ईश्वर दुबे
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Bhilai
60 गांवों के हजारों ग्रामीणों को घर के नजदीक मिलेंगी बैंकिंग सुविधाएं, वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी
किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों के लिए आसान होगी ऋण और वित्तीय सेवाओं तक पहुंच
मुख्यमंत्री ने पंडरीपानी, अंबाकछार और सीमाबाड़ी में मिनी स्टेडियम सहित अनेक विकास कार्यों की घोषणा की
रायपुर, अगस्त 2026/ रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड के पंडरीपानी और आसपास के करीब 60 गांवों के ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग आज पूरी हुई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पंडरीपानी में भारतीय स्टेट बैंक की नवीन शाखा एवं भवन का विधिवत शुभारंभ किया। इस शाखा के प्रारंभ होने से क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को अब बैंकिंग सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें अपने घर के नजदीक ही ऋण, बचत, बीमा तथा विभिन्न बैंकिंग सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने नवीन शाखा के शुभारंभ पर क्षेत्रवासियों और भारतीय स्टेट बैंक की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सुविधाओं का गांवों तक विस्तार वित्तीय समावेशन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बैंक की शाखा खुलने से केवल आर्थिक लेन-देन की सुविधा ही नहीं बढ़ती, बल्कि किसानों, छोटे व्यापारियों, युवाओं और स्वरोजगार से जुड़े लोगों के लिए आर्थिक प्रगति के नए अवसर भी तैयार होते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंडरीपानी और आसपास के ग्रामीणों को अब तक अपने बैंकिंग कार्यों के लिए लगभग पांच किलोमीटर दूर फरसाबहार जाना पड़ता था। पंडरीपानी में एसबीआई की शाखा शुरू होने से बोखी, सहसपुर, भगोरा, बनगांव, सीमाबाड़ी, मुंडाडीह और सरईटोली सहित आसपास के करीब 60 गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे ग्रामीणों के समय और संसाधनों की बचत होने के साथ ही बैंकिंग सेवाओं तक उनकी पहुंच और आसान होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार का प्रयास है कि गांवों तक आधुनिक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचे और समाज के अंतिम व्यक्ति को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ा जाए। बैंक शाखा के माध्यम से किसानों को कृषि ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड, छोटे व्यापारियों एवं उद्यमियों को व्यवसाय के लिए ऋण तथा आम नागरिकों को गृह ऋण, वाहन ऋण और शिक्षा ऋण जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगी। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शाखा के औपचारिक शुभारंभ से पहले ही लगभग 200 लोगों ने यहां अपने बैंक खाते खुलवा लिए हैं, जो क्षेत्र में बैंकिंग सेवाओं की आवश्यकता और ग्रामीणों के उत्साह को दर्शाता है।
क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई गति, मुख्यमंत्री ने की अनेक घोषणाएं
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर पंडरीपानी सहित आसपास के क्षेत्रों में अधोसंरचना और खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने पंडरीपानी में मिनी स्टेडियम तथा पंडरीपानी बाजारपारा में मंगल भवन निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही अंबाकछार और सीमाबाड़ी में भी मिनी स्टेडियम बनाए जाएंगे। इन सुविधाओं के विकसित होने से ग्रामीण क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को अभ्यास और अपनी प्रतिभा निखारने के लिए बेहतर अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने हाथीबेड़ से कोतबा गांधी चौक तक लगभग सात किलोमीटर सड़क निर्माण की भी घोषणा की। इसके अलावा मेन रोड सिसरिंगा में 10 लाख रुपये की लागत से सीसी रोड, हाईस्कूल मैदान में चेंजिंग रूम तथा हाईस्कूल प्रांगण के जीर्णोद्धार की घोषणा की। उन्होंने मूंगी दरबार में पुलिया निर्माण की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, शिक्षा, खेल और सामुदायिक अधोसंरचना का विस्तार ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता बेहतर करने और विकास को गति देने के लिए आवश्यक है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर सुरक्षित वापसी और आवश्यक सहायता के लिए सरकार तत्पर
रायपुर अगस्त 2026/ नेपाल में बाढ़ एवं भूस्खलन के कारण फंसे छत्तीसगढ़ के नागरिकों की सहायता के लिए राज्य सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
प्रदेश के नागरिक अथवा उनके परिजन सहायता एवं आवश्यक जानकारी के लिए आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन 1070 तथा दूरभाष +91-771-2223471 पर संपर्क कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार अपने प्रत्येक नागरिक के साथ खड़ी है। फंसे नागरिकों की सुरक्षित वापसी एवं आवश्यक सहायता के लिए सरकार पूरी तत्परता से कार्य कर रही है।
रायपुर अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नेपाल में भीषण बाढ़ एवं भूस्खलन से हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत लोगों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में पूरा भारत एकजुटता के साथ नेपाल के पीड़ितों के साथ खड़ा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान पशुपतिनाथ से दिवंगत आत्माओं की शांति, शोकसंतप्त परिवारों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने तथा लापता लोगों के सकुशल होने की प्रार्थना की है।
वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए कुल 82 लोगों को दिए जाएंगे पुरस्कार और सम्मान
मुख्यमंत्री ट्रॉफी के लिए 5 दलों के कुल 43 खिलाड़ी व कोच चयनित
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय खेल दिवस पर 29 अगस्त को खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को देंगे राज्य अलंकरण
रायपुर . अगस्त 2026. राज्य शासन द्वारा खेल अलंकरणों के लिए चयनित खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों की सूची जारी कर दी गई है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा विगत तीन वर्षों 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए कुल 82 लोगों को पुरस्कार और सम्मान दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ट्रॉफी के लिए 5 दलों के कुल 43 खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का चयन किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राष्ट्रीय खेल दिवस पर 29 अगस्त को इन खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को राज्य अलंकरण प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य और उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव की अध्यक्षता में राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य अलंकरण समारोह में शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद पंकज विक्रम सम्मान, शहीद विनोद चौबे सम्मान और मुख्यमंत्री ट्राॅफी के लिए चयनित खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को पुरस्कृत एवं सम्मानित किया जाएगा।
पंडरीपानी में रक्षाबंधन एवं बहनों से संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय
बहनों ने बांधी राखी, मुख्यमंत्री ने उपहार भेंट कर जताया स्नेह
फरसाबहार और भेलवा में महतारी सदन निर्माण की घोषणा
महिला स्व-सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों के विस्तार के लिए मिला आर्थिक संबल
मुख्य मार्ग से दानी मोड़ा बस्ती तक सड़क निर्माण के लिए ₹3.23 करोड़ की स्वीकृति
अगस्त 2026/ रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट स्नेह, विश्वास और आत्मीयता का पर्व है। जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड के ग्राम पंडरीपानी में बुधवार को इस पावन पर्व की यही भावना उस समय और जीवंत हो उठी, जब बड़ी संख्या में क्षेत्र की माताओं-बहनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने भी बहनों को उपहार भेंट कर उनके प्रति अपना स्नेह और सम्मान व्यक्त किया। पूरे कार्यक्रम में भाई-बहन के आत्मीय रिश्ते के साथ बहनों के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति सरकार के संकल्प की झलक दिखाई दी।
ग्राम पंडरीपानी में आयोजित ‘रक्षाबंधन एवं बहनों से संवाद’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने बहनों से आत्मीय संवाद किया और उनकी बातें सुनीं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं है, बल्कि बहनों के सम्मान, सुरक्षा और सुखद भविष्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी को दोहराने का भी अवसर है। छत्तीसगढ़ की हर माता-बहन आत्मनिर्भर बने, उन्हें आगे बढ़ने के अवसर मिलें और परिवार तथा समाज के निर्णयों में उनकी भूमिका और मजबूत हो, इसी उद्देश्य के साथ राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिलाओं का सम्मान और सशक्तिकरण ही समृद्ध छत्तीसगढ़ की मजबूत आधारशिला है। जब महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त होती हैं तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है और परिवार की समृद्धि से समाज एवं प्रदेश की प्रगति का मार्ग प्रशस्त होता है। राज्य सरकार की योजनाओं के केंद्र में माताओं-बहनों का सम्मान, स्वावलंबन और बेहतर भविष्य है।
पंडरीपानी को विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर ग्राम पंडरीपानी में लगभग ₹64 लाख के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें महतारी सदन का लोकार्पण भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी सदन गांव की महिलाओं के लिए सामूहिक प्रयासों, आर्थिक गतिविधियों और आत्मनिर्भरता का केंद्र बनेगा।
महतारी सदन में महिलाओं के लिए बैठक कक्ष, प्रशिक्षण की सुविधा, रसोईघर और शौचालय सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे महिला स्व-सहायता समूहों और महिला संगठनों को अपनी बैठकें, प्रशिक्षण तथा विभिन्न आजीविका गतिविधियां संचालित करने के लिए सुविधाजनक और सम्मानजनक स्थान उपलब्ध होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में ग्राम पंचायत फरसाबहार और भेलवा में भी महतारी सदन के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने मुख्य मार्ग से दानी मोड़ा बस्ती तक सड़क निर्माण के लिए ₹3 करोड़ 23 लाख की स्वीकृति प्रदान किए जाने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में बेहतर अधोसंरचना के निर्माण के साथ महिलाओं और ग्रामीण परिवारों के जीवन को सुविधाजनक बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
महतारी वंदन ने बहनों को दिया आर्थिक आत्मविश्वास
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि योजना के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। यह राशि बहनों को अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए आर्थिक संबल देने के साथ उनके आत्मविश्वास को भी मजबूत कर रही है।
उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के पावन पर्व को ध्यान में रखते हुए हाल ही में प्रदेश की 67 लाख से अधिक माताओं-बहनों के खातों में महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में ₹631 करोड़ से अधिक की राशि अंतरित की गई है। त्योहार को देखते हुए सितंबर माह की राशि अग्रिम रूप से जारी की गई, ताकि बहनें उत्साह और उल्लास के साथ रक्षाबंधन का पर्व मना सकें।
बहनों के लिए भेंट का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक समय
रायपुर, अगस्त 2026/ रक्षाबंधन के पावन अवसर पर केन्द्रीय जेल रायपुर में बंदियों को राखी बांधने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। जेल प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार 28 अगस्त 2026 को सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक केवल बहनों को ही बंदियों से मिलने और राखी बांधने के लिए जेल के भीतर प्रवेश की अनुमति होगी।
जेल में प्रवेश और मुलाकात के लिए दिशा-निर्देश जारी
मुलाकात के लिए आने वाली बहनों के पास वैध पहचान-पत्र होना आवश्यक है। गहन जांच के बाद ही प्रवेश मिलेगा। सुरक्षा कारणों से एक बंदी से मिलने और राखी बांधने के लिए अधिकतम 3 बहनों को ही प्रवेश दिया जाएगा। बहनों को प्रति बंदी केवल 100 ग्राम मिठाई ले जाने की छूट होगी, जिसकी पहले जांच की जाएगी। मिठाई के अलावा अन्य कोई भी खाद्य पदार्थ पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। मोबाइल, पर्स, नकदी और किसी भी प्रकार का कीमती सामान जेल के भीतर ले जाना सख्त मना है। जेल परिसर में इन्हें जमा कराने की कोई व्यवस्था नहीं होगी, इसलिए परिजनों को सलाह दी गई है कि वे ये सामान साथ न लाएं।
सुरक्षा के दृष्टिगत जेल प्रवेश से पहले महिला कर्मचारियों द्वारा तीन स्तरों पर तलाशी ली जा सकती है। केन्द्रीय जेल अधीक्षक ने सभी परिजनों से व्यवस्था बनाए रखने और तलाशी प्रक्रिया में जेल प्रशासन को पूर्ण सहयोग प्रदान करने की अपील की है।
पशु आहार संयंत्र से मिला रोजगार और नियमित आय
रायपुर, अगस्त 2026/ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) योजना के तहत बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड स्थित ग्राम अकलतरी की जय भारत महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। राखी के अवसर पर श्लखपति दीदियोंश् की यह सफलता राज्य में महिलाओं के बढ़ते आत्मविश्वास और आर्थिक सशक्तिकरण की कहानी बयां कर रही है।
समूह की दीदियां संयंत्र में पशु एवं पक्षी आहार का कर रही हैं गुणवत्तापूर्ण निर्माण
पशु आहार संयंत्र (ब्ंजजसम थ्ममक च्संदज) की स्थापना ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वरोजगार तथा बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही है। समूह की महिलाओं ने अपनी पारंपरिक आजीविका गतिविधियों से आगे बढ़कर गांव में बिलासा पशु आहार संयंत्र का संचालन शुरू किया है। समूह की दीदियां खुद ही इस संयंत्र में पशु एवं पक्षी आहार का गुणवत्तापूर्ण निर्माण किया जा रहा है। संयंत्र संचालन, मशीनरी ऑपरेटर, पैकेजिंग, लोडिंग-अनलोडिंग और गुणवत्ता जांच (फनंसपजल ब्वदजतवस) के लिए तकनीकी व गैर-तकनीकी कर्मचारियों की आवश्यकता होती है।
संयंत्र की मुख्य विशेषताएं और उपलब्धियां
छोटे या मध्यम स्तर का पशु आहार प्लांट शुरू करके कम लागत में मैन्युफैक्चरिंग व्यवसाय शुरू किया जा सकता है। जय भारत महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए संयंत्र में फीड ग्राइंडर एवं मिक्सर, फीड पैलेट और फीड क्रम्बल मशीनें जैसे आधुनिक मशीनों को स्थापित की गई हैं। समूह की दीदियां खुद ही संयंत्र संचालन, आहार निर्माण, पैकेजिंग और विपणन (मार्केटिंग) का पूरा काम संभाल रही हैं, जिसमें महिलाओं की पूर्ण भागीदारी है। स्थानीय स्तर पर ही पशु व पक्षी आहार उपलब्ध होने से ग्रामीण पशुपालकों और कुक्कुट पालकों के समय तथा परिवहन खर्च में भारी बचत हो रही है। यह पहल न केवल महिलाओं को नियमित आय प्रदान कर रही है, बल्कि गांव की समग्र अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही है।
विष्णुदेव साय सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप बिहान योजना महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। अकलतरी गांव का यह सफल प्रयास अन्य महिला समूहों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।
मुख्यमंत्री ने ग्राम कर्रा में मंगल भवन निर्माण की घोषणा की
प्रदेश के शक्तिपीठों को धार्मिक कॉरिडोर के रूप में जोड़ रही राज्य सरकार : मुख्यमंत्री श्री साय
रामलला दर्शन योजना से 50 हजार श्रद्धालुओं ने किए अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन
तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन की सुविधा, अब तक 10 हजार श्रद्धालु हुए लाभान्वित
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री ने माता श्रीमती जसमनी देवी साय के नाम लगाया रुद्राक्ष का पौधा
बलरामपुर - रामानुजगंज जिले के ग्राम कर्रा की पावन धरा पर श्री महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखंड राजपुर अंतर्गत ग्राम कर्रा में आयोजित श्री महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्राचीन बाबा कर्मेश्वर धाम में भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और उत्तरोत्तर प्रगति की कामना की।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर ग्राम कर्रा में मंगल भवन निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बाबा कर्मेश्वर की कृपा से यह क्षेत्र निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़े, इसके लिए राज्य सरकार आवश्यक विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम कर्रा की पावन भूमि पर श्री महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा का आयोजन होना अत्यंत सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कथावाचक आचार्य दिव्यानंद जी महाराज को नमन करते हुए आयोजन समिति और समस्त श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पवित्र श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है। भगवान भोलेनाथ से यही प्रार्थना है कि उनकी कृपा पूरे छत्तीसगढ़ पर बनी रहे और प्रत्येक परिवार में सुख, शांति एवं समृद्धि का वास हो।
छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक विरासत को सहेजने और संवारने का हो रहा कार्य
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ धर्म, संस्कृति और आस्था की समृद्ध परंपराओं की भूमि है। यह माता कौशल्या की जन्मभूमि और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। प्रदेश के गांव-गांव में प्राचीन शिवालयों, देवी मंदिरों और लोक आस्था के केंद्रों की गौरवशाली परंपरा रही है। राज्य सरकार इस समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों को धार्मिक कॉरिडोर के रूप में जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।
लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का भगवान श्रीराम से गहरा और आत्मीय संबंध है। राज्य सरकार की श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के श्रद्धालुओं को अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर मिल रहा है। अब तक लगभग 50 हजार श्रद्धालु इस योजना के माध्यम से अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों की धार्मिक आस्था और तीर्थ दर्शन की अभिलाषा को ध्यान में रखते हुए तीर्थ दर्शन योजना भी प्रारंभ की गई है। इसके अंतर्गत देशभर के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों को चिन्हांकित किया गया है। अब तक लगभग 10 हजार श्रद्धालु इस योजना का लाभ लेकर विभिन्न तीर्थ स्थलों के दर्शन कर चुके हैं।
शांति और विकास के नए दौर में आगे बढ़ रहा बस्तर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा कर्मेश्वर के आशीर्वाद और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। दशकों तक हिंसा से प्रभावित रहे क्षेत्रों में आज शांति और विकास का नया वातावरण बन रहा है। दूरस्थ क्षेत्रों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, संचार और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे प्रत्येक परिवार तक पहुंचे।
रायपुर :मनेंद्रगढ़ , चिरमिरी भरतपुर जिले के ग्राम चनवारीडांड की अनीता सिंह आज अपने हुनर को आत्मनिर्भरता की नई पहचान दे रही हैं। बिहान योजना से जुड़े स्व-सहायता समूह के साथ उन्होंने रक्षाबंधन के लिए आकर्षक राखियां तैयार कीं, जिन्हें हसदेव ब्रांड के नाम से बाजार और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी पहचान मिली।
अनीता बताती हैं कि समूह से जुड़ने के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और घर की जिम्मेदारियों के साथ आय अर्जित करने का अवसर मिला है। वहीं महतारी वंदन योजना से प्रतिमाह मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि ने रक्षाबंधन की खुशियों को और बढ़ा दिया।
अनीता ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए कहा कि “विष्णु भैया के नेतृत्व में महिलाओं को आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने के अवसर मिल रहे हैं।” अनीता की यह सफलता कहानी प्रदेश की उन बहनों के बढ़ते आत्मविश्वास की तस्वीर है, जिनके चेहरों की खुशी और होठों की मुस्कान में आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का सपना झलक रहा है।
रायपुर : विष्णु भैया का प्यार : महतारी वंदन योजना से मिला उपहार
रक्षाबंधन पर 31वीं किस्त पाकर पदमनी ने जताया मुख्यमंत्री का आभार
रायपुर /26 अगस्त 2026 एमसीबी जिले की पदमनी ने रक्षाबंधन के पहले महतारी वंदन योजना की एक हजार रुपये मिलने पर मुख्यमंत्री मंत्री विष्णु भैया के प्रति आभार जताया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मातृशक्ति सम्मान समारोह-2026 में महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में प्रदेश की 67.28 लाख बहनों के खातों में 631 करोड़ रूपए से अधिक की राशि अंतरित की। रक्षाबंधन से पहले मिली इस राशि से प्रदेश की महिलाओं में खुशी का माहौल है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के विकासखंड मनेन्द्रगढ़ के ग्राम नागपुर निवासी पदमनी वैष्णव भी इस सौगात से बेहद खुश हैं।
पदमनी वैष्णव ने बताया कि महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि उनके खाते में पहुंचने से रक्षाबंधन का त्योहार और भी खुशी से मनाने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का पर्व है। त्योहार से पहले आर्थिक सहायता मिलने से उन्हें राखी, मिठाई और फल खरीदने में सुविधा होगी। वे प्राप्त राशि का उपयोग रक्षाबंधन की तैयारियों में करेंगी और अपने परिवार के साथ खुशी से त्योहार मनाएंगी।
उन्होंने कहा कि समय से पहले इस राशि का मिलना हम महिलाओं के लिए बेहद खुशी की बात है। त्योहार से पहले राशि मिलने से रक्षाबंधन की तैयारियां करने में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे वे अपनी आवश्यकताओं के लिए परिवार पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहतीं। त्योहार के अवसर पर मिली यह राशि उनके लिए आर्थिक सहयोग के साथ-साथ खुशी और आत्मविश्वास का माध्यम भी बनी है।
पदमनी वैष्णव ने महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि समय पर उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार की इस पहल से बहनों के त्योहार की खुशियां और बढ़ी हैं।
रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में चलेंगी ई-बसें
नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा एवं केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के निदेशक श्री भानु प्रताप सिंह भदौरिया ने तैयारियों की समीक्षा की
शहरों की आवश्यकता के अनुरूप रूट प्लान, डिपो-चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक आधारित मॉनिटरिंग व्यवस्था विकसित करने के दिए निर्देश
रायपुर. अगस्त 2026. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आज केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के निदेशक श्री भानु प्रताप सिंह भदौरिया के साथ नगरीय प्रशासन एवं सूडा के अधिकारियों की बैठक लेकर प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में ई-बस सेवा की संचालन व्यवस्था, विस्तार, रूट प्लानिंग, बस स्टॉप, डिपो, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत छत्तीसगढ़ के चार नगर निगमों रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में कुल 240 इलेक्ट्रिक बसों की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इनके संचालन से इन चारों शहरों में स्वच्छ एवं आधुनिक सार्वजनिक परिवहन के साथ नागरिकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के संचालन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा तथा केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के निदेशक श्री भानु प्रताप सिंह भदौरिया ने कहा कि ई-बस सेवा के रूट का निर्धारण शहरों की वास्तविक परिवहन आवश्यकताओं और नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों, प्रमुख बाजारों, महत्वपूर्ण संस्थानों एवं अन्य जनोपयोगी स्थानों को ई-बस नेटवर्क से जोड़ने वाले रूट तैयार करने पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच बेहतर सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी विकसित हो सके।
उन्होंने ई-बसों के लिए शॉर्ट-टर्म एवं लॉन्ग-टर्म रूट प्लान तैयार करने तथा चरणबद्ध तरीके से रूट का अध्ययन करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रस्तावित रूटों की फेजवार स्टडी करते हुए यात्री संख्या, संभावित मांग, दूरी और कनेक्टिविटी के आधार पर उनकी व्यवहारिकता का आकलन करने को कहा। अधिक यात्री आवागमन वाले क्षेत्रों में मांग के अनुरूप रूट विकसित करने तथा विस्तृत अध्ययन के आधार पर रूट को अंतिम रूप देने पर जोर दिया गया।
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने ई-बस सेवा से संबंधित जानकारियों को नागरिकों के लिए स्पष्ट और सहज बनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि नागरिकों को आसानी से यह जानकारी उपलब्ध होनी चाहिए कि कितनी ई-बसें संचालित हो रही हैं, किन रूटों पर चल रही हैं तथा प्रत्येक रूट के स्टॉपेज कौन-कौन से हैं। उन्होंने इसके लिए रूट चार्ट एवं संबंधित विवरण व्यवस्थित रूप से तैयार एवं साझा करने के निर्देश दिए।
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बैठक में कहा कि योजना के सभी घटकों—रूट प्लानिंग, बस संचालन, डिपो, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बस स्टॉप एवं कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम को एकीकृत रूप से विकसित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने चारों शहरों में ई-बस के संचालन के लिए शहरवार जरूरत एवं उपलब्ध संसाधनों का आकलन करने तथा उसी आधार पर प्राथमिकताएं तय करने के निर्देश दिए। साथ ही योजना की प्रगति की नियमित रिपोर्टिंग एवं मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में महिलाओं के लिए विशेष बस सेवा शुरू करने की तैयारी पर भी चर्चा की गई। साथ ही महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ए आवश्यक रूट एवं संचालन व्यवस्था तैयार करने पर भी विचार किया गया।
छह टीमें लेंगी हिस्सा, राज्य के खिलाड़ियों को मिलेगा बड़ा मंच
प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के अनुभव और प्रतिस्पर्धी वातावरण से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी लीग – श्री अरुण साव
उप मुख्यमंत्री ने लोगो, टैगलाइन और शुभंकर का किया अनावरण
रायपुर. अगस्त 2026. छत्तीसगढ़ में हॉकी की नई तस्वीर गढ़ने की तैयारी है। राज्य के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा हॉकी इंडिया से मान्यता प्राप्त छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन का आयोजन किया जा रहा है। राजधानी रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में होने वाली यह लीग देश के किसी भी राज्य में आयोजित होने वाली पहली राज्य-स्तरीय हॉकी लीग होगी, जिसे हॉकी इंडिया लीग की तर्ज पर पूरी तरह प्रोफेशनल और व्यावसायिक स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। आयोजन की संभावित तिथियों 21 अक्टूबर से 1 नवम्बर तक लीग के मुकाबले खेले जाएंगे।
उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज राजधानी रायपुर के नवीन विश्राम भवन में लीग के लोगो, टैगलाइन और शुभंकर का अनावरण किया। उन्होंने लॉन्चिंग कार्यक्रम में लीग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लीग का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ की युवा हॉकी प्रतिभाओं को बड़ा मंच उपलब्ध कराना और उन्हें देश के श्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ खेलने तथा उनसे सीखने का अवसर देना है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, संचालक सुश्री आकांक्षा शिक्षा खलखो, संयुक्त संचालक श्री प्रभाकर पाण्डेय और छत्तीसगढ़ हॉकी संघ के अध्यक्ष श्री फिरोज अंसारी सहित अनेक विभागीय अधिकारी भी लीग के लॉन्चिंग कार्यक्रम में मौजूद थे।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हॉकी की समृद्ध परंपरा रही है और राज्य में अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग इन प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर देगी और प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के अनुभव तथा प्रतिस्पर्धी वातावरण से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
श्री साव ने बताया कि छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली छह टीमें मैदान में उतरेंगी। इनमें राजधानी रॉयल्स, चित्रकूट चैलेंजर्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटन्स शामिल हैं। ये टीमें प्रदेश की अलग-अलग क्षेत्रीय पहचान और खेल प्रतिभा को एक मंच पर लेकर आएंगी।
लीग का लोगो छत्तीसगढ़ के मानचित्र पर आधारित है। इसमें केसरिया और हरे रंग के माध्यम से भारतीयता की भावना को दर्शाया गया है, जबकि आगे बढ़ती नारंगी रेखा प्रदेशवासियों की निरंतर प्रगति और आगे बढ़ने की भावना का प्रतीक है। लीग की टैगलाइन "चलव रे संगी, हॉकी खेलबो" रखी गई है। छत्तीसगढ़ी बोली में यह टैगलाइन अपनत्व और आमंत्रण का भाव लिए हुए है, जिसका अर्थ है—"चलो दोस्त, हॉकी खेलते हैं।"
लीग का आधिकारिक शुभंकर "बघवा" नामक बाघ है। यह छत्तीसगढ़ के घने जंगलों और समृद्ध वन्यजीव विरासत का प्रतीक है। बघवा साहस, शक्ति और निडरता का संदेश देता है तथा खिलाड़ियों की जुझारू भावना और मैदान पर अपना दबदबा कायम करने की आकांक्षा को प्रदर्शित करता है।
प्रतियोगिता में सभी छह टीमें लीग मुकाबले खेलेंगी। इन मुकाबलों के आधार पर अंक तालिका में शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। सेमीफाइनल के बाद विजेता टीम का फैसला फाइनल मुकाबले में होगा। मैचों के दौरान सभी अंपायर और तकनीकी अधिकारी हॉकी इंडिया द्वारा नियुक्त किए जाएंगे, जिससे प्रतियोगिता में तकनीकी गुणवत्ता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी।
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग केवल खेल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहेगी। टूर्नामेंट के दौरान प्रतिदिन विशेष मनोरंजन कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इससे दर्शकों को रोमांचक हॉकी मुकाबलों के साथ मनोरंजन का भी अनुभव मिलेगा। खास बात यह है कि लीग के सभी मुकाबलों में दर्शकों के लिए प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा। इससे बड़ी संख्या में खेलप्रेमियों और युवाओं के स्टेडियम पहुंचने की उम्मीद है।
शहीद उप निरीक्षक युगल किशोर वर्मा की धर्मपत्नी माधुरी वर्मा ने बांधी राखी तो भावुक हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
रायपुर, अगस्त 2026/ रक्षाबंधन से पहले राजधानी रायपुर में आज राखी की एक ऐसी डोर बंधी, जिसमें भाई-बहन का निश्छल स्नेह भी था, शहादत का सम्मान भी और वर्षों तक नक्सल हिंसा का दंश झेलने वाले परिवारों के प्रति आत्मीयता भी। बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में नक्सली मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त उप निरीक्षक श्री युगल किशोर वर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधी। इस आत्मीय क्षण में मुख्यमंत्री भावुक हो उठे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने भावुक स्वर में कहा, “मेरी कोई सगी बहन नहीं है। हम लोग भाई ही भाई हैं। आज माधुरी जी ने मेरी कलाई पर राखी बांधी है। मुझे सगी बहन से भी बढ़कर बहन मिली है।”
मुख्यमंत्री के इन शब्दों के साथ पूरा वातावरण भावुक हो उठा। एक ओर वह बहन थी, जिसने मातृभूमि और प्रदेश की सुरक्षा के लिए अपने जीवनसाथी को खोया था, दूसरी ओर प्रदेश का मुखिया था, जिसने उसकी राखी को केवल रक्षा सूत्र नहीं, बल्कि जीवनभर निभाए जाने वाले भाई-बहन के आत्मीय रिश्ते के रूप में स्वीकार किया।
मुख्यमंत्री ने श्रीमती माधुरी वर्मा को भरोसा दिलाया कि शहीद श्री युगल किशोर वर्मा का परिवार उनका अपना परिवार है। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिवार कभी अकेले नहीं हैं। उनके सुख-दुःख, सम्मान और भविष्य की चिंता करना सरकार का दायित्व ही नहीं, बल्कि हम सभी का आत्मीय कर्तव्य है। आज बहन माधुरी ने राखी बांधी है तो एक भाई के रूप में उनके परिवार के प्रति जिम्मेदारी और भी गहरी हो गई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद उप निरीक्षक श्री युगल किशोर वर्मा के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अपने वीर जवानों और उनके परिवारों का सदैव ऋणी रहेगा। हमारे जवानों ने अपना आज इसलिए न्योछावर किया, ताकि छत्तीसगढ़ की आने वाली पीढ़ियों का कल सुरक्षित हो सके।
रक्षाबंधन से पहले ‘विष्णु भैया’ ने बहनों को दिया स्नेह और सम्मान का उपहार
प्रदेश की 67 लाख से अधिक महतारियों के खातों में पहुंची महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त, ₹631 करोड़ से अधिक की राशि अंतरित
रायपुर अगस्त 2026/ भाई-बहन के अटूट स्नेह के पावन पर्व रक्षाबंधन से पहले आज बालोद जिले के डौंडीलोहारा में एक आत्मीय और भावपूर्ण दृश्य देखने को मिला। प्रदेश की लाखों बहनों के ‘विष्णु भैया’ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महतारी वंदन सम्मान समारोह में प्रदेश की 67 लाख से अधिक माताओं-बहनों के बैंक खातों में महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में ₹631 करोड़ 38 लाख से अधिक की राशि अंतरित की। मुख्यमंत्री ने बहनों को रक्षाबंधन की अग्रिम बधाई देते हुए कहा कि हमारी माताओं-बहनों के चेहरे पर मुस्कान, उनका आत्मविश्वास और उनका आशीर्वाद ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।
डौंडीलोहारा के लाल रघुवीर सिंह स्टेडियम में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री श्री साय का माताओं-बहनों ने आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भी बहनों के बीच पहुंचकर उनसे संवाद किया, उनका हालचाल जाना और महतारी वंदन योजना से उनके जीवन में आए बदलावों के अनुभव सुने। इस अवसर पर बालोद जिले के 2 लाख 45 हजार 28 हितग्राहियों सहित प्रदेश के 67 लाख 28 हजार 918 हितग्राहियों के खातों में कुल ₹631 करोड़ 38 लाख 37 हजार 700 की राशि अंतरित की गई।
बहनों के लिए ‘विष्णु भैया’ का रक्षाबंधन उपहार
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सावन के पवित्र महीने और रक्षाबंधन के ठीक पहले मातृशक्ति के सम्मान के इस कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। रक्षाबंधन को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सितंबर माह की किस्त भी 25 अगस्त को ही बहनों के खातों में पहुंचाने का निर्णय लिया, ताकि त्योहार की खुशियां और बढ़ें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि इसने महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का नया भाव पैदा किया है। अब हमारी माताओं-बहनों को अपनी छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। वे इस राशि का उपयोग अपने स्वास्थ्य, पोषण, बच्चों की शिक्षा, बचत और छोटे व्यवसाय जैसी जरूरतों में कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की माताओं-बहनों के खातों में लगभग ₹20 हजार करोड़ की राशि अंतरित की जा चुकी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की जो गारंटी दी थी, राज्य सरकार उसे पूरी प्रतिबद्धता से धरातल पर उतार रही है।
बहनों ने ‘विष्णु भैया’ को सुनाई आत्मनिर्भरता की कहानी
समारोह का सबसे आत्मीय अवसर तब आया, जब मुख्यमंत्री श्री साय ने महतारी वंदन योजना की पांच हितग्राही महिलाओं से सीधे संवाद किया। महिलाओं ने बताया कि योजना से मिलने वाली नियमित राशि ने उनकी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के साथ उन्हें आर्थिक फैसले लेने का आत्मविश्वास भी दिया है।
मुख्यमंत्री ने उनके अनुभवों को ध्यान से सुना और कहा कि जब कोई बहन महतारी वंदन की राशि को बचाकर अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित करती है, बच्चों की पढ़ाई में लगाती है अथवा स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ती है, तो इस योजना का वास्तविक उद्देश्य पूरा होता है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ की हर माता-बहन आत्मनिर्भर बने, उसके सपनों को पंख मिलें और उसकी सफलता से पूरा परिवार सशक्त हो।
लखपति दीदी से ड्रोन दीदी तक - महिलाएं बन रहीं विकास की नेतृत्वकर्ता
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। छत्तीसगढ़ में अब तक लक्ष्य से अधिक 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं आज विभिन्न आजीविका गतिविधियों और उद्यमों के माध्यम से अपनी अलग पहचान बना रही हैं।
उन्होंने ड्रोन दीदी पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी बहनें आधुनिक तकनीक से भी जुड़ रही हैं। ड्रोन के माध्यम से खेतों में खाद एवं अन्य कृषि आदानों का छिड़काव कर वे किसानों को सेवाएं देने के साथ अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। महिला सशक्तिकरण की यही यात्रा विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेगी।