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2700 प्रतिभागियों ने भेजे 3000 से अधिक लोगो डिज़ाइन

रायपुर, 21 मई 2026/छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा आयोजित लोगो डिजाइन प्रतियोगिता को प्रदेश सहित देशभर से शानदार प्रतिसाद प्राप्त हुआ है। प्रतियोगिता के तहत निर्धारित अंतिम तिथि 20 मई 2026 तक लगभग 2700 प्रतिभागियों द्वारा ई-मेल के माध्यम से 3000 से अधिक लोगो डिज़ाइन भेजे गए हैं।

उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा “छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल” का नाम परिवर्तित कर “छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल” किया गया है। आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत विधेयक को विधानसभा से पारित होने तथा राज्यपाल की स्वीकृति प्राप्त होने के बाद 24 अप्रैल 2026 को राजपत्र में प्रकाशित किया गया।

मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि नाम परिवर्तन के साथ मंडल के कार्यक्षेत्र का भी विस्तार किया गया है। अब मंडल केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सड़क, पुल एवं अन्य अधोसंरचना विकास कार्यों का भी क्रियान्वयन करेगा। साथ ही राज्य के बाहर भी अधोसंरचना परियोजनाओं में कार्य करने के अवसर मिलने से मंडल की कार्यक्षमता एवं आर्थिक स्थिति और अधिक मजबूत होगी।

इसी क्रम में 12 मई 2026 को आयोजित समय-सीमा बैठक में मंडल के आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण द्वारा मंडल के नए स्वरूप एवं विस्तारित कार्यक्षेत्र को प्रतिबिंबित करने के लिए नए लोगो डिजाइन हेतु प्रतियोगिता आयोजित करने के निर्देश दिए गए थे। प्रतियोगिता में आमजन, कलाकारों, डिजाइनरों एवं संस्थाओं से नए नाम और उसकी अवधारणा के अनुरूप लोगो डिज़ाइन आमंत्रित किए गए थे।

प्रतिभागियों को अपने डिजाइन कॉन्सेप्ट सहित CDR, PDF, PNG एवं JPEG फॉर्मेट में ई-मेल के माध्यम से प्रविष्टियां भेजने का अवसर दिया गया था।

मंडल द्वारा चयनित सर्वश्रेष्ठ लोगो के रचनाकार को 2.50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। प्राप्त प्रविष्टियों की स्क्रूटनी एवं चयन प्रक्रिया तीन चरणों में संपन्न होगी। इसके लिए मंडल द्वारा 5 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। समिति तकनीकी परीक्षण के पश्चात अंतिम चयन हेतु अनुशंसा करेगी।

चयन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद मंडल का नया लोगो सार्वजनिक किया जाएगा तथा चयनित लोगो के रचनाकार को 2.50 लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

Chief Minister Announces Mini Stadium at Rampur-Ramanujnagar, Higher Secondary School in Patna, and Boundary Wall Construction Work for Surajpur Polytechnic

Raipur, May 21, 2026/ Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai on Thursday said that Sushasan Tihar 2026 is not merely an administrative exercise but a dedicated campaign aimed at resolving the grievances and concerns of citizens by taking governance directly to their doorsteps. Addressing a Samadhan Shivir organised at Ramanujnagar-Patna in Surajpur district under the ongoing initiative, he said the government and administration are proactively reaching out to people to ensure timely redressal of complaints, issues and local requirements.

Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai said that the State Government's objective is to ensure that the benefits of welfare schemes reach the last person in society and that citizens receive improved access to public services and facilities. He stressed that it is the responsibility of any government to go among the people, understand realities at the grassroots, and assess whether schemes and services are reaching the right beneficiaries at the right time.

Shri Sai further said that his visit to Surajpur marked his 11th district tour under Sushasan Tihar, adding that the government has set a target of covering all 33 districts of the state by June 10. He informed that district-wise reviews are being conducted with officials to assess implementation of government schemes, disposal of revenue-related matters and resolution of pending cases. Efforts are also underway to ensure swift resolution of issues at the Gram Panchayat level.

Chief Minister said that no compromise would be made on standards of development works and public amenities. He added that systems are being continuously monitored through surprise inspections. Referring to tendupatta collector families, Shri Sai recalled that villagers earlier had to walk barefoot into forests to collect tendu leaves, exposing themselves to risks of injuries. However, under the Charan Paduka Yojana, they are now receiving support and protection.

Chief Minister said the government remains committed to bringing positive changes in the lives of farmers, women, poor families and rural communities. He informed that a bonus amount of Rs 3,716 crore has been distributed to farmers and paddy procurement is being carried out at the rate of Rs 3,100 per quintal. He further said that 18 lakh houses under the Pradhan Mantri Awas Yojana have been sanctioned since the formation of the government.

Interacting with women present at the event, Shri Sai sought feedback regarding the Mahtari Vandan Yojana and said nearly 70 lakh women are benefiting from the scheme. He also highlighted citizen-centric initiatives such as the Ram Lalla Darshan Yojana, Mukhyamantri Tirth Yatra Yojana and Atal Digital Seva Kendras, which are helping deliver essential services to citizens. Through the e-District system, he said, services including income, caste and residence certificates would increasingly become available from home.

Chief Minister also announced that a Chief Minister Helpline would soon be launched, enabling citizens to register grievances through a toll-free number with regular monitoring of redressal mechanisms. Referring to the Mukhyamantri Bijli Bill Samadhan Yojana, he said electricity bill resolution camps would continue till June 31 and urged people to avail themselves of the facility. He also encouraged citizens to join the Pradhan Mantri Surya Ghar Muft Bijli Yojana and contribute towards energy self-reliance.

Modern diagnostic facility to benefit over 9 lakh people and patients from neighbouring districts

Advanced CT scan services to strengthen healthcare access in Surajpur district

Raipur, May 21, 2026/ Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai on Wednesday virtually inaugurated a 32-slice advanced CT scan facility at the district hospital in Surajpur during Sushasan Tihar. The facility has been established at a cost of nearly Rs 449.99 lakh through the Health and Family Welfare Department, CGMSC and the Chief Minister’s Public Health Transformation Fund (CMPHTF).

Chief Minister Shri Sai said the new facility will strengthen healthcare services in the district and help provide better and timely treatment to people. He described it as an important step towards expanding and improving medical infrastructure in Surajpur.

With the launch of the CT scan facility, nearly 9.11 lakh residents of Surajpur district, along with patients from neighbouring districts, are expected to benefit. The district hospital will now be able to conduct tests related to head injuries from road accidents, brain haemorrhage, blood clotting, cancer, tumours, stroke, chest infections, abdominal diseases and epilepsy.

Earlier, patients had to be referred to Ambikapur for such investigations, causing both financial burden and delays in treatment. With the new facility now operational, patients will no longer need to travel outside the district and CT scans will be available at much lower rates compared to private centres. A 24x7 team of radiologists and trained technicians has also been deployed at the district hospital to ensure uninterrupted and quality services.

अंतागढ़ की ग्राम पंचायतों में स्वीकृत हुए सैकड़ों निर्माण कार्य, पीएम आवासों की भी झड़ी

15वें वित्त, डीएमएफ, बस्तर विकास प्राधिकरण और विधायक निधि समेत विभिन्न मदों से संवर रही सुदूर अंचलों की सूरत

​रायपुर,21 मई 2026/

छत्तीसगढ़ के उत्तर बस्तर कांकेर जिले के सुदूर और वनांचल क्षेत्र अंतागढ़ विकासखण्ड की ग्राम पंचायतों में शासन द्वारा विकास की एक नई इबारत लिखी जा रही है। अंदरूनी क्षेत्रों की तस्वीर बदलने और ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के अंतर्गत शासकीय मदों से बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा और अधोसंरचना निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई है। क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के लिए चलाए जा रहे इस महा-अभियान में 15वें वित्त, जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ), परियोजना मद, बस्तर विकास प्राधिकरण, मुख्यमंत्री अधोसंरचना संधारण, मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना, गौण खनिज मद, अधोसंरचना पर्यावरण निधि और विधायक निधि जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण योजनाओं के बजट का आपसी समन्वय के साथ उपयोग किया जा रहा है। शासन की इस चौतरफा पहल से जहां एक ओर सुदूर वनांचल में सड़कों, पुल-पुलिया और पेयजल का नेटवर्क मजबूत हो रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए गरीबों को अपने पक्के मकान की सौगात मिल रही है।

बुनियादी ढांचे को मजबूती: पुल-पुलिया, सीसी रोड और डिजिटल केंद्र

शिक्षा व स्वास्थ्य का विकास

हर घर जल' और स्वच्छता पर विशेष फोकस

​दूरस्थ अंचलों में आवागमन को सुगम और बारहमासी बनाने के लिए नदी-नालों पर आरसीसी पुलिया और सीसी सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, जिसके तहत बड़ेपिंजोड़ी के हुर्रापिंजोड़ी, बड़ेतेवड़ा के कोहचूर, बैहासाल्हेभाट, मण्डागांव, मंगतासाल्हेभाट, मातला-ब, भैंसासुर, सुरेवाही, ताड़ोकी, जेठेगांव और अर्रा जैसी अनेक पंचायतों में निर्माण कार्य तेज गति से प्रगति पर हैं। ग्रामीण युवाओं को डिजिटल और आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए बड़ेपिंजोड़ी तथा तालाबेड़ा के हायर सेकण्डरी स्कूलों में कंप्यूटर लैब की स्थापना की जा रही है, जबकि उसेली और आमाबेड़ा जैसी प्रमुख पंचायतों में 'अटल डिजिटल सेवा केंद्र भवन' तथा बड़ेतोपाल में नवीन पंचायत भवन का निर्माण कर प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए आमाबेड़ा व टेमरूपानी के उप स्वास्थ्य केंद्रों में अहाता, शौचालय तथा इंटरलाकिंग रोड का निर्माण कराया जा रहा है।
​ग्रामीणों के स्वास्थ्य और स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 'हर घर जल' के संकल्प को धरातल पर उतारा जा रहा है, जिसके लिए एड़ानार, बोड़ागांव, बोंदानार, बुलावण्ड, बैहासाल्हेभाट, कोलियारी, कोदागांव, कोतकुड़, मंगतासाल्हेभाट, आमागांव और अर्रा सहित दर्जनों गांवों में बोर खनन के साथ पानी टंकी एवं मोटर पंप स्थापना का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। सुदूर गांवों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भैंसासुर, गुमझीर और तुमसनार में आधुनिक वॉटर फिल्टर लगाए जा रहे हैं, जबकि बण्डापाल, बेलोण्डी, अमोड़ी, लामकन्हार और कलगांव में स्वच्छता अभियान को गति देने के लिए व्यापक स्तर पर डस्टबीन खरीदी के कार्य स्वीकृत किए गए हैं।


आस्था के केंद्रों का संरक्षण और सामुदायिक सुदृढ़ीकरण

​बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिविरासत, लोक आस्था और जनजातीय परंपराओं को सहेजने के लिए भी शासन द्वारा विशेष बजट आवंटित किया गया है। इसके तहत एड़ानार,मण्डागांव, आमोड़ी, कोसरोण्डा और ताड़ोकी के कचवर में देवगुड़ी का निर्माण किया जा रहा है, तथा हिन्दूबिनापाल में प्रसिद्ध गढ़मावली माता मंदिर एवं दंतेश्वरी मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार, मरम्मत और संरक्षण-संवर्धन का कार्य पूरी श्रद्धा के साथ कराया जा रहा है। सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पंचायतों में महिला स्व-सहायता समूहों हेतु टीन शेड, सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए रंगमंच, गांवों में उचित मूल्य की दुकानों के लिए पीडीएस भवनों, साप्ताहिक बाजारों में शेड निर्माण और राहगीरों के लिए रेन बसेरा का निर्माण कराया जा रहा है।

अब जिले में ही होगी गंभीर बीमारियों की जांच, लगभग 9 लाख लोगों सहित आसपास के जिलों के मरीजों को मिलेगा लाभ

रायपुर, 21 मई 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अवसर पर जिला चिकित्सालय सूरजपुर में 32 स्लाइस अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन का वर्चुअल शुभारंभ किया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, सीजीएमएससी तथा मुख्यमंत्री शासकीय अस्पताल रूपांतरण कोष (CMPHTF) के माध्यम से लगभग 449.99 लाख रुपये की लागत से यह सुविधा स्थापित की गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पहल जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगी और आम नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा सूरजपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।

सीटी स्कैन सुविधा प्रारंभ होने से सूरजपुर जिले की लगभग 9 लाख 11 हजार आबादी के साथ-साथ पड़ोसी जिलों के मरीजों को भी सीधा लाभ मिलेगा। अब सड़क दुर्घटनाओं में हेड इंजरी, मस्तिष्क में रक्तस्राव या खून का थक्का जमना, कैंसर, ट्यूमर, स्ट्रोक (पैरालिसिस), छाती संबंधी संक्रमण, पेट की गंभीर बीमारियां तथा मिर्गी जैसी जटिल बीमारियों की जांच जिला चिकित्सालय में ही संभव हो सकेगी।
अब तक इन जांचों के लिए मरीजों को अंबिकापुर रेफर किया जाता था, जिससे समय और आर्थिक दोनों प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। नई सुविधा शुरू होने से मरीजों को बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी तथा निजी केंद्रों की तुलना में काफी कम दर पर सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
जिला चिकित्सालय में रेडियोलॉजिस्ट और प्रशिक्षित टेक्नीशियनों की 24×7 टीम भी तैनात की गई है, जिससे मरीजों को निरंतर और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकेंगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस सुविधा से मरीजों और उनके परिजनों पर आर्थिक बोझ कम होगा तथा जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और अधिक मजबूत होगी।

रामानुजनगर-पटना समाधान शिविर में मुख्यमंत्री ने की महत्वपूर्ण घोषणाएं: रामपुर-रामानुजनगर में मिनी स्टेडियम, पटना में हायर सेकेंडरी स्कूल तथा सूरजपुर पॉलीटेक्निक की बाउंड्रीवाल निर्माण की घोषणा

रायपुर 21 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत सूरजपुर जिले के रामानुजनगर-पटना में आयोजित समाधान शिविर में आमजन से संवाद करते हुए कहा कि सुशासन तिहार जनता की समस्याओं के समाधान का अभियान है, जिसके माध्यम से शासन और प्रशासन स्वयं लोगों के द्वार तक पहुँचकर उनकी शिकायतों, समस्याओं और आवश्यकताओं का निराकरण सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना और आम नागरिकों को बेहतर से बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार का दायित्व है कि वह लोगों के बीच जाकर जमीनी वास्तविकताओं को समझे और यह सुनिश्चित करे कि योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ सही व्यक्ति तक सही समय पर पहुँच रहा है या नहीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत यह उनका 11वाँ जिला प्रवास है और 10 जून तक प्रदेश के सभी 33 जिलों का दौरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में अधिकारियों के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन, राजस्व प्रकरणों के निराकरण तथा लंबित मामलों की समीक्षा की जा रही है और ग्राम पंचायत स्तर पर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों की गुणवत्ता के मामले में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा औचक निरीक्षण के माध्यम से व्यवस्थाओं की सतत निगरानी की जा रही है। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले ग्रामीण भाई-बहन नंगे पैर जंगलों में तेंदूपत्ता संग्रहण करने जाते थे, जिससे उन्हें चोट लगने का खतरा रहता था, लेकिन चरण पादुका योजना के माध्यम से अब उन्हें राहत और सुरक्षा मिल रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार किसानों, महिलाओं, गरीब परिवारों और ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि किसानों को 3716 करोड़ रुपये बोनस वितरित किया गया है, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है तथा सरकार बनने के बाद 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से महतारी वंदन योजना की राशि मिलने की जानकारी भी ली और बताया कि लगभग 70 लाख महिलाएँ इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना और अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से नागरिकों तक आवश्यक सुविधाएँ पहुँचाई जा रही हैं, जबकि ई-डिस्ट्रिक्ट प्रणाली के जरिए आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र सहित अनेक सेवाएँ घर बैठे उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू की जाएगी, जहाँ नागरिक टोल-फ्री नंबर के माध्यम से अपनी समस्याएँ दर्ज करा सकेंगे और उनके निराकरण की नियमित मॉनिटरिंग होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि बिजली बिल समाधान शिविर 31 जून तक आयोजित किए जाएंगे तथा लोगों से इसका लाभ लेने की अपील की। साथ ही प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जुड़कर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह भी किया। धान बुवाई के मौसम का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया कि खाद, बीज, नैनो डीएपी और नैनो यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि खेती की लागत कम हो और किसानों को समय पर संसाधन मिल सकें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जिले के विकास के लिए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएँ करते हुए रामपुर-रामानुजनगर में मिनी स्टेडियम निर्माण, पटना में हायर सेकेंडरी स्कूल तथा नगर पालिका सूरजपुर पॉलीटेक्निक की बाउंड्रीवाल निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण राज्य सरकार का संकल्प है और विकास कार्यों की गति को और तेज किया जाएगा।

कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री किसान श्री रघुनंदन सिंह के निवास पहुँचे, जहाँ उन्होंने हितग्राहियों के साथ सरई पत्ते से बने दोने-पत्तल में परोसे गए छत्तीसगढ़ी पारंपरिक भोजन का आत्मीयता से स्वाद लिया। मिट्टी के चूल्हे पर बनी कोयलार भाजी, कोचई पत्ते से बना ईढ़र और आम की चटनी जैसे पारंपरिक व्यंजनों के साथ मिट्टी के गिलास में जल ग्रहण कर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और ग्रामीण जीवन से अपने गहरे जुड़ाव का संदेश दिया।

विभागीय सचिव ने वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर कार्यों की समीक्षा की, अधिक दक्षता व ज्यादा गति से काम करने नए तकनीकी उपकरणों, डिजिटलीकरण और सॉफ्टवेयर्स का उपयोग करने कहा

रायपुर. 21 मई 2026. लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर में पीडब्ल्यूडी मुख्यालय 'निर्माण भवन' में आयोजित बैठक में विभाग के कार्यों में जनहित और तकनीकी दक्षता पर जोर दिया। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और तेजी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिक दक्षता और ज्यादा गति से काम करने नए तकनीकी उपकरणों, डिजिटलीकरण और सॉफ्टवेयर्स का उपयोग करने को कहा।

विभागीय सचिव श्री बंसल ने बैठक में सभी टेंडर प्रक्रियाओं को पूरी पारदर्शिता और समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और तेजी दोनों सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इनमें कोई कोताही नहीं बरती जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों की नियमित और कड़ी मॉनिटरिंग के साथ ही जनहित एवं तकनीकी दक्षता का भी विशेष ध्यान रखने को कहा।

लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि आधुनिक जियो-इन्फॉर्मेटिक्स तकनीक के माध्यम से निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग, मैपिंग और प्रोजेक्ट प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। उन्होंने विभागीय सचिव को टेंडर प्रक्रिया के तहत कार्य आबंटन, निर्माण कार्यों की बिलिंग प्रक्रिया एवं भुगतान प्रणाली के बारे में भी बताया।

बैठक में प्रदेशभर में चल रहे निर्माण कार्यों, टेंडर प्रक्रिया की प्रगति तथा आगामी परियोजनाओं की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में अधिकारियों और ठेकेदारों के कार्य निष्पादन, विभिन्न तकनीकी प्रक्रियाओं तथा भुगतान की समयबद्ध व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्यों के लिए तकनीकी व्यवस्थाओं, गुणवत्ता नियंत्रण और ठेकेदारों की कार्यप्रणाली के बारे में भी पूछा। श्री बंसल ने रायपुर में कचना रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य की भी जानकारी ली।

Interacts with tendu leaf collectors, reviews livelihood conditions and welfare schemes

State government is reaching villages directly to understand people’s concerns firsthand: Shri Sai

Raipur, May 21, 2026/ Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai on Thursday visited the tendu leaf collection centre at Patna under the Ramanujnagar Primary Minor Forest Produce Cooperative Society during his Surajpur tour and interacted with tendu leaf collectors. Sitting under a mahua tree, he held a chaupal with tendu leaf collectors and enquired about their livelihoods, working conditions and access to basic facilities. The tendu leaf collectors welcomed Chief Minister with a special garland made of tendu leaves and fruits.

Praising the contribution of tendu leaf collectors, Shri Sai said communities linked to forest-based livelihoods form a strong pillar of the rural economy and their prosperity remains a priority for the government.

During the interaction, Chief Minister said the state government is reaching villages directly to understand people’s concerns firsthand. He also reviewed the status of ration distribution, drinking water supply, progress under the Jal Jeevan Mission, revenue-related matters, education facilities and disbursal of benefits under the Mahtari Vandan Yojana. Interacting with women beneficiaries, he discussed how the Mahtari Vandan Yojana is helping strengthen household finances and support children’s needs.

He further sought details about the income and working conditions of tendu leaf collectors and instructed officials to continue efforts for protecting the interests of people dependent on forest-based livelihoods. During the visit, he also distributed charan padukas among tendu leaf collectors to encourage them.

Meanwhile, the tendu leaf collection rate for 2026 has been fixed at Rs 5,500 per standard bag. Against the target of 50 standard bags at the Patna collection centre, 66.640 standard bags had already been collected till May 21, 2026. A total of 108 tendu leaf collectors are associated with the work, contributing significantly to the forest-based economy of the region.

Women and Child Development Minister Smt. Laxmi Rajwade, MLA Shri Bhulan Singh Maravi and Forest Development Corporation Chairman Shri Ramsevak Paikra were also honoured by the tendu leaf collectors at the programme. A large number of tendu leaf collectors were present on the occasion.

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तेंदूपत्ता संग्राहकों से किया आत्मीय संवाद, सुनी समस्याएं

चरण पादुका वितरण कर संग्राहकों का बढ़ाया उत्साह: राशन, पेयजल, शिक्षा और महतारी वंदन योजना की ली जानकारी

रायपुर 21 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सूरजपुर प्रवास के दौरान रामानुजनगर प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्रहण फड़ पटना का निरीक्षण कर तेंदूपत्ता संग्राहकों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने तेंदूपत्ता संग्रहण कार्यों का जायजा लेते हुए संग्राहकों की समस्याओं, आजीविका और मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली तथा वनाधारित अर्थव्यवस्था से जुड़े परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के आगमन पर तेंदूपत्ता संग्राहकों ने आत्मीय स्वागत करते हुए तेंदूपत्ता और तेंदू फलों से निर्मित विशेष माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक श्री भूलन सिंह मरावी तथा वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा का भी सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री ने संग्राहकों के श्रम और योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वनाधारित आजीविका से जुड़े लोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण शक्ति हैं और उनके जीवन में समृद्धि लाना सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महुआ पेड़ की छांव में चौपाल लगाकर संग्राहकों से सीधा संवाद किया और कहा कि सरकार स्वयं लोगों का हालचाल जानने गांव-गांव पहुंच रही है। उन्होंने राशन वितरण व्यवस्था, पेयजल उपलब्धता, जल जीवन मिशन की प्रगति, राजस्व प्रकरणों, शिक्षा व्यवस्था तथा महतारी वंदन योजना की राशि प्राप्ति की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री श्री साय ने महिलाओं से महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि के उपयोग के बारे में चर्चा करते हुए परिवार की आर्थिक मजबूती और बच्चों की जरूरतों में उसके सकारात्मक उपयोग की जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों की आय और कार्य परिस्थितियों के बारे में भी जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वनाधारित आजीविका से जुड़े लोगों के हितों के संरक्षण और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए निरंतर प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने संग्राहकों को चरण पादुका का वितरण कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 में तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा निर्धारित की गई है। फड़ पटना में 50 मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य तय किया गया था, जबकि 21 मई 2026 तक लक्ष्य से अधिक 66.640 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहित किया जा चुका है। इस कार्य से कुल 108 संग्राहक सक्रिय रूप से जुड़े हैं, जो क्षेत्र की वनाधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि श्री मुरली मनोहर सोनी, श्री भीमसेन अग्रवाल, श्री बाबूलाल अग्रवाल, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता संग्राहक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लखनऊ में स्व. प्रतीक यादव के परिजन से भेंट कर सांत्वना दी

 

 
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