ईश्वर दुबे
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Bhilai
'कैच द रेन' अभियान में नगर निगम के नवाचारों की प्रधानमंत्री ने की सराहना
रायपुर जुलाई 2026/ जल संरक्षण के क्षेत्र में कोरबा जिले के नवाचारों और जनभागीदारी आधारित प्रयासों को आज राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण पहचान मिली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 136वें एपिसोड में कोरबा नगर पालिक निगम द्वारा कैच द रेन अभियान के अंतर्गत किए जा रहे वर्षा जल संरक्षण कार्यों का उल्लेख करते हुए इसे जल संवर्धन की प्रभावी पहल बताया। यह उपलब्धि कोरबा नगर पालिक निगम, जिला प्रशासन एवं जिलेवासियों के लिए गौरव का विषय है।
'कैच द रेन' अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन तथा नगर पालिक निगम, कोरबा के आयुक्त श्री आशुतोष पांडेय के नेतृत्व में जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से अनेक नवाचारी एवं स्थायी पहल की गई हैं। 'कैच द रेन' अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत वर्षा जल का अधिकतम संचयन एवं भूजल स्तर में वृद्धि के लिए शहर में कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं।
एसएएम-2.0 योजना के अंतर्गत शहर के 10 विभिन्न स्थानों पर रिचार्ज वेल का निर्माण कराया गया है। इनका निर्माण नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (इसरो) के तकनीकी विशेषज्ञों के परामर्श से इंजेक्ट वेल पद्धति के अनुसार किया गया है। इन रिचार्ज वेल के माध्यम से भारी वर्षा के दौरान सड़कों एवं नालियों में बहने वाले वर्षा जल को सीधे भूगर्भ में पहुंचाया जा रहा है, जिससे जल का अपव्यय रुक रहा है तथा भूजल स्तर में निरंतर सुधार हो रहा है।
1,728 रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट स्थापित
नगर निगम ने वर्षा जल संचयन को जनभागीदारी से जोड़ते हुए शासकीय भवनों में 757 तथा निजी भवनों में 971, कुल 1,728 रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट स्थापित कराए हैं। साथ ही भवन अनुज्ञा विभाग द्वारा जारी प्रत्येक भवन निर्माण अनुमति में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य प्रावधान के रूप में शामिल किया गया है।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट का प्रावधान अनिवार्य
इसके अतिरिक्त सामुदायिक भवनों, विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों, आंगनबाड़ी भवनों, मंगल भवनों तथा अन्य सार्वजनिक उपयोग के भवनों के निर्माण में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट का प्रावधान अनिवार्य किया गया है। वर्तमान में 109 निर्माण कार्यों के लिए कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं, जिनमें वर्षा जल संचयन की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
95 अनुपयोगी, क्षतिग्रस्त एवं ध्वस्त बोरवेलों का चिन्हांकन कर रिचार्ज
भूजल संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर स्थित 95 अनुपयोगी, क्षतिग्रस्त एवं ध्वस्त बोरवेलों का चिन्हांकन कर उन्हें रिचार्ज संरचनाओं के रूप में विकसित करने के लिए री-ड्रिलिंग की कार्ययोजना तैयार की गई है। इससे अनुपयोगी संसाधनों का उपयोग जल संरक्षण के लिए किया जा सकेगा।
वाटर हार्वेस्टिंग पिट के माध्यम से जल संरक्षण को भी बढ़ावा
जल संरक्षण के साथ-साथ जिले में पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आवरण बढ़ाने के लिए भी व्यापक अभियान संचालित किया जा रहा है। वन विभाग द्वारा कोरबा एवं कटघोरा वनमंडल में बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जा रहा है तथा वाटर हार्वेस्टिंग पिट के माध्यम से जल संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। कोरबा वनमंडल में इस वर्ष ढाई लाख पौधे रोपने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
सभी शासकीय कार्यालयों के परिसरों में वृक्षारोपण को प्रोत्साहन
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के निर्देशानुसार जिले में 15 सितंबर तक एक पेड़ माँ के नाम सहित सघन वृक्षारोपण अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में नगर निगम द्वारा 18 जुलाई को "रन फॉर ग्रीन कोरबा" का आयोजन कर जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों की सहभागिता से पौधरोपण किया गया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इसके साथ ही बीबी-राम-जी अभियान के माध्यम से पौधों का वितरण कर सभी शासकीय कार्यालयों के परिसरों में वृक्षारोपण को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
नीट में सफलता हासिल करने वाले विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं, आगे की पढ़ाई में हरसंभव सहयोग का भरोसा
रायपुर, जुलाई 2026/ वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा दंतेवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने रविवार को छू लो आसमान आवासीय शैक्षणिक संस्थान, कारली में नीट परीक्षा में सफल विद्यार्थियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने सफल विद्यार्थियों को गुलदस्ता, पुष्पमाला और टैबलेट प्रदान कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
वन मंत्री श्री कश्यप ने विद्यार्थियों की सफलता की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनकी मेहनत, लगन और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि आगे की पढ़ाई में उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। शासन की ओर से उन्हें हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा l उन्होंने संस्था में अध्ययनरत कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों से नीट में सफल विद्यार्थियों से प्रेरणा लेने और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी लगन एवं मेहनत से पढ़ाई करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दृढ़ संकल्प और निरंतर मेहनत से कठिन से कठिन लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है।
‘छू लो आसमान’ योजना से विद्यार्थियों को मिल रहा बेहतर अवसर
दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित ‘छू लो आसमान’ पहल विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान दे रही है। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक मार्गदर्शन मिल रहा है।कारली के विद्यार्थियों की नीट में सफलता इस बात का प्रमाण है कि उचित मार्गदर्शन, मेहनत और शासन की सुविधाओं से वनांचल क्षेत्र के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकते हैं।
कार्यक्रम में विधायक श्री चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी, श्री यशवंत जैन, श्री टेकेश्वर जैन, श्री संतोष गुप्ता, श्री दीपेश अरोरा, श्री मुकेश शर्मा, श्री सत्यजीत चौहान, श्री जय भंसाली, श्री कुलदीप ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर डीएफओ श्री कृष्ण रंगनाथा वाई, अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रमोद ठाकुर, डीएमसी श्री हरीश गौतम सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित थे।
मंत्री केदार कश्यप ने वनाधिकार पत्र बांटे, ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का किया शुभारंभ
‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत किया पौधारोपण, नीट-2026 में सफल विद्यार्थियों का किया सम्मान
रायपुर, जुलाई 2026/ बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखंड के अंदरूनी क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत दरभा के जैगूर गांव में रविवार को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें संस्करण का सामूहिक श्रवण किया गया। प्रधानमंत्री के संदेश को सुनने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए। पूरे कार्यक्रम में राष्ट्रभक्ति, जनभागीदारी और विकास का उत्साह देखने को मिला।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत कारगिल विजय दिवस पर देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की। उन्होंने भारतीय सैनिकों के शौर्य और बलिदान को नमन करते हुए आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी रक्षा उत्पादन, जनभागीदारी और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने तथा विकसित भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में किए जा रहे जल संरक्षण कार्यों की भी सराहना की।
वनाधिकार पत्र से ग्रामीणों को मिला भूमि पर अधिकार
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने प्रधानमंत्री के संदेशों को जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर मंत्री श्री कश्यप ने छह हितग्राहियों को व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र वितरित किए। वनाधिकार पत्र मिलने से हितग्राहियों को अपनी भूमि पर वैधानिक अधिकार प्राप्त हुआ। उन्होंने नीट-2026 में सफलता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।
‘हर घर तिरंगा’ अभियान का शुभारंभ
मंत्री श्री कश्यप ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का शुभारंभ करते हुए ग्रामीणों को तिरंगा भेंट किया। उन्होंने सभी लोगों से राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने की अपील की।
‘एक पेड़ माँ के नाम’ के तहत किया पौधारोपण
प्रधानमंत्री के आह्वान पर मंत्री श्री कश्यप ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधारोपण किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री श्री महेश गागड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा, जिला पंचायत सदस्य श्री मैथियस कुजूर सहित जिला एवं जनपद पंचायत के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्यगण, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। इस अवसर पर कलेक्टर श्री विश्वदीप, डीएफओ डॉ. जाधव सागर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमन कुमार झा सहित जिला पुलिस, वन विभाग और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम जनभागीदारी, राष्ट्रभक्ति, पर्यावरण संरक्षण और विकसित भारत के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।
नो बैग डे पर बच्चों ने किया श्रमदान, फलदार पौधे और सब्जियों के लगाए गए बीज
रायपुर, जुलाई 2026/ नो बैग डे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत स्कूली बच्चों का शैक्षणिक बोझ और मानसिक तनाव कम करने की एक पहल है, जिसमें छात्र बिना किताबों के स्कूल जाते हैं। इस दिन खेलकूद, कला, और रचनात्मक गतिविधियां कराई जाती हैं। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के बस्तामुक्त विद्यालय शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला रुनियाडीह में शनिवार को नो बैग डे के अवसर पर पोषण वाटिका निर्माण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सूरजपुर कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के निर्देशन व मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें विद्यालय परिसर में पौधरोपण के साथ पोषण वाटिका के रख-रखाव के लिए विशेष श्रमदान किया गया।
यूथ एवं इको क्लब की अगुवाई में हुआ श्रमदान
संस्था प्रमुख श्री सीमांचल त्रिपाठी ने बताया कि यूथ एवं इको क्लब की प्रभारी श्रीमती एम. टोप्पो के नेतृत्व में क्लब अध्यक्ष वर्षा राजवाड़े सहित छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने पोषण वाटिका से खरपतवार हटाकर पौधों की उचित देखभाल की और समाज को पर्यावरण संरक्षण का सुंदर संदेश दिया।
एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत रोपे गए पौधे
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के एक पेड़ माँ के नाम अभियान तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप शासकीय उद्यान दतिमा से पौधे प्राप्त किए गए। परिसर में नीम, पीपल, आम, पपीता, मुनगा एवं केला सहित विभिन्न प्रकार के फलदार व छायादार पौधे लगाए गए। इसके साथ ही पोषण वाटिका में बरबटी, लौकी और करेला की सब्जियों के बीज भी रोपे गए।
विद्यार्थियों के पोषण का जरिया बन रही वाटिका
संस्था प्रमुख ने बताया कि विद्यालय परिसर में पूर्व से ही आम, जामुन, कटहल, अमरूद, पपीता, केला और अनानास जैसे फलदार वृक्ष मौजूद हैं, जो विद्यार्थियों के दैनिक पोषण का मुख्य माध्यम बन रहे हैं। इस अवसर पर शिक्षक श्री रिजवान अंसारी, श्रीमती सुमित्रा राजवाड़े, नान दईया तथा बाल कैबिनेट के सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाकर कार्यक्रम को सफल बनाया।
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक
समूह से जुड़कर आर्थिक रूप से हुईं सशक्त, महतारी वंदन योजना से भी मिल रहा संबल
रायपुर, जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ शासन की राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन रही है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं जहां स्वरोजगार और आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं, वहीं समाजहित के कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सरगुजा जिले के ग्राम खैरबार की श्रीमती लक्ष्मी यादव इसकी प्रेरक मिसाल हैं, जिन्होंने ‘बिहान’ से जुड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल करने के साथ-साथ पोषण सखी के रूप में महिलाओं और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया है।
समूह से जुड़कर बदली जिंदगी
लक्ष्मी यादव बताती हैं कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने से पहले परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी और दैनिक जरूरतों को पूरा करना भी चुनौतीपूर्ण था। ‘बिहान’ योजना से जुड़ने के बाद उन्हें पोषण सखी के रूप में कार्य करने का अवसर मिला, जिससे उनकी आय का नियमित स्रोत बना और परिवार की आर्थिक स्थिति में लगातार सुधार हुआ।
पोषण सखी बनकर निभा रहीं सामाजिक जिम्मेदारी
पोषण सखी के रूप में लक्ष्मी यादव गांव-गांव और घर-घर जाकर गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व की जानकारी देती हैं। वे आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूक करती हैं। साथ ही कुपोषित बच्चों की पहचान कर उनके परिवारों को उचित पोषण, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और आंगनबाड़ी सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करती हैं। उनके प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ रही है और कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण को मजबूती मिल रही है।
आर्थिक सशक्तिकरण को मिला नया आधार
लक्ष्मी यादव को पोषण सखी के रूप में प्रतिमाह लगभग 1,000 रुपये का मानदेय प्राप्त होता है। इसके साथ ही महतारी वंदन योजना के अंतर्गत मिलने वाली प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता राशि भी परिवार के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक संबल साबित हो रही है। इस राशि का उपयोग वे बच्चों की शिक्षा, आवश्यकताओं और परिवार के दैनिक खर्चों में करती हैं।
शासन की योजनाओं से बढ़ा आत्मविश्वास
लक्ष्मी यादव का कहना है कि शासन की योजनाओं ने उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के साथ समाज की सेवा करने का अवसर भी दिया है। समूह से जुड़ने के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अपने परिवार एवं समाज के प्रति जिम्मेदारियों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर रही हैं।
उन्होंने अपनी सफलता के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण और आर्थिक उन्नति के लिए संचालित योजनाएं ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
राज्य में ‘बिहान’, पोषण अभियान और महतारी वंदन योजना के समन्वित क्रियान्वयन से हजारों महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। लक्ष्मी यादव जैसी महिलाएं आज स्वयं सशक्त होकर अन्य महिलाओं को भी स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
जीवामृत और वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम, कृषि विभाग के मार्गदर्शन से मिली नई दिशा
रायपुर, जुलाई 2026/ कृषि विभाग द्वारा जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयास किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहे हैं। सरगुजा जिले के विकासखंड सीतापुर के ग्राम पेटला की कृषक श्रीमती एरिन भगत ने कृषि विभाग के मार्गदर्शन में जैविक खेती अपनाकर खेती की लागत में उल्लेखनीय कमी लाई है और आत्मनिर्भर खेती की दिशा में प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।
कृषि विभाग से प्राप्त प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन के बाद एरिन भगत ने अपने खेतों में जीवामृत एवं वर्मी कम्पोस्ट का नियमित उपयोग शुरू किया। विभाग द्वारा उन्हें जीवामृत तैयार करने के लिए विशेष ड्रम उपलब्ध कराया गया, जिसकी सहायता से वे गाय के मूत्र से जीवामृत तैयार करती हैं। वहीं, गाय के गोबर से वर्मी कम्पोस्ट बनाकर खेतों में उपयोग कर रही हैं।
एरिन भगत वर्तमान में पूरी तरह जैविक खेती कर रही हैं। साथ ही वे वर्मी कल्चर के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण जैविक खाद का उत्पादन भी कर रही हैं। इससे रासायनिक उर्वरकों पर उनकी निर्भरता काफी कम हुई है, जिसके परिणामस्वरूप खेती की लागत में कमी आई है और उत्पादन प्रणाली अधिक टिकाऊ बनी है।
उन्होंने बताया कि पहले रासायनिक उर्वरकों पर अधिक खर्च करना पड़ता था, लेकिन अब प्राकृतिक संसाधनों से तैयार जैविक खाद के उपयोग से आर्थिक बचत हो रही है। इसके साथ ही भूमि की उर्वरा शक्ति भी बनी हुई है, जिससे भविष्य में बेहतर उत्पादन की संभावना बढ़ी है। उनका मानना है कि जैविक खेती किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
कृषि विभाग किसानों को जैविक खेती, जीवामृत निर्माण, वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन तथा प्राकृतिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। विभाग के वैज्ञानिक मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग से जिले के किसान कम लागत, पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ खेती की ओर तेजी से अग्रसर हो रहे हैं।
सोलर पंप चालू होने से लौटी खेतों की रौनक
रायपुर. जुलाई 2026. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा रहा है। इसी कड़ी में सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
कोरबा के विकासखंड पोड़ी-उपरोड़ा अंतर्गत ग्राम अरसियां निवासी कृषक श्री राम के खेत में सौर सुजला योजना के तहत स्थापित सोलर पंप अचानक तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गया था। पंप के बंद होने से सिंचाई कार्य प्रभावित होने लगा और खेती-किसानी में परेशानी उत्पन्न हो गई। अपनी समस्या के समाधान के लिए श्री राम ने सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत प्राप्त होते ही क्रेडा के अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की। तकनीकी दल को मौके पर भेजा गया, जहां सोलर पंप का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार एवं मरम्मत कार्य कर इसे पुनः चालू कर दिया गया।
सोलर पंप के पुनः सुचारु रूप से संचालित होने के बाद श्री राम के खेतों में सिंचाई कार्य फिर से शुरू हो गया। समय पर सिंचाई की सुविधा मिलने से उनकी कृषि गतिविधियां सामान्य हो गईं और फसल की देखभाल में आने वाली कठिनाइयां दूर हो गईं। अपनी समस्या का त्वरित समाधान होने पर कृषक श्री राम ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, जिला प्रशासन तथा क्रेडा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी समस्या का शीघ्र समाधान हुआ, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली।
क्रेडा के अधिकारियों ने बताया कि सौर सुजला योजना के अंतर्गत स्थापित सभी सोलर पंपों के संचालन एवं रखरखाव को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। किसानों से प्राप्त तकनीकी शिकायतों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाता है, ताकि उन्हें सिंचाई कार्य में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। शासन की जनहितकारी योजनाओं के साथ-साथ संवेदनशील प्रशासन और त्वरित कार्रवाई से आम नागरिकों की समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव हो रहा है तथा किसानों का शासन के प्रति विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।
पहली बार मेधावी विद्यार्थियों के लिए खुले कोरिया कलेक्टर निवास के द्वार
15 प्रतिभाशाली छात्रों ने कलेक्टर के साथ साझा किए अपने सपने, मिला सफलता का नया मंत्र
रायपुर, जुलाई 2026/ कोरिया जिले में शिक्षा और युवा प्रतिभाओं को नई दिशा देने की अनूठी पहल करते हुए कोरिया कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने 25 जुलाई को जिले के मेधावी विद्यार्थियों के लिए द कलेक्टर्स-15 कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह पहल केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों को पहचानने, संवारने और उन्हें साकार करने की दिशा में उठाया गया एक प्रेरणादायी कदम है।
इस पहल की सबसे खास बात यह रही कि इतिहास में पहली बार कोरिया कलेक्टर निवास के द्वार विद्यार्थियों के लिए खोले गए, जहां सरकारी औपचारिकताओं की जगह आत्मीयता, विश्वास और प्रेरणा का वातावरण देखने को मिला। आकांक्षी विकासखंड बैकुंठपुर के सहयोग से जिले के 15 मेधावी छात्र-छात्राओं ने कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव के साथ आत्मीय संवाद करते हुए अपने करियर लक्ष्य, संघर्ष, जिज्ञासाएं और भविष्य की योजनाएं साझा कीं।
चुनौतियों को अपनी ताकत बनाएं - कलेक्टर रोक्तिमा यादव
कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा, हर सपना खास होता है और उसे सही मार्गदर्शन, मेहनत व आत्मविश्वास की जरूरत होती है। सपने वही पूरे करते हैं, जो चुनौतियों से घबराते नहीं, बल्कि उन्हें अपनी ताकत बना लेते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को बड़ी सोच रखने, निरंतर सीखते रहने, अनुशासन को जीवन का आधार बनाने और समाज के प्रति संवेदनशील नागरिक बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल परीक्षा में अंक लाना नहीं, बल्कि जीवन में नेतृत्व क्षमता, सकारात्मक सोच और निर्णय लेने का साहस विकसित करना है।
प्रशासनिक सेवाओं और करियर गाइडेंस पर हुई चर्चा
संवाद के दौरान छात्र-छात्राओं ने प्रशासनिक सेवाओं, उच्च शिक्षा, तकनीकी क्षेत्र, नवाचार, समय प्रबंधन और व्यक्तित्व विकास से जुड़े अनेक सवाल पूछे। कलेक्टर ने अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करते हुए विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित करने, निरंतर प्रयास करने और असफलताओं से सीख लेकर आगे बढ़ने का संदेश दिया।
कक्षा की चारदीवारी से बाहर शिक्षा का अभिनव प्रयास
द कलेक्टर्स-15 पहल शिक्षा को केवल कक्षा की चारदीवारी तक सीमित न रखकर वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ने का एक नवाचार है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रशासन से सीधे जोड़ना, उनके सपनों को नई उड़ान देना, और उनमें नेतृत्व व सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है। यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि यदि युवा प्रतिभाओं को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो वे न केवल व्यक्तिगत सफलता हासिल करेंगे, बल्कि समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव भी रखेंगे।
महिला स्व सहायता समूह बना ग्रामीण विकास की प्रेरक मिसाल
रायपुर. 26 जुलाई 2026. ’’बिहान योजना’’ एवं ’’राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम)’’ के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि बिलासपुर के विकासखण्ड मस्तुरी के ग्राम कछार स्थित ’’वैष्णो देवी शक्ति महिला स्वसहायता समूह’’ की महिलाएं आज अपने परिश्रम और सामूहिक प्रयास से आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।
समूह की अध्यक्ष श्रीमती अपूर्वा तिवारी के नेतृत्व में समूह की महिलाएं विभिन्न प्रकार के घरेलू उपयोग के उत्पादों का निर्माण कर रही हैं। इनमें क्लिनिकल तथा अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री शामिल है। समूह द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की गुणवत्ता और स्वच्छता के कारण स्थानीय बाजार में इनकी अच्छी मांग है, जिससे महिलाओं को नियमित रूप से अच्छा मुनाफा प्राप्त हो रहा है।
'बिहान' योजना के अंतर्गत समूह को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, विपणन तथा उद्यम विकास का मार्गदर्शन मिला। इससे महिलाओं ने अपने हुनर को व्यवसाय का रूप दिया और आज वे अपने उत्पादों को स्थानीय हाट-बाजारों, मेलों तथा विभिन्न प्रदर्शनियों में भी विक्रय कर रही हैं। इससे उनकी आय में लगातार वृद्धि हो रही है और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
श्रीमती तिवारी ने बताया कि 'बिहान' योजना और एनआरएलएम के सहयोग से महिलाओं को रोजगार का नया अवसर मिला है। पहले महिलाएं केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थीं, लेकिन अब वे अपने उत्पादों का निर्माण और विपणन स्वयं कर रही हैं। इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है और वे परिवार के साथ-साथ समाज में भी अपनी अलग पहचान बना रही हैं।
वैष्णो देवी शक्ति महिला स्वसहायता समूह की यह सफलता ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रहा है, बल्कि उन्हें सम्मानजनक आजीविका और सशक्त भविष्य की ओर भी अग्रसर कर रहा है।
माताओं, बहनों और बच्चों से 30 जुलाई तक हस्तनिर्मित राखी, शुभकामना संदेश और आंगन की पावन मिट्टी भेजने की अपील
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अभियान को जन-आंदोलन बनाने का किया आह्वान
रायपुर, 26 जुलाई 2026/ रक्षाबंधन के पावन पर्व के अवसर पर देश की सीमाओं की रक्षा में तैनात वीर जवानों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और आत्मीयता प्रकट करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में 'ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान-2026' का शुभारंभ किया गया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेश की सभी माताओं, बहनों और बच्चों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील करते हुए इसे सैनिकों के प्रति सम्मान का एक बड़ा जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया है।
वीर जवानों तक पहुंचेगा पूरे प्रदेश का स्नेह
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि सीमाओं पर दिन-रात तैनात वीर सैनिकों के अदम्य साहस, समर्पण और त्याग के प्रति सम्मान व्यक्त करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा, "रक्षाबंधन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सुरक्षा, विश्वास और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। इस अभियान के माध्यम से छत्तीसगढ़ की माताओं, बहनों और बच्चों का प्यार और स्नेह सीधे देश के वीर जवानों तक पहुंचेगा।"
हाथों से बनी राखी, संदेश और आंगन की माटी भेजने का आग्रह
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया है कि वे अपने हाथों से सुंदर राखी तैयार करें, उसके साथ सैनिकों के नाम शुभकामना संदेश लिखें और विजय तिलक के लिए अपने आंगन की एक चुटकी पावन मिट्टी लिफाफे में रखें। यह मिट्टी मातृभूमि के आशीर्वाद और छत्तीसगढ़ की आत्मीय भावनाओं का प्रतीक बनेगी।
30 जुलाई तक जमा कर सकेंगे लिफाफा
मंत्री ने समय-सीमा की जानकारी देते हुए बताया कि हस्तनिर्मित राखी, शुभकामना संदेश एवं पावन मिट्टी का लिफाफा 30 जुलाई 2026 तक निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र अथवा महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना कार्यालय में अनिवार्य रूप से जमा कराया जाए। अभियान के तहत एकत्रित सभी रक्षा-सूत्र 'पूर्व सैनिक महासभा' के माध्यम से नई दिल्ली स्थित सेना मुख्यालय भेजे जाएंगे, जहां से इन्हें देशभर के विभिन्न मोर्चों पर तैनात सैनिकों तक पहुंचाया जाएगा।
सैनिकों के साथ मजबूती से खड़ा है छत्तीसगढ़
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने प्रदेशवासियों से अपील की कि इस अभियान को जनभागीदारी का एक प्रेरक उदाहरण बनाएं और अपने सैनिक भाइयों तक यह मजबूत संदेश पहुंचाएं कि पूरा छत्तीसगढ़ उनके सम्मान, सुरक्षा और गौरव के साथ मुस्तैदी से खड़ा है।