मध्य प्रदेश

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भोपाल | प्रदेश के कर्मचारियों, पेंशनर्स, अध्यापक और पंचायत सचिवों को दिवाली के पहले 24 और 25 अक्टूबर को वेतन मिलेगा। इसके राज्य सरकार ने मंगलवार को आदेश जारी कर दिए हैं। वहीं, कर्मचारियों को केंद्र के समान बढ़ा हुआ 5 फीसदी डीए दिए जाने पर सरकार गुरुवार को फैसला ले सकती है।
इस बारे में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने वित्त विभाग के अफसरों की बैठक बुलाई है। इसमें कांग्रेस के वचन पत्र के अनुसार कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता देने पर विचार किया जाएगा। हाला‌ंकि इस बारे में वित्तमंत्री तरुण भनोत की मुख्यमंत्री से भी चर्चा हुई है। प्रदेश की वित्तीय स्थिति ठीक न होने के कारण कर्मचारियों को डीए दिए जाने पर दो विकल्पों पर काम किया जा रहा है।  
पहला उन्हें 5 फीसदी डीए का भुगतान कर दिया जाए, दूसरा 3 फीसदी अभी दे दिया जाए और 2 फीसदी बाद में दिया जाए। साथ ही 1 जुलाई से 30 अक्टूबर तक बढ़े हुए डीए के एरियर की राशि करीब 1135 करोड़ रुपए कर्मचारियों के जीपीएफ अकाउंट में डाल दिए जाए। इन सभी विकल्पों पर चर्चा के बाद कर्मचारियों के डीए बढ़ाए जाने पर फैसला होगा। केंद्रीय कर्मचारियों के समान डीए दिए जाने पर सरकार को हर महीने 227 करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। इस हिसाब से साल भर में डीए की बढ़ोत्तरी का अतिरिक्त खर्चा करीब 2750 करोड़ रुपए होगा।  
अखिल भारतीय सेवा के अफसरों को 5 फीसदी डीए दिए जाने के आदेश जारी
इधर, सरकार ने अखिल भारतीय सेवा के अफसरों आईएएस, आईपीएस और आईएफएस के लिए 1 जुलाई से केंद्र के समान 5 फीसदी महंगाई भत्ता और एरियर की राशि भुगतान किए जाने किए जाने के आदेश जारी कर दिए हैं। इन अफसरों को बढ़े हुए डीए का भुगतान किए जाने के साथ चार महीने के एरियर की राशि भी नकद दी जाएगी।

भोपाल . एनजीटी ने मंगलवार को राज्य शासन और नगर निगम को जिंसी स्थित स्लाटर हाउस को तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश दिए हैं। एनजीटी प्रिंसिपल बैंच के न्यायाधीश राघवेंद्र सिंह राठौर ने आदमपुर छावनी में नए स्लाटर हाउस का कंस्ट्रक्शन रोकने और नए सिरे से जमीन आवंटन करने की बात पर सख्त नाराजगी जताई थी। न्यायाधीश ने कहा कि हमें यह भरोसा हो गया है कि जब तक मौजूदा स्लाटर हाउस बंद नहीं होगा, तब तक नया स्लाटर हाउस बनाने को लेकर अफसर गंभीर नहीं होंगे।
एनजीटी ने तत्काल जिंसी स्थित स्लाटर हाउस बंद करने का आदेश दिया है। हम इस पर राज्य शासन के वरिष्ठ अफसरों से चर्चा कर अगला निर्णय लेंगे। - बी विजय दत्ता, आयुक्त, नगर निगम
एडीएम बोले- नई जगह तलाश रहे हैं,  नगर निगम की ओर से कहा गया - आदमपुर छावनी में निर्माण जारी है
सुनवाई में एडीएम सतीश कुमार ने बताया कि जनप्रतिनिधियों ने आदमपुर छावनी में स्लाटर हाउस निर्माण पर आपत्ति ली है। हम नई जमीन तलाश रहे हैं। इसके विपरीत नगर निगम के अधिवक्ता ने कमिश्नर की मौजूदगी में कहा कि आदमपुर छावनी में स्लाटर हाउस का निर्माण जारी है और 31 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।
हर सुनवाई में अलग-अलग कारण, भोपाल की जनता को राहत दिलाने के लिए इस स्लाटर हाउस को बंद करना जरूरी
न्यायाधीश राघवेंद्र सिंह राठौर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हमें भरोसा हो गया है कि अब 31 दिसंबर तक नया स्लाटर हाउस बन कर तैयार नहीं होगा।। 2015 से लगातार यही स्थिति बनी हुई है। हर सुनवाई पर अलग-अलग कारण बताए जाते हैं। एेसे में भोपाल की जनता को प्रदूषण से राहत दिलाने और हमारे पुराने आदेश का पालन कराने के लिए अब यह जरूरी हो गया है कि जिंसी स्थित स्लाटर हाउस को बंद कर दिया जाए।

झाबुआ,झाबुआ (Jhabua)विधान सभा सीट उपचुनाव (assembly by election) के लिए मतदान जारी है. सुबह 7 बजे मतदान(voiting) शुरू होते ही मतदान केंद्रों (Polling Booth)पर मतदाताओं की कतार लगना शुरू हो गयी. इस सीट से कुल 5 प्रत्याशी मैदान में हैं. लेकिन मुख्य मुक़ाबला कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया (kantilal bhuria) और बीजेपी के भानु भूरिया (bhanu bhuria)के बीच है. कुल 2 लाख 77 हज़ार मतदाता इनके भाग्य का फैसला करेंगे. झाबुआ विधान सभा सीट से बीजेपी के जी एस डामोर विधायक थे. लोकसभा चुनाव में सांसद चुने जाने के बाद उन्होंने विधान सभा सीट से इस्तीफ़ा दे दिया था.
झाबुआ विधान सभा सीट से अपना विधायक चुनने के लिए मतदाताओं में ख़ासा उत्साह है. ठीक 7 बजते ही मतदान शुरू हो गया. मतदान शुरू होने से पहले ही मतदाता, मतदान केन्द्रों पर पहुंचना शुरू हो गए थे. इस विधान सभा क्षेत्र में कुल 356 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. शांतिपूर्ण मतदान के लिए किए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. क्षेत्र में दो लाख 77 हजार से ज्यादा मतदाता हैं, जो अपना विधायक चुनेंगे.
चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों में बैठने, पीने के पानी सहित तमाम सुविधाएं उपलब्ध करायी हैं. 15 मतदान केंद्रों पर आयोग वेबकास्टिंग के माध्यम से नज़र रख रहा है. सुरक्षा के लिए केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल की चार कंपनियों सहित पुलिसकर्मी तैनात हैं. EVM और वीवीपैट में अगर ख़राबी आ जाए तो उसके कारण मतदान प्रभावित न हो,इसके लिए एक्स्ट्रा मशीनें सेक्टर ऑफिसरों को दी गई हैं. ये अफसर मतदान के दौरान लगातार घूम-घूम कर नज़र रखेंगे. जहां कहीं से भी ईवीएम या वीवीपैट में खराब होने की सूचना मिलेगी, वहां पहुंचकर तत्काल बदलवाएंगे.इस बार आयोग के निर्देश पर 200 प्रतिशत मशीनों का इंतजाम किया गया है.
चुनाव मैदान में पांच उम्मीदवार हैं. इसमें कांग्रेस से कांतिलाल भूरिया, भाजपा से भानु भूरिया और तीन निर्दलीय कल्याण सिंह डामोर, निलेश डामोर और रामेश्वर सिंगार शामिल हैं. दोनों प्रमुख दल बीजेपी और कांग्रेस ने ये सीट जीतने के लिए अपना पूरा दम लगा दिया है. झाबुआ सीट हमेशा से कांग्रेस की परंपरागत सीट रही है. लेकिन बीजेपी ने इसमें सेंध लगा दी थी. इसिलए कांग्रेस अपना किला फिर जीतने के लिए मैदान में उतरी है और बीजेपी अपनी सीट बचाने की कोशिश में है.
दिग्गजों ने किया प्रचार
 चुनाव के दौरान दोनों दलों के दिग्गजों ने यहां आकर प्रचार किया. सीएम कमलनाथ खुद दो बार प्रचार के लिए यहां आए. पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान भी बीजेपी के लिए दो बार यहां वोट मांगने पहुंचे. बीजेपी से बागी होकर चुनाव लड़ रहे कल्याण सिंह डामोर पर सभी की नजर है. वो बीजेपी को नुक़सान पहुंचा सकते हैं. लोकसभा चुनाव जीतने के बाद बीजेपी सांसद गुमान सिंह डामोर के सीट छोड़ने के कारण झाबुआ विधानसभा सीट पर ये उपचुनाव हो रहा

भोपाल,झाबुआ उपचुनाव के बीच कमलनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री पीसी शर्मा का बड़ा बयान सामने आया है। शर्मा का कहना है कि कर्ज माफी की प्रक्रिया चल रही है।किसानों को मुआवजा के लिए भी सर्वे चल रहा है। दीवाली बाद बचे हुए किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा। साथ ही कहा कि बिजली बिल भी अब सौ रुपए आएंगे।कई किसानों के बिलों को आधा किया गया है। वही उन्होंने परिणाम से पहले दावा किया कि झाबुआ चुनाव में कांग्रेस ही जीत रही है।
बीजेपी के नवंबर में होने वाले किसान आंदोलन पर मंत्री पीसी शर्मा ने जमकर पलटवार किया । शर्मा ने कहा कि बीजेपी के पास नही कोई मुद्दा नही है।विपक्ष में इसलिए ये सब कर रही है।इससे कुछ फर्क नही पड़ता। वही सांसद प्रज्ञा के बयान को महात्माओं को लेकर दिए गए विवादित बयान पर शर्मा ने कहा कि साध्वी अब भी बापू को राष्ट्रपिता नही बोल रही  है।कल उन्होने महात्मा गांधी राष्ट्रपुत्र कहा था।
हनीट्रैप को लेकर कहा कि इसमें फंसी महिलाओं के खिलाफ कार्रवाई होगी।जनसंपर्क की ओर से भी यह कारर्वाई की जाएगी। तत्कालीन शिवराज सरकार मे जनसंपर्क ने आरोपी महिलाओं को राशि जारी की थी ।इसकी भी जांच की जा रही है।

भोपाल, लखनऊ में हिन्दू महासभा के अध्यक्ष कमलेश तिवारी के नृशंस के बाद यूपी से लेकर एमपी तक जमकर सियासत हो रही है। नेताओं के बीच बयानबाजी का दौर तेजी से चल रहा है।वही कांग्रेस द्वारा कानून व्यवस्था को लेकर योगी सरकार की जमकर घेराबंदी की जा रही है। अब कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को लेकर सवाल उठाए है और एक के बाद एक कई ट्वीट किए है।
एक वीडियो का लिंक शेयर करते हुए दिग्विजय ने ट्वीट कर लिखा है कि जिस व्यक्ति का नाम कमलेश तिवारी की मॉं ले रही है उसे उप्र की पुलिस गिरफ़्तार क्यों नहीं कर रही है? और क्या प्रमाण चाहिये?शिव कुमार गुप्ता जिस का नाम कमलेश की माता जी ले रही हैं क्या वह भाजपा का नेता है? भाजपा स्पष्ट करे।
दिग्विजय ने अगले ट्वीट में लिखा है कि पहले कमलेश की सुरक्षा हटाई फिर उसकी हत्या उसी के घर में और उस समय घर में एक उप्र पुलिस का सुरक्षा कर्मी मौजूद और हत्यारे हत्या कर निकल गये? यह सुनोयोजित हत्या है या नहीं? योगी जी क्या आप गुरू गोरखनाथ जी की गादी पर रहते हुए एक ब्राह्मण की हत्या होती देखते हुए भी आप चुप रहेंगे? भाजपा के हत्यारे को गिरफ़्तार नहीं करेंगे? मुझे आप से यह उम्मीद नहीं थी।
बता दे कि  शुक्रवार को लखनऊ में दो बदमाशों ने हिन्दू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की नृशंस हत्या कर दी थी। घटना के बाद गुस्साए समर्थकों ने  सड़कों पर उतरकर जमकर प्रदर्शन किया था।वही उनके बेटे ने शनिवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जांच की मांग की थी।पुलिस को जांच में आज रविवार को पता चला है कि हत्यारों ने अशफाक और मोइनुद्दीन के नाम से होटल में कमरा बुक किया था। पुलिस ने बताया कि दोनों अपने असली नाम से वहां ठहरे थे। होटल के कमरे से तौलिया मिला है, जिसमें खून के निशान मिले हैं। फॉरेंसिक विभाग से इन कपड़ों में मिले खून के धब्बों का मिलान कमलेश तिवारी के खून के करवाया जाएगा।इधर कमलेश की मां आज सीएम योगी से मुलाकात करने पहुंची है। इसके अलावा कमरे से भगवा रंग के कपड़े भी मिले हैं।मामले का खुलासा करने के लिए पुलिस की 10 टीमें काम कर रही हैं। लखनऊ के एसपी क्राइम गुजरात में भेजी गई टीम को लीड कर रहे हैं।

इंदौर. हनी ट्रैप की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी का प्रमुख बार-बार बदलने को लेकर मप्र हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने सरकार को फटकार लगाई है। सोमवार को जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार द्वारा हनी ट्रैप मामले की प्रोग्रेस रिपोर्ट भी पेश नहीं की गई इस पर भी कोर्ट नाराज हुई। मामले की अगली सुनवाई 2 दिसंबर को होगी।
हनी ट्रैप की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी का प्रमुख बार-बार बदलने और सीबीआई को केस सौंपने की मांगों को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई हुई।  एसआईटी प्रमुख बदलने के क्या कारण रहे इसका जवाब राज्य सरकार कोर्ट में पेश नहीं कर सकी। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए अगली सुनवाई तक एसआईटी प्रमुख को बदलने का कारण और मामले की जांच प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए।
सबूतों को जांच के लिए हैदराबाद भेजा जाए
मामले की जांच में एसआईटी ने आरोपी महिलाओं से सीडी, मोबाइल, पेन ड्राइव सहित काफी सामान जब्त किया था। इनकी जांच पुलिस ने अपनी ही लैब में करवाई है। इसे कोर्ट ने अनुचित मानते हुए जब्त किए गए सभी इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को हैदराबाद स्थित लैब में जांच के लिए भेजने के निर्देश दिए।
एसआईटी में होेता रहा बदलाव
सरकार ने सबसे पहले एसआईटी बनाई तो उसका प्रमुख आईपीएस डी. श्रीनिवास वर्मा को बनाया था, लेकिन उन्होंने खुद ही इस पद को छोड़ दिया था। इसके बाद डीजीपी ने सीनियर आईपीएस संजीव शमी को माॅनिटरिंग के लिए नियुक्त किया था। उनके हटने पर प्रदेश के प्रमुख सीनियर आईपीएस में शुमार राजेंद्र कुमार को जवाबदारी सौंपी गई।

इंदौर. विजयनगर स्थित गोल्डन गेट होटल में सोमवार सुबह आग लग गई। दमकलकर्मी स्थिति पर काबू पाते तब तक पांच मंजिला होटल पूरी तरह जल गया। फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत से होटल में फंसे कर्मचारियों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला। तबीयत बिगड़ने पर पांच लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक युवक जान बचाने के लिए छत से कूद रहा था, जिसे समझाकर बचाया गया।
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आई है। होटल का ज्यादातर हिस्सा लकड़ी से बना था, इस वजह से आग तेजी से फैली। सूचना के बाद दमकल की आठ गाड़ियों मौके पर भेजा गया। करीब एक घंटे बाद होटल के अगले हिस्से में लगी आग पर काबू पाया जा सका। आग से करोड़ों रुपए के नुकसान का अनुमान है।
थाना प्रभारी तहजीब काजी ने बताया कि होटल मैनेजर ने यहां 7 से 8 लोगों के ठहरने की बात बताई थी। दमकलकर्मी सीढ़ियों की मदद से कमरों तक पहुंचने और कांच तोड़कर अंदर दाखिल हुए। धुआं ज्यादा होने से रेस्क्यू में परेशानी आ रही थी। इस कारण होटल के भीतर एक सीढ़ी लगाई गई और एक लंबा चादरनुमा कपड़ा फेंका गया। जिसे पकड़कर लोग बाहर निकले।

मध्यप्रदेश के मुख्यसचिव श्री एस.आर. मोहंती की एक नोटशीट बायरल हुई है। जिसको लेकर कई तरह की चर्चाएं की जा रही हैं। 
जिसमें मुख्यसचिव एस.आर. मोहंती द्वारा विभागों को लिखा जाना उल्लेखित किया गया हैं कि बचन पत्र के उन बिंदुओं के क्रियान्वयन के लिए कार्यबाही करें जिनमें शासन पर  वित्तीय भार नहीं पड़ रहा है। इस संबंध में बचन पत्र के उन बिंदुओं के क्रियान्वयन करने के लिए  समय समय पर निर्देश दिए गए हैं। इनकी समीक्षा मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा शीघ्र की जाएगी।

भोपाल । अंतर्राष्ट्रीय गैर सरकारी संगठन जूनियर चैंबर इंटरनेशनल ने राजधानी भोपाल के ब्लाइंड स्कूल में दिव्यांग बच्चों के साथ दीपावली उत्सव के तहत जॉय ऑफ गिविंग प्रोग्राम का आयोजन किया। जेसीआरटीअध्यक्ष पूनम मंत्री ने ईएमएसटीवी को बताय कि उन्होने इस बार दिपावली उत्सव स्पेशल बच्चों के साथ मनाया है। उन्होने कहा कि इन बच्चों के साथ दीपावली मनाकर उन्हे खुशी महसूस हुई है। जेसीआई अध्यक्ष योगेश भूतड़ा ने बताया कि जेसीआई ने एक साल के लिए इस स्कूल को गोद लिया है। इसके अंतर्गत आज बच्चों को ठंड को देखते हुए गर्म कपड़े वितरत किए गए। 

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