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Bhilai
30 किस्तों में 19,444.33 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित
महतारी वंदन की राशि से बहनें मनाएंगी रक्षाबंधन का पर्व, घर-परिवार की खुशियों में बढ़ेगा आर्थिक संबल
रायपुर, 22 अगस्त 2026/ रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले छत्तीसगढ़ की बहनों को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त के रूप में विशेष उपहार दिया है। 7 अगस्त 2026 को जारी 30वीं किस्त के साथ प्रदेश की पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 19,444 करोड़ 33 लाख रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। रक्षाबंधन से पहले खाते में पहुंची यह राशि महिलाओं के लिए आर्थिक संबल के साथ पर्व की खुशियों को और बढ़ाने वाली सौगात बन गई है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में संचालित महतारी वंदन योजना अब महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन चुकी है। योजना के तहत प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता सीधे डीबीटी के माध्यम से महिलाओं के बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है।
रक्षाबंधन से पहले खाते में पहुंची राशि, बहनों के चेहरे पर खुशी
रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व है। इस बार पर्व से पहले महतारी वंदन की राशि मिलने से महिलाओं में विशेष उत्साह है। महिलाएं इस राशि से भाई के लिए राखी, मिठाई और उपहार खरीदने के साथ-साथ घर-परिवार की जरूरतों को पूरा करते हुए रक्षाबंधन का पर्व धूमधाम से मनाने की तैयारी कर रही हैं।
महिलाओं का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन की राशि देकर बहनों की खुशियों को दोगुना कर दिया है। उनके लिए यह केवल एक हजार रुपये की मासिक सहायता नहीं, बल्कि अपने छोटे-बड़े फैसले स्वयं लेने का भरोसा और सम्मान का अहसास है।
हर महीने की सहायता बनी परिवारों का सहारा
सूरजपुर जिले की श्रीमती तेज कुमारी, श्रीमती मंजू रजवाड़े, श्रीमती पुनिया प्रजापति, श्रीमती शहनाज बेगम, श्रीमती गणेश्वरी प्रजापति, श्रीमती मेनका रजवाड़े और श्रीमती लता केंवट जैसी महिलाओं ने बताया कि महतारी वंदन की राशि से वे बच्चों की पढ़ाई, कॉपी-किताब, पौष्टिक भोजन और दैनिक जरूरतों को पूरा कर पा रही हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर भी यह राशि उनके लिए उपयोगी साबित हो रही है।
बचत से स्वरोजगार तक की नई राह
महतारी वंदन योजना का सकारात्मक प्रभाव केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं है। अनेक महिलाओं ने नियमित मिलने वाली राशि को बचाकर स्वरोजगार की नींव रखी है।
मुंगेली विकासखंड के ग्राम घुठेरा की श्रीमती अनीता गंधर्व ने महतारी वंदन से मिली राशि को बचाकर मुंगेली के पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में मनिहारी एवं सिलाई दुकान शुरू की। आज वे प्रतिदिन 500 से 1,000 रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं और बच्चों की पढ़ाई तथा घरेलू खर्च में सहयोग कर रही हैं।
जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम सरखों की श्रीमती शबीना बेगम ने योजना की राशि से अपनी चूड़ी दुकान में नया सामान और चूड़ियों की विविधता बढ़ाई। इससे ग्राहकों की संख्या और आमदनी दोनों में वृद्धि हुई है।
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की श्रीमती गायत्री श्रीवास्तव ने राशि बचाकर सेकेंड हैंड सिलाई-पिको मशीन खरीदी। अब वे सिलाई के साथ पिको का काम भी कर आय बढ़ा रही हैं। रायगढ़ की श्रीमती राशी कँवर ने भी महतारी वंदन की किस्तों से सिलाई मशीन खरीदी, जो उनके लिए आजीविका और आत्मनिर्भरता का साधन बन गई है।
भविष्य की सुरक्षा का भी भरोसा
कोरबा की श्रीमती शकुंतला कुर्रे महतारी वंदन की राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य के साथ अपनी बेटी ध्रीयांशी के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में बचत करने में कर रही हैं। सक्ती जिले की श्रीमती हेमंत बंजारे, मोहला जिले की श्रीमती देवकी निषाद और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर की श्रीमती अनीता गुप्ता भी योजना की राशि से घरेलू जरूरतों और छोटे व्यवसाय को मजबूती दे रही हैं।
30 किस्तों ने बनाया भरोसे का मजबूत आधार
1 मार्च 2024 से शुरू हुई महतारी वंदन योजना की 30 किस्तों की निरंतरता ने महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल दिया है। इस भरोसे के कारण महिलाएं अपनी जरूरतों के अनुसार खर्च, बचत और निवेश की योजना बना पा रही हैं। कई महिलाएं सिलाई, मनिहारी, चूड़ी व्यवसाय और अन्य छोटे स्वरोजगार से जुड़कर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रही हैं।
ट्राइफेड से जुड़कर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का अवसर
एक दिवसीय ‘जनजातीय कारीगर सूचीबद्धता मेला’ धमतरी में सम्पन्न
रायपुर, 22 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के लाइवलीहुड कॉलेज में 'जनजातीय कारीगर सूचीबद्धता (एम्पैनलमेंट) मेला' आयोजित किया गया। इसे जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन TRIFED (ट्राइफेड) और जिला प्रशासन ने मिलकर आयोजित किया था, जिसका उद्देश्य स्थानीय कारीगरों को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय बाजार दिलाना है।
मेले में 20 कलाकारों एवं कारीगरों ने अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए
जिले के जनजातीय कारीगरों, कलाकारों और उद्यमियों के पारंपरिक हुनर को स्थानीय बाजार से निकालकर राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के बाजारों से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई है। जनजातीय कारीगरों को बेहतर बाजार, पहचान, विपणन और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुरुवार को लाइवलीहुड कॉलेज में एक दिवसीय ‘जनजातीय कारीगर सूचीबद्धता मेला’ आयोजित किया गया। मेले में जिले के 20 कलाकारों एवं कारीगरों ने अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए। पात्र कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों, वन धन विकास केंद्रों, किसान उत्पादक संगठनों तथा जनजातीय उद्यमियों को ट्राइफेड से सूचीबद्ध होने का अवसर प्रदान किया गया।
कारीगरों को राष्ट्रीय स्तर पर मिलेगा अवसर
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा ने कहा कि जिला प्रशासन की यह पहल जनजातीय कलाकारों को अपनी कला और हुनर प्रदर्शित करने के लिए प्रभावी मंच उपलब्ध कराएगी। ट्राइफेड से सूचीबद्ध होने के बाद कारीगरों को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियों, ‘जनजातीय भारत’ बिक्री केंद्रों, मेलों तथा विभिन्न विपणन गतिविधियों में भाग लेने के अवसर मिलेंगे। इससे स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार और कारीगरों को आय के नए अवसर प्राप्त होंगे।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ने पर जोर
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि आजीविका से जुड़ी गतिविधियां केवल आय का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम भी हैं। जिला प्रशासन का प्रयास है कि जनजातीय समाज की पारंपरिक कला, कौशल और प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित उत्पादों को आधुनिक बाजार से जोड़ा जाए। उन्होंने कारीगरों से कहा कि “आज इंटरनेट और सोशल मीडिया का दौर है। अपने उत्पादों और हुनर को सोशल मीडिया के माध्यम से दुनिया तक पहुंचाएं।” उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग कर कारीगर सीधे ग्राहकों तक पहुंच बना सकते हैं और अपने उत्पादों की बाजार क्षमता बढ़ा सकते हैं।
प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और पैकेजिंग पर विशेष ध्यान
कलेक्टर ने जिले की भौगोलिक स्थिति एवं वन उपज की प्रचुर उपलब्धता का उल्लेख करते हुए युवाओं को प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और आकर्षक पैकेजिंग पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक एवं ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। नगरी क्षेत्र में उपलब्ध सतावर के साथ-साथ लाख, इमली और अन्य वन उपज का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित प्रसंस्करण कर बेहतर आय का माध्यम बनाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं एवं जनजातीय समाज के लोगों को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना सहित उद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
प्रशिक्षण और उद्यमिता विकास पर फोकस
कलेक्टर ने कहा कि जिले के जनजातीय कारीगरों का एक विशेष बैच तैयार कर उन्हें सोशल मीडिया मार्केटिंग, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, बाजार प्रबंधन एवं उत्पाद प्रस्तुतीकरण का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा, ताकि वे अपने पारंपरिक कौशल को आधुनिक उद्यमिता से जोड़ सकें।
पारंपरिक कला को मिलेगा नया आयाम
सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष जे.एल. ध्रुव ने कहा कि जनजातीय समाज की अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपरा, कला एवं शिल्प शैली है। यदि इन कारीगरों को उचित बाजार और मार्केट लिंकेज उपलब्ध कराया जाए, तो उनकी आय एवं जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है। इससे जिले की पारंपरिक कला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी मिलेगी।
रायपुर, 20 अगस्त 2026/ स्कूल शिक्षा विभाग माननीय मंत्री श्री गजेंद्र यादव एवं सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सचिव, छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग विभागीय गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर आज छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए
सुरक्षित श्रम, सामाजिक सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य, सम्मानजनक रोजगार और डिजिटल सेवाओं का व्यापक विस्तार
छगल लाल लोन्हारे
संयुक्त संचालक, जनसंपर्क
रायपुर, 21 अगस्त 2026/ राष्ट्र निर्माण में श्रमिकों का योगदान सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और समग्र विकास के बिना विकसित राज्य की कल्पना संभव नहीं है। इसी सोच को आधार बनाकर छत्तीसगढ़ शासन का श्रम विभाग श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के निर्देशन में श्रमिकों के हितों की रक्षा, सामाजिक सुरक्षा का विस्तार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से सेवाओं को सरल बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। राज्य सरकार के ढाई साल में श्रम विभाग की उपलब्धियाँ राज्य सरकार की श्रमिक हितैषी सोच और संवेदनशील प्रशासन का परिचायक हैं।
प्रशासनिक ढांचे का विस्तार, सेवाओं की बेहतर पहुंच
श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा श्रमिकों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने पाँच नए जिलों में श्रम पदाधिकारी कार्यालय स्थापित किए हैं। मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि पाँच श्रम पदाधिकारी कार्यालयों को सहायक श्रमायुक्त कार्यालय के रूप में उन्नत किया गया है। अब प्रदेश में 10 सहायक श्रमायुक्त कार्यालय एवं 23 श्रम पदाधिकारी कार्यालय सहित कुल 33 श्रम कार्यालय संचालित हैं। इससे श्रमिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण और योजनाओं के प्रभावी संचालन को नई गति मिली है।
समय के अनुरूप श्रम कानूनों में सुधार
औद्योगिक विकास और श्रमिक हितों के संतुलन को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने श्रम कानूनों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। छत्तीसगढ़ कारखाना नियम, 1962 में संशोधन कर निर्धारित सुरक्षा प्रावधानों के साथ महिलाओं के रोजगार के अवसरों का विस्तार किया गया है। वहीं छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना नियम, 2021 में संशोधन के माध्यम से श्रम पहचान पंजीयन प्रमाण-पत्र अब 24 घंटे के भीतर जारी किए जाने का प्रावधान किया गया है। इससे उद्योगों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को सरल एवं पारदर्शी सेवाएँ उपलब्ध होंगी तथा ष्ईज ऑफ डूइंग बिजनेसष् को भी बढ़ावा मिलेगा।
56 लाख से अधिक श्रमिक सामाजिक सुरक्षा के दायरे में
श्रम विभाग के अंतर्गत संचालित छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल तथा असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के माध्यम से अब तक लगभग 56.83 लाख संगठित, निर्माण एवं असंगठित श्रमिकों का पंजीयन किया जा चुका है।
3.48 लाख श्रमिकों को बीमा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं कौशल उन्नयन जैसी सुविधाओं का लाभ
वर्ष 2026 में 30 जून तक विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लगभग 3.48 लाख श्रमिकों को बीमा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं कौशल उन्नयन जैसी सुविधाओं का लाभ प्रदान किया गया है। इन योजनाओं पर लगभग 173.32 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं, जो श्रमिक कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
निर्माण श्रमिकों को बढ़ी आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के अंतर्गत आवास निर्माण अथवा घर खरीदने के लिए दी जाने वाली सहायता राशि एक लाख रुपये से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये कर दी गई है। यह निर्णय निर्माण श्रमिकों के अपने घर के सपने को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
महिला श्रमिकों को स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के नए अवसर
इसी प्रकार दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों एवं उनके समूहों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए सहायता राशि भी एक लाख रुपये से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये कर दी गई है। इससे महिला श्रमिकों को स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के नए अवसर मिल रहे हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई पहल
राज्य सरकार ने श्रमिक परिवारों के भविष्य को संवारने के उद्देश्य से अटल कैरियर निर्माण योजना प्रारंभ की है। इसके माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को इंजीनियरिंग एवं मेडिकल जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
पंजीकृत निर्माण श्रमिकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण
वहीं मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक स्वास्थ्य परीक्षण योजना के माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। इस पहल से बीमारियों की प्रारंभिक पहचान, समय पर उपचार तथा स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
उत्कृष्ट शिक्षा से उज्ज्वल भविष्य की ओर
श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत पात्र निर्माण श्रमिकों के प्रथम दो बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक उत्कृष्ट निजी आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है।मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप वर्ष 2026-27 से इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित बच्चों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है। यह पहल श्रमिक परिवारों के बच्चों के भविष्य को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का माध्यम बनेगी।
पाँच रुपये में पौष्टिक भोजन
शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के माध्यम से पंजीकृत निर्माण, संगठित एवं असंगठित श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में गरम एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश के 18 जिलों में 39 भोजन केन्द्र संचालित हैं, जो हजारों श्रमिकों के लिए राहत का माध्यम बने हुए हैं।
डिजिटल सेवाओं से बढ़ी पारदर्शिता
श्रम विभाग द्वारा विकसित 'ई-श्रम साथी मोबाइल एप' श्रमिकों और नियोजकों के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म बनकर उभरा है। इस एप के माध्यम से स्वयं पंजीयन, श्रमिक एवं नियोजक के बीच सीधा संपर्क तथा रोजगार संबंधी जानकारी आसानी से उपलब्ध हो रही है। इससे पारदर्शिता के साथ रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि हो रही है।
मॉडल लेबर चौक से मिलेगा सम्मानजनक वातावरण
राज्य सरकार द्वारा मॉडल लेबर चौक फेसिलिटेशन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। इन केन्द्रों पर श्रमिकों के पंजीयन, विभिन्न योजनाओं के आवेदन, भोजन, पेयजल, विश्राम एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इससे श्रमिकों को सम्मानजनक एवं सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध होगा।
सामाजिक सुरक्षा को मिला नया विस्तार
मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत सामान्य मृत्यु पर आश्रितों को 1 लाख रुपये, कार्यस्थल दुर्घटना में मृत्यु होने पर 5 लाख रुपये तथा स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 2.50 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही अपंजीकृत निर्माण श्रमिकों की कार्यस्थल दुर्घटना में मृत्यु होने पर भी उनके आश्रितों को 1 लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
पंजीकृत श्रमिकों की मृत्यु पर आश्रितों को 1 लाख रुपये की सहायता
इसी प्रकार असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों की मृत्यु पर आश्रितों को 1 लाख रुपये तथा दिव्यांगता की स्थिति में 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है।
सुरक्षित कार्यस्थल की दिशा में प्रयास
राज्य के विभिन्न कारखानों में श्रमिकों को उनके कार्य के अनुरूप वरिष्ठ अधिकारियों एवं सुरक्षा अधिकारियों द्वारा नियमित प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इससे कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित होने के साथ-साथ दुर्घटनाओं में कमी और उत्पादकता में वृद्धि हो रही है।
श्रमिक कल्याण की नई पहचान
छत्तीसगढ़ में श्रम विभाग द्वारा किए जा रहे व्यापक सुधार यह सिद्ध करता है कि राज्य सरकार श्रमिकों को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास यात्रा का महत्वपूर्ण सहभागी मानती है। प्रशासनिक ढाँचे का विस्तार, श्रम कानूनों का आधुनिकीकरण, डिजिटल सेवाओं का विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मानजनक रोजगार जैसी पहलें श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं। श्रमिकों के कल्याण और सशक्तिकरण के इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ समावेशी और संवेदनशील विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
दुःख की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ी है राज्य सरकार : मुख्यमंत्री श्री साय
रायपुर अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उत्तराखंड के चमोली में निर्माणाधीन सुरंग में पानी भरने की दुःखद घटना में कोंडागांव जिले के 4 श्रमिकों के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने मृतक श्रमिकों के परिजनों को ₹5-5 लाख तथा हादसे में घायल दोनों श्रमिकों को ₹50-50 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
इस हादसे में कोंडागांव जिले के ग्राम धनसुली के 2, मदनार के 1 और दहीकोंगा के 1 श्रमिक की मृत्यु हुई है, जबकि जिले के 2 श्रमिक घायल हुए हैं। दिवंगत श्रमिकों के पार्थिव शरीर कोंडागांव लाए गए, जहां परिजनों की उपस्थिति में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार दुःख की इस घड़ी में शोकाकुल परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति एवं शोकाकुल परिजनों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। उन्होंने हादसे में घायल दोनों श्रमिकों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की है।
रायपुर अगस्त 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली के द्वारका स्थित छत्तीसगढ़ निवास में जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव से मुलाकात की। उपचार के बाद स्वास्थ्य लाभ ले रहे श्री किरण सिंह देव से मुख्यमंत्री श्री साय ने आत्मीयता से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
शहीदों की स्मृति में सोनपुर में बनी शौर्य वाटिका, 37 शहीद परिवारों का हुआ सम्मान
रायपुर, अगस्त 2026/ जिले के वीर बलिदानियों की पावन स्मृति को संजोने और उनकी शौर्यगाथा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड के ग्राम सोनपुर में शौर्य वाटिका का भूमिपूजन किया गया। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम में जिले के 37 शहीद परिवारों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर लगभग एक एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही 'शौर्य वाटिका' में शहीदों के नाम पर उनके परिजनों द्वारा स्मृति वृक्ष लगाए गए। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने भी शहीदों की स्मृति में पीपल का पौधा रोपित कर शौर्य वाटिका में पौधरोपण की शुरुआत की।
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने लगभग 78.96 लाख रुपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें तालाब गहरीकरण, खेल मैदान, पहुंच मार्ग निर्माण, शौचालय, चबूतरा निर्माण, वृक्षारोपण एवं शेड निर्माण सहित विभिन्न कार्य शामिल हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के अंतर्गत 37.95 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड निर्माण, आहता निर्माण एवं शेड निर्माण कार्यों का भी लोकार्पण किया गया।
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में छत्तीसगढ़ के जवानों और बस्तर के लोगों ने बड़ी कीमते चुकाई है। उन्होंने शहीद जवानों और उनके परिवारों को नमन करते हुए कहा कि आज बस्तर में शांति स्थापित होने के बाद विकास की नई संभावनाएं खुली हैं। जिन क्षेत्रों में कभी नक्सल हिंसा के कारण स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी, बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंच पाती थीं, वहां अब विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे में शहीद जवानों की बहादुरी और बलिदान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आज नक्सल क्षेत्रों में तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है, जहां कभी जाना मुश्किल था, अब वहां शांति और बदलाव का माहौल है। उपमुख्यमंत्री ने सोनपुर गांव के विकास की सराहना करते हुए कहा कि यहां शहीदों की स्मृति में शौर्य वाटिका का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले के शहीद परिवारों और शहीदों के नाम पर यहां पौधरोपण किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके त्याग और शौर्य को याद रख सकें।
उन्होंने कहा कि सोनपुर गांव में योजना के अनुसार विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में सरकार हरसंभव सहयोग करेगी। उपमुख्यमंत्री ने गांव में निर्मित विभिन्न विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि मनरेगा सहित वीवीजी राम जी के माध्यम से रोजगार के साथ-साथ कौशल विकास और अधोसंरचना निर्माण को गति दी जा रही है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से योजनाबद्ध तरीके से गांव के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल ने भी शहीदों को नमन करते हुए उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम में साजा विधायक श्री ईश्वर साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष कीर्ति नायक, श्री सुरेन्द कोशिक, सरपंच श्री संत कुमार कुंभकार, सेवानिवृत शिक्षक श्री रामू राम चक्रधर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं नागरिक गण उपस्थित थे।
नगरीय निकायों के प्रगतिरत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी
नालंदा परिसरों के कार्य समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश
बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत तथा टेंडर हो चुके कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने कहा
लोगों की समस्याओं के संवेदनशीलता से निराकरण और समन्वय से कार्य करने के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश
रायपुर. अगस्त 2026. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज जांजगीर जिला मुख्यालय में अपने चारों विभागों के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने जांजगीर-चांपा और सक्ती जिले के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर दोनों जिलों में लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा की।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने दोनों जिलों में संचालित विभागीय योजनाओं, विकास एवं निर्माण कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने तथा योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वीकृत विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए और लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के साथ निराकरण सुनिश्चित होना चाहिए। बैठक में अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति, योजनाओं के क्रियान्वयन तथा निर्माण कार्यों की स्थिति की जानकारी दी।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नगरीय निकायों में विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन कार्यों की स्वीकृति एवं आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण हो चुकी हैं, उन्हें तत्काल प्रारंभ कर निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करें। उन्होंने कार्य प्रारंभ करने में देरी तथा कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए प्राथमिकता वाले कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने जांजगीर एवं सक्ती में निर्माणाधीन नालंदा परिसरों के कार्यों की समीक्षा करते हुए इन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नालंदा परिसर युवाओं एवं विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है, इसलिए इसके निर्माण में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
श्री साव ने 15वें वित्त आयोग एवं स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों में तेजी लाने तथा जल आवर्धन योजना के कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत स्रोत पर कचरा पृथक्करण एवं संग्रहण को प्रभावी बनाने, एनर्जी बिल ऑडिट कराने तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग को प्रोत्साहित करने को कहा।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नगरीय क्षेत्रों में पीएम स्वनिधि एवं पीएम आवास योजना सहित शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हितग्राही मूलक योजनाओं में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए तथा पात्र हितग्राहियों के लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जाए।
लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री साव ने टेंडर प्रक्रिया पूर्ण हो चुके कार्यों को शीघ्र प्रारंभ कराने एवं प्रगतिरत कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने के निर्देश दिए। बारिश के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों एवं सड़कों पर बने गड्ढों की प्राथमिकता के आधार पर तत्काल मरम्मत करने के निर्देश देते हुए कहा कि सड़कों की स्थिति बेहतर होने से नागरिकों को सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा करते हुए श्री साव ने जल जीवन मिशन के तहत पूर्ण एवं हैंडओवर की जा चुकी योजनाओं के सुचारू संचालन एवं नियमित रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने पेयजल योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव से जुड़ी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए पंचायत एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
बहनों के प्यार से महकेगी भाइयों की कलाई : वन मंत्री श्री केदार कश्यप
रायपुर, अगस्त 2026/ खस की जड़ों से बनी अनोखी और पर्यावरण-कल अनुकूल राखियां पानी की एक बूंद पड़ते ही अपनी प्राकृतिक और सोंधी खुशबू बिखेरने लगती हैं। ये राखियां पूरी तरह प्राकृतिक, हाथ से बनी और बायोडिग्रेडेबल होती हैं, जो त्वचा के लिए सुरक्षित और पर्यावरण के लिए फायदेमंद हैं।
इस रक्षाबंधन भाइयों की कलाई पर बंधने वाली राखियां सिर्फ बहन के प्यार और स्नेह का प्रतीक नहीं होंगी, बल्कि अपनी खुशबू से एक अनोखा एहसास भी कराएंगी। छत्तीसगढ़ में पारंपरिक औषधीय एवं सुगंधित पौधों से जुड़ी स्थानीय प्रतिभा और हुनर को बढ़ावा देते हुए खस से विशेष राखियों का निर्माण किया जा रहा है। इन राखियों की खासियत यह है कि पानी की बूंद पड़ने, नमी आने या गीली होने पर इनमें से मनमोहक खुशबू निकलती है। यानी अब भाइयों की कलाई महकेगी बहन के प्यार से।
वन मंत्री श्री केदार कश्यप की संवेदनशील पहल से परंपरा और नवाचार का संगम
वन मंत्री श्री केदार कश्यप की मंशानुरूप वन संपदा और पारंपरिक औषधीय पौधों से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं। इसी संवेदनशील पहल को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा खस जैसी सुगंधित वनस्पति के उपयोग से राखियों को नया स्वरूप दिया जा रहा है।
बोर्ड अध्यक्ष श्री विकास मरकाम और उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला के मार्गदर्शन में अन्नपूर्णा महिला स्व सहायता समूह, नारी जिला धमतरी की 10 महिलाओं द्वारा 1000 तैयार की गई है। ये राखियां परंपरागत भावनाओं को आधुनिक सोच से जोड़ने का सुंदर उदाहरण हैं। इनमें छत्तीसगढ़ की वन संपदा, स्थानीय हुनर और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की खुशबू एक साथ महसूस की जा सकती है।
पानी की बूंद पड़ते ही महकेगी राखी
खस से बनी इन राखियों की सबसे खास विशेषता उनकी प्राकृतिक खुशबू है। सामान्य राखियां जहां केवल कलाई की शोभा बढ़ाती हैं, वहीं ये विशेष राखियां नमी के संपर्क में आने पर अपनी सुगंध बिखेरती हैं। बारिश के मौसम में या हाथ धोते समय पानी की बूंद पड़ने पर राखी से उठती खुशबू भाई को बहन के स्नेह का अनोखा एहसास कराएगी।
वन संपदा से रोजगार और नवाचार की नई राह
इन राखियों का निर्माण केवल रक्षाबंधन के त्योहार को खास बनाने की पहल नहीं है, बल्कि यह वन आधारित उत्पादों को बाजार से जोड़ने और स्थानीय हुनर को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। खस जैसी उपयोगी वनस्पतियों से तैयार उत्पादों के माध्यम से पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करने के साथ ही स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर भी विकसित किए जा रहे हैं।
राखी में रिश्तों की मिठास और छत्तीसगढ़ की मिट्टी की खुशबू
इस नवाचार के संदर्भ में वन मंत्री श्री केदार कश्यप कहते हैं कि सचमुच ! इस रक्षाबंधन में बहनों का प्यार बांधेगा राखी, और महकेगी भाइयों की कलाई। इस बार जब बहन अपने भाई की कलाई पर खस से बनी यह राखी बांधेगी, तो उसके साथ सिर्फ एक धागा नहीं, बल्कि प्रकृति से जुड़ा स्नेह भी बंधेगा। पानी की बूंद के साथ जब राखी महकेगी, तो भाई को बहन के प्यार और छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा की खुशबू एक साथ महसूस होगी।
एकलव्य विद्यालयों में गणवेश, मेस संचालन एवं अन्य व्यवस्थाओं में एकरूपता पर जोर
रायपुर, अगस्त 2026/ आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम की अध्यक्षता में आज नवा रायपुर स्थित टीआरटीआई के सभाकक्ष में आदिम जाति कल्याण आवासीय एवं आश्रम शैक्षणिक संस्थान समिति के संचालक मंडल की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के संचालन, शैक्षणिक गुणवत्ता तथा विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की गई। मंत्री श्री नेताम ने इस अवसर पर टीआरटीआई द्वारा प्रकाशित गुमनाम जननायक पुस्तक का भी विमोचन किया। उन्होंने इस दौरान शहीद वीरनारायण सिंह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सह स्मारक में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्य कर रही सुश्री अंबिका ध्रुव का नगर सैनिक में चयनित होने पर सम्मानित भी किया।
मंत्री श्री नेताम ने एकलव्य विद्यालयों में गणवेश, मेस संचालन, भोजन व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं में एकरूपता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण एवं गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में नेस्ट्स एवं राज्य सरकार के भर्ती नियमों के अनुरूप योग्यता रखने वाले एकलव्य विद्यालयों के पूर्व अतिथि शिक्षकों को पुनः अवसर प्रदान करने के विषय पर भी सहमति बनी।
बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हैं। साथ ही एकलव्य विद्यालयों की चतुर्थ राष्ट्रीय क्रीड़ा प्रतियोगिता में प्रदेश के विद्यार्थियों की उपलब्धियों की जानकारी दी गई। नवंबर 2025 में ओडिशा के सुंदरगढ़ में आयोजित प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के 466 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त किया। खिलाड़ियों ने 55 स्वर्ण पदक सहित कुल 126 पदक अर्जित किए। मंत्री श्री नेताम ने इस उपलब्धि पर विद्यार्थियों, प्रशिक्षकों एवं अधिकारियों की सराहना की।
इस अवसर पर विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव, आयुक्त श्री डी राहुल वेंकट, टीआरटीआई की संचालक श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, संचालक मंडल के सदस्य एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
घरों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर कचरा पृथक्करण की व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू करने के दिए निर्देश, स्वच्छता व्यवस्था में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने जन-जागरूकता गतिविधियां संचालित करने कहा
नालंदा परिसरों के निर्माण में तेजी लाने कहा, पयर्टन एवं धार्मिक महत्व- के स्थ*लों में पर्याप्त सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश
रायपुर. अगस्त 2026. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के नए प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कार्यभार ग्रहण करने के अगले ही दिन आज मंत्रालय में विभागीय अधिकारियों की मैराथन बैठक लेकर योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी), नालंदा परिसर, अधोसरंचना एवं अन्यो विभागीय योजनाओं के अंतर्गत निर्माणाधीन कार्यों में लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति, मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन तथा आगामी कार्ययोजना पर अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की।
निगम आयुक्तों और सीएमओ को टीम के साथ रोजाना वार्ड भ्रमण के दिए निर्देश
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बैठक में अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ नागरिकों तक समय पर पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। इसके लिए योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, मैदानी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करना जरूरी है। उन्होंने सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्यर नगर पालिका अधिकारियों को अपर आयुक्तों , उपायुक्तोंव, जोन आयुक्तों एवं अन्यध अधिकारियों के साथ रोजाना वार्डों का भ्रमण कर विभागीय वाट्स-अप ग्रुप में फोटोग्राफस साझा करने के निर्देश दिए।
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत स्वीकृत और पूर्ण आवासों की घटकवार प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने आवासों के निर्माण की प्रगति, निर्धारित लक्ष्यों और शेष कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ समय पर उपलब्ध कराने तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति पर लगातार निगरानी रखते हुए कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
श्री बोरा ने अमृत मिशन के अंतर्गत नगरीय क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने कार्यों की वर्तमान स्थिति, प्रगति और आगामी चरणों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की समीक्षा केवल कार्यालय से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर नहीं होनी चाहिए, अधिकारी नियमित रूप से मौके पर जाकर कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और उससे नागरिकों को मिल रहे लाभों का आकलन करें। उन्होंने निर्माण एवं विकास कार्यों में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने और सभी कार्य समय-सीमा में पूरा करने को कहा।
प्रमुख बाजारों की नियमित साफ-सफाई और कचरा निष्पाूदन पर जोर
श्री बोरा ने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत संचालित गतिविधियों और कार्यों की समीक्षा के दौरान स्वच्छता व्यवस्था, कचरा प्रबंधन और नगरीय निकायों में चल रहे स्वच्छता संबंधी कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कचरे के स्रोत पर ही पृथक्करण को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निकायों में चार डस्ट बिन व्यवस्था के व्यवस्थित क्रियान्वयन, नागरिकों में जागरूकता तथा कचरे के उचित संग्रहण एवं प्रबंधन की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने घरों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर कचरे के पृथक्करण की व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू करने और निकायों द्वारा इसकी नियमित निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छता व्यवस्था में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए निरंतर जन-जागरूकता गतिविधियां संचालित करने पर जोर दिया।
प्रमुख सचिव ने बाजार क्षेत्रों में नियमित सफाई, समय पर कचरा उठाव, व्यवस्थित कचरा संग्रहण और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल अभियान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि ऐसी नियमित और सतत व्यवस्था विकसित की जाए, जिसका सकारात्मक असर जमीनी स्तर पर स्पष्ट दिखाई दे। उन्होंने नगरीय निकायों और विभागीय अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए।
जमीनी स्तर पर तैयारियों को परखा गया, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों ने लिया हिस्सा
रायपुर, अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ में बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति से निपटने और त्वरित, प्रभावी राहत-बचाव कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्यभर में व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल एक्सरसाइज आयोजित की गई। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी की अध्यक्षता में प्रदेश के सभी 33 जिलों में जिला प्रशासन के नेतृत्व में यह अभ्यास संपन्न हुआ। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूरी गतिविधि की निगरानी की गई।
विभिन्न विभागों और सुरक्षा बलों का दिखा तालमेल
मॉक ड्रिल के दौरान बाक़ायदे बाढ़ की अलग-अलग संभावित परिस्थितियां निर्मित की गईं। इसमें एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), सेना, पुलिस, होमगार्ड, नगर सेना और अग्निशमन सेवाओं के अलावा राजस्व, जल संसाधन, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, पशुपालन और दूरसंचार विभागों के बीच सूचना के आदान-प्रदान और समन्वय की गति को परखा गया।
पूर्व चेतावनी से लेकर राहत शिविरों तक की कार्यप्रणाली का अभ्यास
इस अभ्यास में बाढ़ की पूर्व चेतावनी जारी करने, प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत शिविरों के संचालन, बचाव नौकाओं व संसाधनों की तैनाती और मेडिकल टीमों की व्यवस्था का पूरा रिहर्सल किया गया। जिला स्तर पर त्वरित निर्णय लेने और मैदानी अमले की प्रतिक्रिया क्षमता की समीक्षा की गई।
गैप्स को पहचानकर दूर करने पर जोर
आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (छक्ड।) के अधिकारियों ने रायपुर जिले में अभ्यास का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा के समय किसी भी स्तर पर सामने आने वाले अंतर (गैप्स)कृजैसे सूचना में देरी या संसाधनों की कमीकृको समय रहते पहचानकर दूर करना है।
राज्य स्तरीय इस टेबल-टॉप और व्यावहारिक मॉक ड्रिल में एनडीएमए नई दिल्ली के वरिष्ठ सलाहकार श्री रविंद्र गुरुंग, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के डॉ. जीवन कुमार, राजस्व व आपदा प्रबंधन विभाग के उप सचिव श्री गजेंद्र ठाकुर सहित विभिन्न अंतर-विभागीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े रहे।
हर-घर जल के लिए कलेक्टर व्यक्तिगत रूचि लें : मुख्य सचिव
पूर्ण योजनाओं को करायें भौतिक सत्यापन
रायपुर, अगस्त 2026/मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये प्रदेश में जल-जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा के लिए कलेक्टर कॉन्फ्रेंस आयोजित की। मुख्य सचिव ने जिलों के कलेक्टरों से उनके जिले के जल-जीवन मिशन के कार्यों की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा कि वे जल-जीवन मिशन के तहत हर घर जल पहुचांने के लिए व्यक्तिगत रूचि लेकर काम करें। लोगों के घरों में नलों से पानी मिल इसके लिए चलायी जा रही स्कीमों को तहत पूर्ण करायें। पूर्ण हो चुकी योजनाओं का भौतिक सत्यापन करायें और पंचायतों को हस्तांतरित योजनाओं के लंबित भुगतान शीघ्र करायें। मुख्य सचिव ने साफ कहा है जल जीवन मिशन के कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में सोलर आधारित योजनाओं एवं क्रेडा संबंधित नल-जल योजनाओं के कार्यों के संबंध में विचार विमर्श किया गया एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। कॉन्फ्रेंस के दौरान पूर्ण एवं हस्तांतरित योजनाओं के भुगतान की कार्यवाही शीघ्रता से करने के निर्देश दिए गए है। कलेक्टरों को स्त्रोत समस्यामूलक योजनाओं के कार्यों को स्थानीय निधि से पूर्ण कराने कहा गया है।
मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि जहां सब इंजीनियरों की कमी है वहां पर दूसरे विभागों के इंजीनियरों से जल-जीवन मिशन के कार्यों को कराने के लिए कार्यवाही करें। कॉन्फ्रेंस में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की नियमित मासिक बैठक हो यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बैठक की कार्यवाही का समय पर विभागीय पोर्टल पर अपलोड की जाए तथा जल जीवन मिशन की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर स्पष्ट आकलन, बेहतर योजना और प्रभावी समन्वय के साथ मिशन मोड में कार्य करें, ताकि राज्य के प्रत्येक परिवार को समयबद्ध रूप से हर घर नल से जल उपलब्ध कराया जा सके।
बैठक में 55 एलपीसीडी 7 दिवसों से कम जल प्रदाय की जा रही स्कीमों की जानकारी अधिकारियों से ली गई। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री अब्दुल कैसर हक सहित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं जल जीवन मिशन के अधिकारी मौजूद थे। वीडियो कॉन्फ्रेंस से सभी जिलों के कलेक्टर एवं जिला स्तरीय विभागीय अधिकारी शामिल हुए।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद सभी निकायों को राशि आबंटन के आदेश जारी