस्तार हुआ है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में दो नए सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों पर काम हो रहा है। बस्तर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की सुविधा शुरू होने से गंभीर मरीजों को उपचार के लिए एयरलिफ्ट कर रायपुर लाने की आवश्यकता में कमी आई है और जगदलपुर में हृदय जैसी जटिल सर्जरी भी संभव हो रही है। बिलासपुर में भी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का शुभारंभ हो चुका है।

इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री मोतीलाल साहू, चिकित्सक, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोग एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक भी उपस्थित थे।

 

रायपुर, 16 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास परिसर में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने अटल जी के विराट व्यक्तित्व, राष्ट्रसेवा और छत्तीसगढ़ निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान का स्मरण किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी छत्तीसगढ़ के निर्माता और प्रदेशवासियों की भावनाओं को सम्मान देने वाले महान राष्ट्रनायक थे। छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण उनके दूरदर्शी नेतृत्व, दृढ़ संकल्प और संवेदनशील सोच का परिणाम है। उन्होंने इस अंचल की भौगोलिक विशिष्टताओं, विकास की आवश्यकताओं और पृथक राज्य की वर्षों पुरानी जनआकांक्षा को समझा तथा प्रधानमंत्री के रूप में उसे साकार किया। छत्तीसगढ़ को पृथक राज्य के रूप में पहचान दिलाने वाला उनका यह ऐतिहासिक निर्णय प्रदेश के इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल जी का छत्तीसगढ़ से रिश्ता केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि गहरा आत्मीय और भावनात्मक था। छत्तीसगढ़ और यहां के लोगों के प्रति उनके मन में विशेष स्नेह था। श्री साय ने अटल जी के साथ अपनी स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि उन्हें स्वयं भी श्रद्धेय अटल जी का स्नेह, आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। उनके साथ जुड़ी अनेक आत्मीय स्मृतियां आज भी मन में जीवंत हैं। अटल जी का स्नेह और उनका मार्गदर्शन उनके जीवन की अमूल्य स्मृतियों में है, जो उन्हें जनसेवा के पथ पर निरंतर प्रेरित करता है।

राजनीति में संवेदनशीलता, संवाद और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रतीक थे अटल जी

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी का व्यक्तित्व बहुआयामी था। संवेदनशील कवि, प्रखर पत्रकार, ओजस्वी वक्ता और दूरदर्शी राजनेता के रूप में उन्होंने भारतीय जनमानस पर अमिट छाप छोड़ी। वे ऐसे सर्वस्वीकार्य राजनेता थे, जिन्हें दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर सभी वर्गों का सम्मान और स्नेह प्राप्त हुआ। वैचारिक दृढ़ता के साथ विनम्रता, संवेदनशीलता और संवाद उनके सार्वजनिक जीवन की विशेषता थी।राष्ट्रहित उनके लिए सदैव सर्वोपरि रहा और मां भारती की सेवा उनके जीवन का सर्वोच्च ध्येय थी।

गांव, गरीब, किसान और जनजातीय समाज के उत्थान को बनाया विकास का आधार

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल जी ने सुशासन और अंत्योदय को शासन का आधार बनाकर विकास की ऐसी विरासत स्थापित की, जो आज भी देश को दिशा दे रही है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से गांवों को सड़कों से जोड़ने की ऐतिहासिक पहल ने ग्रामीण भारत के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति दी। किसानों के कल्याण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए उनके द्वारा उठाए गए कदमों का दूरगामी प्रभाव पड़ा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास को राष्ट्रीय प्राथमिकता देते हुए अटल जी के कार्यकाल में पृथक जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया गया। यह निर्णय जनजातीय समुदायों के विकास, अधिकारों और आकांक्षाओं के प्रति उनकी संवेदनशीलता का परिचायक था। उन्होंने विकास की मुख्यधारा को गांव, गरीब, किसान, जनजातीय समाज और वंचित वर्गों तक पहुंचाने के लिए अनेक दूरदर्शी पहल कीं।

अटल जी के सुशासन और अंत्योदय के मार्ग पर आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल जी ने जिस छत्तीसगढ़ की आधारशिला रखी, उसे समृद्ध, विकसित और आत्मनिर्भर बनाना हम सभी का दायित्व है। उनकी सरकार अटल जी के सुशासन, अंत्योदय और जनकल्याण के मूल्यों को आत्मसात करते हुए प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ आज विकास और सुशासन के नए अध्याय लिख रहा है। सरकार का प्रत्येक प्रयास गांव, गरीब, किसान, युवा, महिला और जनजातीय समाज के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को साकार करने की दिशा में केंद्रित है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का जीवन, विचार और आदर्श नेतृत्व सदैव देश और प्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे। छत्तीसगढ़ के निर्माता के रूप में उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके सपनों के अनुरूप समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण ही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि है।

*स्वतंत्रता दिवस पर लोकभवन में आयोजित हुआ ‘स्वागत समारोह’*

 

रायपुर, 15 अगस्त 2026/स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज शाम लोकभवन में स्वागत समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियां शामिल हुईं। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी। राज्यपाल श्री डेका को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी उपस्थित थीं।

 

समारोह में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री श्री टंकराम वर्मा, अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री सुनील सोनी, श्री अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ ममता साहू, जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। समारोह में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित श्री भारतीबंधु, डॉ. राधेश्याम बारले, सुश्री उषा बारले एवं अन्य उपस्थित थे। स्वागत समारोह में शहीदों के परिजन, वीरता पुरस्कार से सम्मानित पुलिस के अधिकारी, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली हस्तियां, ब्रम्हकुमारी बहनें मौजूद थीं। समारोह में देशभक्ति पूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। 

 

समारोह में मुख्य सचिव श्री विकास शील, पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, श्री मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव श्री सोनमणी बोरा राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, संचालक आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, राज्यपाल के विधिक सलाहकार श्रीमती सत्यभामा अजय दुबे, सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, सेना के वरिष्ठ अधिकारीगण, विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्रेस-मीडिया कर्मी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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