महतारी वंदन योजना बनी आर्थिक संबल का माध्यम, घर-परिवार की जरूरतें पूरी करने में मिल रहा सहयोग

रायपुर, जुलाई 2026/ रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए आर्थिक संबल और आत्मविश्वास का आधार बन रही है। आकांक्षी विकासखंड गौरेला के ग्राम पंचायत ठाड़पथरा की श्रीमती प्रीति सुजान बैगा के जीवन में भी यह योजना आर्थिक सहयोग का सशक्त माध्यम बनी है। योजना के तहत उन्हें प्रत्येक माह नियमित रूप से एक हजार रुपये की राशि प्राप्त हो रही है। इस राशि से परिवार की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में उन्हें काफी सहूलियत मिल रही है और घरेलू खर्च का आर्थिक बोझ भी कम हुआ है।

श्रीमती प्रीति सुजान बैगा बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग वे घर के जरूरी सामान, राशन, सब्जी तथा अन्य घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने में करती हैं। नियमित रूप से मिलने वाली यह राशि उनके लिए छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने में बड़ी मददगार साबित हो रही है। इसके साथ ही उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से खाद्यान्न का लाभ भी नियमित रूप से मिल रहा है। महतारी वंदन योजना और खाद्यान्न योजना से मिल रहे संयुक्त लाभ ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को पहले की तुलना में अधिक सुदृढ़ किया है।

रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और संरक्षण का प्रतीक है। इसी भावना के अनुरूप महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के जीवन में आर्थिक सुरक्षा और सम्मान का भाव मजबूत कर रही है। नियमित आर्थिक सहायता मिलने से महिलाओं को अपनी और अपने परिवार की आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है। प्रीति बैगा के लिए भी योजना की राशि परिवार की जरूरतों को पूरा करने में सहयोग देने के साथ आत्मविश्वास बढ़ाने का माध्यम बनी है।

श्रीमती प्रीति सुजान बैगा का कहना है कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हो रहा है। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता उनके परिवार के लिए उपयोगी साबित हो रही है। उन्होंने इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, आर्थिक सशक्तिकरण और परिवारों की खुशहाली को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है। रक्षाबंधन के अवसर पर यह पहल भाई-बहन के रिश्ते में निहित स्नेह और सम्मान की भावना को जनकल्याण से जोड़ने का सार्थक संदेश भी देती है।

रक्षाबंधन के अवसर पर महतारी वंदन योजना प्रदेश की बहनों के लिए इसी विश्वास और संबल का संदेश लेकर आगे बढ़ रही है।

राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उनके परिवारों की खुशहाली सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

विष्णु भैया की सरकार हर बहन के चेहरे पर मुस्कान के संदेश के साथ महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में आर्थिक संबल और सम्मान का नया विश्वास पैदा कर रही है।

प्रीति बैगा जैसी हजारों महिलाएं जब आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है। महिला सशक्तिकरण के संकल्प के साथ राज्य सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश की हर बहन का सम्मान और आत्मविश्वास और आर्थिक मजबूती के साथ आगे बढ़े।

राखी से पहले बहनों को मिला विष्णु भैया का उपहार, महतारी वंदन से कांति के चेहरे पर आई मुस्कान

30वीं किश्त ने बढ़ाया त्योहार का उत्साह, महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और सम्मान का मजबूत आधार

रायपुर,  अगस्त 2026। रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले जब हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, पेंड्रा निवासी श्रीमती कांति चंद्राकर के बैंक खाते में महतारी वंदन योजना की 30वीं किश्त की राशि पहुंची, तो उनकी खुशी दोगुनी हो गई। उनके लिए यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की ओर से बहनों के लिए मिले स्नेह, सम्मान और संबल का उपहार है। कांति चंद्राकर ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि “रक्षाबंधन से पहले विष्णु भैया से बहनों को संबल मिला है।”

श्रीमती कांति चंद्राकर ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता से उन्हें अपनी छोटी-बड़ी जरूरतें पूरी करने में काफी सहूलियत होती है। इस बार रक्षाबंधन से पहले राशि मिलने से त्योहार की तैयारियां भी सहज हो गई हैं। उन्होंने बताया कि वह इस राशि से अपने भाई के लिए रक्षासूत्र खरीदेंगी और रक्षाबंधन की अन्य तैयारियां करेंगी। उन्होंने कहा कि भाई-बहन के स्नेह और विश्वास के पर्व पर आर्थिक सहायता मिलना उनके लिए खुशी को और बढ़ाने वाला है।

कांति चंद्राकर मध्यमवर्गीय परिवार से हैं। उनके पति इलेक्ट्रिशियन का काम करते हैं। परिवार की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि उनके लिए उपयोगी आर्थिक सहारा बन रही है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत पूर्व में प्राप्त राशि को बचाकर उन्होंने अपने लिए साड़ी और चांदी की पायल भी खरीदी थी। उन्होंने बताया कि नियमित आर्थिक सहायता मिलने से वे अपनी जरूरतों को स्वयं पूरा करने के साथ-साथ भविष्य के लिए बचत भी कर पा रही हैं।

महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

श्रीमती कांति चंद्राकर ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं की खुशहाली और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिलने से उनमें आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की भावना मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि योजना की राशि महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भरता कम करने का अवसर देती है और परिवार की आर्थिक व्यवस्था में उनकी भूमिका को भी मजबूत बनाती है।

उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “राखी का यह पर्व मेरे लिए इसलिए भी खास है, क्योंकि इस बार विष्णु भैया का उपहार पहले ही मिल गया है। महतारी वंदन की राशि ने मेरी खुशियों को दोगुना कर दिया है।”

राखी के धागे में विश्वास, बहनों के साथ सरकार का संबल

रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और आत्मीयता का पर्व है। ऐसे अवसर पर महतारी वंदन योजना की किश्त का मिलना महिलाओं के लिए आर्थिक संबल के साथ भावनात्मक खुशी का भी माध्यम बन रहा है। कांति चंद्राकर के लिए यह राशि राखी के धागे में जुड़े उस विश्वास की तरह है, जो परिवार की खुशियों और बेहतर भविष्य की उम्मीद को मजबूत करता है।

बहनों को खुशहाली का उपहार, विष्णु भैया की सरकार।

रक्षाबंधन के इस पावन अवसर पर कांति चंद्राकर की खुशी प्रदेश की उन अनेक महिलाओं की उम्मीदों और विश्वास को अभिव्यक्त करती है, जो महतारी वंदन योजना से जुड़कर अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने में योगदान दे रही हैं। उन

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने लखनपुर में मछली बीज वितरण कार्यक्रम में की सहभागिता, महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर दिया जोर

रायपुर,  अगस्त 2026। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ एवं आकांक्षी विकासखण्ड कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद पंचायत लखनपुर के तत्वावधान में ग्राम पंचायत स्तरीय मछली बीज वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सहभागिता करते हुए ग्रामीण परिवारों को आजीविका के नए अवसरों से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और गांव के लोगों को अपने ही क्षेत्र में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के माध्यम से ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। मछली पालन जैसे स्थानीय संसाधन आधारित व्यवसाय ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय कौशल का बेहतर उपयोग करते हुए अधिक से अधिक परिवारों को स्थायी आजीविका से जोड़ा जाए। मछली बीज वितरण जैसी पहल से ग्रामीणों को मछली पालन के लिए आवश्यक आधार मिलेगा और वे इसे आर्थिक गतिविधि के रूप में विकसित कर अपनी आय में वृद्धि कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से न केवल परिवार मजबूत होता है, बल्कि पूरे गांव की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलती है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूह ‘बिहान’ अभियान की सबसे बड़ी ताकत हैं। समूहों के माध्यम से महिलाएं बचत, ऋण, स्वरोजगार और विभिन्न आयमूलक गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। शासन की योजनाओं का लाभ इन समूहों तक पहुंचाकर उन्हें कृषि, पशुपालन, मछली पालन, लघु उद्यम तथा अन्य स्थानीय आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आकांक्षी विकासखण्ड कार्यक्रम के माध्यम से विकास की दृष्टि से प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, कौशल विकास और आजीविका के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार की मंशा है कि विकास की मुख्यधारा से गांव का प्रत्येक परिवार जुड़े और स्थानीय स्तर पर ही आय के पर्याप्त साधन विकसित हों।

मंत्री श्री अग्रवाल ने ग्रामीणों से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे और वह अपने पैरों पर खड़ा हो सके। उन्होंने मछली पालन से जुड़े हितग्राहियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पहल आने वाले समय में ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगी।

कार्यक्रम के दौरान मछली पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्रामीण हितग्राहियों को मछली बीज का वितरण किया गया। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की योजनाओं से उन्हें अपने गांव में ही आय का नया साधन प्राप्त हो रहा है।

कार्यक्रम में लुंड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

30 किस्तों में 19,444.33 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित

महतारी वंदन की राशि से बहनें मनाएंगी रक्षाबंधन का पर्व, घर-परिवार की खुशियों में बढ़ेगा आर्थिक संबल

रायपुर, 22 अगस्त 2026/ रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले छत्तीसगढ़ की बहनों को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त के रूप में विशेष उपहार दिया है। 7 अगस्त 2026 को जारी 30वीं किस्त के साथ प्रदेश की पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 19,444 करोड़ 33 लाख रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। रक्षाबंधन से पहले खाते में पहुंची यह राशि महिलाओं के लिए आर्थिक संबल के साथ पर्व की खुशियों को और बढ़ाने वाली सौगात बन गई है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में संचालित महतारी वंदन योजना अब महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन चुकी है। योजना के तहत प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता सीधे डीबीटी के माध्यम से महिलाओं के बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है।

रक्षाबंधन से पहले खाते में पहुंची राशि, बहनों के चेहरे पर खुशी

रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व है। इस बार पर्व से पहले महतारी वंदन की राशि मिलने से महिलाओं में विशेष उत्साह है। महिलाएं इस राशि से भाई के लिए राखी, मिठाई और उपहार खरीदने के साथ-साथ घर-परिवार की जरूरतों को पूरा करते हुए रक्षाबंधन का पर्व धूमधाम से मनाने की तैयारी कर रही हैं।
महिलाओं का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन की राशि देकर बहनों की खुशियों को दोगुना कर दिया है। उनके लिए यह केवल एक हजार रुपये की मासिक सहायता नहीं, बल्कि अपने छोटे-बड़े फैसले स्वयं लेने का भरोसा और सम्मान का अहसास है।

हर महीने की सहायता बनी परिवारों का सहारा

सूरजपुर जिले की श्रीमती तेज कुमारी, श्रीमती मंजू रजवाड़े, श्रीमती पुनिया प्रजापति, श्रीमती शहनाज बेगम, श्रीमती गणेश्वरी प्रजापति, श्रीमती मेनका रजवाड़े और श्रीमती लता केंवट जैसी महिलाओं ने बताया कि महतारी वंदन की राशि से वे बच्चों की पढ़ाई, कॉपी-किताब, पौष्टिक भोजन और दैनिक जरूरतों को पूरा कर पा रही हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर भी यह राशि उनके लिए उपयोगी साबित हो रही है।

बचत से स्वरोजगार तक की नई राह

महतारी वंदन योजना का सकारात्मक प्रभाव केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं है। अनेक महिलाओं ने नियमित मिलने वाली राशि को बचाकर स्वरोजगार की नींव रखी है।

मुंगेली विकासखंड के ग्राम घुठेरा की श्रीमती अनीता गंधर्व ने महतारी वंदन से मिली राशि को बचाकर मुंगेली के पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में मनिहारी एवं सिलाई दुकान शुरू की। आज वे प्रतिदिन 500 से 1,000 रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं और बच्चों की पढ़ाई तथा घरेलू खर्च में सहयोग कर रही हैं।
जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम सरखों की श्रीमती शबीना बेगम ने योजना की राशि से अपनी चूड़ी दुकान में नया सामान और चूड़ियों की विविधता बढ़ाई। इससे ग्राहकों की संख्या और आमदनी दोनों में वृद्धि हुई है।

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की श्रीमती गायत्री श्रीवास्तव ने राशि बचाकर सेकेंड हैंड सिलाई-पिको मशीन खरीदी। अब वे सिलाई के साथ पिको का काम भी कर आय बढ़ा रही हैं। रायगढ़ की श्रीमती राशी कँवर ने भी महतारी वंदन की किस्तों से सिलाई मशीन खरीदी, जो उनके लिए आजीविका और आत्मनिर्भरता का साधन बन गई है।

भविष्य की सुरक्षा का भी भरोसा

कोरबा की श्रीमती शकुंतला कुर्रे महतारी वंदन की राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य के साथ अपनी बेटी ध्रीयांशी के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में बचत करने में कर रही हैं। सक्ती जिले की श्रीमती हेमंत बंजारे, मोहला जिले की श्रीमती देवकी निषाद और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर की श्रीमती अनीता गुप्ता भी योजना की राशि से घरेलू जरूरतों और छोटे व्यवसाय को मजबूती दे रही हैं।

30 किस्तों ने बनाया भरोसे का मजबूत आधार

1 मार्च 2024 से शुरू हुई महतारी वंदन योजना की 30 किस्तों की निरंतरता ने महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल दिया है। इस भरोसे के कारण महिलाएं अपनी जरूरतों के अनुसार खर्च, बचत और निवेश की योजना बना पा रही हैं। कई महिलाएं सिलाई, मनिहारी, चूड़ी व्यवसाय और अन्य छोटे स्वरोजगार से जुड़कर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रही हैं।

ट्राइफेड से जुड़कर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का अवसर

एक दिवसीय ‘जनजातीय कारीगर सूचीबद्धता मेला’ धमतरी में सम्पन्न

रायपुर, 22 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के लाइवलीहुड कॉलेज में 'जनजातीय कारीगर सूचीबद्धता (एम्पैनलमेंट) मेला' आयोजित किया गया। इसे जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन TRIFED (ट्राइफेड) और जिला प्रशासन ने मिलकर आयोजित किया था, जिसका उद्देश्य स्थानीय कारीगरों को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय बाजार दिलाना है।

मेले में 20 कलाकारों एवं कारीगरों ने अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए

जिले के जनजातीय कारीगरों, कलाकारों और उद्यमियों के पारंपरिक हुनर को स्थानीय बाजार से निकालकर राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के बाजारों से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई है। जनजातीय कारीगरों को बेहतर बाजार, पहचान, विपणन और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुरुवार को लाइवलीहुड कॉलेज में एक दिवसीय ‘जनजातीय कारीगर सूचीबद्धता मेला’ आयोजित किया गया। मेले में जिले के 20 कलाकारों एवं कारीगरों ने अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए। पात्र कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों, वन धन विकास केंद्रों, किसान उत्पादक संगठनों तथा जनजातीय उद्यमियों को ट्राइफेड से सूचीबद्ध होने का अवसर प्रदान किया गया।

कारीगरों को राष्ट्रीय स्तर पर मिलेगा अवसर

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा ने कहा कि जिला प्रशासन की यह पहल जनजातीय कलाकारों को अपनी कला और हुनर प्रदर्शित करने के लिए प्रभावी मंच उपलब्ध कराएगी। ट्राइफेड से सूचीबद्ध होने के बाद कारीगरों को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियों, ‘जनजातीय भारत’ बिक्री केंद्रों, मेलों तथा विभिन्न विपणन गतिविधियों में भाग लेने के अवसर मिलेंगे। इससे स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार और कारीगरों को आय के नए अवसर प्राप्त होंगे।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ने पर जोर

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि आजीविका से जुड़ी गतिविधियां केवल आय का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम भी हैं। जिला प्रशासन का प्रयास है कि जनजातीय समाज की पारंपरिक कला, कौशल और प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित उत्पादों को आधुनिक बाजार से जोड़ा जाए। उन्होंने कारीगरों से कहा कि “आज इंटरनेट और सोशल मीडिया का दौर है। अपने उत्पादों और हुनर को सोशल मीडिया के माध्यम से दुनिया तक पहुंचाएं।” उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग कर कारीगर सीधे ग्राहकों तक पहुंच बना सकते हैं और अपने उत्पादों की बाजार क्षमता बढ़ा सकते हैं।

प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और पैकेजिंग पर विशेष ध्यान

कलेक्टर ने जिले की भौगोलिक स्थिति एवं वन उपज की प्रचुर उपलब्धता का उल्लेख करते हुए युवाओं को प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और आकर्षक पैकेजिंग पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक एवं ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। नगरी क्षेत्र में उपलब्ध सतावर के साथ-साथ लाख, इमली और अन्य वन उपज का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित प्रसंस्करण कर बेहतर आय का माध्यम बनाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं एवं जनजातीय समाज के लोगों को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना सहित उद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

प्रशिक्षण और उद्यमिता विकास पर फोकस

कलेक्टर ने कहा कि जिले के जनजातीय कारीगरों का एक विशेष बैच तैयार कर उन्हें सोशल मीडिया मार्केटिंग, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, बाजार प्रबंधन एवं उत्पाद प्रस्तुतीकरण का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा, ताकि वे अपने पारंपरिक कौशल को आधुनिक उद्यमिता से जोड़ सकें।

पारंपरिक कला को मिलेगा नया आयाम

सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष जे.एल. ध्रुव ने कहा कि जनजातीय समाज की अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपरा, कला एवं शिल्प शैली है। यदि इन कारीगरों को उचित बाजार और मार्केट लिंकेज उपलब्ध कराया जाए, तो उनकी आय एवं जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है। इससे जिले की पारंपरिक कला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी मिलेगी।

रायपुर, 20 अगस्त 2026/ स्कूल शिक्षा विभाग माननीय मंत्री ​श्री गजेंद्र यादव एवं सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सचिव, छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग विभागीय गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर आज छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए

सुरक्षित श्रम, सामाजिक सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य, सम्मानजनक रोजगार और डिजिटल सेवाओं का व्यापक विस्तार

छगल लाल लोन्हारे
संयुक्त संचालक, जनसंपर्क

रायपुर, 21 अगस्त 2026/ राष्ट्र निर्माण में श्रमिकों का योगदान सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और समग्र विकास के बिना विकसित राज्य की कल्पना संभव नहीं है। इसी सोच को आधार बनाकर छत्तीसगढ़ शासन का श्रम विभाग श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के निर्देशन में श्रमिकों के हितों की रक्षा, सामाजिक सुरक्षा का विस्तार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से सेवाओं को सरल बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। राज्य सरकार के ढाई साल में श्रम विभाग की उपलब्धियाँ राज्य सरकार की श्रमिक हितैषी सोच और संवेदनशील प्रशासन का परिचायक हैं।

प्रशासनिक ढांचे का विस्तार, सेवाओं की बेहतर पहुंच

श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा श्रमिकों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने पाँच नए जिलों में श्रम पदाधिकारी कार्यालय स्थापित किए हैं। मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि पाँच श्रम पदाधिकारी कार्यालयों को सहायक श्रमायुक्त कार्यालय के रूप में उन्नत किया गया है। अब प्रदेश में 10 सहायक श्रमायुक्त कार्यालय एवं 23 श्रम पदाधिकारी कार्यालय सहित कुल 33 श्रम कार्यालय संचालित हैं। इससे श्रमिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण और योजनाओं के प्रभावी संचालन को नई गति मिली है।

समय के अनुरूप श्रम कानूनों में सुधार

औद्योगिक विकास और श्रमिक हितों के संतुलन को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने श्रम कानूनों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। छत्तीसगढ़ कारखाना नियम, 1962 में संशोधन कर निर्धारित सुरक्षा प्रावधानों के साथ महिलाओं के रोजगार के अवसरों का विस्तार किया गया है। वहीं छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना नियम, 2021 में संशोधन के माध्यम से श्रम पहचान पंजीयन प्रमाण-पत्र अब 24 घंटे के भीतर जारी किए जाने का प्रावधान किया गया है। इससे उद्योगों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को सरल एवं पारदर्शी सेवाएँ उपलब्ध होंगी तथा ष्ईज ऑफ डूइंग बिजनेसष् को भी बढ़ावा मिलेगा।

56 लाख से अधिक श्रमिक सामाजिक सुरक्षा के दायरे में

श्रम विभाग के अंतर्गत संचालित छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल तथा असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के माध्यम से अब तक लगभग 56.83 लाख संगठित, निर्माण एवं असंगठित श्रमिकों का पंजीयन किया जा चुका है।

3.48 लाख श्रमिकों को बीमा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं कौशल उन्नयन जैसी सुविधाओं का लाभ

वर्ष 2026 में 30 जून तक विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लगभग 3.48 लाख श्रमिकों को बीमा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं कौशल उन्नयन जैसी सुविधाओं का लाभ प्रदान किया गया है। इन योजनाओं पर लगभग 173.32 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं, जो श्रमिक कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

निर्माण श्रमिकों को बढ़ी आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के अंतर्गत आवास निर्माण अथवा घर खरीदने के लिए दी जाने वाली सहायता राशि एक लाख रुपये से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये कर दी गई है। यह निर्णय निर्माण श्रमिकों के अपने घर के सपने को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

महिला श्रमिकों को स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के नए अवसर

इसी प्रकार दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों एवं उनके समूहों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए सहायता राशि भी एक लाख रुपये से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये कर दी गई है। इससे महिला श्रमिकों को स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के नए अवसर मिल रहे हैं।

शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई पहल

राज्य सरकार ने श्रमिक परिवारों के भविष्य को संवारने के उद्देश्य से अटल कैरियर निर्माण योजना प्रारंभ की है। इसके माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को इंजीनियरिंग एवं मेडिकल जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।

पंजीकृत निर्माण श्रमिकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण

वहीं मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक स्वास्थ्य परीक्षण योजना के माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। इस पहल से बीमारियों की प्रारंभिक पहचान, समय पर उपचार तथा स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

उत्कृष्ट शिक्षा से उज्ज्वल भविष्य की ओर

श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत पात्र निर्माण श्रमिकों के प्रथम दो बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक उत्कृष्ट निजी आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है।मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप वर्ष 2026-27 से इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित बच्चों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है। यह पहल श्रमिक परिवारों के बच्चों के भविष्य को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का माध्यम बनेगी।

पाँच रुपये में पौष्टिक भोजन

शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के माध्यम से पंजीकृत निर्माण, संगठित एवं असंगठित श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में गरम एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश के 18 जिलों में 39 भोजन केन्द्र संचालित हैं, जो हजारों श्रमिकों के लिए राहत का माध्यम बने हुए हैं।

डिजिटल सेवाओं से बढ़ी पारदर्शिता

श्रम विभाग द्वारा विकसित 'ई-श्रम साथी मोबाइल एप' श्रमिकों और नियोजकों के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म बनकर उभरा है। इस एप के माध्यम से स्वयं पंजीयन, श्रमिक एवं नियोजक के बीच सीधा संपर्क तथा रोजगार संबंधी जानकारी आसानी से उपलब्ध हो रही है। इससे पारदर्शिता के साथ रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि हो रही है।

मॉडल लेबर चौक से मिलेगा सम्मानजनक वातावरण

राज्य सरकार द्वारा मॉडल लेबर चौक फेसिलिटेशन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। इन केन्द्रों पर श्रमिकों के पंजीयन, विभिन्न योजनाओं के आवेदन, भोजन, पेयजल, विश्राम एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इससे श्रमिकों को सम्मानजनक एवं सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध होगा।

सामाजिक सुरक्षा को मिला नया विस्तार

मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत सामान्य मृत्यु पर आश्रितों को 1 लाख रुपये, कार्यस्थल दुर्घटना में मृत्यु होने पर 5 लाख रुपये तथा स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 2.50 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही अपंजीकृत निर्माण श्रमिकों की कार्यस्थल दुर्घटना में मृत्यु होने पर भी उनके आश्रितों को 1 लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

पंजीकृत श्रमिकों की मृत्यु पर आश्रितों को 1 लाख रुपये की सहायता

इसी प्रकार असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों की मृत्यु पर आश्रितों को 1 लाख रुपये तथा दिव्यांगता की स्थिति में 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है।

सुरक्षित कार्यस्थल की दिशा में प्रयास

राज्य के विभिन्न कारखानों में श्रमिकों को उनके कार्य के अनुरूप वरिष्ठ अधिकारियों एवं सुरक्षा अधिकारियों द्वारा नियमित प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इससे कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित होने के साथ-साथ दुर्घटनाओं में कमी और उत्पादकता में वृद्धि हो रही है।

श्रमिक कल्याण की नई पहचान

छत्तीसगढ़ में श्रम विभाग द्वारा किए जा रहे व्यापक सुधार यह सिद्ध करता है कि राज्य सरकार श्रमिकों को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास यात्रा का महत्वपूर्ण सहभागी मानती है। प्रशासनिक ढाँचे का विस्तार, श्रम कानूनों का आधुनिकीकरण, डिजिटल सेवाओं का विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मानजनक रोजगार जैसी पहलें श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं। श्रमिकों के कल्याण और सशक्तिकरण के इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ समावेशी और संवेदनशील विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।

दुःख की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ी है राज्य सरकार : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर  अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उत्तराखंड के चमोली में निर्माणाधीन सुरंग में पानी भरने की दुःखद घटना में कोंडागांव जिले के 4 श्रमिकों के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने मृतक श्रमिकों के परिजनों को ₹5-5 लाख तथा हादसे में घायल दोनों श्रमिकों को ₹50-50 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।

इस हादसे में कोंडागांव जिले के ग्राम धनसुली के 2, मदनार के 1 और दहीकोंगा के 1 श्रमिक की मृत्यु हुई है, जबकि जिले के 2 श्रमिक घायल हुए हैं। दिवंगत श्रमिकों के पार्थिव शरीर कोंडागांव लाए गए, जहां परिजनों की उपस्थिति में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार दुःख की इस घड़ी में शोकाकुल परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति एवं शोकाकुल परिजनों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। उन्होंने हादसे में घायल दोनों श्रमिकों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की है।

रायपुर  अगस्त 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली के द्वारका स्थित छत्तीसगढ़ निवास में जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव से मुलाकात की। उपचार के बाद स्वास्थ्य लाभ ले रहे श्री किरण सिंह देव से मुख्यमंत्री श्री साय ने आत्मीयता से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

शहीदों की स्मृति में सोनपुर में बनी शौर्य वाटिका, 37 शहीद परिवारों का हुआ सम्मान

रायपुर,  अगस्त 2026/ जिले के वीर बलिदानियों की पावन स्मृति को संजोने और उनकी शौर्यगाथा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड के ग्राम सोनपुर में शौर्य वाटिका का भूमिपूजन किया गया। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम में जिले के 37 शहीद परिवारों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर लगभग एक एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही 'शौर्य वाटिका' में शहीदों के नाम पर उनके परिजनों द्वारा स्मृति वृक्ष लगाए गए। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने भी शहीदों की स्मृति में पीपल का पौधा रोपित कर शौर्य वाटिका में पौधरोपण की शुरुआत की।

कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने लगभग 78.96 लाख रुपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें तालाब गहरीकरण, खेल मैदान, पहुंच मार्ग निर्माण, शौचालय, चबूतरा निर्माण, वृक्षारोपण एवं शेड निर्माण सहित विभिन्न कार्य शामिल हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के अंतर्गत 37.95 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड निर्माण, आहता निर्माण एवं शेड निर्माण कार्यों का भी लोकार्पण किया गया।

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में छत्तीसगढ़ के जवानों और बस्तर के लोगों ने बड़ी कीमते चुकाई है। उन्होंने शहीद जवानों और उनके परिवारों को नमन करते हुए कहा कि आज बस्तर में शांति स्थापित होने के बाद विकास की नई संभावनाएं खुली हैं। जिन क्षेत्रों में कभी नक्सल हिंसा के कारण स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी, बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंच पाती थीं, वहां अब विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे में शहीद जवानों की बहादुरी और बलिदान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आज नक्सल क्षेत्रों में तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है, जहां कभी जाना मुश्किल था, अब वहां शांति और बदलाव का माहौल है। उपमुख्यमंत्री ने सोनपुर गांव के विकास की सराहना करते हुए कहा कि यहां शहीदों की स्मृति में शौर्य वाटिका का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले के शहीद परिवारों और शहीदों के नाम पर यहां पौधरोपण किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके त्याग और शौर्य को याद रख सकें।

उन्होंने कहा कि सोनपुर गांव में योजना के अनुसार विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में सरकार हरसंभव सहयोग करेगी। उपमुख्यमंत्री ने गांव में निर्मित विभिन्न विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि मनरेगा सहित वीवीजी राम जी के माध्यम से रोजगार के साथ-साथ कौशल विकास और अधोसंरचना निर्माण को गति दी जा रही है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से योजनाबद्ध तरीके से गांव के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल ने भी शहीदों को नमन करते हुए उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम में साजा विधायक श्री ईश्वर साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष कीर्ति नायक, श्री सुरेन्द कोशिक, सरपंच श्री संत कुमार कुंभकार, सेवानिवृत शिक्षक श्री रामू राम चक्रधर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं नागरिक गण उपस्थित थे।

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