ईश्वर दुबे
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News Creation : एक समय था जब क्रिकेट मैचों में समय की कोई पाबन्दी नहीं हुआ करती थी. जब तक चल रहा होता था, चलता ही रहता था. सन 1939 में एक मैच हुआ जिसमें इंग्लैंड की टीम साउथ अफ्रीका के दौरे पर थी.read
और मैच लगातार 11 दिनों से चल रहा था, और दूसरी तरफ इंग्लॅण्ड की टीम की जहाज़ जो कि बस छुटनें ही वाली थी, अगर वह जहाज़ छुट जाती तो इंग्लैंड की टीम को कई महीनों तक साउथ अफ्रीका में ही रहना पड़ जाता, ऐसी स्थिति को देखते हुए 12 वें दिन उस मैच को ड्रा घोषित कर दिया गया और इंग्लैंड की टीम अपनें देश के लिए रवाना हो गयी. इसके बाद दिनों की संख्या को निर्धारित करते हुए 5 दिन के मैच का प्रारूप बनाया गया जिसे टेस्ट मैच नाम दिया गया. लेकिन आज के समय में टेस्ट क्रिकेट दर्शकों को रिझानें में कुछ खास कामयाब नहीं हैं.
आई.सी.सी. नें आज ही वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के बारे में बताया
बता दें कि आई.सी.सी. नें आज ही “वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप” के बारे में जानकारी दी, जो 1 अगस्त 2019 से शुरू हो रही है. जिसमें इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट मैच से इस टूर्नामेंट का आगाज़ हो रहा है. इस टूर्नामेंट में 9 टीमें भाग लेंगी, लेकिन ये लगातार खेले जानें वाला टूर्नामेंट नहीं होगा, बल्कि ये टूर्नामेंट कुल दो सालों तक चलेगा. इस दौरान ये टीमें 71 टेस्ट मैच खेलेंगी. हर एक टीम तीन टेस्ट सीरिज़ अपनें देश में और तीन सीरिज़ बाहरी देशों में खेलेंगी. अब सवाल ये उठता है कि क्या पाकिस्तान अपनें देश में ही टेस्ट सीरिज़ खेलेगा या हमेशा की तरह दुबई में ये तीन सीरिज़ खेलेगा. वहीँ फाइनल मैच जून 2021 में होगा जो इंग्लैंड में खेला जाएगा. पॉइंट्स का नियम इस टूर्नामेंट में ये है कि हर एक सीरिज़ के कुल 120 पॉइंट्स निर्धारित किये गये हैं. सीरिज़ में चाहे जीतनें भी मैच हों टीमों को 120 पॉइंट्स ही मिलेंगें. और 120 पॉइंट्स का सबसे बड़ा लाभ ये है की 2, 3, 4, और 5 ये सभी इस 120 पॉइंट से भाग दिया जा सकता है. अब मान लीजिये 5 मैचों की सीरिज़ में अगर कोई टीम एक मैच जीती तो उसे 24 पॉइंट्स मिलेंगे, ड्रा हुआ तो दोनों टीमों को 8-8 पॉइंट्स मिलेंगे और मैच टाई हुआ तो दोनों टीमों को 12-12 पॉइंट्स मिलेंगे.

अब सवाल ये उठता है कि आखिर अचानक आईसीसी नें वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप करवानें का फैसला क्यों लिया? उसका जवाब है कि अब तक खेले जानें वाले टेस्ट सेरिजों के मकसद सिर्फ दो ही हुआ करते थे, पहला था हर टीम अपनी टेस्ट रैंकिंग सुधारती रहती थी, और दूसरा ब्राडकास्टिंग चैनल्स के लिए आठ से दस घंटे का क्रिकेट मैच होते रहना होता था. वहीँ टेस्ट सीरिज़ से आईसीसी को कोई खासी कमाई भी नहीं हो रही थी. क्योकि दर्शकों का रुझान भी इसमें ज्यादा नहीं मिल रहा था. अब ये सीरिज़ दो देशों के बीच ही होगी लेगीं टीम के हारनें और जीतनें का असर उस टीम के पुरे टूर्नामेंट में होगा. इसलिए टेस्ट मैचों में हर देश के दर्शक ज्यादा आकर्षित होंगे.
दूसरा सवाल है कि दुनिया की कौन कौन सी टीमें ये टूर्नामेंट खेलेंगी, तो बता दें की आईसीसी के नियम के अनुसार 31 मार्च 2018 को एम.आर.ऍफ़. टायर आईसीसी टेस्ट टीम रैंकिंग में ऊपर की 9 टीमें ही इस टूर्नामेंट में भाग लेंगी. ये टीमें है-
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