मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश (9785)

हनी ट्रैप मामले में चल रहे डीजीपी और डीजी विवाद में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोमवार को डीजीपी वीके सिंह को तलब किया। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री ने डीजीपी सिंह से मामले कीर पूरी जानकारी ली है। माना जा रहा है कि खुद इस मामले को देख रहे मुख्यमंत्री कमलनाथ दोनों पक्षों को सुनने के बाद किसी एक के खिलाफ कार्रवाई करने का कदम उठा सकते हैं। 

 बता दें कि हनी ट्रैप मामले में डीजीपी वीके सिंह और स्पेशल डीजी पुरुषोत्तम शर्मा के बीच विवाद हुआ था। विवाद के बाद स्पेशल डीजी ने डीजीपी को हनी ट्रैप मामले की जांच से हटाने की मांग करते हुए आईपीएस एसोसिएशन को एक पत्र भी लिखा था। 

स्पेशल डीजी ने पत्र में लिखा था, 'मुझे अत्यधिक दुख व पीड़ा है कि हमारे संस्कार इतने निचले स्तर तक आ गए हैं कि एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपने मातहत वरिष्ठ अधिकारी की इज्जत उछाल दी। इस व्यवहार से पूरे विभाग की बेइज्जती हुई। मेरा निवेदन है कि डीजीपी वीके सिंह के इस कृत्य की भर्त्सना हो और भविष्य में ऐसे मामले दोबारा न हो, इसकी भी व्यवस्था की जाए।'

दोनों अधिकारियों के बीच झगड़े के तार गाजियाबाद में किराए पर लिए गए एक फ्लैट से जुड़े हैं। इस फ्लैट को इस महीने स्पेशल डीजी पुरुषोत्तम शर्मा ने लिया था। लेकिन, डीजीपी वीके सिंह ने इस फ्लैट को खाली करा लिया। आरोप है कि ऐसा फ्लैट के हनी ट्रैप से जुड़े होने की वजह से किया गया था। अपना नाम हनी ट्रैप में घसीटे जाने से डीजी नाराज हो गए और डीजीपी के विरोध में कदम उठा लिया।

मध्य प्रदेश के दर्जनों राजनेताओं और अन्य हस्तियों को अपने जाल में फंसाकर उनके आपत्तिजनक वीडियो तैयार करने के चर्चित हनी ट्रैप मामले में स्थानीय अदालत ने सभी पांचों महिला आरोपियों को मंगलवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
 
कोर्ट ने पुलिस रिमांड बढ़ाने की मांग खारिज कर दी। इधर, महिला आरोपियों के वकीलों का कहना है पुलिस के पास कुछ नही है। पुलिस अंधेरे में तीर चला रही है। उनका कहना है कि पुलिस के पास कुछ भी नहीं है। पुलिस केवल हाथ-पैर मार रही है। पूरा मामला टांय-टांय फिस्स हो गया है। कोर्ट ने सभी पांच महिलाओं को जेल भेज दिया है। 

पुलिस हिरासत की अवधि पूरी होने के बाद आरती दयाल, मोनिका यादव, श्वेता विजय जैन, श्वेता स्वप्निल जैन और बरखा सोनी को प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट (जेएमएफसी) मनीष भट्ट के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने पांचों आरोपियों को 14 अक्टूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

वकील का आरोप- महिलाओं के साथ पुलिस ने की मारपीट

आरोपियों में शामिल श्वेता विजय जैन के वकील धर्मेन्द्र गुर्जर ने संवाददाताओं से पुलिस पर आरोप लगाया कि पूछताछ के दौरान उन्होंने उनकी मुवक्किल के साथ मारपीट की और उसे इस कदर मानसिक रूप से परेशान किया कि उसने शौचालय में कांच से अपनी कलाई काट ली।

गुर्जर ने दावा किया कि तथाकथित हनी ट्रैप मामले में पुलिस के पास कोई ठोस सबूत नहीं है। दरअसल, यह मामला पुलिस के गले की हड्डी बन चुका है।

आरोपों को किया गया खारिज 

इस बीच, जिला अभियोजन पदाधिकारी मोहम्मद अकरम शेख ने बचाव पक्ष के वकील के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस हिरासत में किसी भी आरोपी को शारीरिक या मानसिक रूप से प्रताड़ित नहीं किया गया।

उन्होंने बताया कि एक स्थानीय अस्पताल में पांचों महिला आरोपियों की मेडिकल जांच के बाद ही उन्हें अदालत में पेश किया गया था।

19 सितंबर को हुआ था मामले का खुलासा

मालूम हो कि इंदौर नगर निगम के एक आला अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने 19 सितंबर को हनी ट्रैप गिरोह का औपचारिक खुलासा किया था। गिरोह की पांच महिलाओं और उनके चालक को भोपाल और इंदौर से गिरफ्तार किया गया था।

जांचकर्ताओं को संदेह है कि इस गिरोह ने महिलाओं का इस्तेमाल कर राजनेताओं और नौकरशाहों समेत कई रसूखदारों को जाल में फंसाया और इन लोगों से धन उगाही के अलावा अपनी अलग-अलग अनुचित मांगें जबरन पूरी कराई।

पासपोर्ट सुरक्षित तरीके से न रखने पर एक व्यक्ति को सजा मिली है। उसने पासपोर्ट अधिकारी को जानकारी दी कि नौकरानी ने पासपोर्ट को उसके कपड़ों के साथ रखकर वॉशिंग मशीन में डालकर धो डाला। 

 अदालत ने मामले को सुनने के बाद लापरवाही बरतने के लिए पांच हजार का जुर्माना भरने का आदेश दिया। जिसके बाद आवेदक ने भी अपनी गलती मानते हुए जुर्माना भर दिया। जिसके बाद अदालत ने आवेदक का दूसरा पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया। 

 
दरअसल, आवेदक ने बताया कि उसे जरूरी काम से विदेश जाना था। वह वीजा लगवाने के लिए दिल्ली गया, जहां वह अपने दोस्त के घर ठहरा। पासपोर्ट उसके पैंट में रखा हुआ था। दोस्त के यहां उसकी नौकरानी ने बिना पूछे ही पैंट को वॉशिंग मशीन में डाल दिया। जिससे पैंट में रखा पासपोर्ट भी धुल गया।

जिसके बाद इस मामले में पासपोर्ट कार्यालय ने पासपोर्ट रखने में लापरवाही बरतने का दोषी पाते हुए आवेदक पर पांच हजार का जुर्माना लगाया। आवेदक के जुर्माना भरने के बाद अधिकारी ने उन्हें डैमेज कैटेगरी में पासपोर्ट के लिए आवेदन करने को कहा। 

मध्यप्रदेश के सतना जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर अमरपाटन कस्बे में सफेद रंग की एसयूवी में आए बदमाश बृहस्पतिवार- शुक्रवार की रात 29 लाख रुपयों से भरा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) का एटीएम उखाड़ कर साथ ले गए। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है।
 
अमरपाटन पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक आर पी मिश्रा ने बताया कि चोर सहारा बैंक के निकट एसबीआई एटीएम की मशीन एवं उसमें भरे 29 लाख रुपये लेकर फरार हो गए। उन्होंने बताया कि सुबह जब आसपास के लोगों ने एटीएम केंद्र को अस्त-व्यस्त देखा तो पुलिस को इसकी सूचना दी।

मिश्रा ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि वारदात में शामिल बदमाशों से जब एटीएम से नगद नहीं निकला तो वे कटर से पूरी मशीन को ही काटकर ले गए। थाना प्रभारी ने एसबीआई के अधिकारियों के हवाले से बताया कि चोरी हुए एटीएम में 29,55,400 रुपये थे। 

पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों को पकड़ने के लिए एक दर्जन दल बनाए हैं, कई स्थानों पर तलाशी ली जा रही है लेकिन फिलहाल अरोपियों का सुराग नहीं मिला है।
 
 

भोपाल:  

मध्य प्रदेश में हाई प्रोफाइल हनी ट्रैप और जबरन वसूली मामले में भोपाल के कई पत्रकारों के नाम उभरकर सामने आए हैं. मामले में कथित भूमिका वाले पत्रकारों में हिंदी समाचार पत्र का एक रेजिडेंट एडिटर, न्यूज चैनल का एक कैमरामैन और क्षेत्रीय सैटेलाइट टीवी चैनल का मालिक शामिल हैं. सूत्रों ने बताया कि पत्रकार स्पष्ट रूप से मुख्य मध्यस्थों के तौर पर नौैकरशाहों और हनी ट्रैप सरगना श्वेता जैन के बीच सौदा करा रहे थे.

मामले में पत्रकारों की संलिप्तता पर प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस के प्रवक्ता के.के. मिश्रा ने कहा कि मामले में जो भी शामिल है, विशेष जांच टीम (एसआईटी) द्वारा सबूत इकट्ठे करते ही उस पर मामला दर्ज किया जाएगा. मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले मिश्रा ने ही सबसे पहले इस मामले को हाईलाइट किया था. उन्होंने कहा, 'जहां तक मैं जानता हूं, नौकरशाहों के करीबी कुछ पत्रकारों ने उनकी तरफ से सौदा किया. वे इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों के साथ सीधे तौर पर संलिप्त नहीं थे.'

इससे पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने आरोप लगाया कि उनके पास ब्लैकमेलिंग मामले में संलिप्त तीन-चार पत्रकारों की पक्की सूचना है. एसआईटी ने भी अभी तक विजयवर्गीय के आरोपों का खंडन नहीं किया है. नौकरशाहों और राजनेताओं के बाद पत्रकारों की कथित संलिप्तता से मामला बहुत आगे बढ़ गया है और लोगों में इसमें शामिल लोगों की वास्तविक पहचान जानने के बारे में उत्सुकता बढ़ गई है.

मामले में कुछ पत्रकारों की संलिप्तता पर इंदौर से प्रकाशित एक प्रमुख हिंदी दैनिक समाचार पत्र के प्रधान संपादक हेमंत शर्मा ने कहा कि भोपाल में कई सालों से कुछ पत्रकार ऐसे मामलों में संलिप्त पाए गए हैं.
हेमंत शर्मा ने कहा, 'वास्तव में यह उन पत्रकारों का एक कथित समूह है जो भ्रष्टाचार में लिप्त नौकरशाहों या राजनेताओं से धन वसूलने के ही उद्देश्य से सत्ता के गलियारों में दखल देते हैं. हालांकि फिलहाल तो एसआईटी ने किसी पत्रकार का नाम नहीं लिया है. मैं सिर्फ यह कह सकता हूं कि श्वेता और आरती ने नौकरशाहों या मंत्रियों से सौदा करने के लिए कुछ पत्रकारों का उपयोग किया.'

एसआईटी के सूत्रों ने आईएएनएस से कहा कि अभी तक की जांच का फोकस सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर तैनात नौकरशाहों और अन्य (राजनेताओं) की भूमिका का पता लगाने पर है. मामले की सरगना श्वेता जैन, उसका पति स्वप्निल जैन और सहयोगी आरती दयाल को गिरफ्तार किया जा चुका है. पूछताछ के दौरान यह बात प्रकाश में आई कि श्वेता और आरती द्वारा हनी ट्रैप के शिकार प्रभावशाली लोगों ने उनके एनजीओ को फंड दिया है.

इसके अलावा जैन दंपत्ति को सेक्सुअल फेवर के बदले आकर्षक सरकारी ठेकों का भी प्रस्ताव दिया गया. मध्य प्रदेश के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि अगर ऐसे ठेकों के दस्तावेज मिल गए, तो हम सरकारी कर्मियों के खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई करेंगे. उन्होंने कहा कि भोपाल में सेक्स-स्कैंडल 7-8 साल से चल रहा था. इस बीच एसआईटी प्रमुख संजीव शामी ने मीडिया कर्मियों को बताया कि अगर सबूतों में पाया गया कि नौकरशाहों ने सेक्स स्कैंडल के सरगनाओं की बात मानने के लिए अपने पद का दुरोपयोग किया है कि उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा.

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) रैंक के मध्य प्रदेश काडर के आईपीएस अधिकारी शामी ने कथित रूप से विभिन्न टीमें गठित कर उन्हें अलग-अलग काम सौंप दिए हैं. सबसे महत्वपूर्ण कामों में नौकरशाहों और नेताओं द्वारा सेक्स-स्कैंडल के सरगना को आवंटित ठेकों का पता लगाना है. उन्होंने कहा कि सरकारी पदों के दुरुपयोग की पुष्टि होने के बाद अधिकारियों और नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत मामले दर्ज किए जाएंगे.

 
मध्यप्रदेश के हनीट्रैप मामले के तार अब दिल्ली और गाजियाबाद से जुड़ते नजर आ रहे हैं। ताजा खुलासे से राजनेताओं और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा हुआ है। इस मामले की मॉनिटरिंग खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ कर रहे हैं। बुधवार को उन्होंने अपने मंत्रियों के साथ अलग-अलग बैठक कर मामले की जांच के बारे में जानकारी ली। 
 
हनीट्रैप मामले की आरोपी श्वेता विजय जैन, श्वेता स्वप्निल जैन और बरखा को 30 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर भेजा दिया गया है। अन्य आरोपी आरती दयाल और मोनिका यादव को एक अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।

गाजियाबाद में फ्लैट

मध्यप्रदेश पुलिस की सायबर सेल ने गाजियाबाद के पॉश इलाके में बिना सरकारी मंजूरी के फ्लैट ले रखा था। पुलिस महानिदेशक वीके सिंह ने इस मामले की जानकारी होने के बाद कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को फटकारा और पूछा कि इतनी दूर सायबर सेल के लिए फ्लैट लेने का क्या कारण था। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने आनन-फानन में सायबर सेल से फ्लैट खाली करवा लिया है।

सूत्रों के अनुसार, मध्यप्रदेश पुलिस की सायबर सेल ने सरकारी कामकाज के नाम पर दिल्ली से सटे गाजियाबाद जिले के एक पॉश इलाके में किराये का फ्लैट लिया हुआ है। जांच शुरू हई तो सवाल उठा कि फ्लैट दिल्ली से दूर वो भी बिना शासकीय अनुमति के क्यों लिया गया।

एसआईटी की नजर

हनीट्रैप मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) की नजर मध्यप्रदेश के कई आईएएस अफसरों पर है। इनमें से एक अधिकारी आरोपी के घर भी देखे गए थे। माना जा रहा है कि टीम जल्द ही उनसे सवाल-जवाब कर सकती है।

आरोपी आरती दयाल ने कबूला गुनाह, एसएससी की तैयारी करने आई थी भोपाल

दूसरी ओर भोपाल में एसएससी परीक्षा की तैयारी करने आई हनीट्रैप गैंग की सदस्य आरती दयाल ने पुलिस के सामने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उसने पुलिस को बताया कि टेंडर लेने का तरीका उसने श्वेता जैन से सीखा था। इसके बाद उसने अपनी गैंग में और लड़कियों को जोड़ा। उसने बिजनेस के सिलसिले में इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह से मिलने की बात भी कबूली है।

सरकारी गवाह नहीं बनेगी आरती

पुलिस ने बताया कि वह आरती को अपना गुनाह कबूल करने के बाद सरकारी गवाह नहीं बनाएगी। हालांकि पुलिस ने पहले ही एक छात्रा को सरकारी गवाह बना लिया है। छात्रा को इंदौर की पलासिया  थाना पुलिस अपने साथ लेकर भोपाल लेकर पहुंची है।

आरोपियों के बैंक खाते सील करने की तैयारी

हनीट्रैप गैंग की चारों महिला आरोपियों के बैंक खाते सीज करने के लिए पुलिस ने भोपाल की बैंकों को पत्र लिखे हैं। पुलिस के अनुसार, अभी उनके पांच खातों की जानकारी ही मिल सकी है। एक टीम चारों महिलाओं की वैध और अवैध संपत्तियों की जानकारी जुटा रही है। वहीं, पुलिस को पांच कंपनियों और कुछ एनजीओ के नामों की जानकारी भी मिली है जो आरोपियों के द्वारा संचालित किए जा रहे थे।

तीन दिन में तीन रैकेट का किया भंडाफोड़

जिस्मफरोशी की आड़ में चल रहे हाईप्रोफाइल ब्लैकमेलिंग को लेकर जब भोपाल पुलिस ने थोड़ी निगरानी बढ़ाई तो इस तरह के अवैध कारोबार सामने आने लगे। इससे पहले इंदौर और भोपाल में ही पकड़े गए दोनों सेक्स रैकेट पुलिसकर्मियों की शह पर ही चल रहे थे। खास बात यह है कि मंगलवार को भोपाल के निशातपुरा क्षेत्र में पुलिस की कार्रवाई के बाद राजवंश कॉलोनी के एक मकान में दबिश दी गई। निशातपुरा पुलिस ने यहां से सात कॉलगर्ल, चार ग्राहक और एक दलाल को पकड़ा। इनमें एक नाबालिग भी शामिल है।

मददगार 3 पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज

हनीट्रैप में आरोपियों की मदद करने वाले तीन पुलिसकर्मियों पर क्राइम ब्रांच ने अड़ीबाजी का केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। ये पुलिसकर्मी आरोपी लड़कियों के इशारे पर लोगों से रुपये देने का दबाव बनाते थे। तीनों पुलिसकर्मियों की पहचान सुभाष गुर्जर, अनिल जाट और लाड़ सिंह के रूप में हुई है। इस मामले में टीम ने नौ लड़कियों, आठ ग्राहक और तीन दलालों को बुधवार को ही गिरफ्तार कर लिया था।

एसआईटी बनने के 24 घंटे के भीतर बदले गए चीफ

ब्लैकमेलर गैंग की करतूतों की जांच के लिए सोमवार को गठित 12 सदस्यीय एसआईटी के चीफ को सरकार ने 24 घंटे के भीतर ही बदल दिया था। अब इसकी जिम्मेदारी एडीजी संजीव शमी को दी गई है। इससे पहले इस टीम के चीफ 1997 बैच के आईपीएस डी श्रीनिवास वर्मा थे।

चीफ को बदले जाने पर प्रशासन ने कहा कि आईजी वर्मा ने ही इच्छा जाहिर की थी कि उन्हें इस जिम्मेदारी से दूर रखा जाए। हालांकि आईजी वर्मा ने इस संबंध में ज्यादा कुछ कहने से मना करते हुए सिर्फ इतना कहा कि न मैंने एसआईटी प्रमुख बनने के लिए आवेदन किया था और न ही हटने के लिए।

मंगलवार सुबह हनीट्रैप मामले की जांच के लिए एसआईटी के प्रमुख के तौर पर डी श्रीनिवास वर्मा ने काम शुरू कर दिया था। दोपहर तक केस से जुड़ीं फाइलें भी देखीं। शाम को उन्हें पता चला कि अब संजीव शमी एसआईटी के प्रमुख होंगे।

हनीट्रैप मामले में लैपटॉप से चार हजार फाइलें बरामद

एसएसपी इंदौर रूचिवर्धन मिश्रा ने गुरुवार की शाम बताया था कि, हनीट्रैप मामले में मोनिका (मामले के सिलसिले में गिरफ्तार आरोपियों में से एक) को अदालत में गवाह के रूप में पेश किया जाएगा। वह कॉलेज की प्रथम वर्ष की छात्रा है और खुद पीड़ित है। उसके पिता ने भी मानव तस्करी का मामला दर्ज कराया है।

जांच कर रहे अधिकारियों को महिलाओं से जब्त किए गए लैपटॉप और मोबाइल फोन में करीब चार हजार फाइलें मिली हैं। इनमें कई अश्लील चैट के स्क्रीनशॉट, अधिकारियों के अश्लील वीडियो, समझौता करने वाले अधिकारियों के वीडियो और ऑडियो क्लिप मिले हैं। इन ऑडियो और वीडियो क्लिप में बड़ी संख्या में कथित तौर पर नौकरशाह, मंत्री और पूर्व सांसद शामिल हैं।

नेताओं और अधिकारियों की लंबी सूची है

अधिकारियों ने कहा कि डिजिटल फाइलों की सूची जल्द ही 5,000 तक पहुंच सकती है। जांच में यह भी पता चला है कि, ब्लैकमेलर महिलाएं भोपाल के मंहगे क्लबों में आती-जाती थीं। वहां उनके लिए कमरे बुक कराए जाते थे, लेकिन अब उन क्लबों के चेक-इन रजिस्टर गायब हैं और उनके रिकॉर्डों में भी हेरफेर करने की लगातार कोशिश की जा रही है। हनीट्रैप में वरिष्ठ नौकरशाहों से लेकर जूनियर प्रोजेक्ट इंजीनियर और बड़े नेताओं की लंबी सूची है।

एसआईटी जांच टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन वीडियो को गलत हाथों में पड़ने से रोकना है। मामले की जांच कर रहे एक निरीक्षक को बाहर कर दिया गया है। उस पर पकड़े गए फोन की क्लिप ब्लूटूथ के जरिए अपने फोन में ट्रांसफर करने का आरोप था। 

मालूम हो कि, इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरभजन की तीन करोड़ रुपये मांगने की शिकायत के बाद भोपाल और इंदौर पुलिस ने ब्लैकमेलिंग करने वाली पांच महिलाओं को गिरफ्तार किया था। यह महिलाएं अफसरों और नेताओं के वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करती थीं।

बड़े राजनेता या नौकरशाह की भूमिका मिली, तो कार्रवाई होगी

मध्यप्रदेश के गृह मंत्री बाला बच्चन ने शुक्रवार को कहा कि अगर हनी ट्रैप मामले की जांच में किसी बड़े राजनेता या नौकरशाह की आपराधिक भूमिका पाई जाती है, तो वह भी कानूनी कार्रवाई से बच नहीं सकेगा। गृह मंत्री का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब इस हाई-प्रोफाइल सेक्स स्कैंडल मामले में शामिल प्रभावशाली हस्तियों को लेकर अटकलें दिनों-दिन तेज होती जा रही हैं।

जांचकर्ताओं को संदेह है कि आपत्तिजनक सामग्री के जरिये शिकार को ब्लैकमेल करने के लिये संगठित तरीके से काम करने वाले हनी ट्रैप गिरोह ने राजनेताओं और नौकरशाहों समेत कई रसूखदारों को भी जाल में फंसाया था।

बच्चन ने कहा, "मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में हनी ट्रैप मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। कोई भी जन प्रतिनिधि या नौकरशाह, अगर हनी ट्रैप मामले में शामिल है पाया जाता है तो वह कानूनी कार्रवाई से नहीं बच पाएगा।"

गिरोह के जाल में फंसे रसूखदारों के नाम जाहिर न किए जाने के बारे में पूछे जाने पर गृह मंत्री ने कहा, "सही समय आने दीजिए, इस मामले में सभी नामों का खुलासा हो जाएगा।"

हनी ट्रैप मामले में प्रदेश पुलिस मुख्यालय के गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) के प्रमुख को आनन-फानन बदले जाने पर बच्चन ने कहा कि यह बदलाव प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा था। जो हो गया, वह हो गया। वैसे भी मामले में पुलिस की जांच काफी आगे बढ़ चुकी है।

कांग्रेस पर हनी ट्रैप मामले में राजनीतिक फायदा उठाने के भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए बच्चन ने कहा, "मामले में कानून पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से काम कर रहा है और अब जिसे जो अनुमान लगाना है, लगाता रहे।"

नीमच:  

मध्य प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए इलाकों में कांग्रेस सरकार द्वारा कराए गए सर्वे पर कांग्रेस के ही दिग्गज नेता और मनमोहन सिंह सरकार में मंत्री रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सवाल उठाए हैं. सिंधिया ने कहा कि वो बाढ़ पीड़ितों और फसलों के नुकसान को लेकर हुए प्राथमिक सर्वे से संतुष्ट नहीं हैं. इसके साथ ही ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दो-तीन दिन बाद दोबारा सर्वे कराने की बात कही है.

दरअसल, मध्य प्रदेश का मंदसौर और नीमच जिला बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है. जिसकी वजह से इन इलाकों में नेताओं के दौरे जारी हैं. इसी कड़ी में ज्योतिरादित्य सिंधिया भी नीमच जिले के बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों का दौरा करने पहुंचे थे. नयागांव में बाढ़ पीड़ितों से बातचीत करते हुए सिंधिया ने कहा, 'मैं फसलों के नुकसान को लेकर जो प्राथमिक सर्वेक्षण हुआ है, वो संतुष्ट नहीं हूं.'

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, 'पिछले दिनों मैंने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी. मैंने सरकार को 3 सुझाव दिए. बाढ़ पीड़ितों को तीन स्तर पर राहत और सहायता मिलना चाहिए. बाढ़ पीड़ित किसानों को सबसे पहले राजस्व विभाग, फिर बीमा कंपनियों और आखिर में केंद्र के आपदा राहत कोष से सहायता मिलनी चाहिए.' उन्होंने कहा, 'मैं भरोसा दिलाता हूं कि इस संकट के समय में हम अन्नदाताओं के साथ खड़े हैं. दो से तीन दिन में दोबारा सर्वे होना चाहिए.'

वहीं बुधवार को ज्योतिरादित्य सिंधिया ने चंबल संभाग के मुरैना जिले में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और लोगों से मुलाकात की. इस बीच उन्होंने कहा कि ग्वालियर-चम्बल से मेरा राजनीतिक नहीं पारिवारिक नाता है. आफत की इस घड़ी में संभाग  के किसानों के साथ खड़े होना मेरी जिम्मेदारी, नहीं बल्कि मेरा धर्म है. उन्होंने कहा कि वे विश्वास दिलाते हैं कि बाढ़ से प्रभावित एक-एक व्यक्ति के नुकसान की भरपाई की जाएगी.

सिंधिया ने कहा कि मैंने अपने 18 साल के जनसेवा के जीवन में आज तक ऐसे भयानक दृश्य नहीं देखे. 8-10 दिन पहले चारो तरफ पानी ही पानी सड़कें डूब चुकी थीं. हमें राशन लेने भी नाव से आना जाना पड़ रहा था. उन्होंने कहा कि ये बाढ़ नहीं है एक प्राकृतिक आपदा है जो हम सब पर विपत्ति बनकर आई है. मुरैना दौर के दौरान किसानों के बीच कहा कि वे यहां से दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री जी से जल्द से जल्द मध्य प्रदेश को सहायता दिए जाने की मांग करेंगे.

 

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश जोशी की पत्नी तारा देवी का निधन हो गया है। 

 कैलाश जोशी भोपाल से सांसद रहे हैं। उनके बेटे दीपक जोशी प्रदेश भाजपा सरकार में मंत्री रह चुके हैं। 


पिछले महीने कैलाश जोशी की तबीयत बिगड़ गई है। जोशी को भोपाल के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 

बता दें कि सन 1955 में कैलाश जोशी हाटपीपल्या नगरपालिका के अध्यक्ष चुने गए। सन् 1962 से निरन्तर बागली क्षेत्र से विधान सभा के सदस्य रहे। सन 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना से ही उसके सदस्य बने। 

आपातकाल के समय में एक माह भूमिगत रहने के बाद दिनांक 28 जुलाई, 1975 को विधान सभा के द्वार पर गिरफ्तार होकर 19 माह तक मीसा में नजरबंद रहे। 24 जून, 1977 को कैलाश जोशी मध्यप्रदेश के इतिहास में पहले गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री हुए। हालांकि 1978 में अस्वस्थता के कारण उन्होंने मुख्यमंत्री पद त्याग दिया था। 

खास बातें

  • मध्यप्रदेश सरकार ने पांच प्रतिशत वैट बढ़ाया
  • भोपाल में पेट्रोल 2.91 रुपये लीटर और डीजल 2.86 रुपये लीटर महंगा हो गया
  • इंदौर में पेट्रोल 3.26 रुपये और डीजल 3.14 रुपये लीटर महंगा हो गया
 
मध्यप्रदेश में भारी बारिश के कारण हुए व्यापक नुकसान के मद्देनजर अतिरिक्त राजस्व जुटाने के लिए राज्य सरकार ने शराब, पेट्रोल और डीजल पर पांच प्रतिशत वैट लगाने का फैसला किया। 
 
राज्य सरकार के इस कदम से राजधानी भोपाल में पेट्रोल 2.91 रुपये लीटर और डीजल 2.86 रुपये लीटर महंगा हो गया है। वही, इंदौर में पेट्रोल 3.26 रुपये और डीजल 3.14 रुपये लीटर महंगा हो गया है। इससे शराब की कीमतें भी वर्तमान दर से पांच प्रतिशत तक बढ़ जाएगी। नई दरें शुक्रवार मध्यरात्रि से लागू हो गई है। 

जुलाई में ही सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर दो रुपये प्रति लीटर स्पेशल ड्यूटी लगाई थी। स्पेशल ड्यूटी लगाते समय भी यह अनुमान लगाया गया था कि राज्य सरकार को 800 से 1000 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। 

अब पांच फीसदी वैट बढ़ने के बाद से यह रकम सवा दो हजार करोड़ रुपये से ज्यादा होगी। मुख्यमंत्री कमलनाथ की मंजूरी के बाद शुक्रवार देर शाम को इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई। 

जुलाई के पहले पाक्षिक में केंद्र सरकार ने सेस लगाया तो मध्यप्रदेश सरकार ने भी उनके साथ दो रुपये स्पेशल ड्यूटी लागू कर दी थी। वहीं, अभी सवा महीने बाद ही सरकार ने फिर से वैट बढ़ाकर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि की है। बढ़े हुए वैट से सरकार को छह महीनों में करीब 1500 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। 

एक वरिष्ठ अधिकारी ने वैट के बढ़ने को लेकर यह दलील दी कि इस मॉनसून के दौरान भीषण बारिश के कारण राज्य को 12,000 करोड़ रुपये का अनुमानित नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि अस्थायी रूप से पांच प्रतिशत मूल्य वर्द्धित कर (वैट) लगाया गया है। उन्होंने कहा कि मध्यरात्रि से कीमतों में वृद्धि लागू हो जाएगी।

इंदौर में बारिश के बाद शनिवार तड़के मकान ढहने से एक ही परिवार के चार सदस्य घायल हो गए। परदेशीपुरा पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि यह हादसा लाल गली क्षेत्र में नाले के किनारे बने मकान में हुआ। मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालकर शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।

 उन्होंने बताया कि घायलों में 40 वर्षीय एक व्यक्ति, उसकी पत्नी और उनकी दो बेटियां शामिल हैं। इलाज के बाद घायलों की हालत खतरे से बाहर बतायी जा रही है।

Ads

R.O.NO. 13954/94 Advertisement Carousel

MP info RSS Feed

फेसबुक