ईश्वर दुबे
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Bhilai
प्रदेश के 20 मेडिकल और 14 डेंटल कॉलेज सहित कुल 34 कॉलेजों में मिलेगा एडमिशन
भोपाल। नीट की काउंसिलिंग 1 जुलाई से शुरू होने जा रही है। इसके तहत प्रदेश के 20 मेडिकल और 14 डेंटल कॉलेज सहित कुल 34 कॉलेजों में एडमिशन मिलेगा। केंद्र सरकार द्वारा आर्थिक आधार पर सवर्णों के लिए आरक्षण लागू किए जाने के बाद बीएमसी में एमबीबीएस कोर्स की सीटों की संख्या बढ़कर 150 हाे गई है। लिहाजा यहां 150 सीटों पर एडमिशन होंगे।
यह रहेगा शेड्यूल
27 जून: छात्राें को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
28 जून: शासकीय और प्राइवेट मेडिकल व डेंटल कॉलेज में अंडर ग्रेजुएट कोर्सेज की प्रवेश प्रक्रिया के लिए स्टेट मेरिट लिस्ट घोषित होगी।
28 जून से 1 जुलाई तक : च्वॉइस फिलिंग और लॉकिंग की प्रक्रिया। एमपी ऑनलाइन से छात्र च्वॉइस फिलिंग व लॉकिंग कर सकेंगे।
4 जुलाई : पहले राउंड की सीटों का अलॉटमेंट।
5-12 जुलाई (शाम 5 बजे तक) : छात्राें को आवंटित कॉलेजों में रिपोर्ट करना होगा। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन सहित अन्य प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
21 जुलाई: सीट अपग्रेडेशन का विकल्प।
24 जुलाई: पहले राउंड के बाद खाली रहने वाली सीटें डिस्प्ले की जाएंगी।
24-26 जुलाई (रात 12 बजे तक): दूसरे राउंड के लिए फ्रेश च्वॉइस फिलिंग और च्वॉइस लॉकिंग।
30 जुलाई: दूसरे राउंड की सीटाें का अलॉटमेंट।
31 जुलाई से 3 अगस्त : विद्यार्थियों को आवंटित कॉलेजों में रिपोर्टिंग करनी होगी।
1 अगस्त से मॉपअप राउंड: मेडिकल कॉलेज में खाली रहने वाली सीटों के लिए मॉपअप राउंड होगा। इसके लिए ऑनलाइन पंजीयन की शुरुआत 1 से 4 अगस्त तक चलेगी।
5 अगस्त: रिवाइज्ड स्टेट मेरिट लिस्ट जारी होगी।
5 से 7 अगस्त: ऑनलाइन च्वॉइस फिलिंग व च्वॉइस लॉकिंग प्रक्रिया।
गाय के नाम पर होने वाली हिंसा पर रोक लगाने के लिए मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार ने बुधवार को एक कानून का प्रस्ताव रखा है। गोहत्या विरोधी अधिनियम के तहत यदि कोई शख्स हिंसा के मामले में गिरफ्तार किया जाता है तो उसे छह महीने से लेकर तीन साल की सजा और 25,000 से 50,000 तक जुर्माना देना पड़ेगा। कमलनाथ सरकार ने मध्यप्रदेश गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम, 2004 में संशोधन करने का प्रस्ताव दिया है।
इस विधेयक को सरकार विधान सभा के मानसून सत्र में पेश कर पारित कराना चाहती है। इससे पहले गोहत्या विरोधी अधिनियम को पूर्व की भाजपा सरकार ने पारित किया था। अतिरिक्त मुख्य सचिव (पशुपालन) मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि गाय के नाम पर हिंसा करने वाले की सजा को बढ़ाकर न्यूनतम एक साल और अधिकतम पांच साल किया जाएगा। यदि अपराधी दोबारा अपराध करता है तो उसकी सजा दोगुनी कर दी जाएगी।
संशोधन में उन लोगों को एक से तीन साल की सजा देने का प्रावधान किया जाएगा जो हिंसा के लिए लोगों को उकसाने का कार्य करेंगे। संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले गोरक्षों को गोहत्या विरोधी अधिनियम के तहत सजा दी जाएगी। यह कदम सियोनी जिले के कच्छीवाड़ा के अंतर्गत आने वाले डुंडासियोनी पुलिस स्टेशन में मई 22 को हुई घटना के बाद उठाया गया है। यहां पांच लोगों ने तीन लोगों की पिटाई कर दी थी। जिसमें मुस्लिम शख्स और एक महिला भी शामिल थी। उनपर बीफ ले जाने का शक था।
इससे पहले राज्य सरकार ने फैसला किया था कि गायों को लाने और ले जाने के नियमों को आसान बनाया जाए ताकि किसान और व्यापारियों को गोरक्षक परेशान न करें और पुलिस न रोके। सरकार ने किसानों के बीच गाय के व्यापार को उस शर्त को हटाते हुए मंजूरी दे दी है जिसमें कहा गया था कि वह बाजार या हाट से ही गोवंश खरीद सकते हैं।
भोपाल। बुधवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में सामान्य वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण और भोपाल तथा इंदौर में मेट्रो रेल के लिए होने वाले एमओयू के ड्राफ्ट को मंजूरी मिल गई। जनंसपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने बताया कि प्रस्ताव के अनुसार सामान्य वर्ग के जिन लोगों को आरक्षण दिया जाना है, उसका क्राइटेरिया सालाना आय 8 लाख रुपए, 5 एकड़ जमीन और 1200 स्क्वायर फीट तक का मकान तय किया गया है। यदि किसी की जमीन 5 एकड़ से ज्यादा है लेकिन वह बंजर है या पथरीली है तो उन्हें भी आरक्षण का लाभ मिलेगा।
बैठक शुरू होते ही आवारा कुत्तों की समस्या पर चर्चा की मांग को लेकर कांग्रेस पार्षदों का धरना
भोपाल. भारी हंगामें के बीच महापौर आलोक शर्मा ने करीब 2500 करोड़ रुपए का बजट पेश कर दिया। पिछले साल यह करीब 1900 करोड़ रुपए का था। इससे पहले नगर निगम परिषद की बैठक शुरू होते ही प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस पार्षदों ने शहर में आवारा कुत्तों की समस्या पर चर्चा की मांग को लेकर हंगामा शुरू हो गया।
कांग्रेस पार्षद अध्यक्ष की आसंदी के सामने धरना देने लगे। परिषद अध्यक्ष पार्षदों से अपने स्थान पर जाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन पार्षदों ने उनकी नहीं सुनी। पार्षद आसंदी के सामने जमकर नारेबाजी करते रहे। हंगामा थमता न देख अध्यक्ष ने बैठक 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी।
नगर निगम बजट बैठक अपडेट्स
हंगामें के बाद बजट बैठक फिर शुरू हुई। महापौर ने बजट भाषण पढ़ना शुरू किया। काग्रेस पार्षद सदन में नारेबाजी कर रहे हैं।
भारी हंगामे के बीच पांच मिनट के लिए स्थगित की गई। बैठक,पार्षदों के हंगामे के बाद रुकी बैठक। कांग्रेस पार्षद रफीक कुरैशी ने शहर में कुत्तों की समस्या को लेकर हंगामा किया। प्रश्नकाल शुरू होने से पहले ही जवाब मांगा। निगम परिषद अध्यक्ष ने 10 मिनिट का कुत्तों पर अतिरिक्त समय की घोषणा की।
बैठक शुरू होते ही कांग्रेस पार्षद रफीक कुरैशी ने कुत्तों का मामला उठाते हुए कहा कि शहर में कुत्तों के काटने से कई मौते हो चुकी है। लेकिन नगर निगम ने अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई। रफीक ने कहा कि बजट से पहले इस मुद्दे पर चर्चा कराई जाए।
चौहान नहीं पहुंचे भाजपा पार्षद दल की बैठक में
निगम परिषद अध्यक्ष सुरजीत सिंह चौहान मंगलवार को हुई भाजपा पार्षद दल की बैठक में शामिल नहीं हुए। चौहान की गैरमौजूदगी को उनकी नाराजगी से जोड़ कर देखा जा रहा है। इस बात की भी संभावना है कि वे बुधवार की परिषद बैठक से भी गैर मौजूद रहें। बताया जाता है कि बैठक की तिथि और एजेंडे को लेकर वे नाराज हैं। उधर, महापौर आलोक शर्मा ने बताया कि चौहान के पिताजी का स्वास्थ्य ठीक नहीं है। चौहान की गैर मौजूदगी में एमआईसी सदस्य महेश मकवाना या आशा देवी जैन परिषद बैठक की अध्यक्षता कर सकते हैं। भाजपा पार्षद दल में हुई अनौपचारिक चर्चा में यह दो नाम उभर कर सामने आए हैं। दोनों भाजपा के वरिष्ठतम पार्षद हैं। इधर, कांग्रेस परिषद बैठक में पानी सप्लाई और शहर की सफाई का मुद्दा उठाएगी।
सैन्य अधिकारी ने बेरछा रोड स्थित अपने निवास पर आत्महत्या का प्रयास किया
सैन्य अधिकारी के जबड़े में लगी गोली, कारण तलाशने में जुटी पुलिस
इंदौर. महू में एक सैन्य अधिकारी द्वारा अपनी लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मार कर आत्महत्या के प्रयास का मामला सामने आया है। अधिकारी को पहले महू अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर उन्हें लखनऊ आर्मी अस्पताल रैफर कर दिया गया। अधिकारी छुट्टी पर चल रहे थे। उन्होंने खुद को गोली क्यों मारी इसका कारण सामने नहीं आया है। पुलस मामले की जांच में जुटी है।
मिली जानकारी अनुसार कर्नल अभिजीत त्रिपाठी ने बेरछा रोड स्थित अपने निवास पर मंगलवार को खुद को गोली मार ली थी। अपनी लाइसेंसी पिस्टल से उन्होंने अपने चेहरे पर गोली मारी थी, जिसके बाद उन्हें तत्काल महू आर्मी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उनकी हालत गंभीर देख उन्हें लखनऊ आर्मी अस्पताल रैफर कर दिया गया। सूचना के बाद बुधवार को थाना प्रभारी अरुण सोलंकी जांच के लिए पहुंचे।
मध्य प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्रों में दस्तक देने के बाद मानसून मंगलवार को इंदौर की ओर बढ़ गया है। अगले 48 घंटों में इसके भोपाल पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। मानसून की दस्तक से आने वाले दिनों में प्रदेश का मौसम खुशनुमा बना रहने की संभावना है।
इससे पहले रविवार को प्री-मानसून की आहट मिली थी। दोपहर बाद इंदौर शहर के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई थी। बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्रों से होते हुए मानसून ने मंगलवार को इंदौर का रुख किया है। साथ ही सूबे की राजधानी तक पहुंचने में इसे 48 घंटे लगेंगे।
आईएमडी अधिकारी गुरुदत्त मिश्रा ने बताया कि जल्द ही मानसून इंदौर पहुंचेगा। पिछले 24 घंटों में ग्वालियर और चंबल क्षेत्रों को छोड़कर लगभग पूरे मध्य प्रदेश में बारिश हुई है। कहा कि रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, उज्जैन, आगर मालवा और इंदौर जिलों के कुछ हिस्सों में अगले 24 घंटों में भारी बारिश होने की संभावना है।
महिला का आरोप- जुयाल ने उसे नौकरी का झांसा देकर देह शोषण किया
हाईकोर्ट ने दिए थे मामला दर्ज करने के निर्देश, हो सकती है गिरफ्तारी
जबलपुर. नानाजी देशमुख वेटरनरी विवि के कुलपति डॉ. पीडी जुयाल के खिलाफ नौकरी दिलाने के नाम पर एक महिला का देह शोषण करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में कुलपति के खिलाफ न्यायालय ने एफआईआर के आदेश दिए थे, लेकिन उन्होंने स्टे ले लिया था। दो दिन पहले ही हाईकोर्ट ने स्टे खारिज कर दिया। महिला का आरोप है कि जुयाल ने उसे नौकरी का झांसा देकर देह शोषण किया।
जबलपुर निवासी महिला ने जुयाल के खिलाफ शिकायत की है कि नौकरी का झांसा देकर जुयाल ने उसे गेस्ट हाउस में मिलने के लिए बुलाया। वहां उसने शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया। मना करने पर ऑफिस में बुलाकार बलात्कार किया। उसके बाद रीवा के एक होटल में भी उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए और अश्लील फोटो खींचे।
हाईकोर्ट में पीड़िता द्वारा दर्ज कराए गए परिवाद को हाईकोर्ट में झूठा बताते हुए चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने पीड़िता के हाजिर न होने तक कुलपति के विरुद्ध एफआइआर दर्ज नहीं करने का अंतरिम निर्देश दिया था। इस मामले में सुनवाई करते हुए शुक्रवार को कोर्ट ने एफआइआर दर्ज करने पर लगी रोक हटा ली थी। सिविल लाइन पुलिस के अनुसार पीडि़ता की रिपोर्ट पर आरोपी कुलपति जुयाल के विरुद्ध भादंवि की धारा 376, आइटी एक्ट की धारा 67, 67 ए के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
एनएसयूआई ने किया प्रदर्शन
सोमवार को कुलपति से इस्तीफे की मांग को लेकर एनएसयूआइ के कार्यकर्ताओं ने बवाल किया। कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में रखे गमलों को फोड़ दिया, तो वहीं खिड़की दरवाजे में लगे कांचों को तोड़ दिया गया। हंगामे की खबर पुलिस प्रशासन को लगते ही दोपहर में बड़ी संख्या में पुलिस बल विश्वविद्यालय पहुंचा।
भिंड जिले के देहात क्षेत्र में भी उफने नाले में बहने से चार साल के बच्चे की मौत
झाबुआ में रुक-रुक कर हो रही बारिश के चलते ग्रामीण इलाकों के नदी-नाले उफने
इंदौर. मध्यप्रदेश में सोमवार को पहली मानसूनी बारिश से तीन लोगों की मौत हो गई। उज्जैन जिले के उन्हेल में तेज बारिश के बाद उफने नाले को पार करते समय एक पुजारी की बहने से मौत हो गई। वहीं, बड़वानी में देर रात तेज आंधी और बारिश से मकान की छत गिरने से सो रहे वृद्ध ने दम तोड़ दिया। भिंड जिले के देहात थाने में भी उफने नाले में बहने से एक चार साल के बच्चे की मौत हो गई।
लोगों ने मना किया पर नहीं माना पुजारी : जांच अधिकारी एमएल रावत के अनुसार सोमवार रात को शुरू हुई तेज बारिश के चलते उन्हेल स्थित नाला उफान पर था। लालबाई फूलबाई माताजी मंदिर के पुजारी संजय पाठक रात में बेडावन रोड स्थित अपने घर की ओर जा रहे थे। पुल के ऊपर से पानी बहने से लोग किनारे खड़े होकर पानी कम होने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन पुजारी संजय पाठक अपनी साइकिल लोगों के मना करने के बाद भी पुल पार करने लगे।
कुछ दूर पर बहाव में उनका संतुलन बिगड़ा और वे साइकिल सहित बह गए। उनकी साइकिल तो पुल के नीचे झाड़ियों में अटक गई, लेकिन उनक शव करीब एक किलोमीटर दूर माली धर्मशाला के पीछे झाड़ियों में अटक मिला। जिसे पुलिस ने मंगलवार सुबह खोज निकाला। शव को पोस्टमार्टम के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां से शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है। मिली जानकारी अनुसार मंदिर में पूजन संजय के भाई श्याम करते थे, लेकिन उनकी दो साल पहले हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद संजय यहां पूजन के लिए आने लगे थे।
तेज आंधी से गिरी छत के नीचे दबने से कालूराम की मौत हो गई।
तेज आंधी के बाद गिरी मकान की छत
बड़वानी में सोमवार देर रात तेज बारिश और आंधी में एक वृद्ध की मौत हो गई। वृद्ध कालूराम पिता पुनिया निवासी वार्ड 24 रानीपुरा रात में अपने टीन शेड के मकान में सो रहा था। देर रात तेज हवा और बारिश के चलते टीन शेड का कुछ हिस्सा धराशायी हो गया और कालूराम के ऊपर जा गिरा। प्रारंभिक जानकारी में पता चला है कि टीन शेड की छत पर एक पंखा लगा हुआ था। पंखा गिरने के कारण फैले करंट से कालूराम की मौत हुई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच में लिया है।
झाबुआ में कई नदियां उफान पर
झाबुआ में तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश के चलते कई ग्रामीण इलाकों के छोटे नदी-नाले उफन गए हैं। वहीं अनास, पंम्पावती, पदमावती, नेगडी, नौगावां, हथनी, माही नदी में भी जलस्तर बढ़ने लगा है। भू अभिलेख कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार पिछले 24 घंटे में झाबुआ जिले में औसत दो इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है। झाबुआ में 89.2 मिमी, रामा में 22 मिमी, पेटलावद में 51.4 मिमी, थांदला में 45.4 मिमी, मेघनगर में 65 मिमी तथा रानापुर में 51 मिमी बारिश दर्ज की गई है। झाबुआ जिले में इस साल अब तक 104.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि पिछले साल अब तक 74.7 मिमी बारिश हुई थी।
बालाघाट। मंगलवार सुबह यहां एक संत ने समाधि में प्राण त्यागने की घोषणा कर दी। संत की घोषणा का पता जैसे ही लोगों को चला उनके निवास के सामने हजारों लोगों की भीड़ लग गई। तय समय से कुछ पहले संत ध्यान की मुद्रा में समाधि लेने बैठ गए। जब तय समय के निकल जाने पर संत की सांसे चलती रही तो वहां मौजूद लोगों ने ढोंगी बाबा के जमकर नारे लगाए।
जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय से 25 किमी दूर हट्टा डूंडासिवनी में कबीर पंत के संत सुबोध दास उर्फ मंगल दास ने आज सुबह कहा कि वे मानव कल्याण के लिए समाधि ले रहे हैं। उनके गुरु सपने में आए तो उन्होंने कहा था कि 10.15 से उनके प्राण जाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
इसके बाद जैसे ही लोगों को संत सुबोध दास उर्फ मंगल दास के समाधि लेने की बात पता चली हजारों की संख्या में लोग गांव में संत की समाधि प्रक्रिया देखने आ गए। तय समय से कुछ मिनट पहले संत भी समाधि लेने बैठ गए। लेकिन जब तय समय तक संत के प्राण नहीं निकले तो कुछ लोगों ने ढोंगी बाबा और संत के नारे लगानी शुरू कर दिए। फिलहाल गांव में प्रशासन का अमला और पुलिसबल पहुंच गया है।
भारतीय वायुसेना कारगिल युद्ध के 20 साल पूरे होने का जश्न मना रही है। सोमवार को ग्वालियर स्थित एयर बेस को एक थियेटर में तब्दील कर दिया गया। इस दौरान जम्मू और कश्मीर के द्रास-कारगिल क्षेत्र में टाइगर हिल हमले का एक प्रतिकात्मक चित्रण प्रस्तुत किया गया। ये हमला 24 जून, 1999 को टाइगर हिल पर पाकिस्तानी घुसपैठियों पर हुआ था।
इस कार्यक्रम में एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ मुख्य अतिथि थे। भारतीय वायुसेना ने युद्ध के 20 वर्ष को मनाने के लिए एयर बेस पर कई तरह गतिविधियों की योजना बनाई है, जिसमें टाइगर हिल हमले का प्रतिकात्मक चित्रण और आपरेशन विजय में इस्तेमाल मिराज 2000 और अन्य विमानों के प्रदर्शन को शामिल किया गया।
वायुसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "ग्वालियर में इस कार्यक्रम के तहत कई गतिविधियों की योजना बनाई गई है।" इसके साथ ही मिराज 2000 और हमले के दौरान इस्तेमाल अन्य विमानों का प्रदर्शन भी हुआ। पांच मिराज 2000, दो मिग 21 और एक सुखोई 30 एमकेआई का भी प्रदर्शन किया गया। दुनिया में सबसे अधिक ऊंचाई पर हुई इस जंग में भारतीय वायु सेना ने अपने पराक्रम का प्रदर्शन किया था।
वायुसेना के एक अधिकारी का कहना है, "कारगिल संघर्ष ऊंचाई की परिस्थितियों में युद्ध में वायु शक्ति के उपयोग का एक अनुकरणीय अनुभव प्रदान करता है।" कई वीरता पुरस्कार विजेताओं ने भी कार्यक्रम में शिरकत की। इनमें से कुछ अभी भी सेवा दे रहे हैं जबकि कुछ सेवानिवृत हो चुके हैं। एक अधिकारी का कहना है कि भारतीय सशस्त्र बलों ने दुश्मन को उसके दुस्साहस का सबसे बड़ा सबक सिखाया था।
इस दौरान हुई लड़ाईयों में मिराज-2000 की काफी अहम भूमिका रही। युद्ध के दौरान वायुसेना ने ऑपरेशन विजय सागर को सेना के ऑपरेशन विजय के एक भाग के रूप में संचालित किया था।
अधिकारियों ने इससे पहले कहा था कि कारगिल विजय दिवस की 20वीं वर्षगांठ के अवसर पर दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में सेना द्वारा कई आयोजन किए जाएंगे। एक अधिकारी का कहना है कि जुलाई के पहले हफ्ते से देशभर में कई कार्यक्रमों का आयोजन करने की योजना बनाई गई है।
दिल्ली में ये कार्यक्रम 14 जुलाई से शुरू होंगे। इन समारोहों का उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं के बीच देशभक्ति की भावना को जगाना और शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देना है।
चौकी के पास बने सरकारी क्वार्टर में रहते थे प्रभारी भागीरथ बघेल
फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं, पुलिस कर रही जांच
इंदौर. झाबुआ जिले की पेटलावट तहसील के झकनावदा में चौकी प्रभारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार पेटलावद तहसील के झकनावदा में चौकी प्रभारी भागीरथ बघेल ने शनिवार-रविवार रात अपने सरकारी क्वार्टर में फांसी लगाकर जान दे दी। बघेल सरकारी क्वार्टर में अकेले रहते थे। रिववाार सुबह जब वह अपने आवास से बाहर नहीं निकले तो अन्य कर्मचारियों ने उनके मोबाइल पर कॉल किया। कॉल का जवाब नहीं मिलने पर उनके दरवाजे को खटखटाया गया। काफी प्रयास के बाद भी जब अंदर से कोई आवाज नहीं आई तो खिड़की से झांककर अंदर देखा गया। इसके बाद घटना का पता चला।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच प्रारंभ कर दी थी। पुलिस के अनुसार आत्महत्या के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस अधीक्षक विनीत जैन ने भी घटनास्थल का मुआयना किया है। मामले की जांच की जा रही है।
चमकी बुखार की पुष्टि के लिए मृत बच्चे का सैंपल पुणे की वायरोलॉजी लैब भेजा जाएगा
देवास के खातेगांव में रहने वाले 9 साल के बच्चे को शनिवार रात एमवाय अस्पताल में किया गया था भर्ती
इंदौर. देवास जिले के खातेगांव के ग्राम जामनेर निवासी नौ साल के असलम पिता इब्राहिम को चमकी बुखार का संदिग्ध बताकर शनिवार रात को शासकीय महाराजा यशवंत राव होलकर चिकित्सालय के बाल गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती किया गया था। रविवार सुबह बच्चे की मौत हो गई। चिकित्सालय के रिकार्ड में बच्चे को लामा (लीव अंगेस्ट मेडिकल एडवाइज) होना बताया गया हैं। उधर बच्चे की मौत के बाद सरकार हरकत में आई, स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट के निर्देश पर प्रशासन की एक टीम को देवास के जामनेर गांव भेजा गया है।
शिशु रोग प्रभारी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रीति मालपानी ने बताया कि बच्चे की हालत क्रिटिकल थी लेकिन परिजन यह कहकर बच्चे को ले गए कि उसके पिता की तबीयत खराब है। बच्चे की हालत गंभीर थी। यहां आने के पूर्व किसी अन्य डॉक्टर के पास इलाज के लिए गए थे। जहां उन्होंने इसे चमकी बुखार कह दिया था।
बच्चे में चमकी बुखार की पुष्टि के लिए अब उसका सैंपल पुणे की वायरोलॉजी लैब भेजने की बात कही जा रही है। बहरहाल इसे लेकर डॉ. मालपानी ने बताया, यह चमकी बुखार प्रतीक नहीं हो रहा है। बच्चे में एक्यूट एनसिफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) की पहचान की गई है। बुखार दिमाग पर चढ़ गया था। जब उसे चिकित्सालय लाया गया था तब वह बेसुध था। ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक ने उन्हें जाने से रोका था लेकिन वे नहीं माने। उनका कहना था कि बच्चे के पिता बीमार है।
उधर, असलम के मामा हलीम शाह का कहना हैं कि हम बीमार बच्चे को लेकर घर क्यों जाएंगे। हमको ड्यूटी डॉक्टर ने सुबह 5 बजे बताया कि बच्चे को अब घर ले जाओ। इसलिए सुबह एम्बुलेंस लेकर हम वापस गांव आ गए। पिता इब्राहिम का कहना है कि मेरी तबीयत बिलकुल ठीक है। अपने बच्चे को इस हालत में देखकर मैं मानसिक रूप से अस्वस्थ्य महसूस कर रहा था। उसे इस हालत में नहीं देख सकता था। इसलिए एमवायएच नहीं गया था। पूर्व सरपंच मनीष पटेल ने बताया कि बच्चे के पिता बीमार नहीं है। कोई भी व्यक्ति बीमार बच्चे को क्यों लाएगा। चिकित्सकों ने इनसे लामा लिखवाया।
बालक की मृत्यु चमकी बुखार से नहीं - सीएमएचओ
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी इंदौर डॉ. प्रवीण जड़िया का कहना है कि असलम की मृत्यु चमकी बुखार से नहीं हुई है। उन्होने बताया कि एमवाय अस्पताल में उपचाररत असलम को उसके परिजन अपनी मर्जी से रविवार की सुबह 6 बजे हास्पिटल से छुट्टी करवाकर ले गए थे। अस्पताल से परिजनों द्वारा जामनेर जिला देवास ले जाने के दौरान रास्ते में बच्चे की मृत्यु हुई।
डॉक्टर जड़िया ने बताया कि शुक्रवार को तेज बुखार आने पर असलम को पहले गांव में फिर खातेगांव और हरदा में उपचार के बाद शनिवार को इंदौर के एमवाय अस्पताल में लाया गया था। चिकित्सकों द्वारा जांच में वायरल बुखार तथा मस्तिष्क ज्वर बताया गया किसकी पुष्टि रक्त और सीएसएफ की जांच से भी हुई है। चमकी बुखार जैसे कोई लक्षण जांच में नहीं मिले थे।
जेलर सहित 4 जेल प्रहरी निलंबित, कैदियों की सूचना देने वाले को 50 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा
रविवार अलसुबह फरार हुए कैदी, अलग-अगल जुर्म में काट रहे थे सजा
इंदौर/नीमच. मध्यप्रदेश के नीमच में रविवार अलसुबह चार कैदी जेल की दीवार फांदकर फरार हो गए। यह कैदी दुष्कर्म, नशीली दवाओं की तस्करी समेत संगीन अपराधों में सजा काट रहे थे। मामले में जेलर सहित 4 जेल प्रहरियों को निलंबित कर दिया गया। वहीं, फरार कैदियों को गिरफ्तार करने में मदद करने वालों को 50 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा भी की गई है।
जेलर आरसी बसुनिया के मुताबिक, वारदात सुबह 3.30 बजे से 4.30 बजे की है। बैरक नंबर 11 के चार कैदी बैरक के सरीए काटकर बाहर आ गए और जेल की दीवार पर रस्सा डालकर दीवार पर चढ़ गए और बाहर छलांग लगा दी। बैरक के अंदर से आरी के चार पत्ते मिले हैं। जेल में 27 प्रहरी हैं जिनमें से 7 महिलाएं है।
प्रारंभिक जांच में प्रहरियों की लापरवाहीं के साथ वारदात में किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा मदद किए जाने की बात सामने आ रही है। सर्कल जेल अधीक्षक आरआर डांगी के अनुसार जेल प्रहरियों विजेंद्र धाकड़, ईश्वर, संचित शर्मा और बालमुकुंद लवाना को लापरवाही बरतने पर निलंबित कर किया है। इसके साथ ही जेलर वसुनिया को भी सस्पेंड कर दिया गया। कैदियों को पकड़ने के लिए जिले के साथ ही आसपास के क्षेत्रों की नाकाबंदी की गई।
इससे पहले फरवरी 2017 में भी मुरैना जिला जेल से दो कैदी फरार हो गए थे। वहीं 2016 में आतंकी संगठन सीमी के आठ आतंकवादी भोपाल जेल के प्रहरी की हत्या कर फरार हो गए थे। 2009 में निमच की इसी जेल से 5 कैदी फरार हुए थे।
यह कैदी हुए फरार
नरसिंह पिता बंसीलाल बंजारा (20) निवासी ग्राम गणेशपुरा थाना भिंडर जिला उदयपुर। नरसिंह को एनडीपीएस के तहत 10 साल की सजा हुई थी।
दुबे लाल पिता दशरथ धुर्वे (19) निवासी ग्राम गोगरी थाना नौगांव जिला मंडला। दुबेलाल को धारा 376 में 10 साल की सजा हुई थी।
पंकज पिता रामनारायण मोंगिया (21) निवासी ग्राम नल वाई थाना बड़ी सादड़ी जिला चित्तौड़। पंकज एनडीपीएस के तहत सजा काट रहा था।
लेख राम पिता रमेश बावरी (29) निवासी ग्राम चंदवासा थाना मल्हारगढ़ जिला मंदसौर।
बालाघाट. जिले के लांजी थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक हृदय विदारक घटना में तीन बहनों की सोननदी में डूबने से मौत हो गई। घटना दलखा पौसेरा की है, जहां तीनों बहनें सोन नदी में शौच के लिए गईं थीं और फिसल कर नदी में गिरने से डूब गईं। बच्चियों के शवों बरामद होने पर शनिवार को को उनका पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
मृतक बच्चियों में दो भाईयों की तीन बेटियां श्रद्धा (5) पिता सुखचंद पांचे, सुमन (4) पिता सुखचंद पांचे और आकांक्षा (6) पिता सुखलाल पांचे की बेटियां हैं। स्थानीय लोगों ने तीनों बच्चियों के शव बाहर निकाले। बताया जाता है शुक्रवार को दोपहर बाद करीब 3 बजे तीनों बहनें शौच के लिए गईं, इस दौरान फिसल कर नदी में गिर गईं और उनकी डूबने से मौत हो गई। घटना के कुछ देर बाद ही बच्चियों का शव पानी में ऊपर आ गया। शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच नदी की ओर शौच करने गये एक ग्रामीण ने देखा था।
पहले एक बहन का शव ऊपर आया
नदी में पहले छोटी बहन का शव पानी में ऊपर दिखाई दिया, जिसके पास ही दो अन्य बहनों के शव भी दिखाई दिए। जिसके बाद गांव के लोगों ने नदी में जाकर बच्चियों के शव को बाहर निकाला। जिन्हें एम्बुलेंस के माध्यम से लांजी अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टर ने बच्चियों को मृत घोषित कर दिया।
मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच में लिया है। घटना के बाद से गांव में शोक है, पांचे परिवार की तीन बेटियों की एक साथ मौत की हृदय विदारक घटना के बाद घर में भीड़ जुट गई है। लांजी थाना टीआई नितिन अमलावतने बताया कि तीनों बच्चे की बॉडी कल शाम को परिजनों ने लेकर आज पोस्टमार्टम कराया है। घटना में मर्ग कायम कर विवेचना में लिया गया है।