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25 करोड़ बच्चों के सपनों को भारत

हर बच्चों को अवसर, हर सपनों को उड़ान: विकसित भारत का संकल्प

• ओम प्रकाश डहरिया
सहायक जनसम्पर्क अधिकारी
रायपुर,  सितंबर 2026 किसी बच्चे की आंखों में देखें तो वहां केवल बचपन नहीं दिखाई देगा, बल्कि वहां आने वाले भारत की तस्वीर दिखाई देगी। किसी की आंखों में अंतरिक्ष तक पहुंचने का सपना है, कोई डॉक्टर बनकर गांव के लोगों की सेवा करना चाहता है, कोई वैज्ञानिक बनकर नई खोज करना चाहता है, तो कोई अपने गांव में ऐसा काम करना चाहता है जिससे उसके साथ दूसरे लोगों को भी रोजगार का अवसर मिले और भविष्य सुनिश्चित हो सके। वहीं किसी बच्चे का सपना खेल के मैदान से जुड़ा है तो किसी का खेत, तकनीक, शिक्षा, कला या उद्यमिता से। भारत के करोड़ों बच्चों की आंखों में पल रहे यही अनगिनत सपने मिलकर वर्ष 2047 के विकसित भारत की नींव रख रहे हैं।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा और राष्ट्रनिर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ की दूसरी पहल ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ इसी भविष्य को समझने और उसे आकार देने का संकल्प है। यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि उस पीढ़ी के प्रति विश्वास का संदेश है, जो वर्ष 2047 में विकसित भारत की जिम्मेदारी संभालेगी। आज जो बच्चे स्कूलों में पढ़ रहे हैं, वही कल भारत के वैज्ञानिक, चिकित्सक, इंजीनियर, शिक्षक, सैनिक, खिलाड़ी, उद्यमी, शोधकर्ता और नीति-निर्माता होंगे।

विकसित भारत की यात्रा की शुरुआत इसलिए स्कूल की कक्षा से होती है। एक बच्चे के हाथ में किताब होती है, लेकिन उसी किताब के पन्नों में उसके भविष्य की पूरी दुनिया छिपी होती है। शिक्षा को केवल परीक्षा और डिग्री तक सीमित रखने के बजाय बच्चों में जिज्ञासा, रचनात्मकता, कौशल, तकनीकी समझ और नवाचार की भावना विकसित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयास आने वाले भारत की तस्वीर बदल रहे हैं। पीएम श्री स्कूल इसी बदलती सोच का उदाहरण हैं, जहां विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ प्रयोग, खेल, कला, तकनीक और अनुभव के माध्यम से सीखने का वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

लेकिन भारत के सपनों की असली ताकत तब सामने आएगी, जब विकास की रोशनी उन बच्चों तक भी पहुंचेगी, जिनके घर दूरस्थ गांवों, पहाड़ी क्षेत्रों और वनांचलों में हैं। छत्तीसगढ़ जैसे जनजातीय बहुल राज्य में यह जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। एकलव्य आवासीय विद्यालयों ने जनजातीय समाज के अनेक बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए अवसर दिए हैं। जिन बच्चों के लिए कभी बड़े शहरों में जाकर पढ़ाई करना दूर का सपना था, उनके लिए आवासीय विद्यालय शिक्षा और बेहतर भविष्य की नई राह बन रहे हैं।

इन विद्यालयों की कक्षाओं में बैठा कोई बच्चा जब पहली बार बड़े लक्ष्य के बारे में सोचता है, तो उसके साथ केवल उसका अपना सपना नहीं होता। उसके पीछे माता-पिता की उम्मीदें होती हैं, परिवार की वर्षों पुरानी आकांक्षाएं होती हैं और पूरे समाज की बदलती तस्वीर होती है। एक बच्चे की सफलता उसके परिवार को यह विश्वास देती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, प्रतिभा को अवसर मिले तो मंजिल हासिल की जा सकती है।

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रयास आवासीय विद्यालय भी विद्यार्थियों के सपनों को नई दिशा देने का काम कर रहे हैं। स्कूली शिक्षा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिलने से आर्थिक रूप से कमजोर और दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभाशाली बच्चों के सामने उच्च शिक्षा के नए रास्ते खुल रहे हैं। जेईई, नीट, क्लैट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मार्गदर्शन और तैयारी का वातावरण इन विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने का आत्मविश्वास देता है। यह बदलाव केवल शिक्षा व्यवस्था का परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह उस सोच का विस्तार है जिसमें बच्चे की प्रतिभा को उसके गांव, परिवार या आर्थिक स्थिति से नहीं, बल्कि उसकी क्षमता और मेहनत से पहचाना जाता है।

BMC छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 में वित्त मंत्री ने कहा—विकसित भारत के लक्ष्य के लिए स्वस्थ युवा आबादी सबसे बड़ी ताकत

नवा रायपुर में देशभर से आए कैंसर विशेषज्ञों का किया स्वागत, चिकित्सा क्षेत्र में शोध और विशेषज्ञ सेवाओं को बढ़ावा देने पर दिया जोर

रायपुर,  सितम्बर 2026/ वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी आज नवा रायपुर में बाल्को मेडिकल सेंटर, eCancer तथा टाटा मेमोरियल सेंटर द्वारा आयोजित चतुर्थ वार्षिक BMC छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 में शामिल हुए। कॉन्क्लेव की थीम “Restoring Balance to Cancer Care” पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कैंसर केयर, स्वास्थ्य सेवाओं की भविष्य की चुनौतियों और देश की युवा आबादी को स्वस्थ बनाए रखने की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि भारत आज दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है। देश की औसत आयु करीब 29 वर्ष है, जबकि छत्तीसगढ़ की औसत आयु करीब 24 वर्ष है। देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है। यह युवा आबादी भारत की आर्थिक प्रगति की सबसे बड़ी ताकत है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए इस युवा शक्ति का स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है।

मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि आने वाले 10-20 वर्षों में भारत की जनसांख्यिकी में तेजी से बदलाव होगा और आबादी की औसत आयु बढ़ेगी। ऐसे में स्वास्थ्य क्षेत्र के सामने बड़ी चुनौती होगी कि देश आर्थिक रूप से विकसित होने से पहले अस्वस्थ न हो जाए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मानव संसाधन किसी भी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की बुनियादी जरूरत है। इसलिए स्वास्थ्य क्षेत्र में समय रहते तैयारी, बेहतर चिकित्सा सुविधाओं, विशेषज्ञ सेवाओं और शोध को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है।

स्वस्थ आबादी विकसित भारत की आधारशिला

श्री चौधरी ने कहा कि आर्थिक विकास की गति के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत की युवा आबादी देश की आर्थिक विकास यात्रा की रीढ़ है, लेकिन इस आबादी को स्वस्थ रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के साथ-साथ जागरूकता, समय पर जांच, शुरुआती पहचान और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता पर निरंतर काम किया जाना चाहिए।

वित्त मंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के गठन के शुरुआती वर्षों में पूरे प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था। उन्होंने बताया कि लगभग 25-26 वर्ष पहले राज्य पीएमटी में करीब 50वीं रैंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों के लिए भी मेडिकल सीट प्राप्त करना कठिन होता था, क्योंकि पूरे राज्य में रायपुर में केवल एक मेडिकल कॉलेज था। उन्होंने कहा कि उस स्थिति से आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ ने चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार किया है और आने वाले दो वर्षों में प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 20 से अधिक होने की दिशा में राज्य आगे बढ़ रहा है।

नवा रायपुर में देशभर से आए विशेषज्ञों का स्वागत

श्री चौधरी ने बाल्को मेडिकल सेंटर और सर्जिकल रिसर्च फाउंडेशन की ओर से छत्तीसगढ़ तथा आसपास के क्षेत्रों के लोगों को चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सकों और संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने डॉ. यशवंत कश्यप, डॉ. दिवाकर पांडे, डॉ. आलोक कुमार स्वाइन और डॉ. अभिनव इंगले सहित आयोजन से जुड़े चिकित्सकों को धन्यवाद दिया तथा देश के विभिन्न हिस्सों से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों का नवा रायपुर में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर छत्तीसगढ़ की ग्रीन कैपिटल सिटी है और यह एक ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में विकसित की जा रही है। नवा रायपुर के नियोजित विकास, हरित क्षेत्र और मनोरंजन सुविधाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने देशभर से आए चिकित्सकों से कॉन्क्लेव के साथ-साथ शहर को भी देखने और समझने का आग्रह किया।

वित्त मंत्री ने कहा कि नवा रायपुर के विकास में स्वास्थ्य, शिक्षा, अनुसंधान और आधुनिक संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे आयोजन प्रदेश में चिकित्सा विशेषज्ञों के बीच ज्ञान और अनुभव के आदान-प्रदान का अवसर प्रदान करते हैं तथा कैंसर उपचार के क्षेत्र में नई तकनीकों और बेहतर उपचार पद्धतियों को बढ़ावा देने में सहायक होते हैं।

कॉन्क्लेव में देश के विभिन्न हिस्सों से आए चिकित्सक, कैंसर विशेषज्ञ और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस अवसर पर चिकित्सा क्षेत्र में कैंसर केयर को अधिक प्रभावी, संतुलित और मरीज-केंद्रित बनाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने लिंगराज मंदिर में सपत्नीक की पूजा-अर्चना

भगवान लिंगराज की पावन भूमि पर आकर होती है अद्भुत शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति : मुख्यमंत्री श्री साय

हमारे प्राचीन मंदिर सनातन संस्कृति की समृद्ध विरासत और अद्भुत स्थापत्य कौशल के जीवंत प्रतीक : मुख्यमंत्री

रायपुर सितम्बर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज भुवनेश्वर प्रवास के दौरान प्रसिद्ध भगवान लिंगराज मंदिर पहुंचकर सपत्नीक दर्शन-पूजन किया। मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से भगवान लिंगराज की पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ के सभी नागरिकों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान लिंगराज के दर्शन और उनकी पावन भूमि पर आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मंदिर परिसर की दिव्यता और आध्यात्मिक वातावरण मन को असीम शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है। उन्होंने भगवान लिंगराज से छत्तीसगढ़ की निरंतर प्रगति तथा प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने लिंगराज मंदिर की भव्य स्थापत्य कला का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे प्राचीन मंदिर केवल आस्था के केंद्र ही नहीं, बल्कि भारत की हजारों वर्षों पुरानी सभ्यता, संस्कृति और अद्भुत शिल्प परंपरा के जीवंत प्रतीक भी हैं। लिंगराज मंदिर की भव्यता और उत्कृष्ट वास्तुकला हमारी सनातन संस्कृति की समृद्ध विरासत का सुंदर दर्शन कराती है।

उन्होंने कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ भौगोलिक रूप से पड़ोसी होने के साथ-साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से भी गहराई से जुड़े हुए हैं। दोनों राज्यों की लोक परंपराओं, आस्था और सांस्कृतिक विरासत में अनेक समानताएं देखने को मिलती हैं। ऐसी यात्राएं हमारी साझा सांस्कृतिक चेतना और आत्मीय संबंधों को और प्रगाढ़ करती हैं।

महतारी वंदन ने बढ़ाया हौसला, सिलाई ने संवारी जिंदगी

रटगा की सोनू देवी अपने हुनर से परिवार की आर्थिक मजबूती में निभा रहीं भूमिका

रायपुर,  सितंबर 2026/ गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड के ग्राम पंचायत रटगा की श्रीमती सोनू देवी के हाथों में हुनर पहले से था, जरूरत थी तो बस उस हुनर को आगे बढ़ाने के लिए थोड़े से आर्थिक संबल की। घर पर ही सिलाई का काम करने वाली सोनू देवी परिवार और आसपास के लोगों के कपड़े सिलकर अपनी आमदनी में सहयोग करती थीं। मेहनत और हुनर के बावजूद सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण उनके काम का दायरा छोटा था और वह अपनी सिलाई कला को बड़े स्तर पर नहीं ले जा पा रही थीं।

सोनू देवी के लिए सिलाई केवल एक काम नहीं, बल्कि परिवार की आर्थिक जरूरतों में हाथ बंटाने और अपने पैरों पर खड़े होने का माध्यम रही है। वह उपलब्ध संसाधनों में ही लगातार मेहनत करती रहीं। इसी बीच महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता उनके लिए बदलाव की शुरुआत बनी।

महतारी वंदन योजना बना आर्थिक संबल

महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली एक हजार रुपये की मासिक आर्थिक सहायता ने सोनू देवी को अपने हुनर को आगे बढ़ाने का अवसर दिया। उन्होंने योजना से मिलने वाली राशि और अपनी टेलरिंग मशीन का बेहतर उपयोग करते हुए सिलाई के काम को और गति दी। धीरे-धीरे उनके काम का दायरा बढ़ने लगा और घर से संचालित होने वाला उनका सिलाई कार्य आय के बेहतर साधन के रूप में विकसित होने लगा।

सोनू देवी बताती हैं कि नियमित रूप से मिलने वाली आर्थिक सहायता ने उन्हें अपने काम को जारी रखने और आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में सहारा दिया। इससे उन्हें अपने सिलाई कार्य पर ध्यान केंद्रित करने और अपने हुनर को और बेहतर तरीके से उपयोग करने का अवसर मिला।

महतारी वंदन योजना के अंतर्गत सोनू देवी के बैंक खाते में 31वीं किस्त की राशि भी पहुंच चुकी है। योजना के माध्यम से लगातार मिल रही आर्थिक सहायता उनके लिए नियमित संबल का काम कर रही है। इस सहयोग से उन्हें अपने काम को आगे बढ़ाने के साथ-साथ परिवार की जरूरतों में योगदान देने का अवसर मिल रहा है।

सिलाई से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम

आज सोनू देवी के लिए सिलाई का काम महज घर तक सीमित गतिविधि नहीं रह गया है। उनका हुनर अब आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ता माध्यम बन रहा है। अपनी मेहनत, लगन और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए वह अपने काम को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रही हैं।

महतारी वंदन योजना से मिली आर्थिक सहायता ने उन्हें अपने हुनर पर आगे काम करने और जरूरत के अनुसार संसाधनों का उपयोग करने का अवसर दिया है। इससे परिवार की आर्थिक जरूरतों में सहयोग मिलने के साथ ही उनके आत्मविश्वास को भी मजबूती मिली है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार

श्रीमती सोनू देवी महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता ने उनके सिलाई कार्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया है। उनका कहना है कि नियमित आर्थिक सहायता से उन्हें अपने काम को जारी रखने का संबल मिला है और अब वह अपने हुनर के माध्यम से परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।

सोनू देवी की कहानी यह दर्शाती है कि नियमित आर्थिक सहयोग जब मेहनत और हुनर के साथ जुड़ता है, तो छोटे स्तर पर किया जा रहा काम भी आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकता है। महतारी वंदन योजना उनके लिए आर्थिक सहायता के साथ-साथ अपने हुनर को नई पहचान देने का माध्यम बन रही है।

‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत जलाशय परिसर में हुआ श्रमदान और वृक्षारोपण

जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और विभागीय कर्मचारियों ने मिलकर की बांध परिसर की साफ-सफाई

जल संरक्षण और स्वच्छता की सामूहिक शपथ लेकर पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

रायपुर,  सितम्बर 2026/ सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान’ पहल जनभागीदारी के माध्यम से सेवा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की भावना को मजबूत कर रही है। इसी क्रम में जल संसाधन संभाग क्रमांक-1, अम्बिकापुर द्वारा विकासखण्ड बतौली के ग्राम घोघरा स्थित घोघरा जलाशय योजना में जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को समर्पित जनभागीदारी कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और जल संसाधन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए श्रमदान और वृक्षारोपण किया।

सामूहिक श्रमदान से स्वच्छ हुआ जलाशय परिसर

घोघरा जलाशय परिसर में आयोजित अभियान के दौरान जनप्रतिनिधियों, ग्रामवासियों और विभागीय कर्मचारियों ने एक साथ श्रमदान कर बांध एवं जलाशय परिसर की साफ-सफाई की। सामूहिक प्रयास से परिसर में फैले कचरे और अनुपयोगी सामग्री को हटाया गया। इस पहल ने यह संदेश दिया कि सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।

पौधरोपण के साथ संरक्षण का भी लिया संकल्प

कार्यक्रम के दौरान जलाशय परिसर में वृक्षारोपण किया गया। जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और विभागीय कर्मचारियों ने पौधे लगाकर उनके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। जल स्रोतों के आसपास हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया गया।

जल संरक्षण और स्वच्छता की सामूहिक शपथ

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने जल संरक्षण एवं स्वच्छता की सामूहिक शपथ ली। सभी ने जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने, जल स्रोतों को स्वच्छ रखने, पानी की बर्बादी रोकने तथा समाज के अन्य लोगों को भी जल संरक्षण के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।

‘सेवा मेरा योगदान’ पहल के तहत आयोजित यह कार्यक्रम सेवा संकल्प अभियान के मूल उद्देश्य—जनभागीदारी के माध्यम से समाज और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को मजबूत करने—का प्रभावी उदाहरण बना। ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और विभागीय अमले की सहभागिता ने स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को सामुदायिक प्रयास से आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनीं तारा देवी राठौर

बिहान योजना से मिला आर्थिक संबल, समूह से ऋण लेकर शुरू किया स्वरोजगार

रायपुर,  सितंबर 2026/ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) 'बिहान' से ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। स्वसहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और संबल बनाने के साथ-साथ उन्हें स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनने के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। जिले के ग्राम पंचायत करमरी निवासी श्रीमती तारा देवी राठौर इसकी प्रेरणादायी मिसाल हैं।

श्रीमती तारा देवी राठौर जय मां दुर्गा स्वसहायता समूह की अध्यक्ष हैं। उनका समूह भूमिका ग्राम संगठन एवं करमरी क्लस्टर संगठन के माध्यम से सर्वोदय क्लस्टर संगठन, शामपुर से जुड़ा हुआ है। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें शासन की आजीविका संवर्धन गतिविधियों से जुड़ने और आर्थिक रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिला।

समूह के माध्यम से ऋण प्राप्त कर श्रीमती राठौर ने मोबाइल दुकान शुरू की। वर्तमान में उनके पुत्र द्वारा दुकान का संचालन किया जा रहा है। मोबाइल दुकान के व्यवसाय से परिवार को प्रतिमाह लगभग 20 हजार रुपये तक की आय प्राप्त हो रही है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और घर-परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में आर्थिक सहयोग मिल रहा है।

श्रीमती तारा देवी राठौर बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुड़ना उनके लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। समूह के माध्यम से प्राप्त ऋण का उपयोग उन्होंने स्वरोजगार शुरू करने में किया, जिससे परिवार की आय में वृद्धि हुई। आज मोबाइल दुकान उनके परिवार के लिए आय का एक महत्वपूर्ण साधन बन गई है।

शासन की बिहान योजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं संगठित होकर, उन्हें वित्तीय एवं आजीविका संबंधी अवसर उपलब्ध कराने से वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता की नई राह भी बना रही हैं।

सेवा सेतु के जरिए घर के पास ही राशन कार्ड में जुड़ा बच्चे का नाम

ऑनलाइन प्रक्रिया से कम समय में हुआ काम पूरा

रायपुर, सितम्बर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विजन के अनुरूप शासकीय सेवाओं को आम नागरिकों के घर के नजदीक, सरल, पारदर्शी और सुगम तरीके से उपलब्ध कराने की दिशा में सेवा सेतु पोर्टल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसी क्रम में कोंडागांव जिले में डिजिटल माध्यम से नागरिकों को विभिन्न शासकीय सेवाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर ही मिल रहा है। ग्राम पंचायत सिंगनपुर निवासी श्री उमेश कुमार नाग का राशन कार्ड में नाम जुड़वाना सेवा सेतु से आसान हुआ।

श्री नाग ने सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से अपने राशन कार्ड में बच्चे का नाम जोड़ने के लिए आवेदन किया। अटल डिजिटल सुविधा केंद्र मुलमुला के माध्यम से ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी की गई और उनका कार्य बहुत ही कम समय में सफलतापूर्वक पूरा हो गया। पहले ऐसे कार्यों के लिए नागरिकों को संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने और अलग से समय निकालना पड़ता था। अब सेवा सेतु के माध्यम से ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध होने से अब नागरिकों को अपने क्षेत्र के नजदीक ही आवश्यक शासकीय सेवाओं का लाभ मिल रहा है। इससे समय और मेहनत दोनों की बचत हो रही है। हितग्राही श्री नाग ने इस त्वरित एवं जनहितकारी सेवा के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। सेवा सेतु के माध्यम से उपलब्ध हो रही ऐसी सुविधाएं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के उस संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं, जिसमें शासकीय सेवाओं को नागरिकों तक पहुंचाकर उन्हें सरल और सहज गांव और आसपास के क्षेत्र में ही आवश्यक सेवाओं का लाभ मिल रहा है।

सेवा, स्वच्छता और राष्ट्र निर्माण का दिया संदेश
रायपुर,  सितंबर 2026/ ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत कोंडागांव जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय जामकोटपारा में ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता सहित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साह, अनुशासन एवं रचनात्मकता के साथ सहभागिता की।

चित्रकला प्रतियोगिता में आयुष सिंह ने प्रथम तथा इशांत देवांगन ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इसी तरह भाषण प्रतियोगिता में करनदीप ने प्रथम तथा तोशन दीवान ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा एवं रचनात्मक सोच के माध्यम से सेवा, स्वच्छता, डिजिटल भारत और विकसित भारत 2047 जैसे विषयों पर प्रभावशाली संदेश प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने नाटक के माध्यम से स्वच्छता का संदेश देते हुए अपने आसपास के क्षेत्र एवं शहर को स्वच्छ रखने के लिए जागरूक किया। वहीं, चित्रकला के माध्यम से विद्यार्थियों ने ‘विकसित भारत 2047’ की अपनी कल्पना को रंगों एवं रचनात्मक चित्रों के माध्यम से अभिव्यक्त किया। डिजिटल भारत, स्वच्छ भारत सहित विभिन्न विषयों पर विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए आकर्षक चित्रों ने उपस्थितजनों का ध्यान आकर्षित किया।

 

‘नमो सेवा, अनकही कहानियां’ संगीतमय एवं नुक्कड़ नाटक का आयोजन, 22 सितंबर से 15 अक्टूबर तक जिले के विभिन्न बाजारों और महाविद्यालयों में होंगी आकर्षक प्रस्तुतियां

रायपुर  सितंबर 2026/ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शासन के निर्देशानुसार खैरागढ़ जिले में ‘नमो सेवा, अनकही कहानियां’ के संगीतमय नाटक एवं नुक्कड़ नाटक श्रृंखला का आयोजन किया जाएगा। कला, संगीत और अभिनय के माध्यम से विगत 25 वर्षों के सेवा कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा उनके माध्यम से लोगों के जीवन में आए बदलाव की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाएगी।

निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार 22 सितंबर से 15 अक्टूबर 2026 के मध्य जिले के विभिन्न सामुदायिक साप्ताहिक बाजारों और दो प्रमुख महाविद्यालयों में नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। बाजारों में अतरिया, ठेलकाडीह, बीजलदही, पांडादाह, गंडई, पद्मावतीपुर, पैलीमेटा, साल्हेवारा और बुंदेली में कार्यक्रम आयोजित होंगे। वहीं रानी रश्मि देवी शासकीय महाविद्यालय खैरागढ़ तथा वीरांगना अवंति बाई लोधी महाविद्यालय छुईखदान में भी नाटक के माध्यम से लोगों को योजनाओं और सेवा कार्यों से अवगत कराया जाएगा।

09 अक्टूबर को होगा जिला स्तरीय भव्य आयोजन

कार्यक्रम श्रृंखला की प्रमुख कड़ी के रूप में 09 अक्टूबर 2026 को संगीत की नगरी खैरागढ़ में शाम 5 बजे राजकुमारी इंदिरा सिंह कला संगीत विश्वविद्यालय, कैंपस-02 ऑडिटोरियम में जिला स्तरीय संगीतमय नाटक की विशेष प्रस्तुति होगी। कार्यक्रम में कला और संगीत के माध्यम से सेवा, जनकल्याण और विकास की विभिन्न कहानियों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा।

नुक्कड़ नाटक एवं जिला स्तरीय संगीतमय नाटक के मंचन के लिए राजकुमारी इंदिरा सिंह कला संगीत विश्वविद्यालय द्वारा निर्देशन एवं प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विश्वविद्यालय के प्रतिभावान छात्र-कलाकार अपनी अभिनय और संगीत प्रतिभा के माध्यम से प्रस्तुतियां देंगे।

सेवा संकल्प अभियान के जिला प्रभारी अधिकारी ने बताया कि 09 अक्टूबर को आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिले के सम्मानित जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों को आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कला और संगीत के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवा कार्यों को सरल और रोचक तरीके से आमजन तक पहुंचाने का यह एक प्रभावी माध्यम बनेगा।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ के जामपाली में खुली 'बदलाव की राह'

​रायपुर, सितंबर 2026/ ​कभी अवैध कब्जे की आड़ में उपेक्षित पड़ी शासकीय जमीन आज गांव के मासूमों के उज्ज्वल भविष्य और बेहतर स्वास्थ्य की आधारशिला बन चुकी है। छत्तीसगढ़ के जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ अंतर्गत सरिया तहसील के ग्राम जामपाली ने प्रशासनिक मुस्तैदी और जनहितैषी दृष्टि का एक ऐसा अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है, जहां अतिक्रमण से मुक्त कराई गई जमीन पर अब बच्चों की किलकारियां और शिक्षा के स्वर गूंज रहे हैं।

​अवैध कब्जे की जकड़न से जनहित का सफर

​ग्राम जामपाली स्थित शासकीय भूमि (खसरा नंबर 309/1, कुल रकबा 1.833 हेक्टेयर) के एक हिस्से पर लंबे समय से स्थानीय लोगों का अवैध कब्जा था। इसके चलते गांव के नन्हे-मुन्ने बच्चों के लिए आवश्यक प्राथमिक सुविधाओं और बाल विकास केंद्र के निर्माण में बाधा आ रही थी।
​मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत तहसीलदार सरिया द्वारा राजस्व अभिलेखों के सूक्ष्म परीक्षण व कड़े स्थल निरीक्षण के बाद नियमानुसार बेदखली की सख्त कार्रवाई की गई। राजस्व टीम की इस त्वरित प्रशासनिक पहल से करोड़ों मूल्य की शासकीय भूमि को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया गया।

​आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र: बाल विकास की नई मिसाल

​जमीन को केवल खाली कराने तक सीमित न रखते हुए, जिला व जनपद पंचायत बरमकेला के समन्वय से वहां एक 'आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र' का भव्य निर्माण कराया गया। अब गांव के छोटे बच्चों को एक ही छत के नीचे सुरक्षित, हाइजीनिक और खेल-खेल में सीखने योग्य परिवेश मिल रहा है। केंद्र के माध्यम से बच्चों को सही पोषण, स्वास्थ्य जांच और गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।अतिक्रमण हटने से न केवल गांव की सार्वजनिक संपत्ति सुरक्षित हुई, बल्कि शासन के प्रति ग्रामीणों का विश्वास भी और मजबूत हुआ है।

​बदलाव की स्थायी छाप

​कब्जामुक्त हुई यह जमीन आज जामपाली के बच्चों के सुनहरे कल को आकार दे रही है। यह पहल सिद्ध करती है कि यदि प्रशासनिक दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ जनहित को प्राथमिकता दी जाए, तो उपेक्षित पड़ी शासकीय संपत्तियां भी समाज और नई पीढ़ी के उत्थान का सबसे मजबूत आधार बन सकती हैं।

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