ईश्वर दुबे
संपादक - न्यूज़ क्रिएशन
+91 98278-13148
newscreation2017@gmail.com
Shop No f188 first floor akash ganga press complex
Bhilai
जोखिम से सुरक्षा तक
आपदा बनी नहीं राह का रोड़ा
PM फसल बीमा योजना से किसान तरुण चंदेल को मिला 28 हजार रुपए का आर्थिक संबल
रायपुर,19 सितंबर 2026/छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किसानों की आर्थिक समृद्धि और जोखिम प्रबंधन के लिए संचालित योजनाएं धरातल पर सार्थक परिणाम दे रही हैं। नारायणपुर जिले के ग्राम बिंजली निवासी कृषक तरुण चंदेल की कहानी इस बात का जीवंत प्रमाण है कि कैसे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना विपरीत परिस्थितियों में किसानों के लिए सुरक्षा कवच और आर्थिक संबल बनकर उभरी है।
4 एकड़ खेती और अनिश्चितता की चुनौती
तरुण चंदेल अपने परिवार के पालन-पोषण के लिए पूर्णतः कृषि कार्य पर निर्भर हैं। उनके पास लगभग 4 एकड़ कृषि भूमि है, जिस पर वे प्रतिवर्ष पारंपरिक एवं आधुनिक तकनीक से खेती-किसानी करते हैं। खेती ही उनकी आजीविका का एकमात्र मुख्य जरिया होने के कारण फसल क्षति का सीधा असर उनके पारिवारिक बजट और दैनिक जीवन पर पड़ता था। मौसम की अनिश्चितता, कीट प्रकोप एवं प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल खराब होने का जोखिम हमेशा बना रहता था।
बीमा सुरक्षा ने घटाया नुकसान का जोखिम
जोखिम से बचाव के लिए तरुण चंदेल ने वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसल का बीमा कराया था। जब आपदा के कारण उनकी फसल को क्षति पहुंची, तो उन्होंने तत्काल नियमानुसार दावा प्रस्तुत किया। विभागीय प्रक्रिया और पारदर्शी आकलन के उपरांत उन्हें 28 हजार रूपए की बीमा दावा राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हुई।
लाभान्वित किसान तरुण चंदेल बताते हैं कि खेती में मौसम का कोई भरोसा नहीं रहता। फसल नष्ट होने पर बीज, खाद, श्रम और पारिवारिक खर्च निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे कठिन समय में मिली 28 हजार रुपए की बीमा राशि ने मेरे ऊपर से आर्थिक दबाव कम कर दिया और मुझे अगली फसल की तैयारी का संबल प्रदान किया।
सेवा संकल्प अभियान: हर पात्र हितग्राही तक पहुंच रहा लाभ
राज्य में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक संचालित किए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से किसानों को कृषि जोखिमों से बचाव और बीमा सुरक्षा से जोडने का सघन कार्य जारी है।
उम्मीदों को मिली नई उड़ान
फसल क्षति के बाद मिली सहायता राशि से न केवल तरुण चंदेल का आर्थिक नुकसान कम हुआ, बल्कि उनका कृषि कार्य के प्रति आत्मविश्वास भी पुनर्गठित हुआ है। वे कहते हैं कि शासन की इस योजना ने उन्हें खेती जारी रखने का भरोसा दिया है। तरुण चंदेल ने इस आर्थिक संबल और त्वरित सहायता के लिए शासन-प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया है।