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प्रदेशभर में हरित छत्तीसगढ़ के संकल्प को मिल रही नई गति, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में वृहद वृक्षारोपण एवं एटीएम ट्री वाहन का शुभारंभ

रायपुर,  जुलाई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में लगातार प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से संचालित ‘‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’’ अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जा रहा है। इसी कड़ी में वन महोत्सव के अवसर पर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नवागांव (पेण्ड्रा) में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मरवाही विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची ने जिले के प्रत्येक क्षेत्र तक पौधे पहुंचाने के उद्देश्य से एटीएम ट्री वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारंभ किया गया ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति संरक्षण, जनसहभागिता और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में पर्यावरण संरक्षण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी देखभाल करने तथा हरित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई।

कार्यक्रम के दौरान विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची ने विद्यालय में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए साइकिल स्टैंड निर्माण की घोषणा की। जनपद सदस्य श्रीमती पूर्णिमा पैकरा ने विद्यालय में प्रार्थना शेड निर्माण के लिए 5 लाख रुपये की घोषणा की। जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा ने कहा कि ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का प्रेरणादायी संदेश देता है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से कम से कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची ने बादाम, जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा ने आंवला, कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने आम तथा वनमण्डलाधिकारी श्रीमती ग्रीष्मी चांद ने कदम का पौधा रोपित किया। इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों तथा नागरिकों ने विभिन्न प्रजातियों के फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री राजा उपेंद्र बहादुर, पेंड्रा नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष श्री राकेश जालान, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे, सरपंच श्री नरेश पैकरा सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षकगण, एनसीसी, स्काउट-गाइड के छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन और जनभागीदारी को प्राथमिकता देते हुए प्रदेशभर में व्यापक वृक्षारोपण अभियान संचालित कर रही है। ‘‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’’ अभियान इसी संकल्प का सशक्त उदाहरण है, जो हरित, स्वच्छ और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

30 जुलाई को प्रदेश में पहली बार आयोजित होगा ‘महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान’

महतारी वंदन योजना की लाखों हितग्राही महिलाओं के साथ समाज के सभी वर्गों की होगी सहभागिता

आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पौधों का वितरण, व्यापक तैयारियों में जुटा प्रशासन

रायपुर, जुलाई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में एक अभिनव पहल की जा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरित होकर प्रदेश में पहली बार ‘महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान’ का आयोजन 30 जुलाई को वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के साथ किया जाएगा। इस अनूठे अभियान का उद्देश्य मातृशक्ति को पर्यावरण संरक्षण के महाअभियान से जोड़ते हुए वृक्षारोपण को जनआंदोलन का स्वरूप देना है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप बालोद जिला प्रशासन ने इस अभियान की व्यापक तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। वन, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित सभी संबंधित विभाग समन्वित रूप से अभियान को सफल बनाने में जुटे हैं। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि महतारी वंदन योजना से लाभान्वित लगभग 2 लाख 45 हजार महिलाओं के साथ-साथ अन्य इच्छुक महिलाओं एवं समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं तथा अन्य इच्छुक महिलाओं को निःशुल्क पौधों का वितरण किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों के सहयोग से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर पौधे उपलब्ध करा रही हैं, ताकि प्रत्येक महिला 30 जुलाई को अपने घर, आंगनबाड़ी अथवा उपयुक्त स्थान पर पौधरोपण कर सके। महिलाओं ने भी इस महाअभियान को लेकर उत्साहपूर्वक तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं।
अभियान के अंतर्गत पौधरोपण के लिए आवश्यक पौधे निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पौधरोपण के बाद हितग्राही निर्धारित सेल्फी लिंक पर पौधे के साथ अपनी तस्वीर अपलोड कर पर्यावरण संरक्षण में योगदान के लिए डिजिटल प्रमाण-पत्र भी प्राप्त कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार हरित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने के लिए जनभागीदारी आधारित अभियानों को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। ‘महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान’ मातृशक्ति, प्रकृति और सामाजिक उत्तरदायित्व का अद्भुत संगम बनकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नई मिसाल स्थापित करेगा।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान बना बदलाव का सशक्त माध्यम, मशरूम उत्पादन से पुष्पा साव ने बदली अपनी तकदीर

मजदूरी पर निर्भर परिवार से सफल उद्यमी बनने तक का प्रेरक सफर, सालाना लगभग डेढ़ लाख रुपये की आय

बिहान से मिले प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग और मार्गदर्शन ने आत्मनिर्भरता के साथ बढ़ाया सम्मान और आत्मविश्वास

रायपुर,  जुलाई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रभावी प्रयास कर रही है। राज्य शासन की प्राथमिकता है कि ग्रामीण महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभ ही न मिले, बल्कि वे स्वरोजगार के माध्यम से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करते हुए समाज में नई पहचान भी स्थापित करें। इसी सोच को साकार करने में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। रायगढ़ जिले के ग्राम कुरमापाली की श्रीमती पुष्पा साव की सफलता की कहानी इसी परिवर्तनकारी अभियान का प्रेरक उदाहरण है।

कुछ वर्ष पहले तक श्रीमती पुष्पा साव का परिवार पूरी तरह दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर था। दिनभर की कठिन मेहनत के बावजूद इतनी आय नहीं हो पाती थी कि परिवार की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति सहजता से हो सके। बच्चों की पढ़ाई, परिवार का भरण-पोषण और भविष्य की चिंता उनके जीवन का हिस्सा बन चुकी थी। सीमित संसाधनों के बीच बेहतर जीवन का सपना साकार होता दिखाई नहीं देता था।

इसी दौरान ग्राम पंचायत के माध्यम से उन्हें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान की जानकारी मिली। उन्होंने संस्कार स्व-सहायता समूह से जुड़कर नियमित बचत की शुरुआत की। समूह के माध्यम से उन्हें प्रशिक्षण, सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) तथा बैंक से वित्तीय सहयोग प्राप्त हुआ। यही सहयोग उनके जीवन में बदलाव की मजबूत नींव साबित हुआ।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की नीति का लाभ उठाते हुए श्रीमती पुष्पा साव ने सीआईएफ से प्राप्त 10 हजार रुपये की सहायता राशि से अपने घर पर मशरूम उत्पादन का कार्य प्रारंभ किया। उन्होंने प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों का उपयोग करते हुए गुणवत्तापूर्ण उत्पादन पर विशेष ध्यान दिया। उनके उत्पाद की स्थानीय बाजार में तेजी से मांग बढ़ी, जिससे उनका आत्मविश्वास भी मजबूत होता गया।

व्यवसाय में बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए उन्होंने लगभग 70 हजार रुपये का अतिरिक्त निवेश कर मशरूम उत्पादन का विस्तार किया। आज वे मशरूम उत्पादन के माध्यम से सालाना लगभग डेढ़ लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इस आय से न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि बच्चों की बेहतर शिक्षा, घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति और भविष्य के लिए बचत करना भी संभव हो पाया है। परिवार के भोजन में मशरूम शामिल होने से पोषण स्तर में भी सकारात्मक सुधार आया है।

श्रीमती पुष्पा साव का कहना है कि यदि उन्हें बिहान का मार्गदर्शन और सहयोग नहीं मिला होता तो संभवतः उनका परिवार आज भी मजदूरी पर ही निर्भर रहता। आज वे सम्मानपूर्वक अपना व्यवसाय संचालित कर रही हैं और गांव की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनका मानना है कि सही प्रशिक्षण, सरकारी योजनाओं का लाभ और निरंतर मेहनत किसी भी व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान आज प्रदेश की लाखों ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तीकरण का मजबूत आधार बन चुका है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय सहायता, कौशल विकास, उद्यमिता प्रशिक्षण तथा विपणन के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी बनाना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर उद्यमी के रूप में स्थापित करना है। श्रीमती पुष्पा साव की सफलता इस बात का सशक्त प्रमाण है कि शासन की दूरदर्शी नीतियां, बिहान का प्रभावी क्रियान्वयन और महिलाओं की मेहनत मिलकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान कर रहे हैं। यह प्रेरक कहानी बताती है कि अवसर, प्रशिक्षण और संकल्प का संगम किसी भी परिवार के जीवन में समृद्धि और सम्मान का नया अध्याय लिख सकता है।

रायपुर, जुलाई 2026/छत्तीसगढ़ ​प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक धरोहर से समृद्ध धमतरी जिला आज छत्तीसगढ़ में जनजातीय विकास का एक सशक्त मॉडल बनकर उभरा है। राज्य शासन एवं भारत सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप जिले में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) 'कमार' समुदाय के समग्र विकास, सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण और स्थायी आजीविका के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं। बुनियादी सुविधाओं से लेकर आधुनिक आजीविका परिसरों तक, धमतरी जिले के दूरस्थ अंचलों में बदलाव की एक नई तस्वीर साफ नजर आ रही है।

आजीविका और स्वरोजगार

7 क्षेत्रों में बनेंगे आधुनिक कमर्शियल कॉम्प्लेक्स

​कमार समुदाय को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें आर्थिक गतिविधियों से सीधे जोड़ने के लिए जिला प्रशासन द्वारा जिले के 7 प्रमुख स्थानों बेलरगांव, कसपुर, बोरई, कुकरेल, सिंगपुर, दुगली एवं केरेगांव में आधुनिक व्यावसायिक परिसरो का निर्माण कराया जा रहा है। इन परिसरों में कमार समुदाय के हितग्राही अपनी रुचि और आवश्यकतानुसार दुकानें संचालित कर सकेंगे। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को धरातल पर मजबूती मिलेगी।

अंतर्राज्यीय व्यापार एवं परिवहन का नया हब

​छत्तीसगढ़, ओडिशा और कांकेर जिले के संपर्क बिंदु पर स्थित बोरई को एक बड़े व्यापारिक और परिवहन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। शासन को प्रेषित प्रस्ताव के अनुसार, स्थल चयन पूर्ण हो चुका है। टर्मिनल के साथ व्यावसायिक परिसर भी विकसित होगा, जिससे स्थानीय जनजातीय युवाओं को व्यापार के नए अवसर मिलेंगे और पर्यटन व यातायात को गति मिलेगी।

देश की दूसरी और छत्तीसगढ़ की पहली 'पीएम-जनमन' आवास कॉलोनी

​धमतरी जिले के नगरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत संकरा के आश्रित गाँव मसानडबरा ने पूरे देश में एक नई नजीर पेश की है। यहाँ कमार जनजाति के लिए विशेष पक्के मकान बनाए गए हैं। निर्माण में कमार समुदाय की पारंपरिक और सांस्कृतिक विशिष्टताओं का पूरा ध्यान रखा गया है। इस कॉलोनी को 'पी.एम. सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना' के तहत आच्छादित किया जा रहा है, जिससे ये आवास सौर ऊर्जा से जगमग होंगे।
धमतरी जिले में जनजातीय विकास केवल आंकड़ों तक सीमित न रहकर ज़मीनी स्तर पर भी तेज़ी से आकार ले रहा है। बुनियादी ढाँचे और सुविधाओं के विस्तार पर नज़र डालें तो शैक्षणिक उन्नयन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए वर्तमान में संचालित कमार विद्यालय को कक्षा 10 वीं से 12 वीं तक उच्चीकृत करने की प्रक्रिया तेज़ी से जारी है, ताकि यहाँ के बच्चों को उच्च माध्यमिक शिक्षा के लिए दूर न जाना पड़े। इसके साथ ही, दूरस्थ अंचलों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए नगरी ब्लॉक के बाजार कुर्रीडीह में 50-सीटर बालक छात्रावास का निर्माण कराया जा रहा है, जिसे आगामी जनवरी तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
​आवास की दिशा में पीएम-जनमन आवास योजना के अंतर्गत जिले में स्वीकृत कुल 1,481 पक्के मकानों में से 1,046 का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष 435 आवासों को भी शीघ्रता से अंतिम रूप दिया जा रहा है। आवागमन को सुगम बनाकर सुदूर अंचलों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए 1,341.60 लाख रुपये की लागत से 36 नई सड़कों का निर्माण प्रगति पर है। जीवन की मौलिक आवश्यकताओं को पूरा करते हुए जल जीवन मिशन के तहत शत-प्रतिशत घरों में नल से जल पहुँचा दिया गया है और सभी बसाहटों का पूर्ण विद्युतीकरण भी कर लिया गया है। इस समन्वित प्रयास का ही परिणाम है कि आज जिले की 133 जनजातीय बसाहटों में बुनियादी सुविधाओं एवं त्वरित गतिविधियों की शत-प्रतिशत संतृप्ति हासिल की जा चुकी है।

बहुउद्देशीय केंद्र और मॉडल बसाहटें

​नगरी ब्लॉक के बोईरगांव में निर्मित बहुउद्देशीय केंद्र अब शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और शासकीय मार्गदर्शन का मुख्य बिंदु बन चुका है। वहीं पिपरहीभर्री गाँव में एकीकृत योजना के तहत प्राकृतिक संसाधनों (लघुवनोपज) के टिकाऊ प्रबंधन और आजीविका की मैपिंग की गई है।



नारायणपुर में मिनी राईस मिल से 4 लोगों को मिला रोजगार

​रायपुर,  जुलाई 2026/ प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) देश के बेरोजगार युवाओं और पारंपरिक कारीगरों के लिए अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने का एक प्रमुख साधन बना है, जिसके तहत विनिर्माण क्षेत्र में 50 लाख रुपये और सेवा क्षेत्र में 20 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाता है।

मन में यदि दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और शासकीय योजनाओं का सही मार्गदर्शन कैसे किसी साधारण महिला के जीवन को बदलकर उसे उद्यमी बना सकता है, इसकी जीवंत मिसाल पेश की है नारायणपुर जिले के ग्राम गुरिया की श्रीमती तुलेन्द्री ठाकुर ने। 'प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम' (PMEGP) का सहारा लेकर उन्होंने न केवल मिनी राईस मिल स्थापित की, बल्कि खुद को स्वावलंबी बनाते हुए अपने साथ-साथ चार अन्य स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ा है।

​सीमित संसाधनों से स्वरोजगार का सफर

नारायणपुर जिले के ग्राम गुरिया की तुलेन्द्री ठाकुर वर्षों से अपने पति श्री गजेन्द्र ठाकुर के साथ कृषि कार्यों में हाथ बंटाकर परिवार का भरण-पोषण कर रही थीं। सीमित आय के कारण दो बच्चों की उच्च शिक्षा और पारिवारिक जिम्मेदारियाँ निभाना एक बड़ा संकट था। इस चुनौती से निपटने के लिए उन्होंने खुद का व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया।

​जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, नारायणपुर के अधिकारियों की सलाह और मार्गदर्शन से उन्होंने PMEGP योजना के तहत आवेदन किया। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (शाखा नारायणपुर) द्वारा उनकी 5 लाख रूपए की परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें 50 हजार रुपए का स्वयं का अंशदान तथा 4.50 लाख रूपए का बैंक ऋण शामिल था।

​"मेसर्स ठाकुर मिनी राईस मिल" की स्थापना और आधुनिक सुविधाएँ

​वित्तीय सहायता मिलने के बाद तुलेन्द्री ने अपने गाँव में मेसर्स ठाकुर मिनी राईस मिल की शुरुआत की। इस इकाई में सोलर पॉलिशर और आधुनिक आटा चक्की लगाई गई है। आज यह मिल आसपास के दर्जनों गाँवों के किसानों के लिए धान कुटाई, चावल पॉलिशिंग और गेहूँ पिसाई का एक प्रमुख व भरोसेमंद केंद्र बन चुकी है।

​सफलता का बहुआयामी मॉडल

राईस मिल के संचालन से क्षेत्र के 4 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला। धान प्रसंस्करण के दौरान निकलने वाले कोंडा को तेल निर्माण उद्योग हेतु और भूसे को ईंट निर्माण के लिए बेचा जाता है। इससे मिलने वाली अतिरिक्त आय से मिल के संचालन व्यय का कुशलतापूर्वक प्रबंधन हो जाता है। मिल संचालन से तुलेन्द्री को वर्तमान में प्रतिवर्ष लगभग 2.40 लाख रूपए का शुद्ध लाभ हो रहा है। वे बैंक ऋण की बड़ी राशि का नियमित भुगतान कर चुकी हैं तथा योजना के तहत 35 प्रतिशत मार्जिन मनी अनुदान का लाभ भी प्राप्त कर रही हैं।

​ ​शुरुआत में मशीनों के संचालन का अनुभव न होने के बावजूद तुलेन्द्री ने अपनी सीखने की ललक और दृढ़ इच्छाशक्ति से व्यवसाय में दक्षता हासिल की। अपनी इस सफलता का श्रेय वे छत्तीसगढ़ शासन, भारत सरकार, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र तथा यूनियन बैंक को देती हैं। श्रीमती तुलेन्द्री ठाकुर कहती है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो और शासकीय योजनाओं का सही लाभ मिले, तो कोई भी महिला आत्मनिर्भर बनने का सपना साकार कर सकती है।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप की पहल पर बाघ एवं वन्यजीव संरक्षण के समर्थन में दौड़ेंगे युवा और नागरिक

रायपुर,  जुलाई 2026/अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस हर साल 29 जुलाई को मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य बाघों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवासों को बचाने के प्रति दुनिया भर में जागरूकता बढ़ाना है l बाघ हमारे पर्यावरण और जंगल के संतुलन को बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी हैं। lअवैध शिकार और वनों की कटाई के कारण बाघों की जान को खतरा है, जिसे रोकने के लिए यह दिन प्रेरित करता है।

वन्यजीव, जैव विविधता एवं प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप की पहल पर इंद्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर एवं नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी, छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में 29 जुलाई 2026 (अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस) के अवसर पर 'रन फॉर इंद्रावती' मैराथन का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों में बाघ, वन्यजीव, जैव विविधता एवं प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

यह मैराथन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि इंद्रावती टाइगर रिजर्व और वहां की समृद्ध जैव विविधता के संरक्षण के लिए जनभागीदारी और सामूहिक संकल्प का प्रतीक होगी।

दो श्रेणियों में होगी मैराथन

प्रतियोगिता 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर की दो श्रेणियों में आयोजित की जाएगी। पुरुष एवं महिला वर्ग के विजेताओं को नकद पुरस्कार और प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। 10 किलोमीटर दौड़ में प्रतिभागियों को प्रथम पुरस्कार 7 हजार रुपए, द्वितीय पुरस्कार 5 हजार रुपए और तृतीय पुरस्कार 4 हजार रुपए एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। वहीं 5 किलोमीटर दौड़ में प्रथम पुरस्कार 5 हजार रुपए, द्वितीय पुरस्कार 4 हजार रुपए और तृतीय पुरस्कार 3 हजार रुपए एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे।

ऑनलाइन पंजीयन अनिवार्य

इच्छुक प्रतिभागी पोस्टर पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। पंजीयन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही किया जाएगा। सभी प्रतिभागियों से समय रहते अपना पंजीयन पूरा करने की अपील की गई है।

सुबह 7 बजे होगी मैराथन की शुरुआत

'रन फॉर इंद्रावती' मैराथन 29 जुलाई को प्रातः 7 बजे इंदिरा स्टेडियम, बीजापुर से प्रारंभ होगी। प्रतिभागियों को चेस्ट नंबर का वितरण सुबह 5:30 बजे से 6:30 बजे तक किया जाएगा।

प्रकृति संरक्षण के लिए बढ़ाएं एक कदम

आयोजकों ने प्रदेश के युवाओं, विद्यार्थियों, खिलाड़ियों, वन्यजीव प्रेमियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इस आयोजन को सफल बनाने का आह्वान किया है कि अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर 'रन फॉर इंद्रावती' से जुड़ें और बाघों, वन्यजीवों तथा प्रकृति संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

सेवा सेतु केंद्र बना उर्मिला के सपनों का सहारा

समय पर मिला स्थायी जाति प्रमाण पत्र, जावंगा कन्या शिक्षा परिसर में प्रवेश का सपना हुआ साकार

रायपुर, 25 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा नागरिकों तक शासकीय सेवाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से पहुंचाने के लिए संचालित सेवा सेतु केंद्र आम लोगों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। दंतेवाड़ा जिले के ग्राम धुरली की छात्रा उर्मिला की सफलता इसकी प्रेरक मिसाल है। सेवा सेतु केंद्र की मदद से उन्हें समय पर स्थायी जाति प्रमाण पत्र मिला, जिससे जावंगा स्थित कन्या शिक्षा परिसर में प्रवेश का उनका सपना साकार हो गया।

सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से समय पर स्थायी जाति प्रमाण पत्र मिला

उर्मिला ने आगे की पढ़ाई के लिए कन्या शिक्षा परिसर, जावंगा में प्रवेश हेतु आवेदन किया था। प्रवेश प्रक्रिया में स्थायी जाति प्रमाण पत्र अनिवार्य था। ऐसे में उन्होंने सेवा सेतु केंद्र में आवेदन किया। केंद्र के कर्मचारियों ने सभी आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण कर नियमानुसार प्रक्रिया पूरी की और उन्हें शीघ्र ही स्थायी जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिया।

सेतु केंद्र के माध्यम से पूरी प्रक्रिया बहुत आसान

समय पर प्रमाण पत्र मिलने से उर्मिला का प्रवेश बिना किसी कठिनाई के हो गया। अपनी खुशी व्यक्त करते हुए उर्मिला ने कहा कि पहले ऐसे दस्तावेज बनवाने में काफी समय और परेशानी होती थी, लेकिन अब सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से पूरी प्रक्रिया बहुत आसान और तेज हो गई है।

समय पर प्रमाण पत्र मिलने से उर्मिला की शिक्षा का सपना होगी पूरी

उर्मिला ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी जनहितकारी सोच और सुशासन के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी समय पर शासकीय सेवाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने सेवा सेतु केंद्र के अधिकारियों और कर्मचारियों का भी धन्यवाद देते हुए कहा कि समय पर प्रमाण पत्र मिलने से उनका शिक्षा का सपना पूरा हो सका।

सेवा सेतु जनसेवा के संकल्प को साकार करने की दिशा में प्रभावी कदम

राज्य शासन का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक को जाति, आय, निवास सहित अन्य आवश्यक प्रमाण पत्र एवं विभिन्न शासकीय सेवाएं एक ही स्थान पर सहज रूप से उपलब्ध कराना है। सेवा सेतु केंद्रों के माध्यम से विद्यार्थियों, किसानों, महिलाओं और आम नागरिकों को समय पर दस्तावेज और योजनाओं का लाभ मिल रहा है। यह पहल मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा के संकल्प को साकार करने की दिशा में प्रभावी साबित हो रही है।

एक वर्ष तक परिजनों की तलाश के बाद किया गया फॉस्टर केयर प्लेसमेंट

रायपुर,  जुलाई 2026/ एक वर्ष पहले बालोद रेलवे स्टेशन पर भटकता हुआ मिला नौ वर्षीय बालक आज एक नए परिवार के स्नेह और सुरक्षा के बीच अपने जीवन की नई शुरुआत करने जा रहा है। जिला प्रशासन बालोद और बाल कल्याण समिति की संवेदनशील पहल ने उस मासूम को न केवल आश्रय दिलाया, बल्कि उसे एक ऐसा परिवार भी मिला जो अब उसके पालन-पोषण, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की जिम्मेदारी निभाएगा।

कलेक्टर एवं जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की अध्यक्ष श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशन में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के सभी कानूनी प्रावधानों का पालन करते हुए बालक "समीर" (बदला हुआ नाम) का सफल फॉस्टर केयर प्लेसमेंट बिलासपुर जिले के रतनपुर निवासी धीवर परिवार में कराया गया। अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अमित सिन्हा ने पुनर्वास आदेश सौंपते हुए बालक और उसके नए परिवार को शुभकामनाएँ दीं तथा उनके सुखद, सुरक्षित और स्नेहपूर्ण भविष्य की कामना की।

माता-पिता एवं परिजनों की तलाश के लिए किए गए व्यापक प्रयास
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अमित सिन्हा ने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व यह बालक बालोद रेलवे स्टेशन पर भटकता हुआ मिला था। रेलवे पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसका रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। इसके बाद समिति ने किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप बालक के माता-पिता एवं परिजनों की तलाश के लिए व्यापक प्रयास किए। राष्ट्रीय समाचार पत्रों में सूचना प्रकाशित कराई गई और विभिन्न स्तरों पर खोजबीन की गई, लेकिन निर्धारित अवधि तक कोई भी परिजन सामने नहीं आया।

चार माह तक प्रयासों के बाद मिला फॉस्टर केयर के लिए परिवार
बालक के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए बाल कल्याण समिति ने उसके लिए ऐसे इच्छुक परिवार की तलाश शुरू की, जो उसे पारिवारिक वातावरण, सुरक्षा, स्नेह और बेहतर भविष्य प्रदान कर सके। लगभग चार माह तक लगातार किए गए प्रयासों के बाद बिलासपुर जिले के रतनपुर निवासी धीवर परिवार ने बालक को फॉस्टर केयर के तहत अपने परिवार का हिस्सा बनाने की सहमति दी। इसके बाद जिला बाल संरक्षण इकाई बालोद एवं सीईएसी के सहयोग से सभी आवश्यक कानूनी और सामाजिक प्रक्रियाएँ पूरी की गईं। बाल कल्याण समिति द्वारा बालक के पुनर्वास का आदेश जारी करते हुए उसे विधिवत धीवर परिवार को सौंपा गया।

इस अवसर पर बालक को उपहार भी भेंट किए गए, ताकि वह नए परिवार के साथ आत्मीयता और अपनत्व का अनुभव करते हुए अपने जीवन के नए अध्याय की शुरुआत कर सके। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री कृष्णा साहू एवं समिति के सदस्य भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात कर सुनी समस्याएं, कई विकास कार्यों की दी सौगात

बच्चों को देखकर रुकवाया काफिला, खिलाई चॉकलेट

रायपुर,  जुलाई 2026/ उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने शुक्रवार देर शाम कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा विकासखंड अंतर्गत ग्राम सिंघनपुरी जंगल, कुम्हारी, खोलवा एवं टाटावाही का दौरा कर ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने ग्रामीणों के बीच पहुंच उनके साथ बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और उनका तत्काल निराकरण भी किया। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों की घोषणाएं करते हुए क्षेत्र के विकास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और जनकल्याणकारी कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि विकास की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे तथा ग्रामीणों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को शीघ्र पूरा किया जाए। दौरे के दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत सिंघनपुरी जंगल में शीतला मंदिर परिसर के पास मंच निर्माण के लिए 2 लाख रुपए तथा बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए 3 लाख रुपए की घोषणा की गई। वहीं सिंघनपुरी जंगल के आश्रित ग्राम कुम्हारी में सामाजिक भवन निर्माण के लिए 6.50 लाख रुपए स्वीकृत करने की घोषणा उप मुख्यमंत्री ने की।

ग्राम पंचायत खोलवा में उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने वीबी-जीरामजी के अंतर्गत नवीन आंगनबाड़ी भवन एवं डोम शेड निर्माण की घोषणा की। साथ ही खोलवा के आश्रित ग्राम कटोरी में आंगनबाड़ी भवन के पास समतलीकरण कार्य के लिए 2 लाख रुपए स्वीकृत करने की घोषणा भी की। इसी प्रकार उन्होंने ग्राम पंचायत टाटावाही के अंतर्गत धनौरा के वार्ड क्रमांक 13-14 में मंच निर्माण के लिए 5 लाख रुपए तथा शेड निर्माण के लिए 8 लाख रुपए की घोषणा की। इसके अलावा वार्ड क्रमांक 14 में एक हैंडपंप स्थापना, वार्ड क्रमांक 10 में 2.60 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड तथा वार्ड क्रमांक 13 में 2.60 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड निर्माण कराने की भी घोषणा की।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ईश्वरी साहू, लोहारा नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरिता संतोष मिश्रा, विधायक प्रतिनिधि श्री परदेशी पटेल, श्री लाला राम साहू, श्री परेतन वर्मा, श्री भूखन साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

बच्चों की टोली दिखी तो रुकवाया काफिला, दिलवाई चॉकलेट
उनके जनसम्पर्क दौरे के दौरान एक आत्मीय क्षण उस समय देखने को मिला, जब ग्राम सिंघनपुरी जंगल के कई बच्चे उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के काफिले को देखने और उनसे मिलने को चौक पर खड़े दिखे। बच्चों को देखकर उन्होंने तुरंत अपना काफिला रुकवाया और सभी बच्चों से स्नेहपूर्वक बातचीत की। इसके बाद वे बच्चों को स्थानीय दुकान लेकर गए और उन्हें चॉकलेट दिलाई।

नवीन पंचायत भवन से ग्राम विकास को मिलेगी नई गति : उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

रायपुर,  जुलाई 2026/ उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा अपने जनसम्पर्क कार्यक्रम के दौरान खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के विकासखंड छुईखदान अंतर्गत ग्राम खौड़ा पहुंचे। जहां उन्होंने 15 लाख रुपए की लागत से निर्मित नवीन ग्राम पंचायत भवन का लोकार्पण किया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार गांवों के समग्र विकास और पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। पंचायत भवन केवल एक कार्यालय नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास, सामाजिक सहभागिता और जनकल्याणकारी योजनाओं के संचालन का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने ग्रामीणों से पंचायत भवन का बेहतर उपयोग करते हुए गांव के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री विक्रांत सिंह, सांसद प्रतिनिधि श्री खम्हन ताम्रकार, सरपंच श्री जनेराम पटेल सहित श्री घम्मन साहू, श्री राजेश मेहता, श्री राकेश ठाकुर, श्री राजू जंघेल, पंचायत के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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