ईश्वर दुबे
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Meritorious Student Kumari Kusum Lata Bipre Honoured During Sushasan Tihar, Received a Tablet
Raipur,Kumari Kusum Lata Bipre, daughter of the small village of Kandel in Dhamtari district, has brought pride to the entire state through her talent, hard work and determination. Despite limited resources, she secured 97.40 per cent marks in the Board of Secondary Education examination through dedication and self-confidence, earning the fifth position in the state merit list. Her achievement has not only enhanced the prestige of Dhamtari district but has also set a new example of inspiration for girls from rural areas.
During the programme organised in Dhamtari under Sushasan Tihar 2026, Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai honoured Kumari Kusum Lata on stage and extended his best wishes for her bright future. The Chief Minister presented her with a shawl and shriphal as a mark of respect and also gifted her a tablet to encourage her further studies and technical education.
Chief Minister Shri Sai stated that the daughters of the state and meritorious students are bringing laurels to Chhattisgarh through “excellent performance in education, sports, science and other fields”. He stated that rural talent has become the “new identity of a developed Chhattisgarh” and that the government is continuously working to provide quality education and better opportunities. He added that the success of Kumari Kusum Lata, who comes from an ordinary family, is an inspiring example of “hard work, values and determination”.
Kumari Kusum Lata stated that she achieved this success through regular study, discipline and the support of her family. Her accomplishment has also inspired other students in the district towards education. Many girls from rural areas are now looking up to her as a source of motivation and inspiration.
On the occasion, Mahasamund MP Smt Roopkumari Choudhary, Kurud MLA Shri Ajay Chandrakar, Dhamtari MLA Shri Omkar Sahu, Mayor Shri Ramu Rohra, Zila Panchayat President Shri Arun Sarwa, public representatives and a large number of citizens were present.
सुशासन तिहार में मेधावी छात्रा कुसुम लता बिप्रे का सम्मान, टैबलेट देकर बढ़ाया उत्साह
रायपुर / धमतरी जिले के छोटे से ग्राम कंडेल की बेटी कुमारी कुसुम लता बिप्रे ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प से पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है। सीमित संसाधनों के बावजूद कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षा में 97.40 प्रतिशत अंक अर्जित कर प्रदेश की प्रावीण्य सूची में पांचवां स्थान प्राप्त किया। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल धमतरी जिले का गौरव बढ़ाया है, बल्कि ग्रामीण अंचल की बेटियों के लिए प्रेरणा की नई मिसाल भी प्रस्तुत की है।
सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत धमतरी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कुसुम लता को मंच पर सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने उन्हें शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया तथा आगे की पढ़ाई और तकनीकी शिक्षा में सहयोग के उद्देश्य से टैबलेट प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश की बेटियां आज शिक्षा, खेल, विज्ञान और प्रशासन सहित हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं और राज्य सरकार उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से निकल रही ऐसी प्रतिभाएं विकसित छत्तीसगढ़ की नई पहचान हैं और सरकार प्रत्येक मेधावी विद्यार्थी को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कुसुम लता की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि यह ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था, परिवार के संस्कार और विद्यार्थियों की मेहनत का सकारात्मक परिणाम है। साधारण परिवार से आने वाली कुसुम लता ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मन में आगे बढ़ने का संकल्प हो, तो परिस्थितियां सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकतीं।
कुसुम लता ने बताया कि उन्होंने नियमित अध्ययन, अनुशासन और परिवार के सहयोग के बल पर यह सफलता हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से जिले के अन्य विद्यार्थियों में भी शिक्षा के प्रति नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार हुआ है। ग्रामीण अंचल की अनेक बेटियां अब उन्हें अपनी प्रेरणा के रूप में देख रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मेधावी छात्र-छात्राएं राज्य की अमूल्य पूंजी हैं। शासन उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल संसाधन और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि कुसुम लता की उपलब्धि हजारों विद्यार्थियों को यह संदेश देती है कि सपनों की उड़ान गांवों से भी शुरू होकर नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती है और प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती।
इस अवसर पर सांसद महासमुंद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक कुरूद श्री अजय चन्द्राकर, विधायक धमतरी श्री ओंकार साहू, महापौर श्री रामू रोहरा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरूण सार्वा सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
Home Minister Shri Vijay Sharma Inspects Venue Ahead of Launch Event
Raipur, In a major step towards strengthening “technology-driven and citizen-centric emergency services” in the state, Union Home Minister Shri Amit Shah will launch the Next Gen CG Dial 112 Integrated Emergency Response Support System (ERSS 2.0) on May 18. On the occasion, a state-of-the-art mobile vehicle of the Forensic Science Laboratory will also be inaugurated.
Ahead of the programme, Chhattisgarh Home Minister Shri Vijay Sharma inspected the event venue and reviewed the preparations on May 17. He directed officials to complete all arrangements in a timely and systematic manner.
The Next Gen CG Dial 112 is being introduced as an “innovative step towards smart governance” in Chhattisgarh. Through this integrated platform, services including police assistance, fire services, medical emergency support, women's helpline, child helpline, disaster management assistance, and highway emergency services will be available under a single system. The initiative is expected to ensure “faster and better coordinated emergency response” for citizens.
The advanced system includes modern features such as a centralised command and control centre, GPS-enabled emergency response vehicles, GIS-based real-time monitoring, an automatic call location identification system and technology-enabled dispatch management. Through the upgraded arrangement, authorities will be able to provide more effective support in crime control, women and child safety, road accident response, medical emergencies and other public crises.
The Dial 112 service, operational in the state since 2018, has already provided emergency assistance to lakhs of citizens. At present, the service is limited to 16 districts, but with the implementation of the Next Gen CG Dial 112 system, it will now be expanded to all 33 districts of Chhattisgarh.
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हितग्राहियों को सौंपी प्रधानमंत्री आवास योजना की चाबी
रायपुर / “अपना पक्का घर केवल ईंट और सीमेंट का ढांचा नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और नए जीवन की मजबूत नींव होता है।” धमतरी में आयोजित सुशासन तिहार 2026 के दौरान यह भाव उस समय जीवंत हो उठा, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत हितग्राहियों को प्रतीकात्मक चाबी सौंपकर उनके वर्षों पुराने सपनों को साकार किया। सुशासन तिहार में भाटगांव की हितग्राही श्रीमती कुमारी यादव एवं श्रीमती लता साहू को मुख्यमंत्री श्री साय के हाथों आवास की चाबी प्रदान की गई। वर्षों तक कच्चे मकान में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाले इन परिवारों के लिए यह क्षण केवल एक सरकारी योजना का लाभ मिलने भर का नहीं था, बल्कि आत्मसम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व से भरे नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक बन गया।
हितग्राही श्रीमती कुमारी यादव ने बताया कि बरसात के दिनों में उनका परिवार लगातार परेशानियों का सामना करता था। कच्चे घर की टपकती छत और कमजोर दीवारों के कारण बच्चों की पढ़ाई और परिवार की सुरक्षा हमेशा चिंता का विषय बनी रहती थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर मिलने से अब उनका परिवार सुरक्षित महसूस कर रहा है और बच्चों के भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगी है।
इसी प्रकार श्रीमती लता साहू ने कहा कि पहले हर मौसम चिंता लेकर आता था, लेकिन अब पक्का घर मिलने से उनके परिवार को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का आत्मविश्वास मिला है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना गरीब परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार अंत्योदय की भावना के साथ कार्य कर रही है और प्रत्येक पात्र एवं जरूरतमंद परिवार तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल मकान निर्माण की योजना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के जीवन में सुरक्षा, स्थायित्व और सामाजिक सम्मान सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं को सीधे आमजन तक पहुंचाया जा रहा है तथा जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। यही कारण है कि आज ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के साथ-साथ शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हो रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना ने हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाकर उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की नई दिशा दी है।
इस अवसर पर सांसद महासमुंद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक कुरूद श्री अजय चन्द्राकर, विधायक धमतरी श्री ओंकार साहू, महापौर श्री रामू रोहरा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरूण सार्वा सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
अम्बेडकर चौक से रूद्री चौक तक फोरलेन, गौरवपथ और पेयजल इंटेकवेल निर्माण की बड़ी घोषणाएं
सुशासन तिहार बना जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण और संवेदनशील प्रशासन का सशक्त माध्यम : मुख्यमंत्री
रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज धमतरी में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने जिलेवासियों को 465 करोड़ रुपये की लागत के 102 विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने 423 करोड़ 52 लाख 56 हजार रुपये लागत के 52 कार्यों का भूमिपूजन तथा 41 करोड़ 50 लाख 48 हजार रुपये से अधिक लागत के 50 कार्यों का लोकार्पण किया। इन विकास कार्यों के माध्यम से जिले में सड़क, पेयजल, नगरीय अधोसंरचना और जनसुविधाओं का विस्तार होगा तथा आमजन को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और त्वरित समाधान की कार्यसंस्कृति के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि 1 मई से 10 जून तक आयोजित सुशासन तिहार के माध्यम से गांव-गांव में क्लस्टरवार शिविर लगाकर आम नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण किया जा रहा है। राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाया गया है, जिससे हजारों लोगों को राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीब परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार अंत्योदय की भावना के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रशासनिक पारदर्शिता और डिजिटल गवर्नेंस को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि शीघ्र ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रारंभ की जाएगी, जिसके माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे और समय-सीमा में उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना एवं बिजली बिल भुगतान समाधान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार जरूरतमंद परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने नागरिकों से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील भी की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर संभाग में सुशासन तिहार के साथ “बस्तर मुन्ने” और “नियद नेल्लानार 2.0” अभियान भी संचालित किए जा रहे हैं, जिनसे दूरस्थ क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। उन्होंने “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं तथा जरूरतमंदों के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में जनसहभागिता का आह्वान किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने आयुष्मान कार्ड एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को चाबी सौंपकर लाभान्वित किया। मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर “ड्रीम कॉरिडोर” वीडियो एवं “मां अभियान” की कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर जिला प्रशासन धमतरी एवं लर्निंग जॉय बेंगलुरु के मध्य एमओयू किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने धमतरीवासियों को कई महत्वपूर्ण सौगातें दीं। उन्होंने अम्बेडकर चौक धमतरी से रूद्री चौक तक फोरलेन सड़क निर्माण, धमतरी में पेयजल हेतु इंटेकवेल निर्माण, रानी दुर्गावती चौक से बिलाईमाता मंदिर तक गौरवपथ निर्माण, कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुरूद भवन के लिए डेढ़ करोड़ रुपये तथा पीएमश्री स्वामी आत्मानंद स्कूल के लिए राशि स्वीकृत करने की घोषणा की।
कार्यक्रम में सांसद महासमुंद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक कुरूद श्री अजय चन्द्राकर, विधायक धमतरी श्री ओंकार साहू, महापौर श्री रामू रोहरा, छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू निषाद, रायपुर संभाग के कमिश्नर श्री श्याम धावड़े, पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने किया कार्यक्रम स्थल का किया निरीक्षण
रायपुर, प्रदेश में आपातकालीन सेवाओं को और अधिक आधुनिक, त्वरित एवं नागरिक केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में नेक्स्ट जेन सीजी डायल 112 इंटीग्रेटेड इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ईआरएसएस 2.0) का शुभारंभ केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर चलित फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी एवं 400 अत्याधुनिक डायल 112 वाहन का भी शुभारंभ किया जाएगा।
कार्यक्रम की तैयारियों के तहत प्रदेश के गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने आज कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को कार्यक्रम की सभी तैयारियां समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। नेक्स्ट जेन सीजी डायल 112 प्रदेश में तकनीक आधारित सुशासन की दिशा में एक अभिनव पहल है, जिसके माध्यम से पुलिस सेवा, फायर सर्विस, मेडिकल इमरजेंसी सहायता, महिला हेल्पलाइन, चाइल्ड हेल्पलाइन, आपदा प्रबंधन सहायता तथा हाईवे इमरजेंसी जैसी सेवाओं को एकीकृत मंच पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे नागरिकों को त्वरित एवं समन्वित सहायता सुनिश्चित हो रही है।
इस उन्नत प्रणाली में केंद्रीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर, जीपीएस आधारित इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन, जीआईएस आधारित रियल टाइम मॉनिटरिंग, ऑटोमेटिक कॉल लोकेशन पहचान प्रणाली तथा तकनीक सक्षम डिस्पैच प्रबंधन जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। नई व्यवस्था के माध्यम से अपराध नियंत्रण, महिला एवं बाल सुरक्षा, सड़क दुर्घटना प्रतिक्रिया, चिकित्सकीय सहायता तथा जन-संकट की परिस्थितियों में और अधिक प्रभावी सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।
प्रदेश में संचालित डायल 112 सेवा वर्ष 2018 से अब तक लाखों नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता प्रदान कर चुकी है तथा वर्तमान में इसकी सेवाएं 16 जिलों तक सीमित थी अब यह प्रदेश के सभी 33 जिलों तक विस्तारित हो जायेगी।
पहुंचविहीन गांवों में बारहमासी आवाजाही के लिए पुलों व सड़कों के प्रस्ताव शासन को भेजने के दिए निर्देश
रायपुर. लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज जिला मुख्यालय नारायणपुर में विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की बैठक लेकर जिले में निर्माणाधीन सड़कों, पुलों और राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदारों को कार्यों में तेजी लाते हुए पूर्ण गुणवत्ता के साथ निर्माण पूर्ण करने को कहा। कलेक्टर सुश्री नम्रता जैन, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग के मुख्य अभियंता श्री ज्ञानेश्वर कश्यप और जगदलपुर परिक्षेत्र के अधीक्षण अभियंता श्री संजय सूर्यवंशी भी बैठक में मौजूद थे।
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने नारायणपुर में बैठक के बाद कोंडागांव से नारायणपुर होते हुए महाराष्ट्र सीमा तक निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग-130डी के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को इस महत्वाकांक्षी सड़क का काम समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए, जिससे की क्षेत्रवासियों को इस सड़क का लाभ शीघ्र मिल सके।
लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री बंसल ने बैठक में नारायणपुर जिले के पहुंचविहीन गांवों में बारहमासी आवाजाही के लिए पुलों व सड़कों के प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने इस साल के बजट में शामिल कार्यों के डीपीआर तैयार कर स्वीकृति के लिए जल्द से जल्द शासन को भेजने को कहा।
विभागीय सचिव ने सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए भू-अर्जन और वन-व्यपवर्तन के मामलों की समीक्षा की। उन्होंने ठेकेदारों से चर्चा कर उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति और भुगतान की स्थिति की भी जानकारी ली।
Officials cross rivers and hills, trek 5 hours to complete school admissions in remote Abujhmad village
RaipurIn a significant step towards bringing education to the interiors of Abujhmad, a primary school has been opened for the first time in Karkabeda village of Narayanpur district, an area once known as a Naxal stronghold. For decades after Independence, children in the remote village remained deprived of basic education facilities. Today, the opening of the school is being seen as a major sign of changing times in the region, where children are now holding books and pencils instead of growing up amid fear and violence.
The initiative is being seen as part of the broader push for development and restoration of normalcy in remote Bastar areas under the leadership of Prime Minister Shri Narendra Modi and Union Home Minister Shri Amit Shah, with the focus gradually shifting from conflict to education and basic public services in once Naxal-affected regions.
The new school started recently, describing the first day of school the district officials said that on the very first day of school, there was a special glow on the faces of the children. Along with the commencement of classes, the district administration provided all 20 children with free uniforms, textbooks, slates, pencils, blackboards and other essential educational materials. The new school is also expected to benefit children from nearby villages, including Markud. At present, the district administration has arranged a local guest teacher for the smooth functioning of the school.
Giving credit to Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai government, Karkabeda Sarpanch Shri Ramuram Wadde said, “The opening of a school in the village was like a dream come true for them. We are grateful to the state government for this development in the region. Now the children of the Tribal dominated region would not have to risk their lives travelling far away for education.”
The initiative for opening school gained momentum after a public grievance redressal camp organised recently in Kodenar area of Abujhmad. During the camp, villagers from Karkabeda urged officials to open a school in the village so that children could access education without travelling through difficult forest terrain. Taking immediate note of the demand, the district administration directed the Education Department to begin the process.
A survey conducted by the department found 20 children eligible for primary education in the village. Thereafter, a joint team comprising the Block Education Officer, Block Resource Coordinator, Cluster Coordinator, Sarpanch and teachers displayed remarkable courage. Crossing difficult terrain, several rivers, streams and hills, the team undertook a challenging five-hour trek to reach Karkabeda and formally inaugurated the new primary school.
Officials said the development reflects the gradual expansion of governance and basic services in remote parts of Abujhmad after the decline of Naxal influence. The opening of the school is being viewed not only as an educational achievement, but also as a step towards long-term social change and stability in the region.
चार दशकों बाद फिर सजी पुजारी कांकेर और कोण्डापल्ली की साप्ताहिक बाजारें
बंद पड़े हाट-बाजारों में लौटी रौनक, आदिवासी अंचलों की अर्थव्यवस्था को मिला नया जीवन
रायपुर , 17 मई 2026।
कभी माओवाद के आतंक और भय के कारण वीरान पड़े बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल अब विकास, विश्वास और नई उम्मीदों की मिसाल बनते जा रहे हैं। नक्सलवाद से मुक्ति के बाद जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन तेजी से पटरी पर लौट रहा है। इसका सबसे जीवंत उदाहरण उसूर ब्लॉक के आवापल्ली क्षेत्र अंतर्गत पुजारी कांकेर और कोण्डापल्ली के साप्ताहिक बाजार हैं, जहां लगभग चार दशकों बाद फिर से रौनक लौट आई है।
एक समय ऐसा था जब इन क्षेत्रों में भय और असुरक्षा के कारण ग्रामीणों की आवाजाही लगभग बंद हो चुकी थी। माओवाद के प्रभाव के चलते यहां के पारंपरिक साप्ताहिक बाजार पूरी तरह ठप पड़ गए थे। लेकिन अब नक्सल मुक्त वातावरण बनने के बाद बाजारों में फिर से चहल-पहल दिखाई देने लगी है। ग्रामीण, व्यापारी और आदिवासी बड़ी संख्या में यहां पहुंच रहे हैं, जिससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है।
बस्तर की पहचान हैं साप्ताहिक हाट-बाजार
बस्तर अंचल केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और खनिज संपदा के लिए ही नहीं, बल्कि वनोपज आधारित समृद्ध परंपराओं के लिए भी देशभर में जाना जाता है। यहां के साप्ताहिक हाट-बाजार स्थानीय संस्कृति, सामाजिक जीवन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं।
बीजापुर जिला चारों ओर से घने वनांचलों से घिरा हुआ है, जहां आदिवासी समुदाय का जीवन जंगल और वनोपज पर आधारित है। इमली, महुआ, टोरा, चिरौंजी, तेंदू जैसी बहुमूल्य वनोपज यहां के लोगों की आय का प्रमुख स्रोत हैं। ग्रामीण इन उत्पादों का संग्रहण कर साप्ताहिक बाजारों में विक्रय करते हैं तथा बदले में दैनिक जरूरत की वस्तुएं खरीदते हैं।
इन बाजारों का महत्व केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक मेल-मिलाप, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सामुदायिक जीवन का भी केंद्र होते हैं।
चार दशकों तक सन्नाटा, अब लौट रही जीवन की रफ्तार
उसूर ब्लॉक के पुजारी कांकेर और कोण्डापल्ली के साप्ताहिक बाजार कभी आसपास के अनेक गांवों की आर्थिक धुरी हुआ करते थे। लेकिन माओवादी गतिविधियों और असुरक्षा के माहौल ने इन बाजारों की रौनक छीन ली। धीरे-धीरे यहां व्यापार बंद हो गया और क्षेत्र आर्थिक रूप से प्रभावित होने लगा।
अब जब क्षेत्र पूरी तरह नक्सल मुक्त हो चुका है, तब वर्षों से बंद पड़े बाजारों में फिर से दुकानें सजने लगी हैं। ग्रामीण दूर-दराज के गांवों से बाजार पहुंच रहे हैं। महिलाएं वनोपज लेकर आ रही हैं तो छोटे व्यापारी दैनिक उपयोग की सामग्री बेचने पहुंच रहे हैं। बाजारों में फिर से स्थानीय बोली, पारंपरिक वेशभूषा और आदिवासी संस्कृति की जीवंत झलक दिखाई देने लगी है।
आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
पुनः प्रारंभ हुए ये साप्ताहिक बाजार स्थानीय आदिवासी समुदाय के लिए आर्थिक संबल बनकर उभर रहे हैं। ग्रामीणों को अब अपने उत्पाद बेचने के लिए दूरस्थ क्षेत्रों पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है। इससे समय और संसाधनों की बचत हो रही है तथा स्थानीय स्तर पर आय के नए अवसर भी बढ़ रहे हैं।
बाजारों के पुनर्जीवित होने से छोटे व्यापारियों, किसानों और वनोपज संग्राहकों को सीधा लाभ मिल रहा है। साथ ही क्षेत्र में परिवहन, छोटे व्यवसाय और अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल रही है।
शांति और विकास का नया प्रतीक बन रहा बीजापुर
बीजापुर में लौटती बाजार संस्कृति यह दर्शाती है कि शांति स्थापित होने पर विकास की संभावनाएं किस प्रकार तेजी से आकार लेती हैं। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजार जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार से अब वनांचल के गांव भी मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।
पुजारी कांकेर और कोण्डापल्ली के बाजारों में लौटती रौनक केवल व्यापार की वापसी नहीं, बल्कि विश्वास, सुरक्षा और समृद्ध भविष्य की वापसी का प्रतीक है। यह बदलता हुआ बीजापुर अब संघर्ष की नहीं, बल्कि विकास और आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रहा है।
सफलता की कहानी
कुतुल और आसपास के गांवों में पहुंचा मोबाइल नेटवर्क, संचार और जानकारी का खुला नया रास्ता
नियद नेल्ला नार योजना, एलडब्ल्यूई-II के तहत दुर्गम क्षेत्रों में पहुंच रही मूलभूत सुविधाएं
रायपुर , 17 मई 2026 // राज्य सरकार के दिशा-निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा नियद नेल्ला नार योजना, एलडब्ल्यूई-II एवं आकांक्षी जिला कार्यक्रम के अंतर्गत अबूझमाड़ के दुर्गम और पूर्व में सुविधाओं से वंचित गांवों में अब मूलभूत सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में अबूझमाड़ क्षेत्र में मोबाइल टॉवर स्थापित कर ग्रामीणों को संचार सुविधा से जोड़ा जा रहा है, जिससे वे देश-दुनिया की जानकारी प्राप्त करने के साथ-साथ आधुनिक संचार माध्यमों का उपयोग कर सकेंगे।
जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम कुतुल में 16 जनवरी 2026 को नया मोबाइल टॉवर स्थापित किया गया है। टॉवर शुरू होने से कुतुल सहित आसपास के क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सुविधा उपलब्ध हो गई है, जिससे ग्रामीणों में उत्साह का वातावरण है। अब क्षेत्र के लोग दूरसंचार सेवाओं का लाभ लेते हुए शासकीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और उनसे जुड़कर लाभान्वित हो सकेंगे।
कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा कि अबूझमाड़ के अंदरूनी क्षेत्रों में मोबाइल टॉवर स्थापित होने से स्थानीय निवासियों को बेहतर नेटवर्क कवरेज मिल रहा है। इससे ग्रामीणों को दैनिक जीवन में संचार की सुविधा प्राप्त हो रही है और वे अपने परिजनों से आसानी से संपर्क कर पा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल अबूझमाड़ क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और ग्रामीणों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगी।