ईश्वर दुबे
संपादक - न्यूज़ क्रिएशन
+91 98278-13148
newscreation2017@gmail.com
Shop No f188 first floor akash ganga press complex
Bhilai
Google Analytics —— Meta Pixel
जापान में जी-20 समिट के दौरान अमेरिका और चीन के राष्ट्रपति मिले
मीटिंग के बाद ट्रम्प ने कहा- बेहतर वार्ता हुई, हम फिर से ट्रैक पर आए
यूएस-चीन के ट्रेड वॉर से ग्लोबल इकोनॉमी मुश्किल में, इसलिए दोनों के बीच व्यापार वार्ता अहम
अमेरिका ने पिछले महीने वार्ता बंद कर चीन के आयात पर शुल्क बढ़ा दिया था
ओसाका (जापान). अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हो गए हैं। ट्रम्प ने कहा है कि चाइनीज इंपोर्ट पर नए शुल्क नहीं लगाए जाएंगे। जापान के ओसाका में जी-20 समिट में शनिवार को ट्रम्प और जिनपिंग की मुलाकात हुई। आयात शुल्क का मुद्दा इसलिए अहम है क्योंकि दोनों देशों के बीच पिछले साल शुरू हुए ट्रेड वॉर की वजह से दुनियाभर की अर्थव्यवस्था मुश्किल में आ गई है। क्योंकि, अमेरिका और चीन दुनिया के प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं वाले देश हैं।
ट्रम्प, जिनपिंग की बैठक 80 मिनट चली: रिपोर्ट
चीन के मीडिया के मुताबिक ट्रम्प और जिनपिंग की मीटिंग 80 मिनट चली। बैठक के बाद ट्रम्प ने कहा- वार्ता जितनी बेहतर हो सकती थी उतनी हुई। चीन के साथ बातचीत जारी रहेगी। हम फिर से ट्रैक पर हैं।
ट्रम्प ने वार्ता से पहले कहा था कि वे पहले भी स्थाई व्यापारिक सौदे के लिए तैयार थे। उन्होंने पिछली वार्ताओं का जिक्र करते हुए कहा- मुझे लगता है कि हम डील के बहुत करीब थे लेकिन थोड़ी रुकावट आ गई। अब हम थोड़ा करीब आ रहे हैं। हम निष्पक्ष डील कर पाए तो यह ऐतिहासिक होगी।
अमेरिका ने पिछले महीने 200 अरब डॉलर के चाइनीज इंपोर्ट पर शुल्क बढ़ाया था
अमेरिका और चीन के बीच पिछले साल मार्च में ट्रेड वॉर शुरू हुआ था। दोनों देश एक-दूसरे के अरबों डॉलर के आयात पर शुल्क बढ़ा चुके हैं। नवंबर में डोनाल्ड ट्रम्प और चीन के राष्ट्रपति शी-जिनपिंग जी-20 में मिले तो ट्रेड वॉर खत्म करने के लिए व्यापार वार्ता शुरू करने पर सहमति बनी। उस वक्त ट्रम्प इस बात के लिए राजी हुए थे कि मार्च तक टैरिफ नहीं बढ़ाएंगे। वार्ता जारी रहने की वजह से मार्च में फिर से डेडलाइन बढ़ा दी गई। लेकिन, पिछले महीने ट्रम्प ने चीन पर सौदेबाजी का आरोप लगाते हुए वार्ता खत्म कर दी और चीन के 200 अरब डॉलर (14 लाख करोड़ रुपए) के इंपोर्ट पर आयात शुल्क 10% से बढ़ाकर 25% कर दिया। चीन ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 1 जून से 60 अरब डॉलर के अमेरिकी इंपोर्ट पर शुल्क बढ़ा दिया।