ईश्वर दुबे
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रायपुर, अक्टूबर 2026/ मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मिशन अमृत 2.0 की राज्य स्तरीय हाई पावर स्टेयरिंग कमेटी की समीक्षा सम्पन्न हुई। बैठक में राज्य के नगरीय निकायों में पेयजल, सीवरेज ट्रीटमेंट, जल निकायों के पुनरुद्धार एवं पार्क विकास से संबंधित चल रही विकास परियोजनाओं की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा के भीतर सभी निर्माण कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए।
अमृत 2.0 की समग्र भौतिक एवं वित्तीय प्रगति के संबंध में मिशन के अंतर्गत कुल 81 परियोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं। इनमें से 64 परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है और 45 परियोजनाओं के कार्य आवंटित हो चुके हैं। वर्तमान में 19 परियोजनाएं निविदा प्रक्रिया में हैं तथा शेष 11 परियोजनाओं की डीपीआर इस माह के अंत तक स्वीकृत करने का लक्ष्य रखा गया है।
जल प्रदाय योजनाएं के अंतर्गत 37 स्वीकृत परियोजनाओं में से 36 परियोजनाओं के कार्य आवंटित किए जा चुके हैं। बैठक के दौरान जगदलपुर (बस्तर) जल प्रदाय योजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट की प्रशासनिक स्वीकृति पर विचार-विमर्श किया गया।
राज्य के प्रमुख नगरीय निकायों (अम्बिकापुर, राजनांदगांव, कोरबा, भिलाई एवं दुर्ग) में कुल 333 एमएलडी क्षमता के 9 एसटीपी का निर्माण 465.82 करोड़ रूपए की लागत से कराया जा रहा है। शहरों में हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से बीते एक माह में बिलासपुर, मुंगेली, कांकेर और अहिवारा में 04 पार्क विकास परियोजनाओं के कार्य आवंटित किए गए हैं।
अमृत शहरों के लिए जीआईएस-आधारित मास्टर प्लान तैयार करने हेतु उप-योजना के तहत तैयार पुनरीक्षित स्टेट एक्शन प्लान के अनुमोदन की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वन एवं जलवायु परिवर्तन, नगरीय प्रशासन एवं विकास, वित्त, जल संसाधन, आवास एवं पर्यावरण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं वीडियो कॉन्फ्रेंस से भारत सरकार आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के अधिकारी शामिल हुए।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक
रायपुर, अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम (परसदा) में आयोजित होने वाली भारत महिला बनाम ज़िम्बाब्वे महिला टी-20 क्रिकेट सीरीज की प्रशासनिक स्तर पर की जा रही तैयारियों की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। तीन अंतर्राष्ट्रीय महिला टी-20 मुकाबले 16, 18 और 20 अक्टूबर 2026 को खेले जाएंगे। मुख्य सचिव ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों को व्यवस्थाओं के संबंध में अन्य विभागों से आवश्यक समन्वय करने के निर्देश दिए। उन्होंने मैच के सुचारू संचालन एवं सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कार्यों के लिए पुलिस विभाग एवं आयोजक संस्थाओं को समय पर जरूरी कार्यवाही सुनिश्चित करने कहा है।
मैच के सफल संचालन और अंतर-विभागीय समन्वय के लिए रायपुर कलेक्टर की अध्यक्षता में एक लोकल सपोर्ट कमेटी गठित की गई है। इस समिति में रायपुर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, खेल एवं युवा कल्याण संचालक, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता, एनआरडीए के प्रतिनिधि और छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ के प्रतिनिधि शामिल हैं। ई-टिकट को आसानी से स्कैन कर स्टेडियम में प्रवेश दिलाने के लिए दर्शकों हेतु परिसर में ओपन वाई-फाई की व्यवस्था की जाएगी।
स्टेडियम के भीतर खाद्य सामग्री, पेयजल आपूर्ति इत्यादि व्यवस्था के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए है। टिकटों पर स्टेडियम का नाम शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, नवा रायपुर अटल नगर स्पष्ट रूप से दर्ज रहेगा। टिकटों का वितरण ऑनलाइन किया जाएगा। स्टेडियम परिसर और सभी पार्किंग क्षेत्रों में सीसीटीव्ही कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे। टिकट धारकों को निश्चित अनुपात में पार्किंग पास उपलब्ध कराए जाएंगे। सम्पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था सीसीटीव्ही कैमरे एवं सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था पुलिस, एनआरडीए, सीएससीएस और बीसीसीआई द्वारा की जाएगी। आवश्यक विद्युत व्यवस्था, सीएसपीडीसीएल और ऊर्जा विभाग द्वारा की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग नजदीकी अस्पतालों की मैपिंग करेगा और स्थल पर एम्बुलेंस तैनात रहेगी। आपातकालीन इलाज एवं वीवीआईपी आवागमन हेतु ग्रीन कॉरिडोर का मार्ग निर्धारित किया गया है। स्टेडियम परिसर एवं निगम के निकटतम क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध रहे इसकी सुनिश्चितता बीएसएनएल द्वारा की जाएगी। फायर ब्रिगेड और पर्याप्त जल की उपलब्धता और आपातकालीन स्थिति के लिए रूट का चिन्हांकन गृह एवं अग्निशमन विभाग द्वारा किया जाएगा।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग इस बैठक में परिवहन विभाग के सचिव श्री एस. प्रकाश, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के यशवंत कुमार, पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला, संचालक जनसम्पर्क श्री आशीष टिकरिया, एमडी टूरिज्म श्री सौमिल रंजन चौबे सहित कलेक्टर रायपुर, पुलिस अधीक्षक रायपुर, एनआरडीए, खेल एवं युवा कल्याण, फायर एवं सेफटी, एयरपोर्ट आथरटी, सीएसपीडीसीएल, पीडब्लूडी, छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के अधिकारियों ने भाग लिया।
राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरा स्वास्थ्य केंद्र
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को मिल रही मजबूती
रायपुर, अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और मरीज-केंद्रित बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र साधवानी ने निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरते हुए राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के मूल्यांकन में सफलतापूर्वक क्वालीफाई किया है। यह उपलब्धि जिले में गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों को दर्शाती है।
राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के अंतर्गत स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को दी जाने वाली सेवाओं, मरीजों के अधिकारों, उपलब्ध संसाधनों, सहायक एवं क्लीनिकल सेवाओं, संक्रमण नियंत्रण, गुणवत्ता प्रबंधन तथा परिणाम आधारित सेवाओं सहित विभिन्न निर्धारित मानकों का मूल्यांकन किया जाता है। पीएचसी साधवानी ने इन मानकों के अनुरूप अपनी स्वास्थ्य सेवाओं, व्यवस्थाओं और गुणवत्ता प्रबंधन को बेहतर बनाते हुए यह उपलब्धि हासिल की है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के साथ शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य के अनुरूप जीपीएम जिले में भी स्वास्थ्य संस्थानों को राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।
जिला कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. के निर्देशन में जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में एनक्यूएएस प्रमाणीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार को प्राथमिकता देते हुए लगातार कार्य किया जा रहा है। इसके तहत स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने, रिकॉर्ड एवं दस्तावेजों को सुव्यवस्थित रखने, संक्रमण नियंत्रण के मानकों का पालन सुनिश्चित करने और मरीज-केंद्रित सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
पीएचसी साधवानी की इस उपलब्धि में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के सतत मार्गदर्शन एवं प्रभावी मॉनिटरिंग के साथ जिला स्तरीय टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एनक्यूएएस मूल्यांकन की तैयारियों के दौरान फील्ड मॉनिटरिंग, गैप एनालिसिस, दस्तावेजीकरण तथा आवश्यक सुधारात्मक गतिविधियों पर निरंतर कार्य किया गया।
पीएचसी साधवानी के चिकित्सा अधिकारी, आरएमए, एएनएम, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, सपोर्टिंग स्टाफ सहित समस्त स्वास्थ्यकर्मियों ने टीम भावना और समन्वय के साथ कार्य करते हुए इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया। एनक्यूएएस में मिली यह सफलता जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों को भी राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप अपनी सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करेगी।
नवभारत फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन में शामिल हुए राज्यपाल, विजेता और उपविजेता टीमों को किया सम्मानित
रायपुर, अक्टूबर 2026/ राज्यपाल श्री रमेन डेका नवभारत परिवार द्वारा आयोजित 17वीं अखिल भारतीय फुटबॉल एवं जिला स्तरीय विद्यालय फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने फाइनल मुकाबला देखा और विजेता तथा उपविजेता टीमों को ट्रॉफी एवं नकद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। अखिल भारतीय प्रतियोगिता के फाइनल में तमिलनाडु पुलिस ने दल्लीराजहरा माइंस को 1-0 से हराकर खिताब जीता। विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिता में सेंट जेवियर्स स्कूल भरनी ने नवीन पिछड़ा वर्ग क्रीड़ा परिसर को पराजित कर विजेता बनने का गौरव हासिल किया।
राज्यपाल श्री डेका ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल शारीरिक मजबूती के साथ अनुशासन, टीमवर्क और खेल भावना विकसित करते हैं। नियमित रूप से मैदान में खेलने से शरीर स्वस्थ और सक्रिय रहता है। उन्होंने कहा कि खेल अब करियर का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर आगे बढ़ने के अवसर बढ़े हैं। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों की सहभागिता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ के खेलों के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं।
श्री डेका ने कहा कि फुटबॉल हमें सिखाता है कि लक्ष्य पाने के लिए प्रत्येक खिलाड़ी को अपनी भूमिका निभानी होती है। एक-दूसरे का साथ देना, नियमों का सम्मान करना और अंतिम मिनट तक प्रयास करते रहना ऐसे गुण हैं, जो जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी होते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खेल का आनंद लें, मेहनत करते रहें और हार से सीखकर फिर मैदान में उतरें। आपकी लगन ही आपकी सबसे बड़ी पूंजी है।
राज्यपाल ने कहा कि विद्यालय स्तर की प्रतियोगिताएं बच्चों की प्रतिभा निखारने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इन्हीं बच्चों में से खिलाड़ी आगे चलकर राज्य और देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। जिला और राज्य स्तर के मुकाबलों से अनुभव मिलता है, जबकि अखिल भारतीय प्रतियोगिताओं में विभिन्न राज्यों की टीमों के साथ खेलने से खेल का स्तर बेहतर होता है और आगे की तैयारी की दिशा मिलती है। ऐसे आयोजनों का सिलसिला जारी रहना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिले।
समापन समारोह में विभिन्न विभाग के अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं खेलप्रेमी दर्शक उपस्थित थे।
पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष श्रीमती मोना सेन सहित जनप्रतिनिधियों ने की सहभागिता
हजारों नागरिकों ने सेवा, संकल्प और जनभागीदारी के साथ दिया विकसित भारत-2047 का संदेश
रायपुर, अक्टूबर 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आज कबीरधाम जिले में भव्य सेवा ज्योति यात्रा निकाली गई। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा, पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष श्रीमती मोना सेन सहित जनप्रतिनिधियों और हजारों नागरिकों ने यात्रा में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
सेवा ज्योति यात्रा से पूर्व शासकीय पीजी कॉलेज के डोम में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन के संबोधन को उपस्थित नागरिकों ने सुना। इसके बाद सेवा ज्योति यात्रा निर्धारित मार्ग से होते हुए सेवा ज्योति चौक पहुंची। यात्रा में सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों सहित बड़ी संख्या में जिलेवासियों ने भाग लेकर सेवा, जनभागीदारी और विकसित भारत-2047 के संकल्प का संदेश दिया।
संकल्प मजबूत हो तो लक्ष्य कितना भी बड़ा हो, मंजिल हासिल की जा सकती है — उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को श्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और आज 7 अक्टूबर 2026 को सरकार के मुखिया के रूप में उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। इन 25 वर्षों की यात्रा सेवा, सुशासन, संकल्प और देश को आगे ले जाने की यात्रा रही है।
श्री शर्मा ने कहा कि संकल्प लेना बड़ी बात है, लेकिन उसे धरातल पर उतारना उससे भी बड़ी बात है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत-2047 का संकल्प देश के सामने रखा है। वर्ष 2047 में जब भारत विकसित राष्ट्र बने, तब हमारा छत्तीसगढ़ विकसित छत्तीसगढ़, कबीरधाम विकसित कबीरधाम और कवर्धा विकसित कवर्धा बने, यह हम सभी का संकल्प होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लक्ष्य बड़ा हो सकता है और रास्ता कठिन हो सकता है, लेकिन संकल्प मजबूत हो तो मंजिल हासिल की जा सकती है। सेवा ज्योति यात्रा केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि जिले के विकास, सेवा और जनभागीदारी का संकल्प है। जब संकल्प बड़ा हो, नीयत स्पष्ट हो और 140 करोड़ देशवासियों की शक्ति साथ हो तो लक्ष्य कितना भी बड़ा क्यों न हो, “हम जरूर करबो।”
हिंसा की जगह विकास, भय की जगह विश्वास और बंदूक की जगह शिक्षा व रोजगार पहुंचे — श्री शर्मा
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि पिछले वर्षों में देश ने राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा और विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव देखे हैं। आतंकवाद के विरुद्ध सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाइयों ने भारत के सामर्थ्य का संदेश दिया है। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधानों को समाप्त करने तथा अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण और रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा जैसी घटनाएं देश के सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण रही हैं।
उन्होंने छत्तीसगढ़ के संदर्भ में कहा कि हमारा संकल्प स्पष्ट है कि हिंसा की जगह विकास पहुंचे, भय की जगह विश्वास पहुंचे और बंदूक की जगह शिक्षा, रोजगार और अवसर पहुंचे। यही विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा है। विकसित भारत-2047 केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सामूहिक संकल्प है। कवर्धा, कबीरधाम और छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।
सेवा को उत्सव और उत्सव को सेवा का माध्यम बनाएं — विधायक श्रीमती भावना बोहरा
पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्ष सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की यात्रा के प्रतीक हैं। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से सेवा और जनभागीदारी की भावना को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “सेवा को उत्सव बनाइए और उत्सव को सेवा का माध्यम बनाइए”, यही इस अभियान की मूल भावना है।
नागरिक सेवाओं में तकनीक, निवेश, रोजगार, ग्रामीण संपर्क और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर जोर
रायपुर, अक्टूबर 2026/ ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की प्राप्ति में छत्तीसगढ़ की भूमिका और राज्य की प्राथमिकताओं को तय करने के लिए आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में छठवें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन के लिए विभिन्न विभागों की प्रस्तुतियों और प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
कार्यशाला के दौरान आर्थिक एवं सामाजिक विकास के लिए निवेश, रोजगार, नागरिक सेवाओं का विस्तार और शहरी सुविधाओं को बेहतर बनाना है। ग्रामीण संपर्क (रूरल कनेक्टिविटी), जल प्रबंधन और ऊर्जा क्षेत्र को सुदृढ़ करना। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं के लक्ष्य अधिक ठोस, स्पष्ट और समयबद्ध माइलस्टोन (समय-सीमा) के साथ होने ताकि नागरिकों के जीवन पर इनके सकारात्मक प्रभावों का सटीक आकलन किया जा सके।
विशेषज्ञों के प्रमुख सुझाव
खनिज सचिव श्री पी. दयानंद ने महत्वपूर्ण खनिजों के विकास और उनसे जुड़ी संभावनाओं पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। ऊर्जा सचिव श्री सारांश मित्तर ने अनुपयोगी भूमि (वेस्टलैंड) पर सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विकास की व्यापक रणनीति साझा करते हुए ऊर्जा व्यवस्था को अधिक विश्वसनीय, किफायती और सुलभ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में नगरीय प्रशासन, स्कूल शिक्षा, कृषि, सामान्य प्रशासन, आवास एवं पर्यावरण, आदिम जाति विकास, पर्यटन, राजस्व, कौशल विकास, स्वास्थ्य, श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिवों व सचिवों ने अपने-अपके विभागों की कार्ययोजनाएं प्रस्तुत कीं।
बैठक में नगरीय प्रशासन विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, आदिम जाति विकास विभाग के सचिव श्री भूवनेश यादव, पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, कौशल विकास विभाग के सचिव श्री बसवराजु एस., स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव एवं आयुक्त जनसंपर्क श्री रजत बंसल, उद्योग विभाग के संचालक श्री प्रभात मलिक, नीति आयोग के सदस्य श्री आशीष भट्ट सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहें।
नवगठित दोनों नगर पंचायतों के अध्यक्ष पदों का आरक्षण तय, लॉटरी से निकला फैसला
रायपुर. अक्टूबर 2026. नवगठित नगर पंचायतों रायगढ़ जिले के तमनार और धमतरी जिले के बड़ी करेली के अध्यक्ष पदों का आरक्षण आज लॉटरी के जरिए तय किया गया। नगर पंचायत तमनार का अध्यक्ष पद अनारक्षित महिला वर्ग के लिए आरक्षित हुआ है, जबकि नगर पंचायत बड़ी करेली का अध्यक्ष पद अनारक्षित रहेगा। दोनों निकायों में अध्यक्ष पद के आरक्षण की कार्यवाही आज नवा रायपुर में इंद्रावती भवन स्थित नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय में विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के तहत की गई।
शासन द्वारा नियुक्त विहित प्राधिकारी तथा संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री नीलेश महादेव क्षीरसागर की उपस्थिति में आरक्षण की प्रक्रिया संपन्न हुई। कार्यवाही शुरू होने से पहले उपस्थित नागरिकों को आरक्षण नियम, 1999 में विद्यमान प्रावधानों की जानकारी दी गई।
इसके बाद निर्धारित नियमों के अनुसार अध्यक्ष पदों के आरक्षण के लिए लॉटरी की प्रक्रिया अपनाई गई। लॉटरी में नगर पंचायत तमनार का अध्यक्ष पद अनारक्षित महिला वर्ग के लिए तथा नगर पंचायत बड़ी करेली का अध्यक्ष पद अनारक्षित (मुक्त) के लिए आरक्षित घोषित हुआ।
दोनों नगरीय निकायों के अध्यक्ष पदों की आरक्षण की पूरी प्रक्रिया शासन द्वारा निर्धारित नियमों एवं प्रावधानों के अनुरूप पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न की गई। कार्यवाही के दौरान नगर पंचायत तमनार एवं बड़ी करेली के नागरिकों के साथ नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
रायपुर, अक्टूबर 2026/ बस्तर अंचल में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से हुई मूसलाधार बारिश और ओडिशा के खातीगुड़ा व मुरान बांधों से छोड़े गए पानी के चलते उत्पन्न भीषण बाढ़ की स्थिति के बीच जिला प्रशासन ने राहत एवं पुनर्वास कार्यों को शीर्ष प्राथमिकता पर रखा है। आपदा से प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से अब तक कुल 9 करोड़ 39 लाख 29 हजार 898 रुपए की राहत राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है।
जिला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार इस वित्तीय सहायता में सबसे बड़ा हिस्सा मकानों की क्षतिपूर्ति के रूप में दिया गया है, जिसके तहत कुल 8 करोड़ 78 लाख 15 हजार 398 रुपए वितरित किए गए हैं। इसमें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 8 करोड़ 2 लाख 23 हजार 391 रुपए तथा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 75 लाख 92 हजार 7 रुपए की सहायता शामिल है। इसके अतिरिक्त घरों में रखे बर्तन व अन्य घरेलू सामग्रियों के नुकसान के एवज में प्रभावितों को 52 लाख 45 हजार रुपये, जनहानि के मामलों में आश्रितों को 8 लाख रुपये का मुआवजा और पशुहानि के मामलों में 69 हजार 500 रुपये की राहत राशि का त्वरित भुगतान किया गया है।
राज्य शासन के संवेदनशील निर्देशों के तहत राजस्व अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों ने दिन-रात सक्रिय होकर प्रकरणों का तेजी से निराकरण सुनिश्चित किया, जिससे इतनी बड़ी धनराशि का त्वरित वितरण संभव हो सका। कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने समीक्षा बैठक में निर्देश दिए हैं कि पूर्ण एवं आंशिक मकान क्षति के जितने भी शेष मामले लंबित हैं, उन्हें भी बिना किसी विलंब के प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि कोई भी प्रभावित परिवार शासन की मदद से वंचित न रहे।
वित्तीय सहायता के साथ-साथ जमीनी स्तर पर पुनर्वास और स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रयास भी तेज गति से संचालित किए जा रहे हैं। जिन परिवारों के आशियाने पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं, उनके तात्कालिक आश्रय हेतु प्रशासन द्वारा बांस, बल्ली और तिरपाल जैसी आवश्यक सामग्रियां त्वरित रूप से पहुंचाई जा रही हैं। वहीं जलभराव के बाद संक्रामक और जलजनित बीमारियों के खतरे को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मिलकर सभी पेयजल स्रोतों का अनिवार्य क्लोरीनेशन कर रहे हैं और गांवों में लगातार ब्लीचिंग पाउडर का सघन छिड़काव किया जा रहा है। बस्तर संभाग के कमिश्नर श्री डोमन सिंह और कलेक्टर श्री आकाश छिकारा स्वयं लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों व राहत शिविरों का निरीक्षण कर पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, और प्रशासन का संकल्प है कि अंतिम पीड़ित व्यक्ति तक सहायता पहुंचने तक यह राहत अभियान निरंतर जारी रहेगा।
’गांव में ही मिली मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना की जानकारी, आवेदन की प्रक्रिया हुई आसान’
रायपुर, अक्टूबर 2026/ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत गांव-गांव में आयोजित किए जा रहे सेवा सेतु शिविर आम नागरिकों तक शासकीय योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ पहुंचाने का माध्यम बन रहे हैं। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले मरवाही विकासखंड के ग्राम पंचायत कटरा में आयोजित सेवा सेतु शिविर ग्राम पंचायत उषाढ़ निवासी विरेन्द्र सिंह के लिए भी मददगार साबित हुआ। शिविर में उन्हें श्रम विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना की जानकारी मिली। योजना के तहत पात्रता के अनुसार बच्चों की शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता मिलने की जानकारी ने उनके परिवार में नई उम्मीद जगाई।
विरेन्द्र सिंह शिविर में अपनी समस्याओं और शासकीय योजनाओं की जानकारी लेने पहुंचे थे। इसी दौरान श्रम विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने उन्हें पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा में सहयोग के लिए संचालित मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के बारे में बताया। योजना की पात्रता, मिलने वाली सहायता और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी मिलने पर उन्होंने अपने बच्चों के लिए योजना का लाभ लेने का निर्णय लिया और आवश्यक प्रक्रिया के तहत आवेदन किया।
एक ही स्थान पर मिली जानकारी और आवेदन की सुविधा
सेवा सेतु शिविर की खासियत यह रही कि विरेन्द्र सिंह को योजना की जानकारी प्राप्त करने और आवेदन की प्रक्रिया समझने के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े। शिविर में संबंधित विभाग की मौजूदगी से उन्हें एक ही स्थान पर योजना से जुड़ी आवश्यक जानकारी और आवेदन संबंधी मार्गदर्शन मिला। इससे शासन की योजना तक उनकी पहुंच आसान हुई।
विरेन्द्र सिंह ने बताया कि आर्थिक कठिनाइयों के बीच बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी जरूरतों को पूरा करना परिवार के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना से मिलने वाली सहायता बच्चों की पढ़ाई-लिखाई को निरंतर जारी रखने में महत्वपूर्ण सहारा बनेगी। उन्होंने कहा कि गांव के नजदीक शिविर आयोजित होने से उन्हें ऐसी योजना के बारे में जानकारी मिली, जिसका लाभ उनके बच्चों की शिक्षा में उपयोगी साबित हो सकता है।
श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा को मिल रहा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य श्रमिक परिवारों पर बच्चों की पढ़ाई के आर्थिक भार को कम करने के साथ उन्हें शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है। ऐसी योजनाएं सीमित आय वाले श्रमिक परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने का अवसर प्रदान कर रही हैं।
सेवा सेतु से योजनाओं तक आसान हो रही ग्रामीणों की पहुंच
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित सेवा सेतु शिविरों के माध्यम से विभिन्न विभागों की योजनाओं और सेवाओं को ग्रामीणों के नजदीक उपलब्ध कराया जा रहा है। इन शिविरों में नागरिकों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र हितग्राहियों को आवेदन एवं आवश्यक प्रक्रियाओं के संबंध में मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है। इससे जानकारी के अभाव में योजनाओं से वंचित रहने वाले पात्र लोगों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
विरेन्द्र सिंह के लिए कटरा का सेवा सेतु शिविर इसी उद्देश्य को साकार करने वाला साबित हुआ। योजना की जानकारी मिलने और आवेदन की राह आसान होने से अब उन्हें उम्मीद है कि छात्रवृत्ति की सहायता उनके बच्चों की शिक्षा को आगे बढ़ाने में उपयोगी साबित होगी।
85 संस्थानों की प्रारंभिक चयन प्रक्रिया में दो हजार से अधिक अभ्यर्थियों का चयन
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कल चयनित अभ्यर्थियों को प्रदान करेंगे नियुक्ति पत्र
रायपुर, अक्टूबर 2026/ प्रदेश के युवाओं को रोजगार के बेहतर और सुनहरे अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राजधानी रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय रोजगार मेले के पहले दिन युवाओं में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। मेले के पहले दिन विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे कुल 5,018 प्रतिभागियों ने अपना पंजीयन कराया, जिसमें से 85 निजी संस्थानों द्वारा की गई प्रारंभिक चयन प्रक्रिया के माध्यम से दो हजार से अधिक अभ्यर्थियों का चयन कर लिया गया है। इस राज्य स्तरीय मेले में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में रोजगार की तलाश कर रहे युवा पहुंचे।
कौशल और योग्यता के आधार पर चयन
निजी क्षेत्र के विभिन्न संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों द्वारा उपलब्ध रिक्त पदों के लिए अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता, कौशल और अनुभव के आधार पर प्रारंभिक चयन प्रक्रिया पूरी की गई। युवाओं ने अपनी रुचि के अनुसार साक्षात्कार और अन्य चयन प्रक्रियाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस रोजगार मेले के माध्यम से रोजगार प्रदाता संस्थानों और नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को एक ही मंच पर जोड़ने का बेहतरीन प्रयास किया गया है, जिससे युवाओं को सीधे चयन प्रक्रिया में शामिल होने का सीधा अवसर मिला।
दूसरे दिन मिलेगा नियुक्ति पत्र
रोजगार मेले के दूसरे दिन यानी 08 अक्टूबर को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब सहित सभी मंत्रीगणों की गरिमामयी उपस्थिति में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। नियुक्ति पत्र मिलने के साथ ही इन चयनित युवाओं के लिए रोजगार की एक नई और उज्जवल राह खुलेगी।
‘कहानीकार पुस्तक मेला’ रहा विशेष आकर्षण, शिक्षकों ने अपनी कहानियां विकसित कर साझा किए अनुभव
कहानी और स्थानीय अनुभवों के जरिए बच्चों में जिज्ञासा, रचनात्मक सोच और पर्यावरणीय संवेदनशीलता विकसित करने पर जोर
रायपुर, अक्टूबर 2026/ बच्चों को अपने आसपास के पर्यावरण को देखने, समझने, सवाल पूछने और अपने अनुभवों को रचनात्मक रूप से अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय ‘कहानीकार’ कार्यशाला का मंगलवार को समापन हुआ। कार्यशाला के दूसरे दिन शिक्षकों ने कहानी लेखन, रचनात्मक गतिविधियों और संवादात्मक सत्रों में सक्रिय भागीदारी करते हुए पहले दिन की सीख को आगे बढ़ाया।
आईआईएसईआर पुणे के केयर प्रोजेक्ट, समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़, यूनिसेफ तथा छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त सहयोग से 6 एवं 7 अक्टूबर को जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल एक्शन (एक्सआईएसए), विधानसभा रोड, रायपुर में आयोजित कार्यशाला में प्रदेश के विभिन्न जिलों से शासकीय विद्यालयों के शिक्षक शामिल हुए।
शिक्षकों ने तैयार की कहानियां, साझा किए अनुभव
कार्यशाला के दूसरे दिन प्रतिभागी शिक्षकों ने अपनी कहानियों को विकसित किया और उन्हें एक-दूसरे के साथ साझा किया। स्टोरीटेलिंग गतिविधियों और संवादात्मक सत्रों के माध्यम से बच्चों के स्थानीय परिवेश, दैनिक अनुभवों और प्रकृति को कहानी से जोड़कर सीखने की प्रक्रिया को अधिक रोचक और प्रभावी बनाने के तरीकों पर चर्चा की गई।
इस दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि कहानी केवल जानकारी देने का माध्यम न होकर बच्चों में अवलोकन, जिज्ञासा, स्वतंत्र सोच, कल्पनाशीलता और अपनी बात अभिव्यक्त करने की क्षमता विकसित करने का प्रभावी माध्यम बन सकती है।
‘कहानीकार पुस्तक मेला’ बना विशेष आकर्षण
दूसरे दिन आयोजित ‘कहानीकार पुस्तक मेला’ कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण रहा। पुस्तक मेले में शिक्षकों को विभिन्न पुस्तकों, कहानियों और रचनात्मक अभिव्यक्तियों से परिचित होने का अवसर मिला। पुस्तकों को कल्पना, ज्ञान, संवाद और सीखने के प्रभावी माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया गया।
शिक्षकों को बताया गया कि किताबों और कहानियों को कक्षा की गतिविधियों से जोड़कर बच्चों में पढ़ने की रुचि बढ़ाने के साथ उनकी रचनात्मकता और स्वतंत्र सोच को भी प्रोत्साहित किया जा सकता है।
कहानी और कला से प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनेंगे बच्चे
कार्यशाला में कहानी, कला और स्थानीय अनुभवों के माध्यम से बच्चों को प्रकृति एवं पर्यावरण से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। बच्चों को अपने आसपास की प्रकृति का स्वयं अवलोकन करने, प्रश्न पूछने और अपने अनुभवों को कहानी के रूप में व्यक्त करने के अवसर देकर सीखने की प्रक्रिया को अधिक सहज और अर्थपूर्ण बनाया जा सकता है।
साथ ही पर्यावरणीय संवेदनशीलता को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर बच्चों के दैनिक जीवन और व्यवहार का हिस्सा बनाने की आवश्यकता बताई गई।
‘जुगनू’ देगा बच्चों और शिक्षकों की रचनात्मकता को मंच
कार्यशाला के दौरान बच्चों के लिए भारत के पहले द्विभाषी हिंदी-अंग्रेजी क्लाइमेट टैब्लॉइड ‘जुगनू’ को भी प्रस्तुत किया गया। आईआईएसईआर पुणे के केयर प्रोजेक्ट की एक्शन रिसर्च से विकसित ‘जुगनू’ के माध्यम से देशभर के बच्चों और शिक्षकों की कहानियों, स्थानीय अनुभवों तथा प्रकृति, पर्यावरण एवं जलवायु से जुड़ी रचनात्मक सामग्री को मंच प्रदान किया जाएगा।
केयर प्रोजेक्ट की प्रोजेक्ट लीड एवं ‘जुगनू’ की पब्लिशर डॉ. शालिनी शर्मा ने बताया कि इसका उद्देश्य बच्चों में पर्यावरणीय चुनौतियों को लेकर केवल चिंता पैदा करना नहीं, बल्कि उन्हें अपने आसपास के परिवेश को समझने, सवाल पूछने, अपनी आवाज अभिव्यक्त करने और सकारात्मक बदलाव के लिए पहल करने को प्रेरित करना है।
अनुभव साझा करने और प्रमाण-पत्र वितरण के साथ समापन
समापन सत्र में प्रतिभागी शिक्षकों ने दो दिनों की अपनी सीख और अनुभव साझा किए। इसके बाद छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. शिरीष कुमार सिंह तथा एनआईटी रायपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर डॉ. राज कुमार साहू की उपस्थिति में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
दो दिवसीय ‘कहानीकार’ कार्यशाला ने शिक्षकों को ऐसे रचनात्मक और अनुभवात्मक तरीकों से परिचित कराया, जिनका उपयोग वे कक्षाओं में बच्चों को देखने, सोचने, सवाल करने, अपनी बात कहने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित करने में कर सकेंगे। ‘आर्ट ऐस स्टोरी, स्टोरी ऐस नॉलेज, नॉलेज ऐस एक्शन’ की अवधारणा पर आधारित यह पहल शिक्षा को स्थानीय परिवेश, प्रकृति और बच्चों के अनुभवों से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक प्रयास रही।
रायपुर, अक्टूबर 2026 / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद् (कैबिनेट) की बैठक रविवार, 11 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री निवास कार्यालय, सिविल लाईन, रायपुर में होगी।
निर्माण श्रमिक की बेटी को मिला आर्थिक संबल, पढ़ाई का खर्च उठाने में परिवार को मिली राहत
रायपुर, अक्टूबर 2026/ आर्थिक परिस्थितियां कमजोर हों, लेकिन आगे बढ़ने का हौसला और शासन की योजनाओं का सहारा मिले तो शिक्षा के सपनों को नई उड़ान मिल सकती है। गौरेला-पेंड्रा- मरवाही जिले के नगर पालिका परिषद गौरेला के वार्ड क्रमांक 15 की निवासी कुमारी अंकिता रोहणी की कहानी भी इसी संकल्प और उम्मीद को बयां करती है। निर्माण श्रमिक परिवार की बेटी अंकिता अपनी पढ़ाई पूरी कर आत्मनिर्भर बनने का सपना देख रही हैं। उनके इस सपने को मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना से मिली 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता ने मजबूती दी है।
अंकिता के पिता श्री रवि रोहणी निर्माण श्रमिक हैं और श्रम विभाग में पंजीकृत हैं। सीमित आर्थिक संसाधनों के बीच परिवार के लिए घर की जरूरतों के साथ बेटी की शिक्षा का खर्च उठाना आसान नहीं था। इसके बावजूद परिवार ने अंकिता की पढ़ाई में आर्थिक परिस्थितियों को बाधा नहीं बनने दिया और अपनी क्षमता के अनुसार उनकी शिक्षा जारी रखा।
इसी बीच श्रमिक परिवारों की बेटियों के सशक्तिकरण के लिए संचालित नोनी सशक्तिकरण योजना की जानकारी मिलने पर अंकिता को योजना से जोड़ा गया। पात्रता और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें योजना के तहत 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। यह राशि अंकिता और उनके परिवार के लिए बड़ी राहत लेकर आई।
शिक्षा की जरूरतों पर खर्च कर रही हैं सहायता राशि
अंकिता इस सहायता राशि का उपयोग अपनी शिक्षा से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में कर रही हैं। पढ़ाई से संबंधित खर्चों के लिए आर्थिक सहयोग मिलने से परिवार पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ कम हुआ है। वहीं अंकिता भी अब अधिक आत्मविश्वास और एकाग्रता के साथ अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ा रही हैं।
अंकिता बताती हैं कि शासन से मिली सहायता उनके लिए केवल आर्थिक सहयोग नहीं है, बल्कि अपने भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर भी है। उनका सपना शिक्षा प्राप्त कर अपने पैरों पर खड़े होने और आत्मनिर्भर बनकर परिवार तथा समाज का नाम रोशन करने का है।
श्रमिक परिवारों की बेटियों को मिल रहा आर्थिक संबल
नोनी सशक्तिकरण योजना श्रमिक परिवारों की बेटियों को आर्थिक संबल प्रदान कर उनके बेहतर भविष्य की राह आसान कर रही है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को सहायता मिलने से उनकी शिक्षा सहित भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने में परिवारों को सहयोग मिल रहा है। योजना के माध्यम से बेटियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में भी सार्थक प्रयास हो रहे हैं।
अंकिता की कहानी बताती है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सही समय पर जरूरतमंद परिवार तक पहुंचने से न केवल आर्थिक कठिनाइयां कम होती हैं, बल्कि युवाओं के सपनों और आत्मविश्वास को भी नई मजबूती मिलती है।
योजना के तहत मिली सहायता से उत्साहित अंकिता ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि शासन की इस मदद से उनकी शिक्षा के सपने को मजबूती मिली है। अब वह मन लगाकर पढ़ाई करते हुए अपने लक्ष्य को हासिल करना चाहती हैं और भविष्य में आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार का सहारा बनना चाहती है।