मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश (9785)

सतना। अमरपाटन की पुरानी बस्ती में जिला समूह खाना वितरण केंद्र (सेंट्रल किचन) में मंगलवार अल सुबह 5:30 बजे खाना बनाते वक्त गैस चूल्हे में धमाका हो गया। जिससे चूल्हे के परखच्चे उड़ गए, हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। अगर यह घटना दिन में होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। जहां प्रेशर गैस चूल्हा लगा है वहां हैंडपंप भी लगा है। यहीं पर मोहल्ले के लोग पानी भरने के लिए आते हैं। ऐसे में सार्वजनिक स्थान के पास प्रेशर गैस चूल्हा क्यों लगवाया गया, इसमें अधिकारियों की लापरवाही सामने आ रही है। सेंट्रल किचन से ही आंगनबाड़ियों में मध्यान भोजन का वितरण किया जाता है। सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी।
सिंगरौली में एक ऑटो रिक्शा गहरी खाई में जा गिरा, घटना के बाद ऑटो में सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में 5 लोग घायल हो गए। घायलों को बड़ी मुश्किल से खाई से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस और एंबुलेंस भी मौके पर पहुंच गई थी। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है।
कटनी के समीप माधवनगर स्टेशन पर रेलवे ट्रैक पर क्रेक आ गया। यहां से गुजर रही जबलपुर-रीवा ट्रेन यहां दुर्घटना होने से बच गई। करीब डेढ़ घंटे तक ट्रेन को वहीं रोका गया और ट्रैक को ठीक करने के बाद ट्रेन को गुजारा गया।

भोपाल . शहर में होर्डिंग्स और फ्लेक्स लगाने की अनुमति की प्रक्रिया अब तक तय नहीं हुई है। यदि मौजूदा नियमों की बात की जाए तो न्यूनतम एक महीने के लिए फ्लेक्स या होर्डिंग लगाने के लिए  नगर निगम में कलेक्टर गाइडलाइन के एक प्रतिशत के बराबर फीस जमा कराना होगी। लेकिन इन नियमाें के मुताबिक भी नेताओं और सामाजिक कार्यक्रमों के पसंदीदा स्थानों चौराहे, रोटरी, रोड के सेंट्रल और साइड वर्ज सहित ट्रैफिक में बाधक अन्य स्थानों पर ऐसे फ्लेक्स और होर्डिंग्स की अनुमति नहीं दी जा सकती। लेकिन हकीकत यह है कि सरकारी कार्यक्रमों के फ्लेक्स भी इन्हीं स्थानों पर लगाए जाते हैं।
पिछले दिनों कैबिनेट ने ऐसे होर्डिंग्स और फ्लेक्स की अनुमति देने के लिए कलेक्टर को अधिकृत किया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जैसे ही यह कहा कि यदि उनका भी फ्लेक्स लगा है तो उसे भी हटा दें, उसके बाद निगम शहर में लगे राजनीतिक और सामाजिक विज्ञापन हटाने में जुट गया। तीन दिन में 6,700 होर्डिंग्स और फ्लेक्स हटा दिए गए।  अभियान के बीच 9 नवंबर को आयोजित सैन समाज के कार्यक्रम के लिए 9 स्थानों पर दो दिन के लिए फ्लेक्स की अनुमति का पहला आवेदन सोमवार को निगम में आया। हालांकि  इस पर कोई फैसला नहीं लिया है।

भोपाल . राजाभोज एयरपोर्ट के अराइवल और डिपार्चर सेक्शन में चार-चार इमिग्रेशन चैक पोस्ट काउंटर बनेंगे। इन काउंटर एयरपोर्ट प्रबंधन बनाएगा। इसके अलावा एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग पर डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट के लिए पैसेंजर्स की एंट्री और एग्जिट गेट अलग-अलग बनाएं जाएंगे। सोमवार को राजाभोज एयरपोर्ट के इंस्पेक्शन के बाद मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स (एमएचए) की इमिग्रेशन सेक्शन के अंडर सेक्रेटरी शमीम अहमद की अध्यक्षता में यह निर्णय हुए।
एमएचए के अंडर सेक्रेटरी शमीम अहमद, मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन के अंडर सेक्रेटरी नरेंद्र सिंह ने अपनी तीन सदस्यीय टीम के साथ सोमवार सुबह 10.30 से दोपहर 3 बजे एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग का इंस्पेशन किया।  इस दौरान टीम ने एयरपोर्ट डायरेक्टर अनिल विक्रम से इंटरनेशनल फ्लाइट ऑपरेशन को लेकर सवाल-जबाव भी किए।
इंस्पेक्शन के बाद अनौपचारिक चर्चा में एमएचए के अंडर सेक्रेटरी शमीम अहमद ने मप्र के डिप्टी सेक्रेटरी (गृह) आरआर भौंसले को इमिग्रेशन चैक पोस्ट पर 16 से 18 सिक्योरिटी आॅफिसर्स की तैनाती की बात कही। इस पर भौंसले ने उन्हें जरूरी अमला मुहैया कराने की सैद्धांतिक सहमति दी है। संभागायुक्त कल्पना श्रीवास्तव ने बताया कि टीम द्वारा दिए गए सुझावों के आधार पर जरूरी बदलाव दो माह में कर लिए जाएंगे।

जबलपुर | तहसीलदार से मारपीट और बलवे के मामले में भोपाल की विशेष कोर्ट से मिली 2 साल की सजा के खिलाफ पवई के पूर्व भाजपा विधायक प्रहलाद लोधी ने हाईकोर्ट में अपील की है। इसी सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है। सजा मिलने के बाद विधानसभा ने लोधी की सदस्यता समाप्त कर दी थी। मप्र के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सोमवार को केन्द्रीय चुनाव आयोग को लोधी की सदस्यता निरस्त करने की सूचना भेज दी है।  
 गौरतलब है कि प्रहलाद लोधी समेत 12 लोगों पर आरोप था कि उन्होंने रेत खनन के खिलाफ कार्रवाई करने वाले रैपुरा तहसीलदार को बीच सड़क पर रोककर मारपीट की थी। सभी पर बलवा करने का आरोप भी था। पिछले सप्ताह भोपाल स्थित सांसदों-विधायकों के मामले देखने वाली विशेष कोर्ट ने लोधी को 2 साल के कारावास की सजा सुनाई थी।
सजा पर स्थगन मिला तो सदस्यता बरकरार रहेगी
 यदि हाईकोर्ट सजा पर स्थगन देता है तो सदस्यता बरकरार रहेगी। नियम के तहत विधानसभा अध्यक्ष को विधायक की सदस्यता समाप्त करने का अधिकार नहीं है। अनुच्छेद 192 के तहत निर्वाचन आयोग की राय लेने के बाद राज्यपाल ही सदस्यता समाप्ति पर अंतिम निर्णय ले सकते हैं।  - आरएन सिंह, पूर्व महाधिवक्ता

भोपाल। मध्य प्रदेश में अतिवर्षा प्राकृतिक आपदा के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र सरकार ने अब तक राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (एनडीआरएफ) से एक पैसा नहीं दिया है, जबकि भाजपा शासित कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्यों को क्रमश: 2411 व 2500 करोड़ रुपए की राशि इसी फंड से दी जा चुकी है। इसी तरह राज्य आपदा राहत कोष (एसडीआरएफ) में से राज्य का हिस्सा देने में भी केंद्र सरकार राजनीतिक विद्वेष भावना से काम कर रही है। यह आरोप मप्र कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष अभय दुबे, पीसीसी अध्यक्ष के मीडिया समंवयक नरेंद्र सलूजा व पीसीसी के प्रदेश प्रवक्ता जेपी धनोपिया ने संयुक्त पत्रकारवार्ता में लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अतिवर्षा से 60 लाख हेक्टेयर में 16 हजार करोड़ की फसल को नुकसान हुआ है।
19 हजार स्कूल भवनों, 17 हजार आंगनवाड़ियों, 1.20 लाख मकानों को पूर्ण व आंशिक क्षति हुई है। साथ ही करीब 11 हजार किलोमीटर की सड़कें खराब हो चुकी हैं और 647 लोगों को अतिवर्षा से जान गंवाना पड़ी हैं। इतने नुकसान के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर राज्य को सहायता के लिए 6621 करोड़ रुपए का राहत पैकेज देने की मांग की थी, जिसमें एक रुपया भी राज्य को नहीं मिला है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संघीय ढांचे की व्यवस्था में प्राकृतिक आपदा की स्थिति में राज्य को केंद्र सरकार द्वारा एनडीआरएफ और एसडीआरएफ में से राशि दी जाती है। केंद्र सरकार ने एनडीआरएफ में से राज्य के हिस्से को कम कर दिया है। केंद्र सरकार कांग्रेस शासित मप्र को एनडीआरएफ में से राशि नहीं दे रही है। जबकि भाजपा शासित कर्नाटक व महाराष्ट्र को इससे मदद दी गई है। कांग्रेस का आरोप है कि मध्य प्रदेश की जनता ने जिन 28 भाजपा सांसदों को जिताकर दिल्ली भेजा है, वे भी इस पर चुप्पी साधे हैं। मप्र को अब तक केंद्र द्वारा आपदा कोष से 247 करोड़ रुपए की राशि ही उपलब्ध कराई गई है। बिहार को 1030 करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं।

भोपाल। किसानों को लेकर आज भाजपा और कांग्रेस एक दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। भाजपा बिजली बिल और किसानों के मुआवजे पर प्रदर्शन कर रही है तो कांग्रेस केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने कोई सहायता राशि उपलब्ध नहीं करवाई है। जबकि भाजपा शासित राज्यों में प्राकृति आपदा आने पर यह उपलब्ध करवाई गई है। मध्यप्रदेश के सभी शहरों और जिलों में भाजपा और कांग्रेस नेताओं का प्रदर्शन जारी है। मंत्री जीतू पटवारी ने पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए कहा कि वो घड़ि‍याली आंसू बहा रहे हैं। उन्हें केंद्र सरकार के खिलाफ दिल्ली में जाकर धरना देना चाहिए। उधर इस पर पलटवार करते हुए जबलपुर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि केंद्र की ओर से प्रदेश सरकार को सहायता राशि उपलब्ध कराई गई है।

इंदौर में कैलाश विजयवर्गीय और अन्य नेताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। शहडोल में भाजपा ने प्रदर्शन किया। खरगोन में जिला कांग्रेस कमेटी नेताओं ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि प्रदेश में अतिवृष्टि से खराब हुई 50 प्रतिशत अधिक फसलों की नुकसानी के बावजूद केंद्र सरकार द्वारा कोई भी आर्थिक सहायता नहीं दी गई। प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे भेदभाव पूर्ण रवैया को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। बड़वानी जिले के सेंधवा में भी कांग्रेस का प्रदर्शन जारी है, केंद्र सरकार पर भेदभाव करने का आरोप लगाया। नीमच में जिला कांग्रेस कमेटी के नेताओं ने कलेक्ट्रट के बाहर धरना प्रदर्शन किया। डिंडौरी में अतिवृष्टि में भी कांग्रेस ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

कहते हैं आंखों के बिना सतरंगी दुनियां भी बेरंगी है, लेकिन समय पर सही मददगार मिल जाए तो बेरंगी दुनियां भी सतरंगी हो सकती है। सीहोर के कमल झंवर पिछले बीस साल से ऐसे लोगों के मददगार साबित हो रहे हैं, जिनकी दुनियां बेरंगी है। बिना किसी सरकारी मदद के ये अभी तक 400 दृष्टिहीन को रोशनी दे चुके हैं। 150 से अधिक व्यक्तियो का नेत्रदान कराने ने लिए इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में इनका नाम पहले नंबर पर दर्ज है। 60 वर्षीय कमल झंवर कहते हैं कि उनका वह हर उस शख्स की मदद करना चाहते हैं, जिसके लिए सतरंगी दुनियां बेरंगी है।
कमल झंवर ने बताया कि वह साल 1995 से नेत्रदान कराने का काम कर रहे हैं। वे 5 साल से लेकर 100 साल तक के लोगों के नेत्रदान करा चुके हैं। अभी तक करीब 200 से अधिक  लोगों ने उसके माध्यम से नेत्रदान किया है। वे सीहोर स्वास्थ्य अमले की मदद से नेत्रों को बैरागढ़ सेवा सदन ट्रस्ट में भेजते हैं। यहां नेत्र रोगियों का इलाज किया जाता है।  
कमल झंबर को सीहोर में नेत्र पेरक के रूप में जाना जाता है ऐसा नही की ये काम आसान है अपने परिजन की मौत से गम जादा परिवार के लोगो को नेत्र दान करने के लिए प्ररित करना बहुत मुश्किल कार्य है और कई बार परिजनों से अपमानित भी होना पड़ा मगर इन सबके बावजूद कमल झवर ने हार नही मानी और अपने कुछ मित्रों के साथ कमल झ्वर इस पुनीत कार्य मे लगे रहे  उम्र के इस पड़ाव में कमल झंबर  की सिर्फ एक ही पीड़ा है कि मेरे बाद कोई इस कार्य को कोई संभाल ले ताकि नेत्रहीनों की दुनिया भी रोशन हो सके ।
आज भी अपनी ढलती उम्र के बावजूद कमल झ्वर नेत्रहीनो की जिंदगी को रोशन करने का कार्य कर समाज को दे रहे है एक नई दिशा

देवास. संवेदनशील क्षेत्र सुभाष चौक पर पुरानी पुलिस चौकी (Police post) की जगह नया पुलिस सहायता केन्द्र बनाने को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. यहां पर चौकी की दीवार देर रात तोड़ दी गई, जिसके बाद सीसीटीवी फुटेज देखने पर दीवार तोड़ने वालों के साथ सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी (MP mahendra singh Solanki) दिखाई दिए. चौकी के निर्माण को लेकर जिले के एसपी चंद्रशेखर सोलंकी और सांसद के बीच विवाद भी हुआ. बाद में पुलिस ने सांसद और दो अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है.

सासंद और एसपी के विवाद का ऑडियो वायरल
पूरा मामला शहर के बीच संवेदनशील क्षेत्र सुभाष चौक पर पुलिस चौकी को लेकर हुआ. क्षेत्र के व्यापारी इसी मामले को लेकर सांसद के पास पहुंचे थे. वे चाहते थे कि पुलिस चौकी का निर्माण वहां नहीं हो. सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी ने इस मामले को लेकर एसपी चंद्रशेखर सोलंकी से फोन पर बात की. इसी मुद्दे को लेकर दोनों के बीच फोन पर विवाद हुआ.
जिस पुलिस चौकी का निर्माण होना था वह सुबह टूटी हुई पाई गई. सुबह घटना की जानकारी मिलने के बाद एसपी चंद्रशेखर सोलंकी खुद घटनास्थल पर पहुंचे और जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई करने की बात कही. इस घटना में सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद मामला और गहराता दिखाई दे रहा है.

रायसेन। 4 नवम्बर को भारतीय जनता पार्टी किसानों के ऋण माफ न होने,वर्षा से खराब हुई फसलों के नुकसान पर राहत और मुआवजा वितरण न होने,कांग्रेस द्वारा किये गए वादे पूरे न होने वचनपत्र का पालन न करने के विरोध में रायसेन जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
भाजपा जिला महामंत्री रम्मू तोमर ने बताया कि धरना  प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष नरोत्तम मिश्रा,पूर्व मंत्री डॉ गौरीशंकर शेजवार,पूर्व मंत्री एवं विधायक द्वय रामपालसिंह,सुरेंद्र पटवा,सांसद रमाकांत भार्गव,पूर्व विधायक रामकिशन पटेंल,युवा नेता मुदित शेजवार सहित भाजपा के जिला,ब्लॉक,मंडल पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे।

शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन को गढ़ता है आगे बढऩे की प्रेरणा देता है लेकिन ग्राम आलमपुरा में संचालित शासकीय प्राथमिक शाला के सहायक शिक्षक सुरेंद्र सिंह कचनेरिया ने इन परंपारिक बातों को पीछे छोड़ दिया है उन्होने दूसरों की अंधेरी जिंदगी को रोशन करने के लिए आंखे दान कर रविवार को अपना जन्मदिवस मनाया है। उन्होने नेत्रदान घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर करते हुए कहा की मेरी मृत्यु के बाद मेरे नेत्र जिला अस्पताल या फिर रोटरी क्लब लायंस क्लब सहित अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं को कार्निया प्रत्यारोपण अथवा अन्धत्व निवारण नेत्र रोग और चिकित्सा संशोधन के लिए उपयोगी हो एैसी मेरी इच्छा थी अब परिजन इच्छा को पूरा करेंगे। 

एैसा नहीं है की शिक्षक श्री कचनेरिया ने संघर्ष नहीं किया हो,उन्होने हर कठिनाई को अपनी कर्तव्य निष्ठा, कठिन परिश्रम आदर्शवादिता और अनुशासित जीवन शैली से सरल कर दिया। यहीं कारण है की स्कूल के बच्चों के साथ आलमपुरा के ग्रामीण भी उनका सम्मान करते है। उत्कृष्ठ शिक्षक श्री कचनेरिया को अभिलेखों के उत्तम रखरखाब और बेतरीन शिक्षण कला के लिए वर्ष २०१६ में स्वतंत्रता दिवस समारोह में पूर्व पीडब्बल्यूडी मंत्री रामपाल सिंह के द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है।  

विधायक ने भी किया सम्मानित 
पूर्व प्रमुख सचिव शिक्षा विभाग कल्पना श्रीवास्तव भी श्री कचनेरिया के स्कूल प्रबंधन की प्रशंसा निरीक्षण के दौरान कर चुकी है इस दौरान आयुक्त श्रीमति श्रीवास्तव को शिक्षक  कचनेरिया के द्वारा कहे गए स्कूल ईज माई लाईफ ने खासा प्रभावित किया था। इछावर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल ने भी  कचनेरिया के उत्कृष्ठ कार्यो से 
 अभिभूत होकर उन्हे भव्य समारोह में सम्मानित किया। 
स्वयं सफाई करते है कचनेरिया 
आलमपुरा के ग्रामीणों के मुताबिक शिक्षक  कचनेरिया की जागरूकता और लगातार काम करने की क्षमता ने लगभग वर्ष १९५५ में बने स्कूल के पूराने भवन को भी सवार दिया है स्कूल में लगभग सभी शैक्षणिक गतिविधियों के साथ बच्चों को खेल अभ्यास, पर्यावरण सुरक्षा, पौधरोपण, स्वच्छता की भी सर्वोत्तम शिक्षा श्री कचनेरिया के द्वारा दी जाती रहीं है। स्कूल में माध्हन भोजन भी बच्चों के द्वारा प्रेरणादाय गीतों श£ाकों के साथ किया जाता है। अनेक बार शिक्षक श्री कचनेरिया स्वयं ही स्कूल के शौचालयों की साफ सफाई करते देखे जाते रहे है। बच्चों का उनसे स्नेह बना रहता है। 

प्रेरणा बने शिक्षक कचनेरिया 
शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शिक्षक श्री कचनेरिया की कार्यशैली और उनके द्वारा अपनाएं गए शिक्षकण कार्य की विशिष्ठ शैली और तरीकों के कायल रहे है। मृत्युपारंत अपने नेत्र मानव हित में दान करने का निर्णय लेकर शिक्षक  कचनेरिया शिक्षा जगत और समाज के लिए प्रेरणा बन गए है। उनके इस निर्णय की परिजन मित्रगण और सामाजिकजन विशिष्ठगण सहित जनप्रतिनिधि समाजसेवी और प्रशासनिक अधिकारी भी सराहना कर रहे है।

Ads

R.O.NO. 13954/94 Advertisement Carousel

MP info RSS Feed

फेसबुक