ईश्वर दुबे
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रायपुर, 05 जुलाई 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने चिंतन शिविर 3.0 के दूसरे दिन की शुरुआत योगाभ्यास के साथ की। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) नवा रायपुर के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित विशेष योग सत्र में उन्होंने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जो स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन का आधार है। उन्होंने कहा कि नियमित योग न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है, बल्कि व्यक्ति को प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने की प्रेरणा भी देता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन और प्रभावी निर्णय क्षमता के लिए शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से चिंतन शिविर के दौरान दिन की शुरुआत योग से की गई, ताकि सकारात्मक ऊर्जा और एकाग्रता के साथ राज्य के विकास से जुड़े विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श किया जा सके। उन्होंने कहा कि योगाभ्यास के इस सामूहिक आयोजन से चिंतन शिविर 3.0 में सकारात्मक ऊर्जा के साथ अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली के संदेश को नई दिशा मिलेगी ।
योग सत्र में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव तथा आईआईएम रायपुर के अधिकारी भी उपस्थित थे।
परिजनों से फोन पर चर्चा कर जाना स्वास्थ्य : बेहतर उपचार और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
रायपुर 5 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पद्मविभूषण श्रीमती तीजन बाई के अस्वस्थ होने पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उनके शीघ्र एवं पूर्ण स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। श्रीमती तीजन बाई वर्तमान में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर के मेडिकल आईसीयू में उपचाराधीन हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीमती तीजन बाई के परिजनों से स्वयं दूरभाष पर चर्चा कर उनके स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि तीजन बाई के उपचार, निरंतर चिकित्सकीय निगरानी तथा सभी आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा उपलब्ध हो सके।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रीमती तीजन बाई ने अपनी अद्वितीय पंडवानी शैली और विलक्षण कला-साधना के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई है। उनका योगदान राज्य की सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर है।
मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि तीजन बाई शीघ्र पूर्णतः स्वस्थ होकर पुनः अपनी अनुपम कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ और देश का गौरव बढ़ाती रहें।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय उर्वरक मंत्री श्री जे.पी. नड्डा का जताया आभार
रायपुर 4 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा द्वारा छत्तीसगढ़ को 46,500 मीट्रिक टन अतिरिक्त डीएपी आवंटित किए जाने पर उनका हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा के विशेष सहयोग से लिया गया यह निर्णय प्रदेश के किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने में बड़ी सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि कुछ समय पूर्व नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा से हुई भेंट के दौरान उन्होंने खरीफ सीजन की आवश्यकताओं को देखते हुए छत्तीसगढ़ के लिए अतिरिक्त डीएपी उपलब्ध कराने का आग्रह किया था। केंद्रीय मंत्री ने किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया था, जिसके परिणामस्वरूप राज्य को अतिरिक्त डीएपी का आवंटन प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में यूरिया की उपलब्धता पहले से ही पर्याप्त थी और अब अतिरिक्त डीएपी मिलने से खरीफ सीजन के लिए खाद की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है। इससे किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा तथा कृषि कार्य सुचारु रूप से संचालित होंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह सुनिश्चित कर रही है कि उन्हें समय पर डीएपी, यूरिया सहित सभी आवश्यक कृषि आदान उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार अन्नदाता के कल्याण और कृषि क्षेत्र की मजबूती के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह एवं माननीय केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में अल-नीनो के कारण देश के कुछ भागों में सामान्य से कम वर्षा तथा उसके संभावित प्रभावों को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा की।
बैठक में मानसून की स्थिति, संभावित सूखे से निपटने की तैयारियों, जलाशयों एवं भूजल स्तर की निगरानी, कम पानी वाली फसलों को प्रोत्साहन, खाद्यान्न की उपलब्धता तथा किसानों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक उपायों पर विस्तृत चर्चा एवं समीक्षा की गई।
Under the joint aegis of the Good Governance and Convergence Department, Government of Chhattisgarh, and IIM Raipur organised a two-day Chintan Shivir - Leardeship and Policy Retreat - for Ministers. This is the third consecutive year that the programme is being held.
Scholars and experts from across the country participate in the Chintan Shivir to deliver lectures on a range of subjects and share their insights on themes such as good governance, transparent administration, and accountable governance. The Chintan Shivirs organised over the past two years have yielded significant benefits for the state.
– Shri Vishnu Deo Sai
Chief Minister, Chhattisgarh
Deliberations Focus on Digital Governance, Emerging Technologies, Agricultural Prosperity and Leadership Development
Previous Chintan Shivirs Led to Innovations Such as e-Office, Chief Minister Helpline 1076 and Seva Setu
Raipur, Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai, along with members of the Council of Ministers, participated in Chintan Shivir 3.0, which commenced on July 4 at the Indian Institute of Management (IIM) Raipur. Jointly organised by the Department of Good Governance and Convergence and IIM Raipur, the two-day programme brought together the Chief Minister, Cabinet Ministers and renowned national experts for extensive deliberations on key aspects of governance.
Chief Minister Shri Sai said that Chintan Shivir 3.0 aims to lay a strong foundation for visionary policymaking for a developed Chhattisgarh by making governance and administration more effective, modern, transparent and citizen-centric.
He said that the Chintan Shivir has evolved beyond being merely a platform for discussion and has become an important instrument for continuous improvement and innovation in governance. The government has effectively implemented several recommendations from the previous two editions, and their positive impact is now clearly visible in the state's administrative system. He added that the core objective of the initiative is to strengthen governance through technology, transparency, accountability and citizen-centric administration.
Highlighting the outcomes of the previous editions, the Chief Minister said that recommendations from earlier Chintan Shivirs led to the implementation of the e-Office system in the Secretariat, making file disposal faster, more transparent and time-bound. Similarly, innovations such as the Chief Minister Helpline 1076 and Seva Setu also emerged from the Chintan Shivir process. Through Seva Setu, more than 520 online services from 36 departments are now available to citizens, ensuring simple, prompt and transparent public service delivery.
The first day of Chintan Shivir 3.0 featured detailed sessions on leadership development, good governance, emerging technologies and agricultural prosperity. Renowned spiritual thinker Gaur Gopal Das shared his insights on leadership, emotional balance, public service and the ethical responsibilities of public representatives. He emphasised that value-based leadership and sensitive administration are essential for effective governance.
Addressing the session on "Emerging Technologies", NITI Aayog Member Prof. Abhay Karandikar highlighted the role of artificial intelligence (AI), digital public infrastructure, 5G, drones, geospatial technology, blockchain and data-driven governance in making public administration more efficient, transparent and citizen-centric. He also discussed opportunities for technology-enabled service delivery, innovation, employment generation and digital inclusion in Chhattisgarh.
During the session titled "Prosperity through Agriculture", agricultural economist Dr Ramesh Chand and agriculture expert Shri T. Vijay Kumar shared their experiences on natural farming, climate-resilient agriculture, crop diversification, value addition, market linkages and technology-driven agricultural reforms. The experts presented successful models from different states and offered practical suggestions to increase farmers' income, strengthen the rural economy and make agriculture more competitive. Ministers and senior officials also participated in group discussions during the session.
डिजिटल गवर्नेंस, उभरती तकनीकों, कृषि समृद्धि और नेतृत्व विकास पर मंथन
पिछले चिंतन शिविरों के परिणामस्वरूप ई-ऑफिस, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और सेवा सेतु जैसे नवाचार हुए साकार
रायपुर 4 जुलाई 2026/चिंतन शिविर 3.0 का उद्देश्य शासन-प्रशासन को अधिक प्रभावी, आधुनिक, पारदर्शी और जनहितैषी बनाते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के लिए दूरदर्शी नीति-निर्माण की मजबूत आधारशिला तैयार करना है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर में सुशासन एवं अभिसरण विभाग तथा आईआईएम रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय मंत्रिमंडल चिंतन शिविर में मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद के सदस्य तथा देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने शासन के विभिन्न आयामों पर व्यापक मंथन करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि चिंतन शिविर केवल विचार-विमर्श का मंच नहीं, बल्कि शासन की कार्यसंस्कृति में निरंतर सुधार और नवाचार का माध्यम बन चुका है। पिछले दो संस्करणों से प्राप्त सुझावों को सरकार ने प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारा है, जिसके सकारात्मक परिणाम आज प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन में तकनीक, पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर आगे बढ़ना ही इस शिविर का मूल उद्देश्य है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि चिंतन शिविर 3.0 के प्रथम दिवस में नेतृत्व विकास, सुशासन, उभरती प्रौद्योगिकियों तथा कृषि समृद्धि जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत सत्र आयोजित किए गए। प्रसिद्ध आध्यात्मिक चिंतक गौर गोपाल दास ने नेतृत्व, भावनात्मक संतुलन, सेवा-भाव और जनप्रतिनिधियों के नैतिक दायित्वों पर अपने विचार रखे। उन्होंने मूल्य-आधारित नेतृत्व और संवेदनशील प्रशासन को प्रभावी सुशासन की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।
शिविर में नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर ने "इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़" विषय पर संबोधित करते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, 5जी, ड्रोन, जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी, ब्लॉकचेन तथा डेटा-आधारित प्रशासन के माध्यम से शासन व्यवस्था को अधिक दक्ष, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने तकनीक आधारित सेवा वितरण, नवाचार, रोजगार सृजन तथा डिजिटल समावेशन के लिए छत्तीसगढ़ के समक्ष उपलब्ध अवसरों की भी चर्चा की।
कृषि विषयक सत्र "कृषि से समृद्धि" में कृषि अर्थशास्त्री डॉ. रमेश चंद तथा कृषि विशेषज्ञ टी. विजय कुमार ने प्राकृतिक खेती, जलवायु अनुकूल कृषि, फसल विविधीकरण, मूल्य संवर्धन, बाजार संपर्क और तकनीक आधारित कृषि सुधारों पर अपने अनुभव साझा किए। विशेषज्ञों ने देश के विभिन्न राज्यों के सफल मॉडलों की जानकारी देते हुए किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और कृषि को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत किए। इस दौरान मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने समूह आधारित विचार-मंथन में भी भाग लिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले चिंतन शिविरों से प्राप्त सुझावों के आधार पर मंत्रालय में ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई, जिससे फाइलों के निपटारे की प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और समयबद्ध बनी है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 तथा सेवा सेतु जैसे महत्वपूर्ण नवाचार भी इसी चिंतन प्रक्रिया का परिणाम हैं। आज सेवा सेतु के माध्यम से 36 विभागों की 520 से अधिक सेवाएं नागरिकों को ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे आमजन को सरल, त्वरित और पारदर्शी सेवाएं मिल रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि चिंतन शिविर 3.0 से प्राप्त सुझाव सुशासन, तकनीक आधारित प्रशासन, कृषि सुधार, विभागीय समन्वय और जनसेवा के नए मानक स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार नवाचार, ज्ञान, तकनीक और प्रभावी नीति-निर्माण को निरंतर प्रोत्साहित करती रहेगी तथा चिंतन शिविर से निकले विचारों को शीघ्र ही ठोस नीतिगत और प्रशासनिक पहलों के रूप में लागू किया जाएगा।
सुशासन एवं अभिसरण विभाग, छत्तीसगढ़ सरकार तथा आईआईएम रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में मंत्रियों के दो दिवसीय चिंतन शिविर का आयोजन किया गया है। यह लगातार तीसरे वर्ष आयोजित हो रहा है।
इसमें विभिन्न विषयों पर व्याख्यान देने के लिए देशभर से विद्वान आते हैं और सुशासन, गुड गवर्नेंस, पारदर्शी एवं जवाबदेह शासन व्यवस्था जैसे विषयों पर अपने विचार साझा करते हैं। पिछले दो वर्षों में आयोजित चिंतन शिविरों का प्रदेश को व्यापक लाभ मिला है।
-श्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
Finance Minister Shri O.P. Choudhary to Preside Over the Ceremony Organised by Chhattisgarh Housing Board and Infrastructure Development Board
Raipur, Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai will dedicate the newly developed Dumartarai Wholesale Market Phase II to the people and officially name the facility during a ceremony to be held on July 5, 2026, at 5:00 PM. The project has been developed by the Chhattisgarh Housing Board and Infrastructure Development Board.
Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai will attend the programme as the Chief Guest. The ceremony will be presided over by Minister for Housing and Environment, Finance, Commercial Tax, Planning, Economic and Statistics Shri O.P. Choudhary.
Minister Shri Kedar Kashyap, Minister Shri Guru Khushwant Saheb and Raipur Lok Sabha MP Shri Brijmohan Agrawal will attend the programme as Special Guests.
MLAs Shri Rajesh Munat, Shri Motilal Sahu, Shri Purandar Mishra and Shri Sunil Soni, Chairman of the Chhattisgarh Housing Board and Infrastructure Development Board Shri Anurag Singh Deo, Mayor of Raipur Smt Meenal Choubey, President of Raipur Zila Panchayat Shri Naveen Agrawal, along with several public representatives, officials and distinguished citizens, will also be present at the ceremony.
रायपुर, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ’’बिहान’’ से जुड़कर ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है। इसी का प्रेरक उदाहरण सरगुजा जिले के विकासखंड अंबिकापुर की तैलासो राजवाड़े हैं, जो महादेव स्वयं सहायता समूह, रोशनी ग्राम संगठन (वीओ) एवं समृद्ध सरगुजा संकुल से जुड़ी हुई हैं। वे पिछले दो वर्षों से पशु सखी के रूप में कार्य करते हुए आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं और अपने परिवार की जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रही हैं।
तैलासो राजवाड़े बताती हैं कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें आजीविका का सशक्त माध्यम मिला। वर्तमान में वे पशुपालकों को बकरियों की देखभाल, टीकाकरण के प्रति जागरूकता, समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक दवाइयों की जानकारी उपलब्ध कराती हैं। इस कार्य से उन्हें प्रतिमाह लगभग 10 से 15 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है, जिससे उनके परिवार का भरण-पोषण एवं बच्चों की पढ़ाई सुचारु रूप से चल रही है।
उन्होंने बताया कि उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें बड़ा बेटा कक्षा 12वीं, दूसरा कक्षा 10वीं तथा सबसे छोटा कक्षा 8वीं में अध्ययनरत है। पहले आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन आज स्वयं की आय से वे परिवार की आवश्यकताओं को पूरा कर पा रही हैं।
तैलासो ने बताया कि उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त किया है, जहां पशुपालन एवं बकरियों के स्वास्थ्य प्रबंधन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। उन्होंने कहा कि यदि पशु सखियों को नियमित रूप से उन्नत प्रशिक्षण एवं टीकाकरण संबंधी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो वे ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को और बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकेंगी।
उन्होंने यह भी बताया कि बिहान योजना के माध्यम से उन्हें आजीविका संवर्धन के लिए विभिन्न अवसर प्राप्त हुए हैं। योजना से मिली सहायता के आधार पर उन्होंने अपने खेत में बोर खुदवाया है तथा धान की खेती शुरू की है। भविष्य में वे सब्जी उत्पादन कर अपनी आय में और वृद्धि करने की योजना बना रही हैं।
तैलासो राजवाड़े ने कहा कि बिहान योजना से जुड़कर उन्हें आत्मविश्वास, सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन मिला है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी भूमिका निभा रही है और इससे अनेक महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
बेमेतरा में अवैध उर्वरक भंडारण पर बड़ी कार्रवाई, 275 बोरी यूरिया जब्त; किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य सरकार सजग
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को समय पर, उचित मूल्य पर और गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। खरीफ सीजन 2026 के दौरान किसानों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार के निर्देश पर पूरे प्रदेश में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अवैध भंडारण के विरुद्ध सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बेमेतरा जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से भंडारित 275 बोरी यूरिया जब्त कर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि किसानों के अधिकारों से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देश तथा कृषि विभाग के उप संचालक श्री मोरध्वज डडसेना के मार्गदर्शन में गठित जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा जिलेभर में लगातार औचक निरीक्षण और छापामार कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध हो तथा कृत्रिम अभाव उत्पन्न कर अनुचित लाभ कमाने के प्रयासों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
इसी अभियान के तहत प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर उड़नदस्ता दल ने ग्राम जानो, तहसील देवकर में अँजोर वर्मा के परिसर में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए 275 बोरी यूरिया का अवैध भंडारण पाया गया। मौके पर संपूर्ण उर्वरक को विधिवत जब्त कर लिया गया तथा संबंधित व्यक्ति को कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। प्राप्त जवाब के परीक्षण के बाद नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कृषि विभाग ने जब्त किए गए उर्वरकों के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए अधिकृत प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को केवल मानक गुणवत्ता वाले उर्वरक ही उपलब्ध कराए जाएं और किसी भी प्रकार की मिलावट अथवा निम्न गुणवत्ता की सामग्री बाजार में न पहुंचे।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी, अवैध भंडारण तथा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री करने वालों के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा। यदि कोई निजी कृषि केंद्र, उर्वरक विक्रेता अथवा सहकारी संस्था इस प्रकार की अनियमितता करते हुए पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आवश्यक होने पर पुलिस में एफआईआर दर्ज कर प्रकरण न्यायालय में भी प्रस्तुत किया जाएगा।
कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने कहा है कि किसानों के हितों की रक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी परिस्थिति में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन पूरे जिले में लगातार निगरानी कर रहा है और शिकायत प्राप्त होते ही बिना पूर्व सूचना के तत्काल जांच एवं छापामार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के हितों की सुरक्षा, कृषि व्यवस्था में पारदर्शिता तथा कृषि आदानों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। प्रदेश में चल रही इस तरह की सतत कार्रवाई न केवल कालाबाजारी और जमाखोरी पर अंकुश लगाने में सहायक होगी, बल्कि किसानों का विश्वास भी मजबूत करेगी कि सरकार उनकी मेहनत, उनकी फसल और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
जिला प्रशासन ने किसानों एवं आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, अधिक मूल्य पर बिक्री अथवा अन्य किसी प्रकार की अनियमितता की जानकारी मिले तो तत्काल कृषि विभाग अथवा जिला प्रशासन को सूचित करें। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी तथा प्रत्येक शिकायत पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा आयोजित समारोह में होंगे शामिल, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी करेंगे अध्यक्षता
रायपुर, 4 जुलाई 2026/छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा विकसित रायपुर के डूमरतराई थोक बाजार फेस-2 के नामकरण एवं लोकार्पण समारोह का आयोजन 5 जुलाई 2026 (रविवार) को शाम 5:00 बजे किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। समारोह की अध्यक्षता आवास एवं पर्यावरण, वित्त, वाणिज्यिक कर, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी करेंगे।
कार्यक्रम में मंत्री श्री केदार कश्यप, मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब तथा रायपुर लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
इसके अलावा विधायक श्री राजेश मूणत, श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक समारोह में शामिल होंगे।
वीबी-जीरामजी योजना से दिव्यांगजनों को मिला सम्मान और रोजगार
125 दिनों का रोजगार, 300 रुपये प्रतिदिन मजदूरी और मेट की जिम्मेदारी से बढ़ा आत्मविश्वास
रायपुर, 04 जुलाई 2026/ शासन की विकसित भारत-जीरामजी (ग्रामीण रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन) योजना दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इस योजना से उन्हें अधिक रोजगार, बेहतर मजदूरी और जिम्मेदारीपूर्ण कार्य मिल रहा है। पहले जहां मनरेगा के तहत 100 दिनों का रोजगार मिलता था, वहीं अब वीबी-जीरामजी योजना के अंतर्गत 125 दिनों का रोजगार और 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी मिल रही है। इससे दिव्यांग हितग्राहियों की आय बढ़ी है और उनका आत्मविश्वास भी मजबूत हुआ है।
मेट की जिम्मेदारी ने बढ़ाया आत्मविश्वास
राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम सुंदरा निवासी दिव्यांग श्री चंद्रप्रकाश साहू को वीबी-जीरामजी योजना के तहत 100 मजदूरों के लिए मेट की जिम्मेदारी दी गई है। वे बताते हैं कि पहले उन्हें मनरेगा के अंतर्गत 100 दिनों का रोजगार मिलता था, लेकिन अब 125 दिनों तक काम और 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी मिलने से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
उन्होंने कहा कि मेट की जिम्मेदारी मिलना उनके लिए गर्व की बात है। इससे उन्हें समाज में सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिला है।
सम्मान ने बढ़ाया हौसला
श्री चंद्रप्रकाश साहू को राजनांदगांव प्रवास के दौरान जिले के प्रभारी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने शॉल, श्रीफल और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। वे बताते हैं कि यह सम्मान उनके जीवन का अविस्मरणीय पल है। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और आगे बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिली है।
रंभा मंडावी बनीं आत्मनिर्भर
विकासखंड डोंगरगांव के ग्राम कोहका की दिव्यांग सुश्री रंभा मंडावी को भी वीबी-जीरामजी योजना के तहत मेट का कार्य मिला है। पहले उन्हें मनरेगा में 261 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी के साथ 100 दिनों का रोजगार मिलता था। अब उन्हें 125 दिनों का रोजगार और 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी मिल रही है, जिससे उनकी आय बढ़ी है और परिवार को आर्थिक संबल मिला है।
योजनाओं की जानकारी देकर भी कर रही हैं सहयोग
सुश्री रंभा मंडावी ने बताया कि वे मेट के रूप में कार्य करने के साथ-साथ गांव के लोगों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी देती हैं, ताकि पात्र हितग्राही समय पर योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
उन्हें भी जिले के प्रभारी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने शॉल, श्रीफल और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इस सम्मान से उनका उत्साह और आत्मविश्वास दोनों बढ़े हैं।
दिव्यांगजनों के लिए नई उम्मीद बनी योजना
दोनों हितग्राहियों ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वीबी-जीरामजी योजना दिव्यांगजनों के लिए सम्मानजनक आजीविका का प्रभावी माध्यम बन रही है। योजना के तहत बढ़े कार्य दिवस, बेहतर मजदूरी और जिम्मेदारीपूर्ण दायित्व ने उनके जीवन में नई उम्मीद, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सुरक्षा का संचार किया है।
रोजगार अवधि बढ़ने एवं मजदूरी में वृद्धि से ग्रामीण परिवारों को मिलेगा आर्थिक सशक्तिकरण, गोमती साहू ने जताई खुशी
रायपुर, ग्रामीण परिवारों को अधिक रोजगार, बेहतर आय और आत्मनिर्भर जीवन का आधार देने के उद्देश्य से प्रारंभ किए गए विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन ने गांवों में नई उम्मीद जगाई है। रोजगार की अवधि बढ़ाकर 125 दिन किए जाने और मजदूरी दर में वृद्धि से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है। मुंगेली जिले के ग्राम लिम्हा की निवासी श्रीमती गोमती साहू ने इस योजना को ग्रामीण परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बतया। उन्होंने कहा कि पहले ग्रामीण परिवारों को वर्ष में केवल 100 दिनों का रोजगार मिलता था, जिससे कई बार आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करना कठिन हो जाता था। अब योजना के तहत 125 दिनों के अकुशल श्रम आधारित रोजगार की गारंटी मिलने से परिवार की आय बढ़ेगी और घरेलू खर्चों का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा।
गोमती साहू ने कहा कि बढ़ी हुई मजदूरी से बच्चों की शिक्षा, परिवार की दैनिक जरूरतों और अन्य आवश्यक खर्चों को पूरा करने में काफी सुविधा होगी। सबसे बड़ी राहत यह है कि गांव में ही अधिक दिनों तक रोजगार उपलब्ध होने से अब रोजगार की तलाश में बाहर पलायन करने की आवश्यकता भी कम होगी। यह मिशन केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों के समग्र विकास की मजबूत नींव भी रखेगा। योजना के अंतर्गत जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण अधोसंरचना निर्माण और आजीविका से जुड़ी परिसंपत्तियों के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थायी मजबूती मिलेगी। गोमती साहू ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार का यह निर्णय ग्रामीण परिवारों के भविष्य को सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। योजना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, आय में वृद्धि होगी और गांवों के विकास को नई गति मिलेगी।