ईश्वर दुबे
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Bhilai
शहीद उप निरीक्षक युगल किशोर वर्मा की धर्मपत्नी माधुरी वर्मा ने बांधी राखी तो भावुक हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
रायपुर, अगस्त 2026/ रक्षाबंधन से पहले राजधानी रायपुर में आज राखी की एक ऐसी डोर बंधी, जिसमें भाई-बहन का निश्छल स्नेह भी था, शहादत का सम्मान भी और वर्षों तक नक्सल हिंसा का दंश झेलने वाले परिवारों के प्रति आत्मीयता भी। बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में नक्सली मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त उप निरीक्षक श्री युगल किशोर वर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधी। इस आत्मीय क्षण में मुख्यमंत्री भावुक हो उठे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने भावुक स्वर में कहा, “मेरी कोई सगी बहन नहीं है। हम लोग भाई ही भाई हैं। आज माधुरी जी ने मेरी कलाई पर राखी बांधी है। मुझे सगी बहन से भी बढ़कर बहन मिली है।”
मुख्यमंत्री के इन शब्दों के साथ पूरा वातावरण भावुक हो उठा। एक ओर वह बहन थी, जिसने मातृभूमि और प्रदेश की सुरक्षा के लिए अपने जीवनसाथी को खोया था, दूसरी ओर प्रदेश का मुखिया था, जिसने उसकी राखी को केवल रक्षा सूत्र नहीं, बल्कि जीवनभर निभाए जाने वाले भाई-बहन के आत्मीय रिश्ते के रूप में स्वीकार किया।
मुख्यमंत्री ने श्रीमती माधुरी वर्मा को भरोसा दिलाया कि शहीद श्री युगल किशोर वर्मा का परिवार उनका अपना परिवार है। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिवार कभी अकेले नहीं हैं। उनके सुख-दुःख, सम्मान और भविष्य की चिंता करना सरकार का दायित्व ही नहीं, बल्कि हम सभी का आत्मीय कर्तव्य है। आज बहन माधुरी ने राखी बांधी है तो एक भाई के रूप में उनके परिवार के प्रति जिम्मेदारी और भी गहरी हो गई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद उप निरीक्षक श्री युगल किशोर वर्मा के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अपने वीर जवानों और उनके परिवारों का सदैव ऋणी रहेगा। हमारे जवानों ने अपना आज इसलिए न्योछावर किया, ताकि छत्तीसगढ़ की आने वाली पीढ़ियों का कल सुरक्षित हो सके।
रक्षाबंधन से पहले ‘विष्णु भैया’ ने बहनों को दिया स्नेह और सम्मान का उपहार
प्रदेश की 67 लाख से अधिक महतारियों के खातों में पहुंची महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त, ₹631 करोड़ से अधिक की राशि अंतरित
रायपुर अगस्त 2026/ भाई-बहन के अटूट स्नेह के पावन पर्व रक्षाबंधन से पहले आज बालोद जिले के डौंडीलोहारा में एक आत्मीय और भावपूर्ण दृश्य देखने को मिला। प्रदेश की लाखों बहनों के ‘विष्णु भैया’ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महतारी वंदन सम्मान समारोह में प्रदेश की 67 लाख से अधिक माताओं-बहनों के बैंक खातों में महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में ₹631 करोड़ 38 लाख से अधिक की राशि अंतरित की। मुख्यमंत्री ने बहनों को रक्षाबंधन की अग्रिम बधाई देते हुए कहा कि हमारी माताओं-बहनों के चेहरे पर मुस्कान, उनका आत्मविश्वास और उनका आशीर्वाद ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।
डौंडीलोहारा के लाल रघुवीर सिंह स्टेडियम में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री श्री साय का माताओं-बहनों ने आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भी बहनों के बीच पहुंचकर उनसे संवाद किया, उनका हालचाल जाना और महतारी वंदन योजना से उनके जीवन में आए बदलावों के अनुभव सुने। इस अवसर पर बालोद जिले के 2 लाख 45 हजार 28 हितग्राहियों सहित प्रदेश के 67 लाख 28 हजार 918 हितग्राहियों के खातों में कुल ₹631 करोड़ 38 लाख 37 हजार 700 की राशि अंतरित की गई।
बहनों के लिए ‘विष्णु भैया’ का रक्षाबंधन उपहार
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सावन के पवित्र महीने और रक्षाबंधन के ठीक पहले मातृशक्ति के सम्मान के इस कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। रक्षाबंधन को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सितंबर माह की किस्त भी 25 अगस्त को ही बहनों के खातों में पहुंचाने का निर्णय लिया, ताकि त्योहार की खुशियां और बढ़ें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि इसने महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का नया भाव पैदा किया है। अब हमारी माताओं-बहनों को अपनी छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। वे इस राशि का उपयोग अपने स्वास्थ्य, पोषण, बच्चों की शिक्षा, बचत और छोटे व्यवसाय जैसी जरूरतों में कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की माताओं-बहनों के खातों में लगभग ₹20 हजार करोड़ की राशि अंतरित की जा चुकी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की जो गारंटी दी थी, राज्य सरकार उसे पूरी प्रतिबद्धता से धरातल पर उतार रही है।
बहनों ने ‘विष्णु भैया’ को सुनाई आत्मनिर्भरता की कहानी
समारोह का सबसे आत्मीय अवसर तब आया, जब मुख्यमंत्री श्री साय ने महतारी वंदन योजना की पांच हितग्राही महिलाओं से सीधे संवाद किया। महिलाओं ने बताया कि योजना से मिलने वाली नियमित राशि ने उनकी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के साथ उन्हें आर्थिक फैसले लेने का आत्मविश्वास भी दिया है।
मुख्यमंत्री ने उनके अनुभवों को ध्यान से सुना और कहा कि जब कोई बहन महतारी वंदन की राशि को बचाकर अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित करती है, बच्चों की पढ़ाई में लगाती है अथवा स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ती है, तो इस योजना का वास्तविक उद्देश्य पूरा होता है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ की हर माता-बहन आत्मनिर्भर बने, उसके सपनों को पंख मिलें और उसकी सफलता से पूरा परिवार सशक्त हो।
लखपति दीदी से ड्रोन दीदी तक - महिलाएं बन रहीं विकास की नेतृत्वकर्ता
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। छत्तीसगढ़ में अब तक लक्ष्य से अधिक 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं आज विभिन्न आजीविका गतिविधियों और उद्यमों के माध्यम से अपनी अलग पहचान बना रही हैं।
उन्होंने ड्रोन दीदी पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी बहनें आधुनिक तकनीक से भी जुड़ रही हैं। ड्रोन के माध्यम से खेतों में खाद एवं अन्य कृषि आदानों का छिड़काव कर वे किसानों को सेवाएं देने के साथ अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। महिला सशक्तिकरण की यही यात्रा विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेगी।
चबूतरे पर बैठकर छात्राओं से की आत्मीय चर्चा, स्वास्थ्य, पढ़ाई, करियर और छात्रावास की व्यवस्थाओं की ली जानकारी
छात्राओं की सुविधाओं, स्वच्छता, सुरक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
रायपुर, अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ के आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने महासमुंद जिला में आदिवासी छात्रावासों और कन्या आश्रमों का औचक निरीक्षण किया है। उन्होंने छात्रावास परिसरों में साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता, सुरक्षा और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की जाँच की। मंत्री श्री नेताम ने आज शाम महासमुंद स्थित पोस्ट मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास का आकस्मिक निरीक्षण किया। मंत्री ने छात्रावास की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए छात्राओं से सीधे संवाद किया और उनके स्वास्थ्य, पढ़ाई, करियर, रहन-सहन तथा छात्रावास में उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान स्थानीय विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा भी मौजूद थे।
निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री नेताम ने छात्रावास प्रांगण में चबूतरे पर बैठकर छात्राओं के साथ आत्मीय चर्चा की। उन्होंने छात्राओं से उनकी पढ़ाई, विषयों, परीक्षा की तैयारी, भविष्य में क्या बनना चाहती हैं और करियर को लेकर उनकी योजनाओं के बारे में पूछा। उन्होंने कहा कि छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। छात्राएं अपने लक्ष्य निर्धारित कर पूरी मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ें तथा उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का बेहतर उपयोग करें।
स्वास्थ्य और रहन-सहन की ली जानकारी
मंत्री श्री नेताम ने छात्राओं से उनके स्वास्थ्य के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि छात्राओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण होता है या नहीं, किसी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर उपचार की व्यवस्था कैसी है तथा भोजन की गुणवत्ता और समय पर भोजन मिलने की स्थिति क्या है। उन्होंने छात्रावास की स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, अध्ययन कक्ष, बिजली, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि छात्रावास में स्वच्छता और साफ-सफाई की व्यवस्था नियमित रूप से सुनिश्चित की जाए। छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल और आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। किसी भी प्रकार की समस्या सामने आने पर उसका तत्काल निराकरण किया जाए।
छात्राओं की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश
मंत्री श्री नेताम ने अधिकारियों से कहा कि छात्रावास केवल रहने का स्थान नहीं, बल्कि छात्राओं के अध्ययन और व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसलिए यहां ऐसा वातावरण तैयार किया जाए, जहां छात्राएं सुरक्षित महसूस करते हुए मन लगाकर पढ़ाई कर सकें। उन्होंने छात्राओं से भी कहा कि छात्रावास से संबंधित किसी भी समस्या अथवा आवश्यकता को अधीक्षक एवं संबंधित अधिकारियों के समक्ष खुलकर रखें। उन्होंने अधिकारियों को छात्रावास की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने तथा छात्राओं से समय-समय पर संवाद कर उनकी आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी लेने के निर्देश दिए। साथ ही छात्राओं के बेहतर भविष्य के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा और करियर संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री नेताम ने छात्रावास की व्यवस्थाओं और छात्राओं से बातचीत के बाद संतोष व्यक्त किया। उन्होंने छात्राओं के उत्साह और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। आदिम जाति विकास विभाग के सहायक आयुक्त खंड प्रभारी तथा छात्रावास अधीक्षक सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।
रायपुर, अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री तथा कोरबा विधायक श्री लखन लाल देवांगन के प्रयासों से कोरबा शहर के आधारभूत ढांचे को बड़ा मजबूती मिलने जा रही है। शहर के प्रमुख मार्गों के नए सिरे से डामरीकरण के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) मद से 17.50 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। मंत्री श्री देवांगन के प्रस्ताव पर जिला प्रशासन ने 13 प्रमुख सड़कों के डामरीकरण हेतु प्रशासनिक स्वीकृति आदेश जारी कर दिया है।
स्वीकृत प्रमुख डामरीकरण कार्य एवं लागत
सोनालिया ब्रिज से तुलसी नगर बायपास 1.99 करोड़ रुपये, रिश्दा चौक से गायत्री मंदिर मुख्य मार्ग (जीटी रोड) 1.80 करोड़ रुपये, इमली डुग्गू बस्ती से खदान रोड तक (सीसी रोड व डिवाइडर) 1.74 करोड़ रुपये सड़कडामरीकरण कार्य के लिए स्वीकृत हुआ है। इसी प्रकार पोड़ीबहार चर्च से लकी बिग बास्केट मोड़ तक 1.65 करोड़ रुपये, डीडीएम रोड से लालू राम कॉलोनी होते हुए बस स्टैंड 1.64 करोड़ रुपये, सरदार पटेल नगर (आवासीय क्षेत्र) 1.50 करोड़ रुपये, सरदार पटेल नगर (व्यावसायिक क्षेत्र) 1.45 करोड़ रुपये, प्रेम नगर मुख्य मार्ग से कपटमुड़ा डीपरा बस्ती 1.38 करोड़ रुपये, लालघाट बालको चेक पोस्ट से रिश्दा चौक (बीटी रोड) 1.20 करोड़ रुपये सड़कडामरीकरण कार्य के लिए स्वीकृत हुआ है। सुभाष चौक से सब-स्टेशन तक 97.80 लाख रुपये, सोनालिया ब्रिज नहर से सीतामणि मुख्य मार्ग तक 87.75 लाख रुपये, कलेक्ट्रेट एटीएम से बैगिनडभार आंगनबाड़ी तक 66.18 लाख रुपये, नेहरू नगर (वार्ड-24) एवं शारदा विहार से टीपी नगर फाटक क्रमशः 55 लाख व 40 लाख रुपये सड़क डामरीकरण कार्य के लिए स्वीकृत हुआ है।
टेंडर प्रक्रिया पूर्ण, बारिश के बाद शुरू होंगे काम
मंत्री श्री देवांगन ने बताया कि इसके अलावा शहर के अन्य 6 प्रमुख मार्गों के लिए पूर्व में स्वीकृत 7.12 करोड़ रुपये के कार्यों की टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। इनमें जैन चौक से घंटाघर चौक, घंटाघर चौक से कोसाबाड़ी चौक, सुनालिया ब्रिज से पावर हाउस रोड तथा पुराने बस स्टैंड अंडरब्रिज रोड जैसे व्यस्त मार्ग शामिल हैं। बारिश का मौसम समाप्त होते ही इन सभी सड़कों पर डामरीकरण का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया जाएगा।
श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि शहर के सभी मुख्य मार्गाे एवं उप नगरीय क्षेत्र को जोड़ने वाले सड़कों के साथ-साथ वार्डों की आंतरिक सड़कों के डामरीकरण के लिए जिला खनिज न्यास मद से राशि की स्वीकृति आदेश जारी हो चुकी है, कुछ और सड़कों के लिए राशि कुछ दिनों में प्राप्त हो जाएगी। मानसून सीजन खत्म होने के बाद सभी स्वीकृत सड़कों का डामरीकरण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त से वर्षा राठौर के चेहरे पर खिली मुस्कान, बोलीं—“विष्णु भैया ने हमारी खुशियां दोगुनी कर दीं”
रायपुर, अगस्त 2026। रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील और बहन-समान आत्मीय सोच एक बार फिर खुशियों की सौगात लेकर आई है। महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त के रूप में पात्र महिलाओं के बैंक खातों में एक हजार रुपये की राशि पहुंची है। इस नियमित आर्थिक संबल से महिलाओं के चेहरों पर खुशी और मन में आत्मविश्वास दिखाई दे रहा है।
गौरेला विकासखंड के ग्राम सेमरा निवासी श्रीमती वर्षा राठौर के लिए भी महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त रक्षाबंधन से पहले विशेष उपहार बनकर आई। खाते में एक हजार रुपये की राशि पहुंचने पर उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक उठी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा बहनों के सम्मान, स्वावलंबन और आर्थिक मजबूती के लिए संचालित यह योजना उनके जैसे परिवारों के लिए निरंतर सहारा बन रही है।
श्रीमती वर्षा राठौर बताती हैं कि महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता राशि घर-परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बच्चों की पढ़ाई, घरेलू आवश्यक सामग्री और अन्य जरूरी खर्चों में यह राशि काफी मददगार साबित होती है। नियमित रूप से राशि खाते में आने से उन्हें आर्थिक संबल के साथ अपनी आवश्यकताओं के लिए स्वयं निर्णय लेने का भरोसा भी मिला है।
उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली योजना नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास को मजबूत करने का माध्यम भी बन रही है। हर महीने मिलने वाली सहायता से महिलाओं को परिवार की जिम्मेदारियों में अपनी भागीदारी और अधिक मजबूती से निभाने का अवसर मिल रहा है।
रक्षाबंधन से ठीक पहले 30वीं किस्त मिलने की खुशी जाहिर करते हुए श्रीमती वर्षा राठौर ने भावुक होकर कहा, “हमारे विष्णु भैया ने राखी से पहले 30वीं किस्त जारी कर हम सभी बहनों की खुशियां दोगुनी कर दी हैं। इसके लिए मैं विष्णु भैया का हृदय से धन्यवाद करती हूं।”
महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश सरकार महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। योजना से मिलने वाली राशि महिलाओं की व्यक्तिगत जरूरतों के साथ-साथ परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में उपयोगी साबित हो रही है। इससे महिलाओं में आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और आर्थिक निर्णय लेने की क्षमता को भी बल मिल रहा है।
रक्षाबंधन जैसे आत्मीय पर्व के अवसर पर मिली 30वीं किस्त ने श्रीमती वर्षा राठौर सहित प्रदेश की लाखों बहनों के लिए इस पर्व की खुशियों को और बढ़ा दिया है। उनके लिए यह राशि केवल एक हजार रुपये की सहायता नहीं, बल्कि संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णु भैया की ओर से बहनों के सम्मान, भरोसे और आत्मीयता का उपहार बनकर आई है।
सातवें वेतनमान के पेंशनरों को अब 58 प्रतिशत और छटवें वेतमान के पेंशनरों को मिलेगा 257 प्रतिशत महंगाई राहत
1 जनवरी 2026 से मिलेगा लाभ
रायपुर. अगस्त 2026. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नगरीय निकायों के पेंशनरों के महंगाई राहत में वृद्धि की है। सातवें वेतनमान के पेंशनरों को अब 58 प्रतिशत और छटवें वेतनमान के पेंशनरों को 257 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत दिया जाएगा। पेंशनरों और परिवार पेंशनधारियों को 1 जनवरी 2026 से इसका लाभ मिलेगा। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने मंत्रालय से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक को महंगाई राहत में बढ़ोतरी का पत्र जारी किया है।
नगरीय प्रशासन विभाग ने 1 सितम्बर 2025 से 31 दिसम्बर 2025 तक की अवधि के लिए भी महंगाई राहत में वृद्धि की है। सातवें वेतनमान के पेंशनरों और परिवार पेंशनधारियों को इस अवधि में 55 प्रतिशत तथा छटवें वेतनमान के पेंशनरों और परिवार पेंशनधारियों को 252 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत मिलेगी।
आधुनिक कृषि तकनीक से गांव की तस्वीर बदल रहीं हेमलता मनहर
सालाना 1 से 2 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर बनीं महिलाओं के लिए प्रेरणा
रायपुर, अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ में महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए संचालित योजनाएं अब ग्रामीण महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध करा रही हैं। जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम पोड़ी निवासी श्रीमती हेमलता मनहर ऐसी ही प्रेरणादायी महिला हैं, जिन्होंने तकनीक को रोजगार का माध्यम बनाकर अपनी पहचान बनाई है। आज वे अपने क्षेत्र में सम्मान के साथ ‘ड्रोन दीदी’ के नाम से पहचानी जाती हैं।
नमो ड्रोन दीदी योजना ने दिखाई नई राह
श्रीमती हेमलता मनहर ने नमो ड्रोन दीदी योजना से जुड़कर आधुनिक कृषि तकनीक को अपनाया। ड्रोन के माध्यम से वे किसानों के खेतों में नैनो उर्वरक एवं कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कर रही हैं। इससे किसानों के समय और श्रम की बचत हो रही है, वहीं हेमलता के लिए यह सम्मानजनक स्वरोजगार और नियमित आय का जरिया बन गया है।
तकनीक के क्षेत्र में कदम रखकर हेमलता ने यह साबित किया है कि ग्रामीण महिलाएं भी आधुनिक तकनीक को आसानी से अपना सकती हैं और उसे अपनी आजीविका का मजबूत आधार बना सकती हैं। उनकी सफलता गांव की अन्य महिलाओं को भी नए अवसर तलाशने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही है।
सालाना 1 से 2 लाख रुपये तक की आय
ड्रोन संचालन से कृषि कार्य करने पर श्रीमती हेमलता प्रतिवर्ष लगभग 1 से 2 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। इस आय से वे परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ बच्चों की शिक्षा में भी सहयोग कर रही हैं। उनके लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ समाज में मिली नई पहचान भी बड़ी उपलब्धि है।
हेमलता बताती हैं कि पहले उनकी दिनचर्या मुख्य रूप से घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित थी, लेकिन शासन की योजनाओं से मिले अवसर ने उन्हें अपनी क्षमता पहचानने और आगे बढ़ने का अवसर दिया। आज वे स्वयं रोजगार अर्जित करने के साथ किसानों की मदद कर रही हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं।
महतारी वंदन से मिला अतिरिक्त आर्थिक संबल
श्रीमती हेमलता महतारी वंदन योजना से भी लाभान्वित हो रही हैं। योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता उनके परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में सहायक है। नमो ड्रोन दीदी योजना से प्राप्त रोजगार और महतारी वंदन से मिले आर्थिक संबल ने उनकी आर्थिक स्थिति को और मजबूत किया है।
वे कहती हैं कि महिलाओं को केवल सहायता ही नहीं, बल्कि आगे बढ़ने के अवसर भी मिलना जरूरी है। जब महिलाओं को आर्थिक सहयोग के साथ कौशल और तकनीक से जोड़ा जाता है, तो वे अपने परिवार के साथ-साथ समाज और प्रदेश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
‘विष्णु भैया’ की योजनाओं से बहनों को मिल रहा सम्मान और अवसर
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रीमती हेमलता मनहर कहती हैं, “हमारे विष्णु भैया बहनों के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। शासन की योजनाओं ने महिलाओं को आगे बढ़ने, आत्मनिर्भर बनने और अपने सपनों को साकार करने का अवसर दिया है।”
हेमलता की कहानी छत्तीसगढ़ की उन ग्रामीण महिलाओं की बदलती तस्वीर को सामने लाती है, जो अब केवल परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि तकनीक, स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं के सहारे आर्थिक रूप से मजबूत होकर विकास की नई इबारत लिख रही हैं। नमो ड्रोन दीदी योजना से मिला ड्रोन उनके हाथों में केवल तकनीक नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता के पंख बन गया है।
‘विष्णु भैया’ के उपहार से बहनों के सपनों को मिली उड़ान, महतारी वंदन से प्रेमलता बनीं आत्मनिर्भर
31वीं किस्त से बढ़ा रक्षाबंधन का उत्साह, ममता राजवाड़े ने कहा—विष्णु भैया का यह उपहार बहनों के लिए बना सहारा
रायपुर, अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बन रही है। योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता राशि महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ परिवार की जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभाने में सहयोग दे रही है। रक्षाबंधन पर्व से पहले योजना की 31वीं किस्त मिलने से प्रदेश की बहनों के लिए त्योहार की खुशियां और भी बढ़ गई हैं।
सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत लटोरी निवासी ममता राजवाड़े भी महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हो रही हैं। ममता महिमा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं और जेंडर गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि योजना के तहत उन्हें प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि नियमित रूप से प्राप्त हो रही है। रक्षाबंधन से पहले 31वीं किस्त समय पर मिलने से इस बार त्योहार की तैयारियां उनके लिए आसान हो गई हैं।
ममता ने बताया कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और विश्वास का पर्व है। महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि ने इस पर्व की तैयारियों में उनका सहारा बढ़ाया है। किस्त मिलने के बाद उन्होंने अपने भाई के लिए राखी, मिठाई और आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की। इससे त्योहार की तैयारियां सहज हुईं और परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव भी नहीं पड़ा।
महिलाओं की जरूरतों का बन रहा नियमित सहारा
ममता ने कहा कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता महिलाओं के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है। इस राशि से महिलाएं अपनी छोटी-बड़ी जरूरतें पूरी करने के साथ परिवार के खर्चों में भी सहयोग कर पा रही हैं। योजना ने महिलाओं को आर्थिक निर्णयों में भागीदारी बढ़ाने और आत्मविश्वास के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने का अवसर दिया है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार की यह पहल उनके जैसे अनेक परिवारों के लिए आर्थिक सहारा बनी है। नियमित सहायता राशि से जरूरत के समय किसी के सामने हाथ फैलाने की स्थिति कम हुई है और महिलाओं में आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हुई है।
“विष्णु भैया का यह उपहार बहनों के लिए किसी सौगात से कम नहीं”
ममता राजवाड़े ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें अपना “विष्णु भैया” बताया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त मिलना बहनों के लिए किसी उपहार से कम नहीं है। उन्होंने कहा, “विष्णु भैया की सरकार बहनों के सम्मान और जरूरतों का ध्यान रख रही है। रक्षाबंधन के समय मिली सहायता से त्योहार की खुशियां बढ़ी हैं और हमें आर्थिक संबल मिला है।”
ममता ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में नई उम्मीद, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का संचार कर रही है। उन्होंने योजना के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि महिलाओं के हाथ में नियमित आर्थिक सहायता पहुंचने से वे सम्मानपूर्वक अपने पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन कर पा रही हैं।
महतारी वंदन की 31वीं किस्त से सरिता राजवाड़े के परिवार में आई रक्षाबंधन की खुशियां
राखी, मिठाई और भाई के लिए उपहार के साथ परिवार की जरूरतें पूरी करने में भी मिल रहा आर्थिक संबल
रायपुर, अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए संचालित महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के लिए नियमित आर्थिक संबल का मजबूत आधार बन रही है। योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि से महिलाएं परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ पर्व-त्योहारों की खुशियां भी आत्मविश्वास के साथ मना रही हैं। रक्षाबंधन पर्व से पहले योजना की 31वीं किस्त मिलने से सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत झुमरपारा की निवासी सरिता राजवाड़े के परिवार में भी खुशियों का माहौल है।
सरिता राजवाड़े ने बताया कि महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त मिलने से उन्हें काफी खुशी हुई है। रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व से पहले आर्थिक सहायता मिलने से अब वे अपने भाई के लिए राखी, मिठाई और उपहार खरीद सकेंगी। उनके लिए यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि भाई-बहन के प्रेम और स्नेह के पर्व को पूरे उत्साह से मनाने का अवसर भी लेकर आई है।
उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और आत्मीयता का पर्व है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके सुख, समृद्धि और दीर्घायु की कामना करती है। महतारी वंदन योजना की राशि मिलने से इस बार वे भी अपने भाई के लिए पसंद की राखी और मिठाई खरीदने के साथ उन्हें उपहार दे सकेंगी। इससे त्योहार की खुशियां और भी बढ़ गई हैं।
परिवार की जरूरतों में भी बन रहा सहारा
सरिता ने बताया कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित राशि परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में भी मददगार साबित हो रही है। घरेलू आवश्यकताओं, बच्चों की जरूरतों और आजीविका से जुड़े खर्चों में इस राशि का उपयोग किया जा रहा है। नियमित आर्थिक सहायता से परिवार के छोटे-बड़े खर्चों को व्यवस्थित करने में सहूलियत मिलती है और अचानक सामने आने वाली जरूरतों के लिए भी आर्थिक सहारा मिलता है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के हाथ में सीधे आर्थिक सहायता पहुंचने से वे अपनी और परिवार की जरूरतों के अनुसार राशि का बेहतर उपयोग कर पा रही हैं। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हो रही है। रक्षाबंधन के अवसर पर मिलने वाली राशि से जहां वे अपने भाई के लिए राखी, मिठाई और उपहार खरीदेंगी, वहीं परिवार की अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में भी यह आर्थिक सहायता उपयोगी होगी।
“रक्षाबंधन से पहले विष्णु भैया ने दिया खुशियों का उपहार”
सरिता राजवाड़े ने महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन से पहले मिली यह राशि उनके लिए किसी उपहार से कम नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “राखी के इस पावन पर्व पर विष्णु भैया ने बहनों को आर्थिक संबल देकर खुशियों का उपहार दिया है। महतारी वंदन योजना से बहनों का आत्मविश्वास बढ़ा है और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में भी सहारा मिल रहा है।”
आरोपी पिता-पुत्र गिरफ्तार
पंचायत सचिव निलंबित
126 पशुओं को गौशालाओं में सुरक्षित पहुंचाया
रायपुर अगस्त 2026/बेमेतरा जिले की दाढ़ी तहसील अंतर्गत ग्राम हेमाबंद में आवारा एवं घुमंतू पशुओं को अनाधिकृत रूप से बंधक बनाकर रखने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल पशु चिकित्सक को मौके पर भेजकर जांच कराई। प्रथमदृष्टया शिकायत सही पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी दिलीप राय के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर उसे और उसके पुत्र संजय राय को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया है।
पुलिस के अनुसार, हेमाबंद निवासी दिलीप राय (55 वर्ष) और संजय राय (35 वर्ष) के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 325, 299, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(क), 11(1)(ज) तथा छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाया
प्रशासन ने मामले में केवल एफआईआर तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी। आरोपी द्वारा कब्जा की गई शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई 25 अगस्त को पूर्ण कर ली गई है। साथ ही आरोपी द्वारा उपयोग किए गए जब्त ट्रैक्टर के संबंध में राजसात की कार्रवाई भी पुलिस द्वारा प्रारंभ कर दी गई है।
126 पशुओं को गौशालाओं में पहुंचाया
मौके पर मिले 126 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। इसके बाद सभी पशुओं को वहां से हटाकर जिले की अन्य गौशालाओं में सुरक्षित रूप से व्यवस्थापित किया गया है। पशुओं के स्वास्थ्य एवं उपचार की निगरानी के लिए संबंधित गौशालाओं में विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मृत पशुओं की मौत की भी होगी जांच
जांच के दौरान गांव की सरहद में कुछ मृत पशु भी पाए गए हैं। इन पशुओं की मृत्यु किन परिस्थितियों और किन कारणों से हुई, इसका पता लगाने के लिए तीन पशु चिकित्सकों की टीम गठित की गई है। टीम द्वारा आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण एवं जांच की जा रही है।
पंचायत सचिव निलंबित
मामले में पंचायत स्तर पर कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही को भी प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। श्री प्रकाश कोशले, सचिव ग्राम पंचायत हेमाबंद को अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के मामले में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पशुओं के प्रति क्रूरता, शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे अथवा अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। हेमाबंद मामले में भी दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा रही है।जिला प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मांग आधारित आवासीय परियोजनाओं से हितग्राहियों को मिलेगा लाभ
मंत्री श्री चौधरी ने सेक्टर-12 फेस-2 में 119.89 करोड़ रुपए की आवासीय परियोजना का किया भूमिपूजन
मांग के अनुरूप 704 नए फ्लैट का भी शीघ्र होगा निर्माण, गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मंत्री श्री चौधरी ने लगाया पीपल का पौधा
रायपुर, अगस्त 2026/ आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने आज नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-12 फेस-2 में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की 119.89 करोड़ रुपए की आवासीय परियोजना का भूमिपूजन किया। मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर में आवासीय सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि परियोजना के अंतर्गत HIG एवं MIG श्रेणी के कुल 348 भवनों का निर्माण किया जाएगा। आवासों की बढ़ती मांग को देखते हुए इसी सेक्टर में आगामी चरण में 704 नए फ्लैट का निर्माण भी शीघ्र किया जाएगा।
बिना मांग के नहीं होगी नई आवासीय परियोजना : मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी
मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को नई दिशा देने के लिए कई महत्वपूर्ण नीतिगत सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि एक समय कर्ज से जूझ रहे मंडल को लगभग 700 करोड़ रुपए का ऋण चुकाकर कर्जमुक्त किया गया। इसके बाद मंडल की कार्यप्रणाली में सुधार करते हुए यह नीति निर्धारित की गई कि बिना मांग के किसी स्थान पर आवासीय परियोजना शुरू नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि किसी परियोजना में 60 प्रतिशत बुकिंग होने अथवा प्रथम तीन माह में 30 प्रतिशत बुकिंग होने के बाद ही टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इससे मांग आधारित और व्यावहारिक आवासीय परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा तथा बिना मांग के निर्मित होकर लंबे समय तक खाली रहने वाले भवनों की समस्या से भी निजात मिलेगी।
गुणवत्ता के नए मानदंड स्थापित करे हाउसिंग बोर्ड
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि एक प्रोफेशनल ऑर्गेनाइजेशन के रूप में अपनी पहचान मजबूत करनी है। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल सरकारी SOR के आधार पर कार्य करने के बजाय आवश्यकतानुसार उससे बेहतर गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जाना चाहिए। भवनों में गुणवत्तापूर्ण टाइल्स, फिटिंग्स और आकर्षक एवं आधुनिक रंगों का उपयोग किया जाए, ताकि हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियां सरकारी परियोजनाओं की पारंपरिक छवि से अलग दिखाई दें। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता में सुधार के लिए यदि परियोजना की लागत में 5 से 10 प्रतिशत तक वृद्धि भी होती है, तो इसे उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। आने वाले समय में हाउसिंग बोर्ड की परियोजनाओं में गुणवत्ता का नया मानदंड स्थापित किया जाना चाहिए।
आरडब्ल्यूए को मजबूत कर समय पर कॉलोनियां हैंडओवर करने पर जोर
आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री चौधरी ने हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को मजबूत करने और कॉलोनियों का समय पर हैंडओवर सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कॉलोनी के विकास एवं रखरखाव की जिम्मेदारी सरकार के साथ-साथ रहवासियों की भी है। दोनों पक्षों को अपनी-अपनी जिम्मेदारियां निभानी होंगी। उन्होंने सेक्टर-12 के रहवासियों से RWA का गठन कर कॉलोनी के रखरखाव में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। साथ ही नए हितग्राहियों से निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी में सहयोग करने और किसी भी कमी की जानकारी मंडल के अध्यक्ष, आयुक्त अथवा संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की।
रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन की राशि बनी बहनों के लिए शगुन, बलरामपुर की रानी, प्रमिला और करिश्मा के चेहरे पर आई मुस्कान
महतारी वंदन की 31वीं किस्त से बहनों को मिला आर्थिक संबल
राखी-मिठाई से लेकर घर की जरूरतें पूरी करने में मिल रही मदद
रायपुर , अगस्त 2026/ रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और आत्मीय रिश्ते का पर्व है। इस पर्व पर भाई अपनी बहनों को स्नेह और उपहार देकर उनके जीवन में खुशियां भरते हैं।
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए इसी अपनत्व और भरोसे का अहसास बन रही है। रक्षाबंधन से पहले योजना की 31वीं किस्त के रूप में महिलाओं के खातों में पहुंची एक हजार रुपये की राशि ने इस बार त्योहार की खुशियों को और बढ़ा दिया है।
बलरामपुर की वार्ड क्रमांक-01 निवासी श्रीमती रानी एक्का के लिए महतारी वंदन की राशि राखी से पहले मिले भाई के उपहार जैसी है। खाते में राशि पहुंचने पर खुशी जाहिर करते हुए रानी कहती हैं कि रक्षाबंधन आने वाला है और ऐसे समय में एक हजार रुपये की राशि मिलना उनके लिए बहुत खुशी की बात है। उन्हें ऐसा महसूस होता है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश की बहनों को राखी का उपहार पहले ही भेज दिया है। उनके अनुसार यह राशि घर की जरूरतों में सहयोग देने के साथ छोटे-छोटे खर्चों के लिए आत्मनिर्भर बनने का भरोसा भी देती है।
विकासखण्ड बलरामपुर के ग्राम पंचायत भनौरा की श्रीमती प्रमिला विश्वकर्मा के लिए भी महतारी वंदन की 31वीं किस्त रक्षाबंधन का खास शगुन बनकर आई है। योजना के तहत उन्हें हर महीने एक हजार रुपये की सहायता राशि मिलती है और अब तक 30 हजार रुपये की राशि प्राप्त हो चुकी है। रक्षाबंधन से ठीक पहले मिली नई किस्त से वह अपने भाई के लिए राखी और मिठाई खरीदकर पूरे उत्साह के साथ पर्व मनाने की तैयारी कर रही हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को आत्मीयता से ‘विष्णु भैया’ कहते हुए प्रमिला कहती हैं कि भैया ने रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों को जो शगुन दिया है, वह उनके लिए बहुत खास है।
इसी तरह ग्राम डुमरखी की श्रीमती करिश्मा देवी के लिए महतारी वंदन की राशि त्योहार की तैयारियों में आत्मविश्वास का संबल लेकर आई है। खाते में राशि पहुंचने से अब उन्हें भाई के लिए राखी और मिठाई खरीदने के लिए किसी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। करिश्मा कहती हैं कि इस बार महतारी वंदन की राशि से रक्षाबंधन की तैयारी करना उन्हें और भी अच्छा लग रहा है। वह कहती हैं कि “विष्णु भैया का यही अरमान है कि हर बहन के चेहरे पर मुस्कान रहे।”
रानी, प्रमिला और करिश्मा की कहानी केवल तीन परिवारों की खुशियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस बदलाव की तस्वीर है, जिसमें महतारी वंदन योजना महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल देकर उन्हें अपनी जरूरतों और खर्चों के संबंध में निर्णय लेने का अवसर दे रही है। घर की छोटी-बड़ी जरूरतों से लेकर त्योहारों की तैयारी तक, यह राशि महिलाओं के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को मजबूत कर रही है।
रक्षाबंधन के अवसर पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर प्रेम और विश्वास का धागा बांधेंगी। वहीं प्रदेश की बहनों के लिए महतारी वंदन योजना का नियमित आर्थिक संबल भी भरोसे और सम्मान का एक ऐसा धागा बन रहा है, जो उन्हें हर महीने यह एहसास दिलाता है कि विष्णु भैया की सरकार उनके साथ खड़ी है।
इस रक्षाबंधन बहनों की कलाई पर राखी का धागा होगा, घर में मिठाई की मिठास होगी और खातों में महतारी वंदन का संबल। बहनों के चेहरे की मुस्कान में यही भाव झलक रहा है—“राखी के धागे में विश्वास अपार, बहनों के साथ विष्णु भैया की सरकार।”
छत्तीसगढ़ को पर्यटन के वैश्विक नक्शे पर लाने की तैयारी
चित्रकोट, सिरपुर से लेकर धार्मिक पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग तक व्यापक कार्ययोजना
रायपुर, अगस्त 2026/ पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने आज अपने विभागों की उपलब्धियों, योजनाओं और आगामी प्राथमिकताओं की जानकारी मीडिया के माध्यम से आम जनता तक पहुंचाई। श्री अग्रवाल आज नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता में मीडिया से रूबरू हुए। प्रेस वार्ता में पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री सौमिल रंजन चौबे, संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे तथा छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की डीजीएम श्रीमती पूनम शर्मा प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।
प्रेस वार्ता की शुरुआत पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन द्वारा छत्तीसगढ़ पर्यटन से संबंधित महत्वपूर्ण उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की विस्तृत प्रस्तुति के साथ हुई। मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने विभागीय उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को प्रकृति ने चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे जलप्रपात, बस्तर और सरगुजा की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, सिरपुर जैसी ऐतिहासिक विरासत तथा मां दंतेश्वरी और मां महामाया जैसे प्रमुख आस्था केंद्रों की समृद्ध विरासत प्रदान की है। सरकार का लक्ष्य इन प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संपदाओं को देश और दुनिया के सामने नई पहचान दिलाना है।
पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहन
मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि पिछले लगभग ढाई वर्षों में पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। फिल्म सिटी निर्माण के लिए 203 करोड़ 53 लाख के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। फिल्म पर्यटन और बड़े आयोजनों को बढ़ावा देने के लिए फिल्म सिटी एवं कन्वेंशन सेंटर के विकास की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 350 करोड़ है।
61 ट्रेनों से 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए अयोध्या-काशी के दर्शन
श्री अग्रवाल ने बताया कि सरकार की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी पहल श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के अंतर्गत आईआरसीटीसी के सहयोग से अब तक 61 ट्रेनों का सफल संचालन किया जा चुका है। इनके माध्यम से 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या और काशी के दर्शन कराए जा चुके हैं। सरकार का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के नागरिकों के लिए धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को अधिक सुगम, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाना है।
होमस्टे और स्थानीय रोजगार पर विशेष जोर
पर्यटन मंत्री ने बताया कि पर्यटन का वास्तविक लाभ स्थानीय परिवारों तक पहुंचाने के उद्देश्य से होमस्टे और स्थानीय पर्यटन अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे स्थानीय भोजन, हस्तशिल्प और युवाओं को पर्यटन से जोड़ने के अवसर बढ़ेंगे। पर्यटन व्यवसाय के औपचारिक पंजीकरण में भी वृद्धि हुई है। वर्तमान में लगभग 390 से अधिक टूर ऑपरेटर एवं ट्रैवल एजेंट तथा 26 होटल पंजीकृत हैं। पर्यटक गाइड, आतिथ्य, फिल्म निर्माण, पर्यटन संचालन और डिजिटल कंटेंट जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर कम से कम 500 स्थानीय युवाओं को पर्यटन आधारित रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
चित्रकोट को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य बनाने की तैयारी
मंत्री ने बताया कि बस्तर को छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन आकर्षणों में से एक बताते हुए चित्रकोट को केवल जलप्रपात के रूप में नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। वहीं सिरपुर के विस्तृत पर्यटन विकास के लिए एकीकृत मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। मैनपाट और जशपुर जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन क्षेत्रों में भी पर्यटक सुविधाओं एवं अनुभव को बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं।