ईश्वर दुबे
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Bhilai
हनी ट्रैप मामले में चल रहे डीजीपी और डीजी विवाद में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोमवार को डीजीपी वीके सिंह को तलब किया। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री ने डीजीपी सिंह से मामले कीर पूरी जानकारी ली है। माना जा रहा है कि खुद इस मामले को देख रहे मुख्यमंत्री कमलनाथ दोनों पक्षों को सुनने के बाद किसी एक के खिलाफ कार्रवाई करने का कदम उठा सकते हैं।
स्पेशल डीजी ने पत्र में लिखा था, 'मुझे अत्यधिक दुख व पीड़ा है कि हमारे संस्कार इतने निचले स्तर तक आ गए हैं कि एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपने मातहत वरिष्ठ अधिकारी की इज्जत उछाल दी। इस व्यवहार से पूरे विभाग की बेइज्जती हुई। मेरा निवेदन है कि डीजीपी वीके सिंह के इस कृत्य की भर्त्सना हो और भविष्य में ऐसे मामले दोबारा न हो, इसकी भी व्यवस्था की जाए।'
दोनों अधिकारियों के बीच झगड़े के तार गाजियाबाद में किराए पर लिए गए एक फ्लैट से जुड़े हैं। इस फ्लैट को इस महीने स्पेशल डीजी पुरुषोत्तम शर्मा ने लिया था। लेकिन, डीजीपी वीके सिंह ने इस फ्लैट को खाली करा लिया। आरोप है कि ऐसा फ्लैट के हनी ट्रैप से जुड़े होने की वजह से किया गया था। अपना नाम हनी ट्रैप में घसीटे जाने से डीजी नाराज हो गए और डीजीपी के विरोध में कदम उठा लिया।
पासपोर्ट सुरक्षित तरीके से न रखने पर एक व्यक्ति को सजा मिली है। उसने पासपोर्ट अधिकारी को जानकारी दी कि नौकरानी ने पासपोर्ट को उसके कपड़ों के साथ रखकर वॉशिंग मशीन में डालकर धो डाला।
दरअसल, आवेदक ने बताया कि उसे जरूरी काम से विदेश जाना था। वह वीजा लगवाने के लिए दिल्ली गया, जहां वह अपने दोस्त के घर ठहरा। पासपोर्ट उसके पैंट में रखा हुआ था। दोस्त के यहां उसकी नौकरानी ने बिना पूछे ही पैंट को वॉशिंग मशीन में डाल दिया। जिससे पैंट में रखा पासपोर्ट भी धुल गया।
जिसके बाद इस मामले में पासपोर्ट कार्यालय ने पासपोर्ट रखने में लापरवाही बरतने का दोषी पाते हुए आवेदक पर पांच हजार का जुर्माना लगाया। आवेदक के जुर्माना भरने के बाद अधिकारी ने उन्हें डैमेज कैटेगरी में पासपोर्ट के लिए आवेदन करने को कहा।
भोपाल:
मध्य प्रदेश में हाई प्रोफाइल हनी ट्रैप और जबरन वसूली मामले में भोपाल के कई पत्रकारों के नाम उभरकर सामने आए हैं. मामले में कथित भूमिका वाले पत्रकारों में हिंदी समाचार पत्र का एक रेजिडेंट एडिटर, न्यूज चैनल का एक कैमरामैन और क्षेत्रीय सैटेलाइट टीवी चैनल का मालिक शामिल हैं. सूत्रों ने बताया कि पत्रकार स्पष्ट रूप से मुख्य मध्यस्थों के तौर पर नौैकरशाहों और हनी ट्रैप सरगना श्वेता जैन के बीच सौदा करा रहे थे.
मामले में पत्रकारों की संलिप्तता पर प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस के प्रवक्ता के.के. मिश्रा ने कहा कि मामले में जो भी शामिल है, विशेष जांच टीम (एसआईटी) द्वारा सबूत इकट्ठे करते ही उस पर मामला दर्ज किया जाएगा. मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले मिश्रा ने ही सबसे पहले इस मामले को हाईलाइट किया था. उन्होंने कहा, 'जहां तक मैं जानता हूं, नौकरशाहों के करीबी कुछ पत्रकारों ने उनकी तरफ से सौदा किया. वे इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों के साथ सीधे तौर पर संलिप्त नहीं थे.'
इससे पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने आरोप लगाया कि उनके पास ब्लैकमेलिंग मामले में संलिप्त तीन-चार पत्रकारों की पक्की सूचना है. एसआईटी ने भी अभी तक विजयवर्गीय के आरोपों का खंडन नहीं किया है. नौकरशाहों और राजनेताओं के बाद पत्रकारों की कथित संलिप्तता से मामला बहुत आगे बढ़ गया है और लोगों में इसमें शामिल लोगों की वास्तविक पहचान जानने के बारे में उत्सुकता बढ़ गई है.
मामले में कुछ पत्रकारों की संलिप्तता पर इंदौर से प्रकाशित एक प्रमुख हिंदी दैनिक समाचार पत्र के प्रधान संपादक हेमंत शर्मा ने कहा कि भोपाल में कई सालों से कुछ पत्रकार ऐसे मामलों में संलिप्त पाए गए हैं.
हेमंत शर्मा ने कहा, 'वास्तव में यह उन पत्रकारों का एक कथित समूह है जो भ्रष्टाचार में लिप्त नौकरशाहों या राजनेताओं से धन वसूलने के ही उद्देश्य से सत्ता के गलियारों में दखल देते हैं. हालांकि फिलहाल तो एसआईटी ने किसी पत्रकार का नाम नहीं लिया है. मैं सिर्फ यह कह सकता हूं कि श्वेता और आरती ने नौकरशाहों या मंत्रियों से सौदा करने के लिए कुछ पत्रकारों का उपयोग किया.'
एसआईटी के सूत्रों ने आईएएनएस से कहा कि अभी तक की जांच का फोकस सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर तैनात नौकरशाहों और अन्य (राजनेताओं) की भूमिका का पता लगाने पर है. मामले की सरगना श्वेता जैन, उसका पति स्वप्निल जैन और सहयोगी आरती दयाल को गिरफ्तार किया जा चुका है. पूछताछ के दौरान यह बात प्रकाश में आई कि श्वेता और आरती द्वारा हनी ट्रैप के शिकार प्रभावशाली लोगों ने उनके एनजीओ को फंड दिया है.
इसके अलावा जैन दंपत्ति को सेक्सुअल फेवर के बदले आकर्षक सरकारी ठेकों का भी प्रस्ताव दिया गया. मध्य प्रदेश के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि अगर ऐसे ठेकों के दस्तावेज मिल गए, तो हम सरकारी कर्मियों के खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई करेंगे. उन्होंने कहा कि भोपाल में सेक्स-स्कैंडल 7-8 साल से चल रहा था. इस बीच एसआईटी प्रमुख संजीव शामी ने मीडिया कर्मियों को बताया कि अगर सबूतों में पाया गया कि नौकरशाहों ने सेक्स स्कैंडल के सरगनाओं की बात मानने के लिए अपने पद का दुरोपयोग किया है कि उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा.
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) रैंक के मध्य प्रदेश काडर के आईपीएस अधिकारी शामी ने कथित रूप से विभिन्न टीमें गठित कर उन्हें अलग-अलग काम सौंप दिए हैं. सबसे महत्वपूर्ण कामों में नौकरशाहों और नेताओं द्वारा सेक्स-स्कैंडल के सरगना को आवंटित ठेकों का पता लगाना है. उन्होंने कहा कि सरकारी पदों के दुरुपयोग की पुष्टि होने के बाद अधिकारियों और नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत मामले दर्ज किए जाएंगे.
नीमच:
मध्य प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए इलाकों में कांग्रेस सरकार द्वारा कराए गए सर्वे पर कांग्रेस के ही दिग्गज नेता और मनमोहन सिंह सरकार में मंत्री रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सवाल उठाए हैं. सिंधिया ने कहा कि वो बाढ़ पीड़ितों और फसलों के नुकसान को लेकर हुए प्राथमिक सर्वे से संतुष्ट नहीं हैं. इसके साथ ही ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दो-तीन दिन बाद दोबारा सर्वे कराने की बात कही है.
दरअसल, मध्य प्रदेश का मंदसौर और नीमच जिला बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है. जिसकी वजह से इन इलाकों में नेताओं के दौरे जारी हैं. इसी कड़ी में ज्योतिरादित्य सिंधिया भी नीमच जिले के बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों का दौरा करने पहुंचे थे. नयागांव में बाढ़ पीड़ितों से बातचीत करते हुए सिंधिया ने कहा, 'मैं फसलों के नुकसान को लेकर जो प्राथमिक सर्वेक्षण हुआ है, वो संतुष्ट नहीं हूं.'
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, 'पिछले दिनों मैंने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी. मैंने सरकार को 3 सुझाव दिए. बाढ़ पीड़ितों को तीन स्तर पर राहत और सहायता मिलना चाहिए. बाढ़ पीड़ित किसानों को सबसे पहले राजस्व विभाग, फिर बीमा कंपनियों और आखिर में केंद्र के आपदा राहत कोष से सहायता मिलनी चाहिए.' उन्होंने कहा, 'मैं भरोसा दिलाता हूं कि इस संकट के समय में हम अन्नदाताओं के साथ खड़े हैं. दो से तीन दिन में दोबारा सर्वे होना चाहिए.'
वहीं बुधवार को ज्योतिरादित्य सिंधिया ने चंबल संभाग के मुरैना जिले में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और लोगों से मुलाकात की. इस बीच उन्होंने कहा कि ग्वालियर-चम्बल से मेरा राजनीतिक नहीं पारिवारिक नाता है. आफत की इस घड़ी में संभाग के किसानों के साथ खड़े होना मेरी जिम्मेदारी, नहीं बल्कि मेरा धर्म है. उन्होंने कहा कि वे विश्वास दिलाते हैं कि बाढ़ से प्रभावित एक-एक व्यक्ति के नुकसान की भरपाई की जाएगी.
सिंधिया ने कहा कि मैंने अपने 18 साल के जनसेवा के जीवन में आज तक ऐसे भयानक दृश्य नहीं देखे. 8-10 दिन पहले चारो तरफ पानी ही पानी सड़कें डूब चुकी थीं. हमें राशन लेने भी नाव से आना जाना पड़ रहा था. उन्होंने कहा कि ये बाढ़ नहीं है एक प्राकृतिक आपदा है जो हम सब पर विपत्ति बनकर आई है. मुरैना दौर के दौरान किसानों के बीच कहा कि वे यहां से दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री जी से जल्द से जल्द मध्य प्रदेश को सहायता दिए जाने की मांग करेंगे.
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश जोशी की पत्नी तारा देवी का निधन हो गया है।
पिछले महीने कैलाश जोशी की तबीयत बिगड़ गई है। जोशी को भोपाल के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
बता दें कि सन 1955 में कैलाश जोशी हाटपीपल्या नगरपालिका के अध्यक्ष चुने गए। सन् 1962 से निरन्तर बागली क्षेत्र से विधान सभा के सदस्य रहे। सन 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना से ही उसके सदस्य बने।
आपातकाल के समय में एक माह भूमिगत रहने के बाद दिनांक 28 जुलाई, 1975 को विधान सभा के द्वार पर गिरफ्तार होकर 19 माह तक मीसा में नजरबंद रहे। 24 जून, 1977 को कैलाश जोशी मध्यप्रदेश के इतिहास में पहले गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री हुए। हालांकि 1978 में अस्वस्थता के कारण उन्होंने मुख्यमंत्री पद त्याग दिया था।
इंदौर में बारिश के बाद शनिवार तड़के मकान ढहने से एक ही परिवार के चार सदस्य घायल हो गए। परदेशीपुरा पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि यह हादसा लाल गली क्षेत्र में नाले के किनारे बने मकान में हुआ। मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालकर शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
मध्यप्रदेश में पिछले साल कांग्रेस सरकार किसानों की कर्जमाफी का वादा करके सत्ता में आई। सरकार ने कुछ लोगों का कर्ज माफ भी किया लेकिन कितनों को इस योजना का फायदा असल में मिला इसके आंकड़े स्पष्ट नहीं हैं। राज्य के किसानों की एक बड़ी संख्या अब भी इस योजना से अछूती है। यही कारण है कि उसके अंदर कमलनाथ सरकार के प्रति नाराजगी है। इसे लेकर विपक्ष तो सरकार पर निशाना साध ही रहा है लेकिन अब राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने राहुल गांधी से किसानों से माफी मांगने तक के लिए कह दिया है।
उन्होंने आगे कहा, 'पार्टी का शीर्ष नेतृत्व केवल कुछ विशिष्ट लोगों से मुलाकात करता है। यदि ऐसा ही जारी रहेगा तो मुझे नहीं पता कि पार्टी के साथ क्या होगा। यदि पार्टी खुद को मजबूत करना चाहती है तो उसे अपने कार्यकर्ताओं से मिलना चाहिए और इस तरह से 2024 में कांग्रेस वापस सत्ता में आने में कामयाब रहेगी।'
भोपालमध्य प्रदेश कांग्रेस (Madhya Pradesh Congress) में मचे सियासी घमासान के बाद अब कांग्रेस डैमेज कंट्रोल में जुट गई है. इसके लिए कांग्रेस अपने प्रवक्ताओं (Spokespersons) की फौज उतारने की तैयारी में है, जो कमलनाथ सरकार (Kamal Nath Government) के ढाई सौ दिन (250 Days) में सौ बड़े फैसलों (100 Big Decisions) की जानकारी जनता को देंगे.
एमपी कांग्रेस में बीते हफ्ते चले हाई वोल्टेज पॉलिटिकल ड्रामे के बाद अब कांग्रेस प्रवक्ता एक दिन में सभी 52 जिलों में एक साथ प्रेस कांफ्रेंस कर कमलनाथ सरकार के ढाई सौ दिन में हुए सौ बड़े फैसलों को गिनाने का काम करेंगे. कांग्रेस प्रवक्ता कमलनाथ सरकार के न्यू एमपी के विजन को भी पेश करेंगे. अपने 100 बड़े फैसलों की जानकारी लोगों तक पहुचाने के लिए कांग्रेस ने बारह पन्नों की बुकलेट तैयार की है, जिसे जनता दरबार में पेश किया जाएगा.
कांग्रेस प्रवक्ता दुर्गेश शर्मा के मुताबिक इसी हफ्ते सभी प्रवक्ता जिलों में पहुंच एक साथ प्रेस कांफ्रेंस कर सरकार की उपलब्धियों को गिनाने का काम करेंगे. वहीं कांग्रेस के ढाई सौ दिन के फैसलों पर पार्टी के जवाब में बीजेपी ने 11 सितंबर को प्रदेश भर में आंदोलन का ऐलान किया है. बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा है कि सरकार के फैसलों में अगर दम है तो नगरीय निकाय चुनाव सीधे तौर पर कराने की व्यवस्था को कायम रखा जाना चाहिए.
बहरहाल, नगरीय निकाय चुनाव से पहले बीजेपी और कांग्रेस जनता दरबार में हाजिरी लगाने की तैयारी में है. बीजेपी जहां सरकार की विफलता के जरिए कांग्रेस की घेराबंदी में है तो वही कांग्रेस कमलनाथ सरकार के फैसलों के सहारे लोगों को अच्छे दिनों का अहसास कराने की तैयारी में. यकीनन ये तय है कि जो जनता दरबार में सफल साबित हुआ वो आगामी नगरीय निकाय चुनाव में भी सक्सेस हासिल कर सकेगा.