मुख्यमंत्री श्री साय ने देवपुरी में सुपर स्पेशलिटी प्रथमेश हॉस्पिटल का किया शुभारंभ

छत्तीसगढ़ मध्य भारत के प्रमुख मेडिकल हब के रूप में तेजी से हो रहा विकसित : मुख्यमंत्री श्री साय

प्रदेश में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार से गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता होगी कम

नवा रायपुर में 200 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही आधुनिक मेडिसिटी, मेडिकल टूरिज्म और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

रायपुर,  अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव हैं। प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुलभ, किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी संकल्प के साथ स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने और दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ आज मध्य भारत के प्रमुख मेडिकल हब के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के देवपुरी में लगभग एक एकड़ क्षेत्र में निर्मित 125 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक सुपर स्पेशलिटी प्रथमेश हॉस्पिटल के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने फीता काटकर अस्पताल का शुभारंभ किया और अस्पताल में उपलब्ध आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन, चिकित्सकों और पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह अस्पताल प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

प्रदेश में ही उपलब्ध हों बेहतर और आधुनिक उपचार सुविधाएं

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गंभीर बीमारी की स्थिति में मरीज और उसके परिवार को उपचार के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़े तो आर्थिक बोझ के साथ अनेक व्यावहारिक कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ता है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेशवासियों को अधिक से अधिक विशेषज्ञ और सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा सेवाएं छत्तीसगढ़ में ही उपलब्ध हों।

उन्होंने कहा कि रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आधुनिक अस्पतालों और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के विस्तार से गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता लगातार कम होगी। इसका लाभ न केवल छत्तीसगढ़ के नागरिकों, बल्कि आसपास के राज्यों से आने वाले मरीजों को भी मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकारी और निजी संस्थानों के समन्वित प्रयासों से प्रदेश में एक मजबूत हेल्थकेयर इकोसिस्टम तैयार हो रहा है। आधुनिक अस्पतालों के खुलने से जहां लोगों को गुणवत्तापूर्ण उपचार की सुविधा मिलेगी, वहीं चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत कवच

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में व्यापक विस्तार हुआ है। आयुष्मान भारत योजना ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है। छत्तीसगढ़ में भी बड़ी संख्या में पात्र परिवार इस योजना के माध्यम से निःशुल्क उपचार की सुविधा प्राप्त कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन सरकार का प्रयास है कि आर्थिक अभाव किसी व्यक्ति के उपचार में बाधा न बने। स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रखा गया है। जिला अस्पतालों से लेकर प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ किया जा रहा है। सुदूर वनांचलों और जनजातीय क्षेत्रों तक चिकित्सकीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सोच स्पष्ट है - बेहतर स्वास्थ्य सेवा पर प्रत्येक नागरिक का समान अधिकार है, चाहे वह राजधानी में रहता हो या प्रदेश के किसी सुदूर वनांचल में।

नवा रायपुर की मेडिसिटी से स्वास्थ्य क्षेत्र को मिलेगी नई पहचान

रायपुर में ओमेगा मेडिसिन अस्पताल की अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहल, कैंसर उपचार केंद्र का हुआ भूमिपूजन

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा - प्रदेश में ही कैंसर मरीजों को मिलेंगी उच्चस्तरीय उपचार सुविधाएं, दूसरे राज्यों पर निर्भरता होगी कम

नवा रायपुर में 200 एकड़ में विकसित की जा रही आधुनिक मेडिसिटी और फार्मा पार्क

शहरों से लेकर सुदूर वनांचलों तक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर सरकार का फोकस

आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना बनीं जरूरतमंद परिवारों का संबल

मेडिसिटी से सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा, फार्मा उद्योग, अनुसंधान और रोजगार को मिलेगा नया विस्तार

रायपुर,  अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ तेजी से मध्य भारत के एक बड़े मेडिकल हब के रूप में विकसित हो रहा है। राज्य में स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार के साथ अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक, सुपर स्पेशलिटी सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक नागरिक को बेहतर, सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सुविधाएं अपने प्रदेश में ही उपलब्ध हों तथा आर्थिक अभाव किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति के उपचार में बाधा न बने।

मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर में ओमेगा मेडिसिन अस्पताल की अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहल एवं कैंसर उपचार केंद्र के भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अस्पताल प्रबंधन और ओमेगा ग्रुप की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के उपचार के लिए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीज के साथ पूरा परिवार कठिन दौर से गुजरता है। यदि उपचार के लिए दूसरे राज्य जाना पड़े तो परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ने के साथ अनेक व्यावहारिक कठिनाइयां भी आती हैं। हमारी कोशिश है कि छत्तीसगढ़ के लोगों को गंभीर से गंभीर बीमारी के उपचार के लिए प्रदेश से बाहर जाने की आवश्यकता न्यूनतम हो और उन्हें अपने परिवार के बीच रहते हुए विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।

उन्होंने कहा कि ओमेगा अस्पताल का प्रस्तावित ऑन्कोलॉजी सेंटर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। विशेषज्ञ चिकित्सकों और आधुनिक चिकित्सा तकनीक की उपलब्धता से न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि आसपास के राज्यों के मरीजों को भी बेहतर कैंसर उपचार की सुविधा मिल सकेगी।

स्वस्थ छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए मजबूत हो रही स्वास्थ्य अधोसंरचना

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार स्वस्थ छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। स्वास्थ्य सेवाओं को केवल बड़े शहरों तक सीमित रखने के बजाय गांव, गरीब और सुदूर जनजातीय अंचलों तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पतालों तथा मेडिकल कॉलेजों तक स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। जिला अस्पतालों में आईसीयू, डायलिसिस यूनिट, आधुनिक पैथोलॉजी और अन्य आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि सामान्य जांच और उपचार के लिए मरीजों को अनावश्यक रूप से बड़े शहरों की ओर न जाना पड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास स्वास्थ्य सेवाओं का विकेंद्रीकरण करना है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच चिकित्सा सुविधाओं के अंतर को कम करते हुए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित की जा रही है।

गंभीर बीमारी में परिवारों का संबल बन रही सरकार

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गंभीर बीमारी केवल स्वास्थ्य संबंधी चुनौती नहीं होती, बल्कि कई बार परिवार के सामने बड़ा आर्थिक संकट भी खड़ा कर देती है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ की गई आयुष्मान भारत योजना ने ऐसे लाखों परिवारों को उपचार की चिंता से राहत दी है। शासकीय अस्पतालों के साथ बड़ी संख्या में निजी अस्पतालों को भी योजना से जोड़ा गया है, जिससे पात्र परिवारों को निर्धारित प्रावधानों के अंतर्गत निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने गन्ना किसानों को दी बधाई

गन्ना बोनस में बढ़ोतरी से किसानों को उनकी मेहनत का मिलेगा बेहतर प्रतिफल- सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप

गन्ना बोनस की गणना का आधार ₹355 से बढ़ाकर ₹425 प्रति क्विंटल किया गया

रायपुर,  अक्टूबर 2026/छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के गन्ना किसानों को नवरात्रि से पहले बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने गन्ना बोनस की गणना का आधार ₹355 से बढ़ाकर ₹425 प्रति क्विंटल कर दिया है। इस निर्णय से पेराई सत्र 2025–26 में प्रदेश के चारों सहकारी शक्कर कारखानों को गन्ना आपूर्ति करने वाले 31,022 किसानों को लगभग ₹51.09 करोड़ की बोनस राशि प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने इस अवसर पर प्रदेश के गन्ना किसानों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। सहकारिता मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि गन्ना बोनस में बढ़ोतरी से किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर प्रतिफल मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनकी आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। बोनस की बढ़ी हुई राशि से किसानों को खेती की लागत वहन करने और आगामी फसल की बेहतर तैयारी में मदद मिलेगी। यह निर्णय प्रदेश में गन्ना उत्पादन को प्रोत्साहित करने के साथ सहकारी शक्कर कारखानों से जुड़े किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करेगा।

पेराई सत्र 2025–26 के लिए बोनस गणना में एफआरपी ₹329.05 प्रति क्विंटल का आधार लिया गया है। नई व्यवस्था के अनुसार ₹425 में से एफआरपी घटाने पर किसानों को ₹95.95 प्रति क्विंटल की दर से बोनस मिलेगा।

इस निर्णय के तहत भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना, कवर्धा के 14,961 किसानों को लगभग ₹24.55 करोड़ तथा सरदार पटेल सहकारी शक्कर कारखाना, पंडरिया के 8,049 किसानों को लगभग ₹11.68 करोड़ की बोनस राशि मिलेगी। इसी प्रकार महामाया सहकारी शक्कर कारखाना, केरता के 7,250 किसानों को लगभग ₹11.35 करोड़ और दंतेश्वरी मैया सहकारी शक्कर कारखाना, बालोद के 762 किसानों को लगभग ₹3.52 करोड़ का बोनस प्राप्त होगा।

महिलाओं को योजनाओं की लाभार्थी ही नहीं, विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में नेतृत्वकर्ता बनाना हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री श्री साय

शाइनिंग छत्तीसगढ़ ‘शक्ति स्वरूपा’ कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री, विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं का किया सम्मान

महतारी वंदन योजना से 68 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक संबल, 32 किस्तों में 20700 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता

लक्ष्य से आगे बढ़कर 14 लाख ग्रामीण महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’, स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही मातृशक्ति

बस्तर में नक्सल हिंसा से बंद 421 स्कूल फिर शुरू, बेटियों की शिक्षा और सुरक्षित भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता

रायपुर,  अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है और महिला सशक्तिकरण विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का मजबूत आधार है। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, रोजगार, उद्यमिता और नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। हमारा लक्ष्य महिलाओं को केवल शासकीय योजनाओं का लाभार्थी बनाना नहीं, बल्कि परिवार, समाज और प्रदेश की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदार और नेतृत्वकर्ता बनाना है।

मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर में हिंदी खबर द्वारा आयोजित शाइनिंग छत्तीसगढ़ ‘शक्ति स्वरूपा’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देकर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली महिलाओं का सम्मान किया और उनसे संवाद भी किया।

मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में नारी को शक्ति स्वरूपा माना गया है। नवरात्रि मातृशक्ति की आराधना का महापर्व है। हमारी परंपरा में कहा गया है कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का वास होता है। इसी भावना को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मां के संघर्ष और संस्कारों ने सिखाया सेवा और संवेदनशीलता का महत्व

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने जीवन से जुड़े अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनका जन्म एक साधारण किसान परिवार में हुआ। बचपन में ही पिता का साया उठ जाने के बाद उन्होंने अपनी माता को अनेक कठिनाइयों के बीच परिवार को संभालते और खेती-बाड़ी करते हुए देखा। उनकी माता ने कठिन परिस्थितियों में भी बच्चों की शिक्षा और संस्कारों में कोई कमी नहीं आने दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां के संघर्ष, सेवाभाव, सनातन मूल्यों के प्रति आस्था और परिवार के प्रति समर्पण ने उनके व्यक्तित्व को गहराई से प्रभावित किया। जनसेवा और जरूरतमंद के प्रति संवेदनशीलता की प्रेरणा उन्हें अपने परिवार और विशेष रूप से अपनी माता से मिली। आज मुख्यमंत्री के रूप में दायित्व निभाते हुए भी वे उन्हीं संस्कारों को लेकर आगे बढ़ रहे हैं।

महतारी वंदन ने बढ़ाया महिलाओं का आत्मविश्वास और आर्थिक स्वावलंबन

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की माताओं-बहनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का महत्वपूर्ण माध्यम बनी है। योजना के अंतर्गत 68 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। अब तक 32 किस्तों में 20 हजार 700 करोड़ रुपए से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में सीधे अंतरित की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता की योजना नहीं है। इस राशि ने महिलाओं को अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए आर्थिक स्वतंत्रता देने के साथ परिवार की निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी और आत्मविश्वास को भी मजबूत किया है। महिलाएं इस राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों, पोषण, घरेलू आवश्यकताओं और बचत जैसे कार्यों में कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि योजना की पात्र कोई भी महिला इसके लाभ से वंचित न रहे। तकनीकी कारणों, दस्तावेजों, आधार अथवा बैंक खाते से जुड़ी त्रुटियों के कारण जिन पात्र महिलाओं को लाभ नहीं मिल पाया है, उनके प्रकरणों का परीक्षण कर आवश्यक समाधान किया जा रहा है।

सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी

महिलाओं के लिए पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट से मिली आर्थिक राहत, बचत की राशि आई निजी जरूरतों के काम

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन सुधारों से महिलाओं को मिल रहा दोहरा लाभ

रायपुर, अक्टूबर 2026/ जमीन की रजिस्ट्री में 11 हजार 400 रुपये की बचत और नामांतरण के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने की परेशानी से राहत मिलने पर जांजगीर-चांपा की श्रीमती ज्योति साहू बेहद खुश हैं। महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट से उन्हें सीधा आर्थिक लाभ मिला है। वहीं, ऑटोम्यूटेशन की सुविधा से रजिस्ट्री के बाद नामांतरण की प्रक्रिया भी आसान हो गई है। श्रीमती साहू के लिए यह बदलाव दोहरी राहत लेकर आया है। पंजीयन शुल्क में बची राशि उनकी निजी जरूरतों में काम आ रही है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पंजीयन विभाग से संवाद में उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए इन सुविधाओं के लिए राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विकसित छत्तीसगढ़ के विजन के अनुरूप वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में प्रदेश की पंजीयन व्यवस्था को सरल, सुगम, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए विभिन्न सुधार लागू किए गए हैं। महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर शुल्क में रियायत और रजिस्ट्री के बाद नामांतरण की प्रक्रिया को स्वचालित बनाने जैसी पहल से नागरिकों को आर्थिक राहत मिलने के साथ समय की भी बचत हो रही है।

पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत छूट से बचाए 11,400 रुपये

श्रीमती ज्योति साहू ने बताया कि महिलाओं के नाम संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क में दी जा रही 50 प्रतिशत की रियायत का उन्हें प्रत्यक्ष लाभ मिला है। इस सुविधा से उनके 11 हजार 400 रुपये बचे हैं।

राज्य शासन द्वारा महिलाओं के पक्ष में अचल संपत्ति के अंतरण से संबंधित दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क की दर 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत की गई है। इससे महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर लगने वाला शुल्क आधा हो गया है।

श्रीमती साहू ने बताया कि पंजीयन शुल्क में बची राशि उनकी निजी जरूरतों को पूरा करने में काम आ रही है। उन्होंने इस आर्थिक राहत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शुल्क में कमी से महिलाओं के लिए अपने नाम संपत्ति की रजिस्ट्री कराना अधिक किफायती हुआ है।

पहले नामांतरण के लिए लगाने पड़ते थे तहसील के चक्कर, अब प्रक्रिया हुई आसान

श्रीमती ज्योति साहू को पंजीयन शुल्क में बचत के साथ ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था का लाभ भी मिला है। उन्होंने बताया कि पहले जमीन की रजिस्ट्री कराने के बाद नामांतरण के लिए अलग से तहसील कार्यालय जाना पड़ता था। इस प्रक्रिया में समय लगता था और बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे।

अब ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था से रजिस्ट्री के बाद नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ती है। इससे अलग से आवेदन करने और संबंधित कार्यालयों में जाने की आवश्यकता कम हो रही है। श्रीमती साहू ने इस बदलाव को संपत्ति संबंधी कार्यों में नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा बताया।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत से रजिस्ट्री का आर्थिक भार कम हो रहा है। यह व्यवस्था महिलाओं के नाम संपत्ति खरीदने और उसका विधिवत पंजीयन कराने को प्रोत्साहित कर रही है।

संपत्ति में महिलाओं की भागीदारी उनकी आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। पंजीयन शुल्क में कमी से महिलाओं और उनके परिवारों को प्रत्यक्ष आर्थिक राहत मिल रही है।

जांजगीर-चांपा की श्रीमती ज्योति साहू को मिली 11 हजार 400 रुपये की बचत इसका उदाहरण है। उनके लिए यह राशि केवल पंजीयन शुल्क में मिली छूट नहीं, बल्कि परिवार और स्वयं की जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी आर्थिक सहायता साबित हुई है।

सेवा संकल्प अभियान

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मध्यमवर्गीय परिवारों के अपने घर के सपने को साकार करने की दिशा में निरंतर प्रयास

वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में गुणवत्तापूर्ण आवास, बेहतर प्लानिंग और हितग्राहियों की संतुष्टि पर विशेष जोर

बोरियाकला हाउसिंग बोर्ड में 12 वर्षों से रह रहे विकास सिंह ठाकुर ने कहा— सिर्फ घर नहीं, अपने आशियाने में रहने का सुकून और गर्व भी मिला

रायपुर,  अक्टूबर 2026/ अपना घर हर मध्यमवर्गीय परिवार के जीवन का सबसे बड़ा सपना होता है। वर्षों की मेहनत, बचत और उम्मीदों से जुड़ा यह सपना जब साकार होता है, तो परिवार को केवल एक छत नहीं, बल्कि सुरक्षा, स्थायित्व और सम्मान के साथ जीवन जीने का आत्मविश्वास भी मिलता है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की आवासीय परियोजनाएं ऐसे ही परिवारों के सपनों को साकार करने का माध्यम बन रही हैं। राजधानी रायपुर के बोरियाकला स्थित हाउसिंग बोर्ड आवासीय परिसर में पिछले लगभग 12 वर्षों से रह रहे श्री विकास सिंह ठाकुर की कहानी भी इसी विश्वास, संतुष्टि और अपनेपन का उदाहरण है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा आम नागरिकों, विशेषकर मध्यमवर्गीय परिवारों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा सुव्यवस्थित आवासीय परियोजनाओं, गुणवत्तापूर्ण निर्माण और हितग्राहियों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देने पर जोर दिया जा रहा है।

12 वर्षों का अनुभव, हाउसिंग बोर्ड की प्लानिंग और निर्माण गुणवत्ता से संतुष्ट

बोरियाकला हाउसिंग बोर्ड में पिछले लगभग 12 वर्षों से निवास कर रहे श्री विकास सिंह ठाकुर बताते हैं कि यहां की सबसे बड़ी विशेषता सोच-समझकर की गई आवासीय प्लानिंग है। घरों का डिजाइन, बनावट और सुव्यवस्थित निर्माण उनके परिवार के लिए संतोषजनक रहा है।

श्री ठाकुर कहते हैं, “मैं पिछले लगभग 12 वर्षों से बोरियाकला हाउसिंग बोर्ड में रह रहा हूं। यहां की सबसे अच्छी बात इसकी सोच-समझकर की गई प्लानिंग है। घरों का डिजाइन और बनावट बहुत अच्छी है।”

उनका मानना है कि किसी भी आवासीय परियोजना की वास्तविक सफलता का आकलन केवल उसके निर्माण से नहीं, बल्कि वहां रहने वाले परिवारों के दीर्घकालीन अनुभव और संतुष्टि से भी होता है।

समस्या आने पर सुनवाई और समाधान से बढ़ा भरोसा

श्री विकास सिंह ठाकुर के अनुसार हाउसिंग बोर्ड की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक उसकी टीम का सहयोगात्मक व्यवहार है। आवासीय परिसर में रहने के दौरान जब भी कोई समस्या सामने आती है, मंडल की टीम उनकी बात सुनती है और जल्द से जल्द समाधान का प्रयास करती है।

वे बताते हैं, “घरों की अच्छी बनावट और प्लानिंग के साथ जो बात सबसे ज्यादा भरोसा देती है, वह है हाउसिंग बोर्ड की टीम का सहयोग। जब भी कोई परेशानी होती है, वे हमारी बात सुनते हैं और जल्द से जल्द उसका समाधान करते हैं।”

उनका यह अनुभव दर्शाता है कि आवास उपलब्ध कराने के साथ हितग्राहियों की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता और समाधान की तत्परता भी किसी संस्था के प्रति विश्वास बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

मध्यमवर्गीय परिवार के लिए अपना घर केवल जरूरत नहीं, जीवनभर का सपना

अपने घर से जुड़ी भावनाओं को व्यक्त करते हुए श्री ठाकुर कहते हैं कि मध्यमवर्गीय परिवार के लिए घर खरीदना जीवन के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक होता है। इसके पीछे वर्षों की मेहनत, आर्थिक बचत और पूरे परिवार की उम्मीदें जुड़ी होती हैं।

वे कहते हैं, “एक मध्यमवर्गीय परिवार के लिए अपना घर खरीदना सिर्फ एक जरूरत नहीं, बल्कि बरसों का सपना होता है। उस सपने के साथ पूरे परिवार की उम्मीदें जुड़ी होती हैं। हाउसिंग बोर्ड ने हमारे इसी सपने को साकार किया है।”

श्री ठाकुर के लिए बोरियाकला स्थित उनका घर केवल रहने का स्थान नहीं, बल्कि परिवार की खुशियों, यादों और सुरक्षित भविष्य का आधार बन चुका है। पिछले 12 वर्षों का उनका अनुभव इस बात को रेखांकित करता है कि सुव्यवस्थित आवासीय वातावरण परिवारों को स्थायित्व और सुकून प्रदान करता है।

89.53 लाख रुपये की लागत से सिकरिमा-विदुरपुर सड़क का मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण

2.5 किलोमीटर लंबी सड़क के डामरीकरण से ग्रामीणों को मिली राहत, शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार तक पहुंच होगी आसान

ओडिशा सीमा से लगे गांवों में आवागमन होगा सुगम, ग्रामीण विकास और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी गति

रायपुर,  अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के दूरस्थ एवं सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क को मजबूत करने और आवागमन की सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सिकरिमा से विदुरपुर तक 2.5 किलोमीटर लंबी सड़क का मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य 89 लाख 53 हजार रुपये की लागत से पूर्ण कर लिया गया है। सड़क के डामरीकरण से क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन में बड़ी राहत मिली है। विशेष रूप से बरसात के दिनों में होने वाली परेशानियां दूर होने के साथ अब ग्रामीणों को बेहतर सड़क सुविधा का लाभ मिलेगा।

सिकरिमा से विदुरपुर मार्ग की स्थिति खराब होने के कारण ग्रामीणों को लंबे समय से आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। विशेषकर बारिश के मौसम में सड़क की खराब स्थिति के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती थी। इसका असर विद्यार्थियों, किसानों, मजदूरों और स्वास्थ्य सेवाओं सहित अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आने-जाने वाले ग्रामीणों पर पड़ता था। अब सड़क का मरम्मत एवं डामरीकरण कार्य पूर्ण होने से ग्रामीणों को सुगम और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी।

ओडिशा सीमा से लगे गांवों में सड़क संपर्क हुआ मजबूत

जशपुर जिले का सिकरिमा-विदुरपुर मार्ग ओडिशा राज्य की सीमा से लगे ग्रामीण क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। सड़क के जीर्णोद्धार से सीमावर्ती गांवों का मुख्य मार्गों से संपर्क बेहतर होगा। इससे ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।

बेहतर सड़क संपर्क से किसानों को अपनी कृषि उपज बाजार तक पहुंचाने तथा ग्रामीणों को दैनिक जरूरतों के लिए आवागमन करने में भी सहूलियत होगी। इसके साथ ही क्षेत्र में सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

बरसात में आवागमन की परेशानी से मिलेगी राहत

सिकरिमा से विदुरपुर तक सड़क का डामरीकरण कार्य पूर्ण होने से ग्रामीणों को विशेष रूप से बारिश के मौसम में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। पहले सड़क की खराब स्थिति के कारण दोपहिया और अन्य वाहनों के आवागमन में कठिनाई होती थी। अब सड़क की स्थिति बेहतर होने से विद्यार्थियों को विद्यालय आने-जाने, मरीजों को स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचने तथा ग्रामीणों को आवश्यक कार्यों के लिए आवागमन करने में सुविधा होगी।

लंबे समय से प्रतीक्षित सड़क का कार्य पूर्ण होने पर ग्रामीणों में खुशी

सिकरिमा से विदुरपुर तक सड़क का मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण होने से क्षेत्र के ग्रामीणों में प्रसन्नता है। लंबे समय से बेहतर सड़क सुविधा की प्रतीक्षा कर रहे ग्रामीणों को अब आवागमन में सहूलियत मिलेगी। सड़क के बेहतर होने से गांवों के बीच संपर्क मजबूत हुआ है और दैनिक जरूरतों के लिए आवाजाही आसान होगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के दूरस्थ, ग्रामीण एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क अधोसंरचना के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सिकरिमा-विदुरपुर मार्ग का जीर्णोद्धार इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे ग्रामीणों के दैनिक जीवन में सुविधा बढ़ने के साथ सीमावर्ती क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव की मौजूदगी में हुआ कंसेशन एग्रीमेंट, हरित शहर और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को मिलेगा बढ़ावा

बिलासपुर और भिलाई में नवम्बर से 20-20 ई-बसों के संचालन की तैयारी

रायपुर.  अक्टूबर 2026. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई और कोरबा में 240 इलेक्ट्रिक बसों को सड़कों पर उतारने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव की मौजूदगी में आज चारों नगर निगमों और चयनित एजेंसी चार्टर्ड स्पीड लिमिटेड के बीच कंसेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए। इन चारों शहरों ने ई-बस संचालन शुरू करने की दिशा में आज बड़ा कदम बढ़ाया है। विभाग आगामी नवम्बर में बिलासपुर और भिलाई में 20-20 ई-बसों का संचालन प्रारंभ करने की तैयारी में है।

नागरिकों को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मिलेगी

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने नवा रायपुर में अपने निवास कार्यालय में आयोजित कंसेशन एग्रीमेंट हस्ताक्षर कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में आधुनिक आधारभूत सुविधाओं के विकास और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा स्वच्छ, हरित और विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। बढ़ते शहरीकरण के साथ यातायात, वायु प्रदूषण और ईंधन की खपत जैसी चुनौतियां बढ़ रही हैं। इलेक्ट्रिक बसों से ऊर्जा दक्षता बढ़ेगी, पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता और ध्वनि प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप होनी चाहिए। शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, दर्शनीय स्थलों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों तक सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराना जरूरी है। ई-बस सेवा से नागरिकों को बेहतर परिवहन विकल्प मिलेगा और शहरों को आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी। इसके लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और विभागों के बीच समन्वय आवश्यक है।

रायपुर में 100, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर में 50-50 तथा कोरबा में 40 बसें चलेंगी

योजना के प्रथम चरण में रायपुर में 100, दुर्ग-भिलाई में 50, बिलासपुर में 50 और कोरबा में 40 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना है। निर्धारित लक्ष्य के अनुसार नवम्बर-2026 तक भिलाई और बिलासपुर में प्रतीकात्मक रूप से 20-20 बसों का संचालन शुरू करने की योजना है।

मोबाइल स्कैनर से भुगतान और ऑनलाइन टिकट की सुविधा होगी

यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक ई-बस में छह कैमरे लगाने का प्रावधान है। मोबाइल एप से बसों के रूट की जानकारी भी मिल सकेगी। इलेक्ट्रिक बसों से कार्बन उत्सर्जन घटाने में मदद मिलेगी। वहीं, चार्जिंग स्टेशन, रखरखाव केंद्र और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कार्यक्रम में योजना के उद्देश्यों और संचालन की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शहरों में बढ़ती आबादी और परिवहन की जरूरतों को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन का आधुनिकीकरण आवश्यक है। योजना की सफलता के लिए चार्जिंग व्यवस्था, डिपो, बस-स्टॉप और रखरखाव केंद्र सहित आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विकास, विभागीय समन्वय और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करना जरूरी है। उन्होंने नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप परिवहन सुविधाएं विकसित करने तथा संचालन की तैयारियों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक श्री नीलेश महादेव क्षीरसागर, राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुमीत अग्रवाल और चार्टर्ड स्पीड लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री पंकज गांधी भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा - राष्ट्र प्रथम, जनसेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और अंत्योदय को समर्पित 25 वर्षों की कर्मयात्रा ऐतिहासिक

प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को मिला विकास का नया संबल, केंद्र-राज्य के समन्वय से अधोसंरचना, गरीब कल्याण, जनजातीय विकास और नक्सल उन्मूलन में मिली ऐतिहासिक सफलता

‘विकसित छत्तीसगढ़’ के माध्यम से ‘विकसित भारत 2047’ के निर्माण में पूरी शक्ति से योगदान देगा प्रदेश - मुख्यमंत्री श्री साय

पूर्व अग्निवीरों के लिए गृह विभाग में आरक्षक के 36 रिक्त पदों पर भर्ती की अनुमति

‘आदिम जाति विकास विभाग’ अब ‘जनजातीय कार्य विभाग’ के नाम से जाना जाएगा

रायपुर अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज राजधानी रायपुर में स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में निरंतर 25 वर्ष पूर्ण होने पर अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक के बाद मुख्यमंत्री श्री साय ने मुख्यमंत्री निवास में आयोजित प्रेस वार्ता में मंत्रिपरिषद के निर्णयों की जानकारी दी और प्रधानमंत्री श्री मोदी के 25 वर्षों के नेतृत्व का छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा पर पड़े व्यापक प्रभाव को रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस शुभ अवसर पर मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों की गौरवशाली सेवा यात्रा के अभिनंदन का शुभ प्रस्ताव पारित किया है। यह केवल एक उपलब्धि का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र प्रथम, जनसेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और अंत्योदय के सिद्धांतों को समर्पित एक असाधारण कर्मयात्रा का ऐतिहासिक पड़ाव है।

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता और मंत्रिपरिषद की ओर से प्रधानमंत्री श्री मोदी के कर्मयोग, जनसेवा और दूरदर्शी नेतृत्व का अभिनंदन करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं सुदीर्घ राष्ट्रसेवा की कामना की।

उन्होंने कहा कि मंत्रिपरिषद ने जैम से लेकर जीएसटी, अनुच्छेद 370 की समाप्ति और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से लेकर नक्सलवाद से मुक्ति तक राष्ट्रहित में लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों का अभिनंदन किया है। साथ ही सहकारी संघवाद के माध्यम से छत्तीसगढ़ को अधिक संसाधन और भागीदारी देने तथा आवास, नल-जल, स्वच्छता, राशन, स्वास्थ्य और स्वच्छ ईंधन जैसी सुविधाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में मिले सहयोग के लिए केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया गया है।

गुजरात से शुरू हुए सुशासन के प्रयोगों ने देश और छत्तीसगढ़ को दिखाई नई राह

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शासन में टेक्नोलॉजी, जनसंवाद और परिणाम आधारित कार्यप्रणाली के अनेक अभिनव प्रयोग किए। आगे चलकर इन सफल प्रयोगों को राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनाया गया। वर्ष 2000 में अस्तित्व में आए छत्तीसगढ़ ने भी अपनी शुरुआती विकास यात्रा में ‘गुजरात मॉडल’ के सफल अनुभवों से सीखते हुए तेज गति से आगे बढ़ने का प्रयास किया। संवाद और ‘चिंतन शिविर’ जैसी कार्यसंस्कृति भी इसी सोच से प्रेरित रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गतिशक्ति ने आज परियोजनाओं की प्लानिंग और मॉनिटरिंग को टेक्नोलॉजी से जोड़ दिया है। छत्तीसगढ़ के लगभग 20 हजार गांवों में से करीब 14 हजार गांव जियो-रेफरेंस्ड किए जा चुके हैं।

निवेश और उद्योगों के लिए छत्तीसगढ़ में बना अनुकूल वातावरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वाइब्रेंट गुजरात’ ने देश के राज्यों को अपनी औद्योगिक एवं आर्थिक संभावनाएं दुनिया के सामने प्रस्तुत करने की नई दृष्टि दी। इसी प्रेरणा के साथ छत्तीसगढ़ ने भी निवेश आकर्षित करने के लिए व्यापक संरचनात्मक और नीतिगत सुधार किए हैं।

‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026’ के माध्यम से औद्योगिक अनुमतियों को सरल बनाया गया है और निर्धारित समय-सीमा में निर्णय नहीं होने पर डीम्ड अप्रूवल अर्थात स्वतः स्वीकृति का प्रावधान किया गया है। वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम से निवेशकों के लिए प्रक्रियाएं और आसान हुई हैं।

सेवा संकल्प अभियान-2026

सरगुजा की बेटी आंचल राजवाड़े को मिला योजना का लाभ, एलआईसी के माध्यम से एक लाख रुपये का बॉन्ड प्राप्त

18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर निर्धारित राशि से उच्च शिक्षा और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में मिलेगी मदद

बेटी के भविष्य की चिंता हुई कम, आर्थिक सुरक्षा का भरोसा मिलने से मां मानती राजवाड़े के चेहरे पर आई खुशी

रायपुर,  अक्टूबर 2026/ हर मां का सपना होता है कि उसकी बेटी अच्छी शिक्षा प्राप्त करे, अपने पैरों पर खड़ी हो और जीवन में सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचे। लेकिन आर्थिक रूप से सीमित संसाधनों वाले परिवारों के लिए बेटियों की उच्च शिक्षा और भविष्य की जरूरतों को लेकर चिंता बनी रहती है। छत्तीसगढ़ शासन की नोनी सुरक्षा योजना ऐसे परिवारों को बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए आर्थिक संबल प्रदान कर रही है। सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कृष्णापुर निवासी श्रीमती मानती राजवाड़े की बेटी आंचल राजवाड़े को भी इस योजना का लाभ मिला है। आंचल के नाम पर भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के माध्यम से एक लाख रुपये का बॉन्ड प्राप्त हुआ है, जिससे परिवार को बेटी के भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा का भरोसा मिला है।

सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत आंचल की यह कहानी बताती है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं बेटियों की शिक्षा और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। नोनी सुरक्षा योजना से मिलने वाला लाभ परिवारों को बेटियों की उच्च शिक्षा और आगे की आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सहारा उपलब्ध कराने की दिशा में उपयोगी साबित हो रहा है।

बेटी की अच्छी शिक्षा का सपना, नोनी सुरक्षा योजना से मिला भरोसा

मानती राजवाड़े बताती हैं कि वे अपनी बेटी आंचल को अच्छी शिक्षा दिलाना चाहती हैं, ताकि वह पढ़-लिखकर आत्मनिर्भर बन सके और अपने सपनों को पूरा कर सके। हर माता-पिता की तरह वे भी बेटी के बेहतर भविष्य के लिए प्रयासरत हैं।

बेटी की पढ़ाई और भविष्य की जरूरतों को लेकर उनके मन में चिंता रहती थी। ऐसे में नोनी सुरक्षा योजना का लाभ मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिली है।

योजना के अंतर्गत आंचल के नाम पर एलआईसी के माध्यम से एक लाख रुपये का बॉन्ड प्राप्त हुआ है। इससे परिवार को विश्वास मिला है कि बेटी के बड़े होने पर उसकी शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध होगा।

मानती का कहना है कि बेटी के भविष्य के लिए अभी से आर्थिक सहायता की व्यवस्था होना उनके परिवार के लिए महत्वपूर्ण है।

18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर मिलेगी निर्धारित राशि, उच्च शिक्षा में होगी सहायक

नोनी सुरक्षा योजना के अंतर्गत आंचल राजवाड़े को भविष्य में आर्थिक सहायता का लाभ मिलेगा। योजना की निर्धारित शर्तों के अनुसार 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर मिलने वाली राशि का उपयोग उसकी आगे की शिक्षा और अन्य जरूरतों के लिए किया जा सकेगा।

मानती राजवाड़े बताती हैं कि वे चाहती हैं कि उनकी बेटी उच्च शिक्षा प्राप्त करे और अपने जीवन में आगे बढ़े। योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग वे आंचल की पढ़ाई और भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने में करना चाहती हैं।

उनका कहना है कि बच्चों की शिक्षा पर होने वाला खर्च परिवारों के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। ऐसे में बेटी के नाम पर आर्थिक सहायता का प्रावधान होने से भविष्य की तैयारियों में मदद मिलेगी।

बेटी के सुरक्षित भविष्य से मां को मिला सुकून

मानती राजवाड़े के लिए नोनी सुरक्षा योजना से मिला लाभ केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बेटी के उज्ज्वल भविष्य के प्रति एक भरोसा है।

वे बताती हैं कि आंचल के नाम पर एक लाख रुपये का बॉन्ड मिलने से उन्हें खुशी हुई है। अब उन्हें विश्वास है कि बेटी के बड़े होने पर उसकी पढ़ाई और अन्य जरूरतों के लिए यह राशि सहायक बनेगी।

उनका सपना है कि आंचल अच्छी शिक्षा प्राप्त कर अपने पैरों पर खड़ी हो और परिवार का नाम रोशन करे। नोनी सुरक्षा योजना ने उनके इस सपने को आर्थिक संबल प्रदान किया है।

बेटियों की शिक्षा और आर्थिक सुरक्षा को मिल रहा बढ़ावा

नोनी सुरक्षा योजना बेटियों के भविष्य के लिए आर्थिक सहायता का प्रावधान कर अभिभावकों को उनकी शिक्षा और आगे की जरूरतों के प्रति आश्वस्त करने में सहायक बन रही है।

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