ईश्वर दुबे
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समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ली संयुक्त बैठक
रायपुर, 19 अगस्त 2026/ दिव्यांगजनों, उभयलिंगी समुदाय तथा अन्य अंतर्विभागीय विषयों से संबंधित कल्याणकारी योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को महानदी भवन, मंत्रालय, अटल नगर में समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की संयुक्त बैठक आयोजित की गई।
फर्जी दिव्यांगता सर्टिफिकेट प्रकरणों की होगी त्वरित जांच
बैठक में दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के आधार पर शासकीय सेवा में कार्यरत 186 व्यक्तियों से संबंधित प्रकरणों की जांच सामान्य प्रशासन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य मेडिकल बोर्ड अथवा संभागीय मेडिकल बोर्ड के माध्यम से कराए जाने पर चर्चा हुई। संबंधित व्यक्तियों को मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित होकर परीक्षण कराने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने तथा निर्धारित समयान्तराल में दिव्यांगता की भौतिक जांच के लिए उपस्थित होने वाले व्यक्तियों के प्रकरणों की समीक्षा किए जाने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि फर्जी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के आधार पर शासकीय सेवाओं में कार्यरत व्यक्तियों की जांच के लिए राज्य मेडिकल एवं संभागीय मेडिकल बोर्ड में परीक्षण की प्रक्रिया को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे।
दिव्यांगता प्रमाण-पत्र और यूडीआईडी कार्ड की प्रक्रिया होगी सुगम
बैठक में दिव्यांगजनों के दिव्यांगता प्रमाण-पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड जारी करने की प्रक्रिया को सुगम बनाने, मेडिकल बोर्ड में विषय- विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष मेडिकल बोर्ड एवं दिव्यांगता परीक्षण शिविर आयोजित करने पर चर्चा की गई। पात्र दिव्यांगजनों को समयबद्ध रूप से प्रमाण-पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
भारत सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप अस्थायी एवं स्थायी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। मेडिकल बोर्ड में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी की स्थिति में निजी क्षेत्र के विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं लेने पर भी सहमति बनी।
उभयलिंगी समुदाय के कल्याण पर भी हुई चर्चा
बैठक में उभयलिंगी समुदाय के व्यक्तियों के लिए राज्य की सेक्स रिअसाइनमेंट सर्जरी (SRS) संबंधी सहायता तथा समय-सीमा में पात्र हितग्राहियों को लाभ प्रदान करने पर चर्चा हुई। SRS के लिए सहायता अनुदान संबंधी दिशा-निर्देशों में आवश्यक सर्जरी को शामिल किए जाने तथा निर्धारित दरों में वर्तमान बाजार दर के अनुरूप संशोधन की कार्यवाही पर विचार किया गया।
राज्य के शासकीय अस्पतालों में उभयलिंगी व्यक्तियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पृथक ट्रांसजेंडर क्लीनिक/वार्ड की व्यवस्था किए जाने पर भी चर्चा हुई।
नशामुक्ति केंद्रों के सुदृढ़ीकरण पर जोर
बैठक में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित नशामुक्ति केंद्रों की समीक्षा की गई। मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम, 2017 के प्रावधानों के अनुरूप राज्य में संचालित नशामुक्ति केंद्रों के पंजीयन तथा मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण से संबंधित प्रक्रिया की समीक्षा की गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा नशामुक्ति केंद्रों में उपचाररत व्यक्तियों को दी जा रही दवाओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने तथा केंद्रों के विस्तार एवं बेहतर संचालन पर भी चर्चा हुई।
इसके साथ ही दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, भिक्षुक, उभयलिंगी एवं नशा पीड़ित व्यक्तियों के पुनर्वास एवं संस्थागत संरक्षण के लिए संचालित शासकीय एवं अनुदान प्राप्त संस्थाओं में निवासरत हितग्राहियों के स्वास्थ्य परीक्षण की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी सहमति बनी।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त सह संचालक श्री संजीव झा, समाज कल्याण विभाग के संचालक श्री रणवीर शर्मा सहित दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
उपराष्ट्रपति के 2 सितंबर को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ प्रवास की तैयारियों की मुख्य सचिव ने की समीक्षा
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की समस्त योजनाओं की पात्र आबंटित संपत्तियों पर लागू होगी छूट–अध्यक्ष अनुराग सिंह देव
रायपुर, अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल (CGHB) द्वारा आवंटियों को विलंब अवधि की ब्याज राशि और बकाया जल प्रभार (Water Charges) के सरचार्ज पर 50 प्रतिशत की विशेष छूट एकमुश्त भुगतान (One-Time Settlement) योजना के तहत दी गई थी, जिसकी अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 निर्धारित थी।
गृह निर्माण ने हितग्राहियों को दाण्डिक ब्याज में 50 प्रतिशत छूट देने की घोषणा
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने अपने हितग्राहियों को बड़ी सौगात दी है। मंडल मुख्यालय, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बकायादार हितग्राहियों को दाण्डिक ब्याज में 50 प्रतिशत छूट देने की घोषणा की।
विशेष आवासीय योजना के अंतर्गत OTS-1 एवं OTS-2 में आबंटित संपत्तियां इस योजना के दायरे से बाहर
यह छूट मंडल की समस्त योजनाओं में निर्मित एवं निर्माणाधीन आबंटित संपत्तियों पर लागू होगी। हालांकि, विशेष आवासीय योजना के अंतर्गत OTS-1 एवं OTS-2 में आबंटित संपत्तियां इस योजना के दायरे से बाहर रहेंगी। पात्र हितग्राही अपनी आबंटित संपत्ति की संपूर्ण बकाया राशि एकमुश्त जमा कर दाण्डिक ब्याज अर्थात विलंबित अवधि के ब्याज में 50 प्रतिशत छूट का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि मंडल द्वारा पूर्व में भी निर्मित भवनों के विरुद्ध बकाया राशि एकमुश्त जमा करने पर दाण्डिक ब्याज में 50 प्रतिशत छूट का लाभ 31 मार्च 2026 तक दिया गया था। इस योजना को हितग्राहियों से अच्छा प्रतिसाद मिला। मंडल की निधि में तरलता बनाए रखने तथा हितग्राहियों को बकाया राशि एकमुश्त जमा करने की सुविधा देने के उद्देश्य से पुनः यह योजना लागू की गई है।
वाटर चार्जेस के सरचार्ज में भी 50 प्रतिशत छूट
अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि कई हितग्राहियों द्वारा जलप्रदाय शुल्क (वाटर चार्जेस) समय पर जमा नहीं किए जाने के कारण लंबित राशि पर सरचार्ज भारित हो रहा था। हितग्राहियों द्वारा लगातार सरचार्ज में छूट देने का अनुरोध किया जा रहा था। हितग्राहियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंडल ने अपनी आबंटित संपत्तियों पर लंबित जलप्रदाय शुल्क का एकमुश्त भुगतान करने पर भारित सरचार्ज में भी 50 प्रतिशत छूट देने का निर्णय लिया है। इससे हितग्राहियों को बकाया राशि के निपटारे में राहत मिलेगी और वे सरचार्ज में छूट का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
अध्यक्ष ने बताया कि इस संबंध में मंडल द्वारा संबंधित इकाइयों को आवश्यक निर्देश जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने हितग्राहियों से इस सुविधा का लाभ उठाते हुए अपनी बकाया राशि का शीघ्र एकमुश्त भुगतान करने की अपील की।
मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों को दिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवश्यक निर्देश
रायपुर, अगस्त 2026/ स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर में आज स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली । बैठक में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की मौजूदा स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के दौरान अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता, साफ-सफाई की व्यवस्था तथा मरीजों को दी जा रही अन्य सुविधाओं की बारीकी से समीक्षा की गई। अधिकारियों से जिलेवार जानकारी लेते हुए यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक भी जरूरी दवाएं और चिकित्सा सुविधाएं समय पर पहुंचें, जिससे आम जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
स्वास्थ्य मंत्री ने समीक्षा बैठक मे सेवाओं को और अधिक बेहतर एवं जनोन्मुखी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। अस्पतालों में स्वच्छता व्यवस्था को हर हाल में दुरुस्त रखने, आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार मिले, इसके लिए कार्ययोजना के अनुसार अमल करने को कहा गया। इसके साथ ही चिकित्सा उपकरणों के रखरखाव, स्टाफ की उपस्थिति और मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से हिदायत दी गई कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमित रूप से इसकी मॉनिटरिंग की जाएगी।
स्कूली छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुती
रायपुर, अगस्त 2026/ रिमझिम फुहारों के बीच खुशनुमा और उत्साहपूर्ण माहौल में मंगलवार को पेण्ड्रा के फिजिकल कॉलेज मैदान में 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ हुआ। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने ध्वजारोहण कर 18 से 21 अगस्त तक चलने वाली चार दिवसीय प्रतियोगिता के विधिवत शुभारंभ की घोषणा की। उद्घाटन समारोह में खेल प्रतिभाओं के उत्साह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आकर्षक मार्चपास्ट ने पूरे वातावरण को खेलमय बना दिया।
प्रतियोगिता में प्रदेश के पांचों संभागों रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा से 14 से 19 वर्ष आयु वर्ग के कुल 540 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। विभिन्न खेल विधाओं में प्रतिभागी अपनी खेल प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन करेंगे।
खेल भावना और अनुशासन के साथ खेलने की दिलाई शपथ
उद्घाटन अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को खेल नियमों का पूर्ण पालन करते हुए सच्चे अनुशासन, निष्ठा और खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने की शपथ दिलाई। उन्होंने खिलाड़ियों से अपने खेल के गौरव, राज्य के सम्मान और खेल भावना की उच्च परंपराओं को अक्षुण्ण रखने का आह्वान किया।
उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाड़ियों एवं अतिथियों का जीपीएम की धरती पर स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि अब खेल को देखने का नजरिया बदल गया है। खेल में हम या तो जीतते हैं या सीखते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल को ऐसे खेलें कि वह पढ़ाई बन जाए और पढ़ाई को ऐसे पढ़ें कि वह खेल बन जाए।
श्री साहू ने खिलाड़ियों को तनाव और अवसाद से मुक्त होकर पूरे आत्मविश्वास, अनुशासन और खेल भावना के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता में जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास, धैर्य और संघर्ष की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
चार खेल विधाओं में प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे 540 खिलाड़ी
चार दिवसीय राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जिम्नास्टिक, कबड्डी, क्रिकेट और ताइक्वांडो की स्पर्धाएं आयोजित की जा रही हैं। जिम्नास्टिक में बालक एवं बालिका, कबड्डी में बालिका, क्रिकेट में बालक तथा ताइक्वांडो में बालक एवं बालिका खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।
प्रतियोगिता के अंतर्गत जिम्नास्टिक की स्पर्धाएं जिम्नास्टिक हॉल, गुरुकुल गौरेला, क्रिकेट की स्पर्धाएं फिजिकल कॉलेज मैदान, गुरुकुल पेण्ड्रा, ताइक्वांडो की स्पर्धाएं जनपद सभागार पेण्ड्रा तथा कबड्डी की स्पर्धाएं कबड्डी प्रशिक्षण केन्द्र पेण्ड्रा में आयोजित की जा रही हैं।
रंग-बिरंगी पोशाकों में खिलाड़ियों का आकर्षक मार्चपास्ट
उद्घाटन समारोह का सबसे आकर्षक दृश्य पांचों संभागों से आए खिलाड़ियों का मार्चपास्ट रहा। केसरिया, पीला, नीला, हरा, लाल और सफेद रंग की आकर्षक पोशाकों में सजे खिलाड़ियों की टुकड़ियों ने पूरे अनुशासन और उत्साह के साथ मार्चपास्ट किया। खिलाड़ियों के जोश और उमंग से पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
इस अवसर पर स्कूली छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति देकर समारोह में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और विद्यार्थियों की प्रतिभा का सुंदर प्रदर्शन किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों और दर्शकों का मन मोह लिया।
फिजिकल कॉलेज मैदान में बनेगा भव्य मंच
कार्यक्रम के दौरान कोटा विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री अटल श्रीवास्तव ने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए प्रतियोगिता की सफलता की कामना की।
मुख्य सचिव श्री विकासशील ने दिए सड़क सुरक्षा उपायों के बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश
रायपुर, अगस्त 2026/ मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने राज्य में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपस में बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान माननीय सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत प्रदेश में किए गए कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के मुख्य बिंदु एवं निर्देश
दुर्घटना में घायलों का इलाज प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही 108 एम्बुलेंस की समय पर उपलब्धता की सख्त मॉनिटरिंग और ट्रामा सेंटरों को सुदृढ़ करने पर बल दिया गया। सड़क दुर्घटना के घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने वाले नेक नागरिकों (गुड सेमेरिटन) को यथाशीघ्र प्रोत्साहन एवं सम्मान राशि प्रदान करने के निर्देश दिए गए।
दुर्घटनाओं के कारणों का गहन विश्लेषण कर विशेष कार्ययोजना तैयार करने निर्देश
अधिक दुर्घटना वाले 8 जिलों पर विशेष फोकस किया गया, जिनमें रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, रायगढ़, बलौदाबाजार, सरगुजा और जगदलपुर (बस्तर) जिलों में दुर्घटनाओं के कारणों का गहन विश्लेषण कर विशेष कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
दुर्घटनाओं में कमी लाने सड़क निर्माण के पूर्व ही डिजाइन सही बनाएं
ब्लैक स्पॉट्स का सुधार एवं विश्लेषण के निर्देश दिए गए। लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई को ब्लैक स्पॉट्स में समय-सीमा के भीतर सुधार करने और सुधार के बाद दुर्घटनाओं में आई कमी का विश्लेषण करने का निर्देश दिया गया। मुख्य सचिव ने जोर दिया कि बाद में सुधार करने से बेहतर है कि सड़कों की शुरुआती डिजाइन ही सही हो। सड़कों पर आवारा पशुओं के विचरण को रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
युवाओं और शैक्षणिक संस्थानों को यातायात जागरूकता से जोड़े
सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए सभी शैक्षणिक संस्थानों में रोड क्लब गठित करने और ज्यादा से ज्यादा युवाओं को सुगम यातायात प्रबंधन से जोड़ने पर जोर दिया गया, ताकि युवाओं और शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी बनी रहे। सभी जिलों के कलेक्टरों को सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए जिला सड़क सुरक्षा समिति की नियमित बैठकें आयोजित करने और मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए।
बैठक की शुरुआत में परिवहन सचिव श्री एस. प्रकाश ने विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (यातायात) श्री प्रदीप गुप्ता सहित लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य, जनसंपर्क और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
माय भारत की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने पर दिया जोर
‘सशक्त युवा-सशक्त छत्तीसगढ़’ के संकल्प के साथ ग्राम से राज्य स्तर तक तैयार होगा मजबूत युवा नेटवर्क
बस्तर के युवाओं को माय भारत से जोड़कर प्रतिभा और नेतृत्व के नए अवसर उपलब्ध कराने के निर्देश
देशभर में माय भारत से जुड़े 2.65 करोड़ से अधिक युवा, छत्तीसगढ़ में 6.60 लाख से अधिक पंजीकृत
रायपुर अगस्त 2026// भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है और युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, रचनात्मकता तथा नवाचार की क्षमता ही विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है। विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने के लिए युवाओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप अवसर देकर राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से व्यापक रूप से जोड़ना होगा। युवाओं को सामाजिक एवं सामुदायिक गतिविधियों से जोड़ने से उनमें नेतृत्व क्षमता, सेवा भाव, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना मजबूत होगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित ‘मेरा युवा भारत’ (माय भारत) की प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बैठक में माय भारत की गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा करते हुए प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को इस मंच से जोड़ने और विभिन्न विभागों की गतिविधियों में उनकी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का प्रत्येक युवा विकास की मुख्यधारा से जुड़े और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाए। इसी उद्देश्य से ‘मेरा युवा भारत’ जैसे व्यापक मंच की शुरुआत की गई है। प्रधानमंत्री युवाओं के विचारों, आकांक्षाओं और गतिविधियों में विशेष रुचि लेते हैं तथा युवा शक्ति को विकसित भारत के संकल्प का प्रमुख आधार मानते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का युवा तकनीक और डिजिटल माध्यमों के जरिए पूरी दुनिया से जुड़ा हुआ है। उसकी सोच व्यापक है, उसमें नवाचार की क्षमता है और वह तेजी से बदलाव को आत्मसात कर सकता है। युवाओं की यही ऊर्जा सकारात्मक और राष्ट्रहित के कार्यों में लगे, इसके लिए उन्हें सही दिशा, अवसर और मंच उपलब्ध कराना आवश्यक है। आने वाले वर्षों में यही युवा देश और प्रदेश का नेतृत्व करेंगे, इसलिए उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने के लिए अभी से सुनियोजित प्रयास किए जाने चाहिए।
हर क्षेत्र में युवाओं को मिलें सेवा और नेतृत्व के अवसर
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, खेल, पर्यावरण संरक्षण, सिविक सेंस, इतिहास, पर्यटन, कौशल विकास, कृषि, तकनीकी शिक्षा, आपदा प्रबंधन और सामाजिक कल्याण सहित विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं की भूमिका बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में युवा शक्ति का सहयोग उपयोगी हो सकता है, वहां माय भारत के माध्यम से उन्हें अवसर दिए जाएं। इससे एक ओर युवाओं को व्यावहारिक अनुभव मिलेगा, वहीं दूसरी ओर उनकी ऊर्जा और रचनात्मकता का समाज और प्रदेश के हित में बेहतर उपयोग होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘सशक्त युवा-सशक्त छत्तीसगढ़’ की भावना के अनुरूप ग्राम से लेकर राज्य स्तर तक मजबूत समन्वय और युवा नेटवर्क विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि युवाओं की प्रतिभा को पहचानना, उन्हें अवसर देना और नेतृत्व के मंच उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। डिजिटल डिटॉक्स, सेवा भाव, सामाजिक जुड़ाव और सामुदायिक उत्तरदायित्व से संबंधित गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जाए।
माय भारत से देशभर में जुड़े 2.65 करोड़ से अधिक युवा
बैठक में बताया गया कि ‘मेरा युवा भारत’ युवाओं को सरकार, समाज और राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोड़ने वाला डिजिटल एवं भौतिक मंच है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2023 को इसका शुभारंभ किया था। वर्तमान में देशभर में 2.65 करोड़ से अधिक युवा माय भारत प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत हैं। छत्तीसगढ़ में भी 6.60 लाख से अधिक युवा इस मंच से जुड़ चुके हैं।
दिशा समिति की बैठक में आजीविका, आवास, जैविक खेती, स्वच्छता, सिंचाई, सड़क और कुपोषण की स्थिति की हुई विस्तृत समीक्षा, पात्र हितग्राहियों को समय पर योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश
रायपुर, अगस्त 2026/ सांसद लोकसभा क्षेत्र बिलासपुर एवं केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने आज गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में केन्द्र एवं राज्य शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विकास कार्यों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, पात्र हितग्राहियों को समय पर योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा निर्माणाधीन कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा करते हुए श्री साहू ने स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और उनकी आय में वृद्धि के लिए स्थानीय संसाधनों एवं संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए।
प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्माणाधीन आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने तथा हितग्राहियों को आवास निर्माण में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसी तरह व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालयों के लंबित कार्यों को भी प्राथमिकता से पूरा करने कहा। पीएम जनमन योजना के तहत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बनाए जा रहे संपर्क मार्गों की समीक्षा करते हुए उन्होंने विभागीय समन्वय से निर्माण में आ रही बाधाओं का शीघ्र निराकरण करने और सड़कों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
विष्णुभोग धान-चावल की पहचान को मिले नई दिशा
श्री साहू ने जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले की विशिष्ट पहचान विष्णुभोग धान-चावल की उत्पादकता बढ़ाने, प्रसंस्करण को प्रोत्साहित करने तथा बेहतर विपणन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में ठोस प्रयास करने कहा, ताकि किसानों को स्थानीय उत्पाद का अधिक लाभ मिल सके।
स्वच्छता की समीक्षा के दौरान उन्होंने नगरीय क्षेत्रों में नियमित कचरा संग्रहण और स्वच्छता व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छता सर्वेक्षण से संबंधित वास्तविक एवं अद्यतन जानकारी पोर्टल पर दर्ज कराने पर भी विशेष जोर दिया।
सिंचाई, स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान
जिले में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए जल निकायों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। श्री साहू ने पशुओं को संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए सघन टीकाकरण अभियान चलाने, कुपोषित बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के लिए प्रभावी प्रयास करने तथा टीबी उन्मूलन और मलेरिया नियंत्रण के लिए विभागीय स्तर पर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने जिले में शत-प्रतिशत पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने पर भी विशेष जोर दिया।
लंबित राजस्व प्रकरणों के शत-प्रतिशत निराकरण के निर्देश
केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री साहू ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त अधिकांश प्रकरण राजस्व विभाग से संबंधित हैं। उन्होंने कलेक्टर को निर्देशित किया कि नक्शा-बटांकन, सीमांकन, नामांतरण, त्रुटि सुधार सहित सभी लंबित राजस्व प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली की समीक्षा करते हुए उन्होंने उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न की निर्बाध और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने कहा। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने सभी जिला अधिकारियों को विद्यालयों का नियमित भ्रमण कर बच्चों एवं शिक्षकों की उपस्थिति, अध्ययन-अध्यापन व्यवस्था और मध्यान्ह भोजन की स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी बोर्ड परीक्षाओं में जिले के परीक्षा परिणाम को और बेहतर बनाने के लिए विशेष प्रयास करने कहा।
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने अधिकारियों और ठेकेदारों की बैठक लेकर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की
कार्यस्थलों का नियमित निरीक्षण कर कार्यों में तेजी लाने कहा, हर 15 दिनों में करें प्रगति की समीक्षा
सभी ठेकेदारों को 10 सितम्बर तक कार्य प्रगति दिखाने कहा, काम नहीं करने वालों को ब्लैकलिस्ट कर अनुबंध निरस्त करने के निर्देश
रायपुर. 18 अगस्त 2026. राज्य शासन बस्तर में सड़क कनेक्टीविटी के विस्तार पर विशेष जोर दे रही है। बस्तर संभाग के सभी जिलों में निर्माणाधीन सड़कों और पुल-पुलियों की प्रगति की लगातार समीक्षा के साथ ही इन्हें तेजी से पूर्ण करने कार्यों की गहन मॉनिटरिंग की जा रही है। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों के साथ बस्तर परिक्षेत्र के अभियंताओं और ठेकेदारों की बैठक लेकर निर्माणाधीन सड़कों, पुल-पुलियों और भवनों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों में भारत सरकार के आर.आर.पी. (Road Requirement Plan) और आर.सी.पी.एल.डब्लू.ई.ए. (Road Connectivity Project in Left Wing Extremism Areas) के अंतर्गत प्रगतिरत सड़कों और पुल-पुलियों को आगामी दिसम्बर माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने नवा रायपुर में पीडब्लूडी मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में आयोजित बैठक में अधिकारियों को सभी कार्यस्थलों का नियमित निरीक्षण कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने हर 15 दिनों में प्रगति की समीक्षा करने को कहा। उन्होंने बैठक में ठेकेदारों से चर्चा कर कार्यस्थलों में आ रही समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने इनके त्वरित निराकरण के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया। श्री बंसल ने लोक निर्माण विभाग के बस्तर परिक्षेत्र के सभी 9 संभागों में काम कर रहे ठेकेदारों को 10 सितम्बर तक कार्य प्रगति दिखाने को कहा। उन्होंने निर्माण कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने वालों को ब्लैकलिस्ट कर उनके अनुबंध निरस्त करने के निर्देश दिए।
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में सभी मैदानी अधिकारियों को सप्ताह में दो-तीन दिन कार्यस्थलों का दौरा कर निर्माण सामग्री और निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों से समन्वय कर टाइमलाइन के अनुसार कार्यों की प्रगति भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे कार्यों की जांच कर नियमित भुगतान भी करने को कहा। श्री बंसल ने अनुबंध के अनुसार कार्यक्षेत्रों में सभी ठेकेदारों से प्लांट व मशीनरी लगवाने को कहा। उन्होंने प्लांट व मशीनरी नहीं लगाने वाले ठेकेदारों पर नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
विभागीय सचिव ने बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के प्राथमिकता वाले कार्यों के प्राक्कलन सबमिशन (Submission) की जानकारी ली। उन्होंने द्रुतगामी सड़कों तथा पहुंचविहीन गांवों को जोड़ने के लिए प्रस्तावित सड़कों व पुलों के प्राक्कलन की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने स्वीकृत नए कार्यों में भू-अर्जन और वन-व्यपवर्तन के लंबित मामलों की जानकारी शासन को भेजने के निर्देश दिए, ताकि इनके निराकरण की कार्यवाही उच्च स्तर से की जा सके। उन्होंने निर्माण कार्यों, आयोजनों एवं कार्यक्रमों के बिलों का भुगतान तत्परता से एक माह के भीतर सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी संभागों में अनुकंपा नियुक्ति, पेंशन, विभागीय जांच तथा न्यायालयीन मामलों के निपटारे की प्रगति की भी समीक्षा की।
श्री बंसल ने बरसात के बाद पेच रिपेयर के कार्यों को युद्धस्तर पर शुरू करने 30 सितम्बर तक एजेंसियों के निर्धारिण के लिए निविदा की प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुचारू आवागमन के लिए सड़कों के गड्ढों को तत्काल भरने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों के माध्यम से परफॉमेंस गांरटी वाली सड़कों की भी तत्परता से मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्षा ऋतु की समाप्ति के बाद बाढ़ एवं अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त सड़कों एवं पुल-पुलियों की स्थायी मरम्मत के काम सर्वोच्च प्राथमिकता से करने को कहा।
रायपुर,18 अगस्त 2026/राजधानी रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस में छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) समिति के सदस्यों से सौजन्य मुलाकात की। इस विशेष भेंट के दौरान डॉ. सलीम राज ने आम नागरिकों की सहूलियत और बेहतर समझ के लिए यूसीसी के विभिन्न पहलुओं पर सरल भाषा में एक पुस्तक प्रकाशित करने के विचार से समिति को अवगत कराया, ताकि राज्य का हर नागरिक इसके प्रावधानों को आसानी से समझ सके।
नागरिक इन पते एवं माध्यमों से भेज सकते हैं अपने सुझाव
यूसीसी समिति के प्रमुख सदस्यों ने राज्य के प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक संगठनों और आम जनता से यूसीसी के ड्राफ्ट हेतु अपने सुझाव साझा करने का विशेष आग्रह किया है।
राज्य में यूसीसी (Uniform Civil Code) समिति ने अपनी कार्यप्रणाली पूरी सक्रियता से प्रारंभ कर दी है। राज्य के आम नागरिक समान नागरिक संहिता को लेकर अपने विचार या सुझाव देना चाहते हैं, तो निम्नलिखित आधिकारिक पता एवं माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं। ई-मेल (E-mail) के माध्यम से नागरिक अपने सुझाव सीधे इस This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. पर भेज सकते हैं। इसी तरह वेब पोर्टल (Web Portal) के माध्यम से समिति के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन https://ucc.cgstate.gov.in/ सुझाव दर्ज करा सकते हैं।
राज्य के नागरिक डाक / पत्राचार (Postal Address) द्वारा अपने लिखित सुझाव कार्यालय, समान नागरिक संहिता (UCC) समिति कमरा नंबर - 202, न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन्स,रायपुर, छत्तीसगढ़ – 492001 के पते पर स्पीड पोस्ट या साधारण डाक से अथवा स्वयं उपस्थित होकर लिखित आवेदन/ज्ञापन व्यक्तिगत रूप से जमा कर सकते हैं।
चयनित कलाकारों को मिलेंगे प्रतिवर्ष 12 से 24 हजार रुपये तक प्रोत्साहन राशि
रायपुर, 18 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक कला एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और कलाकारों को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय द्वारा मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026 के अंतर्गत प्रदेश के लोक कलाकारों से प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं। योजना का उद्देश्य पारंपरिक लोक कलाओं को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करना, कलाकारों का सम्मान बढ़ाना तथा कला दलों के सतत विकास को नई गति प्रदान करना है।
योजना के अंतर्गत नृत्य-संगीत, लोक नाट्य, लोकगाथा, छत्तीसगढ़ी गीतकार, वाद्ययंत्र वादक, शिल्प कलाकार, छत्तीसगढ़ी पाक कला (पारंपरिक व्यंजन) तथा छत्तीसगढ़ी सौंदर्यकला (श्रृंगार) से जुड़े कलाकार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन निर्धारित प्रारूप में पंजीकृत डाक के माध्यम से भेजे जाएंगे। आवेदन प्रपत्र विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं तथा संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय, नया रायपुर स्थित कार्यालय से भी प्राप्त किए जा सकते हैं।
योजना के तहत पात्र कलाकारों का चिन्हारी पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य होगा। चयनित कलाकारों को प्रतिवर्ष न्यूनतम 12 हजार रुपये से अधिकतम 24 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि ई-पेमेंट के माध्यम से प्रदान की जाएगी। यह राशि एक वित्तीय वर्ष में एक बार प्रदान की जाएगी।
योजना का लाभ केवल ऐसे कलाकारों को मिलेगा जिनकी सभी स्रोतों से वार्षिक आय 96 हजार रुपये से अधिक नहीं है। इसके लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा। आवेदन के साथ बैंक खाते का विवरण, आईएफएससी कोड तथा पैन कार्ड की छायाप्रति भी प्रस्तुत करनी होगी।
प्रविष्टियां भेजने का पता -
संचालक, संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय,
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, व्यावसायिक परिसर,
द्वितीय तल, सेक्टर-27, नया रायपुर, अटल नगर (छत्तीसगढ़) - 492018
प्रविष्टियां प्राप्त होने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन भेजते समय लिफाफे पर मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026 स्पष्ट रूप से अंकित करना आवश्यक होगा। प्राप्त प्रविष्टियों का परीक्षण समिति द्वारा किया जाएगा तथा समिति का निर्णय अंतिम एवं मान्य होगा।
मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना प्रदेश की समृद्ध लोक कला परंपराओं के संरक्षण, कलाकारों के सम्मान और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से लोक कलाकारों को न केवल आर्थिक सहयोग मिलेगा, बल्कि अपनी कला को व्यापक पहचान दिलाने और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर भी प्राप्त होगा।
संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित ‘विभागीय आयोजन 2026’ की श्रृंखला में चार दिवस होगा विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम, मुक्ताकाशी मंच पर सजेगी कला और संगीत की सुरमयी शाम
रायपुर, 18 अगस्त 2026। संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कला, संस्कृति और शास्त्रीय परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘विभागीय आयोजन 2026’ की श्रृंखला के अंतर्गत विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘पावस प्रसंग’ का आयोजन किया जा रहा है। वर्षा ऋतु की सौंदर्यपूर्ण अनुभूतियों और भारतीय शास्त्रीय कला परंपरा को केंद्र में रखकर आयोजित यह कार्यक्रम 21, 22, 24 एवं 25 अगस्त को रायपुर के मुक्ताकाशी मंच, महंत घासीदास संग्रहालय परिसर, सिविल लाइंस में आयोजित होगा। कार्यक्रम प्रतिदिन शाम 7 बजे से प्रारंभ होगा।
‘पावस प्रसंग’ में वर्षा ऋतु की प्राकृतिक सुंदरता, उमंग, उल्लास और संवेदनाओं को शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत के माध्यम से अभिव्यक्त किया जाएगा। भारतीय कला परंपरा में वर्षा ऋतु का विशेष महत्व रहा है। बादलों की गड़गड़ाहट, वर्षा की रिमझिम, प्रकृति में नवजीवन का संचार और मन में जागृत होने वाले विविध भावों को कलाकार अपनी नृत्य मुद्राओं, भावाभिव्यक्ति और सुरों के माध्यम से जीवंत करते हैं। इसी समृद्ध सांस्कृतिक भावभूमि को ‘पावस प्रसंग’ के माध्यम से दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
संस्कृति विभाग की इस पहल का उद्देश्य शास्त्रीय कला विधाओं को प्रोत्साहित करने के साथ ही आमजन को उच्चस्तरीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से जोड़ना है। मुक्ताकाशी मंच का वातावरण इन प्रस्तुतियों को और अधिक प्रभावशाली बनाएगा, जहां दर्शक भारतीय शास्त्रीय नृत्य और संगीत की मनोहारी प्रस्तुतियों का आनंद ले सकेंगे।
‘पावस प्रसंग’ वर्षा ऋतु की सांस्कृतिक और कलात्मक अनुभूति को केंद्र में रखकर आयोजित होने वाला विशेष आयोजन है। इसमें प्रकृति और मानवीय भावनाओं के बीच के गहरे संबंध को कला के माध्यम से सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। शास्त्रीय नृत्य की भावपूर्ण मुद्राओं और संगीत की मधुर स्वर-लहरियों के माध्यम से वर्षा के विभिन्न रंगों और संवेदनाओं को प्रस्तुत किया जाएगा।
संस्कृति विभाग द्वारा वर्ष 2026 में आयोजित की जा रही विभागीय आयोजनों की श्रृंखला का उद्देश्य छत्तीसगढ़ सहित देश की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक परंपराओं को मंच प्रदान करना तथा कलाकारों और दर्शकों के बीच जीवंत सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देना है। इसी कड़ी में ‘पावस प्रसंग’ शास्त्रीय कला प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
संस्कृति और कला प्रेमियों से सहभागिता का आह्वान
संस्कृति विभाग ने कला एवं संस्कृति प्रेमियों से ‘पावस प्रसंग’ में सहभागी बनने का आह्वान किया है। चार दिनों तक आयोजित होने वाला यह सांस्कृतिक आयोजन रायपुर में वर्षा ऋतु की प्राकृतिक अनुभूति को भारतीय शास्त्रीय नृत्य और संगीत की सौंदर्यपूर्ण अभिव्यक्ति से जोड़ते हुए कला प्रेमियों के लिए यादगार अनुभव प्रस्तुत करेगा।
रायपुर, 18 अगस्त 2026/छत्तीसगढ़ में पर्यावरण, प्रकृति और जैव विविधता के संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 14 से 16 अगस्त 2026 तक तीन दिवसीय 'हरेली बर्ड फेस्टिवल 2026' का भव्य आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक धरोहर व परिंदों की दुनिया को सहेजना, पक्षी संरक्षण को बढ़ावा देना और इको-टूरिज्म के जरिए स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना हैl वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मार्गदर्शन तथा वन मंत्री श्री केदार कश्यप के नेतृत्व में यह आयोजन पूरे प्रदेश में व्यापक जनभागीदारी के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
प्रकृति, संस्कृति और नागरिक विज्ञान का अनोखा संगम
हरेली बर्ड फेस्टिवल का मुख्य उद्देश्य केवल पक्षियों की गणना करना ही नहीं, बल्कि नागरिक विज्ञान (Citizen Science) के माध्यम से छत्तीसगढ़ की पक्षी विविधता का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण करना था। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोकपर्व हरेली के अवसर पर आयोजित इस अभियान ने स्थानीय लोगों, छात्रों और प्रकृति प्रेमियों को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एकजुट किया।
33 जिलों में 45 बर्ड वॉक और 1,000 से अधिक प्रतिभागी
इस तीन दिवसीय अभियान के दौरान राज्य के सभी 33 जिलों में पक्षी अवलोकन गतिविधियों का आयोजन किया गया।
व्यापक सहभागिता
अभियान में 1,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया और प्रदेश भर में कुल 45 'बर्ड वॉक' आयोजित किए गए।
विविध स्थल
कोपरा जलाशय (रामसर साइट), चिच्छा वेटलैंड, बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य, अचानकमार टाइगर रिजर्व और नंदनवन जंगल सफारी सहित कई महत्वपूर्ण आर्द्रभूमियों (वेटलैंड्स) और वन क्षेत्रों में सर्वे किया गयाl नंदनवन जंगल सफारी (नवा रायपुर) में दिव्यांगजनों के लिए विशेष 'बर्ड वॉक' का आयोजन किया गया, जिसमें उन्होंने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
954 चेकलिस्ट और 211 पक्षी प्रजातियों का रिकॉर्ड
नागरिक विज्ञान मंच eBird के माध्यम से राज्य भर से एकत्र किए गए आंकड़ों में छत्तीसगढ़ की समृद्ध पक्षी विविधता सामने आई है। 3 दिनों में कुल 954 eBird Checklists के जरिए 211 पक्षी प्रजातियों का दस्तावेजीकरण किया गया।
प्रमुख पक्षी प्रजातियां
सर्वे के दौरान पेंटेड स्टॉर्क (Painted Stork), रेड-नेप्ड आइबिस (Red-naped Ibis), कॉटन पिग्मी-गूज (Cotton Pygmy-Goose), इंडियन पैराडाइज-फ्लाईकैचर (Indian Paradise- Flycatcher) और ग्रेटर रैकेट-टेल्ड ड्रोंगो (Greater Racket-tailed Drongo) जैसी कई दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण प्रजातियां देखी गईं।
महिला समूहों और आजीविका से जुड़ाव
यह अभियान केवल पक्षी अवलोकन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे स्थानीय समुदायों और आजीविका से भी जोड़ा गया। रायपुर जिले की ग्राम पंचायत मांढर के अड़बंधा तालाब में आयोजित कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की भागीदारी देखने को मिली। यहाँ कलश स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित 'फूड कार्ट' स्थानीय समुदाय की पहल और आजीविका- संरक्षण के सुंदर समन्वय का उदाहरण बना।
भविष्य के संरक्षण प्रयासों को मिलेगी मजबूती
इस सफल आयोजन के बाद प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य में राज्य की महत्वपूर्ण आर्द्रभूमियों की नियमित निगरानी, 'पक्षी मित्र' नेटवर्क को मजबूत करने तथा स्कूलों एवं समुदायों के स्तर पर पर्यावरण जागरूकता गतिविधियों को और अधिक बढ़ावा दिया जाएगा।
रायपुर अगस्त 2026/ सावन मास की पुण्य बेला और नागपंचमी के पावन अवसर पर आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं परिवार के सदस्यों के साथ गृहग्राम बगिया स्थित श्री फलेश्वरनाथ महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने भगवान शिव का अभिषेक कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली के साथ छत्तीसगढ़ की निरंतर प्रगति की मंगलकामना की।
मैनी नदी के सुरम्य तट पर स्थित श्री फलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में 17 से 19 अगस्त तक एक लाख 11 हजार 111 पार्थिव शिवलिंग के निर्माण एवं पूजन का तीन दिवसीय विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय एवं श्रीमती कौशल्या साय ने श्रद्धालुओं के साथ अपने हाथों से पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया और विधि-विधान से पूजन एवं अभिषेक किया। वैदिक मंत्रोच्चार और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर शिवमय हो उठा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को नागपंचमी एवं पवित्र सावन मास की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना का विशेष अवसर है। भगवान भोलेनाथ लोकमंगल और कल्याण के प्रतीक हैं। उन्होंने कामना की कि महादेव की कृपा छत्तीसगढ़ के प्रत्येक परिवार पर बनी रहे, हमारे अन्नदाता किसानों के खेत-खलिहान समृद्ध हों और प्रदेश में सुख, शांति एवं खुशहाली निरंतर बढ़ती रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति में प्रकृति और परमात्मा के प्रति श्रद्धा का अद्भुत समन्वय है। नदियां, वन, पर्वत और जीव-जगत हमारी आस्था एवं जीवन परंपरा के अभिन्न अंग हैं। सावन के पवित्र महीने में शिव आराधना हमें प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, लोककल्याण और सेवा का संदेश देती है।
आस्था और भक्ति का केंद्र बना श्री फलेश्वरनाथ महादेव मंदिर
तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान को लेकर श्री फलेश्वरनाथ महादेव मंदिर सहित आसपास के क्षेत्र में उत्साह और भक्तिमय वातावरण है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर भगवान भोलेनाथ की आराधना कर रहे हैं।
आयोजन के दौरान पार्थिव शिवलिंग निर्माण, पूजन, अभिषेक, आरती, पूर्णाहुति और प्रसाद वितरण सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। प्रथम दिन 17 अगस्त को पार्थिव शिवलिंग निर्माण के साथ पूजन-अभिषेक, आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया। 18 अगस्त को भी पार्थिव शिवलिंग निर्माण, पूजन एवं अभिषेक के बाद आरती और प्रसाद वितरण होगा। तीन दिवसीय अनुष्ठान का समापन 19 अगस्त को पार्थिव शिवलिंग पूजन एवं विशेष पूर्णाहुति के साथ होगा।
लोकमंगल की कामना के साथ एक लाख 11 हजार 111 पार्थिव शिवलिंग
इस विशेष अनुष्ठान में एक लाख 11 हजार 111 पार्थिव शिवलिंग के निर्माण और पूजन का संकल्प लिया गया है। श्रद्धालु सामूहिक रूप से पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर भगवान भोलेनाथ की आराधना कर रहे हैं। सामूहिक शिव आराधना के माध्यम से प्रदेश और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं लोककल्याण की कामना की जा रही है।
तीन दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक अनुष्ठान से बगिया और आसपास का पूरा क्षेत्र शिवभक्ति में सराबोर है। मैनी नदी के तट पर वैदिक मंत्रोच्चार, शिव आराधना और श्रद्धालुओं के जयघोष के बीच श्री फलेश्वरनाथ महादेव मंदिर आस्था और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बना हुआ है।