छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ (20571)

छत्तीसगढ़ में दूसरे चरण में 72 विधानसभा सीटों के लिए मतदान हो रहे हैं। इन विधानसभा सीटों मे 1.54 करोड़ मतदाता हैं। जिसमें 77.53 लाख वोटर पुरुष और 76.46 लाख महिला और 877 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं। मतदान केंद्रों पर सुबह से भारी भीड़ दिखी। वोटिंग के लिए पहुंचे मतदाताओं को सुबह से ही मुश्किलों का सामना करना पड़ा। सुबह से ही कई जगहों पर ईवीएम में खराबी की खबरें आई हैं। 

रायपुर ग्रामीण में 21 ईवीएम मशीनों मे आई खराबी 

रायपुर मे 21 ईवीएम मशीनों के खराब होने की सूचना आई है। भाटापरा के 8 मतदान केंद्रों में ईवीएम मशीन खराब होने की सूचना आई है। साथ ही कोरिया के बूथ नबंर 17, सराईपाली के कुसमिसराल, पाली तानाखार के पसान में ईवीएम में खराबी की सूचना आई है। वहीं इसके बीच जांजगीर मे 17 फीसदी मतदान तो चंद्रपुर में 14 फीसदी वोटिंग हुई है। 
 
बता दे कि जहां-जहां ईवीएम मशीन खराब होने कि सूचना आई है वहां-वहां मतदान थोड़ी देर रोककर मशीनों को बदला जा रहा है। जिसके कारण मतदाता निराश होकर लौट रहे हैं। निर्वाचन आयोग को इस पर जल्द ही संज्ञान लेना होगा। क्योंकि अगर इसी प्रकार मतदाता लौटता रहा तो इसका असर मतदान के प्रतिशत पर भी पड़ेगा। 

कवर्धा सीट पर आधे धंटे तक रुका मतदान

मुख्यमंत्री रमन सिंह के गृहनगर कवर्धा विधानसभा सीट से सबसे पहले ईवीएम खराब होने की खबर आई। बता दें कि यहां सुबह तकरीबन आधे धंटे तक मतदान रुका रहा। शुरुआत में कवर्धा के मतदान केंद्र शंख्या 232, 236, 239, 242 पर ईवीएम खराब हुई थी जिसके कुछ देर बाद ईवीएम को ठीक किया गया। इसके बाद मतदान फिर से शुरू हुआ। 

हालांकि ईवीएम सिर्फ कवर्धा ही नहीं बल्कि कई और विधानसभा सीटों पर भी ईवीएम खराब होने की खबर आई। धमतरी में ईवीएम खराब होने के कारण बहुत देर तक वोटिंग रूकी रही। इसके साथ  सिहावा विधानसभा क्षेत्र में कई मतदान केंद्रों पर ईवीएम खराब हो गए। इसी क्रम में प्रेमनगर विधानसभा के बूथ क्रमांक 90-91 पर ईवीएम खराब होने की खबर आई थी। जिसके कारण मतदान की  प्रतिक्रिया को आधे-धंटे तक रोका गया। 

दूसरे चरण के मतदान में 72 विधानसभा सीटों पर वोटिंग हो रही है। इन विधानसभा सीटों पर छत्तीगढ़ के विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंह देव अजीत जोगी, युद्धवीर सिंह जूदेव, रेणु जोगी जैसे दिग्गज मंत्री समेत 1079 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होना है। हालंकि दोपहर दो बजे तक 30 फीसदी मतदान हो चुका है। मतदान शाम पांच बजे तक होगा। 

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए प्रचार रविवार शाम पांच बजे समाप्त हो गया. दूसरे चरण का मतदान 20 नवंबर को होगा. राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ की 72 सीटों के लिए मंगलवार को मतदान होगा. दूसरे चरण के लिए होने वाले मतदान के लिए शनिवार शाम चुनाव प्रचार समाप्त हो गया. अधिकारियों ने बताया कि आयोग के निर्देशानुसार शाम पांच बजे चुनाव प्रचार थम गया. मतदान समाप्ति के 48 घंटे की समय अवधि में रैली तथा सभाओं के माध्यम से प्रचार-प्रसार पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्रों में बाहरी व्यक्तियों को मतदान समाप्ति के 48 घंटे पूर्व जिले से बाहर जाना होगा. अतः इस संबंध में अधिकारियों को व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है. चुनाव आयोग ने राज्य में हो रहे विधानसभा चुनाव के लिए दो चरणों में मतदान तय किया था.

पहले चरण में नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के सात जिले और राजनांदगांव जिले की 18 सीटों के लिए 12 नवंबर को मतदान हुआ. पहले चरण में 76 फीसदी से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है. दूसरे चरण के मतदान के लिए चुनाव आयोग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं. दूसरे चरण में राज्य के 19 जिलों में मतदान होगा जिनमें गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, कबीरधाम, जशपुर और बलरामपुर जिले के कुछ हिस्से नक्सल प्रभावित हैं.


राज्य में पिछले 15 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी सत्ता में है और इस बार के चुनाव में वह 65 सीटों पर जीत के लक्ष्य को लेकर चुनाव मैदान में है. वहीं, कांग्रेस को उम्मीद है कि इस चुनाव में सत्ता परिवर्तन होगा और उसकी सरकार बनेगी. दूसरे चरण के मतदान में मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए सभी दलों के वरिष्ठ नेताओं ने लगातार छत्तीसगढ़ का दौरा किया है.

छत्तीसगढ़: अजीत जोगी बोले- बहुमत नहीं मिला तो BJP से मिला सकते हैं हाथ

राज्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती, कई केंद्रीय मंत्री, भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और अन्य दलों के नेताओं ने अपनी पार्टी के पक्ष में प्रचार किया है. इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के नेताओं ने विपक्षी दलों पर जमकर प्रहार किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य भाजपा नेताओं ने अपने भाषणों में गांधी परिवार पर तीखे हमले किए तथा केंद्र सरकार और राज्य सरकार की योजनाओं को गिनाया.

राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ सरकार पर लगाया आरोप, कहा- राज्य में बुरी हालत में हैं किसान

वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल सौदे और छत्तीसगढ़ में नान घोटाले को लेकर सीधे तौर पर प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री रमन सिंह को कठघरे में खड़ा किया. इसके साथ ही नेताओं ने किसानों के मुद्दे पर एक दूसरे पर हमला बोला. दूसरे चरण के मतदान में रमन मंत्रिमंडल के सदस्य बृजमोहन अग्रवाल, अमर अग्रवाल, अजय चंद्राकर समेत अन्य मंत्रियों, कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष टी एस सिंहदेव, पूर्व मुख्यंत्री अजीत जोगी और उनकी पत्नी रेणु जोगी समेत 1101 उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य तय होगा.

राज्य में पिछले चुनावों में मुख्यत: भाजपा और कांग्रेस के मध्य ही मुकाबला होता रहा है. लेकिन इस बार के चुनाव में अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) और बहुजन समाज पार्टी गठबंधन के कारण कुछ सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला हो सकता है. दूसरे चरण में सबसे ज्यादा रायपुर शहर दक्षिण में 46 उम्मीदवार और सबसे कम बिंद्रानवागढ़ में छह उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं.

महासमुंद (छत्तीसगढ़)। कांग्रेस पर छत्तीसगढ़ के लोगों की आंखों में धूल झोंकने और झूठे वादे करने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि कांग्रेस के एक ही परिवार की चार पीढ़ियों ने देश पर शासन किया, जिसका उन्हें तो लाभ मिला लेकिन देश को कोई लाभ नहीं हुआ। छत्तीसगढ़ के महासमुंद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने जोर दे कर कहा, ‘‘ कांग्रेस छत्तीसगढ़ के भले लोगों की आंखों में धूल झोंक रही है और झूठे वादे कर रही है।’’ 

उन्होंने सवाल किया कि जिन्होंने बैंकों को लूटा है और जिन्होंने लुटवाया है, क्या उनसे पाई-पाई लेना गुनाह है? मोदी ने कहा कि जो बैंकों को लूट कर देश छोड़ कर भाग गए हैं, दुनिया में कहीं भी उनकी संपत्ति हो, सरकार उसे जब्त करने का कानून लायी है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कर्नाटक में इन्होंने (कांग्रेस ने) कहा था कि किसानों का क़र्ज़ माफ़ कर देंगे। इनकी सरकार को एक साल होने जा रहा है लेकिन वहां के अख़बार कथाएं छाप रहे हैं कि सैकड़ों की तादात में उन किसानों के नाम पर वारंट निकल रहे हैं, जिन पर कर्ज़ था।
 
मोदी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2008 में किसानों का रिण माफ करने की संप्रग सरकार की योजना से किसानों को नहीं, बल्कि ऐसे आठ फीसदी लोगों को फायदा हुआ जो इसके हकदार थे ही नहीं। राज्य में भाजपा को एक बार फिर जनादेश देने की अपील करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि रमन सिंह को सच्चे अर्थ में काम करने का मौका सिर्फ पिछले साढ़े चार साल में ही मिला क्योंकि इससे पहले दिल्ली में रिमोट कंट्रोल से चलने वाली सरकार बैठी थी।
 
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की पूर्ववर्ती संप्रग सरकार ने छत्तीसगढ़ पर कोई ध्यान नहीं दिया। छत्तीसगढ़ को फलने फूलने का पहला अवसर तब आया जब दिल्ली में भाजपा की सरकार बनी। मोदी ने कहा कि सीताराम केसरी एक दलित थे और कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर उन्हें पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं करने दिया गया बल्कि सोनिया गांधी के लिए रास्ता बनाने की खातिर उन्हें हटा दिया गया। उन्होंने दावा किया कि नकारात्मक माहौल के बाद भी लोगों के सहयोग से बीमारू राज्य कहलाने वाले छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों पर रमन सिंह ने लाकर खड़ा किया।
 
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को झूठे वादे करना, झूठ बोलना, फरेब करना और लोगों को गुमराह करने के अलावा कुछ आता नहीं है। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने किसान को ताकतवर बनाया और अब उनकी सरकार किसानों को आधुनिक खेती की ओर ले जा रही है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इन्होंने पचास साल तक झूठ बोलकर देश को गुमराह किया और अब इन्हें समझना चाहिए कि ‘देश की जनता ने 440 में से आपको 40 पर ला कर खड़ा कर दिया है।’
 

राफेल डील को लेकर कांग्रेस लगातार भाजपा पर वार करती रही है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राफेल डील को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती दी है। पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान राहुल गांधी राफेल डील को खास तौर पर मुद्दा बना रहे हैं। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने पीएम मोदी को बहस की चुनौती दी। राहुल गांधी ने कहा, "मैं मोदी जी को चैलेंज करता हूं कि कहीं भी, किसी भी जगह, किसी भी प्रदेश में मेरे साथ स्टेज पर आकर 15 मिनट के लिए राफेल पर डिबेट कर लें। 

 15 मिनट मुझे बोलने दें और 15 मिनट मोदी जी बोलें। राहुल ने आगे ये भी बताया कि वो किन मुद्दों पर पीएम से बहस करेंगे।  राहुल ने कहा मैं एचएएल के बारे में बोलूंगा, मैं जो फ्रांस के राष्ट्रपति ने बोला है उसके बारे में बोलूंगा।" "मैं बोलूंगा कि 526 करोड़ रुपये का हवाई जहाज नरेंद्र मोदी जी ने 1600 करोड़ रुपये में खरीदा। मैं बोलूंगा कि उन्होंने कोई भी प्रोसिजर फॉलो नहीं किया। मैं बोलूंगा कि रक्षामंत्री ने साफ कहा है कि ये डील मैंने नहीं प्रधानमंत्री ने की है। 


मैं बोलूंगा कि फ्रांस के राष्ट्रपति ने साफ बताया कि नरेंद्र मोदी ने बोला कि किसको कॉन्ट्रेक्ट मिलना चाहिए।" राहुल ने आरोप लगाया कि मोदी ने किसानों के पास कालाधन होने की बात कहकर अन्नदाताओं का अपमान किया है। गांधी ने प्रधानमंत्री के इस कथित बयान से जुड़ा वीडियो शेयर करते हुए ट्वीट किया, ‘क्या आपने माल्या, ‘मेहुल भाई’, नीरव मोदी को गेहूं उगाते देखा है? मोदीजी किसान का अपमान मत करिए।

  दुर्ग। दुर्ग शहर विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी अरुण वोरा पिछले पांच साल से विधायक हैं इसके पूर्व दिग्गज नेता मोतीलाल वोरा प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित वर्तमान में सांसद के पद पर सुशोभित हैं लेकिन दुर्ग शहर के विकास में वोरा परिवार की कोई भूमिका नहीं दिखाई देता है। एक भी एैसा बड़ा विकास कार्य वोरा परिवार गिना दें जिसे वोरा परिवार नें दुर्ग में करवाया हो। कांग्रेस के पचास साल के शासन में दुर्ग शहर का कोई भी विकास नहींहो सका और यह सच्चाई है कि भाजपा शासनकाल में दुर्ग शहर में अभूतपूर्व विकास कार्य संपन्न हुए। तात्कालीन महापौर सरोज पांडेय के कार्यकाल में तथा मंत्री हेमचंद यादव के समय बड़ी तेजी के साथ दुर्ग शहर का स्वरुप परिवर्तित हुआ। वर्तमान में वोरा परिवार के प्रत्याशी अरुण वोरा को जनता को बताना होगा कि उनके कार्यकाल में क्या क्या बड़े विकास कार्यों को उन्होने करवाया है या करवाने का प्रयास किया है। मोतीलाल वोरा चाहते तो पूर्व में ही दुर्ग का कायाकल्प करने की ताकत रखते थे परंतु उन्होनें दुर्ग के लिए तो दूर की बात छत्तीसगढ के लिए भी कुछ नहीं किया। छत्तीसगढ राज्य बनने के बाद अजीत जोगी के शासन में युवा आयोग के अध्यक्ष रहते हुए भी अरुण नें कोई कार्य नहीं करवाया जिसे वे अपनी उपलब्धि बता सकें। दुर्ग में धमधानाका का पुल ही कांग्रेस की निशानी है। दुर्ग वायशेप ब्रिज, शिवनाथ पुल, दुर्ग की सड़कें, नालियां सभी विकास कार्य भाजपा और भाजपा विधायक, महापौर सांसद की देन है। कांग्रेस के प्रत्याशी दुर्ग में किस विकास कार्य के लिए वोट मांग रहे हैं समझ से परे है। विकास कार्य के लिए सोच की आवश्यकता होताी है जो वोरा परिवार में कहीं भी परिलक्षित नहीं होता है। अरुण वोरा के लिए बाबू जी के अलावा दुर्ग में कोई सहारा नहीं हैं। पिछले चुनाव में बाबूजी नें जनता के पास जाकर इज्जत बचा लेने की गुहार लगाई थी, हेमचंद यादव हारे फिर से इज्जत की खातिर बड़े नेता होने के बावजूद दुर्ग से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं एैसे में जनता कब तक एक वरिष्ठ नेता की इज्जत की खातिर अपने विकास को दांव पर लगाएगी? इधर अरुण वोरा अपनी जीत के प्रति आश्वस्त नजर आ रहे हैं जीतने की खुशी अभी से मना रहे हैं उन्हे जनता के बीच जाने की जरुरत है। जनता को नेता चाहिए किसी परिवार की इज्जत नहीं बचानी है लोग बोलना शुरु कर दिए हैं कि दुर्ग अब किसी पप्पू प्रत्याशी को बर्दास्त करने के मूड में नहीं है जो बाबूजी की गोद में अभी भी पड़ा हुआ है बाबू जी से पूछे बगैर कुछ भी करने में सक्षम नहीं है। पूरा चुनाव प्रचार में वोरा परिवार जुटा हुआ है। रायपुर से गोविंदलाल वोरा का परिवार चुनाव संचालन कर रहे हैं। जमीनी नेता असमंजस की स्थिति में हैं एैसे में जीत कैसे होगी। कांग्रेस प्रत्याशी के खिलाफ अंडरकरंट यह है कि कांग्रेसियों का वोट भी जनता कांग्रेस जे के प्रत्याशी प्रताप मध्यानी के पक्ष में पड़ सकता है। भाजपा के कैडर वोट हैं जो दुर्ग में स्थायी है किसी का नुकसान हो रहा है तो वह हैं अरुण वोरा। त्रिकोणीय संघर्ष में कांग्रेस प्रत्याशी अरुण वोरा की हार होगी एैसा जनता जनार्दन का कहना है।

देश के लोकतंत्र ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि बुलेट पर बैलेट की चोट से करारा जबाव दिया जा सकता है। छत्तीसगढ़ की पहले चरण के 18 विधानसभा सीटों में नक्सल प्रभावित सीटों पर जिस तरह से बहां के मतदाताओं ने निर्भिक होकर मुखरता से मतदान में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया है वह निश्चित रुप से लोकतंत्र की विजय है। खासबात यह कि यह सबसे अधिक नक्सल प्रभावित क्षेत्र है। सुकमा, दंतेवाड़ा और बस्तर की सीटों पर मतदाताओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया और मतदान का प्रतिशत 70 फीसदी को पार कर गया। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में 70 प्रतिशत मतदान इसलिए मायने रखता है कि मतदाताओं की बेरुखी के चलते देश के कई सामान्य सीटों पर मतदान का प्रतिशत लगभग 70 फीसदी रह पाता है। सही मायने में देखा जाए तो इसका सारा श्रेय इस क्षेत्र के आम मतदाताओं को जाता है जिन्होंने नक्सलियों की लाख चेतावनियों को सीरे से खारिज कर यह संदेश देने का प्रयास किया है कि क्षेत्र का विकास अंशाति फैलाने से नहीं लोकतांत्रिक व्यवस्था से चुनी हुई सरकार के माध्यम से ही हो सकता है। चुनाव आयोग,सुरक्षा बलों और सरकार को भी इस मायने में धन्यवाद देना होगा कि लाख बाधाओं और चुनौतियों के बावजूद सफलतापूर्वक मतदान संपन्न कराया गया।
 
दरअसल नक्सलियों ने इस बार अधिक भय का वातावरण बनाकर चुनावों को प्रभावित करने का प्रयास किया। सुरक्षा बलों पर लगातार हमलें किए गए वहीं लोगों को चुनाव में भाग लेने के गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनियां दी। नक्सली इस बार अधिक आक्रामक होकर चुनावों को प्रभावित करना चाहते थे। इन दिनों में सुरक्षा बलों पर अधिक हमलें हुए। मतदान करने वालों के हाथ जिस्म से अलग करने की चेतावनी दी गई। गंभीर परिणाम भुगतने को तैयार रहने को कहा गया। सुरक्षाबलों पर लगातार हमलें इनकी रणनीति का हिस्सा था पर ना सुरक्षा बलों ने हार मानी और ना ही मतदाताओं ने। दरअसल देखा जाए तो आदिवासियों के रहनुमा बनने की दुहाई देने वाले नक्सलियों का असली चेहरा सामने आ चुका है। चुनावों से पहले नक्सलियों ने जबरदस्त भय का वातावरण बनाने के प्रयास किए। मतदान के दिन भी सुरक्षा बलों पर बड़ा हमला कर भय का वातावरण बनाने की कोशिश की गई पर जनता ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर बुलेट को बैलेट से करारा जबाव दिया है। देखा जाए तो क्षेत्रवासियों के विकास की सबसे बड़ी बाधा नक्सली ही हो गए हैं। सड़क, शिक्षा−स्वास्थ्य जैसी सुविधाएं क्षेत्र में नहीं पहुंचाने देना ही इनका मकसद रह गया। नक्सलियों किसी भी हालत में इस क्षेत्र में विकास नहीं देखना चाहते। इसका एक बड़ा कारण विकास आएगा तो इनकी दुकान उठ जाएगी रहा है। लोगों के यह बात समझ में आने लगी है। 
 
दरअसल लोकतंत्र की यह खूबी भी है और इसे सबसे बड़ी सफलता माना जाना चाहिए कि लोगों के समझ में आने लगा है कि उनका हित हिंसा का साथ देने में या हिंसक प्रवृतियों के आगे नतमस्तक होने में नहीं अपितु लोकतांत्रिक तरीके से अपना नेता चुनकर विधायिका में भेजकर विकास की गंगा का प्रवाह क्षेत्र में लाने में है। शिक्षा,स्वास्थ्य, सहज आवागमन के लिए सड़कों और आवागमन के साधनों की सहज उपलब्धता उन्हें मुख्य धारा से जोड़ सकती है। यह उनके समझ में आने लगा है यही कारण है कि भय और आतंक का माहौल होने के बावजूद लोगों में नक्सलियों का विरोध करने का साहस आया है। सुरक्षा बलों के साहस की भी सराहना करनी होगी कि नक्सलियों के दुर्दांत इरादों का बहादुरी से मुकाबला कर रहे हैं। लोगों में विश्वास जगाने में सफल रहे हैं। अब अगले चरण का मतदान 20 नवंबर को होने जा रहा है। आशा की जानी चाहिए कि छत्तीसगढ़ के मतदाता और अधिक मुखरता से 20 तारीख के मतदान में हिस्सा लेंगे। पहले चरण के खासतौर से नक्सल प्रभावित इलाकों के मतदान से सरकार और नक्सलियों के लिए भी साफ संदेश है। सरकार के लिए यह संदेश है कि लोग विकास में विश्वास रखते हैं, यही कारण है कि लाख चेतावनियों के बावजूद मतदान में हिस्सा लेकर मताधिकार का उपयोग कर रहे हैं ऐसे में चुनावों के बाद किसी भी दल की सरकार बने उस सरकार की प्राथमिकता इस क्षेत्र के विकास, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार सहित क्षेत्र को मुख्यधारा में लाने के कार्यों को प्राथमिकता देनी होगी वहीं नक्सलियों के लिए भी साफ संदेश है कि उन्हें भी हिंसा का रास्ता छोड़कर लोकतंत्र की मजबूती और क्षेत्र के नागरिकों तक आधारभूत सुविधाओं के साथ मुख्य धारा में लाने के कार्य में भागीदार बनना चाहिए। 
 
देखा जाए तो सुकमा हो या दंतेवाड़ा या बस्तर यहां के लोगों ने जिस तरह से घर से निकल कर मतदान केन्द्र आकर अपने मताधिकार के प्रयोग से साहस का परिचय दिया है वह काबिले तारीफ है। वहीं हिंसक ताकतों को साफ संदेश दिया गया है कि बुलेट का जबाव बैलेट से आसानी से दिया जा सकता है। बुलेट पर बैलेट से विजय पाई जा सकती है। यही हमारे लोकतंत्र की खूबी है और यही लोकतंत्र का सौंदर्य। 
 
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद शर्मा
चुनाव आयोग ने शनिवार को छत्तीसगढ़ सरकार को कांग्रेस के नेताओं का स्टिंग ऑपरेशन करने के लिये कथित रूप से पैसों की पेशकश करते पकड़े गये राज्य के जनसंपर्क आयुक्त को पद से हटाकर स्थानांतरित करने को कहा है। आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार में जनसंपर्क विभाग के सचिव और आयुक्त एस राजेश टोप्पो को पद से हटाने का आदेश जारी किया गया है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के दौरान दूसरे और अंतिम चरण में 72 सीटों के लिये 20 नवंबर को मतदान होगा।
 
टोप्पो को कथित तौर पर एक ऑडियो टेप में किसी पत्रकार से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के लिये अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुये वीडियो टेप बनाने के लिये कहते सुना जा सकता है। इसके एवज में उन पर कथित रूप से पैसों की पेशकश करने का भी आरोप है। प्रवक्ता ने बताया ‘‘आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने अनुचित भाषा का इस्तेमाल तो किया ही है, साथ में यह पक्षपातपूर्ण व्यवहार को भी दर्शाता है।’’ राज्य में चुनाव के पहले चरण के लिये 18 सीटों पर मतदान गत 12 नवंबर को हो चुका है। 
रायपुर। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस पार्टी जो कहती है उसे करके दिखाती है, कभी झूठा वादा नहीं करती है। गांधी ने आज सरगुजा क्षेत्र के कोरिया जिले में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आप मेरे भाषण देख सकते हैं कि कहीं उसमें कोई झूठ बोला हो या राहुल गांधी ने कोई वादा किया जिसे पूरा नहीं किया गया हो। प्रधानमंत्री के खिलाफ तीखा हमला करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मोदी जी ने कहा था कि काले धन के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे। जिन्होंने अपने तकिए के नीचे, घर में पैसा बचा के रखा था वे सब चोर थे। और मोदी जी ने उन सब चोरों के खिलाफ कार्रवाई की। उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपको बता दूं आपने चोरी नहीं की है। चोरी उस व्यक्ति ने की है जो आपको चोर कह रहा है। उसका नाम नरेंद्र मोदी है।’’
 
कांग्रेस की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि हमने कभी झूठा वादा नहीं किया। हमने जो कहा था वह किया। हमने मनरेगा दिया, भोजन का अधिकार दिया और सूचना का अधिकार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की संप्रग सरकार ने किसानों का 70 हजार करोड़ रुपए का कर्ज माफ किया। मेरी बात मत सुनो, मेरा रिकॉर्ड देखों। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस की सरकार आने पर 10 दिन के भीतर हर किसान का कर्ज माफ हो जाएगा। रमन सिंह जी ने दो साल का बोनस छीना हम उसे भी किसानों को देंगे। यह छत्तीसगढ़ के किसानों को तोहफा नहीं है। यह किसान का पैसा है जो हम वापस लौटाएंगे।
 
गांधी ने कहा, ‘‘हमसे पूछा जाता है कि पैसा कहां से आएगा। आप जानते हैं कि विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चौकसी 45 हजार करोड़ रुपये लेकर भागे हैं। मोदी जी ने राफेल सौदे में अनिल अंबानी को 30 हजार करोड रुपए दिलवाए। छत्तीसगढ़ के किसानों का कर्ज माफ करने का पैसा विजय माल्या, नीरव मोदी, अंबानी जैसे लोगों से आएगा।" उन्होंने कहा कि आजकल मोदी भ्रष्टाचार की बात नहीं करते हैं। ‘‘पाकिस्तान में नवाज शरीफ प्रधानमंत्री था पनामा पेपर में उसका नाम निकला। पाकिस्तान में नवाज शरीफ को जेल की सजा हो गई लेकिन छत्तीसगढ़ में रमन सिंह के बेटे ने विदेशी बैंक में पैसा डाला। कोई सजा नहीं हुई, कोई जांच नहीं हुई।’’गांधी ने वादा किया कि कांग्रेस की सरकार बनने पर सरकारी महकमों में खाली पड़े पदों को भरा जाएगा। छत्तीसगढ़ में हो रहे विधानसभा चुनाव में दूसरे चरण के लिए इस महीने की 20 तारीख को मतदान होगा।

धुआंधार चुनाव प्रचार पर निकले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में कांग्रेस और खास तौर पर गांधी परिवार को लेकर खासे हमलावर नजर आए।

 सितंबर 2013 में मोदी जब प्रधानमंत्री की दौड़ में शामिल थे, तब अंबिकापुर में ही लाल किला नुमा मंच तैयार किया था। जब मोदी ने यहां से भाषण दिया, तब इस मुद्दे ने काफी सियासी सुर्खियां बटोरी थीं। । पीएम मोदी ने अपनी बात वहीं से शुरू की।


उन्होंने कहा, "जिन लोगों ने अंबिकापुर के छोटे-छोटे लोगों को लाल किले की प्रतिकृति बनाने मात्र से उन्हें नोंच लिया था, उनके खिलाफ अनाप-शनाप बातें कहीं थीं, अंबिकापुर के लोगों, ऐसे लोगों को सजा देने का मौका आया है। जिन्होंने अंबिकापुर को ऐसे बदनाम किया, उन्हें चुन-चुनकर घर भेजना होगा। जिस राजपरिवार को एक ही परिवार के गुण गाने का शौक लग गया है, उन्हें अंबिकापुर के लोग ही गहरी चोट पहुंचा सकते हैं।"

पीएम मोदी ने दिग्विजय सिंह पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि दिग्गी राजा अविभाजित मध्यप्रदेश के वक्त छत्तीसगढ़ सिर्फ खास वजहों से आते थे। उन दिनों में कांग्रेस के 60 फीसदी से भी ज्यादा वादे पूरे नहीं हो सके।

राहुल और सोनिया पर हल्ला बोलते हुए मोदी ने कहा, "लगता है कि अंग्रेज उनके परिवार का नाम लिख कर गए थे। 440 से 40 रह गए। उनके दिमाग में नहीं बैठता कि गरीब मां का बेटा अंग्रेजों से उन्हें जो विरासत में कुर्सी मिली थी, उस पर कैसे बैठ गया। हिंदुस्तान के लोकतंत्र ने एक परिवार को ठेका नहीं दिया है। पहली चारी पीढ़ी ने क्या काम किया, इसका हिसाब देना होगा।"

शशि थरूर ने हाल ही में कहा था कि पंडित नेहरू की वजह से ही मोदी, प्रधानमंत्री बन सके क्योंकि उन्होंने ऐसा संस्थागत ढांचा खड़ा किया था जिसमें कोई भी इस उच्च पद पर पहुंच सके। मोदी ने इसका जिक्र करते हुए कहा, "अगर आपके भीतर लोकतंत्र की इतनी ही परंपरा है तो एक बार बस पांच साल के लिए गांधी परिवार के बाहर किसी व्यक्ति को पार्टी अध्यक्ष बना दें।"

मोदी ने  पहले चरण में हुई बंपर वोटिंग की तारीफ करते हुए कहा, "पहले चरण में बम, बंदूक का भय दिखाया गया लेकिन बस्तर की जनता ने वोटिंग मशीन पर उंगली दबाकर इसका जवाब दिया। देश के लोकतंत्र को समर्पित ऐसे नागरिकों को सलाम है।"

पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना और उज्ज्वला योजना का भी जिक्र अपने भाषण में किया। 
आज के भाषण की खास बात ये भी रही कि पीएम मोदी न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि लोकसभा चुनाव के लिए भी माहौल बनाते दिखे। उन्होंने गांधी परिवार पर एक के बाद एक कई हमले बोले। बयानों का जवाब दिया। ये सीधी लड़ाई की जमीन तैयार करने का संकेत है। 

सरगुजा संभाग में कुल 14 सीटें हैं। छत्तीसगढ़ में दूसरे चरण का मतदान 20 नवंबर को होना है। नतीजे 11 दिसंबर को आएंगे।

छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम अजीत जोगी ने भाजपा को समर्थन की अटकलों पर पूर्ण विराम लगा दिया। सियासी हलकों में चल रही खबरों पर उन्होंने कहा, "मैं सपने में भी नहीं सोच सकता कि भाजपा के साथ गठबंधन करूं, मैं उनको किसी शर्त पर समर्थन नहीं दूंगा और न ही उनसे समर्थन लूंगा।"

 मीडिया से बातचीत करते हुए अजीत जोगी ने अपने बयान मे कहा कि वो सूली पर चढ़ना पसंद करेंगे, लेकिन भाजपा के साथ कभी नहीं जाएंगे। दरअसल, ये सारा हंगामा इसलिए मचा है क्योंकि पहले जोगी ने कहा था कि राजनीति में किसी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता, बहुमत न मिलने की स्थिति में वो भाजपा के साथ जा सकते हैं। दो दिन पहले, राजनाथ सिंह उनके गढ़ मरवाही में प्नचार करते हुए कहा था कि अगर जोगी को राजनीति करनी थी तो भाजपा में आ जाते, जबरन परेशान हो रहे हैं। 

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