ईश्वर दुबे
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रायपुर, कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के आदेशानुसार तथा उप-संचालक (खनिज प्रशासन) श्री राजेश मालवे के नेतृत्व में खनिज विभाग के अमले द्वारा 18 एवं 19 मई 2026 को गोबरानवापारा क्षेत्र में रेत के अवैध उत्खनन एवं अवैध भण्डारण के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की गई।
सहायक खनि अधिकारी, खनि निरीक्षक एवं खनिज अमले द्वारा की गई जांच में ग्राम लखना रेत खदान में स्वीकृत क्षेत्र के बाहर तथा पर्यावरणीय शर्तों का उल्लंघन कर 02 चेन माउंटेड पोकलेन मशीनों से रेत का अवैध उत्खनन किया जाना पाया गया। कार्रवाई करते हुए दोनों पोकलेन मशीनों को मौके पर ही जब्त कर सीलबंद किया गया तथा अवैध उत्खनन कार्य तत्काल बंद कराया गया।
इसी क्रम में तहसील गोबरानवापारा के ग्राम नवागांव, जौंदा, जौंदी तथा डगनिया में महानदी से रेत लाकर श्री अनिल कुमार साहू, श्री गोविंद साहू, श्री ईश्वर पटेल, श्री प्रताप सेन, श्री त्रिलोकी साहू, श्री अजय साहू तथा श्री मनीष ठाकुर द्वारा बिना वैध अनुमति के रेत का अवैध भण्डारण किया जाना पाया गया। खनिज विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के प्रावधानों के तहत संपूर्ण अवैध रेत को जब्त कर लिया गया है एवं संबंधित अवैध भण्डारणकर्ताओं को जवाब-तलब हेतु नोटिस जारी किया गया है।
उप-संचालक खनिज श्री राजेश मालवे ने बताया कि जिले में खनिज रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खनिज अमले द्वारा उक्त क्षेत्रों में लगातार गश्त कर सतत कार्रवाई की जा रही है। अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
Union Min. credits Shri Modi Government’s Whole-of-Government Approach for ending Naxalism and boosting development
Zonal Council Meetings triple since 2014; Shri Shah calls for faster disposal of criminal cases by 2029
Raipur, Union Home and Cooperation Minister Shri Amit Shah on Tuesday chaired the 26th meeting of the Central Zonal Council in Bastar, Chhattisgarh. The meeting was attended by Chhattisgarh Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai, Madhya Pradesh Chief Minister Dr Mohan Yadav, Uttar Pradesh Chief Minister Shri Yogi Adityanath and Uttarakhand Chief Minister Shri Pushkar Singh Dhami, along with senior officials from the member states and the Government of India. The meeting was organised by the Inter-State Council Secretariat under the Union Home Ministry and hosted by the Government of Chhattisgarh.
Addressing the meeting, Union Home and Cooperation Minister Shri Amit Shah said it was a matter of immense pleasure and that the region had become free from Naxalism even before the meeting. He credited the achievement to the bravery of security forces, precise intelligence inputs by agencies, coordinated action by state police forces and the Central Armed Police Forces (CAPFs), and the Whole of Government Approach adopted by State Governments and Central Government departments to accelerate development in Naxal-affected areas.
Shri Amit Shah said the fight is not over yet, as Naxal-affected regions still needed to catch up in development after decades of neglect. He said efforts would continue until these areas matched the rest of the country’s progress, and congratulated Prime Minister Shri Narendra Modi on the country becoming free from Naxalism.
He said the Chhattisgarh Government received full support from the Union Home Ministry in the anti-Naxal campaign, while the Chief Minister and Deputy Chief Minister provided strong leadership that helped make Bastar Naxal-free.
Shri Amit Shah said the resolution of pending disputes among states and between the states and the Centre had helped create a positive atmosphere for the meeting. He noted that the discussions were focused entirely on monitoring development-related issues. Citing the regular conduct of Zonal Council meetings under the leadership of Prime Minister Shri Narendra Modi, Shri Shah said the process had strengthened cooperative federalism and enabled the settlement of disputes among the four states and Centre-state issues across the region.
Union Home and Cooperation Minister said the Central Zonal Council includes Chhattisgarh, Madhya Pradesh, Uttar Pradesh and Uttarakhand. From the Himalayan region in the north to the plains of the Ganga-Yamuna and the plateau, forest-rich and mineral-rich regions of central India, this area plays a vital role in the country’s development. He said the region contributes significantly to the nation’s food reserves, while its rich mineral resources accelerate national development. The rich heritage and culture of the region have also contributed to the country’s progress. Most of the country’s major centres of faith are also located in this region. He added that Chhattisgarh connects nearly seven states, making the entire central region strategically important. The region had now become not only free from Naxalism but also free from disputes, which was a matter of great satisfaction for everyone, he added.
सहकारिता आयुक्त ने मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग सेवाएं शुरू करने के दिए निर्देश
रायपुर,राज्य के शहरी सहकारी बैंकों में आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार करने के लिए आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं छत्तीसगढ़ श्री महादेव कावरे ने समीक्षा बैठक ली। इस समीक्षा बैठक में राज्य के 12 शहरी नागरिक सहकारी बैंकों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में सहकारिता आयुक्त ने सभी बैंकों को निर्देश दिए कि वे भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा शुरू की गई नवाचारात्मक पहलों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ग्राहकों को बेहतर और आसान बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और एईपीएस (आधार आधारित भुगतान प्रणाली) जैसी सुविधाएं शुरू की जाएं।
सहकारिता आयुक्त ने बैंकों को यह भी निर्देशित किया कि वे तकनीकी सहायता और आधुनिक बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के लिए गठित अम्ब्रेला ऑर्गेनाइजेशन से जुड़ें। इससे बैंकों को नई तकनीक अपनाने और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने में मदद मिलेगी।
बैठक में अम्ब्रेला ऑर्गेनाइजेशन, नई दिल्ली के अधिकारी श्री सुमीत हंस ने बैंकों को संगठन से जुड़ने के लाभ और उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इससे सहकारी बैंक डिजिटल बैंकिंग सेवाओं को तेजी से लागू कर सकेंगे।
इस अवसर पर व्यावसायिक सहकारी बैंक रायपुर, नागरिक सहकारी बैंक रायपुर, लक्ष्मी नागरिक सहकारी बैंक रायपुर, रायपुर अर्बन मर्केंटाइल को-ऑप बैंक, दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर, रायगढ़, महासमुंद, अंबिकापुर और जगदलपुर के सहकारी बैंक शामिल हुए।
सहकारिता आयुक्त श्री कावरे ने सभी बैंकों को तय समय-सीमा में आवश्यक कार्यवाही पूरी करने के निर्देश दिए। इस पहल से प्रदेश के सहकारी बैंकों में डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा और ग्राहकों को अधिक सुविधाजनक बैंकिंग सेवाएं मिल सकेंगी।
तेन्दूपत्ता संग्राहकों को रोजगार, बीमा, छात्रवृत्ति और सामाजिक सुरक्षा का लाभ
रायपुर, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार वन विभाग वन आश्रित परिवारों और तेन्दूपत्ता संग्राहकों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए कई जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रहा है। “वन है तो जीवन है, तेन्दूपत्ता है तो रोजगार है” के संदेश के साथ वन विभाग और लघु वनोपज संघ ग्रामीण एवं वन क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को रोजगार, बीमा सुरक्षा, शिक्षा और सामाजिक सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। वनमण्डलाधिकारी एवं प्रबंध संचालक, कोरिया वनमण्डल बैकुण्ठपुर श्रीमती प्रभाकर खलको ने कहा कि विभाग का उद्देश्य वन आश्रित परिवारों को केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना भी है। वन विभाग की योजनाएं आज हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
तेन्दूपत्ता संग्रहण बना आय का प्रमुख साधन
शासन द्वारा वर्ष 2026 के लिए तेन्दूपत्ता संग्रहण की दर 5.50 रूपए प्रति गड्डी तय की गई है। इसके अनुसार 100 गड्डियों पर 550 रूपए और प्रति मानक बोरा 5550 रूपए का भुगतान किया जाएगा। इससे वन क्षेत्रों में रहने वाले हजारों परिवारों को रोजगार और आर्थिक सहारा मिल रहा है।
लघु वनोपजों के समर्थन मूल्य से आर्थिक मजबूती
न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत सालबीज, महुआ, इमली, कोदो, माहुल पत्ता सहित विभिन्न लघु वनोपजों की निर्धारित दरों पर खरीदी की जा रही है। इससे वन आश्रित परिवारों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है और बिचौलियों पर निर्भरता कम हुई है।
बीमा योजनाओं से मिल रही सामाजिक सुरक्षा
राजमोहनी देवी बीमा योजना के अंतर्गत तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को बीमा सुरक्षा दी जा रही है। सामान्य मृत्यु, दुर्घटना जनित मृत्यु और विकलांगता की स्थिति में सहायता राशि प्रदान की जाती है। इससे जरूरत के समय परिवारों को आर्थिक सहारा मिलता है।
इसके अलावा समूह बीमा योजना के तहत परिवार के अन्य सदस्यों को भी सहायता राशि का लाभ दिया जा रहा है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए राहत का माध्यम बन रही है।
बच्चों की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति
तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति और प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। कक्षा 10वीं और 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। व्यावसायिक और गैर-व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को भी आर्थिक सहायता मिल रही है।
प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए विशेष शिक्षा प्रोत्साहन योजना भी संचालित है, जिससे बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
चरण पादुका योजना से राहत
वनांचल में कार्य करने वाले तेन्दूपत्ता संग्राहकों को हर वर्ष चरण पादुका भी प्रदान की जाती है, ताकि उन्हें काम के दौरान सुविधा मिल सके।
करोड़ों रूपए की सहायता राशि का भुगतान
राजमोहनी देवी बीमा योजना के तहत जिले में अप्रैल 2024 से अक्टूबर 2025 तक 33 हितग्राहियों को 34 लाख 70 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई है। वहीं समूह बीमा योजना के तहत 18 प्रकरणों में 2 लाख 16 हजार रूपए का भुगतान किया गया।
छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत भी विद्यार्थियों को सीधे उनके बैंक खातों में राशि प्रदान की गई है।
समाधान शिविर बना दिव्यांग तुलेश्वरी के लिए सहारा
मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने से बढ़ी आत्मनिर्भरता की उम्मीद
अब बिना किसी सहारे आसानी से कर सकेंगी आवागमन
रायपुर, विष्णु देव साय के सुशासन में आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत गांव-गांव में आयोजित समाधान शिविर जरूरतमंद लोगों के लिए राहत एवं सहायता का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। इसी क्रम में सक्ती विकासखंड के ग्राम रगजा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम नंदौरकला निवासी दिव्यांग तुलेश्वरी की समस्या का मौके पर ही समाधान किया गया।
अस्थि बाधित होने के कारण तुलेश्वरी को दैनिक कार्यों एवं आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्राप्त करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन प्राप्त होते ही समाज कल्याण विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए समाधान शिविर में ही उन्हें मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की गई।
इस अवसर पर सांसद लोकसभा क्षेत्र जांजगीर-चांपा कमलेश जांगड़े, कलेक्टर अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ वासु जैन सहित जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल का वितरण किया गया।
मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्राप्त होने पर तुलेश्वरी के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने कहा कि अब उन्हें कहीं आने-जाने के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा तथा वे अपने दैनिक कार्य आसानी से कर सकेंगी।
उन्होंने शासन की इस संवेदनशील पहल के लिए विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। सुशासन तिहार 2026 के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का त्वरित लाभ पहुंचाकर शासन संवेदनशील एवं जनहितैषी प्रशासन की मिसाल प्रस्तुत कर रहा
रोजगार मेला के माध्यम से युवाओं को मिलेगा रोजगार का अवसर
10वीं से लेकर इंजीनियरिंग, नर्सिंग एवं मेडिकल योग्यताधारी अभ्यर्थी हो सकेंगे शामिल
छत्रपति शिवाजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दुर्ग में होगा आयोजन
रायपुर, संचालक, रोजगार एवं प्रशिक्षण छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग तथा छत्रपति शिवाजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के संयुक्त तत्वावधान में 22 मई 2026, शुक्रवार को जिला स्तरीय रोजगार मेला एवं प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन छत्रपति शिवाजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, शिवाजी नगर दुर्ग में आयोजित होगा।
जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग के उपसंचालक विष्णु कुमार केडिया से प्राप्त जानकारी अनुसार प्लेसमेंट कैम्प के लिए कक्षा 10वीं, 12वीं, स्नातक, स्नातकोत्तर, आईटीआई, डिप्लोमा इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग स्नातक, एएनएम, जीएनएम, नर्सिंग, एमबीबीएस, बीएएमएस, डिप्लोमा पैरामेडिकल सहित विभिन्न योग्यताओं के अनुरूप रिक्तियां प्राप्त हुई हैं।
रोजगार मेला के माध्यम से अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं एवं उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। संबंधित संस्थानों से भी आग्रह किया गया है कि वे अपने विद्यार्थियों को प्लेसमेंट कैम्प की जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि अधिक से अधिक रोजगार इच्छुक युवा इसका लाभ प्राप्त कर सकें।
रोजगार मेला से संबंधित विस्तृत जानकारी www.erojgar.cg.gov.in के रोजगार मेला विकल्प पर उपलब्ध है। इच्छुक अभ्यर्थी अधिक जानकारी हेतु जिला रोजगार कार्यालय दुर्ग से भी संपर्क कर सकते हैं।
20 मई को ओड़ेकेरा में आयोजित होगा समाधान शिविर
जनकल्याणकारी योजनाओं से हितग्राहियों को किया जाएगा लाभान्वित
शिविर के सफल संचालन हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त
रायपुर, विष्णु देव साय की मंशानुरूप शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिले में सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत 1 मई से 10 जून 2026 तक समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद पंचायत जैजैपुर अंतर्गत हायर सेकेंडरी स्कूल ओड़ेकेरा में 20 मई 2026 को समाधान शिविर आयोजित किया जाएगा।
समाधान शिविर में प्रातः 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक आम नागरिकों से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। साथ ही शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाएगा तथा प्राप्त आवेदनों एवं समस्याओं के त्वरित निराकरण की कार्रवाई की जाएगी।
जारी आदेशानुसार जनपद पंचायत जैजैपुर अंतर्गत आयोजित ओड़ेकेरा समाधान शिविर में ग्राम पंचायत ओड़ेकेरा, कुटराबोड़, गाड़ामोर, जमडी, देवरघटा, पिसौद, बरदूली, मुक्ता, हरेठीकला, हरेठीखुर्द, भातमाहूल, रीवाडीह, सेंदरी, हरदीडीह, आमाकोनी, चोरभट्ठी, जर्वे, बहेराडीह, बोईरडीह एवं परसाडीह ग्राम पंचायत क्लस्टर शामिल रहेंगे।
शिविर के सफल संचालन एवं समन्वय हेतु सहायक संचालक उद्यान, जिला सक्ती को ओड़ेकेरा शिविर स्थल का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। सुशासन तिहार 2026 के माध्यम से शासन द्वारा आमजनों की समस्याओं के त्वरित समाधान एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
कक्षा 10वीं एवं 12वीं का परिणाम शत-प्रतिशत
विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर बढ़ाया जिले का गौरव
विद्यालय परिवार में खुशी का माहौल
रायपुर, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, नई दिल्ली द्वारा सत्र 2025-26 के लिए आयोजित कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया, जिसमें जिला सक्ती अंतर्गत जवाहर नवोदय विद्यालय चिस्दा के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शत-प्रतिशत सफलता अर्जित की है। विद्यालय के शानदार परीक्षा परिणाम से विद्यार्थियों, पालकों एवं शिक्षकों में उत्साह का वातावरण है।
विद्यालय में कक्षा 12वीं के कुल 62 विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिनमें 61 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी तथा 1 विद्यार्थी द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। कॉमर्स संकाय में सतीश देवांगन ने 90.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। नीरज महिलांगो ने 89.2 प्रतिशत अंक के साथ द्वितीय स्थान एवं कुनकुना साहू ने 88 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान प्राप्त किया।
विज्ञान संकाय में प्रियाशी चंद्रा ने 87.7 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। हेमलता जायसवाल ने 86.8 प्रतिशत अंक के साथ द्वितीय स्थान तथा जयाशीष सोनी ने 86.7 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान हासिल किया।
इसी प्रकार कक्षा 10वीं में कुल 81 विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिनमें 70 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी एवं 11 विद्यार्थी द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। कक्षा 10वीं में अनुज मिश्रा ने 95.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। हिमांशु सांडे ने 94.8 प्रतिशत अंक के साथ द्वितीय स्थान तथा हेमराज खुटे ने 94 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान हासिल किया।
विद्यालय प्राचार्य अरविंद कुमार जायसवाल ने उत्कृष्ट एवं शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम के लिए सभी विद्यार्थियों, पालकों, शिक्षकों एवं विद्यालय परिवार को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना
कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु आवेदन आमंत्रित
20 जून 2026 तक विद्यालय में जमा किए जा सकेंगे आवेदन पत्र
26 जुलाई को आयोजित होगी चयन परीक्षा
रायपुर, मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना 2026-27 (पूर्व में जवाहर उत्कर्ष योजना) अंतर्गत कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु पात्र छात्र-छात्राओं से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। योजना के अंतर्गत ऐसे विद्यार्थी आवेदन करने के पात्र होंगे, जो छत्तीसगढ़ के मूल निवासी हों तथा अनुसूचित जाति अथवा अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित हों।
योजना के लिए आवेदन करने वाले छात्र-छात्राएं सत्र 2025-26 में छत्तीसगढ़ के किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय में कक्षा 5वीं में नियमित अध्ययनरत हों तथा कक्षा 4थी की परीक्षा में न्यूनतम 80 प्रतिशत अंक अथवा समकक्ष ग्रेड प्राप्त किए हों। इसके साथ ही पालक की वार्षिक आय सभी स्रोतों से 2 लाख 50 हजार रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए।
आवेदन पत्र के साथ पालक का स्वघोषणा पत्र संलग्न करना अनिवार्य रहेगा।
ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत अथवा नगर पंचायत क्षेत्र के विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थी निर्धारित आवेदन पत्र 20 जून 2026 तक अपने विद्यालय में जमा कर सकेंगे। आवेदन पत्र के साथ पालकों की सहमति पत्र, आयकरदाता न होने का प्रमाण पत्र, संस्था का ग्रामीण क्षेत्र में स्थित होने का प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र तथा कक्षा 4थी एवं 5वीं की अंकसूची की छायाप्रति संलग्न करना आवश्यक होगा।
विद्यार्थी जिस जिले का मूल निवासी होगा, उसी जिले में आवेदन करने के लिए पात्र होगा। मूल निवास जिले से भिन्न जिले में प्रस्तुत आवेदन मान्य नहीं किए जाएंगे।
विद्यालय एवं विभागीय स्तर पर होगी आवेदन प्रक्रिया
आदिवासी विकास विभाग जिला सक्ती से प्राप्त जानकारी अनुसार विद्यार्थियों द्वारा आवेदन पत्र 20 जून 2026 तक विद्यालय में जमा किए जाएंगे। विद्यालय प्रमुख द्वारा आवेदन पत्रों का परीक्षण कर 27 जून 2026 तक संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके पश्चात विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा प्राप्त आवेदनों की सूची तैयार कर 30 जून 2026 तक सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, जांजगीर-चांपा कार्यालय में भेजी जाएगी।
योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी www.tribal.cg.gov.in
पर उपलब्ध है।
26 जुलाई को होगी लिखित परीक्षा
योजना अंतर्गत विद्यार्थियों के चयन हेतु 26 जुलाई 2026, दिन रविवार को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। शासन द्वारा संचालित यह योजना अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के प्रतिभावान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
18 से 25 मई तक चलेगा “जनभागीदारी अभियान -
जनजातीय गरिमा उत्सव”
दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंचेंगी शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं
सेवा संतृप्ति, जनसुनवाई एवं जागरूकता कार्यक्रमों का होगा आयोजन
रायपुर, आदिवासी विकास विभाग द्वारा सर्व विभागों के समन्वय से “आदि कर्मयोगी अभियान” अंतर्गत “जनभागीदारी अभियान - जनजातीय गरिमा उत्सव” का आयोजन जिला स्तर पर 18 मई 2026 से 25 मई 2026 तक किया जाएगा। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के मार्गदर्शन में सक्ति जिला में यह अभियान पीएम जनमन एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत चिन्हांकित ग्रामों में संचालित किया जाएगा।
अभियान का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर संचालित आईईसी कैम्पेन “जन भागीदारी – सबसे दूर, सबसे पहले” की थीम के अंतर्गत दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में जनसंपर्क स्थापित कर शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। अभियान के माध्यम से जनजातीय समुदायों को शासन की योजनाओं एवं सुविधाओं से सीधे जोड़ा जाएगा।
अभियान के दौरान सेवा संतृप्ति, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता कार्यक्रम, विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनहितकारी योजनाओं की जानकारी तथा आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत निर्मित सेवा केन्द्रों में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जनसुनवाई के माध्यम से प्राप्त शिकायतों एवं समस्याओं को सूचीबद्ध कर उनके त्वरित निराकरण हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इसके साथ ही अभियान अंतर्गत संचालित समस्त गतिविधियों का प्रगति प्रतिवेदन भी तैयार किया जाएगा, जिससे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं हितग्राहियों तक पहुंच की समीक्षा की जा सके।
कलेक्टर ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता कर इस जनहितैषी अभियान को सफल बनाएं तथा शासन की योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने में सहयोग प्रदान करें।
प्रभारी सचिव हिमशिखर गुप्ता ने वीसी के जरिए परखी जमीनी हकीकत
जिले की प्रगति रिपोर्ट; जल जीवन मिशन, राजस्व मामलों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर रहा विशेष फोकस
रायपुर,सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के प्रभारी सचिव हिमशिखर गुप्ता ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से जिले में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और फ्लैगशिप योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान कलेक्टर ने जिले की वर्तमान प्रगति और क्रियान्वयन की बिंदुवार जानकारी साझा की। इस उच्च स्तरीय वर्चुअल समीक्षा बैठक में जिले के तमाम वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
राजस्व मामलों में तेजी और अधोसंरचना निर्माण के निर्देश
प्रभारी सचिव ने राजस्व कार्यों के त्वरित निराकरण पर जोर देते हुए भू-अभिलेख, भू-अर्जन और डायवर्शन के नक्शा-खसरा को अनिवार्य रूप से ऑनलाइन रिकॉर्ड में अपडेट रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने जिले में निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट, एसडीएम कार्यालय, जिला पंचायत, जिला अस्पताल और ट्राइबल हॉस्टल के जीर्णोद्धार कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।
पेयजल, मनरेगा और ग्रामीण विकास पर फोकस
बैठक में जल जीवन मिशन, जल आवर्धन योजना और मल्टी विलेज पेयजल योजनाओं की समीक्षा की गई ताकि हर घर तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा मनरेगा के तहत रोजगार सृजन, पीएम ग्राम सड़क योजना, स्वामित्व योजना और 'लखपति दीदी' योजना के तहत महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की प्रगति को भी देखा गया।
स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा की पड़ताल
जिले के अस्पतालों में डॉक्टरों की नियुक्ति, सरकारी अस्पतालों में सामान्य प्रसव व ऑपरेशन की संख्या बढ़ाने और बिलाईगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के जीर्णोद्धार पर चर्चा हुई। इसी तरह पीएमश्री स्कूल निर्माण और हाईस्कूल/हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षाओं में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों का ई-केवाईसी (e-KYC) कार्य, किसान सम्मान निधि, एग्रीस्टेक पंजीयन और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं की समीक्षा की गई।
कृषि, आपूर्ति और कानून व्यवस्था की समीक्षा
प्रभारी सचिव ने खरीफ सीजन के मद्देनजर रासायनिक खाद की उपलब्धता व भंडारण की जानकारी ली। साथ ही धान उठाव और भारतीय खाद्य निगम (FCI) में चावल भंडारण की स्थिति का जायजा लिया। जिले में पेट्रोल-डीजल की निर्बाध आपूर्ति, खनिज विभाग की गतिविधियों और डीएमएफ (DMF) राशि से संचालित कार्यों की भी समीक्षा की गई।
प्रभारी सचिव ने जिले में तीन नए कानूनों के क्रियान्वयन, उप जेल की स्थिति, सड़क सुरक्षा, आपराधिक आंकड़ों और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की कड़ाई से समीक्षा की। मुख्यमंत्री घोषणा के कार्यों को समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। इसी तरह जिला खनिज न्यास (DMF) के सहयोग से युवाओं के लिए संचालित तेजस निःशुल्क फ्री कोचिंग, ग्राम सुखापाली की 25 एकड़ शासकीय भूमि पर हो रही सामूहिक अमरूद की विशेष खेती,सपेरा बस्ती के 40 हितग्राहियों के लिए पीएम आवास निर्माण की प्रगति,मकरी दरहा में पहुंच सीसी रोड, लातनाला पर एनीकट निर्माण और जिले के मॉडल आंगनबाड़ियों की स्थिति पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने सम्पूर्ण देश के नक्सलमुक्त होने के ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का हार्दिक अभिनंदन एवं आभार प्रकट किया
यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि यह बैठक बस्तर में आयोजित हो रही है, और बैठक से पूर्व ही पूरा बस्तर नक्सलमुक्त हो चुका है
Whole of the Government Approach के साथ सभी राज्य सरकारों और केन्द्र सरकार के सभी विभागों ने नक्सलमुक्त हुए क्षेत्रों में विकास पहुँचाने का कार्य भी किया
जब तक नक्सलमुक्त क्षेत्रों को विकास के मामले में देश के बाकी क्षेत्रों के समकक्ष नहीं ले आते, तब तक हमारी यह लड़ाई समाप्त नहीं होगी
यह पूरा क्षेत्र न केवल नक्सलमुक्त हुआ है, बल्कि विवादमुक्त भी हुआ है, मध्य क्षेत्र के राज्यों का आपस में एवं केंद्र के साथ कोई विवाद शेष नहीं, यह बहुत बड़ी उपलब्धि है
मोदी जी के नेतृत्व में क्षेत्रीय परिषद की बैठकें संवाद से समाधान का सशक्त मंच बनी हैं, इनमें निरंतरता आई है और इन्हें परिणामदायी बनाया गया है
2004-14 की तुलना में क्षेत्रीय परिषदों की बैठकों में लगभग तिगुनी वृद्धि हुई है, और चर्चित मुद्दों में भी 200% से अधिक की वृद्धि दर्ज हुई है
केन्द्रीय गृह मंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों एवं मुख्य सचिवों से कुपोषण के विरुद्ध भारत सरकार की लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ने का आह्वान किया
स्कूल ड्रॉपआउट दर में कमी, स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार, मिलावटखोरी पर रोक तथा POCSO एवं बलात्कार के मामलों में शत-प्रतिशत दोषसिद्धि दर सुनिश्चित की जाए
अदालतों में पाँच वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों के त्वरित निपटारे हेतु उच्च न्यायालयों को विशेष अदालतें गठित करनी चाहिए
चारों राज्य केन्द्रीय गृह मंत्रालय के प्रारूप के अनुरूप 1930 साइबर सुरक्षा हेल्पलाइन के कॉल सेंटर को अपडेट करें
जिस प्रकार हमने देश को नक्सलवाद से मुक्त किया है, उसी प्रकार 3 वर्ष में हर आपराधिक मुकदमे को सुप्रीम कोर्ट तक अंजाम देने का लक्ष्य 2029 से पूर्व पूरा करना है
रायपुर : केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी सहित इन सदस्य राज्यों और केन्द्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। यह बैठक केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत अंतर-राज्य परिषद सचिवालय द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार की मेज़बानी में आयोजित की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि यह बहुत हर्ष का विषय है कि यह बैठक बस्तर में आयोजित की जा रही है और इससे पहले ही आज पूरा बस्तर नक्सल मुक्त हो गया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि आज भारत के नक्सल मुक्त होने का संपूर्ण श्रेय हमारे सुरक्षाबलों के जवानों के परिश्रम और बहादुरी को जाता है। हमारी एजेंसियों ने बहुत सटीकता के साथ इनपुट एकत्र किए, सभी राज्यों के पुलिसबलों और केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के साथ मिलकर हर इनपुट पर सटीक कार्रवाई करने से संबंधित समयबद्ध निर्णय किए। इसके साथ ही Whole of the Government Approach के साथ सभी राज्य सरकारों और केन्द्र सरकार के सभी विभागों ने नक्सलमुक्त हुए क्षेत्रों में विकास को पहुंचाने का काम किया।
श्री अमित शाह ने कहा कि हमारी लड़ाई समाप्त नहीं हुई है क्योंकि नक्सल प्रभावित क्षेत्र लगभग पांच दशक से विकास की दौड़ में पिछड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक इन क्षेत्रों को विकास के मामले में देश के बाकी क्षेत्रों के समकक्ष नहीं ले आते, तब तक हमा
260 खिलाड़ी ले रहे 8 खेलों का प्रशिक्षण, खेल के साथ योग और सामान्य ज्ञान पर भी जोर
रायपुर, जिला प्रशासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयास से बीजापुर में आयोजित 15 दिवसीय ग्रीष्मकालीन खेल शिविर में बच्चों की खेल प्रतिभाओं को नई दिशा मिल रही है। एजुकेशन सिटी में आयोजित इस आवासीय शिविर में जिले के दूरस्थ क्षेत्रों से आए बच्चे उत्साह के साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
कलेक्टर श्री विश्वदीप और जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नम्रता चौबे के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीण और सुदूर अंचलों के बच्चों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर उनकी खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना है।
शिविर में जिले के चारों विकासखंडों से आए 260 खिलाड़ी शामिल हैं। बीजापुर स्पोर्ट्स अकादमी के प्रशिक्षकों द्वारा बच्चों को दो पालियों में वालीबाल, फुटबॉल, सॉफ्टबॉल, तीरंदाजी, बैडमिंटन, तैराकी, एथलेटिक्स और कबड्डी सहित 8 खेलों का नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को खेलों के नियम, अनुशासन, फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली की जानकारी भी दी जा रही है। प्रतिदिन योग सत्र आयोजित कर बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
खेल गतिविधियों के साथ बच्चों को सेंट्रल लाइब्रेरी में सामान्य ज्ञान और शैक्षणिक गतिविधियों से भी जोड़ा जा रहा है, ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके।
शिविर में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगे चलकर स्पोर्ट्स अकादमी में प्रवेश देकर विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह ग्रीष्मकालीन खेल शिविर बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना भी विकसित कर रहा है।
ग्रामीणों तक पहुंचीं शासकीय योजनाएं, शिविर में ही हुआ समस्याओं का समाधान
रायपुर,सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत एर्राबोर में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ शिविर ग्रामीणों के लिए राहत और खुशियों का केंद्र बन गया। कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त किया।
शिविर का उद्देश्य शासन की योजनाओं और सेवाओं को सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाना था। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर उपस्थित रहकर लोगों की समस्याएं सुनीं और त्वरित समाधान की प्रक्रिया शुरू की।
शिविर में विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र वितरित किए गए। वहीं गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और 6 माह के बच्चों का अन्नप्राशन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इससे कार्यक्रम में सामाजिक और मानवीय जुड़ाव का वातावरण देखने को मिला।
ग्रामीणों की सुविधा के लिए शिविर में राशन कार्ड ई-केवाईसी, महतारी वंदन योजना ई-केवाईसी, नया आधार कार्ड पंजीयन एवं अपडेट, बी-1 और किसान किताब वितरण तथा एग्री स्टेक पंजीयन जैसी जरूरी सेवाएं भी मौके पर उपलब्ध कराई गईं।
शिविर के दौरान विभिन्न विभागों को कुल 250 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें पंचायत विभाग के 165, कृषि विभाग के 22, विद्युत विभाग के 14 तथा राजस्व और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 11-11 आवेदन शामिल रहे। सभी आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
कार्यक्रम में स्थानीय सरपंच श्रीमती लक्ष्मी कट्टम, पूर्व सरपंच, पंचगण, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सुशासन तिहार के माध्यम से प्रशासन और ग्रामीणों के बीच विश्वास और सहभागिता को नई मजबूती मिली है।