पर्यटन बोर्ड की पर्यटकों से अपील—फर्जी वेबसाइट, बुकिंग लिंक, मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया से रहें सतर्क

रायपुर, 23 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों और पर्यटन सुविधाओं की बुकिंग के नाम पर फर्जीवाड़े की शिकायतों को देखते हुए छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड ने पर्यटकों को सतर्क रहने की अपील की है। बोर्ड को ऐसी अनधिकृत वेबसाइटों और माध्यमों की जानकारी मिली है, जो छत्तीसगढ़ पर्यटन के नाम पर फर्जी बुकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने का दावा कर रहे हैं। ऐसे माध्यमों के जरिए पर्यटकों से ऑनलाइन भुगतान कराकर ठगी किए जाने की आशंका है।

छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि पर्यटक पर्यटन स्थलों, आवासीय सुविधाओं तथा अन्य पर्यटन सेवाओं की बुकिंग के लिए केवल छत्तीसगढ़ पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइट tourism.cgstate.gov.in का ही उपयोग करें। किसी अन्य वेबसाइट, अनधिकृत बुकिंग लिंक, संदिग्ध मोबाइल नंबर, विज्ञापन अथवा सोशल मीडिया के ऐसे पेज पर भरोसा नहीं करें, जो छत्तीसगढ़ पर्यटन की बुकिंग उपलब्ध कराने का दावा करते हों।

बोर्ड के अनुसार, साइबर ठगी करने वाले तत्व छत्तीसगढ़ पर्यटन के नाम, प्रतीक चिन्ह, पर्यटन स्थलों की तस्वीरों और अन्य प्रचार सामग्री का दुरुपयोग कर पर्यटकों को भ्रमित कर सकते हैं। ऐसे तत्व आकर्षक दरों पर कमरे, पर्यटन आवास, भ्रमण पैकेज अथवा अन्य सुविधाओं की बुकिंग का झांसा देकर पर्यटकों से ऑनलाइन भुगतान कराने का प्रयास कर सकते हैं। इसलिए किसी भी प्रकार का भुगतान करने से पहले संबंधित वेबसाइट और बुकिंग प्रक्रिया की प्रामाणिकता की जांच करना आवश्यक है।

पर्यटन बोर्ड ने पर्यटकों से अपील की है कि बुकिंग के लिए केवल अधिकृत पर्यटन प्रक्रिया का पालन करें और भुगतान भी उसी अधिकृत प्रक्रिया के माध्यम से करें। किसी व्यक्ति के निजी खाते, संदिग्ध भुगतान माध्यम अथवा अनजान मोबाइल नंबर पर राशि भेजने से बचें। विशेष रूप से कम कीमत में बुकिंग, तत्काल भुगतान का दबाव या आकर्षक पर्यटन पैकेज का प्रस्ताव मिलने पर अतिरिक्त सावधानी बरतें।

आधिकारिक माध्यम से ही करें बुकिंग

पर्यटक छत्तीसगढ़ पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइट tourism.cgstate.gov.in के माध्यम से ही बुकिंग करें। पर्यटन संबंधी जानकारी और बुकिंग के लिए छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के गढ़ कलेवा, रायपुर स्थित सूचना केंद्र तथा छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में स्थित सूचना केंद्रों से भी संपर्क किया जा सकता है। इन अधिकृत केंद्रों के माध्यम से पर्यटकों को पर्यटन संबंधी जानकारी के साथ उपलब्धता के अनुसार पर्यटन आवासों की बुकिंग की सुविधा भी प्राप्त की जा सकती है।

संदेह होने पर हेल्पलाइन से करें पुष्टि

पर्यटकों को किसी वेबसाइट, बुकिंग लिंक, मोबाइल नंबर या सोशल मीडिया के पेज की प्रामाणिकता को लेकर संदेह होने पर भुगतान करने से पहले छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की हेल्पलाइन से जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी गई है।

छत्तीसगढ़ पर्यटन हेल्पलाइन नंबर:
+91-7714224600
18001026415

बोर्ड ने पर्यटकों से अपील की है कि वे यात्रा की योजना बनाते समय केवल अधिकृत और विश्वसनीय स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें। फर्जी वेबसाइटों, संदिग्ध बुकिंग प्रस्तावों और अनधिकृत भुगतान माध्यमों से सतर्क रहकर पर्यटक अपनी यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बना सकते हैं।

प्रथम कैबिनेट में 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास निर्माण का लिया गया था संकल्प

रायपुर, 23 अगस्त 2026/ प्रदेश में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत आवास निर्माण का कार्य निरंतर गति से जारी है। उपमुख्यमंत्री एवं पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि नई सरकार के गठन के बाद से अब तक 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के मकान पूर्ण किए जा चुके हैं। राज्य सरकार गरीबों को आवास उपलब्ध कराने के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ लगातार कार्य कर रही है।

प्रथम कैबिनेट में 18 लाख से अधिक आवासों का संकल्प
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि नई सरकार के गठन के बाद प्रथम कैबिनेट बैठक में ही प्रदेश के पात्र परिवारों के लिए 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करने एवं निर्माण का संकल्प लिया गया था। इसी संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार द्वारा आवास निर्माण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया गया है। पुराने एवं नए वित्तीय वर्षों के स्वीकृत आवासों को आवश्यक राशि उपलब्ध कराते हुए निर्माण कार्य पूर्ण कराया जा रहा है।

पिछले वित्तीय वर्ष में 5.92 लाख से अधिक आवास पूर्ण
श्री शर्मा ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में प्रदेश में 5 लाख 92 हजार से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण किए गए। यह उपलब्धि पूरे देश में सर्वाधिक है। राज्य सरकार द्वारा आवास निर्माण की गति को बनाए रखते हुए पात्र हितग्राहियों को समय पर आवास उपलब्ध कराने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

2011 और 2018 की पात्रता सूची के सभी पात्र आवास स्वीकृत
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2011 एवं 2018 की पात्रता सूची के अंतर्गत पात्र पाए गए सभी आवासों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। कुल स्वीकृत आवासों में से अब तक 20 लाख 40 हजार मकानों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। वहीं, वर्तमान में लगभग 4 लाख आवासों का निर्माण कार्य प्रगतिरत है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आवास स्वीकृत करना नहीं, बल्कि पात्र परिवारों को शीघ्रता से उनके पक्के मकान का लाभ दिलाना है। इसी उद्देश्य से निर्माणाधीन आवासों को जल्द से जल्द पूर्ण कराने के लिए विभागीय स्तर पर निरंतर कार्य किया जा रहा है।

पुराने वित्तीय वर्षों के आवास भी वर्तमान सरकार में हुए पूर्ण
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पूर्ण किए गए 11 लाख से अधिक आवासों में पिछले वित्तीय वर्षों में स्वीकृत आवास भी शामिल हैं। पुराने समय में स्वीकृत ऐसे आवास, जो विभिन्न कारणों से लंबित थे, उन्हें भी आवश्यक राशि उपलब्ध कराकर वर्तमान सरकार द्वारा पूर्ण कराया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पुराने लंबित आवासों को भी प्राथमिकता देते हुए हितग्राहियों को आवास का लाभ दिलाने का कार्य किया है। इस प्रकार पिछले ढाई वर्षों के अल्प समय में पुराने एवं नए वित्तीय वर्षों के आवासों को मिलाकर 11 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री आवास योजना और विशेष योजनाओं के आवास भी शामिल
वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पूर्ण किए गए आवासों में विभिन्न योजनाओं के तहत स्वीकृत आवास भी शामिल हैं। इनमें
मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत 48 हजार आवासों में से लगभग 20 हजार आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत लगभग 23 हजार आवास शामिल हैं। इसके अतिरिक्त विशेष परियोजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत आवास भी आवास निर्माण की उपलब्धि में शामिल हैं। इन योजनाओं के माध्यम से विशेष रूप से जरूरतमंद, गरीब एवं वंचित परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

विद्यार्थियों ने पोस्टर प्रदर्शनी एवं प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता के माध्यम से दिखाई वैज्ञानिक सोच और रचनात्मकता

रायपुर, 23 अगस्त 2026/ राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 2026 के अवसर पर आज छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर रायपुर में विद्यार्थियों और युवाओं में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जिज्ञासा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं को भारत की अंतरिक्ष यात्रा, अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में देश की उपलब्धियों तथा भविष्य की संभावनाओं से परिचित कराना और उन्हें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना रहा।

वैज्ञानिकों ने विद्यार्थियों से साझा किए अंतरिक्ष विज्ञान के अनुभव
कार्यक्रम में इसरो के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर, रीजनल साइंस सेंटर नागपुर के वैज्ञानिक श्री मिमलिंद चाडोकऱ तथा छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के वैज्ञानिक-ई श्री एम.के. बेग सहित छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर एवं छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक श्री प्रशांत कविश्वर शामिल हुए। वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए तथा अंतरिक्ष विज्ञान और उससे जुड़े विभिन्न वैज्ञानिक पहलुओं की जानकारी दी।

कार्यक्रम में महानिदेशक, छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर एवं छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद श्री प्रशांत कविश्वर द्वारा विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच विकसित करने, जिज्ञासु बने रहने तथा विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने चंद्रयान मिशन सहित भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों की जानकारी देते हुए भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।

भारत के अंतरिक्ष अभियानों पर दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान श्री चाडोकर ने 'इंडियाज स्पेस प्रोग्राम: पास्ट, प्रजेंट, फ्यूचर' विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की विकास यात्रा, महत्वपूर्ण उपलब्धियों तथा भविष्य की अंतरिक्ष संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की। व्याख्यान के माध्यम से विद्यार्थियों को देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम की उपलब्धियों को समझने तथा भविष्य में अंतरिक्ष विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा मिली।

छत्तीसगढ़ के विकास में उपग्रह तकनीक की संभावनाओं पर चर्चा

इसी क्रम में छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के वैज्ञानिक-ई श्री एम.के. बेग ने 'एप्लीकेशन ऑफ सेटेलाइट टेक्नोलॉजी फ़ॉर द डेवलोपमेन्ट ऑफ छत्तीसगढ़' विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने उपग्रह प्रौद्योगिकी के विभिन्न उपयोगों तथा छत्तीसगढ़ के विकास में इसकी संभावित भूमिका पर प्रकाश डाला। विद्यार्थियों को बताया गया कि अंतरिक्ष एवं उपग्रह तकनीक का उपयोग कृषि, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, पर्यावरण तथा विकास संबंधी गतिविधियों में किस प्रकार किया जा सकता है।

‘थुम्बा से चंद्रमा और उससे आगे’ विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता

कार्यक्रम में विद्यार्थियों के लिए 'इंडियाज़ स्पेस जर्नी: थुम्बा से चंद्रमा और उससे आगे' विषय पर पोस्टर प्रदर्शनी एवं प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने भारत की अंतरिक्ष यात्रा, भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों तथा सतत विकास के लिए अंतरिक्ष विज्ञान के महत्व से संबंधित अपने विचारों और रचनात्मक प्रस्तुतियों को पोस्टर के माध्यम से प्रदर्शित किया। प्रतियोगिता के मूल्यांकन के लिए गठित निर्णायक मंडल में छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के डॉ. त्रिभुवन सिंह, श्री अमित कुमार मेश्राम, डॉ. अमित राम शामिल रहे। निर्णायक मंडल ने विद्यार्थियों के पोस्टरों का मूल्यांकन विषय-वस्तु, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता एवं प्रभावी प्रस्तुतीकरण के आधार पर किया।

रक्षाबंधन से पहले मिली महतारी वंदन की 30वीं किस्त, मिलापा की त्योहार की खुशियां हुईं दोगुनी

रायपुर, 23 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ शासन की महतारी वंदन योजना प्रदेश की माताओं-बहनों के लिए नियमित आर्थिक संबल का मजबूत आधार बन रही है। योजना के तहत हर माह मिलने वाली सहायता राशि से महिलाएं अपने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ अपनी जरूरतों के लिए भी आर्थिक रूप से सक्षम हो रही हैं। रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले योजना की 30वीं किस्त की राशि मिलने से प्रदेशभर की महिलाओं के बीच विशेष खुशी का माहौल है।

इसी खुशी की झलक मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के विकासखंड अंबागढ़ चौकी अंतर्गत ग्राम जोरातराई निवासी श्रीमती मिलापा नदेश्वर के चेहरे पर भी दिखाई दी। महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त की राशि प्राप्त होने पर उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया और स्नेहपूर्वक उन्हें ‘विष्णु भैया’ कहकर संबोधित किया।

राखी से पहले मिली राशि, त्योहार की खुशियां हुईं दोगुनी
श्रीमती मिलापा नदेश्वर ने बताया कि रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन योजना की राशि मिलना उनके लिए बेहद खुशी की बात है। इस राशि से वे त्योहार की तैयारियों के साथ घर की जरूरी आवश्यकताओं को भी पूरा कर पा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस बार राखी का पर्व उनके लिए इसलिए भी खास है, क्योंकि समय पर मिली आर्थिक सहायता ने त्योहार की तैयारियों का अतिरिक्त बोझ कम कर दिया है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि जब वे रक्षाबंधन पर अपने भाइयों की कलाइयों पर स्नेह का धागा बांधेंगी, तो उसमें ‘विष्णु भैया’ के प्रति आभार और स्नेह की भावना भी जुड़ी होगी।

बच्चों और घर-गृहस्थी की जरूरतों में मिल रहा सहारा
मिलापा नदेश्वर बताती हैं कि महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने मिलने वाली राशि उनके परिवार के लिए उपयोगी साबित हो रही है। बच्चों की जरूरतों, घर-गृहस्थी के खर्च और आवश्यक सामानों की खरीदी में यह राशि आर्थिक सहायता प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि पहले छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी परिवार के बजट को ध्यान में रखकर खर्च करना पड़ता था, लेकिन अब नियमित सहायता राशि मिलने से वे अपने स्तर पर कई जरूरी खर्च पूरे कर पा रही हैं।

आर्थिक सहायता के साथ बढ़ा आत्मविश्वास
मिलापा नदेश्वर के लिए महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मसम्मान बढ़ाने का जरिया भी बनी है। नियमित रूप से मिलने वाली राशि ने उन्हें परिवार की जरूरतों में अपनी भूमिका मजबूत करने और आर्थिक निर्णयों में अधिक आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। रक्षाबंधन के अवसर पर मिली 30वीं किस्त उन्हें ‘विष्णु भैया’ की ओर से बहनों के लिए स्नेह और सहयोग जैसी महसूस हो रही है।

महतारी वंदन योजना की राशि से त्योहार की तैयारियां हुईं आसान, आर्थिक संबल से बढ़ा उत्साह

रायपुर, 23 अगस्त 2026/ रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और आत्मीयता का पर्व है। इस वर्ष रायगढ़ शहर के इंदिरा नगर वार्ड क्रमांक 7 की निवासी श्रीमती तारागिरी गोस्वामी के लिए यह पर्व और भी खास बन गया है। महतारी वंदन योजना के तहत प्राप्त इस माह की राशि से उन्होंने अपने भाई के लिए राखी खरीदी और त्योहार की तैयारियां कीं। आर्थिक सहयोग मिलने से उनके परिवार में रक्षाबंधन की खुशियां और बढ़ गई हैं।

त्योहार की जरूरतों में काम आई योजना की राशि

तारागिरी गोस्वामी बताती हैं कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली राशि महिलाओं के लिए अपनी जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी साबित हो रही है। इस बार उन्होंने योजना से प्राप्त राशि का उपयोग राखी खरीदने में किया। अब वे अपने परिवार के साथ रक्षाबंधन का पर्व पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाने की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि त्योहार के अवसर पर अपनी जरूरत के अनुसार खर्च करने के लिए राशि उपलब्ध होना उनके लिए खुशी की बात है। इससे उन्हें रक्षाबंधन की तैयारियों के लिए किसी अन्य पर निर्भर नहीं रहना पड़ा।

आर्थिक आत्मनिर्भरता से बढ़ा आत्मविश्वास

तारागिरी गोस्वामी ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से संबल प्रदान कर रही है। योजना की राशि महिलाएं अपनी आवश्यकताओं, परिवार की जरूरतों और त्योहारों की तैयारियों में अपनी सुविधा के अनुसार उपयोग कर पा रही हैं। इससे उनमें आर्थिक आत्मविश्वास बढ़ रहा है और वे अपने छोटे-बड़े निर्णय स्वयं लेने में सक्षम हो रही हैं।

उनके लिए इस बार रक्षाबंधन केवल भाई की कलाई पर प्रेम और विश्वास का धागा बांधने का पर्व नहीं, बल्कि आर्थिक संबल से मिली आत्मनिर्भरता और खुशी का अवसर भी है।

मुख्यमंत्री विष्णु भैया का जताया आभार

तारागिरी गोस्वामी ने महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विष्णु भैया द्वारा संचालित इस योजना से मिलने वाली नियमित राशि महिलाओं के लिए उपयोगी सहारा बन रही है।उन्होंने कहा कि योजना की राशि से राखी खरीदने और त्योहार की तैयारी करने से उनके चेहरे पर खुशी है। वे इस रक्षाबंधन को अपने परिवार के साथ पूरे उत्साह और उल्लास से मनाएंगी।

महतारी वंदन योजना की नियमित आर्थिक सहायता महिलाओं को केवल आर्थिक संबल ही नहीं दे रही, बल्कि उन्हें अपनी जरूरतों और खुशियों के लिए स्वयं निर्णय लेने का आत्मविश्वास भी दे रही है। इस रक्षाबंधन पर तारागिरी के हाथों में राखी और चेहरे पर मुस्कान, महिला सशक्तिकरण की एक सुखद तस्वीर प्रस्तुत कर रही है।

कम लागत में राखियां बनाकर आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ रहीं बिहान की महिलाएं

घरेलू और स्थानीय संसाधनों का रचनात्मक उपयोग, सीजनल गतिविधियों से बढ़ा आजीविका का आधार

रायपुर, 23 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं समूह के माध्यम से विभिन्न आजीविका गतिविधियों को अपनाते हुए आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन रही हैं। सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत किशुन नगर की जय मां दुर्गा स्वयं सहायता समूह की महिलाएं भी इसी बदलाव की प्रेरक मिसाल बनकर उभरी हैं। समूह की महिलाएं मौसम और त्योहारों के अनुरूप सीजनल गतिविधियों का चयन कर अपनी आय के नए अवसर तैयार कर रही हैं।

रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए इन दिनों समूह की महिलाएं घर में उपलब्ध सामग्री और स्थानीय संसाधनों से आकर्षक राखियां तैयार कर रही हैं। चावल, गेहूं, मक्का और कोहड़े के बीज सहित अन्य सामग्री को रंगकर और सजाकर सुंदर राखियां बनाई जा रही हैं। वहीं रेशमी धागे, ऊन और अन्य सजावटी सामग्री आवश्यकतानुसार बाजार से खरीदी जाती है। इससे राखियों की उत्पादन लागत कम रहती है और महिलाओं को बेहतर आय अर्जित करने का अवसर मिलता है।

12 महिलाओं ने मिलकर संवारी आजीविका

समूह की सदस्य सुश्री सोनाली सिंह ने बताया कि जय मां दुर्गा स्वयं सहायता समूह में कुल 12 महिलाएं हैं। सभी सदस्य मिलकर अलग-अलग मौसम और त्योहारों के अनुरूप आजीविका गतिविधियों का संचालन करती हैं। वर्तमान में राखी निर्माण का कार्य किया जा रहा है। तैयार राखियों को विभिन्न स्थानों पर स्टॉल लगाकर तथा घर से भी बेचा जा रहा है।

उन्होंने बताया कि बिहान योजना से जुड़ने से पहले महिलाओं के पास आय के सीमित साधन थे। स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें प्रशिक्षण, योजनाओं और विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिला। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा और वे आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने लगीं।

घरेलू सामग्री से तैयार हो रहीं आकर्षक राखियां

समूह की सदस्य सुश्री दीप्ति चौधरी बताती हैं कि राखी निर्माण में घरेलू सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। पुराने बीज, चावल, गेहूं और मक्के के दानों को आकर्षक रंग देकर उनसे अलग-अलग डिजाइन तैयार किए जाते हैं। इसके साथ रेशमी धागे, ऊन और अन्य सजावटी सामग्री का उपयोग कर राखियों को आकर्षक रूप दिया जाता है।

समूह की महिलाएं अपने खाली समय में एक साथ बैठकर राखियां तैयार करती हैं। त्योहार के दौरान मांग बढ़ने पर उत्पादन भी बढ़ा दिया जाता है। तैयार राखियों की बिक्री बाजार में लगाए गए छोटे-छोटे स्टॉल और घर से की जा रही है। इस तरह महिलाएं पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ अपने हुनर को आय के साधन में बदल रही हैं।

तीन वर्षों से सीजनल गतिविधियों से जुड़ी महिलाएं

समूह की सदस्य सुश्री आशा रवि ने बताया कि समूह की महिलाएं पिछले लगभग तीन वर्षों से कम लागत में घरेलू सामग्री से राखियां तैयार कर रही हैं। समूह की सभी महिलाएं मिलकर इस कार्य में भागीदारी करती हैं। उन्होंने कहा कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें रोजगार और आजीविका की विभिन्न गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिला है।

उन्होंने बताया कि समूह से जुड़ने से महिलाओं को नई गतिविधियां सीखने, घर से बाहर निकलकर आर्थिक कार्यों में भागीदारी करने और अपनी अलग पहचान बनाने का अवसर मिला है। इससे महिलाओं के आत्मविश्वास के साथ-साथ परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में भी मदद मिल रही है।

सीजन के अनुसार बदलती गतिविधियां, बढ़ते आय के अवसर

जय मां दुर्गा स्वयं सहायता समूह की महिलाएं वर्षभर मौसम और त्योहारों के अनुरूप अलग-अलग गतिविधियों का चयन करती हैं। इससे उन्हें एक ही व्यवसाय पर निर्भर रहने के बजाय आय के अनेक अवसर मिलते हैं। समूह के माध्यम से सामूहिक रूप से कार्य करने से उत्पादन, प्रशिक्षण, बाजार और बिक्री में भी एक-दूसरे का सहयोग मिलता है।

राखी निर्माण जैसी गतिविधियों ने महिलाओं को यह अवसर दिया है कि वे घर और आसपास उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर कम लागत में उत्पाद तैयार करें और उन्हें बाजार तक पहुंचाकर आय अर्जित करें। यह पहल स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ महिला उद्यमिता को भी बढ़ावा दे रही है।

बिहान योजना से सरिता यादव ने संवारी अपनी आजीविका

समूह से ऋण लेकर शुरू किया आटा चक्की और खाद्य सामग्री का व्यवसाय, हर माह 10 से 15 हजार रुपये की आमदनी

रायपुर, 23 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए संचालित बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका का मजबूत आधार बन रही है। स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं ऋण एवं अन्य सहयोग का लाभ लेते हुए स्वयं का व्यवसाय शुरू कर रही हैं और अपनी मेहनत से परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

जशपुर जिले की रहने वाली श्रीमती सरिता यादव भी बिहान योजना से जुड़कर आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रही हैं। पिछले वर्ष उन्हें स्व-सहायता समूह के माध्यम से ऋण प्राप्त हुआ। इस आर्थिक सहयोग से उन्होंने आटा चक्की सहित खाद्य सामग्री से संबंधित व्यवसाय शुरू किया। आज उनके व्यवसाय से हर माह लगभग 10 से 15 हजार रुपये की आमदनी हो रही है।

दूसरों पर निर्भरता से आत्मनिर्भरता तक का सफर

सरिता यादव बताती हैं कि बिहान योजना से जुड़ने से पहले अपने छोटे-मोटे खर्चों के लिए उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। व्यवसाय शुरू करने के बाद परिस्थितियां बदलीं। अब वे अपने दैनिक एवं व्यक्तिगत खर्च स्वयं वहन कर रही हैं और अपनी आय से भविष्य के लिए बचत भी कर पा रही हैं। वे कहती हैं कि स्व-सहायता समूह से मिला सहयोग उनके लिए नई शुरुआत का आधार बना। समूह के माध्यम से ऋण मिलने से उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिला और आज वे अपने पैरों पर खड़ी हैं।

महिला सशक्तिकरण को मिल रही नई दिशा

बिहान योजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को समूहों से जोड़कर उन्हें बचत, ऋण और आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। इससे महिलाएं अपने हुनर और मेहनत को व्यवसाय का रूप देकर नियमित आय अर्जित कर रही हैं। सरिता यादव की सफलता भी इसी बदलाव की प्रेरक मिसाल है, जहां सरकारी योजना और समूह के सहयोग ने एक महिला को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया।

सरिता यादव ने बिहान योजना से मिले सहयोग के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की यह पहल महिलाओं को अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दे रही है। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को अवसर और सहयोग मिलता है, तो वे न केवल अपने परिवार को संभाल सकती हैं, बल्कि समाज और प्रदेश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।

सरिता यादव की कहानी यह संदेश देती है कि अवसर, मेहनत और सही मार्गदर्शन मिल जाए तो ग्रामीण महिलाएं भी अपने व्यवसाय को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बिहान योजना महिलाओं की आजीविका को मजबूत करने के साथ उन्हें आत्मविश्वास और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रही है।

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महतारी वंदन योजना से उर्मिला यादव के परिवार को मिला आर्थिक सहारा

बच्चों के पोषण के साथ बेटी के भविष्य के लिए कर रहीं नियमित बचत

रायपुर, 23 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना परिवारों के लिए मजबूत आर्थिक सहारे का माध्यम बन रही है। योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता से महिलाएं अपनी घरेलू जरूरतों के साथ बच्चों के पोषण, शिक्षा और बेटियों के बेहतर भविष्य के लिए भी आर्थिक प्रबंधन कर रही हैं।

सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्राम जमगवां की श्रीमती उर्मिला यादव महतारी वंदन योजना से लाभान्वित होकर इस आर्थिक संबल का उपयोग अपने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में कर रही हैं। उर्मिला यादव बताती हैं कि योजना के तहत उनके बैंक खाते में प्रतिमाह राशि प्राप्त होती है। इस राशि से वे बच्चों के खान-पान और परिवार की जरूरी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग लेती हैं। नियमित आर्थिक सहायता मिलने से घरेलू खर्चों को व्यवस्थित करने में उन्हें काफी सहूलियत मिली है।

बेटी के भविष्य के लिए हर माह बचत

महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि का एक हिस्सा उर्मिला यादव अपनी बेटी के सुरक्षित भविष्य के लिए बचत में लगा रही हैं। उन्होंने अपनी बेटी के नाम सुकन्या समृद्धि योजना का खाता खुलवाया है, जिसमें वे प्रतिमाह 200 रुपये जमा कर रही हैं। इस तरह योजना से मिलने वाली सहायता उनके परिवार की वर्तमान जरूरतों को पूरा करने के साथ बेटी के भविष्य के लिए आर्थिक आधार तैयार करने में भी मददगार बन रही है।

उर्मिला यादव का कहना है कि पहले घरेलू जरूरतों के बीच आर्थिक प्रबंधन करना चुनौतीपूर्ण होता था, लेकिन अब हर माह मिलने वाली राशि से उन्हें अतिरिक्त सहारा मिलता है। वे अपनी जरूरतों को बेहतर ढंग से व्यवस्थित कर पा रही हैं और बेटी के भविष्य के लिए नियमित बचत भी कर रही हैं।

आर्थिक सहायता से बढ़ा महिलाओं का आत्मविश्वास

उर्मिला यादव के अनुभव से यह स्पष्ट होता है कि महिलाओं के बैंक खातों में सीधे मिलने वाली आर्थिक सहायता उन्हें परिवार की आर्थिक व्यवस्था में अधिक प्रभावी भूमिका निभाने का अवसर दे रही है। महतारी वंदन योजना की राशि से महिलाएं बच्चों के पोषण, घरेलू आवश्यकताओं और अपनी जरूरतों के साथ-साथ भविष्य की योजनाओं के लिए भी आर्थिक निर्णय ले पा रही हैं।

उर्मिला यादव ने कहा कि योजना से मिलने वाली नियमित सहायता ने उनमें आर्थिक आत्मविश्वास बढ़ाया है। परिवार की जरूरतों के समय यह राशि उनके लिए महत्वपूर्ण सहारा बनती है और उन्हें बेटी के भविष्य के लिए बचत करने का अवसर भी मिलता है।

“बहनों की खुशहाली का उपहार, विष्णु भैया की सरकार”

महतारी वंदन योजना से मिले आर्थिक संबल के लिए श्रीमती उर्मिला यादव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा महिलाओं को दी जा रही आर्थिक सहायता उनके परिवार के लिए उपयोगी साबित हो रही है। योजना की राशि से वे बच्चों के खान-पान और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ अपनी बेटी के भविष्य के लिए भी बचत कर पा रही हैं।

उर्मिला यादव की कहानी यह दर्शाती है कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को परिवार की जरूरतों के बेहतर प्रबंधन, बच्चों के पोषण और बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए निर्णय लेने का आत्मविश्वास भी दे रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयास परिवारों को आर्थिक स्थिरता और आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ा रहे हैं।

स्थानीय छात्र हितों के साथ किसी भी तरह की अनदेखी नहीं होगी बर्दाश्त: श्री श्याम बिहारी जायसवाल

नीट यूजी काउंसलिंग 2026: फर्जी जानकारी देने पर निरस्त होगा प्रवेश, राज्य काउंसलिंग समिति की चेतावनी

मूल दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही मानी जाएगी प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण

रायपुर, 23 अगस्त 2026/छत्तीसगढ़ के चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के बच्चों के हितों के साथ किसी भी तरह की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदेश में मेडिकल कॉलेज और MBBS की सीटें बढ़ाने का उद्देश्य ही यही है कि छत्तीसगढ़ के अधिक से अधिक बच्चों को मेडिकल शिक्षा का अवसर मिले।

श्री जायसवाल ने कहा है कि डोमिसाइल को लेकर अगर कहीं कोई शंका या शिकायत सामने आती है तो उसकी पूरी गंभीरता से जांच कराई जाएगी।व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और पुख्ता बनाया गया है। जिनके दस्तावेज सही हैं, उन्हें चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन अगर कहीं नियमों का उल्लंघन या फर्जीवाड़ा पाया गया तो उसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों ने मेहनत की है, उनके भविष्य और उनके अधिकारों की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। मेडिकल कॉलेज और सीटें बढ़ाना हमारी उपलब्धि है, लेकिन यह सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है कि इसका लाभ पात्र विद्यार्थियों को ही मिले। इस मामले में किसी तरह की लापरवाही नहीं होगी।

नीट यूजी प्रवेश वर्ष 2026 की राज्य स्तरीय काउंसलिंग

पिछले वर्षों की भांति इस वर्ष भी काउंसलिंग, मेरिट और आवंटन की संपूर्ण प्रक्रिया प्रचलित प्रवेश नियमों के अनुसार ऑनलाइन माध्यम से पारदर्शी ढंग से संपादित की जा रही है।
छत्तीसगढ़ राज्य काउंसलिंग समिति ने नीट यूजी प्रवेश वर्ष 2026 की राज्य स्तरीय काउंसलिंग को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

नियम 7 के तहत होगा सत्यापन

छत्तीसगढ़ चिकित्सा, दंत चिकित्सा एवं भौतिक चिकित्सा (फिजियोथेरेपी) स्नातक प्रवेश नियम, 2025 के नियम 7 के अनुसार ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया में पंजीयन, प्राथमिकता क्रम का निर्धारण, आवंटन, मूल दस्तावेजों की संवीक्षा एवं प्रवेश की प्रक्रिया शामिल है। पात्रता परीक्षण के दौरान मूल निवासी प्रमाण-पत्र, श्रेणी/संवर्ग संबंधी प्रमाण-पत्र तथा नियमानुसार अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाएगी। आवंटन के बाद अभ्यर्थी द्वारा आवश्यक मूल दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने और उनके सत्यापन में पात्र पाए जाने के उपरांत ही प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण मानी जाएगी।

गलत जानकारी दी तो निरस्त होगा प्रवेश

प्रवेश नियम के नियम 12 में स्पष्ट प्रावधान है कि यदि किसी अभ्यर्थी द्वारा झूठी या गलत जानकारी देकर अथवा प्रासंगिक तथ्यों को छिपाकर प्रवेश प्राप्त किया गया हो, या प्रवेश के बाद किसी भी समय यह पाया जाए कि अभ्यर्थी को किसी त्रुटि अथवा चूक के कारण प्रवेश प्राप्त हो गया है, तो नियमानुसार उसका प्रवेश निरस्त किया जा सकता है। मूल निवासी अथवा अन्य दस्तावेजों को लेकर कोई शिकायत या तथ्य सामने आने पर नियमानुसार जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी।

अफवाहों से बचें, पोर्टल पर करें शिकायत दर्ज

राज्य काउंसलिंग समिति ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि काउंसलिंग को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रम या भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें। किसी भी शंका, समस्या या शिकायत की स्थिति में अभ्यर्थी अधिकृत काउंसलिंग पोर्टल पर Candidate Login में उपलब्ध "Candidates Grievances and Query Redressal System" के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, अथवा काउंसलिंग शाखा के ई-मेल **This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.* पर संपर्क कर सकते हैं।

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भक्ति, संस्कृति और सामाजिक समरसता का अनुपम संगम है कांवड़ यात्रा - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

हजारों कांवड़िए पवित्र जल लेकर भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव के जलाभिषेक के लिए हुए रवाना

मुख्यमंत्री ने शिवभक्तों को दी शुभकामनाएं, कहा - हमारी धार्मिक परंपराएं पीढ़ियों को संस्कृति और संस्कारों से जोड़ती हैं

रायपुर 23 अगस्त 2026/ पवित्र श्रावण मास में राजधानी रायपुर आज भगवान भोलेनाथ की भक्ति में सराबोर नजर आई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय गुढ़ियारी स्थित मारुति मंगलम परिसर में आयोजित भव्य कांवड़ यात्रा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, शांति, खुशहाली और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की। उन्होंने कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्तों का उत्साहवर्धन करते हुए सभी को पवित्र श्रावण मास की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना और भक्ति का विशेष अवसर है। इस पवित्र माह में कांवड़ यात्रा हमारी आस्था, भक्ति और समर्पण की अनुपम अभिव्यक्ति है। हजारों शिवभक्त पवित्र जल लेकर भगवान भोलेनाथ के अभिषेक के लिए पैदल निकलते हैं। कठिन यात्रा के बीच शिवभक्तों का उत्साह और श्रद्धा सनातन संस्कृति में निहित आस्था की शक्ति को प्रकट करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुढ़ियारी के मारुति मंगलम परिसर से हजारों कांवड़िए पवित्र जल लेकर महादेव घाट स्थित भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव के जलाभिषेक के लिए रवाना हुए हैं। शिवभक्तों के जयघोष और भक्ति से पूरा वातावरण शिवमय हो उठा है। यह आयोजन केवल धार्मिक यात्रा ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का उत्सव भी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर के ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह मंदिर छत्तीसगढ़ की प्राचीन शिव आराधना परंपरा का प्रमुख केंद्र है। महादेव घाट में विराजमान भगवान हटकेश्वरनाथ के प्रति प्रदेशवासियों की गहरी आस्था है। विशेष रूप से श्रावण मास में बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना करते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान जितनी इसकी प्राकृतिक सुंदरता और लोक-संस्कृति से है, उतनी ही इसकी गहरी आध्यात्मिक परंपराओं से भी है। प्रदेश के अलग-अलग अंचलों में स्थित प्राचीन शिवधाम और शक्तिपीठ हमारी समृद्ध धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत के साक्षी हैं। यहां के पर्व, उत्सव और धार्मिक यात्राएं समाज को अपनी जड़ों और संस्कारों से जोड़े रखती हैं।

उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा जैसे धार्मिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों में समाज के हर वर्ग के लोग एक साथ जुड़ते हैं। इससे आपसी सद्भाव, सामाजिक एकता और समरसता की भावना मजबूत होती है। सेवा, सहयोग और सामूहिकता की यही भावना छत्तीसगढ़ की संस्कृति की विशेषता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और संवर्धन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। राज्य सरकार प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों के विकास और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं के विस्तार की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इससे हमारी आस्था के केंद्रों को नई पहचान मिलने के साथ धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को भी विस्तार मिल रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कांवड़ यात्रा में शामिल सभी शिवभक्तों को शुभकामनाएं देते हुए भगवान भोलेनाथ से प्रदेश की निरंतर प्रगति की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि देवाधिदेव महादेव की कृपा छत्तीसगढ़ और प्रदेशवासियों पर सदैव बनी रहे। हर परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली आए तथा हमारा छत्तीसगढ़ विकास और जनकल्याण के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत, रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, निगम-मंडलों के अध्यक्ष, गणमान्य नागरिक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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