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राष्ट्रपति से करेंगे मुलाकात, बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति से कराएंगे परिचित

प्रतिनिधिमंडल में मांझी, चालाकी, बस्तर पंडुम के जनजातीय कलाकार और समाज प्रतिनिधि शामिल

नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में मिली ऐतिहासिक सफलता के लिए जताएंगे आभार

रायपुर, 28 जुलाई 2026/ बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, सामाजिक परंपराओं और बदलते बस्तर की नई तस्वीर को राष्ट्रीय पटल पर प्रस्तुत करने के उद्देश्य से बस्तर के परगना मांझी, चालाकी, समाज प्रमुख, बस्तर पंडुम-2026 के प्रसिद्ध जनजातीय युवा कलाकार, जनजातीय समाज प्रतिनिधि तथा बस्तर के पद्मश्री सम्मान प्राप्तकर्ताओं सहित 164 व्यक्तियों का प्रतिनिधिमंडल आज दिल्ली के लिए रवाना हुआ। यह प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मू से 30 जुलाई 2026 को मुलाकात करेगा तथा बस्तर की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और सामाजिक व्यवस्था से उन्हें अवगत कराएगा।

बस्तर के युवा संस्कृति, परंपराओं और प्रतिभा के बल पर देशभर में बना रहे नई पहचान

प्रतिनिधिमंडल के सदस्य राष्ट्रपति के समक्ष यह संदेश भी रखेंगे कि आज का बस्तर हिंसा और भय की पहचान से निकलकर शांति, विकास और विश्वास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। बस्तर के युवा अपनी संस्कृति, परंपराओं और प्रतिभा के बल पर देशभर में नई पहचान बना रहे हैं। वे राष्ट्रपति को बताएंगे कि शासन की विकासोन्मुखी पहल और सुरक्षा बलों के सतत प्रयासों से नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में ऐतिहासिक सफलता मिली है, जिससे बस्तर में शिक्षा, पर्यटन, रोजगार और जनजीवन को नई गति मिली है।

बस्तर की नई पहचान शांति, विकास और लोकतांत्रिक भागीदारी

प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति के प्रति बस्तरवासियों की ओर से आभार व्यक्त करते हुए संदेश देंगे कि अब बस्तर की पहचान केवल प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध जनजातीय संस्कृति ही नहीं, बल्कि शांति, विकास, लोकतांत्रिक भागीदारी और नई उम्मीदों से भी जुड़ चुकी है। बस्तर के युवा पूरे देश को बताएंगे कि नया बस्तर अवसरों, आत्मविश्वास और प्रगति का बस्तर है।

राष्ट्रपति भवन तक पहुंचेगी बस्तर की लोकसंस्कृति, रीति-रिवाज और सामाजिक मूल्यों की गूंज

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने दिल्ली रवाना हो रहे बस्तर के परगना मांझी, चालाकी, समाज प्रमुखों एवं युवा प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह प्रतिनिधिमंडल केवल बस्तर का नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और गौरवशाली विरासत का प्रतिनिधित्व करेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भवन तक बस्तर की लोकसंस्कृति, रीति-रिवाज और सामाजिक मूल्यों की गूंज पहुंचना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि आज का बस्तर बदल रहा है। कभी नक्सलवाद की छाया से पहचाना जाने वाला बस्तर अब शांति, विकास, शिक्षा, पर्यटन, खेल और सांस्कृतिक चेतना की नई पहचान बना रहा है। हमारे युवा देश की सर्वाेच्च संवैधानिक संस्था तक पहुंचकर इस सकारात्मक परिवर्तन का संदेश देंगे। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल माननीय राष्ट्रपति के समक्ष बस्तरवासियों की ओर से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई में मिले सहयोग और देश के नेतृत्व के प्रति आभार भी व्यक्त करेगा। यह यात्रा देश को यह संदेश देगी कि बस्तर अब भय का नहीं, बल्कि विश्वास, विकास, संस्कृति और नए अवसरों का बस्तर है।

रायपुर 28 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज सपत्नीक श्रीमती कौशल्या साय के साथ विश्वप्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा मंदिर की परिक्रमा कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और जनकल्याण की मंगलकामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पंच दिवसीय महा चतुर शुद्धि सहस्र कलशम् महाअनुष्ठान में भी सम्मिलित हुए और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता कर प्रदेश की उन्नति, सामाजिक सद्भाव और लोकमंगल की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भोरमदेव छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का गौरवशाली प्रतीक है। ऐसे महाअनुष्ठान हमारी प्राचीन वैदिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक ऊर्जा, सद्भाव और लोककल्याण की भावना को भी सशक्त बनाते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आगामी 30 जुलाई से भगवान शिव की आराधना का पावन श्रावण मास प्रारंभ होने जा रहा है। पिछले दो वर्षों से उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के साथ भोरमदेव धाम पहुंचने वाले कांवड़ यात्रियों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत करने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपरा का प्रतीक भी है।
इस वर्ष भी श्रद्धालुओं के अभिनंदन के लिए वे स्वयं भोरमदेव धाम पहुंचकर पुष्पवर्षा करेंगे।

उल्लेखनीय है कि श्री महादिव्य देशम फाउंडेशन के तत्वावधान में 25 जुलाई से प्रारंभ यह पंच दिवसीय महाअनुष्ठान कबीरधाम सहित संपूर्ण छत्तीसगढ़ के सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक कल्याण की भावना से आयोजित किया जा रहा है। फाउंडेशन के प्रमुख राजीव राकुल स्वामी (केरल) के अनुसार यह अनुष्ठान प्राण-प्रतिष्ठित मंदिरों के शुद्धिकरण एवं दिव्य ऊर्जा के पुनर्संचार की प्राचीन वैदिक परंपरा पर आधारित है, जिसे भगवान परशुराम स्रोतम तथा आगम शास्त्रों में वर्णित विधि-विधान के अनुसार संपन्न कराया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक पंडरिया श्रीमती भावना बोहरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, वैदिक आचार्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

अब अंगुलिका उत्पादन से बढ़ाएंगी आमदनी

रायपुर, 28 जुलाई 2026/ स्पान संवर्धन योजना छत्तीसगढ़ शासन के मत्स्य पालन विभाग द्वारा चलाई जा रही एक कल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में मछली बीज (स्पान) का स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ाना, आदिवासी और स्थानीय मत्स्य कृषकों को वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन सिखाना और उनकी आय में वृद्धि करना है। योजना के तहत मत्स्य कृषकों को उच्च गुणवत्तायुक्त मछली बीज (स्पान) और नर्सरी जाल बिल्कुल मुफ्त दिए जाते हैं। किसानों को तालाब की तैयारी, स्पान संचयन, नर्सरी प्रबंधन और जल की गुणवत्ता सुरक्षित रखने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है।

छत्तीसगढ़ शासन के मछली पालन विभाग की स्पान संवर्धन योजना बस्तर जिले के ग्रामीण किसानों के लिए आर्थिक स्वावलंबन का एक नया और सशक्त जरिया बन रही है। योजना का लाभ उठाकर बस्तर विकासखंड के ग्राम सिवनी की महिला किसान मनकी बघेल ने महज दो महीने में 15 हजार रुपये की अतिरिक्त कमाई कर क्षेत्र में एक मिसाल कायम की है।

सरकारी मदद और मेहनत से मिली सफलता

मत्स्यपालन विभाग द्वारा मई माह में मनकी बघेल को मिश्रित प्रजाति के लगभग 25 हजार स्पॉन उपलब्ध कराए गए थे। इसके साथ ही तालाब की उर्वरता बढ़ाने के लिए खाद और आहार के रूप में खल्ली दी गई। मनकी ने अपने परिवार के 1 एकड़ में फैले 2 तालाबों में स्पॉन का संवर्धन किया। नियमित आहार, देखभाल और जाल चलाकर की गई निगरानी के बल पर कम समय में उच्च गुणवत्ता की मत्स्य अंगुलिकाएं तैयार हो गईं। विभाग ने तैयार मत्स्य बीज को सुरक्षित बाजार तक पहुंचाने के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर, पॉलिथीन बैग, बोरी और जाल निःशुल्क उपलब्ध कराए।

कम समय में बेहतर मुनाफा

मनकी बघेल के भतीजे सुखलाल बघेल ने बताया कि अब तक लगभग 30 किलोग्राम मत्स्य अंगुलिकाएं 500 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेची जा चुकी हैं, जिससे परिवार को 15 हजार रुपये की सीधी आय हुई है। वर्तमान में तालाब में करीब 50 किलोग्राम अंगुलिकाएं बिक्री के लिए और तैयार हैं, जिनसे आगे भी अच्छी कमाई की उम्मीद है। सुखलाल के अनुसार, अंगुलिका उत्पादन पारंपरिक मछली पालन की तुलना में अधिक लाभदायक साबित हो रहा है।

खेती के साथ मत्स्य पालन से मजबूत होगी आर्थिक स्थिति

बघेल परिवार 7 एकड़ भूमि में खरीफ सीजन के दौरान उन्नत धान और रबी सीजन में नदी किनारे 2 एकड़ में मक्का व सब्जियों की खेती करता है। इस सफल अनुभव से उत्साहित होकर परिवार ने अगले वर्ष अंगुलिका उत्पादन का विस्तार करने का फैसला किया है, जिससे कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन को भी अपनी आय का मुख्य स्तंभ बनाया जा सके।

Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai to attend the Conclave's Evening Session

Deputy Chief Minister Shri Arun Sao to Inaugurate the Conclave

Raipur, July, 2026/Chhattisgarh will host its first-ever Sports Conclave on July 28 at the Courtyard by Marriott Hotel, Raipur. Sports administrators, experts, sports scientists, and renowned athletes from across the country will deliberate on a roadmap to strengthen sports infrastructure, athlete training, and sports development in the state. Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai will attend the evening session, where he will present awards to Chhattisgarh athletes who won medals at the first Khelo India Tribal Games held in the state this year. Deputy Chief Minister and Sports & Youth Welfare Minister Shri Arun Sao will inaugurate the conclave at 11:00 a.m.

The day-long conclave will feature seven thematic sessions covering athlete training, capacity building, sports science, high-performance participation, creating a supportive sporting ecosystem, improving sports facilities and strengthening sports infrastructure. The concluding session will present the key recommendations from all discussions, which will be implemented to promote sports and athlete development in Chhattisgarh.

Deputy Chief Minister Shri Arun Sao will address the inaugural session on "Leadership, Sports Promotion and Talent Identification". International kabaddi player Ms Sanju Devi, international footballer Ms Kiran Pisda, swimmer Ms Anushka Bhagat and athlete Shri Lucky Markam will share the stage with him during the session.

The conclave will deliberate on Leadership, Sports Promotion & Talent Identification, Vision 2036: Preparing India's Next Generation of Olympic Champions, Possible Pathways in Sports Development, Role of Sports Federations & Associations in the Development of Sports, From Injury to Excellence: The Role of Sports Science in Recovery and Performance, Public-Private Partnership (PPP) for Sports Infrastructure, Academies & Olympic Vision, Khelo India Mission: Building a Sporting Nation, and Medal Strategy for Chhattisgarh & State Sports Policy.

Among the keynote speakers will be Olympian Shri Jinson Johnson, eminent educationist and sports scientist Dr Ratnesh Singh, General Secretary of the Chhattisgarh Olympic Association Shri Vikram Sisodia, High Performance Analyst Shri Ronak Kothari, National Secretary of PEFI Dr Piyush Jain, and Khelo India Deputy Director General Shri Mayank Srivastava, who will share their expertise during various sessions of the conclave.

Raipur, July , 2026/ Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai has extended his heartfelt congratulations and best wishes to Rajnandgaon weightlifter Gyaneshwari Yadav for winning the silver medal in the women's 53 kg weightlifting category at the Commonwealth Games 2026, bringing pride to both Chhattisgarh and the nation.

The Chief Minister said the achievement is not only a personal milestone for Gyaneshwari Yadav but also a reflection of the talent, dedication and determination of Chhattisgarh's sportspersons. He said her historic success on the global stage would inspire the state's youth, especially young women, to pursue excellence in sports. He added that her accomplishment proves that talent, when supported by discipline, commitment and consistent hard work, can achieve international success.

Shri Sai said the state government is continuously strengthening the sporting ecosystem in Chhattisgarh by providing modern training facilities, improved infrastructure and greater encouragement to athletes. He said the government's objective is to create an environment where young sportspersons from the state can excel in national and international competitions and bring laurels to both Chhattisgarh and the country.

Wishing Gyaneshwari Yadav continued success, Chief Minister Shri Sai expressed confidence that she would continue to deliver outstanding performances in international competitions and remain a source of inspiration for the youth of Chhattisgarh.

रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग के तुलनात्मक अध्ययन में जुलाई माह में बिजली खपत में उल्लेखनीय कमी दर्ज

रायपुर  जुलाई 2026, स्मार्ट मीटर को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों और अफवाहों के बीच छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगे घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली खपत का तीन माह का तुलनात्मक अध्ययन कराया है। मई, जून और जुलाई 2026 की खपत के विश्लेषण में यह सामने आया कि अधिकांश उपभोक्ताओं की बिजली खपत जुलाई माह में कम हुई है।

रायपुर शहर क्षेत्र के 3,11,374 घरेलू स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के अध्ययन में 1 जून से 26 जून 2026 के दौरान कुल बिजली खपत लगभग 10.85 करोड़ यूनिट दर्ज की गई थी, जबकि 1 जुलाई से 26 जुलाई 2026 के दौरान यह घटकर लगभग 7.77 करोड़ यूनिट रह गई। अर्थात कुल 28 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। यदि 400 यूनिट से ज्यादा खपत करने वाले उपभोक्ताओं की बात करें, तो 1 लाख 21 हजार 135 उपभोक्ताओ के बिलों के विश्लेषण से पता चलता है, कि उनकी खपत में लगभग 44 प्रतिशत की कमी हुई है।

कारण स्पष्ट है, कि खपत का आधार स्मार्ट मीटर नहीं अपितु उपभोक्ताओं द्वारा की जा रही वास्तविक खपत है। ऐसेे उपभोक्ता जिनके आवासों में स्मार्ट मीटर नहीं लगे थे उनकी खपत में भी माह अप्रैल-मई-जून में पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि दर्ज हुई है।

उदाहरणः-

1. अवंती विहार रायपुर- उपभोक्ता क्र. 100060XXXX, संयोजित भार 5 किलोवाट

i. अप्रैल- 2025 की खपत 1611 यूनिट, अप्रैल- 2026 की खपत 2071 यूनिट

ii. मई- 2025 की खपत 1503 यूनिट, मई- 2026 की खपत 2592 यूनिट

iii. जून- 2025 की खपत 895 यूनिट, जून- 2026 की खपत 2487 यूनिट

2. राजीव नगर रायपुर- उपभोक्ता क्र. 100000XXXX, संयोजित भार 10 किलोवाट

i. अप्रैल- 2025 की खपत 1019 यूनिट, अप्रैल- 2026 की खपत 1065 यूनिट

ii. मई- 2025 की खपत 885 यूनिट, मई- 2026 की खपत 1383 यूनिट

iii. जून- 2025 की खपत 896 यूनिट, जून- 2026 की खपत 1762 यूनिट

3. कचना रायपुर- उपभोक्ता क्र. 100658XXXX, संयोजित भार 8 किलोवाट

i. अप्रैल- 2025 की खपत 1332 यूनिट, अप्रैल- 2026 की खपत 1360 यूनिट

ii. मई- 2025 की खपत 1156 यूनिट, मई- 2026 की खपत 1709 यूनिट

iii. जून- 2025 की खपत 759 यूनिट, जून- 2026 की खपत 1579 यूनिट

इसी प्रकार दुर्ग शहर के चयनित 240 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं जिनकी खपत 400 यूनिट से अधिक थी, के तीन माह के तुलनात्मक अध्ययन में भी जुलाई माह में बिजली की खपत में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। अध्ययन मे़ं जुलाई 2026 में कुल बिजली खपत 76,257 यूनिट रही, जबकि जून 2026 में यह 1,65,411 यूनिट तथा मई 2026 में 1,75,451 यूनिट थी। इस प्रकार जुलाई माह में लगभग 53 प्रतिशत की कमी खपत में दर्ज हुई है।

बिलासपुर के सिटी सर्किल में 400 यूनिट से अधिक मासिक खपत वाले 9,717 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं का विश्लेषण किया गया। इसमें मई माह की औसत खपत 524 यूनिट, जून में 596 यूनिट तथा जुलाई में घटकर 312 यूनिट दर्ज की गई। इस प्रकार जुलाई की खपत लगभग 43 प्रतिशत कम हुई है।

निष्कर्षः-

1. उपभोक्ता जो एसी का उपयोग करते है, जिससे इनकी खपत 400 यूनिट से अधिक होती है। इन्हे मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान योजना का लाभ नहीं मिल पाता है जिसके कारण विद्युत देयक में वृद्धि परिलक्षित होती है। परंतु जुलाई माह की सिस्टम से निकाले गए आंकडों में ऐसे उपभोक्ताओं की खपत में भी उल्लेखनीय कमी हुई है, जिससे माह जुलाई की खपत जिसका बिल अगस्त में आयेगा की देय राशि कम होगी एवं अधिक उपभोक्ताओं को मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान योजना का लाभ प्राप्त होगा।

2. ऐसे उपभोक्ता जिनके आवासों में स्मार्ट मीटर नहीं लगा है, की खपत में भी मई और जून के माह में विगत वर्ष की तुलना में वृद्धि हुई है। परंतु जुलाई के माह में इसी मीटर में कम खपत दर्ज हुई है।

अर्थात अधिक खपत दर्ज करने में स्मार्ट मीटर कारण नहीं है बल्कि उपभोक्ता द्वारा विद्युत उपकरणों का अधिक उपयोग है।

3. उपभोक्ताओं के कनेक्शनों में स्वीकृत भार से अधिक उपयोग करने पर लगातार तीन माहों में उच्चतम मांग अधिक दर्ज होने पर बिल के साथ सप्लाई अफोर्डिंग की राशि जुड़ रही थी। इसके कारण भी उपभोक्ताओं को अधिक बिजली बिल प्राप्त हो रहा था।

आगामी विद्युत देयकों के लिए यह व्यवस्था की गई है कि स्वीकृत भार से उच्चतम मांग लगातार तीन माहों में अधिक दर्ज होने पर वर्ष में केवल एक बार सप्लाई अफोर्डिंग की राशि माह दिसंबर का बिल जो कि जनवरी में जारी होगा, में देय होगी।

उपभोक्ता मोर बिजली ऐप के माध्यम से दैनिक खपत स्मार्ट मीटर लगे होने पर मोर बिजली ऐप में देख सकता है। सामान्य मीटर में भी मोर बिजली ऐप के माध्यम से मासिक खपत देखी जा सकती है, परंतु इस मीटर में दैनिक खपत का कोई आंकड़ा ऐप में दर्ज नहीं होता।

उपभोक्ताओं की शंकाओं के समाधान के लिए विभाग द्वारा चेक मीटर भी लगाया जा रहा है, जिससे दोनों मीटरों में दर्ज खपत की तुलना कर समुचित निदान की व्यवस्था की गई है। अभी तक लगाये गये 4500 चेक मीटरों में दर्ज खपत और स्मार्ट मीटर में दर्ज खपत में एक समान है।

उपभोक्ता विद्युत बिल संबंधी शिकायतों के निवारण के लिए टोल फ्री नंबर- 1912 पर संपर्क कर अपना संशय दूर कर सकता है।

उपभोक्ताओं से विनम्र अनुरोध है, कि वे स्मार्ट मीटर के संबंध में किसी भी भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें। वे मोर बिजली ऐप और स्मार्ट मीटर पोर्टल के माध्यम से उपभोक्ता अपनी प्रतिदिन तथा प्रत्येक आधे घंटे की बिजली खपत स्वयं देख सकते हैं। इससे बिजली उपयोग की निगरानी और अनावश्यक खपत पर नियंत्रण आसान हो जाता है।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी पारदर्शिता के साथ उपभोक्ताओं को तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराती रहेगी, ताकि स्मार्ट मीटर के संबंध में किसी भी प्रकार का भ्रम दूर हो सके।

खेल प्रशासक, विशेषज्ञ, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट और नामचीन खिलाड़ी खेल व खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाओं, प्रशिक्षण और अधोसंरचना पर करेंगे मंथन

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय भी होंगे शामिल, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में राज्य के पदक विजेता खिलाड़ियों को देंगे प्रोत्साहन राशि

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव कॉन्क्लेव का करेंगे शुभारंभ

रायपुर.  जुलाई 2026. छत्तीसगढ़ में पहली बार स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का आयोजन 28 जुलाई को किया जा रहा है। राजधानी रायपुर के कोर्टयार्ड-बाइ-मेरियट होटल में आयोजित कॉन्क्लेव में देशभर के खेल प्रशासक, विशेषज्ञ, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट और नामचीन खिलाड़ी राज्य में खेल एवं खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाओं, प्रशिक्षण और अधोसंरचना के रोडमैप पर मंथन करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय भी शाम के सत्र में शामिल होंगे। वे इस दौरान इस साल छत्तीसगढ़ में हुए प्रथम खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में राज्य के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान करेंगे। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव सवेरे 11 बजे कॉन्क्लेव का शुभारंभ करेंगे।

28 जुलाई को दिनभर चलने वाले स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव के अलग-अलग 7 सत्रों में विशेषज्ञ खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, क्षमता विकास, स्पोर्ट्स साइंस, उच्च स्तर पर भागीदारी, खेल के लिए बेहतर माहौल व सुविधाएं तैयार करने और खेल अधोसंरचना को मजबूत बनाने जैसे विविध विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। कॉन्क्लेव के समापन सत्र में सभी सत्रों में हुई चर्चा के निष्कर्ष साझा किए जाएंगे। राज्य में खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए इन निष्कर्षों को अमल में लाया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्र में 'लीडरशिप, खेल प्रोत्साहन एवं प्रतिभा पहचान' विषय पर अपने विचार रखेंगे। इस दौरान राज्य की अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी सुश्री संजू देवी, अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर सुश्री किरण पिस्दा, तैराक सुश्री अनुष्का भगत और एथलीट श्री लकी मरकाम उप मुख्यमंत्री के साथ मंच साझा करेंगे।

इन विषयों पर होगा मंथन

कॉन्क्लेव में भागीदारी कर रहे खेल प्रशासक, विशेषज्ञ, खेल विज्ञानी और नामचीन खिलाड़ी लीडरशिप, खेल प्रोत्साहन एवं प्रतिभा पहचान (Leadership, Sports Promotion & Talent Identification), विजन 2036 : भारत के अगले ओलंपिक चैंपियनों की तैयारी (Vision 2036 : Preparing India’s Next Generation of Olympic Champions), खेलों के विकास के संभावित मार्ग (Possible Pathways in Sports Development), खेलों के विकास में खेल महासंघों एवं संघों की भूमिका (Role of Sports Federations & Associations in Development of Sports), चोट से उत्कृष्टता तक : खेल विज्ञान की भूमिका (From Injury to Excellence : The Role of Sports Science in Recovery and Performance), खेल अधोसंरचना, अकादमियों एवं ओलंपिक विज़न में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP for Sports Infrastructure, Academies & Olympic Vision), खेलो इंडिया मिशन : एक खेल राष्ट्र का निर्माण (Khelo India Mission : Building a Sporting Nation) तथा छत्तीसगढ़ की पदक रणनीति एवं राज्य खेल नीति (Medal Strategy for Chhattisgarh & State Sports Policy) पर चर्चा करेंगे।

मुख्य वक्ता के रूप में ये होंगे शामिल

कॉन्क्लेव के अलग-अलग सत्रों में मुख्य वक्ता के रूप में ओलंपियन श्री जिन्सन जॉनसन, प्रख्यात शिक्षाविद एवं खेल वैज्ञानिक डॉ. रत्नेश सिंह, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव श्री विक्रम सिसोदिया, हाई परफॉर्मेंस एनॉलिस्ट श्री रोनक कोठारी, पीईएफआई के राष्ट्रीय सचिव डॉ. पियूष जैन और खेलो इंडिया के उप महानिदेशक श्री मयंक श्रीवास्तव अपने विचार साझा करेंगे।

विश्व मंच पर छत्तीसगढ़ की बेटी ने बढ़ाया देश का गौरव, युवाओं के लिए बनी प्रेरणा : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर  जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 की महिलाओं की 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाने वाली राजनांदगांव की प्रतिभाशाली खिलाड़ी ज्ञानेश्वरी यादव को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विश्व स्तर की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में ज्ञानेश्वरी यादव द्वारा हासिल की गई यह सफलता केवल एक खिलाड़ी की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प का सम्मान है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों को खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की नई प्रेरणा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनांदगांव की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि प्रतिभा को समर्पण, अनुशासन और निरंतर परिश्रम का साथ मिले तो वैश्विक मंच पर भी सफलता प्राप्त की जा सकती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेल संस्कृति को सशक्त बनाने, खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर सुविधाएँ और प्रोत्साहन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारी सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहाँ छत्तीसगढ़ के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन करें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ज्ञानेश्वरी यादव के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आने वाले समय में भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारत और छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित करती रहेंगी तथा प्रदेश के युवाओं के लिए नई प्रेरणा बनेंगी।

छत्तीसगढ़ सदन में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक का आयोजन

रायपुर,  जुलाई – नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में सोमवार शाम जल जीवन मिशन (जे.जे.एम.) 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने की। इस दौरान छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव सहित राज्य के लोकसभा एवं राज्यसभा सांसद उपस्थित रहे। बैठक में सांसदों के संसदीय क्षेत्रों में जल जीवन मिशन की प्रगति, योजनाओं की वर्तमान स्थिति तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में छत्तीसगढ़ के लोकसभा सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, श्री चिंतामणि महाराज, श्री राधेश्याम राठिया, श्रीमती कमलेश जांगड़े, श्रीमती ज्योत्सना महंत, श्री संतोष पांडेय, श्री विजय बघेल, श्री बृजमोहन अग्रवाल, श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, श्री महेश कश्यप और श्री भोजराज नाग तथा राज्यसभा सांसद राजा देवेंद्र प्रताप सिंह, श्रीमती लक्ष्मी वर्मा और श्रीमती फूलो देवी नेताम उपस्थित रहे।

बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने, परियोजनाओं में तेजी लाने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा जनप्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श किया गया। सांसदों ने अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों से जुड़े सुझाव और आवश्यकताएं भी साझा की।

बैठक में मिशन के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग, समयबद्ध क्रियान्वयन तथा केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से योजनाओं को गति देने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने जल जीवन मिशन 2.0 की प्रमुख विशेषताओं और क्रियान्वयन रणनीति की भी जानकारी प्रस्तुत की।

बैठक में सांसदों की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की गई। जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया गया कि वे जिला स्तरीय DIHSA की बैठकों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं के समाधान में सहयोग करें। साथ ही, 'जल अर्पण' कार्यक्रमों में सहभागिता कर पूर्ण हो चुकी पेयजल योजनाओं के लोकार्पण तथा ग्राम पंचायतों को उनके हस्तांतरण को प्रोत्साहित करें। जल जीवन मिशन के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए राज्य एवं जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग देने का भी आह्वान किया गया।

बैठक में केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय के अधिकारियों सहित छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक़ भी उपस्थित रहे।

Chief Minister Discusses Development Roadmap at High-Level Review Meeting of Zila Panchayat CEOs


Raipur, July, 2026/ Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai chaired a high-level review meeting and workshop for the Chief Executive Officers of all Zila Panchayats at the State Institute of Rural Development (SIRD), Nimora, Nava Raipur, on July 27. Addressing the meeting, he stated that Gram Panchayats should not merely function as implementing agencies for government schemes but must emerge as centres of social transformation, economic prosperity and self-reliant rural economies. He said the vision of a developed Chhattisgarh can be realised only when Gram Panchayats are empowered, villages become self-reliant, and every rural citizen actively participates in the development process.

He said the true meaning of good governance is ensuring that the benefits of government schemes reach every person without discrimination. He urged officials to work with sensitivity, honesty and a spirit of public service to earn the trust of rural communities. He directed them to identify villages in every district that could be developed into model villages through public participation, effective planning, and the optimal use of local resources.

Viksit Bharat G RAM G Yojana to Strengthen Rural Development

CM Shri Sai said the Viksit Bharat G Ram G Yojana, launched on July 1, is an important initiative to strengthen the rural economy. He directed officials to prioritise employment generation along with the creation of durable community assets and quality infrastructure. The scheme will accelerate water conservation, agriculture, rural infrastructure, livelihood generation and community asset creation. He emphasised that there should be no compromise on the quality of construction works.

Water Conservation and Sustainable Resource Management to Be Prioritised

The Chief Minister said rural development should extend beyond infrastructure to focus on water conservation, soil health, agricultural productivity, animal husbandry, fisheries, and the scientific management of natural resources. He instructed officials that every district should prepare location-specific water conservation plans with priority on rainwater harvesting and groundwater recharge.

Over 10.4 lakh Women Become Lakhpati Didis

CM Shri Sai said women's empowerment has gained new momentum under the leadership of Prime Minister Shri Narendra Modi. More than 10.40 lakh women in Chhattisgarh have become Lakhpati Didis, and the government is now working to transform many of them into Crorepati Didis through entrepreneurship, skill development and self-employment. He directed Zila Panchayat CEOs to identify eligible women and link them with self-help groups, livelihood activities, skill development programmes and opportunities created under the state's new industrial policy.

Development to Reach Every Village in Bastar

The Chief Minister instructed officials, particularly those from Bastar division, to give the highest priority to development in remote and inaccessible areas. He said the government is developing roads, providing electricity, constructing houses, ration services, drinking water, and providing education and healthcare facilities. The government's objective, he said, is to ensure that development reaches the last person.

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