मध्य प्रदेश

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झाबुआ. भाजपा द्वारा महाराष्ट्र चुनावों के लिए जारी घोषणा पत्र में जब से इस बात की घोषणा की गई है कि अगर उनकी राज्य में सरकार बनी तो वह वीर सावरकर को भारत रत्न देने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजेंगे। इस बात से देश की तमाम विपक्षी पार्टियों ने भाजपा पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।
विपक्ष यह कह कर भाजपा पर हमला किया है कि वह एक ऐसे व्यक्ति को कैसे भारत रत्न देने की मांग कर रही है जिस पर देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या में शामिल होने का आरोप हैं।
दूसरी तरफ कांग्रेस ने भी इस बात के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा है कि वीर सावरकर के जीवन के दो पहलू थे, पहले में उनका जेल से लौटने के बाद आजादी की लड़ाई में भागीदारी और दूसरे पहलू में उनका राष्ट्रपिता की हत्या में शामिल होना।
दिग्विजय ने कहा कि सावरकर के जिंदगी के दो पहलू थे, जिसमें पहले पहलू में अंग्रेजों से माफी मांगने के बाद लौटने पर स्वाधीनता संग्राम में उनकी भागीदारी। दूसरे पहलू में, सावरकर का नाम महात्मा गांधी की हत्या के मामले में साजिश रचने वाले के तौर पर दर्ज किया गया था।
दिग्विजय ने कहा कि हमें भूलना नहीं चाहिए कि महात्मा गांधी की हत्या करने वाले षड्यंत्रकारियों की सूची में सावरकर का नाम भी था। वह तो माफी मांग कर लौट आए थे।
दिग्विजय ने राजनीति से संयास के दिए संकेत
वहीं, दो बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंह ने बुधवार को एक रैली को संबोधित करते हुए इशारा किया है कि वह अब सक्रिय राजनीति से संयास की घोषणा कर सकते हैं।
झाबुआ जिले के बोरी क्षेत्र में अपने विश्वासपात्र और पार्टी के उम्मीदवार कांतिलाल भूरिया के लिए आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि मैंने और कांतिलाल भूरिया सक्रिय राजनीति में लंबे समय से हैं, और अब हम एक ऐसे उम्र में आ चुके हैं, जहां से हमें संयास ले लेना चाहिए।  
दिग्विजय ने कहा कि अब हम युवा पीढ़ी को तैयार कर रहे हैं, जो हमारे साथ काम कर रहे हैं। मैंने बहुत सारे चुनाव लड़े हैं और अब कांतिलाल भूरिया भी अपना आखिरी चुनाव लड़ रहे हैं। मैं आप लोगों से कहना चाहूंगा कि 1980 से आजतक आप लोगों के लिए कांतिलाल भूरिया द्वारा किए गए कार्यों को देखते हुए हर एक वोट उन्हीं को दिया जाना चाहिए।
सिंह के भाषण को 69 वर्षीय पूर्व केंद्रीय मंत्री भूरिया (जो सिंह के नेतृत्व में तत्कालीन मप्र सरकार में मंत्री भी थे) को 21 अक्तूबर के विधानसभा उपचुनाव में समर्थन के लिए मतदाताओं से एक भावनात्मक अपील के रूप में देखा गया जो 37 वर्षीय भाजपा उम्मीदवार भानु भूरिया के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।
दिग्विजय के इस बयान के राजनीति के गलियारों में एक उनके सक्रिय राजनीति से संयास के तौर पर देखा गया है जो 16 साल के अंतराल के बाद कुछ ही महीने पहले लोकसभा चुनावों के लिए मैदान में उतरे थे, जहां उन्हें भोपाल लोकसभा सीट पर भाजपा की उम्मीदवार प्रज्ञा ठाकुर से हार का सामना करना पड़ा।
सिंह को अप्रैल 2014 में संसद के ऊपरी सदन के लिए चुना गया था और मध्यप्रदेश से राज्यसभा सदस्य के रूप में उनका कार्यकाल 9 अप्रैल, 2020 को समाप्त हो रहा है।
72 वर्षीय राज्यसभा सदस्य ने यह कहकर एक और दूरगामी राजनीतिक बयान दिया कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार वर्तमान सीएम कमलनाथ के नेतृत्व में पूरे पांच साल तक जारी रहेगी। इस प्रकार दिग्विजय ने सरकार में बदलाव के बारे में अटकलों पर विराम लगाते हुए भविष्य में सरकार में नेतृत्व में परिवर्तन को नकार दिया है।

भाेपाल. महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए करवा चाैथ का व्रत रखती है। यही व्रत एक परिवार काे जाेड़ने का सबब बन गया है। फैमिली काेर्ट में तलाक के लिए पहुंचे एक केस में जज ने उस समय सुनवाई राेक दी, जब पत्नी ने कहा कि उसने पिछली साल करवा चाैथ का व्रत रखा था अाैर पति उसे तुड़वाने तक नहीं अाया। पति ने कहा कि उसने फाेन लगाया था, लेकिन साली ने कह दिया कि दीदी बात तक नहीं करना चाहती। इसके बाद उसने कभी फाेन नहीं लगाया। इस पर जज ने कहा- बीती बाताें काे छाेड़ दाे। इस साल का करवा चाैथ सेलीब्रेट कराे। उन्होंने पति से करवा चाैथ की शाॅपिंग कराने को कहा। जज ने फाॅलाेअप करने के लिए काउंसलर नुरुनिसा खान काे निर्देशित किया है। उनकी रिपाेर्ट के बाद अगली सुनवाई हाेगी।
पति बोला....अफेयर की बात स्पष्ट नहीं की
फैमिली काेर्ट में लालघाटी निवासी एक पुरुष ने तलाक के लिए अावेदन दिया था। काउंसलिंग में पति ने बताया कि उनकी शादी मई 2014 में हुई थी। पत्नी संविदा पर नाैकरी करती है। तीन साल तक ताे सब कुछ अच्छा चला। पत्नी के अाॅफिस के लाेगाें से उनका मिलन जुलना अाैर पारिवारिक रिश्ते थे। एक दिन पत्नी के साथ नाैकरी करने वाले दाे पुरुष साथियाें ने बताया कि उसका अफेयर चल रहा है। पत्नी से पूछा ताे वह कुछ बताने तैयार नहीं थी। इसकाे लेकर उनके बीच इतना तनाव बढ़ा कि पत्नी सामान लेकर घर चली गई। उसके बाद उनके बीच बातचीत बंद हाे गई। दाे साल तक दाेनाें ने एक दूसरे से बातचीत नहीं की। इसके बाद उन्हाेंने अापसी सहमति से तलाक का प्रकरण लगा दिया।
पत्नी बोली...दूसराें की बाताें पर किया विश्वास  
पत्नी ने बताया कि उनकी अरेंज मैरिज है। पति के साथ तीन साल बहुत ही अच्छे बीते। पति उनकी मदद करते थे। हर बात में साथ देते थे। उनके अाॅफिस के लाेगाें से मिलते जुलते थे। अचानक पति का व्यवहार बदल गया। वे कटे-कटे से रहने लगे। बात-बात पर झगड़ा करते। कई बार बीच में ही अाॅफिस पहुंच जाते। किस से मिल रही हो किससे नहीं। उन्हें हर शाम काे इसका हिसाब देना पड़ता था। हद ताे तब हाे गई जब इन्हाेंने टूर के दाैरान एक पुरुष साथी के साथ नाम जाेड़कर जलील किया। उस दिन उसके अात्मसम्मान काे ठेस पहुंची। जबकि उस पुरुष साथी से उनका काेई लेना देना नहीं था। महिला का भी कहना था कि वह एेसे पुरुष के साथ नहीं रह सकती थी जाे शक की नजर से उसे देखता हाे।
काउंसलर बोलीं...वो साथ रहने को ही तैयार नहीं थे
काउंसलर नुरुनिसा खान ने बताया कि उन्हाेंने दाेनाें की तीन काउंसलिंग की लेकिन दाेनाें साथ रहने तैयार ही नहीं थे। पत्नी का कहना था कि उसका काेई अफेयर नहीं है। यह बात पति मानने तैयार नहीं था। उन्हाेंने रिपाेर्ट बनाकर प्रधान न्यायधीश अारएन चंद काे दी थी। फाइनल सुनवाई में जज साहब को उम्मीद की किरण दिखी।

मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के जिला अस्पताल में एक मरीज की मौत के बाद उसके साथ ऐसी अमानवीयता हुई जिससे कि आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। इस मरीज का नाम बालचंद्र लोधी था जिसकी उम्र 50 साल थी। उसे पेट में दर्द के कारण जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां मौत के बाद उनकी आंखों और चेहरे पर चीटिंयां चिपकी हुई थीं। इस मामले में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले में पांच डॉक्टरों सहित सिविल सर्जन को निलंबित कर दिया गया है।
 लोधी की पत्नी रामश्री बाई ने रोते हुए बताया कि मेरे बच्चे छोटे हैं इसी वजह से मैं सोमवार शाम सात बजे घर चली गई थी। मंगलवार सुबह साढ़े दस बजे किसी ने मुझे फोन करके बताया कि मेरे पति की मौत हो गई है। अस्पताल पहुंची तो बेड पर उनका शव पड़ा था। उनकी आंखों और चेहरे पर चीटियां लगी हुई थीं। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर और नर्स के अंदर इतनी भी मानवीयता नहीं थी कि वे शव को ढंक देते।
मुख्यमंत्री ने ट्विटर पर लिखा कि यह मामला काफी संवेदनशील है। शिवपुरी में जिला अस्पताल में एक मरीज की मौत होने पर उसके शव पर चींटियां चलने व इस घटना पर बरती गई लापरवाही की घटना बेहद असंवेदनशीलता की परियाचक। ऐसी घटनाएं मानवता व इंसानियत को शर्मसार करती है, बर्दाश्त कतई नहीं की जा सकती है। घटना के जांच के आदेश, जांच में दोषी व लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्यवाही के निर्देश।
जानकारी के अनुसार बालाचंद्र टीबी की मरीज था और भर्ती कराए जाने के पांच घंटे बाद ही उनकी मौत हो गई थी। वार्ड में मौजूद अन्य मरीजों ने डॉक्टरों को इसकी जानकारी दी लेकिन स्टाफ ने कथित तौर पर उसके शव को वहीं पर पड़े रहने दिया। ड्यूटी पर मौजूद एक डॉक्टर ने भी सुबह 10 बजे के आसपास वार्ड में अपना राउंड पूरा किया लेकिन शव की उपेक्षा की। लोधी की पत्नी ने उनकी आंखों और चेहरे पर चिपकी चीटिंयों को हटाया।

होशंगाबाद/पिपरिया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कार्यकर्ता अनुज पुर्बिया की हत्या के तीन आरोपियों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा दी है। तीन साल पहले अनुज की हत्या हुई थी। प्रथम अपर सत्र न्यायधीश आदेश कुमार जैन की अदालत ने मंगलवार को आरोपी शाइना बी और उसके साथी फंटी उर्फ महेंद्रनाथ और अखिलेश उर्फ पलिया को आजीवन कारावास के साथ 5000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपियों को उम्रकैद के साथ ही इसी मामले में मारपीट की धारा में छह माह की सजा और 1000 रुपए जुर्माना किया है। पैरवी अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी कैलाश पटेल और अपर जिला लोक अभियोजन अधिकारी सुनील चौधरी ने की।
पटेल ने बताया 28 अगस्त 2017 को शास्त्री वार्ड क्षेत्र में स्थित कला मंदिर गली में अनुज पुर्बिया नामक युवक की चाकूओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। शाइना बी पर मादक पदार्थों को बेचने के आरोप थे और अनुज पुर्बिया के द्वारा शाइना बी और उसके साथियों की असामाजिक गतिविधियों का विरोध किया जा रहा था। इसके चलते इन तीनों ने मिलकर उसकी चाकूओं से गोदकर हत्या की थी।

भोपाल. लोकायुक्त पुलिस की टीम ने मंगलवार सुबह सहायक आबकारी आयुक्त आलोक कुमार खरे के भोपाल में दो, इंदौर में दो जगह, रायसेन में दो, छतरपुर में एक साथ छापा मारा। खरे के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति होने की शिकायत मिली थी, जिस पर लोकायुक्त पुलिस ने यह एक्शन लिया। लोकायुक्त डीएसपी नवीन अवस्थी का कहना है कि ये प्रदेश की सबसे बड़ी कार्रवाई निकल सकती है।
प्रारंभिक जांच में ही करीब 100 करोड़ से अधिक की संपति का खुलासा हो चुका है। इंदौर के पॉश इलाके में एक पैंट हाउस और एक बंगला मिला है। यहां से तीन किलो सोना मिलने की भी खबर है। भोपाल के चूनाभट्टी और बाग मुगालियां में दो बड़े बंगले और कोलार में फार्म हाउस, रायसेन में दो फार्म हाउस का खुलासा हुआ है। लोकायुक्त डीएसपी नवीन अवस्थी ने बताया कि लोकायुक्त टीम के 70 सदस्य एक साथ सात जगह कार्रवाई कर रहे हैं। एक दर्जन से अधिक लग्जरी गाड़ियां मिल चुकी हैं। इंदौर के बंगले से 10 लाख रुपए और रायसेन के फार्म हाउस से पांच लाख रुपए मिले हैं।
खरे का छतरपुर स्थित निवास की कीमत भी करोड़ों रुपए बताई जा रही है। सूचना यह भी है कि खरे के छतरपुर स्थित निवास से विदेशी मुद्रा भी मिली है। रायसेन स्थित खरे का लग्जरी फार्म हाउस देखकर लोकायुक्त टीम भी हैरान रह गई।
इंदौर में कार्रवाई करने के लिए इंदौर लोकायुक्त टीम की मदद ली गई है। इंदौर के ग्रेंड एक्सओटिका सहित एक अन्य स्थान पर जब टीम पहुंची तो उन्हें ताला मिला। यहां लोकायुक्त टीम के लोग अभी खड़े हुए हैं। खरे की पत्नी रायसेन में फलों की खेती कर रही हैं और वे पत्नी के नाम से ही इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर रहे थे।
इंदौर के सहायक आबकारी आयुक्त नरेश चौबे के ट्रांसफर के बाद भोपाल से सहायक आबकारी आयुक्त आलोक खरे को इंदौर सहायक आबकारी आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई थी।

शिवपुरी। लोकसभा चुनाव में शिवपुरी संसदीय क्षेत्र से मिली हार से कांग्रेस प्रत्याशी रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया काफी दुखी है। सोमवार को यहां एक दिन के प्रवास पर पहुंचे सिंधिया अपनी बात कहते-कहते भावुक हो गई और उनकी आंखें भर आईं।
सिंधिया ने भारी आवाज में कहा कि लोकसभा चुनाव के नतीजे से दिल में दुख है। पर मैं क्षेत्र के लिए अपना काम करता रहूंगा। मेरी जितनी हैसियत है उतना काम कर रहा हूं। बस इतना कह सकता हूं कि आप लोग मुझमें कुछ कमी नहीं पाओगे। आज मेरी भी सीमा है। बस इतना कहना चाहूंगा। आम चुनाव में ज्योतिरादित्य सिंधिया को कभी उनके खास रहे केपी सिंह हराया था।
इसके बाद सिंधिया उस पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे जिनके बच्चों की बीते दिनों खुले में शौच करने पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। सिंधिया के कहने पर परिवार की एक सरकारी आवास में रहने की व्यवस्था की जा रही है।
उन्होंने बच्चों की  हत्या पर दुख जताया और पीड़ित परिवारों को 50-50 लाख का मुआवजा देने की मांग की। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ को चिठ्ठी भी लिखी है। सिंधिया ने भी पीड़ित परिवार को पांच लाख की आर्थिक मदद देने का वादा किया है।

रायसेन। जिले के गैरतगंज थाने में पदस्थ एक आरक्षक ने आज सुबह अपने घर पर सरकारी रायफल से स्वयं पर फायर कर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार गैरतगंज थाने में पदस्थ आरक्षक शहजाद सागर जिले के बरारू का रहने वाला था, जो यहां किराए के मकान धनगांव रोड पर रहता था। आरक्षक कल रात्रि गश्त के बाद तडके चार बजे घर लौटा था। सरकारी रायफल उसके साथी आरक्षक की थी। साथी आरक्षक सुबह सेविंग कराने गया। इसी दौरान शहजाद ने खुद को गोली मार ली। आत्महत्या किए जाने का कारण अज्ञात है।

होशंगाबाद. मध्यप्रदेश के होशंगाबाद में सोमवार सुबह सड़क हादसे में चार राष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाड़ियों की मौत हो गई, जबकि तीन की हालत गंभीर है। सभी लोग होशंगाबाद में आयोजित एक टूर्नामेंट में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान उनकी कार इटारसी और होशंगाबाद के बीच नेशनल हाईवे-69 पर पेड़ से टकरा गई।
जानकारी के मुताबिक, सभी खिलाड़ी होशंगाबाद में ध्यानचंद अकादमी अखिल भारतीय हॉकी ट्रॉफी का सेमीफाइनल खेलने के लिए आए थे। वे साथी खिलाड़ी आदर्श हरदुआ का जन्मदिन मनाने के लिए आयोजकों की अनुमति लेकर रविवार रात इटारसी गए थे। वहां से सुबह लौटते समय रैसलपुर के पास हादसा हुआ।
जिसका जन्मदिन मनाया, उसकी भी मौत हुई
इस टूर्नामेंट के आयोजक नीरज ने भास्कर को बताया कि हादसा सुबह करीब 6:45 बजे हुआ। घायलों को होशंगाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों में इटारसी के रहने वाले आदर्श हरदुआ, ग्वालियर के अनिकेत, इंदौर के शाहनवाज खान और जबलपुर के आशीष लाल शामिल हैं।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मदद का भरोसा दिया
हादसे के बाद प्रदेश के खेल मंत्री जीतू पटवारी भोपाल से होशंगाबाद रवाना हो गए। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी खिलाड़ियों के मौत पर दुख जताया है।

कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किसानों की कर्जमाफी को लेकर अपनी ही सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि किसानों का दो लाख तक का कर्ज माफ होना चाहिए। भिंड में लोगों को संबोधित करते हुए सिंधिया ने कहा, 'किसानों का कर्ज पूरी तरह से माफ नहीं किया गया है। केवल 50 हजार रुपये का कर्ज माफ किया गया है जबकि हमने कहा था कि दो लाख तक का कर्ज माफ किया जाएगा। दो लाख रुपये तक के कर्ज को माफ किया जाना चाहिए।

 यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस के अंदर ही कर्जमाफी को लेकर सवाल उठे हों। इससे पहले राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह भी कमलनाथ सरकार की इस योजना पर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने किसानों की पूरी तरह से कर्जमाफी न होने पर राहुल गांधी को जनता से माफी मांगने तक के लिए कह दिया था।


कांग्रेस नेता लक्ष्मण सिंह ने भोपाल में कहा था, 'हम राज्य में किसानों से किया कर्जमाफी का वादा पूरा करने में सफल नहीं रहे हैं। राहुल गांधी को किसानों से माफी मांगनी चाहिए और उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि कर्जमाफी में कितना समय लगेगा। इससे उन किसानों के बीच अच्छा संदेश जाएगा जो नाराज हैं।'

बता दें कि मध्यप्रदेश में पिछले साल कांग्रेस सरकार किसानों की कर्जमाफी का वादा करके सत्ता में आई थी। सरकार ने कर्जमाफी के तहत कुछ किसानों का कर्ज माफ किया है लेकिन कितनों को इस योजना का फायदा असल में मिला इसके आंकड़े स्पष्ट नहीं हैं। राज्य के किसानों की एक बड़ी संख्या अब भी इस योजना से अछूती है। यही कारण है कि उसके अंदर कमलनाथ सरकार के प्रति नाराजगी है।

वहीं दूसरी ओर भिंड में सिंधिया का एक पोस्टर लगाया गया है जिसमें वह प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के साथ नजर आ रहे हैं। इस पोस्टर में वह जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को निष्प्रभावी करने के सरकार के फैसले का समर्थन कर रहे हैं। जिसके बाद भाजपा के भिंड जिला समन्वयक ने यह पोस्टर लगाया।

मध्यप्रदेश में किसानों की कर्जमाफी पर अपनों से ही घिरे कमलनाथ ने कहा है कि उन्हें अपना वादा याद है और प्रदेश की जनता को उनपर पूरा भरोसा है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किसानों की कर्जमाफी पर अपनी ही सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि दो लाख का कर्ज माफ करने का वादा किया गया था, जो अबतक नहीं हुआ। इसपर कमलनाथ ने कहा है कि अगले चरण में यह वादा पूरा होगा। 

 

 

कमलनाथ ने कहा कि पहले चरण में किसानों का 50 हजार तक का कर्ज माफ किया गया है। अगले चरण में सरकार किसानों का दो लाख तक का कर्ज माफ करने जा रही है। मैं मानता हूं कि  दो लाख तक की कर्जमाफी का वादा किया गया था और सरकार को अपना वादा याद है। जनता को उनके नेता पर पूरा भरोसा है। 

मालूम हो कि कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किसानों की कर्जमाफी को लेकर भिंड में अपनी ही सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि किसानों का दो लाख तक का कर्ज माफ होना चाहिए। लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों का कर्ज पूरी तरह से माफ नहीं किया गया है। केवल 50 हजार रुपये का कर्ज माफ किया गया है जबकि हमने कहा था कि दो लाख तक का कर्ज माफ किया जाएगा। 

वहीं, उनसे पहले राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह भी कमलनाथ सरकार की इस योजना पर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने किसानों की पूरी तरह से कर्जमाफी न होने पर राहुल गांधी को जनता से माफी मांगने तक के लिए कह दिया था। सिंह ने कहा था कि राहुल गांधी को किसानों से माफी मांगनी चाहिए और उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि कर्जमाफी में कितना समय लगेगा। इससे किसानों के बीच अच्छा संदेश जाएगा।

दिग्विजय के ट्वीट पर भी कमलनाथ ने दिया जवाब 

इससे पहले गोरक्षा पर मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सलाह के बाद सियासत गरमा गई। दिग्विजय ने सीएम कमलनाथ को सच्चा गोभक्त बनने की सलाह दी तो कमलनाथ ने भी गोरक्षा के लिए किये गए सरकार के प्रयास गिना दिए। 

कांग्रेस की कमलनाथ सरकार को पूर्व सीएम दिग्विजय ने भोपाल-इंदौर हाईवे पर सड़क दुर्घटना में गायों की मौत को लेकर सलाह दी थी कि सरकार को तत्काल गायों को सड़कों से हटाकर गोशालाओं में भेजना चाहिए। उन्होंने तत्काल ऐसा करके सीएम कमलनाथ को सच्चा गोभक्त बनने की बात कह डाली थी। 

दिग्विजय की इस सलाह के बाद सीएम कमलनाथ ने सरकार के काम गिना दिए। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मुझे गायों की चिंता है। गायों की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं और 1000 गोशालाओं का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। बाद में सियासत गरमाने लगी तो सीएम ने कहा कि उन्होंने सरकार के काम और नीति बताने का कोई और मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए।

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