मध्य प्रदेश

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ग्वालियर. दीपावली (Diwali 2019) से पहले लोग घर की साफ-सफाई करते हैं. लेकिन त्योहार के उमंग में अपने शहर की गंदगी को भूल जाते हैं. यही वजह है कि त्योहार (Festival) के दूसरे दिन शहर की सड़कों पर गंदगी का अंबार दिख ही जाता है. ग्वालियर के भाजपा (BJP) सांसद विवेक नारायण शेजवलकर (Vivek Narayan Shejwalkar) को इससे बड़ी तकलीफ होती है. इसलिए दिवाली के दूसरे दिन सोमवार की सुबह शेजवलकर झाड़ू लेकर निकल पड़े और कई इलाकों की सफाई कर डाली. सांसद को झाड़ू लगाता देख कई स्थानीय लोग भी बाद में साथ आ गए.

गौरतलब यह है कि शेजवलकर 10 साल तक ग्वालियर के मेयर (Mayor of Gwalior) भी रहे हैं. मेयर रहते हुए ही उन्होंने दिवाली के दूसरे दिन सफाई की परंपरा शुरू की थी. वे मेयर से सांसद हो गए, लेकिन त्योहार के बाद शहर में गंदगी फैलने की 'आदत' नहीं बदल सकी. लिहाजा इस साल भी शेजवलकर को झाड़ू उठानी पड़ी.

सुबह 7 बजे ही टीम के साथ पहुंचे महाराज बाड़ा

ग्वालियर के सांसद विवेक शेजवलकर सोमवार की सुबह करीब 7 बजे ही अपनी टीम के साथ शहर के बाजारों की सफाई करने निकल पड़े. भाजपा सांसद सबसे पहले महाराज बाड़ा पहुंचे और पूरे इलाके की सफाई की. महाराज बाड़ा के बाद सर्राफा बाजार इलाके में भी सांसद और उनकी टीम ने झाड़ू लगाई. शेजवलकर ने अपनी टीम के साथ करीब 4 घंटे तक विभिन्न बाजारों की सफाई की. महाराजा बाड़ा, सर्राफा बाजार और दौलतगंज बाजार में सांसद और उनकी टीम के साथ-साथ कई स्थानीय लोगों ने भी साफ-सफाई की.
सफाई की परंपरा को निभाया
विवेक शेजवलकर करीब 10 साल तक ग्वालियर के महापौर रहे हैं. इस पद पर रहते हुए ही उन्होंने दीपावली के दूसरे दिन सुबह होते ही बाजारों की सफाई करने की परंपरा शुरू की थी. अब सांसद बनने के बाद भी उन्होंने इस सिलसिले को बरकरार रखा. यह अलग बात है कि इस साल उन्होंने अपने सफाई अभियान को प्रदूषण-मुक्ति का नाम दिया. ग्वालियर के विभिन्न बाजारों की सफाई के बाद न्यूज 18 के साथ बातचीत में सांसद विवेक शेजवलकर ने कहा कि दीपावली पर प्रदूषण बढ़ता जा रहा है. सिर्फ कानून सख्त होने से ही प्रदूषण नहीं रुकेगा. इसके लिए जनता को भी जागरूक करना पड़ेगा.
 

जबलपुर. मल्टीप्लेक्स (Multiplex) के जमाने में अगर कोई शहर वापस 70 एमएम सिंगल पर्दे (70 mm Cinema Screen) के दौर में लौट आए तो इसे इत्तेफाक न समझें. मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर (Jabalpur) में कुछ ऐसा ही होने जा रहा है. जिस शहर में किसी जमाने में 2 दर्जन से भी ज्यादा सिनेमाघर (Cinema Hall) हुआ करते थे, वहां आज किसी का भी नामो निशान नहीं बचा है. शहर का आखिरी सिनेमा-हॉल ज्योति मार्च 2017 के बाद बंद कर दिया गया. लेकिन जबलपुर में एक बार फिर सिनेमा-हॉल का वह पुराना दौर आने वाला है. 70 साल पहले 1950 में खुला शारदा टॉकीज (Sharda Talkies), जो बंद हो गया था, एक बार फिर शुरू किया गया है. यहां 70 एमएम सिंगल पर्दे पर अब आप नई फिल्में देख सकेंगे.

नए नवेले अंदाज में शुरू हुई टॉकीज

70 एमएम सिंगल पर्दे का दौर, कभी शहरों में मनोरंजन का एकमात्र जरिया हुआ करता था. फिल्म के एक-एक सीन पर दर्शकों का सीटी बजाना, या इमोशनल सीन पर भावुक हो जाना, ये तमाम बातें आज के दौर में सिर्फ यादें बनकर रह गई हैं. जबलपुर में यादों के उसी सुनहरे दौर में लोगों को फिर से ले जाने के लिए सिंगल-स्क्रीन सिनेमा-हॉल की शुरुआत की गई है. जबलपुर में बनी 70 साल पुरानी शारदा टॉकीज अब नए नवेले रूप में फिर तैयार है दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए. हॉल के संचालकों ने बताया कि यहां दर्शकों को बॉलीवुड की तमाम फिल्में देखने को मिलेंगी. कई सालों से जर्जर हो चुकी टॉकीज को अब नया स्वरूप और परिवेश दिया गया है. संचालकों ने कहा कि कहने को यहां सिंगल पर्दा ही है, लेकिन दर्शकों के लिए आधुनिक सुविधाएं भी हैं.
शो की टाइमिंग भी रहेगी पुरानी

शारदा टॉकीज के दोबारा शुरू होने की खबर से जबलपुर के सिने-प्रेमियों में उत्साह का माहौल है. सिनेमा-हॉल में भीड़ जुटने लगी है. कई लोग तो बच्चों को टॉकीज दिखाने ला रहे हैं और पुरानी यादें ताजा कर रहे हैं. शारदा टॉकीज़ के बाहर फिल्म के शो की टाइमिंग की सूचना देने को एक कर्मचारी भी तैनात किया गया है. संचालकों ने बताया कि हॉल में पुराने ढर्रे पर यानी 12 से 3, 3 से 6, 6 से 9 और 9 से 12 के शो चलेंगे. शारदा टॉकीज के संचालक ने कहा कि मल्टीप्लेक्स में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए फिल्म देखना आसान नहीं होता. इसलिए उनका मकसद है कि इस हॉल में सभी वर्गों के लोग फिल्में देखें. उन्होंने बताया कि हॉल में टिकट दरें भी सस्ती होंगी.

इंदौर:  मध्यप्रदेश के इंदौर में तड़के सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, इस हादसे में छह लोगों की मौत हो गई जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दरअसल, शहर के तेजाजी नगर में एक तेज रफ्तार कार सामने से आ रही दूसरी कार से टकरा गई, जिससे दोनों कारें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस हादसे में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, पांच लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

भोपाल: मध्य प्रदेश ( Madhya Pradesh) के सरकारी कर्मचारियों का केंद्रीय कर्मचारियों के समान 5 फीसदी महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) बढ़ाने का फैसला फिलहाल टल गया है. इस संबंध में अगले महीने फैसला हो सकता है. बताया जा रहा है कि सीएम कमलनाथ (Kamal Nath) की वित्त विभाग (Finance Department) के अधिकारियों के साथ बैठक हुई. 

जानकारी के मुताबिक, बैठक में वित्त विभाग की ओर से प्रदेश की खराब आर्थिक हालत की जानकारी दी गयी, जिसके बाद अब अगले महीने महंगाई भत्ता बढ़ाने पर फैसला हो सकता है.

कर्मचारी संगठन केंद्र सरकार के कर्मचारियों के समान बढ़ा हुआ डीए देने की मांग लगातार सरकार से कर रहा है. दिवाली के पहले डीए देने की मांग कर्मचारी संगठनों ने की थी लेकिन उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है. बैठक में कहा गया कि राज्य सरकार यदि कर्मचारियो को 5 फीसदी डीए देती है तो हर महीने सरकार को 227 करोड़ रुपये की अतिरिक्त खर्च पड़ेगा.
यह राशि सालभर में 2750 करोड़ रुपये होगी और सरकार की माली हालत खस्ता होने के कारण अब डीए मिलना खटाई में पड़ गया है. हालांकि, अखिल भारतीय सेवा के IAS, IPS, IFS अधिकारियों को केंद्र के समान बढ़ा हुआ 5 प्रतिशत डीए देने के आदेश हो गए है. बैठक में 1 जुलाई 2019 से 12 प्रतिशत के स्थान पर 17 प्रतिशत डीए देने के आदेश हो गए है.

राज्य शासन द्वारा शासकीय कर्मचारियों, पेशनरों तथा दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का व्यापक हित देखते हुए वेतन, पेंशन तथा पारिश्रमिक का भुगतान दीपावली पूर्व करने का निर्णय लिया गया था। वित्त विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार दो दिवस पूर्व लिए गए इस निर्णय के परिपालन में लगभग 2 लाख 90 हजार कर्मचारियों को वेतन भुगतान किया जा चुका है। एक लाख 30 हजार कर्मचारियों को भुगतान की प्रक्रिया जारी है। कुल 60 हजार में से लगभग 32 हजार नेमेत्तिक कर्मचारियों को भी भुगतान हो चुका है। शेष प्रक्रियारत हैं। पेंशनरों का भुगतान बैंकों द्वारा उनके खाते में किया जा रहा है।
वेतन भुगतान के लिए सीमित अवधि में अधिक कार्य से संचालनालय कोष एवं लेखा के सेन्ट्रल सरवर की गति अपेक्षाकृत धीमी रहने के बावजूद भी लगभग 80 प्रतिशत से अधिक का वेतन भुगतान किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि वेतन आहरण प्रक्रिया के लिए सामान्यत: पाँच कार्य दिवस का समय नियत है। संबंधित कार्यालयों द्वारा वेतन देयक जनरेट कर कोषालयों को प्रेषित किये जाते हैं। कोषालय द्वारा परीक्षण उपरांत वेतन का ऑनलाईन भुगतान कर्मचारियों के बैंक खाते में किया जाता है। संचालनालय कोष एवं लेखा द्वारा इस कार्य की लगातार मॉनीटरिंग के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इन्दौर। इन्दौर जिले में डायवर्सन सहित अन्य राजस्व बकाया वसूली के लिये शिविर लगाये जायेगें। जिले में बैंकों द्वारा दिये गये ऋण की वसूली के लिये ब्रिस्क योजना के तहत विशेष ध्यान दिया जायेगा। ब्रिस्क योजना में बकाया ऋण वसूली पर संबंधित वसूलीकर्ता राजस्व अधिकारियों को प्रोत्साहन स्वरूप राशि ‍मिलती है।
यह जानकारी आज यहाँ कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जाटव द्वारा ली गई राजस्व समीक्षा बैठक में दी गई। बैठक में अपर कलेक्टर श्री दिनेश जैन, श्री कैलाश वानखेड़े, श्री पवन जैन, श्री अजय देव शर्मा, श्री बी.बी.एस तोमर सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अन्य राजस्व अधिकारी मौजूद थे। बैठक में कलेक्टर श्री जाटव ने अधिकारीवार राजस्व प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा की।
बैठक में उन्होने जिले के राजस्व अधिकारियों द्वारा गत महिनों में राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिये किये गये कार्यों की सराहना की। उन्होने कहा कि अधिकारियों ने इस अवधि में राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिये उल्लेखनीय काम किये है और लंबित प्रकरणों की संख्या को कम किया है। उन्होने आगे भी इसी तरह कार्य करते रहने के निर्देश दिये। उन्हाने कहा कि राजस्व प्रकरणों का निराकरण हमारा मूल दायित्व है। राजस्व प्रकरण हर-हाल में समय-सीमा में निराकृत हों। सभी राजस्व प्रकरण पोर्टल पर दर्ज हो। ऐसे प्रकरण जिनमें सुनवाई हो चुकी है, उनमें तुरंत आदेश जारी किये जाये। सुनवाई के पश्चात कोई भी प्रकरण आदेश के लिये लंबित नहीं रखा जाये।
बैठक में उन्होने कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने अधिनस्थ न्यायालयों और कार्यालयों का रोस्टर के अनुसार निरीक्षण  करें। निरीक्षण प्रतिवेदन पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाये। कार्यालयों में आने वाले प्रत्येक राजस्व प्रकरण उसी दिन पोर्टल में दर्ज हो। उन्होने नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी, ब्रिस्क आदि राजस्व गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की।
बैठक में कलेक्टर श्री जाटव ने निर्देश दिये कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिये चलाये जा रहें “हैप्पी न्यू ईयर-2020, शून्य शक्ति अभियान” का प्रभावी क्रियांवयन किया जाये। अभियान के दौरान सभी पटवारी 31 अक्टूबर तक जिले के सभी गांवों में जायें। वहाँ नागरिकों से सीधा संवाद करें। खसरा, खतौनी का वाचन करें। गांव में ही ग्रामीणों से लंबित राजस्व प्रकरणों के आवेदन लें। आवेदनों का निराकरण कर गांव में ही जाकर उनके द्वारा किये गये कार्यों की जानकारी लें। बताया गया कि इस अभियान के अंतर्गत 21 अक्टूबर से लेकर अभी तक लगभग 2700 आवेदन नामांतरण, बंटवारा, अभिलेख में सुधार और ऋण पुस्तिका संबंधी प्राप्त हो चुके है। कलेक्टर ने निर्देश दिये है कि अभियान के अंतर्गत प्राप्त सभी प्रकरणों को पोर्टल में अनिवार्य रूप से दर्ज कर उनका शत्-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया जाये।

इन्दौर । दीपावली के पांच दिवसीय उत्सव की अगवानी में आज अग्रवाल नगर के अनेक परिवारों ने अपने घर-आंगन में रंगोली बनाकर त्यौहारों की अगवानी की। अग्रवाल समाज केंद्रीय समिति के अध्यक्ष गोविंद सिंघल ने बताया कि आज से प्रतिदिन त्यौहारों के अनुरूप रंगोली बनाई जाएगी। आज से प्रारंभ इस श्रृंखला में संतोष, अंजलि एवं तृप्ति सिंघल द्वारा आकर्षक रंगोली बनाई गई जिसका अवलोकन समाज के अनेक बंधुओं ने किया।

इन्दौर । श्री गणपति मंदिर खजराना प्रबंध समिति द्वारा दीपावली के लिये विशेष गिफ्ट पैक “एक में अनेक सौगात” तैयार कराया गया है। यह गिफ्ट पैक आम नागरिकों के लिये बिक्री हेतु मंदिर में उपलब्ध है।
दर्शनार्थियों को दीपावली पर अपने स्नेहजन को प्यार व भगवान का आशीर्वाद की कामनाओं को पूर्ण करने का एक और प्रयास मंदिर समिति द्वारा किया जा रहा है। “एक में अनेक सौगात” नामक यह गिफ्ट पैक मंदिर समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जाटव के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है। यह मंदिर के विक्रय काउण्टरों पर उपलब्ध है।  अपने प्रिय, स्नेहजन तक अपनी शुभकामनाएं भेजने हेतु इस गिफ्ट पैक में भगवान श्री गणेश खजराना की छवि आकृति का शुद्ध चांदी का 10 ग्राम का सिक्का, रक्षा सूत्र, 500 ग्राम ड्रायफूड (काजू, किशमिश, बादाम,अखरोट, अंजीर) भगवान की प्रतिकृति के साथ "गणेशस्तोत्ररत्नाकर' की पुस्तक के साथ ही भगवान गणेश के प्रिय शुद्ध घी के लड्डू शामिल है। प्रशासक एवं कमिश्नर नगर पालिक निगम श्री आशीष सिंह ने बताया कि इस गिफ्ट पैक के लिए धनतेरस 25 अक्टूबर 2019 से इसके विक्रय के निर्देश दिये गये हैं।
दर्शनार्थियों को अधिक से अधिक सुविधा प्राप्त हो इसी तारतम्य में जैविक शुद्ध घी, बेसन तथा शक्कर से निर्मित से तैयार लड्डूओ का विक्रय भी मंदिर प्रबंधन की दुकानों से गणेश चतुर्थी के अवसर पर प्रारम्भ किया गया है, जिसका लाभ दर्शनार्थियों ने भरपूर लिया है, जिसकी भी भारी मांग दर्शनार्थियों द्वारा की जा रही है। शुद्ध चांदी के 10 ग्राम के सिक्के का विक्रय भी गणेश चतुर्थी से प्रारम्भ किया गया है। अब तक जैविक लड़्डू आठ सौ किलो का विक्रय हो चुका है। चांदी के सिक्के पॉच सौ विक्रय हो चुके है। दीपावली गिफ्ट पैक का मूल्य 1250 रूपये है। चांदी के सिक्के 600 रूपये एवं जैविक लड्डू 360 रूपये प्रति किलो के मान से श्री गणपति मंदिर खजराना प्रबंध समिति के विकय काउण्टरों व दान काउण्टरों पर उपलब्ध रहेगा।

इन्दौर । कृषि उत्पादन आयुक्त श्री प्रभांशु कमल की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कृषि उत्पादन संबंधी बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर कृषि से जुडे अधिकारियों को सम्बोधित करते हुये श्री कमल ने कहा कि किसान पराम्परागत खेती के साथ उद्यानिकी फसल और डेयरी उत्पादन पर विशेष जोर दें। डेयरी उत्पादन से लागत से चार गुना अधिक लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिये किसानों को फल, सब्जी, मसाला और फूलों की खेती तथा डेयरी उद्योग पर विशेष जोर देना होगा। उद्यानिकी और डेयरी के लिये राज्य शासन द्वारा अनुदान और बैंकों द्वारा ऋण भी प्रदान किया जाता है। मगर जागरूकता की कमी के कारण किसान डेयरी उद्योग की तरफ कम ध्यान दे रहे है। बैठक में संभागायुक्त श्री आकाश त्रिपाठी, आयुक्त उद्यानिकी श्री एम कालीदुरई, प्रबंध संचालक एम. एग्रो श्री आलोक सिंह सहित इन्दौर संभाग के सभी कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में श्री कमल ने कहा कि खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिये नगदी फसल पर विशेष ध्यान देने के जरूरत है। केला, गन्ना, मिर्ची, कपास, पपीता, आम, सुरजना की फली, सीता फल, मूंगफली आदि की खेती पर विशेष जोर देने की जरूरत है। मैग्नीफिसेंट मध्यप्रदेश-2019 के निवेश सम्मेलन में 25 प्रतिशत उद्योगपतियों ने इन्दौर संभाग में खाद्य प्रसंकरण उद्योग लगाने पर सहमति व्यक्त की है। बढ़ती आबादी और गिरते भू-जल स्तर को देखते हुये राज्य और केन्द्र सरकार ड्रिप  और इंस्पिंकुलर  पर जोर दे रही है। ड्रिप और इंस्पिंकुलर इरिगेशन के व्यापक प्रसार-प्रसार के लिये हर साल हर जिले में संगोष्ठी आयोजित की जाये। इन्दौर संभाग के हर जिले में इन्दौर को छोड़कर शेष जिलों में कम से कम पाँच पाँच शीतगृह खोले जाये, जिससे किसानों को फल और सब्जी आलू तथा प्याज संरक्षण करने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव पशु पालन विभाग श्री मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश में विशेष मुहिम चलाकर किसानों को पशु पालन के महत्व को समझाया जाये। फसल उत्पादन की तुलना में पशु पालन से चार गुना अधिक लाभ मिलता है। प्रदेश में गाय, भैंस, बकरी और मुर्गी पालन व्यवसाय की विस्तार की व्यापक संभावनायें है। राज्य शासन इस दिशा में विशेष प्रयास कर रहा है। राज्य शासन द्वारा पशुओं के इलाज के लिये बेहतर सुवधाएं मुहैया कराई जायेंगी।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय में डेयरी उद्योग का बहुत बड़ा योगदान है। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन हर वर्ष 8.12 प्रतिशत वद्धि दर्ज की गई है। देश में दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश का छठा स्थान है। प्रदेश में कुल अण्डा उत्पादन 2 हजार 43 मिलियन है तथा अण्डा उत्पादन के क्षेत्र में प्रदेश का राष्ट्र में 12वाँ स्थान है। अण्डे की प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष  उपलब्धता राष्ट्रीय स्तर पर 77 है तथा प्रदेश स्तर पर 26 है। प्रदेश का गौवंश में राष्ट्र में प्रथम तथा गैस वंश में पाँचवें स्थान पर है। समग्र रूप से गौ-भैंस वंशीय पशुओं में द्वितीय स्थान है।
बैठक में बताया गया कि इन्दौर सहकारी दुग्ध संध की स्थापना 1982 में की गई। मुख्य डेयरी संयंत्र संसाधन क्षमता 4 लाख प्रतिदिन लीटर है। दुग्ध शीतकेन्द्र की क्षमता 1 लाख 28 हजार लीटर प्रतिदिन है। मक्खन और घी दुग्ध उत्पादन 8 मैट्रिक टन है। दुग्ध चूर्ण संयंत्र की क्षमता 12 मैट्रिक टन है। इन्दौर दुग्ध सहकारी संघ को आईएसओ-9001,15001,22001 प्रमाण-पत्र प्राप्त है। इस सहकारी संघ क्षेत्र का कार्य क्षेत्र में इन्दौर संभाग के सभी जिले और देवास शामिल है।
बैठक में उद्यानिकी, डेयरी और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

इन्दौर । भारत सरकार के कार्मिक व प्रशिक्षण प्रंबध विभाग की सभी के लिए प्रशिक्षण योजना के तहत् आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी भोपाल के माध्यम से  संभागायुक्त श्री आकाश त्रिपाठी जी के निर्देशन में इन्दौर संभाग के विभिन्न शासकीय कार्यालयों में नियुक्त कर्मचारियों को 12 दिवस का प्रशिक्षण आयोजित किया गया ।
इस प्रशिक्षण के संयोजक व नोडल अधिकारी डाँ.मनोहर दास सोमानी ,प्राध्यापक , माता जीजाबाई शासकीय स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय ,इन्दौर को संभाग आयुक्त के द्वारा नियुक्त किया गया, व प्रशिक्षण के लिए प्राचार्य डाँ. सुमित्रा वास्केल को संपूर्ण दायित्व हेतु म.प्र. शासन के द्वारा निर्देश दिए।
इस प्रशिक्षण में सहभागी सभी कर्मचारियों को विभिन्न प्रशासनिक कार्य प्रणाली के साथ साथ योगा, चिकित्सा निदान मानवीय व नैतिक मूल्यों का भी प्रशिक्षण दिया गया ।
इसी क्रम में आज इसका समापन समारोह डाँ. रेणु जैन,   कुलपति देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ,इन्दौर के मुख्य आतिथ्य, उपायुक्त श्रीमती सपना सोलंकी शिवाले के विशेष अतिथि व प्राचार्य डाँ. सुमित्रा वास्केल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ ।
इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त प्रशिक्षण से बहुत नवीनतम जानकारियों से नई ऊर्जा मिलने व इसे उनके लिए उपयोगी बताया व भविष्य में इस प्रकार के प्रशिक्षण लगातार करने के लिए कहा व आयोजकों से अपनी बात शासन तक पहुँचाने की अपील की ।
प्रतिभागियों की ओर से श्री अंशुल कानूनगो, सुश्री संध्या कुलकर्णी, सुश्री रश्मि सोलंकी व सुश्री हर्षिता निंगवाल ने अपने अनुभव सुनाये एवं प्रशिक्षण उनके दैनिक कार्यों में बहुआयामी  पथ प्रदर्शन करेगा व कार्यलीयन व समाजिक दायित्वों के मध्य समायोजन कर समय व तनाव प्रबंधन की महत्वपूर्ण कड़ी होगा जिसेस उनके भावी जीवन में कौशल का विकास भी होगा।
कुलपति ने अपने उद्बोधन में प्रशिक्षण को बहुत उपयोगी बताते हुए कहा कि भविष्य में विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के लिए भी इस प्रकार के प्रशिक्षण आयोजित किए जायेंगे।
प्राचार्य डॉ. सुमित्रा वास्केल ने प्रशिक्षणार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना व्यक्त कर भविष्य में इस दौरान अर्जित प्रशिक्षण के ज्ञान को सकारात्मक कार्य में उपयोग करने की प्रेरणा दी।
उपायुक्त सुश्री सपना सोलंकी शिवाले ने भी अपनी शुभकामनाएं देते हुए अपने कार्य को ईमानदारी से व पूरी निष्ठा से करने के लिए प्रेरित किया।
संयोजक व नोडल अधिकारी  डाँ. एम.डी. सोमानी  ने प्रशिक्षण के दौरान संचालित विभिन्न गतिविधियों की विस्तार से जानकारी प्रस्तुत की ।संचालन महाविद्यालय की प्राध्यापिका डाँ. सुषमा शर्मा ने किया।
अतिथियों का स्वागत महाविद्यालय की प्राचार्या डाँ. सुमित्रा वास्केल, संयोजक डाँ. एम.डी. सोमानी  व प्रतिभागियों ने किया।

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