ईश्वर दुबे
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नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने गुजरात के साणंद दौरे के बाद यहां के लोगों की तारीफ की है। पीएम मोदी ने रविवार को एक्स पर रोड शो का एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने शनिवार को साणंद में रोड शो किया था। पीएम मोदी ने पोस्ट में लिखा- साणंद ने पिछले कई सालों में अभूतपूर्व परिवर्तन देखा है। पहले इसे कुछ लोग एक साधारण जगह मानते थे, लेकिन आज यह विकास और नवाचार का एक जीवंत केंद्र बन चुका है।
इससे पहले शनिवार को पीएम मोदी ने साणंद में माइक्रोन एटीएमपी केंद्र का उद्घाटन किया था। वाणिज्यिक उत्पादन की शुरुआत का प्रतीक यह ऐतिहासिक आयोजन, वैश्विक प्रौद्योगिकी नेतृत्व की ओर भारत की यात्रा में एक अहम उपलब्धि है। इस परियोजना का शिलान्यास सितंबर 2023 में हुआ था और यह इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत स्वीकृत होने वाला पहला प्रस्ताव था। इसे 22,500 करोड़ रुपए से ज्यादा के कुल परिव्यय के साथ, निर्माण कार्य स्वीकृति के तुरंत बाद शुरू किया गया। इससे देश
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्राइल दौरे से पहले उन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम मोदी ऐसे समय में नैतिक कायरता दिखा रहे हैं, जब पूरी दुनिया उनके प्यारे दोस्त की आलोचना कर रही है।
नेहरू और पुराने दौर की याद दिलाई
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में रमेश ने फिलिस्तीन के समर्थन में पुरानी सरकारों के कदमों को याद किया। उन्होंने बताया कि 20 मई 1960 को जवाहरलाल नेहरू गाजा गए थे और वहां संयुक्त राष्ट्र की भारतीय टुकड़ी से मिले थे। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि भारत ने 29 नवंबर 1981 को फिलिस्तीन के साथ एकजुटता दिखाने के लिए एक यादगार डाक टिकट जारी किया था। इसके बाद 18 नवंबर 1988 को भारत ने फिलिस्तीन को औपचारिक रूप से एक देश के तौर पर मान्यता दी थी।रमेश ने लिखा, 'वह एक अलग दौर था। अब भारतीय प्रधानमंत्री खुलेआम इस्राइल के प्रधानमंत्री को गले लगा रहे हैं। नेतन्याहू ने गाजा को मलबे और धूल में बदल दिया है और वे अवैध बस्तियों को बढ़ाने की साजिश कर रहे हैं। जब पूरी दुनिया नेतन्याहू की बुराई कर रही है, तो मोदी नैतिक रूप से कायरता दिखा रहे होंगे।'
प्रियंका गांधी ने की न्याय की मांग
इससे पहले कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी पीएम मोदी से एक अपील की। उन्होंने कहा कि जब पीएम इस्राइल की संसद (नेसेट) में बोलें तो वे गाजा संघर्ष पर भी बात करें। प्रियंका ने लिखा, 'मुझे उम्मीद है कि पीएम मोदी गाजा में मारे गए हजारों बेगुनाह लोगों के नरसंहार का जिक्र करेंगे और उनके लिए न्याय की मांग करेंगे। भारत हमेशा सच्चाई और शांति के लिए खड़ा रहा है।'
25-26 फरवरी को होगा दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 और 26 फरवरी को इस्राइल के राजकीय दौरे पर रहेंगे। यह दौरा इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के बुलावे पर हो रहा है। यह मोदी का इस्राइल का दूसरा दौरा है। इससे पहले 2017 में वे वहां जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने थे।
बीएसएनएल के निदेशक विवेक बंजल के प्रस्तावित प्रयागराज दौरे वाला विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे अनुचित और अस्वीकार्य बताया। साथ ही यह भी कहा कि निदेशक को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है।दरअसल दौरे की तैयारी में करीब 50 अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपे जाने के निर्देश थे। निजी उपयोग की वस्तुओं तक की व्यवस्था के लिखित निर्देश थे। इसके बाद से ही ये पत्र वायरल हो गया। और मामले ने तूल पकड़ लिया।
नई दिल्ली।एआई समिट की प्रदर्शन में भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के कार्यकर्ताओं के शर्टलेस विरोध प्रदर्शन के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग जारी है। इसी कड़ी में, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से तीखे सवाल पूछे। उन्होंने देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का भी जिक्र किया।पीयूष गोयल ने कहा, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पटना में पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि किस तरह गांधी परिवार 'समझौता करने वाली राजनीति' का उदाहरण रहा है। पीयूष गोयल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनकी कांग्रेस पार्टी लगातार देशहित से समझौता करती रही है। उन्होंने कहा, कांग्रेस का इतिहास हो या वर्तमान या फिर भ्रष्टाचार से जुड़े विभिन्न मामले, इन सभी से संकेत मिलते हैं कि पार्टी विदेशी ताकतों के प्रभाव में जनहित और राष्ट्रहित से समझौता करती रही है। इस तरह की राजनीति देश और देशवासियों के उज्ज्वल भविष्य को नुकसान पहुंचाती है और इसके अनेक उदाहरण जनता के सामने हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी कभी सोरोस तो कभी पाकिस्तान जैसे मुद्दों पर अपने ही देश के खिलाफ रुख अपनाते नजर आते हैं। केंद्रीय मंत्री गोयल ने आगे कहा कि राहुल गांधी ने भारत की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का काम किया है और वह विदेशी ताकतों के प्रभाव में काम करते दिखाई देते हैं।गोयल ने राहुल गांधी को 'नकारात्मक राजनीति के पोस्टर ब्वॉय' बताते हुए कहा कि वह 247 बार विदेश यात्राएं कर चुके हैं और कई बार प्रोटोकॉल की अनदेखी की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संवेदनशील सीमा क्षेत्र लद्दाख में राहुल गांधी ऐसे विदेशी व्यक्तियों के संपर्क में रहे जो भारत के हितों के खिलाफ काम करते हैं।बोफोर्स मामले का जिक्र करते हुए गोयल ने कहा कि एक मित्र ओटावियो को बचाने के लिए निष्पक्ष जांच नहीं होने दी गई और गांधी परिवार ने देश से समझौता किया। उन्होंने यह भी कहा कि इंदिरा गांधी के दौर में भी कांग्रेस पर विदेशी एजेंसियों के प्रभाव के आरोप लगते रहे।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केवल सोनिया गांधी और राहुल गांधी ही नहीं, बल्कि जवाहरलाल नेहरू से लेकर राजीव गांधी
असम कांग्रेस के अध्यक्ष और लोकसभा सदस्य गौरव गोगोई को इंडिया-फिलीपींस संसदीय मैत्री समूह का अध्यक्ष बनाने का नाकांकन हुआ है। उनके नामांकन पर असम के मुख्यमंत्री ने बयान दिया था कि गोगोई को पाकिस्तान से जुड़ी जिम्मेदारी दी जानी चाहिए थी। इस पर गोगोई ने कहा कि सीएम के बयानों पर किसी गंभीर जवाब की जरूरत नहीं है।पत्रकारों से बात करते हुए गोगोई ने कहा कि पार्लियामेंट्री नियुक्ति पर राजनीतिक बयान बाजियां करने के बजाय गवर्नेंस और लोगों की भलाई पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा मुख्यमंत्री के बयानों को गंभीरता से लेने की ज़रूरत नहीं है। सब कुछ साफ-साफ लिखकर बताया गया है, और ऐसे कमेंट्स को बेवजह अहमियत देने की कोई ज़रूरत नहीं है। गोगोई ने कहा मैं ऐसा इंसान नहीं हूं जो हर राजनीतिक बयान पर प्रतिक्रिया दे। मेरी ज़िम्मेदारी संसद और मुझे चुनने वाले लोगों के प्रति है।संसदीय मैत्री समूह एक तय संस्थागत प्रक्रिया के जरिए बनाए जाते हैं और इनका मकसद भारत के वैश्विक संसदीय जुड़ाव को मज़बूत करना है। उन्होंने आगे कहा, “फिलीपींस के साथ संसदीय मैत्री समूह दो लोकतांत्रिक देशों के बीच कोऑपरेशन और बातचीत बढ़ाने के लिए बनाया गया है। यह लोकसभा की सौंपी हुई ज़िम्मेदारी है, और मैं इसे पूरी ईमानदारी से निभाऊंगा।”
पटना । राजद नेता तेजस्वी यादव (RJD leader Tejaswi Yadav) ने कहा कि बिहार में बलात्कारियों (Rapists in Bihar) को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है (Are protected by the Government) ।
विधानसभा में विपक्ष के नेता और राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने शनिवार को नीतीश सरकार पर जोरदार निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चंद दिनों में घटित वीभत्स घटनाओं पर उनकी मौन स्वीकृति प्रमाणित करती है कि बलात्कारियों को सत्ता संरक्षण प्राप्त है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने एक बयान जारी कर विभिन्न घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सहरसा में डेढ़ साल की बच्ची से दुष्कर्म, किशनगंज में छह वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म, दरभंगा में बच्ची से दुष्कर्म, पटना में महिला से रेप, बचाने गए पति को पीटा, सारण में नाबालिग से किया गया दुष्कर्म, भागलपुर में दुष्कर्म और हत्या मामले में पीड़िता की मां न्याय के लिए भटक रही है। लखीसराय में आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म, तो भोजपुर में यूपी की डांसर से सामूहिक दुष्कर्म। उन्होंने ऐसी 14 घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि डेढ़ साल से लेकर 11 साल की बच्चियों के साथ बलात्कार हुए हैं, क्योंकि मशीनी मंगलराज में तंत्र इनका है और अपराधी इनके हैं।
नई दिल्ली। राजधानी नई दिल्ली (New Delhi) में आयोजित एआई (AI Sumit) से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर कवि कुमार विश्वास (Kumar Vishwas) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने शर्टलेस प्रदर्शन को विपक्ष की “मुद्दाविहीन राजनीति” करार देते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।
सम्मेलन स्थल पर हुआ विरोध प्रदर्शन
यह प्रदर्शन राष्ट्रीय यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया। कार्यक्रम भारत मंडपम में आयोजित था, जहां प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की। यूथ कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह विरोध सम्मेलन के खिलाफ नहीं, बल्कि अमेरिका के साथ हुए अंतरिम व्यापार समझौते और किसानों-युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर था। संगठन के अध्यक्ष उदय भानू ने कहा कि जब रोजगार और कृषि जैसे सवालों पर चिंता हो, तब विरोध दर्ज कराना लोकतांत्रिक अधिकार है।
कुमार विश्वास ने सोशल मीडिया पर जताई नाराजगी
कुमार विश्वास ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जब देश वैश्विक मंच पर अपनी तकनीकी क्षमता दिखा रहा हो, उस समय इस तरह का प्रदर्शन “देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला” है। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह विरोध असल मुद्दों के अभाव को दर्शाता है।
भाजपा ने भी की आलोचना
प्रदर्शन को लेकर भाजपा के नेताओं ने भी कांग्रेस पर हमला बोला। पार्टी प्रवक्ता Shehzad Poonawalla ने इसे देश की उपलब्धियों के खिलाफ बताया, जबकि दूसरे प्रवक्ता Pradeep Bhandari ने भी सोशल मीडिया पर कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह का व्यवहार अनुचित है।
दिल्ली में आयोजित एआई सम्मेलन के दौरान हुए इस विरोध प्रदर्शन ने राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है। एक ओर विपक्ष इसे नीतिगत असहमति का प्रतीक बता रहा है, तो दूसरी ओर सत्ता पक्ष और अन्य आलोचक इसे देश की छ
गुवाहाटी: प्रधानमंत्री मोदी (Prime Minister Modi) ने असम के गुवाहाटी (Guwahati, Assam) में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि नॉर्थ ईस्ट हमारे लिए अष्टलक्ष्मी है. इस साल का बजट अष्टलक्ष्मी के लिए बीजेपी-एनडीए के विजन को और मजबूती देने वाला है. बजट के बाद असम का और नॉर्थ ईस्ट का मेरा ये पहला दौरा है. जिस नॉर्थ ईस्ट को कांग्रेस ने हमेशा नजरअंदाज किया, हम उस नॉर्थ ईस्ट की भक्तिभाव से सेवा कर रहे हैं. कांग्रेस सत्ता से बाहर होने के चलते और जहरीली हो गई है. असम को सावधान रहना होगा.
पीएम मोदी ने कहा, बजट में बहुत ज़्यादा फोकस नॉर्थ ईस्ट को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर है. इस बार असम को टैक्स की जगहों के रूप में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये मिलने वाले हैं. कांग्रेस के समय असम को कैसे पाई-पाई के लिए तरसा कर रखा जाता था. वो आपको अच्छी तरह याद होगा. कांग्रेस के समय असम को टैक्स के हिस्से के रूप में सिर्फ 10 हज़ार करोड़ रुपये मिलते थे.
मुंबई। महाराष्ट्र में कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल (Harshvardhan Sapkal) द्वारा मैसूर के 18वीं सदी के शासक टीपू सुल्तान (Tipu Sultan) को छत्रपति शिवाजी महाराज (Shivaji Maharaj) के “समकक्ष” बताने पर राजनीतिक तूफ़ान मच गया है। इस बयान के बाद पुणे में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने भी इस टिप्पणी को निंदनीय करार देते हुए कहा कि कांग्रेस नेता को अपने इस बयान पर शर्म आनी चाहिए।
अमेरिका ने फिर दी रुस से तेल खरीदी पर धमकी
हैदराबाद । ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने अमेरिका के धमकी भरे बयान पर केंद्र की मोदी सरकार पर कड़ा हमला किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि यदि भारत रूस से तेल खरीदेगा, तब उस पर 25 प्रतिशत टैक्स लगेगा। करीमनगर में जनसभा को संबोधित कर एआईएमआईएम सांसद ओवैसी ने सीधे सवाल उठाया कि भारत का पेट्रोलियम मंत्री डोनाल्ड ट्रंप हैं या हरदीप सिंह पुरी।
सांसद ओवैसी ने कहा कि अमेरिका में बैठे एक “गोरी चमड़ी वाले इंसान” भारत को धमकी दे रहे हैं, जबकि देश में केंद्रीय मंत्री मौजूद हैं। उन्होंने मोदी सरकार और बीजेपी पर कटाक्ष कर कहा कि यह देशभक्ति नहीं बल्कि जनता के लिए परेशानी पैदा करने वाला राष्ट्रवाद है। उन्होंने आर्थिक पहलू पर भी ध्यान दिलाया कि अगर भारत रूस से तेल नहीं खरीदेगा, तब इसका फायदा चीन को मिलेगा, जो सस्ता तेल खरीद लेगा।
सांसद ओवैसी ने रूसी कंपनी ‘नयारा’ का उदाहरण देकर पूछा कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप इस पर भी टैक्स लगाएंगे। उन्होंने बीजेपी नेताओं के पाखंडी स्वरूप का उल्लेख कर कहा कि चेहरा दाढ़ी वाला, सिर पर टोपी और शरीर पर शेरवानी हो, लेकिन उनके फैसले आम जनता के लिए परेशानी खड़ी करते हैं।
इतना ही नहीं उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप के बयान को भारत की संप्रभुता पर हमला बताकर केंद्र सरकार को विदेशियों के दबाव में देश की नीतियों को प्रभावित करने वाला करार दिया। ओवैसी ने कहा कि इसतरह के केंद्रीय मंत्री हैं जो ट्रंप से डरते हैं, लेकिन रोज़ाना उनके खिलाफ गाली देते हैं। उन्होंने करीमनगर की जनता से अपील की कि वे उन नेताओं को पहचानें जो विदेशी दबाव में देश की मजबूरी पर समझौता करने को तैयार हैं। इस संबोधन में ओवैसी ने न केवल अमेरिका की धमकी को नकारा बल्कि केंद्र सरकार की नीतियों और आर्थिक फैसलों पर भी सवाल खड़े किए। उनका संदेश स्पष्ट था—देश की संप्रभुता और आम जनता के हित की रक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।
चंडीगढ। कांग्रेस नेता नवजोत कौर सिद्धू ने शनिवार को पार्टी छोड़ने का ऐलान किया और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने वारिंग पर पार्टी को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया और उन्हें अब तक का सबसे घिनौना, अक्षम और भ्रष्ट अध्यक्ष बताया है। पिछले महीने सीएम की कुर्सी के लिए 500 करोड़ रुपये चाहिए वाले अपने बयान से राजनीतिक विवाद खड़ा होने के बाद नवजोत कौर को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पूर्व विधायक जिनकी शादी पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू से हुई है, उन्होंने आरोप लगाया कि वारिंग ने पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के साथ समझौता करके निजी लाभ के लिए पार्टी को बेच दिया। एक्स पर पोस्ट में कौर ने वारिंग पर कांग्रेस को कमजोर करने के लिए मुख्यमंत्री के साथ मिलीभगत करके खुद को जेल से बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि वारिंग ने उनके लिए निलंबन पत्र तैयार करवाया था, जबकि उनके पति के खिलाफ काम करने वाले वरिष्ठ पार्टी नेताओं को अहम पदों से नवाजा गया। उन्होंने कहा कि उनके पास उन्हें बेनकाब करने पर्याप्त सबूत हैं, लेकिन उनकी इसमें दिलचस्पी नहीं है, क्योंकि उन्होंने खुद कांग्रेस छोड़ दी है जहां किसी भी होनहार नेता की आवाज नहीं सुनाई देती है।
नवजोत कौर ने आरोप लगाया कि वारिंग ने जानबूझकर उनके निर्वाचन क्षेत्र में उम्मीदवार खड़े किए ताकि उनकी चुनावी हार जाए और उन्होंने उन वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ कार्रवाई न करने पर सवाल उठाया जिन्होंने खुले तौर पर उनके नेतृत्व को चुनौती दी थी। उन्होंने वारिंग पर पार्टी को मजबूत करने के बजाय आंतरिक विघटन पर ध्यान केंद्रित करने का आरोप लगाया और कहा कि उनके कार्यों ने उन्हें मजाक का पात्र बना दिया है। यह विवाद नवजोत कौर की पिछले महीने की उस टिप्पणी के बाद शुरू हुआ जिसमें उन्होंने पंजाब में राजनीतिक सत्ता को पैसे से जुड़ा बताया था। उन्होंने पहले कहा था कि अगर कांग्रेस उन्हें राज्य में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाती है तो उनके पति सक्रिय राजनीति में लौट आएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि उनके पास किसी भी पार्टी को देने के लिए पैसा नहीं है, लेकिन वे पंजाब को स्वर्ण राज्य में बदल सकते हैं।
नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को वायु प्रदूषण पर संसदीय बहस की मांग करते हुए सरकार से केंद्रीय बजट में इस समस्या से निपटने के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में नागरिकों के संदेश पढ़े और खुद बनाए एक वीडियो में पीएम मोदी से वायु प्रदूषण को राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करने का आग्रह किया। राहुल गांधी ने इससे पहले 2025 के शीतकालीन सत्र में संसद में इस मुद्दे पर बहस की मांग की थी।
वीडियो में राहुल गांधी ने कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार संसद में इस मुद्दे पर चर्चा की अनुमति दे और पीएम मोदी प्रदूषण को राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करें। हमें एकजुट होकर एक गंभीर योजना बनानी होगी...हमें यह तय करना होगा कि इस समस्या से निपटने के लिए बजट में पर्याप्त धन हो। इस पोस्ट को साझा करते हुए राहुल गांधी ने लिखा- पिछले कुछ दिनों में मैंने हजारों भारतीयों के संदेश पढ़े हैं जिनमें उन्होंने बताया है कि प्रदूषण उनके जीवन पर क्या असर डाल रहा है।
नई दिल्ली। एक नए भ्रष्टाचार विरोधी बिल पर कानूनी थिंक टैंक और दो लॉ विश्वविद्यालयों ने चिंता जताई है। उन्होंने संसदीय समिति को बताया है कि पीएम, सीएम या मंत्री को गंभीर आपराधिक आरोपों में 30 दिन की गिरफ्तारी के बाद पद से हटाने का प्रावधान राजनीतिक दुरुपयोग का शिकार हो सकता है। विधि सेंटर फॉर लीगल पॉलिसी, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी ओडिशा और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूरिडिकल साइंसेज, कोलकाता के प्रतिनिधियों ने संयुक्त संसदीय समिति के सामने यह बात रखी। उन्होंने बिल में कई खामियां गिनाईं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उनका कहना है कि यह बिल जनता की इच्छा के विरुद्ध भी जा सकता है। इनमें से दो संस्थाओं ने तो यह भी सुझाव दिया कि किसी को पद से हटाने के लिए आरोप तय होने को आधार बनाया जाना चाहिए। ऐसा करने से इस प्रक्रिया में न्यायिक जांच का एक तत्व जुड़ जाएगा। विधि सेंटर ने यह भी चेतावनी दी कि बिल के कुछ प्रावधान अदालतों में चुनौती दिए जा सकते हैं। इन संस्थाओं का मानना है कि बिल का इरादा अच्छा है और यह संवैधानिक सिद्धांतों के अनुरूप है। हालांकि, दो संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने बताया कि स्थापित लोकतंत्रों में मंत्रियों को पद से हटाने के लिए आम तौर पर न्यायिक सजा का प्रावधान होता है। प्रस्तावित कानून इससे अलग है और इसमें पद से हटाने की सीमा बहुत कम रखी गई है। यह भी बताया कि मौजूदा आपराधिक कानूनों के तहत गंभीर अपराधों में पुलिस आरोपी को 90 दिनों तक हिरासत में रख सकती है, जबकि बिल में 30 दिनों की यह सीमा मौजूदा प्रक्रिया से मेल नहीं खाती।
एनयूजेएस का कहना है कि भले ही इस कानून का मकसद राजनीति में अपराध को रोकना हो, लेकिन इसमें केंद्र और राज्य की सरकारों को गंभीर रूप से अस्थिर करने की उच्च संभावना है। इस विश्वविद्यालय का मानना है कि इससे केंद्र और राज्यों में नीति-निर्माण का काम रुक सकता है। एनएलयू ने कहा कि एक जांच संभावित सत्ता परिवर्तन अभियान बन सकती है। एनएलयू ने यह भी जोड़ा कि यह बिल बदले की कार्रवाई को बढ़ावा देता है। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर केंद्रीय एजेंसियां किसी मुख्यमंत्री या राज्य के मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करती है, तो राज्य की पुलिस किसी केंद्रीय मंत्री के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है, जो दिल्ली में हों।
विधि सेंटर ने कहा कि यह ढांचा राजनीतिक दुरुपयोग की गुंजाइश पैदा करता है। गिरफ्तारियां समय देखकर या चुनिंदा तरीके से की जा सकती हैं। एनएलयू का कहना है कि विरोधी दल इन प्रावधानों का इस्तेमाल वैध सरकारों को अस्थिर करने के लिए कर सकते हैं। पिछले कुछ दशकों का रुझान बताता है कि इसके दुरुपयोग की संभावना है और इसका देश के लोकतंत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
सरकार इस बिल का समर्थन कर रही है। सरकार ने ऐसे उदाहरण दिए हैं जहां मंत्री और यहां तक कि एक सीएम भी भ्रष्टाचार के आरोपों में लंबे समय तक जेल में रहने के बावजूद पद पर बने रहे। हालांकि सरकार ने इस बिल को आगे की चर्चा के लिए संसदीय पैनल को भेजने पर सहमति जताई है। इस पैनल की अध्यक्षता बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी कर रही हैं। ज्यादातर विपक्षी दलों ने इस पैनल का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया है।