ईश्वर दुबे
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पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के दमदम और जादवपुर में रैली की। उन्होंने कहा कि टीएमसी का दिया बुझने वाला है। बुझता दिया फड़फड़ाता है। बंगाल में परिवर्तन की लहर है। पहले चरण की वोटिंग ने इस पर मुहर लगा दी है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के हुगली में रैली की। उन्होंने कहा- मेरे ऊपर 36 केस हैं क्योंकि मैं BJP से लड़ता रहता हूं। ED ने मेरे से 55 घंटे पूछताछ की। मेरा घर ले लिया गया था। लेकिन ममता जी के साथ ऐसा क्यों नहीं हुआ। क्योंकि जो ममता बंगाल में कर रही हैं, मोदी जी देश में कर रहे हैं। ममता बंगाल मे BJP का रास्ता खोल रही हैं।
उन्होंने कहा कि मोदी बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, पर उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कंट्रोल करते हैं। मोदी ने अमेरिका को हमारे देश का कृषि सेक्टर बेच दिया। आप जानते हो कि देश में जहां भी नरेंद्र मोदी जाते हैं, वो सिर्फ नफरत फैलाते हैं। कुछ साल पहले कांग्रेस ने देशभर में भारत जोड़ो यात्रा की। कांग्रेस के दौर में बंगाल में उद्योग थे।
तिरुवनंतपुरम | केरलम में 140 सदस्यीय विधानसभा के लिए बृहस्पतिवार को वोट डाले जाएंगे। राज्य का चुनाव इस बार अनुभव बनाम बदलाव की लड़ाई नजर आ रहा है। सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने जहां अपने मौजूदा विधायकों को बड़ी संख्या में फिर से मैदान में उतारा तो वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने नए चेहरों के भरोसे सत्ता में वापसी का मंसूबा संजोया है। दूसरी तरफ राज्य में अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश में जुटे भाजपा के नेतृत्ववाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की उम्मीदें जनता के करिश्मे पर टिकी हुई हैं।मुख्यमंत्री पी. विजयन के नेतृत्व में एलडीएफ ने 69 मौजूदा विधायकों को फिर से उम्मीदवार बनाया है। इनमें से कई ने 2021 के चुनाव में अच्छे अंतर से जीत हासिल की थी। हालांकि सत्ता विरोधी लहर को भांपते हुए 30 विधायकों के टिकट काटे गए और कुछ सीटों पर बदलाव भी किए गए हैं। एलडीएफ ने 2021 में हारने वाले केवल तीन उम्मीदवारों को ही मौका दिया है, जबकि हारे 38 उम्मीदवारों को इस बार टिकट नहीं मिला। एलडीएफ का मानना है कि उसके मौजूदा विधायकों का प्रदर्शन अच्छा रहा है, इसलिए उन्हें दोहराना सही रहेगा।
केरलम में धर्म और पहचान की कैसी राजनीति?
केरलम विधानसभा चुनाव में धर्म और पहचान की राजनीति भी खूब हुई। हाल ही में आई एक रिपोर्ट को लेकर ईसाई संगठन केरल कैथोलिक बिशप परिषद (केसीबीसी) ने असंतोष जताया और कहा कि सरकार को सिर्फ रिपोर्ट जारी करने के बजाय ठोस कदम उठाने चाहिए। रिपोर्ट में ईसाई और मुस्लिम समुदायों के बीच तुलना की गई है। इसे कुछ लोग चुनाव से पहले तनाव बढ़ाने की कोशिश मान रहे हैं।
लखनऊ | उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए अभी एक साल से ज्यादा का समय बचा हुआ है. इससे पहले तमाम नेता अपने और अपने परिवार के लिए आरक्षित सीटों की तलाश में जुट गए हैं. इस सब काम में सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने सबसे ज्यादा तेजी से काम लिया है. उन्होंने अपनी परंपरागत जहूराबाद सीट छोड़ने का फैसला ले लिया है. इसके साथ ही उन्होंने संजय निषाद की पार्टी के प्रभाव वाली सीट पर चुनाव लड़ने का फैसला लिया है. इसके बाद से ही कई तरह के सवाल खड़े होने लगे हैं.ओम प्रकाश राजभर ने गाजीपुर की जहूराबाद विधानसभा सीट छोड़कर आजमगढ़ की अतरौलिया सीट से चुनाव लड़ने की बात कही है. इस सीट पर संजय निषाद की पार्टी चुनाव लड़ती आ रही है. ऐसे में एनडीए में सबकुछ ठीक होने को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं. राजभर का यह ऐलान संजय निषाद के लिए काफी परेशानी करने वाला है. ऐसा इसलिए क्योंकि उन सीटों पर दावा ठोका है जो निषाद पार्टी की हैं.
मुंबई | महाराष्ट्र की राजनीति में बारामती विधानसभा उपचुनाव को लेकर बड़ा मोड़ आया है। कांग्रेस ने एलान किया है कि वह इस उपचुनाव में हिस्सा नहीं लेगी। यह फैसला पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद सम्मान जताने के तौर पर लिया गया है। इस निर्णय के बाद अब बारामती सीट पर चुनाव का माहौल पूरी तरह बदल गया है।दरअसल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नाथाला ने साफ कहा कि पार्टी ने अपने उम्मीदवार को मैदान से हटाने का निर्देश दे दिया है। कांग्रेस के उम्मीदवार आकाश मोरे ने नामांकन दाखिल किया था, लेकिन अब उसे वापस लिया जाएगा। नामांकन वापस लेने का आज आखिरी दिन था, इसलिए यह फैसला अहम माना जा रहा है।
क्यों लिया कांग्रेस ने चुनाव न लड़ने का फैसला?
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हुए बदलावों ने राजनीतिक गलियारे में तूफान खड़ा कर दिया है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी, माकपा (सीपीआई-एम) ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर गंभीर आरोप लगाए हैं। माकपा का कहना है कि बंगाल में लगभग 90 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं।
'वोटर संदिग्ध नहीं, नागरिक हैं'
माकपा के महासचिव एमए बेबी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लिखे पत्र में विरोध दर्ज कराया है। पत्र में दावा किया गया है कि पूरी प्रक्रिया के दौरान वोटर को एक संदिग्ध की तरह देखा गया। पार्टी का आरोप है कि अब मतदाता को यह
हरियाणा की राजनीति में पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व पर सीधा और तीखा हमला बोला है। दरअसल राज्यसभा चुनाव के बाद से ही कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठ रहे थे, लेकिन अब चौटाला ने इन सवालों को और गहरा कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि हुड्डा की रणनीति पूरी तरह विफल रही, खासकर तब जब उनके ही 9 साथी उनका साथ छोड़ गए। चौटाला के मुताबिक, जब एक अनुभवी नेता, जो दस साल तक मुख्यमंत्री रहा हो, उसकी अपनी ही टीम के सदस्य साथ छोड़ दें, तो यह किसी भी बड़ी विफलता से कम नहीं है। यह सीधे तौर पर दिखाता है कि संगठन के अंदर भरोसे और एकजुटता की कितनी कमी है, और नेतृत्व कितना कमजोर पड़ गया है।
दरअसल दुष्यंत चौटाला ने भूपेंद्र हुड्डा की राज्यसभा चुनाव की रणनीति को विफल बताते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि चार बार के राज्यसभा चुनावों में, जब हुड्डा के बेटे ने चुनाव लड़ा था, तब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने उनके खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारा था। इस बार भी बीजेपी ने एक निर्दलीय उम्मीदवार को समर्थन देकर उसे जीत के अंतिम चरण तक पहुंचाने का काम किया। चौटाला ने इशारों-इशारों में यह भी जताने की कोशिश की कि राजनीतिक समीकरणों का फायदा अक्सर कांग्रेस को मिलता रहा है, लेकिन हुड्डा इस बार उन मौकों को भुनाने में पूरी तरह नाकाम रहे। यह सिर्फ एक चुनावी हार-जीत का मामला नहीं, बल्कि एक बड़े नेता की रणनीतिक चूक को उजागर करता है, जो उनकी दूरदर्शिता और राजनीतिक समझ पर सवालिया निशान लगाती है।
शनिवार, 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। वहीं इस मौके पर उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) पर जमकर निशाना साधा। दरअसल पीएम मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि सपा ने इस एयरपोर्ट का काम रुकवा दिया था और पहले नोएडा को अपनी लूट का एटीएम बना रखा था। पीएम के इन आरोपों पर सपा मुखिया अखिलेश यादव की तुरंत प्रतिक्रिया सामने आई है। बता दें कि अखिलेश यादव ने कहा कि उम्र और पद का मान करना हमारे संस्कारों में है और हमेशा रहेगा। दरअसल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन समारोह में पीएम मोदी ने विपक्षी दलों पर, खासकर सपा पर, तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उत्तर प्रदेश की पिछली सरकारों ने इस एयरपोर्ट की नींव नहीं पड़ने दी। वहीं पीएम मोदी ने विस्तार से बताया कि कैसे नोएडा को अंधविश्वास की वजह से अपने हाल पर छोड़ दिया गया था।
शनिवार, 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। वहीं इस मौके पर उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) पर जमकर निशाना साधा। दरअसल पीएम मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि सपा ने इस एयरपोर्ट का काम रुकवा दिया था और पहले नोएडा को अपनी लूट का एटीएम बना रखा था। पीएम के इन आरोपों पर सपा मुखिया अखिलेश यादव की तुरंत प्रतिक्रिया सामने आई है। बता दें कि अखिलेश यादव ने कहा कि उम्र और पद का मान करना हमारे संस्कारों में है और हमेशा रहेगा। दरअसल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन समारोह में पीएम मोदी ने विपक्षी दलों पर, खासकर सपा पर, तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उत्तर प्रदेश की पिछली सरकारों ने इस एयरपोर्ट की नींव नहीं पड़ने दी। वहीं पीएम मोदी ने विस्तार से बताया कि कैसे नोएडा को अंधविश्वास की वजह से अपने हाल पर छोड़ दिया गया था।
शनिवार, 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। वहीं इस मौके पर उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) पर जमकर निशाना साधा। दरअसल पीएम मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि सपा ने इस एयरपोर्ट का काम रुकवा दिया था और पहले नोएडा को अपनी लूट का एटीएम बना रखा था। पीएम के इन आरोपों पर सपा मुखिया अखिलेश यादव की तुरंत प्रतिक्रिया सामने आई है। बता दें कि अखिलेश यादव ने कहा कि उम्र और पद का मान करना हमारे संस्कारों में है और हमेशा रहेगा। दरअसल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन समारोह में पीएम मोदी ने विपक्षी दलों पर, खासकर सपा पर, तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उत्तर प्रदेश की पिछली सरकारों ने इस एयरपोर्ट की नींव नहीं पड़ने दी। वहीं पीएम मोदी ने विस्तार से बताया कि कैसे नोएडा को अंधविश्वास की वजह से अपने हाल पर छोड़ दिया गया था।
शनिवार, 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। वहीं इस मौके पर उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) पर जमकर निशाना साधा। दरअसल पीएम मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि सपा ने इस एयरपोर्ट का काम रुकवा दिया था और पहले नोएडा को अपनी लूट का एटीएम बना रखा था। पीएम के इन आरोपों पर सपा मुखिया अखिलेश यादव की तुरंत प्रतिक्रिया सामने आई है। बता दें कि अखिलेश यादव ने कहा कि उम्र और पद का मान करना हमारे संस्कारों में है और हमेशा रहेगा। दरअसल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन समारोह में पीएम मोदी ने विपक्षी दलों पर, खासकर सपा पर, तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उत्तर प्रदेश की पिछली सरकारों ने इस एयरपोर्ट की नींव नहीं पड़ने दी। वहीं पीएम मोदी ने विस्तार से बताया कि कैसे नोएडा को अंधविश्वास की वजह से अपने हाल पर छोड़ दिया गया था।
पटना। बिहार की राजनीति (Politics of Bihar) में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) के संभावित इस्तीफे को लेकर अटकलें जारी हैं। भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party- BJP) को उम्मीद थी कि 26 मार्च को उनकी “समृद्धि यात्रा” समाप्त होने के बाद वह पद छोड़ देंगे, लेकिन जनता दल (यूनाइटेड) (Janata Dal (United) ने इस प्रक्रिया को लेकर जल्दबाजी नहीं दिखाई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, जेडीयू इस समय को रणनीतिक रूप से इस्तेमाल कर रही है और यह सुनिश्चित करना चाहती है कि मुख्यमंत्री के उत्तराधिकारी के चयन में उसे पूरी तरह विश्वास में लिया जाए। पार्टी ने साफ संकेत दिए हैं कि वह भाजपा द्वारा मध्य प्रदेश और राजस्थान की तरह अचानक किसी कम चर्चित नेता को मुख्यमंत्री बनाए जाने जैसे प्रयोग नहीं चाहती है।
बीजेपी के वरिष्ठ नेता और बिहार प्रभारी विनोद तावड़े पटना में मौजूद हैं और राज्य के नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं। इसे सत्ता परिवर्तन की तैयारियों के रूप में देखा जा रहा है। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, य
नई दिल्ली। कर्नाटक (Karnataka) में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) टिकट को लेकर चल रहा विवाद अब थम गया है। उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार (DK Shivakumar) ने घोषणा की है कि राज्य के सभी विधायकों को दो-दो फ्री टिकट दिए जाएंगे। साथ ही उनके लिए स्टेडियम में अलग बैठने की व्यवस्था भी की जाएगी।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस विधायक विजयानंद कशप्पनवर ने विधानसभा में सभी विधायकों के लिए चार-चार टिकट की मांग की और Karnataka State Cricket Association पर जनप्रतिनिधियों के अनादर का आरोप लगाया। उन्होंने कहा था कि जनप्रतिनिधि “वीआईपी” होते हैं और उन्हें लाइन में नहीं लगना चाहिए।
दो टिकट देने पर बनी सहमति
बढ़ते विवाद के बीच हुई बैठक में Venkatesh Prasad, मुख्यमंत्री Siddaramaiah और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार शामिल हुए। बैठक में तय हुआ कि पहले मैच के लिए सभी विधायकों को दो टिकट दिए जाएंगे और उनके लिए अलग स्टैंड भी उपलब्ध कराया जाएगा।
बताया जा रहा है कि आईपीएल के पहले मुकाबले में डिफेंडिंग चैंपियन Royal Challengers Bangalore और Sunrisers Hyderabad आमने-सामने होंगे।
नई दिल्ली। ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत के बाद भी इजरायल और ईरान के बीच जंग थमती नहीं दिख रही है। सऊदी अरब से लेकर यूएई और कुवैत से लेकर बहरीन तक ईरान अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है। ऐसे में बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे ने भारतीय पासपोर्ट छोड़कर मिडिल ईस्ट में बसने वाले भारतीयों पर तंज कसा है और मोदी सरकार की तारीफ की।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक निशिकांत दुबे ने कहा है कि अपना भारतीय पासपोर्ट छोड़कर दुबई जाने वाले लोगों के लिए सबक, मोदी जी हैं तो हम सुरक्षित हैं। लम्बे लम्बे सोशल मीडिया पर पोस्ट करना आसान है। दुबे का यह कमेंट ऐसे समय आया है, जब ईरान लगातार दुबई को भी अपनी मिसाइलों के जरिए निशाना बना रहा है। बता दें पिछले कुछ सालों में ऐसे कई मामले सामने आए जब भारतीय नागरिकों ने भारत की नागरिकता छोड़कर अमेरिका, ब्रिटेन या दुबई की नागरिकता हासिल कर ली है।
बता दें दुबई अपना अंतरराष्ट्रीय लेवल और ऊंचा करने के लिए दुनियाभर से अमीर और फेमस लोगों को दुबई आकर बस जाने के लिए आमंत्रित करता है। ऐसे लोगों को दुबई अपने यहां की नागरिकता भी देता है। आकर्षक ऑफर्स को देखते अलग-अलग देशों से बड़ी तादाद में लोग अपनी नागरिकता छोड़कर दुबई की नागरिकता ले लेते हैं।