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रायपुर के मैदान से पूरी दुनिया देखेगी राज्य के खिलाड़ियों का हुनर

लाइव स्ट्रीमिंग से लीग को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर मिलेगी पहचान

रायपुर. 18 अक्टूबर 2026. छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के स्ट्रीमिंग पार्टनर जियोहॉटस्टार द्वारा लीग के सभी मैचों की लाइव स्ट्रीमिंग की जाएगी। मैदान के साथ ही जियोहॉटस्टार पर लोगों को 22 अक्टूबर से 1 नवंबर तक रोजाना शाम 5:30 बजे से विश्व स्तरीय हॉकी के 18 रोमांचक मैच देखने को मिलेंगे।

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग भारत की पहली आधिकारिक राज्य हॉकी लीग है, जिसे हॉकी इंडिया से मान्यता मिली है। इसमें राज्य के छह शहरों का प्रतिनिधित्व करने वाली छह फ्रेंचाइजी शामिल होंगी। यह लीग एक लीग फॉर्मेट में आयोजित की जाएगी, जिसमें शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी, जबकि फाइनल मैच 1 नवंबर 2026 को खेला जाएगा।

लीग में भारतीय हॉकी के कई दिग्गज खिलाड़ी शामिल होंगे, जो मुख्य आकर्षण (मार्की खिलाड़ी) के रूप में रहेंगे। इनमें ओलंपियन सुरेंद्र कुमार, प्रदीप मोर, एस.वी. सुनील, ललित कुमार उपाध्याय, शमशेर और चिंगलेनसाना सिंह कंगुजाम जैसे नाम शामिल हैं, जो इन छह फ्रेंचाइजी का नेतृत्व करेंगे। पुरुषों की प्रतियोगिता के साथ-साथ, छत्तीसगढ़ का खेल एवं युवा कल्याण विभाग टूर्नामेंट के पहले दिन महिलाओं के लिए एक प्रदर्शनी मैच (एग्जीबिशन मैच) भी आयोजित करेगा, ताकि महिला हॉकी को बढ़ावा दिया जा सके।

खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती आकांक्षा शिक्षा खलखो ने बताया कि छत्तीसगढ़ हॉकी लीग भारतीय हॉकी के इतिहास में एक बेहद शानदार अध्याय की शुरुआत है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के खिलाड़ियों को राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन करने का मौका देना है। लीग के सभी मैचों की जियोहॉटस्टार पर लाइव स्ट्रीमिंग से लीग को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी। रायपुर के मैदान से राज्य के खिलाड़ियों का हुनर पूरी दुनिया देखेगी।

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का लक्ष्य राज्य में हॉकी के माहौल को मजबूत करना, उभरते खिलाड़ियों के लिए अधिक अवसर पैदा करना और राज्य में इस राष्ट्रीय खेल के निरंतर विकास में योगदान देना है। “चलो रे संगी हॉकी खेलबो” टैगलाइन के साथ यह लीग छत्तीसगढ़ की खेल पहचान, क्षेत्रीय गौरव और हॉकी में बढ़ती आकांक्षाओं को रेखांकित करेगी। भारत के इस राष्ट्रीय खेल की पहुंच को और व्यापक बनाने इसके मैच जियोहॉटस्टार पर हर दिन शाम 5:30 बजे से हिंदी और छत्तीसगढ़ी भाषा में उपलब्ध होंगे, जो देश के करोड़ो दर्शकों तक पहुंचेंगे।

कबरटोला में नवधा रामायण में हुए शामिल, ग्रामीणों के साथ रामधुन में हुए सराबोर

मड़मड़ा में 47.15 लाख रुपए की लागत से बनने वाले गौरव पथ का किया भूमिपूजन

मड़मड़ा और कबरटोला में विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा, ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर निराकरण के दिए निर्देश

रायपुर, 18 अक्टूबर 2026/ उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने शनिवार को कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम मड़मड़ा और कबरटोला का दौरा कर विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने ग्राम मड़मड़ा में नवनिर्मित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-01 और 5 लाख रुपए की लागत से निर्मित अटल डिजिटल सेवा केंद्र भवन का लोकार्पण किया। साथ ही 47.15 लाख रुपए की लागत से बनने वाले 500 मीटर लंबे गौरव पथ का भूमिपूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने दोनों गांवों में सड़क, सामुदायिक भवन, मंच और नाली निर्माण सहित विभिन्न विकास कार्यों की घोषणाएं कीं।

ग्राम मड़मड़ा में नवनिर्मित आंगनबाड़ी केंद्र का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा की उपस्थिति में स्थानीय महिलाओं ने रिबन काटकर किया। नए भवन के निर्माण से बच्चों को बेहतर वातावरण में प्रारंभिक शिक्षा, पोषण एवं आंगनबाड़ी की अन्य सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्रामीणों से चर्चा करते हुए बच्चों के पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की बात कही। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जिला पंचायत सदस्य श्री मनीराम साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशीराम धुर्वे, जनपद अध्यक्ष श्री रामकिंकर वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

अटल डिजिटल सेवा केंद्र से गांव में ही मिलेंगी बैंकिंग सुविधाएं

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्राम मड़मड़ा में 5 लाख रुपए की लागत से निर्मित अटल डिजिटल सेवा केंद्र भवन का लोकार्पण किया। इस केंद्र के माध्यम से ग्रामीणों को गांव में ही बैंकिंग एवं डिजिटल सेवाओं की सुविधा मिलेगी। ग्रामीण महतारी वंदन योजना, वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं के तहत मिलने वाली राशि निकाल सकेंगे। साथ ही राशि जमा करने जैसी बैंकिंग सुविधाओं का भी लाभ ले सकेंगे। इससे ग्रामीणों को छोटे-छोटे बैंकिंग कार्यों के लिए शहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी और उनके समय तथा आवागमन के खर्च की बचत होगी।

मड़मड़ा से बैजलपुर मुख्य मार्ग की मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना से निर्माण की घोषणा
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने ग्राम मड़मड़ा में ग्रामीणों की मांग पर विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने मड़मड़ा से बैजलपुर मुख्य मार्ग को मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्माण एवं बाजार छपरी में 15 लाख रुपए, पटवारी भवन के पास 10 लाख रुपए तथा पुरानी सोसायटी के पास 6.50 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा की।

कबरटोला में देवी दर्शन कर नवधा रामायण में हुए शामिल
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ग्राम कबरटोला में आयोजित दुर्गोत्सव एवं नवधा रामायण कार्यक्रम में भी शामिल हुए। उन्होंने देवी दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके पश्चात दुर्गोत्सव समिति द्वारा आयोजित नवधा रामायण कार्यक्रम में शामिल होकर रामायण पाठ का श्रवण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों के साथ रामधुन के भक्तिमय वातावरण में ग्रामीणों के साथ समय बिताया।

रामायण पाठ के पश्चात उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनसे आत्मीय संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं और मांगें सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई एवं निराकरण के निर्देश दिए। इस दौरान ग्रामीणों ने सड़क, नाली, सामुदायिक भवन एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित मांगें रखीं।

कबरटोला में 20.20 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्राम कबरटोला में 20.20 लाख रुपए की लागत से विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा की। इनमें पंचायत भवन के पास 6.50 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन, 2.60-2.60 लाख रुपए की लागत से दो सीसी सड़कों के निर्माण, नवधा रामायण मंच के पास 3.50 लाख रुपए की लागत से मंच निर्माण और शीतला मंदिर की ओर 5 लाख रुपए की लागत से नाली निर्माण की घोषणा की।

 

18 वर्ष या उससे अधिक आयु के अनुसूचित जनजाति वर्ग के प्रतिभागी ले सकेंगे हिस्सा

रायपुर, 18 अक्टूबर 2026/ नवा रायपुर स्थित आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा जनजातीय गौरव दिवस 2026 के अवसर पर राज्य स्तरीय चित्रकला और फोटोग्राफी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। दोनों प्रतियोगिताओं में अनुसूचित जनजाति वर्ग के 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के प्रतिभागी भाग ले सकेंगे। चित्रकला प्रतियोगिता 12 और 13 नवंबर को होगी, जबकि फोटोग्राफी प्रतियोगिता नवंबर माह में आयोजित की जाएगी।

चित्रकला प्रतियोगिता का विषय ‘मेरी जनजाति, मेरी विरासत’

चित्रकला प्रतियोगिता में शामिल होने के इच्छुक प्रतिभागी 5 नवंबर 2026 तक https://tinyurl.com/jjgdpainting पर पंजीयन कर सकते हैं। प्रतियोगिता के लिए पेंटिंग ब्रश, कैनवास, कार्ट्रिज पेपर, ईजल, ड्राइंग शीट, रंग और पैलेट संस्थान द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे। नियम एवं शर्तें www.cgtrti.gov.in पर देखी जा सकती हैं। अधिक जानकारी के लिए सहायक संचालक सुश्री पार्वती जगत से 7805982502 पर संपर्क करें। प्रविष्टियां This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. पर भेजी जा सकती हैं।

फोटोग्राफी प्रतियोगिता का विषय ‘जनजातीय जीवन, संस्कृति एवं परंपराएं’

फोटोग्राफी प्रतियोगिता के लिए 4 नवंबर 2026 को शाम 5:30 बजे तक https://tinyurl.com/jjgdphotography पर पंजीयन किया जा सकता है। पंजीयन फॉर्म, फोटोग्राफ की सॉफ्ट कॉपी और आवश्यक दस्तावेज This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. पर भेजने होंगे। प्रतियोगिता के नियम, शर्तों और पुरस्कार राशि की जानकारी संस्थान की वेबसाइट पर उपलब्ध है। अधिक जानकारी के लिए सहायक अनुसंधान अधिकारी श्रीमती अंजनी भगत से 9926588481 पर संपर्क किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर के विभिन्न गरबा एवं नवरात्रि महोत्सवों में हुए शामिल, प्रदेशवासियों को दी नवरात्रि की शुभकामनाएं

गरबा महोत्सव हमारी आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का सुंदर संगम : मुख्यमंत्री

महतारी वंदन योजना से लगभग 68 लाख माताओं-बहनों को मिल रही आर्थिक मजबूती, प्रदेश की 14 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी

महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता से मजबूत होता है परिवार और समाज, विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका

माता कौशल्या की पावन धरती छत्तीसगढ़ में शक्ति आराधना की समृद्ध परंपरा, देवी शक्तिपीठ हमारी आस्था और संस्कृति की अमूल्य धरोहर

‘विकास भी, विरासत भी’ की भावना के साथ प्रदेश की संस्कृति, आस्था और परंपराओं को सहेजते हुए आगे बढ़ रही राज्य सरकार

रायपुर,  अक्टूबर 2026/ नवरात्रि का पावन पर्व शक्ति की आराधना के साथ नारी शक्ति के सम्मान, सामाजिक एकता और हमारी गौरवशाली सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है। भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है। हमारी सरकार इसी भावना के अनुरूप माताओं-बहनों के सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। महिलाओं की प्रगति केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज और प्रदेश की प्रगति का आधार है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न गरबा एवं नवरात्रि महोत्सवों में शामिल होकर प्रदेशवासियों को नवरात्रि की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय कालीबाड़ी स्थित मां काली मंदिर पहुंचे और माता के दर्शन-पूजन कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके साथ ही वे मंडी परिसर में श्री कच्छ कड़वा पाटीदार समाज द्वारा आयोजित श्री पाटीदार नवरात्रि महोत्सव, भानपुरी में श्री कच्छ कड़वा पाटीदार समाज के गरबा समारोह, गोवर्धन नगर में श्री कच्छ गुर्जर क्षत्रिय समाज द्वारा आयोजित नवरात्रि महोत्सव तथा अमलीडीह क्षेत्र में आयोजित ढोलिडा रास गरबा-2026 सहित विभिन्न आयोजनों में सम्मिलित हुए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नवरात्रि के अवसर पर पूरे देश और प्रदेश में भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत वातावरण निर्मित होता है। नौ दिनों तक शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना हमें जीवन में साहस, संयम, सकारात्मकता और सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। यह पर्व हमारी सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने के साथ समाज में प्रेम, सद्भाव और समरसता की भावना को भी मजबूत करता है।

गरबा हमारी आस्था और सामाजिक एकता का उत्सव

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गरबा केवल नृत्य का आयोजन नहीं, बल्कि मां दुर्गा के प्रति हमारी श्रद्धा और भक्ति की सुंदर अभिव्यक्ति है। गुजरात से प्रारंभ हुई गरबा की समृद्ध परंपरा आज पूरे देश में उत्साह और उमंग के साथ मनाई जाती है। यह भारत की सांस्कृतिक विविधता में एकता का सुंदर उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि हमारे पर्व और त्योहार समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। अलग-अलग समाज और समुदाय जब एक साथ उत्सव मनाते हैं, तो आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की भावना और मजबूत होती है। यही हमारी भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता है। छत्तीसगढ़ में भी सभी समाजों ने अपनी परंपराओं और संस्कृति को सहेजते हुए प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने गरबा महोत्सवों में माताओं, बहनों और बेटियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मातृशक्ति की भागीदारी से ऐसे आयोजन और अधिक सुंदर तथा गरिमामय बनते हैं। नवरात्रि का पर्व हमें नारी शक्ति के सम्मान के साथ उनके प्रति अपनी जिम्मेदारियों का भी स्मरण कराता है।

महतारी वंदन योजना ने बढ़ाया माताओं-बहनों का आत्मविश्वास

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से निरंतर कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना इसी संकल्प की महत्वपूर्ण कड़ी है। योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 68 लाख माताओं-बहनों के बैंक खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपए की सहायता राशि सीधे अंतरित की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर के कालीबाड़ी मंदिर एवं दुर्गा पूजा पंडाल में टेका माथा, प्रदेशवासियों की खुशहाली के लिए मांगा आशीर्वाद

मां दुर्गा शक्ति, साहस और सकारात्मक ऊर्जा की प्रतीक, उनकी आराधना हमें सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलने की देती है प्रेरणा : मुख्यमंत्री

हमारे पर्व-उत्सव आस्था के साथ सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना को करते हैं सुदृढ़ : मुख्यमंत्री श्री साय

मां भगवती की कृपा से छत्तीसगढ़ निरंतर विकास, समृद्धि और खुशहाली के पथ पर आगे बढ़ता रहे : मुख्यमंत्री

रायपुर  अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज शाम राजधानी रायपुर स्थित प्रसिद्ध मां काली मंदिर, कालीबाड़ी एवं दुर्गा पूजा पंडाल पहुंचे। मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से मां काली एवं मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना की। उन्होंने मां के चरणों में शीश नवाकर छत्तीसगढ़ में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने का आशीर्वाद मांगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धा एवं भक्तिभाव से मां भगवती की आराधना करते हुए प्रदेश की निरंतर प्रगति तथा प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि शक्ति की आराधना का यह पावन अवसर हमें अपनी आस्था, संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं से जोड़ता है। मां दुर्गा शक्ति, साहस और सकारात्मक ऊर्जा की प्रतीक हैं। उनकी आराधना हमें जीवन की चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना करने तथा सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान अपनी समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं और धार्मिक आस्था से भी है। हमारे पर्व और उत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, आपसी प्रेम और भाईचारे को मजबूत करने वाले अवसर भी हैं। ऐसे आयोजन समाज के विभिन्न वर्गों को एक सूत्र में जोड़ते हैं और नई पीढ़ी को हमारी सांस्कृतिक विरासत तथा जीवन मूल्यों से परिचित कराते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि और दुर्गा पूजा के अवसर पर पूरे प्रदेश में श्रद्धा और उत्साह का वातावरण है। शक्ति की उपासना का यह पर्व हमें मातृशक्ति के सम्मान और समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका का भी स्मरण कराता है। हमारी संस्कृति में नारी शक्ति को सदैव सर्वोच्च स्थान दिया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने मां भगवती से प्रार्थना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक परिवार में सुख-शांति बनी रहे, किसानों के खेतों में समृद्धि आए, युवाओं के सपनों को नई उड़ान मिले और माताओं-बहनों के जीवन में खुशहाली आए। मां भगवती की कृपा से हमारा छत्तीसगढ़ विकास, समृद्धि और खुशहाली के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कालीबाड़ी मंदिर एवं दुर्गा पूजा पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं से आत्मीय भेंट की और सभी को नवरात्रि एवं दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं दीं। श्रद्धालुओं एवं समाजजनों ने भी मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया।

इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, बंगाली कालीबाड़ी समिति रायपुर के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘शौर्यांजलि : बस्तर के नायकों को समर्पित’ कार्यक्रम में अमर शहीदों को अर्पित की श्रद्धांजलि

शहीद जवानों ने अपने अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान से बस्तर की आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की रखी नींव

शहीद परिवारों का सम्मान और कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता, हर सुख-दुख में उनके साथ मजबूती से खड़ी है छत्तीसगढ़ सरकार

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान को मिली निर्णायक सफलता : मुख्यमंत्री

भय और हिंसा के लंबे दौर से आगे बढ़कर शांति, विश्वास और विकास की नई पहचान गढ़ रहा बस्तर

शहीदों के सपनों का शांतिपूर्ण, सुरक्षित और विकसित बस्तर बनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर,  अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर की धरती पर शांति की स्थापना और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले हमारे वीर जवानों का शौर्य, त्याग और समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा। हमारे जवानों ने केवल नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष नहीं किया, बल्कि अपने रक्त और बलिदान से बस्तर में शांति, सुरक्षा और खुशहाली के नए युग की नींव रखी है। आज बस्तर में शांति और विश्वास की जो नई सुबह दिखाई दे रही है, उसके पीछे हमारे सुरक्षा बलों का अदम्य साहस और अमर शहीदों का सर्वोच्च बलिदान है।

मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर में द हिन्दू फाउंडेशन, नागपुर द्वारा आयोजित ‘शौर्यांजलि : बस्तर के नायकों को समर्पित’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संचालित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बस्तर में शांति और सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले 50 अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके परिजनों का सम्मान किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद परिवारों के प्रति गहरी संवेदना और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी अपने को खोने की पीड़ा को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। जब एक जवान देश और समाज की रक्षा करते हुए शहीद होता है तो एक मां अपना बेटा, पत्नी अपना जीवनसाथी और बच्चे अपने पिता का साया खो देते हैं। इस अपूरणीय क्षति की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन पूरा छत्तीसगढ़ अपने वीर सपूतों और उनके परिवारों के प्रति सदैव कृतज्ञ रहेगा।

उन्होंने शहीद परिवारों से कहा कि आपके अपने केवल आपके परिवार के सदस्य नहीं थे, वे पूरे छत्तीसगढ़ और राष्ट्र के गौरव हैं। उन्होंने अपने जीवन से साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसे आने वाली पीढ़ियां गर्व और सम्मान के साथ याद करेंगी।

शहीद परिवारों के हर सुख-दुख में साथ खड़ी है सरकार

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शहीद परिवारों का सम्मान, सुरक्षा और कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। मातृभूमि और समाज की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले जवानों के परिवारों की चिंता करना सरकार का दायित्व है। राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ शहीद परिवारों के सुख-दुख में सहभागी है और भविष्य में भी हर परिस्थिति में उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।

उन्होंने कहा कि शहीदों के परिवार हमारे लिए केवल सहायता के पात्र परिवार नहीं, बल्कि हमारे अपने परिवार हैं। उनका सम्मान करना और उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक अभियान

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सलवाद के समूल उन्मूलन के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने दृढ़ इच्छाशक्ति तथा बेहतर समन्वय के साथ अभियान चलाया है। केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा निर्धारित 31 मार्च 2026 के लक्ष्य को लेकर सुरक्षा बलों ने पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया।

सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की पहल से साकार हो रहा विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प

रायपुर,  अक्टूबर 2026/ लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति जनता का विश्वास है और सुशासन उस विश्वास को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम। जब शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, समस्याओं का समयबद्ध समाधान होता है और आम नागरिक को अपने अधिकारों एवं सुविधाओं के लिए अनावश्यक भटकना नहीं पड़ता, तभी सुशासन की अवधारणा सार्थक होती है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इसी भावना के अनुरूप संवेदनशील, पारदर्शी और जनोन्मुखी प्रशासन को प्राथमिकता दी जा रही है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास‘ के मूलमंत्र को आत्मसात करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। शासन की कार्यप्रणाली को अधिक सरल, सुलभ और जवाबदेह बनाने के प्रयासों से प्रशासन और आम नागरिकों के बीच संवाद तथा विश्वास का नया वातावरण विकसित हो रहा है।

सुशासन की पहली शर्त है कि आम नागरिक की बात सुनी जाए और उसकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी पहल हो। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जनसमस्याओं के निराकरण को शासन की प्राथमिकताओं में स्थान दिया है। नागरिकों को अपनी समस्याएं, शिकायतें और सुझाव सीधे शासन-प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिल रहा है।

जिला और विकासखंड स्तर पर आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर भी प्रशासन को नागरिकों के निकट लाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। इन शिविरों में विभिन्न विभागों की सेवाओं और योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने तथा प्राप्त आवेदनों के निराकरण की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

डिजिटल सुशासन से आसान हो रही शासकीय सेवाएं

बदलते समय में तकनीक सुशासन का सशक्त आधार बनकर उभरी है। छत्तीसगढ़ में डिजिटल माध्यमों से शासकीय सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। सेवा सेतु पोर्टल और डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न विभागों की सेवाओं के लिए आवेदन करने और प्रक्रियाओं की जानकारी प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों के लिए शासकीय सेवाओं तक पहुंच आसान बनाने में सहायता मिल रही है।

डिजिटल व्यवस्थाओं का महत्व केवल ऑनलाइन आवेदन तक सीमित नहीं है। इनका उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाना, अनावश्यक विलंब कम करना और नागरिकों को सेवाओं की स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराना भी है। तकनीक आधारित प्रशासन से शासन और जनता के बीच विश्वास का संबंध और अधिक मजबूत करने की संभावनाएं बढ़ी हैं।

अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सर्वाेच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं, श्रमिकों और जनजातीय समुदायों के कल्याण को विशेष प्राथमिकता दे रही है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। यह सहायता घरेलू आवश्यकताओं, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और छोटी बचत जैसे कार्यों में महिलाओं के लिए उपयोगी साबित हो रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों के पक्के घर का सपना साकार करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। किसानों के लिए संचालित योजनाएं, स्वास्थ्य सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण आजीविका से जुड़ी पहलें भी नागरिकों के जीवन में आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा का आधार बन रही हैं।

इन योजनाओं की वास्तविक सफलता उन परिवारों के जीवन में दिखाई देती है, जिन्हें शासन की सहायता से अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने और बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।

 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों का सेवाकाल राष्ट्र निर्माण और जनकल्याण को समर्पित

श्री राजेश अग्रवाल
कैबिनेट मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन

भारतीय संस्कृति में सेवा केवल कर्तव्य नहीं, बल्कि जीवन का सर्वाेच्च संस्कार है। सेवा की यही भावना व्यक्ति को स्वयं से ऊपर उठकर समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए समर्पित होने की प्रेरणा देती है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष इसी सेवा, समर्पण, सुशासन और राष्ट्र निर्माण की प्रेरक यात्रा के प्रतीक हैं।

7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जनसेवा का दायित्व संभालने वाले प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन के इन 25 वर्षों में जनकल्याण और राष्ट्रहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक की उनकी यात्रा विकास, दृढ़ संकल्प और जनविश्वास की मिसाल रही है। उन्होंने शासन को केवल प्रशासनिक व्यवस्था नहीं, बल्कि गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम बनाया है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों में देश ने जनकल्याण और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना से करोड़ों परिवारों को पक्के घर का सहारा मिला है। उज्ज्वला योजना ने महिलाओं को धुएं से राहत दिलाई, आयुष्मान भारत ने जरूरतमंद परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की और स्वच्छ भारत मिशन ने स्वच्छता के साथ महिलाओं के सम्मान एवं गरिमा को मजबूत किया। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना से नागरिकों को खाद्य सुरक्षा का लाभ मिल रहा है।

जनधन योजना, डिजिटल इंडिया और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण ने सरकारी योजनाओं की पहुंच को अधिक सरल और पारदर्शी बनाया है। किसान सम्मान निधि, मुद्रा योजना, स्टार्टअप इंडिया और कौशल विकास जैसी पहलों ने किसानों, युवाओं और उद्यमियों को नए अवसर प्रदान किए हैं। इन प्रयासों का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने को प्राथमिकता दी गई है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विकास के साथ भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण को भी नई दिशा दी है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम का विकास और देश के प्रमुख तीर्थस्थलों पर सुविधाओं का विस्तार भारतीय संस्कृति के गौरव को नई पहचान दे रहा है। धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के विस्तार से स्थानीय रोजगार, हस्तशिल्प और आजीविका के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

छत्तीसगढ़ भी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री श्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर अग्रसर है। प्रदेश में पर्यटन स्थलों के विकास, जनजातीय संस्कृति के संरक्षण, धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं के विस्तार और स्थानीय कलाकारों एवं शिल्पकारों को प्रोत्साहन देने के प्रयास किए जा रहे हैं। हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की महत्वपूर्ण आधारशिला है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित सेवा संकल्प अभियान ने जनसेवा और जनभागीदारी को नई ऊर्जा प्रदान की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित इस अभियान के अंतर्गत 12 प्रमुख पहलों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को सेवा और राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया गया।

‘आशीर्वाद का दीया’ ने सेवा, आभार और सकारात्मकता का संदेश दिया, वहीं ‘मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा’ ने बच्चों और विद्यार्थियों को विकसित भारत की अपनी कल्पनाओं को अभिव्यक्त करने का अवसर प्रदान किया। ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ और ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ जैसी पहलों ने कला, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सेवा की भावना को जन-जन तक पहुंचाया।

योजना की 32वीं किस्त मिलने से मानकुंवर के चेहरे पर आई खुशी, बच्चों के लिए खरीद रही हैं कॉपी-पेन और जरूरी शैक्षणिक सामग्री

बच्चों की शिक्षा और परिवार की छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित हो रही महतारी वंदन योजना

रायपुर,  अक्टूबर 2026/ एक मां का सबसे बड़ा सपना होता है कि उसके बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त करें और जीवन में आगे बढ़कर अपना उज्ज्वल भविष्य बनाएं। सीमित आर्थिक संसाधनों के बीच बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए आर्थिक संबल बनने के साथ ही उनके बच्चों की शिक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जिले के पेंड्रा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत लाटा के जोड़ा तालाब निवासी श्रीमती मानकुंवर मसराम की कहानी इसका एक उदाहरण है।

महतारी वंदन योजना के अंतर्गत श्रीमती मानकुंवर मसराम को 32वीं किस्त की राशि प्राप्त हुई है। योजना से हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता उनके परिवार की छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित हो रही है। मानकुंवर इस राशि का उपयोग विशेष रूप से अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और घरेलू आवश्यकताओं के लिए करती हैं। बच्चों के लिए कॉपी, पेन और अन्य जरूरी शैक्षणिक सामग्री खरीदने में इस सहायता राशि से उन्हें काफी राहत मिल रही है।

बच्चों की पढ़ाई में नहीं आने देना चाहतीं संसाधनों की कमी

श्रीमती मानकुंवर मसराम बताती हैं कि हर माता-पिता की तरह उनकी भी इच्छा है कि उनके बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त करें और जीवन में आगे बढ़ें। बच्चों की पढ़ाई के लिए समय-समय पर कॉपी, पेन और अन्य शैक्षणिक सामग्री की आवश्यकता पड़ती है। परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों के बीच इन छोटी-छोटी आवश्यकताओं को पूरा करना भी महत्वपूर्ण होता है।

उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि बच्चों की शिक्षा संबंधी जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी साबित हो रही है। जब बच्चों को पढ़ाई के लिए कॉपी-पेन या अन्य आवश्यक सामग्री की जरूरत होती है, तो वह योजना से प्राप्त राशि का उपयोग कर उन्हें उपलब्ध कराती हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई जारी रखने में सहयोग मिल रहा है और परिवार पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी कुछ कम हुआ है।

बच्चों की कॉपी-पेन से लेकर घर की सब्जी तक, हर जरूरत में मिल रहा सहयोग

मानकुंवर बताती हैं कि योजना से प्राप्त राशि केवल बच्चों की पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि परिवार की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में भी सहायक है। वह इस राशि से घर के लिए सब्जियां एवं अन्य छोटी-मोटी आवश्यक वस्तुएं भी खरीदती हैं।

उनके लिए हर महीने मिलने वाली यह आर्थिक सहायता परिवार के खर्चों को व्यवस्थित करने का एक उपयोगी माध्यम बन गई है। बच्चों की शिक्षा और घरेलू जरूरतों के बीच संतुलन बनाते हुए वह इस राशि का सदुपयोग कर रही हैं।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ बच्चों के भविष्य को भी मिल रहा संबल

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के माध्यम से मिलने वाली राशि महिलाओं को अपनी व्यक्तिगत एवं पारिवारिक आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान करती है।

श्रीमती मानकुंवर मसराम की कहानी दर्शाती है कि महिलाओं को मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता का सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है। जब एक मां इस राशि का उपयोग अपने बच्चों की शिक्षा और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में करती है, तो यह सहयोग आने वाली पीढ़ी के बेहतर भविष्य की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होता है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार

महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त प्राप्त होने पर श्रीमती मानकुंवर मसराम ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके बच्चों की पढ़ाई और परिवार की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में उपयोगी साबित हो रही है।

मानकुंवर की यह कहानी बताती है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से मिलने वाली छोटी-छोटी आर्थिक सहायता भी जरूरतमंद परिवारों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है। महतारी वंदन योजना से मिलने वाला आर्थिक संबल मानकुंवर जैसी माताओं को अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियां निभाने और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए प्रयास करने में सहयोग प्रदान कर रहा है।

मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सरगुजा जिले के 35 शासकीय स्कूलों में नीट एवं जेईई की निःशुल्क लाइव ऑनलाइन कोचिंग का किया शुभारंभ

सरगुजा के 2,120 विद्यार्थियों को दो वर्षों तक मिलेगी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की गुणवत्तापूर्ण कोचिंग

आधुनिक स्मार्ट क्लासरूम, विशेषज्ञ शिक्षकों और एआई आधारित तकनीक से संवरेंगे विद्यार्थियों के सपने

रायपुर 17 अक्टूबर 2026/ सरगुजा जिले के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के डॉक्टर और इंजीनियर बनने के सपनों को साकार करने की दिशा में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल की गई है। अब जिले के शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को नीट एवं जेईई जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों की ओर रुख करने की आवश्यकता कम होगी। उन्हें अपने विद्यालयों में ही आधुनिक स्मार्ट क्लासरूम, विषय विशेषज्ञ शिक्षकों और नवीनतम डिजिटल तकनीक के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण कोचिंग की सुविधा मिलेगी।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने शनिवार को जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में सरगुजा जिले के 35 शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में नीट एवं जेईई की निःशुल्क लाइव ऑनलाइन कोचिंग का शुभारंभ किया। जिला खनिज संस्थान न्यास एवं स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी परियोजना से लगभग 2,120 विद्यार्थियों को दो वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिलेगा।

यह पहल विशेष रूप से उन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी, जो आर्थिक एवं भौगोलिक परिस्थितियों के कारण बड़े शहरों में जाकर महंगी कोचिंग प्राप्त नहीं कर पाते। अब सरगुजा के विद्यार्थियों को अपने ही विद्यालय में राष्ट्रीय स्तर के शिक्षकों से पढ़ने, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने और अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर प्राप्त होगा।

यह केवल कोचिंग की शुरुआत नहीं, बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है: मंत्री श्री अग्रवाल

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह केवल एक शैक्षणिक परियोजना का शुभारंभ नहीं, बल्कि सरगुजा के हजारों बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने का संकल्प है। शिक्षा ही वह सशक्त माध्यम है, जिससे समाज और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य संवारा जा सकता है। हमारा प्रयास है कि सरगुजा का कोई भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी केवल संसाधनों और आर्थिक परिस्थितियों के अभाव में अपने सपनों से वंचित न रहे।

मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को नीट और जेईई जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर संसाधन एवं गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। इस पहल से विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलेगा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में आने वाली आर्थिक एवं शैक्षणिक कठिनाइयों को कम करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती। सही अवसर, उचित मार्गदर्शन और कठिन परिश्रम करने का हौसला हो तो सरगुजा का बच्चा भी देश में अपनी अलग पहचान बना सकता है। आवश्यकता केवल इस बात की है कि बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए समान अवसर और उचित संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।

बड़े सपने देखिए, पूरी मेहनत से उन्हें साकार कीजिए और सरगुजा का नाम रोशन कीजिए: मंत्री श्री अग्रवाल

मंत्री श्री अग्रवाल ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए लक्ष्य निर्धारित करना, अनुशासन बनाए रखना और निरंतर मेहनत करना आवश्यक है। पढ़ाई के साथ अच्छा व्यवहार और सकारात्मक सोच सफलता की महत्वपूर्ण आधारशिला है।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आप बड़े सपने देखिए, उन्हें पूरा करने के लिए पूरी लगन से मेहनत कीजिए और सफलता हासिल कर अपने माता-पिता, विद्यालय, सरगुजा तथा छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कीजिए। उन्होंने विद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देशित किया कि ऑनलाइन कोचिंग में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और अभिभावकों को भी बच्चों की पढ़ाई के प्रति जागरूक एवं प्रेरित किया जाए।

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