(भूपेश के अनछुये पहलू)मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल को है आध्यात्म में है गहरी रुचि Featured

 (ईश्वर दुबे) प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल के शपथ ग्रहण लेते ही प्रदेश की बागडोर उनके हाथों में है। भूपेश बघेल की पहचान एक तेज तर्रार नेता के रुप में है परंतु उनके व्यक्तित्व के कुछ अनछुये पहलू हैं जो बहुत ही कम लोगों को मालूम है। माननीय भूपेश बघेल को आध्यात्म में गहरी आस्था है तथा वे इस क्षेत्र में उच्च कोटि के साधक भी हैं भूपेश की धर्मपत्नी भी आध्यात्मिक एवं पूजा पाठ में रुचि रखती हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बूघेल को ऊर्जावान नेता के रुप में ख्याति मिली हुई है अब प्रदेश की जनता के विकास हेतु उनकी ऊर्जा का सदुपयोग होगा यह जनता के लिए बेहद शुभ संकेत है। प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल के निवास में धर्ममय वातावरण रहता है तथा वे अपने ईष्टदेव माता भुवनेश्वरी (दुर्गा) के परम भक्त भी हैं। नवरात्रि में निवास में ही ज्योत की स्थापना प्रतिवर्ष की जाती है तथा उनके पूरे परिवार में धर्ममय वातावरण है। भूपेश बघेल के आध्यात्मिक गुरु के रुप में भिलाई-3 सिरसागेट के गायत्री दुर्गा मंदिर के पुजारी स्वर्गारुढ स्व.कैलाशचंद्र तिवारी का उनके निवास में आना जाना लगा रहता था। उक्त समय मैं भी उनके शिष्य के रुप में पूजा पाठ का ज्ञान अर्जित कर रहा था। उनकी भविष्यवाणी भी मुझे अब एकाएक याद आती है जब भूपेश बघेल पाटन से चुनाव में विजय बघेल से हार गए थे। उनका कथन था कि एक कार्यकाल हार जाने के बाद भूपेश का राजयोग जागृत होगा और वे सत्ता के शीर्ष स्थान पर विराजमान होंगे। फिर वे कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष बनें तथा वर्तमान में तमाम झंझावातों को पार करके सत्ता के शीर्ष पर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रुप में विराजमान हैं। माता भुवनेश्वरी की भक्ति के प्रसाद के रुप में उन्हे शीर्ष पर की प्राप्ति हुई है जिसकी भविष्यवाणी पूर्व से ही कर दी गई थी,यही कारण है कि भूपेश बघेल के सामने कोई टिक नहीं पाये, भाजपा को 15 सीट में सीमित करते हुए इस ऊर्जावान नेता नें प्रदेश में इतिहास रच दिया। गृह ग्राम भिलाई-3 और पाटन विधानसभा क्षेत्र का हर बाशिन्दा आज गौरवान्वित है कि हमारे गृहग्राम का कोई व्यक्ति सत्ता के शीर्ष पद पर आसीन है जिसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की थी। भूपेश बघेल की सबसे बड़ी पहचान उनकी स्पष्टवादिता एवं सहृदयता है, प्रदेश भर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जान फूंककर उनमें ऊर्जा का संचार करने में भूपेश की महती भूमिका रही है। उनकी ऊर्जा के केंद्र बिंदु के रुप में उनकी आध्यात्म के क्षेत्र में गहरी रुचि है। दुर्गा सप्तशती के पाठ में गहरी आस्था रखने वाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की दिनचर्या में पूजा पाठ शामिल है। प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के पश्चात यदि वे रायपुर मुख्यमंत्री निवास में रहते हैं तो निसंदेह मुख्यमंत्री निवास रायपुर में भी उनकी आध्यात्मिक साधना का क्रम जारी रहेगा। गुरुदेव कैलाशचंद्र तिवारी के शिष्य के रुप में भूपेश बघेल ने सर्वत्र अपने माता पिता गुरुजनों का नाम रोशन किया है। अपने पिता को मुख्यमंत्री बनने के वचन को उन्होनें पूरा किया। राजनीति में ऊंची सोच रखने वाले प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के संघर्षों की गाथा किसी से छुपी नहीं है। उनका विशाल व्यक्तित्व है कि वे तमाम झंझावातों के बीच भी कदापि विचलित नहीं हुए। उनके जैसे जीवट व्यक्तित्व नें हमेशा ही संघर्ष करने की परंपरा को आत्मसात किया है। भिलाई-3 की जनता उनके संघर्षों की कहानी बयाँ करती है। चाहे वह भिलाई-3 सोमनी में राखड़ बांध का मामला हो या अन्य समस्या उन्होनें सदैव छत्तीसगढसासियों के लिए सड़क की लडाई लड़ी है। मुख्यमंत्री के रुप में उनके शपथ ग्रहण के पश्चात छत्तीसगढ सहित खासकर भिलाई-3 एवं पाटन क्षेत्र की जनता में अपने लाडले नेता के लिए सर्वत्र खुशियाँ मनाई गई। प्रदेश में खुशियों के संचार करने के लिए मुखिया भूपेश बघेल के लिए बुजुर्गों ने आशीर्वाद दिए और युवाओं ने उनके कंधा से कंधा मिलाकर कार्य करने का संकल्प लिया। प्रदेश के विकास के लिए उनकी ऊर्जा निश्चित ही नये सोपान तय करेगी एैसी आशा प्रदेश के हर नागरिक को है। ( लेखक- इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के प्रदेश अध्यक्ष हैं)

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