ईश्वर दुबे
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News Creation देश : भारत के पूर्वोत्तर में बारिश की वजह से भारी आपदाएं आ रहीं है, जिसमें बिहार और असम मुख्य रूप से इन प्राकृतिक आपदाओं को झेल रहें हैं.

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स्पोर्ट्स News Creation : फ्रांस के स्टार फुटबॉलर एंतोनियो ग्रीजमैन अब एटलेटिको मैड्रिड की बजाय एफसी बार्सिलोना के लिए खेलते नजर आएंगे. स्पेनिश क्लब बार्सिलोना ने फ्रेंच फुटबॉलर से करीब 1 हजार करोड़ रुपए में करार किया है. इसमें बाय आउट क्लॉज भी शामिल है. यानी, ग्रीजमैन के कॉन्ट्रैक्ट में वह राशि भी शामिल है, जो एफसी बार्सिलोना उनके पुराने क्लब एटलेटिको मैड्रिड को देगा. वे 15 जुलाई से बार्सिलोना के साथ जुड़ सकते हैं.
इसके साथ ही ग्रीजमैन सबसे अधिक ट्रांसफर फीस पाने वाले फुटबॉलरों की लिस्ट में चौथे नंबर पर पहुंच गए हैं. इस लिस्ट में नेमार पहले, किलियन एमबापे दूसरे, जाओ फिलिक्स तीसरे नंबर पर हैं. फिलिप कॉटिन्हो और ग्रीजमैन संयुक्त रूप से चौथे नंबर पर हैं. एंतोनिया ग्रीजमैन फ्रांस के लिए 72 मैच खेले हैं. उन्होंने अपने देश के लिए 29 गोल किए हैं. एटलेटिको मैड्रिड से वे 2014 में जुड़े थे. उन्होंने एटलेटिको के लिए 180 मैच खेले और 94 गोल किए.
फुटबॉल प्रेमी जानते हैं कि एफसी बार्सिलोना और एटलेटिको मैड्रिड स्पेनिश क्लब ला लीगा (La Liga) में खेलती हैं. बार्सिलोना ने शुक्रवार को एंतोनियो ग्रीजमैन से करार की घोषणा की. इसके साथ ही तय हो गया है कि ग्रीजमैन अब लियोनेल मेसी और सुआरेज के साथ खेलते नजर आएंगे. बार्सिलोना की ऑफीशियल वेबसाइट के मुताबिक उसने ग्रीजमैन से 120 मिलियन यूरो (करीब 930 करोड़ रुपए) में करार किया है, जिसमें बाय आउट क्लॉज भी शामिल है. वहीं, बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक बार्सिलोना और ग्रीजमैन ने पांच साल के लिए 800 मिलियन यूरो (करीब 6100 करोड़ रुपए) का करार किया है. इसमें 120 मिलियन यूरो बाय आउट क्लाज की रकम है. यह रकम एटलेटिको मैड्रिड को दी जाएगी, जिसके लिए अब तक ग्रीजमैन खेल रहे थे.
28 साल के एंतोनियो ग्रीजमैन फ्रांसीसी टीम के मुख्य खिलाड़ी हैं. पिछले साल फ्रांस को विश्व चैंपियन बनाने में उनकी अहम भूमिका रही थी. हालांकि, उनके बार्सिलोना के साथ करार से विवाद भी हो गया है. एटलेटिको मैड्रिड का कहना है कि उसे बायआउट क्लॉज के तहत 200 मिलियन डॉलर की राशि मिलनी चाहिए थी.
एटलेटिको मैड्रिड के मुताबिक बार्सिलोना और ग्रीजमैन ने अनुबंध के लिए मार्च में बातचीत शुरू कर दी थी. तब ग्रीजमैन के लिए बाय आउट क्लॉज 200 मिलियन की थी. लेकिन इन दोनों ने मिलकर अपने करार की घोषणा को आगे बढ़ाया. फिर इसकी घोषणा जुलाई में की गई क्योंकि एक जुलाई से बाय आउट क्लॉज की रकम 120 मिलियन यूरो हो गई थी.
Entertainmeint News Creation : अपनी नैतिक जिम्मेदारियों को लेकर आज भी फिल्म इंडस्ट्री के चंद मशहूर और धनाड्य सितारे कुछ विज्ञापनों से परहेज़ करतें है. आइये आज देखतें हैं आखिर वो कौन कौन बॉलीवुड सितारे हैं, जिन्होनें अपने आदर्शों के लिए बड़े बड़े विज्ञापनों के ऑफर्स ठुकरा दिए.
बाटला हाउस के लिए गाने का म्यूजिक तनिष्क बागची ने री-क्रिएट किया है. उन्होंने ही इसके बोल भी लिखे हैं. जबकि नेहा कक्कड़ के साथ तुलसी कुमार और बी. प्राक ने इसे गाया है. नोरा फतेही के साथ फिल्म के लीड एक्टर जॉन अब्राहम भी गाने में दिखाई दे रहे हैं. निखिल आडवाणी के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म 15 अगस्त को रिलीज होगी.
भड़कीं कोइना मित्रा
बता दें मुसाफिर फिल्म में साकी-साकी गानें में पहले कोइना मित्रा नें दिलों पर राज किया, आइये देखतें हैं कोइना नें क्या कहा इस गाने के बारे में, कोइना ने ट्वीट में लिखा है, "मुसाफिर से मेरा गीत साकी री-क्रिएट हुआ है। सुनिधि (चौहान), सुखविंदर (सिंह), विशाल-शेखर का कॉम्बिनेशन गजब का था। नया वर्जन पसंद नहीं आया। यह बर्बाद है। इस गाने ने कई ब्लॉकबस्टर्स को क्रैश किया था। क्यों बाटला हाउस आखिर क्यों?" कोइना ने आगे ध्यान केंद्रित कराते हुए लिखा है, "नोरा गजब की हैं। उम्मीद है कि वो हमारा गौरव बचाएंगी।"
KOENA MITRA
मुंबई : सोने की कीमतों में सोमवार को गिरावट देखने को मिली. मुनाफावसूली और कमजोर वैश्विक रुख से दिल्ली सर्राफा बाजार में सोमवार को सोना 100 रुपये टूटकर 35,470 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. औद्योगिक इकाइयों तथा सिक्का विनिर्माताओं द्वारा खरीदारी घटने से चांदी भी 25 रुपये घटकर 39,175 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई. इस बीच, वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में सोना 1,415.80 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर था. वहीं चांदी बढ़त के साथ 15.41 डॉलर प्रति औंस पर थी. आगे पढ़े...
दमोह : पुलिस द्वारा की जा रही रात्रि गश्त के बावजूद चोरी की घटनाएं रुकने का नाम नही ले रही हैं. गांव में अज्ञात चोरों द्वारा सात दिन में चार चोरियों की घटना को अंजाम दिया गया. जिसको लेकर गांव में कई प्रकार के कयास शुरु हो गए. वहीं पुलिस प्रशासन के प्रति नाराजगी व्यक्त की जा रही है.
बिज़नेस : आनें वाले कुछ साल भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए एक बड़ा मार्के टी बनने वाला है, जी हाँ, दरअसल केंद्र सरकार इन प्रोजेक्ट्स में खासी रुझान दिखा रही है. मतलब अब भारत की सड़कों पर बहुत जल्दी इलेक्ट्रिक कारें ही दौड़ती हुई नज़र आनें वालीं हैं. इसी बिच भारत सरकार के आम बजट में भी इलेक्ट्रिक करों को ले कर कुछ बड़े ऐलान भी किये गये हैं. सरकार की इसी रुझान को देखते हुए कार निर्माता कम्पनियां भी अब अपना ध्यान इलेक्ट्रिक कारों के निर्माण में लगा रहीं है.
वहीँ सरकार नें भी ऐसी कंपनियां जो इलेक्ट्रिक कारो का निर्माण कर रहीं हैं उन्हें सरकार की तरफ से हर संभव मदद देनें का भी विश्वास दिला रहीं है.

MG eZS
MG HACTOR को भारत में पिछले 4 जून से काफी अच्छा फीड बेक मिल रहा है. इस नयी SUV की बुकिंग 4 जून को शुरू हुई थी, 45 kWh बैटरी वाली ये कार भारतीय बाज़ार में दिसम्बर में लांच की जाएगी. सूत्रों के मुताबिक इसकी किमर लगभग 25 लाख रूपए हो सकती है. और चार्ज पूरी करनें के बाद ये 300 किलोमीटर तक चलाई जा सकती है.

TATA Altroz EV
इलेक्ट्रिक कारों के इस लाइन में टाटा भी अपनी कार अल्ट्रोस ले कर आ रहा है. टाटा कम्पनी इसे अगले साल तक लांच करेगी. इसकी कीमत लगभग 10 लाख होगी. और पूरी चार्ज करनें के बाद ये कार 300 किलोमीटर तक चलेगी.

Mahindra eKUV100
भारत में हमेशा से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देनें वाली कम्पनी महिंद्रा भी अपनी कार eKUV100 लेकर आ रही है. इसकी कीमत लगभग 10 लाख रूपए हो सकती है, और ये चार्ज होनें के बाद 120 किलोमीटर तक चल सकती है. इस कार में 40 k.w. का एक मोटर और 15.9 k.w. की बैटरी लगी होगी. ये कार इस साल के अंत तक लांच हो सकती है.

Hyundai Kona :
इसी कड़ी में कार निर्माता कम्पनी Hyundai नें भारतीय बाज़ारों के लिए अपनी Hyundai kona नाम की इलेक्ट्रिक कार लंच कर दी है, जिसकी अभी कीमत लगभग 25 लाख 30 हज़ार राखी गयी है, कम्पनी में दावा किया है कि इस कार को एक बार पूरी तरह से चार्ज करके 452 किलोमीटर तक चलाया जा सकता है. और ये SUV 9.7 सेकंड्स में ही 0 से लेकर 100 किलोमीटर की रफ़्तार पकड़ लेगी. इसके अलावा Hyundai और भी 5 इलेक्ट्रिक कारें बहुत जल्द भारतीय भाजारों में लांच करनें वाली है.
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आपके लिए-
भिलाई : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई-3 में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में लाश मिलने के मामले को सुलझाने का दावा पुलिस ने किया है.Read
दिल्ली : संसद के बजट सत्र के दौरान आज राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एन.आई.ए.) बिल को लोकसभा में पेश किया गया. इस बिल पर जब भाजपा सांसद सत्यपाल सिंह बोल रहे थे तब ए.आई.एम.आई.एम. चीफ असदुद्दीन ओवैसी बार-बार बीच में कुछ न कुछ टिप्पणी कर रहे थे.
इस सबके बीच केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह अचानक उठे और उन्होंने ओवैसी को सत्यपाल सिंह का भाषण ध्यान से सुनने के लिए कहा. इसी दौरान ओवैसी बीच में अमित शाह को भी टोकने लगे. अमित शाह ने इसके तुंरत बाद कहा, 'आपको सुनने की आदत डालनी होगी.' गृह मंत्री ने कहा 'जब कोई और बोलता है तो आप चुप रहकर सुनते हैं लेकिन जब सत्यपाल सिंह जी बोल रहे हैं तो आप लगातार बीच में बोल रहे हैं. आपको सुनने की आदत डालनी होगी.'
इसके बाद ओवैसी ने तंज कसते हुए कहा कि मुझे डर लगता है. इसका जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा, 'अगर आपके अंदर डर बैठा है तो हम क्या कर सकते है'. अमित शाह ने सभी विपक्षी के नेताओं को कहा कि 'जब आपका मौका आए तब बोलिए, किसी को डिस्टर्ब मत करिए.'

सत्यपाल सिंह
वहीँ मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर और भाजपा सांसद सत्यपाल सिंह ने चर्चा के दौरान कहा कि आतंकवाद इसलिए फल-फूल रहा है, क्योंकि हम उसे राजनीतिक चश्मे से देखते हैं, जबकि हमें उससे मिलकर लड़ना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि मुंबई ने आतंकवाद को खूब झेला है, क्योंकि वहां भी इसे राजनीतिक आईने में देखा गया.
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News Creation (दुनिया) : चीन के शिनजियांग प्रांत में उइगर मुसलमानों को सामूहिक हिरासत में रखने पर 22 देशों की आलोचना के बाद चीन का कई अन्य देशों ने समर्थन भी किया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब, पाकिस्तान, रूस के साथ-साथ 34 अन्य देशों ने संयुक्त राष्ट्र में चीन का बचाव किया है.
यूरोपीय संघ के अलावा ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, जापान और कनाडा के राजदूतों ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बेचलेट को पिछले हफ्ते चीन के खिलाफ संयुक्त रूप से पत्र लिखा था. राजदूतों ने चीन को खुद के कानून और वैश्विक जवाबदेही का ध्यान रखने तथा उइगर मुसलमानों और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों को मनमाने तरीके से नजरबंद न करने की नसीहत दी थी.
इन देशों का कहना था कि चीन में मुसलमानों को धार्मिक स्वतंत्रता दी जानी चाहिए. उल्लेखनीय है कि शिनजियांग में उइगरों को नजरबंद करने की लगातार आ रही खबरों को लेकर चीन पश्चिमी देशों की तीखी आलोचना का सामना कर रहा है.

आइये जानते हैं कि ये खबर चीन से बाहर कैसे आई :
चीन के शिनजियांग में बसे पश्चिमीं क्षेत्र में शू ले काउंटी एजुकेशन सेंटर में एक बड़ा तीन मंजिला ईमारत है. जो सुदूर पश्चिम में स्थित है. इन इमारतों पर जो खिड़कियाँ हैं उनपर अवरोध लगे हुए हैं और जो दरवाजें हैं उनपर सिर्फ बाहर से ही ताला लगाया जा सकता है. इस इमारतों पर सैकड़ों उइगर मुस्लिम अल्पसंख्यक हैं, जो इस इमारत के बाहर नहीं निकल सकते.
इसी हफ्ते चीनी अधिकारी कुछ विदेशी पत्रकारों के एक समूह के साथ ‘शिक्षा के माध्यम से परिवर्तन’ विषय पर एक कैंप के माध्यम से इस इमारत के आस-पास उन्हें ले कर गये. और उस अधिकारी का कहना था की ये मुस्लिम अपनीं स्वेच्छा से यहाँ पर हैं. पत्रकारों के इस सवाल पर की अगर ‘ कोई उइगर मुस्लिम इस जगह को छोड़ना चाहेगा तब क्या होगा?’ शू ले की प्रधानाचार्य ममात अली नें कोई जवाब नहीं दिया. कुछ देर बार ममात अली नें कहा कि ‘अगर कोई मुस्लिम यहाँ नहीं रहना चाहे तो उन्हें न्यायिक प्रक्रियाओं से गुज़ारना होगा’ शू ले शिनजियांग में स्थित पुनःशिक्षण केन्द्रों में से एक है. शिनजियांग एक मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र है, और ये राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अति महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट बेल्ट एंड रोड पहल के इलाके में आता है, बता दें ये प्रोजेक्ट एशिया को यूरोप से ज्द्नें की शुरुवात है.
अमेरिकी विदेश विभाग का कहना है कि इस स्थान में शिविर के अंतर्गत २० लाख से ज्यादा उइगर मुस्लिम कैद हैं. हालाँकि चीन इस आंकड़े को नहीं मानता. लेकिन चीन की तरफ से कोई भी स्पष्ट संख्या भी नहीं बताई गयी है, जिससे वहां मौजूद उइगर मुसलमानों की संख्या ज्ञात हो.
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