ईश्वर दुबे
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चार दशक बाद पहली बार गांव पहुंचा प्रशासन, जनगणना कार्य संपन्न
नक्सल भय को पीछे छोड़ बदलाव और विश्वास की नई कहानी लिख रहा बीजापुर का सुदूर अंचल
रायपुर, लंबे समय तक नक्सली प्रभाव और भय के कारण विकास की मुख्यधारा से कटा रहा बीजापुर जिले का दारेली गांव, अब बदलाव और विश्वास की नई इबारत लिख रहा है। पिछले चार दशकों से इस क्षेत्र में कोई भी प्रशासनिक गतिविधि नहीं हो पाई थी, यहाँ तक कि वर्ष 2011 की राष्ट्रीय जनगणना से भी यह गांव वंचित रह गया था, लेकिन अब इतिहास बदलते हुए पहली बार जिला प्रशासन की टीम सीधे दारेली गांव पहुंची और वहां सुचारू रूप से जनगणना का कार्य संपन्न कराया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अब उन सुदूरवर्ती गांवों तक पहुंच रही हैं, जहां पहले विकास की कल्पना करना भी बेहद कठिन था।
प्रशासनिक अमले का ऐतिहासिक दौरा और आत्मीय स्वागत
इसी कड़ी में कलेक्टर बीजापुर श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नम्रता चौबे, जनगणना प्रभारी अधिकारी श्री मुकेश देवांगन तथा उसूर एसडीएम श्री भूपेंद्र गावरे ने दारेली गांव का सघन दौरा किया। प्रशासनिक अधिकारियों को अपने बीच पाकर ग्रामीणों ने उनका आत्मीय और भावुक स्वागत किया। ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आज उन्हें पहली बार यह महसूस हुआ है कि शासन-प्रशासन उनके द्वार तक पहुंचा है। इस दौरान गांव में हुए जनगणना कार्य को ग्रामीणों ने एक ऐतिहासिक और सुखद पहल बताया।
शिविर लगाकर बुनियादी दस्तावेज बनाने के निर्देश
कलेक्टर बीजापुर ने चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और जमीन के पट्टे, आधार कार्ड, बैंक खाते तथा राशन कार्ड जैसे अनिवार्य दस्तावेजों की उपलब्धता की समीक्षा की। कई ग्रामीणों के दस्तावेज अपूर्ण पाए जाने पर उन्होंने मातहत अधिकारियों को निर्देशित किया कि गांव में विशेष शिविर का आयोजन किया जाए, ताकि सभी पात्र ग्रामीणों का शत-प्रतिशत सैचुरेशन (दस्तावेजीकरण) सुनिश्चित हो सके।
मौके पर ही संवेदनशील संज्ञानरू किसान की समस्या का त्वरित समाधान
भ्रमण के दौरान एक स्थानीय किसान ने कलेक्टर को अपनी व्यथा सुनाई कि उसके पिता के निधन के बाद भी लंबे समय से जमीन का नामांतरण नहीं हो पाया है। इस पर संवेदनशीलता दिखाते हुए कलेक्टर ने मौके पर ही मौजूद राजस्व अधिकारियों को नामांतरण प्रक्रिया तुरंत पूरी करने के कड़े निर्देश दिए और कहा कि वे स्वयं इस मामले की निगरानी करेंगे। प्रशासन की इस त्वरित कार्यप्रणाली को देखकर किसान भावुक हो गया और उसने अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
जनकल्याणकारी योजनाओं और छात्रवृत्ति की घोषणा
कलेक्टर ने ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास योजना सहित शासन की अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के पहुंचना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने ग्राम पंचायत दारेली के सभी स्कूली बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने के भी निर्देश दिए। जो दारेली गांव कभी भय, उपेक्षा और सन्नाटे का प्रतीक माना जाता था, वह आज विकास, आपसी विश्वास और नई उम्मीदों की राह पर कदम बढ़ा चुका है। प्रशासन की इस संवेदनशील पहल ने ग्रामीणों के भीतर शासन के प्रति भरोसे को और अधिक मजबूत किया है।
आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में फिटनेस और वेलनेस को प्राथमिकता देना बेहद आवश्यक — वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी
पुलिसकर्मियों, उनके परिवारों और स्थानीय युवाओं को मिलेगा आधुनिक जिम सुविधा का लाभ
रायपुर, 20 मई 2026/ वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने आज पुलिस लाइन उर्दना, रायगढ़ में अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित पुलिस जिम का लोकार्पण किया। उन्होंने रिबन काटकर जिम का शुभारंभ किया और जिम कक्ष में स्थापित भगवान हनुमान जी के चित्र पर पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, स्वास्थ्य और सुरक्षा की कामना की।
इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने जिम में स्थापित आधुनिक फिटनेस उपकरणों का अवलोकन किया और कहा कि वर्तमान समय की व्यस्त जीवनशैली में शारीरिक फिटनेस और मानसिक वेलनेस दोनों को प्राथमिकता देना आवश्यक है। उन्होंने सभी को प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट व्यायाम के लिए समय निकालने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी चौबीसों घंटे जनसेवा और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में उनका शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है। यह आधुनिक जिम न केवल पुलिसकर्मियों बल्कि उनके परिवारजनों और स्थानीय युवाओं के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा तथा स्वस्थ और अनुशासित जीवनशैली को बढ़ावा देगा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि पुलिसकर्मियों को तनावमुक्त रखने और उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए रायगढ़ पुलिस द्वारा योग, खेल और फिटनेस गतिविधियों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इसी उद्देश्य से पुलिस जिम का उन्नयन कर इसमें अत्याधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा कि इस सुविधा से पुलिसकर्मी नियमित व्यायाम कर अपनी फिटनेस बनाए रख सकेंगे, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनके स्वास्थ्य और कार्य प्रदर्शन दोनों पर पड़ेगा।
कार्यक्रम में महापौर श्री जीवर्धन चौहान, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू सहित जनप्रतिनिधि और पुलिस अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ डायल-112 फेज-2 नेक्स्ट जेनरेशन के तहत रायगढ़ जिले को मिली बड़ी सौगात
अब पुलिस, मेडिकल, फायर, आपदा प्रबंधन, महिला एवं बाल सुरक्षा सहित सभी आपात सेवाएं एक ही नंबर 112 पर उपलब्ध
आधुनिक तकनीक से लैस वाहनों से आपात स्थितियों में और तेज होगी पुलिस की प्रतिक्रिया
रायगढ़, 20 मई 2026/ सुरक्षा, सेवा और सुशासन को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में रायगढ़ जिले को छत्तीसगढ़ डायल-112 (फेज-2 नेक्स्ट जेनरेशन) के तहत 16 अत्याधुनिक इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल (ERV) की सौगात मिली है। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने आज पुराना पुलिस लाइन, रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में इन आधुनिक आपातकालीन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों की सुरक्षा और त्वरित सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सड़क दुर्घटना, चिकित्सा आपातकाल, महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा सहित किसी भी संकट की स्थिति में अब रायगढ़वासियों को तेज, सुरक्षित और प्रभावी सहायता मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि “डायल-112 एक्के नम्बर, सब्बो बर” की अवधारणा के साथ यह सेवा पूरे छत्तीसगढ़ में संचालित की जा रही है। राज्यभर में 400 से अधिक आधुनिक वाहन तैनात किए गए हैं, जिनमें से रायगढ़ जिले को 16 वाहन प्रदान किए गए हैं।
कानून-व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पुलिस व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया है। इससे पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ेगी, आपात स्थितियों में प्रतिक्रिया समय कम होगा और कानून-व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यह योजना शासन के बड़े निर्णयों का धरातल पर दिखाई देने वाला परिणाम है, जिससे पुलिस को कार्य करने में सुविधा होगी और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं नए वाहन
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि डायल-112 योजना वर्ष 2018 से संचालित है, जिसे अब फेज-2 नेक्स्ट जेनरेशन के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों तक विस्तारित किया गया है। उन्होंने बताया कि नए ईआरवी वाहनों में PTZ कैमरा, डैश कैमरा, GPS सिस्टम, मोबाइल डेटा टर्मिनल (MDT) और स्मार्ट मोबाइल फोन जैसी आधुनिक तकनीक उपलब्ध है, जिससे घटनास्थल पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
अब एक ही नंबर पर सभी आपात सेवाएं
नई डायल-112 प्रणाली के तहत पुलिस, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, आपदा प्रबंधन, चाइल्ड हेल्पलाइन, महिला हेल्पलाइन और नेशनल हाईवे सहायता सेवाओं को एकीकृत किया गया है। रायपुर स्थित अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (C4) के माध्यम से इन सेवाओं का संचालन किया जाएगा।
कार्यक्रम में महापौर श्री जीवर्धन चौहान, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, सहित जनप्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
संताय पोटाई को शिविर में ही मिला नया राशन कार्ड
रायपुर,20 मई 2026 / छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार द्वारा राज्य में सुशासन की नई परिभाषा लिखी जा रही है। इसका जीता-जागता उदाहरण 'सुशासन तिहार 2026' के रूप में सामने आ रहा है, जो ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के नागरिकों के लिए एक बड़ा राहत का माध्यम बन चुका है। जिले के दूरस्थ अंचलों में आयोजित समाधान शिविरों के जरिए प्रशासन सीधे जनता के द्वार पहुँच रहा है, जिससे वर्षों से लंबित समस्याओं का मौके पर ही निपटारा हो रहा है।
इसी कड़ी में नारायणपुर के ग्राम भाटपाल से एक सुखद तस्वीर सामने आई है। यहाँ के ग्रामीण संताय पोटाई के लिए यह सुशासन तिहार उनके जीवन में एक नई सुबह लेकर आया, जब उन्हें शिविर में ही उनका नया राशन कार्ड तैयार कर सौंप दिया गया।
वर्षों का इंतजार मिनटों में खत्म
संताय पोटाई ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि लंबे समय से राशन कार्ड न होने के कारण उनका परिवार जनवितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिलने वाले रियायती खाद्यान्न से वंचित था। उन्होंने पहले भी कई प्रयास किए, लेकिन भौगोलिक दूरी और प्रक्रियाओं के चलते बात नहीं बन पा रही थी। इस पर उन्होंने कहा कि मैं थक चुका था, लेकिन सुशासन तिहार के शिविर ने मेरी चिंता दूर कर दी। मैंने अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रखी और देखते ही देखते त्वरित कार्रवाई करते हुए मेरा नया राशन कार्ड मेरे हाथों में सौंप दिया गया। अब हमारे घर में भी नियमित रूप से सरकारी राशन आएगा।
मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन का जताया आभार
नया राशन कार्ड मिलने से संताय पोटाई और उनके परिवार के चेहरे खिल उठे हैं। अब उन्हें शासन द्वारा निर्धारित रियायती दर पर चावल, शक्कर और अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री नियमित रूप से मिल सकेगी। इस त्वरित न्याय के लिए संताय ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान सचमुच ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रहा है, जहाँ दफ्तरों के चक्कर काटने के बजाय सरकार खुद गांव आकर काम कर रही है।
'सुशासन तिहार' से गढ़बो नवा छत्तीसगढ़
जिला प्रशासन नारायणपुर के मार्गदर्शन में इन शिविरों का आयोजन लगातार किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य कागजी कार्रवाई को सरल बनाकर अंतिम व्यक्ति तक लोकतंत्र और विकास का लाभ पहुँचाना है। प्रशासन के इस रुख से न केवल आम जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण हो रहा है, बल्कि शासकीय योजनाओं की पहुँच भी शत-प्रतिशत सुनिश्चित हो रही है।
विष्णु प्रसाद वर्मा
सहायक संचालक
रायपुर, 20 मई 2026/ एक संवेदनशील और दूरदर्शी सरकार की असली पहचान संकट के समय उसकी त्वरित तत्परता और समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के प्रति अटूट प्रतिबद्धता से होती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार का हालिया बजट इसी लोक-कल्याणकारी सोच का जीवंत प्रमाण है। यह बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि राज्य के विकास का एक ऐसा विज़न डॉक्यूमेंट है जहाँ एक तरफ प्राकृतिक आपदाओं से नागरिकों को बचाने के लिए करोड़ों का अभेद्य वित्तीय सुरक्षा कवच तैयार किया गया है, वहीं दूसरी तरफ भूमिहीन मजदूरों और ग्रामीणों को स्थायी आर्थिक संबल देने के लिए सरकार ने अपनी तिजोरी के द्वार खोल दिए हैं।
आपदा प्रबंधन का त्रिपल-लेयर अभेद्य किला
बाढ़, सूखा, और आकाशीय बिजली जैसी अनिश्चित प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को पूरी तरह निष्प्रभावी करने के लिए साय सरकार ने देश के सामने आपदा प्रबंधन का एक बेहतरीन और अत्याधुनिक मॉडल पेश किया है। सरकार ने इसके लिए तीन स्तरों पर भारी-भरकम फंड अलॉट कर सुरक्षा चक्र को मजबूत किया है। जिसमे राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष ( SDRF) के लिए 588 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड आवंटन, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत कार्य तुरंत और बिना किसी वित्तीय बाधा के शुरू हो सकें।
राज्य आपदा शमन कोष (SDMF) के लिए 147 करोड़ रुपए का प्रावधान, जिसका मुख्य उद्देश्य आपदाओं के खतरों को पहले ही कम करना है। इसके साथ ही राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष के लिए 50 करोड़ रुपए की अतिरिक्त मजबूती शामिल है।
इस बजट की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह राशि केवल आपदा के बाद राहत पहुंचाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका एक बड़ा हिस्सा पूर्व चेतावनी प्रणालियों को अत्याधुनिक बनाने में खर्च होगा। तकनीक के इस अपग्रेडेशन से छत्तीसगढ़ में अब किसी भी आपदा की सटीक जानकारी समय रहते मिल जाएगी, जिससे जान-माल का नुकसान शून्य करने के संकल्प को पूरा किया जा सके। यह कदम राज्य को आपदा प्रबंधन के मामले में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में है।
भूमिहीनों को 10 हज़ार रुपए की सम्मान राशि और स्वामित्व का नया सवेरा
इस बजट का सबसे संवेदनशील और मानवीय चेहरा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने वाली योजनाओं में दिखाई देता है। सरकार ने समाज के सबसे कमजोर वर्ग को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए दो बेहद महत्वाकांक्षी कदम उठाए हैं। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के लिए सरकार ने 605 करोड़ रुपए का भारी-भरकम बजट आरक्षित किया है। इसके अंतर्गत राज्य के हर पात्र भूमिहीन मजदूर परिवार को प्रतिवर्ष 10 हज़ार रुपए की सीधी आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि न केवल गरीब परिवारों को सम्मान से जीने का हक देगी, बल्कि ग्रामीण बाजारों में तरलता बढ़ाकर छत्तीसगढ़ की आंतरिक अर्थव्यवस्था को एक नई गति प्रदान करेगी।
स्वामित्व योजना ग्रामीण सशक्तीकरण के नए युग के रूप में देखा जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐतिहासिक सुधार करते हुए सरकार ने 10 लाख 50 हजार हितग्राहियों को उनकी जमीन और मकान का मालिकाना हक सौंपने का विशाल लक्ष्य रखा है। यह कदम ग्रामीण भारत से वर्षों पुराने संपत्ति विवादों को हमेशा के लिए खत्म कर देगा। सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि अब गांव के लोग भी अपने घरों पर आसानी से बैंक लोन ले सकेंगे, जिससे स्वरोजगार और ग्रामीण उद्यमिता के नए रास्ते खुलेंगे।
विज़न से हकीकत तक-सजग प्रशासन, सुदृढ़ छत्तीसगढ़
निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ सरकार के पास इस विकास यात्रा के लिए पुख्ता नीति, आधुनिक तकनीक और पर्याप्त फंड तीनों मौजूद हैं। बस्तर से लेकर सरगुजा के वनांचलों तक इंटरनेट कनेक्टिविटी का विस्तार करने, ग्रामीणों को डिजिटल रूप से साक्षर बनाने और नवगठित जिलों के प्रशासनिक अमले को हाई-टेक प्रशिक्षण देने के लिए सरकार युद्ध स्तर पर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का यह बजटीय सुरक्षा कवच और कल्याणकारी संबल न केवल छत्तीसगढ़ के अंतिम व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ रहा है, बल्कि सुशासन की एक ऐसी नई इबारत लिख रहा है जो आने वाले समय में पूरे देश के लिए एक अनुकरणीय रोल मॉडल साबित होगी। यह बजट विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में एक युगांतकारी और ठोस कदम है।
बलौदाबाजार में 'नेक्स्ट जेन डायल-112' वाहनों को राजस्व मंत्री ने दिखाई हरी झंडी
फॉरेंसिक और हाई-वे पेट्रोलिंग वैन समेत 15 आधुनिक वाहनों का बेड़ा तैयार
अब शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मिनटों में मिलेगी आपातकालीन मदद
रायपुर,20 मई 2026/ प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और आम जनता को त्वरित आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया गया। राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने बुधवार को जिला मुख्यालय बलौदाबाजार स्थित रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन) परिसर से अत्याधुनिक तकनीकों से लैस 'नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112' वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस नए बेड़े में डायल-112 के 12 सामान्य वाहनों के साथ-साथ गंभीर सड़क हादसों से निपटने के लिए 2 हाई-वे पेट्रोलिंग वैन और त्वरित जांच के लिए 1 मोबाइल फॉरेंसिक वैन शामिल है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, कलेक्टर कुलदीप शर्मा और पुलिस अधीक्षक ओपी शर्मा सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री की मंशानुरूप मजबूत होगी पुलिसिंग: मंत्री श्री टंक राम वर्मा
वाहनों को रवाना करते हुए राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप प्रदेश में पुलिसिंग व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाया जा रहा है। इस आपातकालीन सेवा के विस्तार से जिले के सभी 12 थानों के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे किसी भी दुर्घटना, अपराध या आपात स्थिति में केवल एक कॉल पर मिनटों के भीतर मदद पहुंचेगी।
स्मार्टफोन, जीपीएस और डैश कैम से लैस हैं गाड़ियाँ
अधिकारियों ने बताया कि ये नए वाहन पूरी तरह 'हाईटेक' हैं। इन अत्याधुनिक वाहनों में सुरक्षा और त्वरित एक्शन के लिए जीपीएस (GPS), वायरलेस रेडियो, पीटीजेड (PTZ) कैमरा डैश कैम आदि से लाइव मॉनिटरिंग किया जा सकता है। कंट्रोल रूम से गाड़ियों की लोकेशन ट्रैक कर पीड़ित के सबसे नजदीकी वाहन को तुरंत मौके पर भेजा जाएगा। नागरिक अब केवल वॉयस कॉल ही नहीं, बल्कि एसएमएस, व्हाट्सएप, चैटबॉट, ईमेल और 'SOS-112 इंडिया ऐप' के माध्यम से भी सीधे मदद मांग सकेंगे।
इस आधुनिक फ्लीट के आने से बलौदाबाजार जिले में अपराध नियंत्रण और सड़क दुर्घटनाओं के दौरान 'गोल्डन ऑवर' (शुरुआती महत्वपूर्ण समय) में घायलों को अस्पताल पहुंचाने में बड़ी मदद मिलेगी।
रायपुर, 20 मई 2026/ सुकमा जिले का मिनपा क्षेत्र कभी नक्सलवाद, घने जंगलों और कठिन रास्तों के कारण विकास से दूर माना जाता था। यहां स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना भी एक बड़ी चुनौती थी। एक समय ऐसा था जब एक छोटी सी झोपड़ी में स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की गई थीं। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने हार नहीं मानी और गांव-गांव पहुंचकर लोगों का इलाज किया। लगातार स्वास्थ्य शिविर लगाकर ग्रामीणों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई गई।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं के चलते मिनपा क्षेत्र में अब बड़ा बदलाव दिखाई दे रहा है। वर्ष 2024 में यहां नया उप स्वास्थ्य केंद्र भवन तैयार किया गया, जिसमें आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं, प्रयोगशाला कक्ष और आवश्यक स्टाफ की व्यवस्था की गई।
आज यह उप स्वास्थ्य केंद्र मिनपा सहित दुलेड़, एलमागुंडा, भटपाड़, पोट्टेमडगू, टोंडामरका और गुंडराजपाड़ जैसे दूरस्थ गांवों के लगभग 3,593 ग्रामीणों के लिए जीवनदायिनी सुविधा बन चुका है।
इस सफलता की सबसे बड़ी खासियत स्वास्थ्य कर्मचारियों का समर्पण है। पोट्टेमडगू, दुलेड़, गुंडराजपाड़ और भाटपाड़ जैसे पहुंचविहीन गांवों तक पहुंचने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को कठिन जंगल रास्तों से गुजरना पड़ता है। कई बार एक दिन में लौटना संभव नहीं हो पाता, तब कर्मचारी गांवों में रुककर ‘नाईट कैंप’ लगाते हैं और रात में भी मरीजों का उपचार करते हैं।
इसी मेहनत और सेवाभाव का परिणाम है कि आज मिनपा उप स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन 15 से 20 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। हर महीने यहां लगभग 4 सुरक्षित प्रसव कराए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों का संस्थागत प्रसव के प्रति भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
मिनपा स्वास्थ्य केंद्र की इस उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। 15 मई 2026 को इस केंद्र ने ‘राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक’ (NQAS) कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा किया। यह उपलब्धि मितानिन, एएनएम, सीएचओ, सुपरवाइजर, सेक्टर मेडिकल ऑफिसर और जिला प्रशासन की सामूहिक मेहनत का परिणाम है।
एक छोटी झोपड़ी से शुरू हुआ यह सफर आज राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों तक पहुंच चुका है। मिनपा की यह कहानी बताती है कि मजबूत संकल्प, सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और कर्मचारियों की निष्ठा से सबसे दुर्गम क्षेत्रों में भी विकास की नई रोशनी पहुंचाई जा सकती है।
वित्त मंत्री ने रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास
सामुदायिक भवन, बाल उद्यान और नाली निर्माण से बढ़ेंगी नागरिक सुविधाएं
अधोसंरचना विकास, पर्यावरण संरक्षण और युवाओं के लिए आधुनिक सुविधाओं पर विशेष जोर
रायपुर, 20 मई 2026/ वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने नगर पालिक निगम रायगढ़ क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते हुए कहा कि रायगढ़ शहर को सुव्यवस्थित, आधुनिक और जनसुविधाओं से समृद्ध बनाने के उद्देश्य से लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहर के विकास में अधोसंरचना विस्तार, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सुविधाओं और युवाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
साहू समाज सामुदायिक भवन का लोकार्पण
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने नगर निगम के वार्ड क्रमांक 28 में विधायक निधि से लगभग 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित साहू समाज सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि सामुदायिक भवन सामाजिक गतिविधियों, बैठकों, सांस्कृतिक आयोजनों और पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र होते हैं। ऐसे भवन समाज के लोगों को सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराते हैं और सामाजिक समन्वय को मजबूत करते हैं।
इस अवसर पर श्री चौधरी ने कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले साहू समाज के छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
श्रीराम कॉलोनी में बाल उद्यान का जीर्णोद्धार
वार्ड क्रमांक 21, श्रीराम कॉलोनी में अधोसंरचना विकास एवं पर्यावरण उपकर निधि से लगभग 46 लाख रुपये की लागत से बाल उद्यान जीर्णोद्धार कार्य का शिलान्यास किया गया। इस परियोजना के अंतर्गत लैंडस्केपिंग, पौधरोपण, मुख्य द्वार, बाउंड्रीवाल, विद्युतीकरण, बच्चों के खेल उपकरण, बैठने की व्यवस्था सहित अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि इस उद्यान के विकसित होने से बच्चों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक स्थल मिलेगा तथा शहर के हरित क्षेत्र में वृद्धि होगी।
नाली निर्माण से सुदृढ़ होगी जल निकासी व्यवस्था
रायगढ़ स्टेडियम के पीछे से श्रीराम कॉलोनी मोड़ तक लगभग 37.88 लाख रुपये की लागत से 580 मीटर लंबी नाली निर्माण कार्य का शिलान्यास भी किया गया। इस निर्माण से क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था में सुधार होगा और बरसात के दौरान होने वाली समस्याओं में कमी आएगी।
श्री चौधरी ने कहा कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जल निकासी संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं।
रायगढ़ में तेजी से आगे बढ़ रहे विकास और सौंदर्यीकरण के कार्य
वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि रायगढ़ में सड़क, पुल, केलो नदी तट विकास, तालाब सौंदर्यीकरण, उद्यान निर्माण और ऑक्सीजन जोन जैसी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है। इतवारी बाजार क्षेत्र को ऑक्सीजन जोन के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे नागरिकों को स्वच्छ और हरित वातावरण मिलेगा।
उन्होंने बताया कि निर्माणाधीन नालंदा परिसर युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का आधुनिक अध्ययन केंद्र बनेगा, जहां पुस्तकालय, अध्ययन कक्ष और मार्गदर्शन की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
बिजली बिल समाधान एवं सौर ऊर्जा योजनाओं की जानकारी
कार्यक्रम में वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की जानकारी देते हुए कहा कि इसके माध्यम से उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिलों में राहत मिल रही है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से योजना का लाभ लेने की अपील की।
उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए दी जा रही सब्सिडी की जानकारी भी दी और नागरिकों से योजना से जुड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्री लाल साहू, जनप्रतिनिधिगण, समाज के पदाधिकारी, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
• डॉ. दानेश्वरी संभाकर
• उप संचालक (जनसंपर्क)
रायपुर, 20 मई 2026/छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण और कुपोषण मुक्ति को एक साथ जोड़ते हुए राज्य सरकार ने एक ऐसी पहल शुरू की है, जिसने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आशा, आत्मविश्वास और आर्थिक स्थिरता की नई रोशनी जगाई है। आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार (रेडी-टू-ईट) के निर्माण एवं वितरण का दायित्व महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपकर सरकार ने महिलाओं को केवल रोजगार ही नहीं दिया, बल्कि उन्हें विकास की मुख्यधारा में सशक्त भागीदारी का अवसर भी प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रारंभ की गई यह पहल राज्य में महिला सशक्तिकरण और पोषण सुरक्षा के समन्वित मॉडल के रूप में उभर रही है। पहले जहां पूरक पोषण आहार निर्माण का कार्य बाहरी एजेंसियों के माध्यम से किया जाता था, वहीं अब यह जिम्मेदारी गांव की महिलाओं ने संभाल ली है, इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित हुआ है और महिलाओं की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रही है।
राज्य सरकार ने प्रथम चरण में रायगढ़, कोरबा, सूरजपुर, बस्तर, दंतेवाड़ा और बलौदाबाजार-भाटापारा जिलें में इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया है। इन छह जिलें के 42 महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी-टू-ईट पोषण आहार निर्माण एवं वितरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन समूहों के माध्यम से हजारों महिलाओं को रोजगार मिली है और वे अब संगठित रूप से उत्पादन, पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण और वितरण का कार्य संभाल रही हैं।
प्रदेश का पहला रेडी-टू-ईट उत्पादन रायगढ़ जिले में प्रारंभ हुआ, जिसने पूरे राज्य के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया। कोरबा जिले में 10, रायगढ़ में 10, सूरजपुर एवं बलौदाबाजार-भाटापारा में 7-7, बस्तर में 6 तथा दंतेवाड़ा में 2 महिला स्व-सहायता समूह इस कार्य से जुड़ी हुई हैं। इन समूहों के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों तक समय पर गुणवत्तापूर्ण पूरक पोषण आहार पहुंचाया जा रहा है।
इस पहल का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इससे महिलाओं की भूमिका केवल श्रमिक तक सीमित नहीं रही, बल्कि वे प्रबंधन और निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा भी बनी हैं। उत्पादन इकाइयों में कार्यरत महिलाओं को मशीन संचालन, गुणवत्ता परीक्षण, पैकेजिंग, भंडारण वितरण और लेखा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया है। आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित इन इकाइयों ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है।
सूरजपुर जिले में संचालित रेडी-टू-ईट निर्माण संयंत्र इस बदलाव की सशक्त तस्वीर प्रस्तुत कर रही हैं। भैयाथान, प्रतापपुर और सूरजपुर विकासखंडों में संचालित संयंत्रों में महिलाएं पौष्टिक नमकीन दलिया और मीठा शक्ति आहार तैयार कर रही हैं। इन खाद्य पदार्थों में विटामिन ‘ए’, विटामिन ‘डी’, आयरन, कैल्शियम, जिंक और फोलिक एसिड जैसे आवश्यक पोषक तत्व शामिल हैं, जो बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
इन संयंत्रों में कार्यरत महिलाएं अब केवल अपने परिवार की जिम्मेदारियां नहीं निभा रहीं, बल्कि जिले के पोषण अभियान में महत्वपूर्ण भागीदार बन चुकी हैं। सूरजपुर जिले में निर्माण के साथ-साथ वितरण की जिम्मेदारी भी महिला समूहों को सौंपी गई है, जिससे बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं आजीविका से जुड़ सकी हैं। लगभग 430 महिलाएं आंगनबाड़ी केंद्रों तक पोषण आहार पहुंचाने के कार्य में सक्रिय रूप से लगी हुई हैं।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इस पहल को महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और बच्चों के बेहतर पोषण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उनका कहना है कि यह योजना महिलाओं को रोजगार देने के साथ-साथ राज्य के पोषण स्तर में सुधार लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
दरअसल, यह पहल केवल पोषण आहार निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक बदलाव की एक सशक्त कहानी भी है, जिन महिलाओं की पहचान कभी केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थी, वे आज उत्पादन इकाइयों का संचालन कर रही हैं। समूहों का नेतृत्व कर रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार बन रही हैं। नियमित आय ने उनके जीवन में स्थिरता लाई है, आत्मविश्वास बढ़ाया है और समाज में उनकी भागीदारी को मजबूत किया है।
छत्तीसगढ़ में महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से संचालित यह मॉडल “पोषण के साथ सशक्तिकरण” की अवधारणा को वास्तविक रूप दे रहा है। यह पहल साबित कर रही है कि जब महिलाओं को अवसर और विश्वास मिलता है, तो वे न केवल अपने जीवन को बदलती हैं, बल्कि पूरे समाज के विकास की दिशा भी तय करती हैं।
नवा रायपुर अटल नगर: उपलब्धियों से नई ऊँचाइयों की ओर
* सुनील कुमार त्रिपाठी
* सहायक संचालक
रायपुर, 20 मई 2026/छत्तीसगढ़ की आधुनिक और योजनाबद्ध राजधानी नवा रायपुर अटल नगर आज देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे स्मार्ट शहरों में शामिल है। सुव्यवस्थित अधोसंरचना, हरित विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आईटी, पर्यटन और महिला सशक्तिकरण जैसे विविध क्षेत्रों में हुई उल्लेखनीय प्रगति ने नवा रायपुर को भविष्य के भारत का आदर्श शहरी मॉडल बना दिया है। यह केवल प्रशासनिक राजधानी नहीं, बल्कि निवेश, नवाचार और समावेशी विकास का उभरता हुआ केंद्र है।
स्मार्ट अधोसंरचना और शहरी सेवाओं में बड़ी उपलब्धियाँ
नवा रायपुर अटल नगर में 52 एमएलडी क्षमता की पाइपलाइन और अत्याधुनिक जल शोधन संयंत्र के माध्यम से पूरे शहर में दीर्घकालिक पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। इससे वर्तमान आबादी के साथ-साथ नए विकसित हो रहे सेक्टरों की आवश्यकताओं की भी पूर्ति हो सकेगी।
वर्षाजल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देने के लिए 10.66 किलोमीटर लंबी बायोस्वेल्स, रिचार्ज पिट्स और प्राकृतिक जल निकासी तंत्र विकसित किए गए हैं। इन पहलों ने न केवल जल संरक्षण को मजबूत किया है, बल्कि शहर के पर्यावरणीय संतुलन को भी सुदृढ़ किया है।
परिवहन और कनेक्टिविटी को मिला नया आयाम
रायपुर-राजिम रेल सेवा का नवा रायपुर के सीबीडी स्टेशन तक विस्तार शहर की कनेक्टिविटी को नई गति प्रदान कर रहा है।
महिलाओं की सुरक्षित आवाजाही और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए पिंक ई-रिक्शा सेवा शुरू की गई है। साथ ही, ई-बस संचालन के लिए आवश्यक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो चुका है और सेवा प्रारंभ होने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। यह पहल हरित और टिकाऊ शहरी परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
शिक्षा के क्षेत्र में विकसित हो रहा एडूसिटी
नवा रायपुर के 13 सहकारी विद्यालयों का उन्नयन किया गया है और दो उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित किया गया है।
लगभग 200 एकड़ क्षेत्र में एडूसिटी का विकास किया जा रहा है, जहाँ राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों जैसे National Institute of Fashion Technology (NIFT), National Institute of Electronics and Information Technology (NIELIT) और National Forensic Sciences University (NFSU), Narsee Monjee को भूमि आवंटित की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त सेक्टर-7 में 17 एकड़ भूमि पर आवासीय विद्यालय की स्थापना प्रस्तावित है।
मेडिसिटी: स्वास्थ्य सेवाओं का नया केंद्र
मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगभग 500 एकड़ क्षेत्र में विश्वस्तरीय मेडिसिटी विकसित की जा रही है। यहाँ सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, डायग्नोस्टिक सेंटर, धर्मशाला, होटल और आवासीय सुविधाएँ विकसित की जाएँगी।
इस परियोजना के तहत Bombay Hospital को 300 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए भूमि आवंटित की जा चुकी है। साथ ही, लगभग 50 एकड़ भूमि पर आवासीय विकास हेतु निजी निवेशकों को भूखंड आवंटित किए गए हैं, जिनमें लगभग 350 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है।
महिला सशक्तिकरण और श्रमिक कल्याण
कार्यरत महिलाओं के लिए 1,000 क्षमता वाले वर्किंग वुमन हॉस्टल का निर्माण 109 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। यह परियोजना महिला सुरक्षा, सुविधा और आत्मनिर्भरता को मजबूत करेगी।
इसके अतिरिक्त, प्रवासी श्रमिकों के लिए 1,100 क्षमता वाला सर्वसुविधायुक्त श्रमिक आवास भवन 40 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है।
पर्यटन, संस्कृति और MICE गंतव्य के रूप में उभार
नवा रायपुर में 77 एकड़ भूमि पर सेवाग्राम तथा सेक्टर-39 में Art of Living Foundation को 40 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जहाँ सांस्कृतिक और सामुदायिक गतिविधियों के बड़े केंद्र विकसित हो रहे हैं।
सेक्टर-4 और 10 में लगभग 120 एकड़ क्षेत्र में निजी निवेश के माध्यम से कन्वेंशन सेंटर कम स्पोर्ट्स सिटी विकसित की जा रही है। लगभग 800 करोड़ रुपये की इस परियोजना में विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर और टेनिस, तैराकी, कुश्ती, तीरंदाजी तथा स्क्वैश जैसी खेल सुविधाएँ शामिल होंगी।