ईश्वर दुबे
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Bhilai
सेवा की कहानी: हिमालयन हाइट्स में साकार हुआ अपने घर का सपना, जितेंद्र मेहता को मिला सुविधाओं से भरपूर आशियाना
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आम परिवारों के अपने घर के सपने को साकार करने की दिशा में पहल
वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में गुणवत्तापूर्ण और सुविधायुक्त आवास उपलब्ध कराने पर जोर
प्रीमियम लोकेशन, बेहतर कनेक्टिविटी और किफायती दरों से हितग्राही संतुष्ट, निजी बिल्डरों की परियोजनाओं के समकक्ष बताया हाउसिंग बोर्ड का आवास
रायपुर, 08 अक्टूबर 2026/ हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसका अपना एक सुंदर और सुविधायुक्त घर हो, जहां वे अपने परिवार के साथ सुकून भरा जीवन बिता सकें। यदि यह घर शहर की अच्छी लोकेशन पर, आवश्यक सुविधाओं के करीब और किफायती दरों पर उपलब्ध हो जाए, तो यह खुशी दुगुनी हो जाती है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की आवासीय परियोजनाएं ऐसे ही परिवारों के अपने घर के सपने को साकार करने का माध्यम बन रही हैं। राजधानी रायपुर के डूमरतराई स्थित हिमालयन हाइट्स आवासीय परियोजना के निवासी श्री जितेंद्र मेहता की कहानी भी इसी संतुष्टि और भरोसे को सामने लाती है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा नागरिकों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा आवासीय परियोजनाओं में गुणवत्ता, बेहतर लोकेशन, आधुनिक सुविधाओं और नागरिकों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया जा रहा है।
दो साल पहले लिया फैसला, आज घर में रहकर पूरी तरह संतुष्ट
हिमालयन हाइट्स के निवासी श्री जितेंद्र मेहता बताते हैं कि उन्होंने लगभग दो वर्ष पहले इस परियोजना में अपना घर बुक कराया था। उस समय उनका सपना था कि परिवार के लिए एक ऐसा घर मिले, जहां बेहतर वातावरण के साथ शहर की सभी जरूरी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हों। आज अपने घर में रहकर वे अपने निर्णय से बेहद खुश और संतुष्ट हैं।
श्री मेहता कहते हैं, “मैंने करीब दो साल पहले डूमरतराई स्थित हिमालयन हाइट्स में अपना घर बुक कराया था और आज यहां रहकर अपने फैसले से बहुत संतुष्ट हूं। इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी प्रीमियम लोकेशन है।”
रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और मॉल तक आसान पहुंच बनी बड़ी सुविधा
श्री मेहता के अनुसार हिमालयन हाइट्स की सबसे बड़ी विशेषता इसकी लोकेशन और बेहतर कनेक्टिविटी है। यहां से रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, मुख्य सड़क और शॉपिंग मॉल तक पहुंच आसान है। इससे रोजमर्रा के कामकाज, आवागमन और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में काफी सुविधा मिलती है।
उनका कहना है कि आवास खरीदते समय केवल मकान की कीमत ही महत्वपूर्ण नहीं होती, बल्कि आसपास उपलब्ध सुविधाएं और शहर से उसकी कनेक्टिविटी भी मायने रखती है। हिमालयन हाइट्स इन अपेक्षाओं पर खरा उतरता है।
“निजी बिल्डरों की परियोजनाओं से किसी भी तरह कम नहीं है हिमालयन हाइट्स”
छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड की आवासीय परियोजना के प्रति अपना भरोसा व्यक्त करते हुए श्री मेहता कहते हैं, “मेरे अनुभव में यह परियोजना निजी बिल्डरों की परियोजनाओं से किसी भी तरह कम नहीं है। अच्छी लोकेशन पर किफायती दर में अपना घर मिलना हमारे लिए बहुत खुशी की बात है।”
उनका यह अनुभव दर्शाता है कि शासकीय आवासीय परियोजनाएं भी बेहतर लोकेशन, सुविधाओं और किफायती दरों के कारण नागरिकों के लिए आकर्षक विकल्प बन सकती हैं।
अपने घर का सपना पूरा होने पर जताया सरकार और हाउसिंग बोर्ड का आभार
श्री जितेंद्र मेहता ने अपने घर का सपना साकार होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने हमारे अपने घर के सपने को साकार किया है। इसके लिए मैं हाउसिंग बोर्ड और छत्तीसगढ़ सरकार का हृदय से धन्यवाद करता हूं।”
गुणवत्तापूर्ण आवास के साथ बेहतर जीवन की दिशा में प्रयास
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा नागरिकों को बेहतर आवासीय विकल्प उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आवासीय परियोजनाओं में गुणवत्ता, किफायती दरों और सुविधाजनक लोकेशन को महत्व देकर अधिक से अधिक परिवारों के अपने घर के सपने को पूरा करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
डूमरतराई के हिमालयन हाइट्स में रहने वाले श्री जितेंद्र मेहता की संतुष्टि इस बात का उदाहरण है कि अच्छी लोकेशन पर सुविधायुक्त आवास मिलने से परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है। उनके लिए हिमालयन हाइट्स केवल रहने का स्थान नहीं, बल्कि वर्षों से संजोए अपने घर के सपने की सुखद परिणति है।
आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में बच्चों और महिलाओं से किया संवाद, कुपोषण से बचाव के लिए जागरूकता पर दिया जोर
रायपुर, 08 अक्टूबर 2026/ वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने गुरुवार को कोंडागांव जिले के गोलावंड स्थित स्कूलपारा आंगनवाड़ी केंद्र में आयोजित आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में बच्चों और महिलाओं से संवाद किया। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने पोषण एवं कुपोषण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण पर विशेष ध्यान देने तथा पालकों को कुपोषण से बचाव के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।
बच्चों से किया, महिलाओं के पोषण पर विशेष फोकस के निर्देश
वन मंत्री श्री कश्यप ने बच्चों से बातचीत कर उनकी सीखने की क्षमता परखी। जहां बच्चों ने चित्रों के माध्यम से फल, पशु-पक्षियों और विभिन्न वस्तुओं की पहचान की। मंत्री ने उनका उत्साह बढ़ाते हुए फल और चॉकलेट वितरित किए। उन्होंने महिलाओं को बच्चों के संतुलित आहार और गर्भावस्था में उचित पोषण की सलाह दी। इस दौरान पांच गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और तीन बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार हुआ।
सेवाभाव के लिए छह आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-मितानिन का सम्मान
मंत्री श्री कश्यप ने आंगनवाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं और साफ-सफाई का जायजा लिया। उन्होंने केंद्र को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और मितानिन सहायिका सहित छह महिलाओं को उनके सेवाभाव और योगदान के लिए सम्मानित किया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीता सोरी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती अनिता कोर्राम सहित जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
जगदलपुर में सहकार से समृद्धि राष्ट्रीय वर्कशाॅप का शुभारंभ
सहकार से समृद्धि के राष्ट्रीय विमर्श से दूरदराज के क्षेत्रों तक विकास पहुंचाने का शंखनाद
अंतिम छोर तक जनमानस को लाभ पहुंचाना ही सहकारिता की सार्थकता-सचिव सहकारिता भारत सरकार डाॅ. आशीष भूटानी
रायपुर, 08 अक्टूबर 2026/ मां दंतेश्वरी की पावन धरा बस्तर जिले के जगदलपुर में भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सहकार से समृद्धि वर्कशाॅप का भव्य शुभारंभ गुरुवार को हुआ। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में आयोजित यह नौवां सम्मेलन ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि बस्तर में पहली बार किसी केंद्रीय मंत्रालय द्वारा इस स्तर का राष्ट्रीय विचार-मंथन आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन का मुख्य ध्येय सहकारिता आंदोलन के माध्यम से देश के सबसे दूरदराज, आकांक्षी और जनजातीय अंचलों के अंतिम व्यक्ति तक आर्थिक समृद्धि और विकास का लाभ पहुंचाना है।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत सरकार के सहकारिता सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने रेखांकित किया कि सहकारिता की सार्थकता तभी सिद्ध होगी जब इसका प्रभाव जमीनी स्तर पर अंतिम छोर तक दिखाई दे। असम में शांति बहाली के बाद आई विकास की गति का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ठीक वैसा ही सकारात्मक और अभूतपूर्व बदलाव आज बस्तर की धरती पर भी महसूस किया जा रहा है। प्राथमिक कृषि साख समितियों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धुरी बताते हुए उन्होंने देश भर में दो लाख नई बहुउद्देशीय पैक्स की स्थापना, उनके पूर्ण डिजिटलीकरण, कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में रूपांतरण और विश्व की सबसे बड़ी विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना को तेजी से लागू करने की आवश्यकता जताई। इसके साथ ही उन्होंने नाबार्ड, एनसीडीसी और एनडीडीबी जैसी शीर्ष संस्थाओं के सहयोग से पैक्स के विविधीकरण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में नए अवसर तलाशने और सहकारी बैंकिंग व्यवस्था के पारदर्शी व सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन पर विशेष बल दिया।
छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकास शील ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ते हुए सहकारिता को केवल पारंपरिक खाद व ऋण वितरण तक सीमित न रखकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विविधीकरण, प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन का सशक्त माध्यम बनाने का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक 500 से अधिक नई बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख समितियों का गठन हो चुका है और डेयरी, मत्स्य पालन तथा लघु वनोपज के क्षेत्रों में भी इसी तर्ज पर तेजी से कार्य जारी है। इन समितियों को डिजिटल करने के साथ-साथ माइक्रो-एटीएम और सीएससी सुविधाओं से लैस किया गया है, जिससे ग्रामीण आबादी को नागरिक सेवाएं मिलने के साथ समितियों की आय भी बढ़ी है। औद्योगिक विस्तार की चर्चा करते हुए उन्होंने कोंडागांव के मक्का आधारित और कवर्धा के गन्ना आधारित एथेनॉल संयंत्रों का उल्लेख किया और कहा कि गुजरात व महाराष्ट्र के सफल मॉडलों की तरह इकोनॉमिक्स ऑफ स्केल हासिल करने के लिए नेफेड, एनसीसीएफ और बीबीएसएसएल जैसी राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ सप्लाई चेन को मजबूत किया जा रहा है।
सम्मेलन में अन्य राज्यों के अनुभवों को साझा करते हुए तमिलनाडु की अतिरिक्त मुख्य सचिव सहकारिता पी. अमुधा ने बताया कि उनके राज्य ने केंद्र के दिशा-निर्देशों के आधार पर एक, तीन और पांच वर्षीय विजन डॉक्यूमेंट तथा विस्तृत एक्शन प्लान तैयार कर उन्हें जमीन पर उतारा है। तमिलनाडु का सहकारी तंत्र राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर प्राथमिक समितियों के उत्पादों को एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी बाजार उपलब्ध करा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए सतत निगरानी और जांच
फॉर्च्यून मैदा के संबंधित बैच की बिक्री एवं वितरण पर तत्काल रोक, गौरेला में पनीर का नमूना जांच में पाया गया असुरक्षित
विष्णु भैया की सरकार में उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य हितों को प्राथमिकता, खाद्य प्रतिष्ठानों में निरीक्षण और नमूना संकलन की कार्रवाई जारी
रायपुर, 08 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार आम नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा तथा शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की सघन निगरानी की जा रही है। खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, खाद्य सामग्री के नमूनों का संकलन और प्रयोगशाला जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई के माध्यम से उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य हितों की रक्षा के प्रयास किए जा रहे हैं।
विष्णु के सुशासन में जिले में खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा जांच में निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने वाले खाद्य पदार्थों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में फॉर्च्यून मैदा के संबंधित बैच की बिक्री एवं वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है। प्रशासन ने खाद्य कारोबारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खाद्य सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करें तथा प्रतिबंधित बैच के उत्पाद का विक्रय एवं वितरण नहीं करें।
पनीर की जांच में मिली अनियमितता, जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए कार्रवाई
खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा गौरेला में खाद्य सुरक्षा अधिकारी के माध्यम से पनीर का विधिवत नमूना लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया था। प्राप्त जांच प्रतिवेदन में वेजिटेबल फैट की मात्रा निर्धारित सीमा से 77 प्रतिशत अधिक पाए जाने के आधार पर खाद्य विश्लेषक द्वारा संबंधित पनीर को असुरक्षित घोषित किया गया है। जांच में सामने आई इस अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए विभाग द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही द्वारा फॉर्च्यून मैदा के संबंधित बैच क्रमांक FAMD50059A की जिले में बिक्री एवं वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है। विभाग ने संबंधित खाद्य कारोबारियों को आदेश का कड़ाई से पालन करने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही खाद्य सामग्री का विक्रय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
खाद्य प्रतिष्ठानों में जांच का दायरा बढ़ा, विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने संकलित
जिले में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नमूना संकलन की कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में गृहस्थी सुपर बाजार से मैगी एवं साबूदाना तथा 786 बिरयानी सेंटर और हरी कन्फेक्शनरी से विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए संकलित किए गए हैं।
संकलित नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार परीक्षण के लिए भेजा गया है। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि बाजार में उपलब्ध खाद्य सामग्री निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हो और उपभोक्ताओं को असुरक्षित खाद्य पदार्थों से बचाया जा सके।
खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन पर जोर, कारोबारियों को दिए आवश्यक निर्देश
राज्य सरकार की जनस्वास्थ्य संरक्षण संबंधी प्राथमिकताओं के अनुरूप खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जिले के सभी खाद्य कारोबारियों से खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों का गंभीरता से पालन करने की अपील की है। खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, परिवहन एवं विक्रय के दौरान स्वच्छता तथा गुणवत्ता संबंधी निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश के 38 स्थानों पर विकसित होंगे ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’, तेलीबांधा चौक भी इनमें शामिल
मुख्यमंत्री ने कहा - न चौक का नाम बदल रहे हैं, न उसके मूल स्वरूप से कोई छेड़छाड़ की जा रही है
महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त होगी जारी, दुर्ग जिले को मिलेंगी विकास कार्यों की सौगात
रायपुर 8 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के तेलीबांधा चौक के नाम परिवर्तन को लेकर उत्पन्न भ्रम को स्पष्ट करते हुए कहा है कि तेलीबांधा चौक का नाम नहीं बदला जा रहा है। न तो चौक के नाम में कोई परिवर्तन किया जा रहा है और न ही उसके मूल स्वरूप के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ की जा रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि प्रदेश में 38 स्थानों पर ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ के तहत विकसित किए जाने की घोषणा की गई है। इनमें रायपुर का तेलीबांधा चौक भी शामिल है। उन्होंने कहा कि इसे लेकर किसी को भी भ्रम में नहीं रहना चाहिए। तेलीबांधा चौक का नाम यथावत रहेगा, इसे केवल ‘सेवा ज्योति संकल्प’ की भावना के अनुरूप विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर पूरे देश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी इसे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के रूप में मनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इसी क्रम में आज दुर्ग में आयोजित ‘सेवा सेतु’ कार्यक्रम में वे शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की माताओं-बहनों के लिए संचालित महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त जारी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेश की सभी माताओं-बहनों को शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दुर्ग जिले को इस अवसर पर विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यों की सौगात भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि सेवा, सुशासन और जनकल्याण की भावना के साथ राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक वर्ग के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
कार्यों में तेजी लाने और योजनाओं के प्रभावी व समयबद्ध क्रियान्वयन पर दिया जोर, जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देने के दिए निर्देश
अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें, गम्भीरता और सक्रियता से दायित्वों का करें निर्वहन – श्री अरुण साव
त्योहारों के पहले सड़कों की मरम्मत पूर्ण कर व्यवस्था सुधारने के निर्देश
रायपुर. 8 अक्टूबर 2026. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सरगुजा संभागीय मुख्यालय अंबिकापुर में सरगुजा और सूरजपुर जिले के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बैठक में विकास कार्यों की प्रगति, योजनाओं के क्रियान्वयन तथा विभागीय स्तर पर किए जा रहे कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। सरगुजा के कलेक्टर श्री अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल और सूरजपुर की कलेक्टर श्रीमती रेना जमील भी बैठक में मौजूद थीं।
योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर, जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने चारों विभागों के अधिकारियों से योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा करने को कहा। उन्होंने स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने तथा कार्यों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को गति देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का वास्तविक उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, इसलिए अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने अधिकारियों को अपने कार्यालय की व्यवस्था सुधारने तथा अच्छी साफ-सफाई रखने को कहा। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं और विकास कार्यों का सीधा लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे। अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें, गम्भीरतापूर्ण ढंग से दायित्वों का निर्वहन करें।
निर्माणाधीन पीएम आवासों को अक्टूबर तक पूर्ण करने कहा
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नगरीय क्षेत्रों में संचालित विकास कार्यों एवं विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को नगरीय निकायों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग तथा जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हमारे शहर, हमारे प्रदेश की छवि और जिले की प्रतिष्ठा बनाते हैं। इसलिए नगरों की व्यवस्था दुरुस्त करें, स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि टेण्डर प्रकिया होने के बाद तुरंत कार्य शुरू हो जाएं, प्रगतिरत कार्यों को जल्द पूरा करें, गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें और अपने दायित्वों का गम्भीरता से निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) प्राथमिकता का कार्य है, इसलिए सभी सीएमओ अक्टूबर माह तक प्रगतिरत निर्माण कार्यों को पूरा करें। उन्होंने राजस्व संग्रहण कार्य की हर माह समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, अधोसंरचना मद के कार्यों, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी), प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), 15वें वित्त आयोग, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सहित विभिन्न कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
’सड़कों की मरम्मत में लाएं तेजी’
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बरसात के बाद सड़कों की मरम्मत के कार्यों में तेजी लाने को कहा।
प्रधानमंत्री श्री मोदी का जीवन राष्ट्र सेवा, दृढ़ संकल्प और जनकल्याण की प्रेरक गाथा - मुख्यमंत्री श्री साय
विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में प्रत्येक नागरिक निभाए अपनी भागीदारी : मुख्यमंत्री श्री साय
‘नमो सेवा गाथा’ लाइट एंड साउंड शो में जीवंत हुई प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणादायी जीवन यात्रा
‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
छत्तीसगढ़ में रेल, जनजातीय विकास और निवेश के क्षेत्र में खुल रहे नई प्रगति के द्वार
रायपुर अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के बलवीर सिंह जुनेजा इनडोर स्टेडियम में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ समारोह में शामिल हुए। समारोह में आयोजित ‘नमो सेवा गाथा’ लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की संघर्ष से सेवा और सेवा से राष्ट्र निर्माण तक की प्रेरणादायी जीवन यात्रा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन देश के सार्वजनिक जीवन में एक महत्वपूर्ण पड़ाव का साक्षी है। 7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण हुए हैं। लगभग 13 वर्ष गुजरात के मुख्यमंत्री और 12 वर्ष से अधिक समय से देश के प्रधानमंत्री के रूप में उनकी यह यात्रा सेवा, सुशासन, जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण की प्रेरक गाथा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन में राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए भारत को समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य किया है। देश के 140 करोड़ नागरिकों को अपना परिवार मानकर वे ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूलमंत्र के साथ देश को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके नेतृत्व में शासन की योजनाओं का केंद्र गरीब, किसान, युवा, महिला और वंचित वर्ग बने हैं तथा विकास की पहुंच समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित हुई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प देश के सामने रखा है। इस संकल्प को साकार करना केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। विकसित भारत के निर्माण के साथ हमें विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए भी पूरी शक्ति और संकल्प के साथ आगे बढ़ना है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान आयोजित किया जा रहा है। एक महीने तक चलने वाले इस अभियान को 13 अलग-अलग बिंदुओं के माध्यम से जनभागीदारी से जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य सेवा, स्वच्छता, सामाजिक सरोकार और राष्ट्र निर्माण की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अभियान में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री की जीवन यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणा
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘नमो सेवा गाथा’ के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जीवन के विभिन्न पड़ावों, संघर्ष, सेवा भावना और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को जानने का अवसर मिला। उनका जीवन विशेष रूप से नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी है।
उन्होंने कहा कि सामान्य परिस्थितियों से आगे बढ़कर अपने परिश्रम, अनुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति और सेवा भाव के माध्यम से देश का नेतृत्व करने तक की प्रधानमंत्री श्री मोदी की यात्रा युवाओं को यह संदेश देती है कि संकल्प मजबूत हो और उद्देश्य जनसेवा का हो तो बड़ी से बड़ी चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बस्तर में शांति और विकास का नया अध्याय
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस तथा स्थानीय जनता के सहयोग से नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान को ऐतिहासिक सफलता मिली है।
कुल पात्र 67 लाख 38 हजार 217 हितग्राहियों को 632 करोड़ 40 लाख 04 हजार 250 रूपए का भुगतान डीबीटी के माध्यम से
रायपुर, अक्टूबर 2026/ प्रदेश में महतारी वंदन योजना 01 मार्च 2024 से लागू की गई है। योजना का लाभ लेने हेतु कुल 70 लाख 27 हजार 154 हितग्राहियों के द्वारा आवेदन किया गया था, जिनमें से पात्रता रखने वाले 70 लाख 09 हजार 578 महिलाओं को 10 मार्च 2024 को प्रथम बार माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के करकमलों से सहायता राशि का अंतरण किया गया। महतारी वंदन योजना में डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया जाता है। जिसका उपयोग राज्य की महिलाओं द्वारा सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण एवं कुपोषण, एनिमिया निवारण में किया जा रहा है।
योजना प्रारंभ से अब तक प्रदेश के महतारियों को 31 किश्तों में 20075.71 करोड़ रूपये की सहायता अनुमोदित किया जाकर दी जा चुकी है। 08 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के द्वारा प्रदेश की महतारियों को 32 वीं किस्त के भुगतान दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम में किया जाएगा। विभाग द्वारा महतारी वंदन योजना 32 वीं किश्त में ई-केवायसी करा चुके 67 लाख 38 हजार 217 हितग्राहियों को कुल राशि रू. 632 करोड़ 40 लाख 04 हजार 250 रूपए का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा। अतः इस प्रकार 32वीं किस्त के साथ योजना के हितग्राहियों को 20708.11 करोड़ का भुगतान हो जाएगा।
माह अक्टूबर 2026 की 32 वीं किश्त के भुगतान हेतु अद्यतन स्थिति में कुल पात्र 68 लाख 52 हजार 661 हितग्राहियों में से अनुमोदन हेतु 67 लाख 31 हजार 314 हितग्राही एवं नियद नेल्लानार के हितग्राहियों के 12वीं किस्त के भुगतान अनुमोदन हेतु 6 हजार 903 हितग्राही, अनुमोदन हेतु 67 लाख 38 हजार 217 हितग्राहियों को महतारी वंदन योजना की राशि का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जायेगा।
रायपुर, अक्टूबर 2026/ मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मिशन अमृत 2.0 की राज्य स्तरीय हाई पावर स्टेयरिंग कमेटी की समीक्षा सम्पन्न हुई। बैठक में राज्य के नगरीय निकायों में पेयजल, सीवरेज ट्रीटमेंट, जल निकायों के पुनरुद्धार एवं पार्क विकास से संबंधित चल रही विकास परियोजनाओं की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा के भीतर सभी निर्माण कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए।
अमृत 2.0 की समग्र भौतिक एवं वित्तीय प्रगति के संबंध में मिशन के अंतर्गत कुल 81 परियोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं। इनमें से 64 परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है और 45 परियोजनाओं के कार्य आवंटित हो चुके हैं। वर्तमान में 19 परियोजनाएं निविदा प्रक्रिया में हैं तथा शेष 11 परियोजनाओं की डीपीआर इस माह के अंत तक स्वीकृत करने का लक्ष्य रखा गया है।
जल प्रदाय योजनाएं के अंतर्गत 37 स्वीकृत परियोजनाओं में से 36 परियोजनाओं के कार्य आवंटित किए जा चुके हैं। बैठक के दौरान जगदलपुर (बस्तर) जल प्रदाय योजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट की प्रशासनिक स्वीकृति पर विचार-विमर्श किया गया।
राज्य के प्रमुख नगरीय निकायों (अम्बिकापुर, राजनांदगांव, कोरबा, भिलाई एवं दुर्ग) में कुल 333 एमएलडी क्षमता के 9 एसटीपी का निर्माण 465.82 करोड़ रूपए की लागत से कराया जा रहा है। शहरों में हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से बीते एक माह में बिलासपुर, मुंगेली, कांकेर और अहिवारा में 04 पार्क विकास परियोजनाओं के कार्य आवंटित किए गए हैं।
अमृत शहरों के लिए जीआईएस-आधारित मास्टर प्लान तैयार करने हेतु उप-योजना के तहत तैयार पुनरीक्षित स्टेट एक्शन प्लान के अनुमोदन की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वन एवं जलवायु परिवर्तन, नगरीय प्रशासन एवं विकास, वित्त, जल संसाधन, आवास एवं पर्यावरण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं वीडियो कॉन्फ्रेंस से भारत सरकार आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के अधिकारी शामिल हुए।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक
रायपुर, अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम (परसदा) में आयोजित होने वाली भारत महिला बनाम ज़िम्बाब्वे महिला टी-20 क्रिकेट सीरीज की प्रशासनिक स्तर पर की जा रही तैयारियों की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। तीन अंतर्राष्ट्रीय महिला टी-20 मुकाबले 16, 18 और 20 अक्टूबर 2026 को खेले जाएंगे। मुख्य सचिव ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों को व्यवस्थाओं के संबंध में अन्य विभागों से आवश्यक समन्वय करने के निर्देश दिए। उन्होंने मैच के सुचारू संचालन एवं सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कार्यों के लिए पुलिस विभाग एवं आयोजक संस्थाओं को समय पर जरूरी कार्यवाही सुनिश्चित करने कहा है।
मैच के सफल संचालन और अंतर-विभागीय समन्वय के लिए रायपुर कलेक्टर की अध्यक्षता में एक लोकल सपोर्ट कमेटी गठित की गई है। इस समिति में रायपुर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, खेल एवं युवा कल्याण संचालक, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता, एनआरडीए के प्रतिनिधि और छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ के प्रतिनिधि शामिल हैं। ई-टिकट को आसानी से स्कैन कर स्टेडियम में प्रवेश दिलाने के लिए दर्शकों हेतु परिसर में ओपन वाई-फाई की व्यवस्था की जाएगी।
स्टेडियम के भीतर खाद्य सामग्री, पेयजल आपूर्ति इत्यादि व्यवस्था के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए है। टिकटों पर स्टेडियम का नाम शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, नवा रायपुर अटल नगर स्पष्ट रूप से दर्ज रहेगा। टिकटों का वितरण ऑनलाइन किया जाएगा। स्टेडियम परिसर और सभी पार्किंग क्षेत्रों में सीसीटीव्ही कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे। टिकट धारकों को निश्चित अनुपात में पार्किंग पास उपलब्ध कराए जाएंगे। सम्पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था सीसीटीव्ही कैमरे एवं सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था पुलिस, एनआरडीए, सीएससीएस और बीसीसीआई द्वारा की जाएगी। आवश्यक विद्युत व्यवस्था, सीएसपीडीसीएल और ऊर्जा विभाग द्वारा की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग नजदीकी अस्पतालों की मैपिंग करेगा और स्थल पर एम्बुलेंस तैनात रहेगी। आपातकालीन इलाज एवं वीवीआईपी आवागमन हेतु ग्रीन कॉरिडोर का मार्ग निर्धारित किया गया है। स्टेडियम परिसर एवं निगम के निकटतम क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध रहे इसकी सुनिश्चितता बीएसएनएल द्वारा की जाएगी। फायर ब्रिगेड और पर्याप्त जल की उपलब्धता और आपातकालीन स्थिति के लिए रूट का चिन्हांकन गृह एवं अग्निशमन विभाग द्वारा किया जाएगा।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग इस बैठक में परिवहन विभाग के सचिव श्री एस. प्रकाश, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के यशवंत कुमार, पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला, संचालक जनसम्पर्क श्री आशीष टिकरिया, एमडी टूरिज्म श्री सौमिल रंजन चौबे सहित कलेक्टर रायपुर, पुलिस अधीक्षक रायपुर, एनआरडीए, खेल एवं युवा कल्याण, फायर एवं सेफटी, एयरपोर्ट आथरटी, सीएसपीडीसीएल, पीडब्लूडी, छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के अधिकारियों ने भाग लिया।
राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरा स्वास्थ्य केंद्र
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को मिल रही मजबूती
रायपुर, अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और मरीज-केंद्रित बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र साधवानी ने निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरते हुए राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के मूल्यांकन में सफलतापूर्वक क्वालीफाई किया है। यह उपलब्धि जिले में गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों को दर्शाती है।
राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के अंतर्गत स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को दी जाने वाली सेवाओं, मरीजों के अधिकारों, उपलब्ध संसाधनों, सहायक एवं क्लीनिकल सेवाओं, संक्रमण नियंत्रण, गुणवत्ता प्रबंधन तथा परिणाम आधारित सेवाओं सहित विभिन्न निर्धारित मानकों का मूल्यांकन किया जाता है। पीएचसी साधवानी ने इन मानकों के अनुरूप अपनी स्वास्थ्य सेवाओं, व्यवस्थाओं और गुणवत्ता प्रबंधन को बेहतर बनाते हुए यह उपलब्धि हासिल की है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के साथ शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य के अनुरूप जीपीएम जिले में भी स्वास्थ्य संस्थानों को राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।
जिला कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. के निर्देशन में जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में एनक्यूएएस प्रमाणीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार को प्राथमिकता देते हुए लगातार कार्य किया जा रहा है। इसके तहत स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने, रिकॉर्ड एवं दस्तावेजों को सुव्यवस्थित रखने, संक्रमण नियंत्रण के मानकों का पालन सुनिश्चित करने और मरीज-केंद्रित सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
पीएचसी साधवानी की इस उपलब्धि में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के सतत मार्गदर्शन एवं प्रभावी मॉनिटरिंग के साथ जिला स्तरीय टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एनक्यूएएस मूल्यांकन की तैयारियों के दौरान फील्ड मॉनिटरिंग, गैप एनालिसिस, दस्तावेजीकरण तथा आवश्यक सुधारात्मक गतिविधियों पर निरंतर कार्य किया गया।
पीएचसी साधवानी के चिकित्सा अधिकारी, आरएमए, एएनएम, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, सपोर्टिंग स्टाफ सहित समस्त स्वास्थ्यकर्मियों ने टीम भावना और समन्वय के साथ कार्य करते हुए इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया। एनक्यूएएस में मिली यह सफलता जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों को भी राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप अपनी सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करेगी।
नवभारत फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन में शामिल हुए राज्यपाल, विजेता और उपविजेता टीमों को किया सम्मानित
रायपुर, अक्टूबर 2026/ राज्यपाल श्री रमेन डेका नवभारत परिवार द्वारा आयोजित 17वीं अखिल भारतीय फुटबॉल एवं जिला स्तरीय विद्यालय फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने फाइनल मुकाबला देखा और विजेता तथा उपविजेता टीमों को ट्रॉफी एवं नकद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। अखिल भारतीय प्रतियोगिता के फाइनल में तमिलनाडु पुलिस ने दल्लीराजहरा माइंस को 1-0 से हराकर खिताब जीता। विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिता में सेंट जेवियर्स स्कूल भरनी ने नवीन पिछड़ा वर्ग क्रीड़ा परिसर को पराजित कर विजेता बनने का गौरव हासिल किया।
राज्यपाल श्री डेका ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल शारीरिक मजबूती के साथ अनुशासन, टीमवर्क और खेल भावना विकसित करते हैं। नियमित रूप से मैदान में खेलने से शरीर स्वस्थ और सक्रिय रहता है। उन्होंने कहा कि खेल अब करियर का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर आगे बढ़ने के अवसर बढ़े हैं। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों की सहभागिता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ के खेलों के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं।
श्री डेका ने कहा कि फुटबॉल हमें सिखाता है कि लक्ष्य पाने के लिए प्रत्येक खिलाड़ी को अपनी भूमिका निभानी होती है। एक-दूसरे का साथ देना, नियमों का सम्मान करना और अंतिम मिनट तक प्रयास करते रहना ऐसे गुण हैं, जो जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी होते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खेल का आनंद लें, मेहनत करते रहें और हार से सीखकर फिर मैदान में उतरें। आपकी लगन ही आपकी सबसे बड़ी पूंजी है।
राज्यपाल ने कहा कि विद्यालय स्तर की प्रतियोगिताएं बच्चों की प्रतिभा निखारने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इन्हीं बच्चों में से खिलाड़ी आगे चलकर राज्य और देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। जिला और राज्य स्तर के मुकाबलों से अनुभव मिलता है, जबकि अखिल भारतीय प्रतियोगिताओं में विभिन्न राज्यों की टीमों के साथ खेलने से खेल का स्तर बेहतर होता है और आगे की तैयारी की दिशा मिलती है। ऐसे आयोजनों का सिलसिला जारी रहना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिले।
समापन समारोह में विभिन्न विभाग के अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं खेलप्रेमी दर्शक उपस्थित थे।