ईश्वर दुबे
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Bhilai
नवाचार, तकनीक और संवेदनशीलता से प्राथमिक शिक्षा को दी नई दिशा
छत्तीसगढ़ से राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान पाने वाली एकमात्र शिक्षिका
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से भी मिला संवाद का अवसर
रायपुर, सितंबर 2026/शिक्षक दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ से वर्ष छत्तीसगढ़ से राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान के लिए चयनित होने वाली सुनीता यादव एकमात्र शिक्षिका हैं l सारंगढ़- बिलाईगढ़ जिले के लिए आज गौरव का ऐतिहासिक क्षण रहा। जिले के बरमकेला विकासखंड के शासकीय प्राथमिक विद्यालय खिचरी की शिक्षिका श्रीमती सुनीता यादव को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान समारोह में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया।
देशभर के चयनित स्कूली शिक्षकों को यह सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान, नवाचार और विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए प्रदान किया गया। विज्ञान भवन में आयोजित गरिमामय समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने सुनीता यादव को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। समारोह में राष्ट्रीय स्तर पर चयनित शिक्षकों के अनुकरणीय कार्यों पर आधारित लघु वृत्तचित्र भी प्रदर्शित किए गए।
खेल-खेल में शिक्षा तथा नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाया
सुनीता यादव ने सीमित संसाधनों वाले ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि साहित्य, तकनीक, रचनात्मकता और अनुभव आधारित गतिविधियों को शिक्षण का माध्यम बनाया। कक्षा के अंतिम पायदान पर रहने वाले बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए उन्होंने निरंतर प्रयास किए और बच्चों में सीखने की रुचि विकसित करने के लिए खेल-खेल में शिक्षा तथा नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाया।
शिक्षा के साथ रोजगारमूलक जानकारी और डिजिटल साक्षरता को जोड़ने की पहल
शिक्षिका सुनीता यादव बच्चों को कठिन विषयों को सहज ढंग से समझाने के लिए स्वयं और विद्यार्थियों के अभिनय वाली लघु फिल्में तैयार कर उनका उपयोग शिक्षण में करती हैं। इसके साथ ही वे दीक्षा एप, स्टोरीवीवर, ऑडियो बुक, पॉडकास्ट, ब्लॉगिंग और स्मार्ट क्लास जैसी तकनीकी माध्यमों का उपयोग कर बच्चों के सीखने के अनुभव को अधिक रोचक और प्रभावी बनाती हैं। उनके प्रयासों में शिक्षा के साथ रोजगारमूलक जानकारी और डिजिटल साक्षरता को जोड़ने की पहल भी शामिल है।
आदिवासी बच्चों के लिए निशुल्क समर कैंप चलाकर अध्यापन की
सुनीता की संवेदनशीलता केवल कक्षा तक सीमित नहीं है। बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए वे अपने व्यय से विद्यार्थियों को नियमित दूध उपलब्ध कराती हैं तथा अधिक से अधिक न्योता भोजन कराने के लिए समुदाय को प्रेरित करती हैं। शिक्षा से वंचित और कमजोर वर्ग के बच्चों तक पहुंच बनाने के लिए उन्होंने बिलासपुर जिले के शासकीय प्राथमिक विद्यालय तिलकडीह में आदिवासी बच्चों के लिए निशुल्क समर कैंप चलाकर अध्यापन भी किया।
विद्यार्थियों में सामाजिक एवं पर्यावरणीय संवेदनशीलता विकसित करने का प्रयास
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के प्राथमिक विद्यालयों में आए बदलाव और उसके प्रभावों पर शोध पत्र तैयार करने वाली वे जिले की पहली महिला शिक्षिका हैं। शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकारों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही है। प्रकृति संरक्षण के लिए सीड बॉल तैयार करने और देश की सुरक्षा में योगदान देने वाले सैनिकों के लिए राखी निर्माण जैसे कार्यों के माध्यम से उन्होंने विद्यार्थियों में सामाजिक एवं पर्यावरणीय संवेदनशीलता विकसित करने का प्रयास किया है।
सरकार प्रदेश के युवा छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति संवेदनशील- उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा
अमृत सरोवर, बालिका शौचालय, पंचायत भवन और आंगनबाड़ी केंद्र का लिया जायजा
युक्तधारा, सिक्योर एवं क्लार्ट पोर्टल से कार्ययोजना तैयार करने और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के दिए निर्देश
रायपुर, सितंबर 2026/ विकसित भारत-जी राम जी के आयुक्त एवं प्रधानमंत्री आवास योजना-(ग्रामीण) के संचालक श्री तारन प्रकाश सिन्हा ने धमतरी जिले के विकासखंड कुरूद की विभिन्न ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर शासकीय योजनाओं एवं विकास कार्यों का मैदानी निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम पंचायत धूमा में बालिका शौचालय निर्माण, अमृत सरोवर एवं पंचायत भवन का निरीक्षण किया। साथ ही ग्राम पंचायत चरमुड़िया स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का अवलोकन कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
बालिका शौचालय निर्माण एवं श्रमिकों से की चर्चा
ग्राम पंचायत धूमा में बालिका शौचालय निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए आयुक्त श्री सिन्हा ने कार्य में लगे श्रमिकों से बातचीत की तथा उन्हें मजदूरी भुगतान की स्थिति के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को श्रमिकों के मजदूरी भुगतान के लिए आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम पंचायत में निर्मित अमृत सरोवर का भी निरीक्षण किया। इस दौरान सरोवर से स्व-सहायता समूह द्वारा किए जा रहे मछली पालन की गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने समूह की आयवर्धक गतिविधियों, आजीविका के साधनों और कार्यों की प्रगति के संबंध में सदस्यों से चर्चा की तथा ग्रामीण आजीविका से जुड़े कार्यों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
क्यू आर कोड स्कैन कर देखी ग्राम पंचायत में हुए कार्यों की जानकारी
आयुक्त श्री सिन्हा ने ग्राम पंचायत भवन में क्यू आर कोड स्कैन कर पंचायत में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी का अवलोकन किया। उन्होंने क्लार्ट ऐप एवं युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से प्रस्तावित एवं स्वीकृत कार्यों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत आवास निर्माण की प्रगति की जानकारी पंचायत सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक से ली। उन्होंने पंचायत स्तर पर योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग, समयबद्ध प्रगति तथा हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
चरमुड़िया आंगनबाड़ी केंद्र का किया निरीक्षण
भ्रमण के दौरान आयुक्त श्री सिन्हा ने ग्राम पंचायत चरमुड़िया स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र की व्यवस्थाओं, उपलब्ध सुविधाओं एवं संचालन की स्थिति की जानकारी ली तथा बच्चों के लिए आवश्यक सुविधाओं के बेहतर प्रबंधन पर जोर दिया।
कार्ययोजना में स्थानीय जरूरतों को मिले प्राथमिकता
भ्रमण के अंत में जनपद पंचायत कुरूद कार्यालय में कार्यक्रम अधिकारियों एवं तकनीकी सहायकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना तैयार करने, कार्यों को Secure एवं युक्तधारा पोर्टल में शामिल करने तथा स्वीकृति की प्रक्रिया की विस्तार से समीक्षा की गई।
आयुक्त श्री सिन्हा ने विकसित भारत-जी राम जी योजना के अंतर्गत बारिश के दौरान तथा बारिश के बाद प्राथमिकता के आधार पर किए जाने वाले कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को ग्राम पंचायत स्तर पर स्थानीय आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों एवं ग्रामीणों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कार्यों का चयन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना केवल औपचारिकता न होकर स्थानीय जरूरतों के अनुरूप उपयोगी, टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण परिसंपत्तियों के निर्माण का आधार बने। उन्होंने कार्यों की समयबद्ध स्वीकृति, गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में ग्राम पंचायतों में युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से कार्यों की स्वीकृति एवं प्रगति की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने अधिकारियों एवं तकनीकी सहायकों को योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों का अधिकतम लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
बुनियादी सुविधाओं, शिक्षा और अधोसंरचना के विस्तार से संवर रहा ग्रामीण अंचल
रायपुर, सितंबर 2026/ राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने आज रायपुर जिला के तिल्दा विकासखण्ड के ग्राम सगुनी में विकास और जनसेवा से जुड़े कार्यक्रम में नव निर्मित रंगमंच और अमृत सरोवर का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने उत्कृष्ट सेवाओं के लिए शिक्षकों का सम्मान और महिलाओं को पूरक आहार का वितरण किया। मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को नया आयाम देते हुए क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की गति को तेज कर दिया गया है।
मूलभूत सुविधाओं की पहुंच प्राथमिकता में
मंत्री श्री वर्मा ने स्पष्ट किया कि बलौदाबाजार विधानसभा के लगभग 260 गांवों और 2 नगरपालिकाओं में विकास कार्यों के लिए बजट की कोई कमी नहीं है। विकास कार्यों का आवंटन बिना किसी भेदभाव के किया जा रहा है, ताकि हर पंचायत और गांव को इसका समान लाभ मिल सके। प्रत्येक गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और मूलभूत सुविधाओं की पहुंच प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जा रही है।
शिक्षा व्यवस्था एवं आंगनबाड़ियों का सुदृढ़ीकरण
ग्रामीण बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल प्रदान करने के लिए व्यापक स्तर पर अधोसंरचना सुधार जारी है। तिल्दा ब्लॉक के 40 स्कूलों में अतिरिक्त कमरों तथा आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। स्कूलों में पेयजल, बाउंड्री वॉल और शौचालयों का निर्माण कार्य तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। इसी तरह हर गांव में आंगनबाड़ी केंद्रों, खेल मैदानों और सामुदायिक शेड के निर्माण को प्राथमिक सूची में शामिल किया गया है।
गांवों का कायाकल्प और अधोसंरचनात्मक विकास पर विशेष ध्यान
ग्रामीण जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए अधोसंरचनात्मक विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विधानसभा के 50 गांवों में नई लाइटें लगाने के लिए 2 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत कर जारी कर दी गई है। गांवों में मुक्तिधाम निर्माण, तालाबों का सौंदर्यकरण और पिंडा-बूतरा निर्माण के कार्य प्रगति पर हैं।राजस्व विभाग के माध्यम से लगभग 15 करोड़ रुपए के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिससे ग्रामीण अधोसंरचना को नई मजबूती मिलेगी।
17 सितंबर को विकसित भारत के संकल्प के साथ विशेष आयोजन
मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने 17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा जयंती एवं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर सभी नागरिकों से दीप प्रज्वलित कर इसे धूमधाम से मनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है।
संयुक्त राष्ट्र ने 27 नवंबर को घोषित किया अंतरराष्ट्रीय दिवस, राज्य में बाल विवाह रोकथाम के प्रयासों को मिलेगा और बल
रायपुर, सितंबर 2026/ बाल विवाह के खिलाफ छत्तीसगढ़ में चलाए जा रहे जागरूकता और रोकथाम के प्रयासों को संयुक्त राष्ट्र द्वारा 27 नवंबर को ‘बाल विवाह, कम उम्र और जबरन विवाह के उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस’ घोषित किए जाने से नई ताकत मिली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और अधिकारों को प्राथमिकता देते हुए बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के उन्मूलन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा जिला एवं मैदानी स्तर पर जागरूकता, निगरानी और रोकथाम की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है।
यह निर्णय भारत के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि 27 नवंबर 2024 को ही देश में ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान की शुरुआत की गई थी। भारत से शुरू हुई इस मुहिम को अब वैश्विक स्तर पर मान्यता मिलना बाल विवाह के खिलाफ सामूहिक प्रयासों की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
छत्तीसगढ़ में बाल विवाह की दर में आई उल्लेखनीय कमी
राज्य में बाल विवाह रोकथाम के लिए शासन, प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस, पंचायतों, स्कूलों और सामाजिक संगठनों के समन्वित प्रयासों का सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 (2019-21) के अनुसार छत्तीसगढ़ में 18 वर्ष से कम उम्र में विवाह करने वाली लड़कियों का प्रतिशत 12.1 प्रतिशत था, जो राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (2023-24) में घटकर 10.1 प्रतिशत रह गया है।
बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के साथ ही राज्य में बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। समुदायों, पंचायतों, स्कूलों, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों, धर्मगुरुओं और पुलिस की भागीदारी से बाल विवाह की सूचना मिलने पर समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में 8,414 बाल विवाह रुकवाए गए
जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (JRC) और उसके सहयोगी संगठनों द्वारा भी राज्य में बाल विवाह रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। पिछले तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में 8 सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर 8,414 बाल विवाह रुकवाए गए हैं। यह आंकड़ा राज्य में शासन और सामाजिक संगठनों के साझा प्रयासों तथा बढ़ती जनजागरूकता को दर्शाता है।
27 नवंबर को वैश्विक स्तर पर मजबूत होगा संकल्प
संयुक्त राष्ट्र महासभा में सिएरा लियोन द्वारा भारत सहित 67 देशों के समर्थन से प्रस्तुत प्रस्ताव को 4 सितंबर को पारित किया गया। इसके तहत 27 नवंबर को बाल विवाह, कम उम्र और जबरन विवाह के उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित किया गया है।
27 नवंबर 2024 को ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के दौरान 25 करोड़ से अधिक लोगों द्वारा बाल विवाह के खिलाफ शपथ ली गई थी। अब संयुक्त राष्ट्र की घोषणा से इस अभियान को वैश्विक स्तर पर नई पहचान और व्यापक जनभागीदारी मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक बालिका को शिक्षा, सुरक्षा और विकास के समान अवसर मिलें तथा बाल विवाह जैसी कुप्रथा का पूरी तरह उन्मूलन हो। राज्य के सतत प्रयास 2030 तक बाल विवाह समाप्त करने के वैश्विक संकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
भगवान श्रीकृष्ण से प्रदेशवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना
रायपुर, सितंबर 2026/ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने कवर्धा स्थित श्री राधा-कृष्ण बड़े मंदिर पहुंचकर भगवान श्री राधा-कृष्ण के दर्शन किए। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान श्री राधा-कृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण से प्रार्थना करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं आनंद का संचार हो। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हमें भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों, उनके जीवन संदेश और धर्म एवं सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में नई ऊर्जा, उमंग और खुशियां लेकर आए तथा प्रदेश निरंतर विकास और प्रगति के पथ पर आगे बढ़े।
गुरुजनों से मिले संस्कार और ज्ञान को बताया आज भी प्रासंगिक और उपयोगी
मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह 2026 में जिले के 108 शिक्षकों को शिक्षा दूत एवं ज्ञानदीप पुरस्कार से किया सम्मानित
शॉल, श्रीफल, मोमेंटो एवं प्रमाण पत्र भेंटकर शिक्षकों का बढ़ाया मान
अपने गुरुजनों को सम्मानित कर उप मुख्यमंत्री ने लिया आशीर्वाद
रायपुर, सितंबर 2026/ हमारे राष्ट्र निर्माता शिक्षकों का समाज में स्थान सदैव आदरणीय एवं अग्रणी हैं उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने आज स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल, कवर्धा में आयोजित मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण, शिक्षा सत्र 2026-27, शिक्षा दूत एवं ज्ञानदीप पुरस्कार सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिले के 108 शिक्षकों को शिक्षा दूत एवं ज्ञानदीप पुरस्कार से सम्मानित किया। सम्मानित शिक्षकों में सेवानिवृत्त शिक्षक भी शामिल रहे। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सभी शिक्षकों को शॉल, श्रीफल, मोमेंटो एवं प्रमाण पत्र भेंट कर सम्मानित किया और उनके योगदान के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सम्मानित सभी शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उनके द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्य विद्यार्थियों और समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने गुरुजनों से मिले संस्कार और ज्ञान को आज भी प्रासंगिक और उपयोगी बताया। उन्होने कहा कि शिक्षक राष्ट्र के नव निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षक केवल कक्षा में पाठ्यक्रम का ज्ञान देने तक सीमित नहीं होते, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और उनके जीवन को सही दिशा देने का कार्य भी करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक का प्रभाव विद्यार्थी के जीवन पर लंबे समय तक बना रहता है। कक्षा में दिया गया ज्ञान और गुरुजनों द्वारा सिखाए गए संस्कार जीवन के प्रत्येक पड़ाव पर काम आते हैं। कार्यक्रम में इस अवसर पर पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, श्री मोतीराम चंद्रवंशी, कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चन्द्रप्रकाश चंद्रवंशी, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री पवन जायसवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संतोष पटेल, श्री लोकचन्द साहू, श्री मनीराम साहू, श्री राजा टाटिया, श्रीमती विजय लक्ष्मी तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण विद्यार्थी उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियों को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने स्वामी करपात्री जी विद्यालय में कक्षा छठवीं से बारहवीं तक शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में गुरुजनों ने पढ़ाई के साथ-साथ खेल एवं अन्य गतिविधियों के माध्यम से भी बहुत कुछ सिखाया। गुरुजनों द्वारा उस समय पढ़ाया और सिखाया गया ज्ञान आज भी उनके जीवन में उपयोगी साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि बचपन में गुरुजनों के साथ बिताए गए वे पल आज भी उनके लिए महत्वपूर्ण, प्रेरणादायी एवं चीरस्मरणीय बनकर उनका मार्गदर्शन कर रहें हैं।
उप मुख्यमंत्री ने अपने गुरुजनों का किया सम्मान, चरण स्पर्श कर लिया आशीर्वाद
कार्यक्रम के दौरान भावुक क्षण भी देखने को मिला, जब उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने अपने विद्यार्थी जीवन के गुरुजनों श्री जी.आर. चंदेल, श्री पी.पी. दुबे, श्री एम.आर. महोबिया, श्री विजेंद्र श्रीवास्तव एवं श्री एम.के. गुप्ता का शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। उन्होंने अपने गुरुजनों को प्रणाम कर उनका आशीर्वाद लिया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु का स्थान जीवन में सबसे महत्वपूर्ण होता है। गुरुजनों से प्राप्त शिक्षा, संस्कार और मार्गदर्शन व्यक्ति के जीवन की मजबूत नींव तैयार करते हैं।
शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने वाला नहीं, बल्कि पीढ़ी का निर्माता- रामविचार नेताम
रायपुर, सितंबर 2026/ कृषि विकास एवं कल्याण, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि राष्ट्र के भविष्य निर्माण में गुरुजनों का योगदान अमूल्य है। शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि एक पूरी पीढ़ी के चरित्र और सोच का निर्माता होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशानुरूप जिले में युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रयास विद्यालय तथा नर्सिंग महाविद्यालय की स्थापना की जा रही है। शिक्षक ही समाज और राष्ट्र की भावी पीढ़ी के सच्चे निर्माता होते हैं, जो ज्ञान, संस्कार और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों के जीवन को आकार देते हैं।
शिक्षक दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय बलरामपुर-रामानुजगंज स्थित ऑडिटोरियम भवन में जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के कृषि विकास एवं कल्याण, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम रहे। मंत्री श्री नेताम ने कहा कि शिक्षक केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्य, अनुशासन और अच्छे संस्कार भी विकसित करते हैं । वे बच्चों में स्वतंत्र सोच, रचनात्मकता और कुछ नया सीखने की जिज्ञासा को बढ़ावा देते हैं। कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण की धुरी बताते हुए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन इस प्रकार करने का आह्वान किया कि वे समाज के लिए मिसाल बन सकें।
21 उत्कृष्ट शिक्षकों का हुआ सम्मान
समारोह में जिले के 21 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया। ज्ञानदीप पुरस्कार से श्री श्याम सुंदर चौरगे (शिक्षक, शासकीय माध्यमिक शाला कोरवापारा, राजपुर), श्रीमती नीलीमा एक्का (शिक्षिका, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डौरा), श्री जवाहर लाल पैकरा (प्रधान पाठक, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चिरई, शंकरगढ़) को सम्मानित किया गया। इसी प्रकार शिक्षादूत पुरस्कार जिले के विभिन्न विकासखंडों के 18 शिक्षकों को उत्कृष्ट शैक्षणिक सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा नेताम, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती बबली देवी, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री दिलीप सोनी, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
रायगढ़ के किसान ने ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन की खेती से कमाए 4.25 लाख
रायपुर, सितंबर 2026/ ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन की खेती (जिसमें नीचे जंगली बैंगन यानी रूटस्टॉक और ऊपर टमाटर या हाइब्रिड बैंगन यानी सायन होता है) पारंपरिक खेती की तुलना में अधिक फायदेमंद और रोग-प्रतिरोधी है। यह पौधा अधिक पानी या लंबे समय तक सूखा और भारी बारिश को आसानी से सहन कर लेता है।
ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन की खेती 4.25 लाख की आमदनी भी अर्जित की
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड अंतर्गत ग्राम झारआमा के किसान श्री एतवार साय पैकरा ने आधुनिक तकनीक और उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन से खेती में सफलता की नई मिसाल कायम की है। कभी अनुपयोगी और बंजर पड़ी रहने वाली जमीन पर ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन की खेती कर उन्होंने न केवल 187 क्विंटल का बंपर उत्पादन हासिल किया, बल्कि कुल 4.25 लाख की आमदनी भी अर्जित की।
तकनीक और सही मार्गदर्शन से मिली सफलता
किसान की जमीन गांव से दूर जंगल के समीप स्थित होने और सिंचाई साधनों के अभाव के कारण वहां खेती करना आसान नहीं था। उद्यानिकी विभाग की सलाह पर उन्होंने भूमि का समतलीकरण कराया और सिंचाई के लिए ड्रिप तकनीक एवं मल्चिंग पद्धतियों को अपनाया। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत वर्ष 2025-26 में उन्होंने 0.400 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्राफ्टेड सब्जियों की बुआई की।
उत्पादन और आय का गणित
टमाटर फसल 87 क्विंटल उत्पादन कर 1 लाख 75 हजार रूपए की बिक्री की। इसी प्रकार बैंगन फसल 100 क्विंटल उत्पादन कर 2 लाख 50 हजार रूपए की बिक्री की। कुल उत्पादन व बिक्री 187 क्विंटल 4 लाख 2 5 हजार रूपए की बिक्री की। किसान को कुल लागत 1 लाख 45 हजार रूपए लगा जबकि शुद्ध लाभ 2 लाख 80 हजार रूपए का हुआ।
अतिरिक्त उत्पादन और आय की उम्मीद
वर्तमान में ग्राफ्टेड बैंगन की फसल से उत्पादन निरंतर जारी है। आने वाले समय में 150 से 200 क्विंटल अतिरिक्त उत्पादन की संभावना है, जिससे 4 से 5 लाख की अतिरिक्त आय होने का अनुमान जताया जा रहा है। एतवार साय पैकरा की इस सफलता को देखकर गांव के अन्य किसान भी आधुनिक और ग्राफ्टेड सब्जियों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
शिकायतों के समयबद्ध निराकरण और अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन की सतत निगरानी
जब्त वाहनों पर खनिज अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई
रायपुर, सितंबर 2026। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में खनिज विभाग ने अवैध रेत एवं गिट्टी परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 8 ट्रैक्टर वाहनों को जब्त किया है। यह कार्रवाई जिले में अवैध खनन, उत्खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण तथा नागरिकों से प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध निराकरण की दिशा में की गई है।
खनिज विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जांच एवं मैदानी निगरानी के दौरान इन वाहनों को अवैध रूप से खनिज परिवहन करते हुए पकड़ा। कार्रवाई के तहत ग्राम खंता से रेत परिवहन करते 2 ट्रैक्टर, रूमगा से 2, चिचगोहना से 1, कोरजा से 1 तथा लालपुर से 1 ट्रैक्टर जब्त किया गया। इसके अलावा कोटमी से गिट्टी का अवैध परिवहन करते 1 ट्रैक्टर भी जब्त किया गया।
पुलिस थानों और चौकी में सुरक्षित रखे गए जब्त वाहन
खनिज विभाग द्वारा जब्त किए गए वाहनों को नियमानुसार सुरक्षित अभिरक्षा में रखा गया है। इनमें से 4 ट्रैक्टर गौरेला थाना, 3 ट्रैक्टर कोटमी चौकी तथा 1 ट्रैक्टर मरवाही थाना में सुरक्षित रखा गया है।
जब्त वाहनों के मालिकों के विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा प्रकरणों की जांच एवं आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर जोर
जिले में अवैध खनन एवं परिवहन पर नियंत्रण के साथ-साथ नागरिकों की शिकायतों के त्वरित और संतोषजनक निराकरण को प्रशासन द्वारा प्राथमिकता दी जा रही है। कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का गंभीरता से परीक्षण करते हुए उनका समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
इसी क्रम में खनिज विभाग द्वारा शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मैदानी स्तर पर जांच की गई और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल वाहनों को जब्त किया गया।
मैदानी अमले की सतत निगरानी से अवैध परिवहन पर शिकंजा
कार्रवाई में आदित्य मानकर, सहायक खनि अधिकारी, सुजीत कंवर, खनि निरीक्षक, शिवकुमार लहरे, साहिब गनी एवं सतीश साहू, नगर सैनिक शामिल रहे।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन, उत्खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। प्रशासन ने खनिज नियमों का पालन करने तथा वैध दस्तावेजों के साथ ही खनिजों के परिवहन की अपील की है।
शिकायत से कार्रवाई तक—प्रशासनिक तंत्र की सक्रियता
सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत पर जांच कर नागरिकों द्वारा उठाए गए मामलों को संबंधित विभागों तक पहुंचाकर उनका परीक्षण और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की व्यवस्था को मैदानी स्तर पर लागू किया जा रहा है। अवैध खनिज परिवहन जैसे मामलों में ऐसी कार्रवाई से राजस्व संरक्षण के साथ-साथ खनिज संसाधनों के नियमानुसार उपयोग को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
6 से 8 सितंबर तक मुक्ताकाशी मंच पर दिखेगी छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, भरथरी-पंडवानी से लेकर पंथी, करमा, सुआ और ददरिया तक की होंगी मनमोहक प्रस्तुतियां
रायपुर, सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं, लोकगाथाओं और पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत को मंच देने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ‘विभागीय आयोजन 2026’ के अंतर्गत तीन दिवसीय ‘लोकरंग पर्व’ का आयोजन किया जा रहा है। यह सांस्कृतिक आयोजन 6, 7 एवं 8 सितंबर को रायपुर स्थित मुक्ताकाशी मंच, महंत घासीदास संग्रहालय परिसर, सिविल लाइंस में आयोजित होगा। कार्यक्रम प्रत्येक दिन शाम 7 बजे से प्रारंभ होगा।
लोकरंग पर्व के माध्यम से छत्तीसगढ़ की विविध लोक विधाओं को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजन में प्रदेश की पारंपरिक लोकगाथाओं, लोकनाट्य, लोकगीत और लोकनृत्य की ऐसी रंगारंग प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी, जो छत्तीसगढ़ की माटी की खुशबू और उसकी सांस्कृतिक पहचान को जीवंत करेंगी।
भरथरी और पंडवानी से लेकर पंथी-करमा तक
तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध लोक विधाओं भरथरी, पंडवानी, ढोलामारू, लोरिकचंदा, नाचा और गम्मत की प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इनके साथ सुआ, करमा और पंथी जैसे पारंपरिक लोकनृत्यों की प्रस्तुतियां भी दर्शकों को छत्तीसगढ़ की लोकजीवन से जोड़ेंगी।
वहीं बांसगीत, देवारगीत, ददरिया, जसगीत और संस्कार गायन जैसी लोक एवं पारंपरिक गायन शैलियों की प्रस्तुतियों के जरिए प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और लोक परंपराओं की गहराई को सामने लाया जाएगा।
लोक कलाकारों को मिलेगा मंच, नई पीढ़ी तक पहुंचेगी विरासत
‘लोकरंग पर्व’ केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सदियों पुरानी लोक सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। लोकगीतों, लोकगाथाओं और पारंपरिक नृत्य-नाट्य शैलियों के माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण एवं जनजातीय जीवन, सामाजिक परंपराओं और लोक आस्थाओं की झलक दर्शकों को देखने मिलेगी।
आयोजन में पारंपरिक लोक विधाओं के कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता को मंच पर साकार करेंगे। लोक वाद्यों की धुन, पारंपरिक गीतों की मिठास और लोकनृत्यों की लय से मुक्ताकाशी मंच तीन दिनों तक छत्तीसगढ़ी संस्कृति के रंग में रंगा नजर आएगा।
मुक्ताकाशी मंच पर तीन शाम संस्कृति के नाम
संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश की लोककलाओं और लोक कलाकारों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ आम नागरिकों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना है। 6 से 8 सितंबर तक शाम 7 बजे से होने वाली प्रस्तुतियों में दर्शकों को छत्तीसगढ़ की अलग-अलग लोक विधाओं का विविधतापूर्ण संगम देखने को मिलेगा।
‘लोकरंग पर्व’ के जरिए छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की जीवंत तस्वीर रायपुर के मुक्ताकाशी मंच पर उभरेगी, जहां लोकगाथाओं की कथात्मकता, लोकगीतों की मिठास, नृत्यों की थिरकन और पारंपरिक वाद्यों की गूंज मिलकर प्रदेश की गौरवशाली सांस्कृतिक पहचान को प्रस्तुत करेगी।
जिज्ञासा से हुनर तक, युवाओं के कौशल विकास से ही संभव है प्रगति -श्री विश्व विजय सिंह तोमर
विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के संकल्प से जुड़ेगा युवा, नारायणपुर में ‘युवा उड़ान’ कार्यक्रम का आयोजन
मेधावी विद्यार्थियों, राष्ट्रीय खिलाड़ियों व मलखंभ विजेताओं को खेल एवं शिक्षा सम्मान से नवाजा गया
रायपुर, सितंबर 2026/ छत्तीसगढ़ राज्य गठन के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में प्रदेश के युवाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ विजन और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प से जोड़ने के उद्देश्य से नारायणपुर स्थित ए.जी. ऑडिटोरियम में ‘युवा उड़ान’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 16 से 24 वर्ष आयु वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों, राष्ट्रीय- राज्य स्तरीय खिलाड़ियों, दिव्यांगजनों, कौशल विकास प्रशिक्षणार्थियों और आत्मसमर्पित पूर्व नक्सली युवाओं की व्यापक सहभागिता रही।
युवाओं के हुनर, शिक्षा और खेल प्रतिभा का राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका
छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने ‘युवा उड़ान’ कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ गठन के इस रजत जयंती वर्ष में प्रदेश की युवा शक्ति ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के विजन को साकार करेगी। बस्तर क्षेत्र के प्रतिभावान विद्यार्थियों, राष्ट्रीय खिलाड़ियों और कौशल विकास से जुड़ रहे युवाओं की सक्रिय भागीदारी राज्य की प्रगति की नई दिशा तय कर रही है। राज्य सरकार युवाओं के हुनर, शिक्षा और खेल प्रतिभा को बढ़ावा देकर उन्हें आत्मविश्वास के साथ राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए हर संभव अवसर प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
हुनर और जिज्ञासा से बनेगी युवाओं की पहचान- श्री तोमर
राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि केवल किताबी शिक्षा पर्याप्त नहीं है; युवाओं को अपने हुनर, कौशल, जिज्ञासा और रचनात्मकता को लगातार विकसित करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रतिभा को सही दिशा और मंच देना ही श्युवा उड़ानश् का मुख्य ध्येय है, जिससे युवाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण की सोच विकसित हो सके। उन्होंने पंजीयन के लिए युवा आयोग की वेबसाइट और क्यूआर कोड/गूगल फॉर्म की जानकारी भी साझा की।
विशेषज्ञों ने साझा किए राष्ट्र निर्माण के मंत्र
कार्यक्रम के बौद्धिक सत्रों में विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया। युवा शक्ति-राष्ट्र शक्ति पर केंद्रित डॉ. मीनाक्षी ठाकुर ने विकसित भारत 2047, आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया में युवाओं की निर्णायक भूमिका पर प्रकाश डाला। डॉ. विश्वजीत ने विद्यार्थियों को इस राष्ट्रीय विषय के संवैधानिक व व्यावहारिक पहलुओं को सरल भाषा में समझाया तथा एक देश-एक चुनाव की महत्ता पर प्रकाश डाला। इसी तरह डॉ. सतीश पाण्डेय ने प्रेरक कहानियों के माध्यम से सकारात्मक सोच और निरंतर सीखने की ललक बनाए रखने का आह्वान किया।
प्रतिभावान विद्यार्थियों और उत्कृष्ट खिलाड़ियों का किया गया सम्मान
शिक्षा और खेल के क्षेत्र में जिले का नाम रोशन करने वाली प्रतिभाओं को मंच पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। शिक्षा क्षेत्र में कक्षा 10वीं में 94.33 प्रतिशत अंक लाकर जिले में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा भाविका देवांगन तथा 94ः अंकों के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली कोविता कोर्राम को सम्मानित किया गया। खेल क्षेत्र में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के मलखंभ विजेता संताय पोटाई व मोनिका पोटाई, खेलो इंडिया फुटबॉल उपविजेता शशिकांत कुमेटी व मनीष कोवाची; ऑल इंडिया खो-खो क्वालीफायर अमृता गोटा, नेशनल स्कूल गेम्स खो-खो विजेता शामुएल कल्लो व किशोर कावड़ो तथा राष्ट्रीय खिलाड़ी दिव्या कांगे को खेल पुरस्कार से नवाजा गया।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक और युवा उपस्थित रहे।
रायपुर, सितंबर 2026/ शिक्षक दिवस के अवसर पर नारायणपुर के ए.जी. ऑडिटोरियम में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान समारोह का आयोजन भव्य रूप से किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता तथा संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप और राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर उपस्थित रहे।
अनुशासन और संस्कारों से ही मिलती है सफलतारू केदार कश्यप
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि अनुशासन, संस्कार, धैर्य और संकल्प के साथ शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने से ही सफलता प्राप्त होती है। उन्होंने परिवार को पहली पाठशाला बताते हुए कहा कि माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करना हमारी संस्कृति का मूल आधार है। विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्होंने मोबाइल फोन का उपयोग केवल पढ़ाई और ज्ञानवर्धक गतिविधियों के लिए करने तथा इसके दुरुपयोग से बचने की सलाह दी। उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके साथ सेल्फी भी ली।
पुस्तक विमोचन और शिक्षकों का सम्मान
समारोह के दौरान लेखक श्री शिव कुमार पाण्डेय द्वारा अबूझमाड़ की संस्कृति पर आधारित लिखित पुस्तक ‘बस्तर के लोक जीवन में वनस्पतियां’ का विमोचन किया गया। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 15 सेवानिवृत्त शिक्षकों (श्री सुमेर सिंह मंडावी, श्रीमती उषा किरण बैस, श्री धनसिंह बघेल आदि) को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। विकासखंड स्तर पर 6 शिक्षकों को शिक्षा दूत पुरस्कार और जिला स्तर पर 3 शिक्षकों को ज्ञानदीप पुरस्कार से नवाजा गया।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री इंद्रप्रस्थ बघेल, जनपद अध्यक्ष श्रीमती पिंकी उसेंडी, कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार पटेल, डीएफओ डॉ. वेंकटेशा एमजी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रही।
कार्यों में गति लाने, विभागीय कसावट और कड़ी निगरानी के लिए दूरस्थ क्षेत्रों में भी कार्यालय शुरू कर रहा पीडब्ल्यूडी
पुल-पुलियों के निर्माण में भी आएगी तेजी, बीजापुर, सुकमा, कोंडागांव, बालोद, सारंगढ़ और बैकुंठपुर जैसे दूरवर्ती जिलों में प्रारंभ होंगे सेतु उप संभागीय कार्यालय
रायपुर. 5 सितम्बर 2026. सड़कों, भवनों और पुल-पुलियों के कार्यों में गति लाने तथा इनके निर्माण कार्यों में कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने लोक निर्माण विभाग दूरस्थ क्षेत्रों में भी कार्यालय शुरू कर रहा है। राज्य शासन ने लोक निर्माण विभाग के 16 उप संभागीय, दो संभागीय और एक सेतु मंडल कार्यालय के साथ ही इन कार्यालयों के लिए सेट-अप की मंजूरी दे दी है। इनमें से ज्यादातर कार्यालय दूरस्थ क्षेत्रों में खोले जा रहे हैं। इनकी स्थापना से निर्माण कार्यों में तेजी के साथ ही विभागीय कामकाज में कसावट आएगी।
राज्य शासन ने लोक निर्माण विभाग के सेतु परिक्षेत्र के अंतर्गत 9 नए कार्यालयों की स्वीकृति प्रदान की है। इनमें जगदलपुर में अधीक्षण अभियंता कार्यालय, रायपुर में कार्यपालन अभियंता कार्यालय सेतु संभाग क्रमांक-2, तथा बीजापुर, सुकमा, कोण्डागांव, बालोद, मुंगेली, सारंगढ़ और बैकुंठपुर में अनुविभागीय अधिकारी (सेतु उप संभाग) कार्यालय शामिल हैं।
राज्य शासन ने भवन एवं सड़क निर्माण के लिए 10 नवीन कार्यालय भी मंजूर किए हैं। इनमें बैकुंठपुर में कार्यपालन अभियंता (कोरिया संभाग) कार्यालय तथा फरसगांव, ओरछा, डोंगरगांव, डौंडी, धमधा, आरंग, खड़गवां, सोनहत और बलौदाबाजार में अनुविभागीय अधिकारी (उप संभाग) कार्यालय शामिल हैं।