छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ (20594)

जगदलपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि वह शहरी माओवादियों का समर्थन करती है जिन्होंने गरीब आदिवासी युवाओं का जीवन बर्बाद कर दिया है। इस महीने के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अपनी पहली रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने यह भी कहा कि वह तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक वह समृद्ध छत्तीसगढ़ के लिए दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों को पूरा नहीं कर देते।

मोदी ने माओवाद का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस नीत सरकार ने नक्सल प्रभावति बस्तर के विकास के लिए पर्याप्त काम नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘‘जो शहरी माओवादी हैं, वे शहरों में वातानुकूलित घरों में रहते हैं, वे साफ सुथरे रहते हैं और उनके बच्चे विदेशों में पढ़ते हैं, वे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रिमोट कंट्रोल से आदिवासी बच्चों का जीवन तबाह कर रहे हैं।’’

मोदी ने कहा, ‘‘मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं कि जब सरकार कार्रवाई करती है तो वह शहरी नक्सलियों का समर्थन क्यों करती है।’’ प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद को ‘‘राक्षसी मनोवृत्ति’’ करार दिया और कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने बस्तर क्षेत्र के विकास के लिए पर्याप्त काम नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘‘क्या आप ऐसे लोगों को माफ करेंगे? ये लोग छत्तीसगढ़ नहीं जीत पाएंगे। मैं आपसे यह सुनिश्चित करने की अपील करता हूं कि बस्तर में भाजपा सभी सीटों पर विजयी हो। यदि कोई और जीतता है तो यह बस्तर के सपनों पर एक धब्बा होगा।’’

छत्तीगसढ़ विधानसभा चुनाव 2018 के पहले चरण के लिए राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने राफेल विमान सौदा, नोटबंदी जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार और चिटफंट मुद्दे पर रमन सिंह सरकार को घेरा है। 

 कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय चुनावी दौरे पर हैं। इस दौरान राहुल गांधी कई चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे और कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार कर रहे हैं। 

राहुल गांधी ने दौरे के पहले दिन शुक्रवार को कांकेर जिले के पखांजुर में चुनावी सभा को संबोधित किया। राहुल गांधी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पैसों की कमी नहीं है। प्रदेश में सालों से भाजपा की सरकार है। यहां चिटफंड कंपनियां लोगों का पैसा लेकर भाग गई। 
 
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कुछ उद्योगपति मित्रों का 3 लाख करोड़ से ज्यादा का कर्ज माफ कर दिया। लेकिन किसानों के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि नीरव मोदी, विजय माल्या, मेहुल चोकसी देश का पैसा लेकर भाग गए। विजय माल्या देश छोड़ने से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिलकर गया था।

राहुल ने नोटबंदी के दो साल पूरे होने पर कहा कि यह पूरी तरह से फेल योजना साबित हुई। सरकार  ने लोगों को लाइन में लगा दिया। राहुल ने कहा कि हर गरीब व्यक्ति, आदिवासी, महिलाएं बैंक के बाहर लाइन में लगी थी। इससे क्या हासिल हुआ। 

नोटबंदी से सिर्फ चौकीदार के दोस्तों का भला हुआ और किसी का भला नहीं हुआ। राहुल गांधी ने कहा कि नोटबंदी की गई और कालाधन वापस लाने के नाम पर लोगों का बेवकूफ बनाया गया।

राहुल ने राफेल सौदे पर भी प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा और इसमें भ्रष्टाचार होने के आरोप को दोहराया। राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिल लिमिटेड (एचएएल) से कॉन्ट्रैक्ट छीनकर अनिल अंबानी की कंपनी को दे दिया। मोदी सरकार ने 526 करोड़ का हवाई जहाज, 1600 करोड़ रुपये में खरीदा। अनिल अंबानी ने पूरी जिंदगी में हवाई जहाज नहीं बनाया और एचएएल 70 सालों से जहाल ही बना रही है।

छत्तीगसढ़ विधानसभा चुनाव 2018 के पहले चरण के लिए राज्य के सभी राजनीतिक दलों ने अपनी ताकत झोंक दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को नक्सल प्रभावित क्षेत्र बस्तर में चुनाव प्रचार करने पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री ने जगदलपुर में चुनावी शंखनाद करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। 

 

जगदलपुर में सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस देश में जितने प्रधानमंत्री हुए हैं वे जितनी बार बस्तर आए होंगे, मैं उससे ज्यादा बार अकेला बस्तर आया हूं। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बस्तर मेरे दिल के सबसे करीब है। मैं यहां जब भी आया हूं कभी खाली हाथ नहीं आया। हर बार विकास की नई योजना के लेकर आया हूं। सरकारें तो पहले भी होती थी, लेकिन विकास कहीं होता था। 

पीएम मोदी ने कहा कि पहले जो सरकारें रहीं उनकी सोच रहती थी मेरा-तेरा, मेरी जात वाला मेरी बिरादरी वाला, मेरा रिश्तेदार और मेरा परिवार। हमनें इन स्थितियों को बदला है हमारा मंत्र है सबका साथ - सबका विकास। मेरे तेरे का खेल अब कोई बर्दाश्त करने वाला नहीं है। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास के लिए केंद्र की सरकार और राज्य की रमन सिंह सरकार लगातार कार्य कर रही है।  

पीएम मोदी ने कहा कि जिन बच्चों के हाथ में कलम होनी चाहिए, राक्षसी मनोवृत्ति के लोग उनके हाथ में बन्दूक पकड़ा देते हैं। अर्बन माओवादी लोग खुद ऐश की जिन्दगी जीते हैं और आदिवासी बच्चों की जिन्दगी तबाह करते हैं और कांग्रेस के लोग ऐसे अर्बन माओवादी लोगों को बचाने के लिए मैदान में उतर आते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अटल जी ने छत्तीसगढ़ के लिए जो सपने देखें थे उनको पूरा करने के लिए मैं बार-बार छत्तीसगढ़ आया हूं। जब तक मैं अटल जी के सपने पूरे नहीं कर देता तब तक चैन से बैठने वाला नहीं हूं। 

पीएम मोदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा के नेतृत्व में जो विकास यात्रा चली है उसको रुकने नहीं देना है। वो समय अब दूर नहीं है जब छत्तीसगढ़ देश के उत्तम राज्यों में से एक होगा। 

उन्होंने कहा कि 10 साल तक केंद्र में जो कांग्रेस की सरकार थी उसने छत्तीसगढ़ में हो रहे विकास कार्यों को अटकाने और लटकाने के भरसक प्रयास किए, इसके बाबजूद रमन सिंह जी ने छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को रुकने नहीं दिया। 

पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी दलितों, पीड़ितों, शोषितों, वंचितों और गरीबों को सिर्फ और सिर्फ अपना वोट बैंक मानती है, कांग्रेस पार्टी इन्हें इंसान के रूप में देखने को तैयार नहीं है। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में कांग्रेस की कई सरकारें चली लेकिन कभी आदिवासियों के विकास की चिंता नहीं की। अटल जी देश के पहले प्रधानमंत्री थे जिन्होंने आदिवासियों के विकास के लिए एक अलग मंत्रालय बनाया और देश में आदिवासियों के विकास के लिए वैज्ञानिक तरीके से आगे बढ़ने का सिलसिला शुरू हुआ किया। 

पीएम मोदी ने कहा कि वो दिन भी दूर नहीं जब छत्तीसगढ़ का भविष्य बस्तर की आर्थिक समृद्धि से जुड़ने वाला है। 

मतदाताओं को लुभाने के लिए सत्ताधारी पार्टी शनिवार को घोषणा पत्र जारी करेगी। पार्टी ने इसे संकल्प पत्र का नाम दिया है। संकल्प पत्र में किसानों और युवाओं पर फोकस रह सकता है। प्रदेश के कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के मुताबिक यह गेम चेंजर साबित होगा।

 

पार्टी ने इसे तैयार करने के लिए राज्य के सभी इलाकों में जाकर लोगों के सुझाव लिए हैं। इस वजह से इसे बनाने में समय लगा है। अग्रवाल के मुताबिक संकल्प पत्र में नए छत्तीसगढ़ के निर्माण का विजन है। 2025 तक छत्तीसगढ़ देश के विकसित राज्यों में शामिल होगा।

शनिवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पार्टी घोषणा पत्र को जारी करेंगे। घोषणा पत्र की बारीकियां बताने से बचते हुए कृषि मंत्री अग्रवाल ने बताया कि संकल्प पत्र के केंद्र में किसान और युवा होंगे। पार्टी ने पिछले 15 साल में न्याय और विकास के मुद्दे पर काम किया है और आगे भी पार्टी इसी एजेंडे पर काम करेगी।

शनिवार को पहले चरण के चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है, सोमवार को 18 सीटों पर मतदान होंगे। दूसरे चरण की 72 सीटों के लिए 20 नवंबर को मतदान होगा। 

छत्तीसगढ़ चुनाव के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज डोंगरगढ़ में घोषणापत्र जारी कर दिया जिसे 'जन घोषणा पत्र' नाम दिया गया है। 

 

घोषणापत्र में किसानों और बेरोजगारों पर जोर साफ दिखाई दिया। प्रदेश के लिए पार्टी ने कई बड़े वादे किए हैं:

1. सरकार गठन के 10 दिन के भीतर किसानों के लिए तत्काल ऋण छूट

2. 60 वर्ष से अधिक उम्र के किसानों के लिए पेंशन का प्रावधान. 

3. स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट के मुताबिक न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी को लागू करना। चावल के लिए 2500 प्रति क्विंटल और मक्का के लिए 1700 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी। 

4.घरेलू उपभोग के लिए इस्तेमाल की जाने वाली बिजली की दरें आधा करना। शहरी क्षेत्रों में रह रहे लोगों के लिए घर और ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे लोगों के लिए जमीन का वादा।

5. हर परिवार को हर महीने एक रुपये प्रति किलो की दर पर 35 किलो चावल का वादा

6. घर घर रोजगार, हर घर रोजगार के तहत रोजगार पर झुकाव, वित्तीय सहायता के लिए 'राजीव मित्र योजना' के तहत 10 लाख बेरोजगार युवाओं को मासिक अनुदान का प्रावधान

7. महिला सुरक्षा के लिए विशेष महिला थाने, हर थाने में महिला सेल, 

8. अल्पसंख्यक समुदायों और उनके हितों के लिए उनकी सुरक्षा, नौकरी के अवसरों और व्यापार करने में आसानी के लिए विशेष सहायता के प्रस्ताव

9. 70-85 वन फसलों पर एमएसपी में वृद्धि और तेंदू पत्ता श्रमिकों के लिए 4000 रुपये प्रति बैग। दैनिक मजदूरी मजदूरों के लिए एक सम्मानजनक आय,

पार्टी ने दावा किया है कि घोषणापत्र को छत्तीसगढ़ के 24 जिलों के दौरे के बाद किसानों, महिला प्रतिनिधियों, श्रमिक संगठनों, छात्रों, शिक्षकों, खदान श्रमिकों, तेंदू पत्ता श्रमिकों, आदिवासियों, व्यापारियों, डॉक्टरों समेत विभिन्न संगठनों और प्रतिनिधियों से बड़े पैमाने पर इनपुट शामिल किया गया है।  
भाजपा शनिवार को अपना घोषणापत्र जारी करेगी।

विधायक बनते ही अक्सर नेताओं के पास गाड़ी बंगला, सुख-सुविधाएं मिलने लगती हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ में एक विधायक ऐसी भी हैं जो देश में सबसे कम कमाई करने वाले विधायकों की सूची में आती हैं। केराबाई मनहर को पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पहली बार उतारा था और उन्होंने कांग्रेस की दिग्गज नेता पद्मा मनहर को 15 हजार से भी ज्यादा वोटों से शिकस्त दी थी।

 

केराबाई सारंगढ़ विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। उनका परिवार बेहद सामान्य है, विधायक के रूप में मिलने वाली तनख्वाह ही उनकी आय का साधन है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म (एडीआर) की रिपोर्ट के अनुसार, केराबाई की वार्षिक तनख्वाह पांच लाख 40 हजार रुपये हैं। केराबाई की वार्षिक आय राष्ट्रीय स्तर के औसत आय से भी कम है।

केराबाई के पिता शिक्षक थे, उनकी गांव में थोड़ी सी खेती है, जिससे आय नाममात्र की होती है, इसके अलावा कुछ मवेशी हैं। सारंगढ़ के ग्राम टेंगनापाली में परिवार के सदस्य रहते हैं। इस विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने केराबाई मनहर पर ही विश्वास जताया है वहीं दूसरी ओर पिछली शिकस्त को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने उनके खिलाफ उत्तरी जांगड़े को उतारा है।

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में 62 नक्सलियों ने 51 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया है। सभी नक्सलियों ने बस्तर के आईजी विवेकानंद सिन्हा और नारायणपुर के एसपी जीतेंद्र शुक्ला के सामने आत्मसमर्पण किया।

जानकारी के मुताबिक आत्मसमर्पण के बाद नक्सलियों ने कहा कि हमने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय खो दिया है, अब मुख्यधारा से जुड़कर काम करना चाहते हैं। बता दें राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों का नक्सलियों ने बहिष्कार किया है। विरोध करते हुए उन्होंने पर्चे फाड़े और बैनर लगाए।

वहीं ये भी कहा जा रहा है कि जिन दो ग्रामीणों को नक्सलियों ने बीजापुर के गंगालुर से अगवा किया था उनमें से एक की हत्या कर दी है। जबकि दूसरे ग्रामीण को मारपीट कर छोड़ दिया है। फिलहाल नक्सलियों ने ग्रामीणों के साथ ये सब किया है या नहीं, इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है।

विरोध कर भाजपा को हटाने की बात कही
नक्सलियों ने विधानसभा चुनावों का विरोध करते हुए बीजापुर के भोपालपटनम ब्लॉक में पोस्टर लगाए। पोस्टरों में उन्होंने भाजपा को हटाने की बात कही है। इसके साथ ही नक्सलियों ने राजनीतिक प्रत्याशियों के पोस्टर पर क्रॉस का निशान भी लगाया है और कहा है कि जो भी वोट मांगने आए उसे मार भगाओ।

छत्तीसगढ़ चुनाव के दूसरे चरण के लिए 1101 उम्मीदवार मैदान में, धुआंधार प्रचार जारी
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रायपुर। छत्तीसगढ़ में हो रहे विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए 1101 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनके भाग्य का फैसला इस महीने की 20 तारीख को यहां के मतदाता करेंगे। राज्य में चुनाव को देखते हुए सभी राजनीतिक दल धुआंधार प्रचार कर रहे हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि छत्तीसगढ़ में दूसरे चरण के निर्वाचन वाले 72 विधानसभा क्षेत्रों में नामांकन पत्रों की समीक्षा के बाद कुल 1,249 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र विधिमान्य पाए गए। दूसरे चरण के निर्वाचन के लिए 26 अक्टूबर को अधिसूचना जारी होने के बाद से दो नवम्बर तक चली नामांकन दाखिले की प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों द्वारा कुल 2,655 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। 

सोमवार पांच नवम्बर को नामांकन वापस लेने की अंतिम के बाद कुल 1,101 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। दूसरे चरण के निर्वाचन के लिए 19 जिलों की 72 विधानसभा क्षेत्रों में 20 नवम्बर को मतदान और 11 दिसम्बर को मतगणना होगी। राज्य में हो रहे विधानसभा चुनाव में दो चरणों में मतदान होगा। दोनों चरणों में कुल 1,291 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। पहले चरण के तहत, नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के सात जिलों और राजनांदगांव जिले की 18 सीटों के​ लिए 12 नवंबर को मतदान होगा। पहले चरण में मुख्यमंत्री रमन सिंह, उनके मंत्रिमंडल के दो सदस्यों और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी करूणा शुक्ला के भाग्य का फैसला होगा।
 
वहीं दूसरे चरण में राज्य के नौ मंत्री रायपुर दक्षिण से बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर पश्चिम से राजेश मूणत, बिलासपुर से अमर अग्रवाल, बैकुंठपुर से भैयालाल राजवाड़े, प्रतापपुर से रामसेवक पैकरा, मुंगेली से पुन्नूलाल मोहिले, भिलाई नगर से प्रेम प्रकाश पांडेय, नवागढ़ से दयालदास बघेल और कुरूद से अजय चंद्राकर चुनाव मैदान में हैं। वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष धर्मलाल कौशिक बिल्हा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं।

दूसरे चरण में ही पाटन से प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेश बघेल, अंबिकापुर से विपक्ष के नेता टीएस सिंहदेव, दुर्ग ग्रामीण से कांग्रेस सांसद ताम्रध्वज साहू और सक्ती से पूर्व केंद्रीय मंत्री चरणदास महंत भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं जनता कांग्रेस छत्तीगसढ़ (जे) से पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी मारवाही सीट से, उनकी पत्नी रेणु जोगी कोटा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। जोगी की बहू ऋचा जोगी बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर अकलतरा सीट से चुनाव मैदान में है।
 
राज्य के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस से अलग होकर नई पार्टी का गठन करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी छत्तीसगढ़ में बहुजन समाज पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। राज्य में दूसरे चरण के मतदान के लिए रायपुर दक्षिण सीट में सबसे अधिक 46 उम्मीदवार और बिंद्रानवागढ़ में सबसे कम छह उम्मीदवार मैदान में हैं। छत्तीसगढ़ की 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए इस महीने दो चरणों में मतदान होगा। पहले चरण के लिए नक्सल प्रभावित बस्तर ​क्षेत्र के सात जिले और राजनांदगांव जिले की 18 सीटों के लिए 12 तारीख को मतदान होगा। वहीं दूसरे चरण में 72 सीटों के लिए 20 तारीख को मत डाले जाएंगे।

राज्य में 90 में से 10 सीटें अनुसूचित जाति के लिए तथा 29 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। राज्य में कुल 1,85,59,936 मतदाता हैं। इनमें से पुरूष मतदाताओं की संख्या 92,95,301 और महिला मतदाताओं की संख्या 92,49,459 है। वहीं 1059 तृतीय लिं​ग के मतदाता हैं। छत्तीसगढ़ में 19 विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं जहां 16 उम्मीदवार से ज्यादा प्रत्याशी मैदान में हैं। इन सीटों पर दो से अधिक ईवीएम लगाये जाएंगे। तीन विधानसभा क्षेत्रों में उम्मीदवारों की संख्या 32 से अधिक होने के कारण तीन बैलेट यूनिट लगाई जाएंगी।
 
छत्तीसगढ़ में हो रहे विधानसभा चुनाव में जीत ​हासिल करने के लिए राज्य के सभी राजनीतिक दल धुआंधार प्रचार कर रहे हैं। राज्य में पिछले 15 वर्षों से सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के महामंत्री संतोष पांडेय ने कहा है कि उनकी पार्टी राज्य में चौथी बार सरकार बनाएगी। इस बार पार्टी ने 65 सीटों पर जीत का लक्ष्य रखा है। पांडेय ने बताया कि पार्टी के कार्यकर्ता घर घर जाकर मतदाताओं को केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धि को बता रहे हैं। वहीं ​विपक्षी दल कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस ने इस चुनाव में ​वरिष्ठों के साथ साथ युवाओं को मौका दिया है। उनकी पार्टी रमन सिंह सरकार की असफलता के बारे में मतदाताओं को बता रही है। इस बार जनता बदलाव चाहती है और उम्मीद है कि इस चुनाव में कांग्रेस की जीत होगी और वह सरकार बनाएगी।
  • मलकानगिरी के भैजंगवाड़ा के जंगलों में नक्सलियों ने जवानों पर की फायरिंग
  • चुनाव के मद्देनजर सर्चिंग पर निकले थे जवान, बड़ी मात्रा में हथियार बरामद 

सुकमा. ओडिशा बॉर्डर पर सोमवार को मुठभेड़ में जवानों ने नक्सली नेता समेत 5 साथियों को मार गिराया। आगामी विधानचुनाव में सुरक्षा के मद्देनजर जवान सर्चिंग पर निकले थे। इसी दौरान नक्सलियों ने उन पर फायरिंग कर दी थी। नक्सलियों के पास से बड़ी मात्रा में हथियार भी बरामद हुए हैं।

 एडीजी ऑपरेशन आरपी कोचे के मुताबिक, जवान सुबह 5:30 बजे सर्चिंग पर निकले थे। इसी दौरान बॉर्डर क्षेत्र के कालीमेजा जिले में मलकानगिरी के भैजंगवाड़ा जंगल में नक्सलियों ने हमला कर दिया। नक्सलियों के साथ आधे घंटे तक मुठभेड़ चली। 

 कालीमेला दलम का मुखिया ढेर

मारे गए नक्सलियों में कालीमेला दलम का मुखिया रणदेब भी शामिल है। मौके से जवानों को 2 आईएनएसएएस राइफल, एक एसएलआर, 1303 राइफल बरामद हुई है। क्षेत्र में सर्चिंग जारी है। 

  • घायल का इलाज भिलाई के निजी अस्पताल में, पुलिस कर रही हमलावरों की तलाश 
  • दो दिन बातचीत करने की हालत में नहीं था पीड़ित, अब हालत में हो रहा है सुधार 

भिलाई. चुनावी सभा से लौट रहे एक युवा कांग्रेसी पर अज्ञात लोगों द्वारा हमला कर होंठ और जीभ काट देने का मामला सामने आया है। घायल का इलाज नेहरु नगर स्थित एक निजी अस्पताल में चल रहा है। घटना एक नवंबर रात की है। रविवार को इस संबंध में सुपेला पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर घायल के बयान लिए हैं। 

 

पुलिस के मुताबिक धमधा में आयोजित चुनावी सभा में शामिल होने के बाद युवा कांग्रेस नेता राहुल दानी मोटरसाइकिल से पथरिया जा रहा था। राहुल

 

ने बयान में बताया कि 1 नवंबर की रात 12 बजे शिवनाथ नदी के पास उसे एक कार ने पीछे से टक्कर मारी। इसके बाद कार में बैठे तीन अज्ञात युवकों ने उससे विवाद शुरू कर दिया। फिर तीनों ने राहुल पर धारदार हथियार से हमला किया। इससे उसकी जीभ और होंठ कट गए। राहुल इसके बाद बेहोश हो गया। 


पीड़ित ने लगाए आरोप 
राहुल दानी ने बताया कि वह साजा विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी रवींद्र चौबे का प्रचार कर रहा था। उन्हीं की चुनावी सभा से वह लौट रहा था। उसका कहना है कि हमलावर पिटाई करते समय कह रहे थे तुझे भाजपा के खिलाफ भाषण देने का बहुत शौक है। इसके बाद उन्होंने धारदार हथियार से वारकर जीभ और होंठ काट दिए। 


हमलावरों की तलाश कर रही पुलिस 
मामले में शून्य पर कायमी कर धमधा पुलिस को मामला भेजा गया है। घायल युवा कांग्रेस नेता के बयान लिए गए हैं। हमलावरों की तलाश की जा रही है। श्याम सुंदर शर्मा, सीएसपी 


जीभ में लगे टांके 
राहुल ने बताया कि हमले में होंठ, नाक, माथा पर चोट लगने के साथ जीभ भी कट गई। इस वजह से वह अपनी बात नहीं कह पा रहा था। दो दिन पहले हुई सर्जरी के बाद राहुल बोलने की स्थिति में है। राहुल ने बताया कि जीभ कटने के कारण वह अपने साथ हुई घटना के बारे में किसी को नहीं बता सका था। उसने बताया कि हमले से पहले कार सवार युवक काफी देर से उसका पीछा कर रहे थे। 

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