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Bhilai
संत शिरोमणि सेन जी महाराज के नाम पर नया रायपुर में होगा चौक का नामकरण
सेन समाज का गौरवशाली इतिहास, जननायक कर्पूरी ठाकुर जैसे महापुरुषों ने बढ़ाया समाज का मान
केश शिल्पियों के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध, समाज की मांगों पर गंभीरता से होगा विचार : मुख्यमंत्री श्री साय
सेन शक्ति सम्मेलन एवं केश शिल्पी सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने सेन समाज को सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की
रायपुर, 08 अगस्त 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि सेन समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है। इस समाज ने सदियों से भारतीय समाज की सामाजिक व्यवस्था, संस्कारों और समरसता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत रत्न जननायक श्री कर्पूरी ठाकुर जैसे महान नेता का इस समाज से होना पूरे सेन समाज के लिए गौरव की बात है। सेन समाज केवल अपनी पारंपरिक सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि जन्म से लेकर विवाह और मृत्यु तक समाज के प्रत्येक संस्कार में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। यह समाज सनातन परंपराओं और संस्कारों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के चिकित्सा महाविद्यालय परिसर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित सेन शक्ति सम्मेलन एवं केश शिल्पी सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सेन समाज को सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सेन समाज के कल्याण के लिए केश शिल्पी कल्याण बोर्ड का गठन पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में हुआ था। उन्होंने कहा कि सेन समाज और अन्य पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए उस समय अनेक महत्वपूर्ण पहल की गईं। सैलून संचालन के लिए सेन समाज के लोगों को किट, कुम्हारों को बैटरी चलित चाक और बढ़ई समाज के लोगों को कारपेंट्री किट देने की शुरुआत भी इसी दिशा में की गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेन समाज की आज की आवश्यकताओं और मांगों पर राज्य सरकार गंभीरता से विचार करेगी।
संत शिरोमणि सेन जी महाराज के नाम पर नया रायपुर में चौक का नामकरण
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि संत शिरोमणि सेन जी महाराज के नाम पर नया रायपुर में चौक का नामकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में नामकरण के लिए कमेटी बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने सेन समाज के विकास और कल्याण के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
कर्पूरी ठाकुर के आदर्शों को आगे बढ़ा रहा सेन समाज
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हुनर और प्रतिभा का सम्मान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर वंचित वर्गों के अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष के प्रतीक रहे हैं। आज उनके सुपुत्र श्री रामनाथ ठाकुर केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में देश की सेवा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी सेन समाज से विधायक श्री रिकेश सेन और छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन समाज की सेवा और प्रदेश के विकास में सक्रिय योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब केश शिल्प कल्याण बोर्ड को युवा नेतृत्व मिला है, निश्चित रूप श्री गौरी शंकर श्रीवास के नेतृत्व में सेन समाज को आगे बढ़ाने का काम तेजी से होगा।
‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के अनुरूप हो रहा विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के हर वर्ग को आगे बढ़ाने का कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के माध्यम से पारंपरिक हुनर और छोटे-छोटे व्यवसायों से जुड़े लोगों को आर्थिक सहायता, ऋण और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ऐसे प्रतिभाशाली लोगों को भी सम्मानित कर रहे हैं, जिन्होंने ग्रामीण और सामान्य परिवेश में रहकर उत्कृष्ट कार्य किया है। इससे देश में हुनर और श्रम के प्रति सम्मान की भावना मजबूत हुई है।
ढाई साल में मोदी की गारंटी के अधिकांश वादे पूरे किए
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पिछले ढाई वर्षों में विधानसभा चुनाव के दौरान मोदी की गारंटी के तहत किए गए वादों को पूरा करने का काम तेजी से किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में 18 लाख आवास स्वीकृत हुए हैं और प्रतिदिन लगभग 1500 से 1600 मकानों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान प्रदेश है और किसानों से किए गए वादों को भी पूरा किया गया है। प्रदेश में किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जा रही है और 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदा जा रहा है। दो वर्षों का बकाया धान बोनस भी किसानों को दिया गया है।
70 लाख माताओं-बहनों को हर माह मिल रहा महतारी वंदन का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 70 लाख माताओं-बहनों के खातों में हर महीने 1000 रुपए की राशि भेजी जा रही है। ढाई वर्षों में इस योजना के माध्यम से 19 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश की माताएं-बहनें आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।
50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किया रामलला का दर्शन
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को भी पुनः शुरू किया गया है। प्रदेश के बुजुर्ग माता-पिता की तीर्थ यात्रा की इच्छा को पूरा करने के लिए सरकार अपने खर्च पर उन्हें देश के विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा करा रही है।
भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपए की सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 5 लाख से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए पारिश्रमिक में वृद्धि की गई है और चरण पादुका योजना को पुनः शुरू किया गया है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विभागों में 20 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की जा चुकी है। पुलिस, बिजली और सहकारिता सहित विभिन्न विभागों में रोजगार के अवसर दिए गए हैं। शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। नई उद्योग नीति के माध्यम से लगभग डेढ़ लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश को अब तक 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं और अनेक क्षेत्रों में काम शुरू हो गया है।
समाज के पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाएं
मुख्यमंत्री श्री साय ने सेन समाज के पदाधिकारियों और सामाजिक प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी समाज के पात्र लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि समाज के जो बेटे-बेटियां किसी योजना के लिए पात्र हैं, उन्हें उसका लाभ दिलाने में समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।
बिजली बिल समाधान योजना का लाभ लेने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में बिजली बिलों का भुगतान नहीं होने के कारण कई परिवारों पर एक साथ बड़ी राशि का बिल आ गया है। ऐसे उपभोक्ताओं के लिए मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना लागू की गई है। इसके तहत पंजीयन कराने पर पात्र उपभोक्ताओं को बिजली बिल में बड़ी राहत दी जा रही है तथा सरचार्ज आदि भी माफ किया जा रहा है। उन्होंने पात्र लोगों से योजना का लाभ लेने की अपील की।
कोरिया और बलरामपुर ने किया लक्ष्य के विरुद्ध किया 100 प्रतिशत टीकाकरण
सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ छत्तीसगढ़ की मजबूत ढाल, अब तक 1.66 लाख से अधिक को लगे टीके
रायपुर अगस्त 2026/ प्रदेश में 14 वर्षीय बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित करने के उद्देश्य से संचालित एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। राज्य में अब तक 1.66लाख से अधिक पात्र बालिकाओं का टीकाकरण किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्कूलों, समुदायों और अभिभावकों के साथ किए जा रहे सतत संवाद तथा व्यापक जनजागरूकता प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब प्रदेशभर में दिखाई देने लगे हैं।
अभियान के दौरान प्रदेश के कोरिया और बलरामपुर जिले लक्ष्य के विरुद्ध 100 प्रतिशत टीकाकरण उपलब्धि हासिल कर राज्य के लिए मिसाल बनकर उभरे हैं। इन जिलों में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्थानीय समुदाय के समन्वित प्रयासों से सभी पात्र बालिकाओं तक टीकाकरण का लाभ पहुंचाया गया है। इन उपलब्धियों ने अन्य जिलों के लिए भी प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है। हालांकि किसी भी नए टीकाकरण अभियान की तरह प्रारंभिक चरण में यहां भी कई अभिभावकों ने टीके की सुरक्षा, आवश्यकता और प्रभावशीलता से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के बाद अपनी सहमति दी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार किए गए संवाद और जागरूकता प्रयासों के बाद अब टीकाकरण की गति में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है।
प्रदेश के अधिकांश जिलों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में बालिकाओं का टीकाकरण किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में कवरेज अपेक्षाकृत कम है, वहां विशेष संपर्क अभियान, अभिभावक बैठकें, स्कूल स्तरीय संवाद कार्यक्रम तथा घर-घर पहुंचकर परामर्श गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसके परिणामस्वरूप लगातार नए लाभार्थी अभियान से जुड़ रहे हैं और टीकाकरण का प्रतिशत तेजी से बढ़ रहा है।
एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है। एचपीवी वैक्सीन इस कैंसर से बचाव का प्रभावी और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित माध्यम है। विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा इसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता को मान्यता प्रदान की गई है। यही कारण है कि दुनिया के अनेक देशों में यह टीकाकरण नियमित सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों का हिस्सा है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र बालिका तक सुरक्षा कवच पहुंचाना है। इसी दृष्टिकोण के साथ प्रदेशभर में टीकाकरण और जनजागरूकता गतिविधियों को समानांतर रूप से संचालित किया जा रहा है। आने वाले दिनों में शेष पात्र बालिकाओं तक भी टीकाकरण का लाभ पहुंचाते हुए अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
कोरिया और बलरामपुर जैसे जिलों की शत-प्रतिशत उपलब्धि तथा अन्य जिलों में लगातार बढ़ती प्रगति इस बात का संकेत है कि छत्तीसगढ़ की जनता अपनी बेटियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित भविष्य देने के इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभा रही है।
राष्ट्रीय बागवानी मिशन से मिला 14.20 लाख रुपए का अनुदान, एकीकृत कृषि प्रणाली बनी समृद्धि का आधार
रायपुर, 8 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में किसानों को पारंपरिक धान की खेती के साथ उद्यानिकी, संरक्षित खेती और फसल विविधीकरण को अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। शासन की योजनाओं का लाभ लेकर किसान अब आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाते हुए अपनी आय के नए स्रोत तैयार कर रहे हैं। जशपुर जिले के ग्राम पतराटोली के किसान श्री अनारथ साय ऐसे ही प्रगतिशील कृषक हैं, जिन्होंने उद्यानिकी आधारित एकीकृत कृषि प्रणाली को अपनाकर खेती को आर्थिक मजबूती का आधार बनाया है।
राष्ट्रीय बागवानी मिशन से संरक्षित खेती को मिला बढ़ावा
किसान श्री अनारथ साय ने उद्यानिकी विभाग की योजना का लाभ लेते हुए राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत एक एकड़ क्षेत्र में शेडनेट हाउस स्थापित कर संरक्षित खेती की शुरुआत की है। इसमें वे ग्राफ्टेड टमाटर की आधुनिक तकनीक से खेती कर रहे हैं। संरक्षित वातावरण में फसल उत्पादन से बेहतर गुणवत्ता, मौसम के प्रतिकूल प्रभावों से सुरक्षा और उत्पादन प्रबंधन में सुविधा मिल रही है।
शेडनेट हाउस की स्थापना में कुल 28 लाख 40 हजार रुपए की लागत आई, जिसमें उद्यानिकी विभाग की ओर से 14 लाख 20 हजार रुपए का अनुदान प्रदान किया गया। विभागीय सहयोग और आधुनिक तकनीक के माध्यम से किसान ने खेती को नई दिशा दी है।
ऑयल पाम की खेती से बढ़ा आय का दायरा
श्री अनारथ साय उद्यानिकी विभाग से लाभ लेकर ऑयल पाम की खेती भी कर रहे हैं। राष्ट्रीय बागवानी मिशन सहित विभिन्न उद्यानिकी योजनाओं से मिले प्रोत्साहन ने उन्हें पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर लाभकारी एवं दीर्घकालिक फसलों को अपनाने का अवसर दिया है।
ऑयल पाम जैसी फसल को अपनाकर किसान अपनी कृषि भूमि का बेहतर उपयोग कर रहे हैं और भविष्य के लिए स्थायी आय का आधार तैयार कर रहे हैं।
आम और लीची के बगीचे से तैयार किया दीर्घकालिक आय का आधार
किसान श्री अनारथ साय ने समेकित उद्यानिकी विकास योजना के तहत 2 हेक्टेयर क्षेत्र में आम एवं लीची का बगीचा भी विकसित किया है। फलदार पौधों की यह बागवानी उन्हें आने वाले वर्षों में निरंतर उत्पादन और आय का अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने मुख्य उद्यानिकी फसलों के बीच उपलब्ध खाली भूमि का भी बेहतर उपयोग किया है। यही सोच उनकी खेती को एकीकृत एवं बहुआयामी बनाती है।
एक ही खेत में कई फसलें, सालभर आय का रास्ता
श्री अनारथ साय ने बागवानी फसलों के बीच खाली स्थान का सदुपयोग करते हुए अंतरवर्ती खेती (इंटरक्रॉपिंग) को अपनाया है। वे स्ट्रॉबेरी, टमाटर और फूलगोभी जैसी फसलों का उत्पादन भी कर रहे हैं।
इससे एक ओर भूमि का अधिकतम उपयोग हो रहा है, वहीं दूसरी ओर अलग-अलग फसलों से अलग-अलग समय पर आय प्राप्त हो रही है। किसान का यह प्रयोग जशपुर के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण बन रहा है।
फसल विविधीकरण से खेती बनी अधिक लाभकारी
किसान श्री अनारथ साय का मानना है कि एक ही फसल पर निर्भर रहने के बजाय विभिन्न फसलों को एकीकृत रूप से अपनाने से खेती में जोखिम कम किया जा सकता है और आय के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं। उनके अनुसार कम लागत में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए वर्षभर आय प्राप्त करने की दिशा में एकीकृत कृषि प्रणाली बेहद उपयोगी है।
जशपुर में बदल रही खेती की तस्वीर
श्री अनारथ साय की सफलता यह दर्शाती है कि शासन की योजनाओं का लाभ लेकर किसान आधुनिक तकनीक, संरक्षित खेती, उद्यानिकी और फसल विविधीकरण को अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं। जशपुर जैसे कृषि प्रधान जिले में ऐसे प्रगतिशील किसान न केवल स्वयं आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रहे हैं, बल्कि आसपास के किसानों को भी पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर नई तकनीकों और लाभकारी फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
जशपुर में उद्यानिकी और संरक्षित खेती का बढ़ता दायरा किसानों की आय में वृद्धि के साथ जिले की कृषि अर्थव्यवस्था को भी नई पहचान दे रहा है।
अगले चरण में ऑनलाइन तबादले की तैयारी पर भी मंथन
रायपुर, 8 अगस्त 2026- प्रदेश के शिक्षकों के लंबे समय से प्रतीक्षित स्थानांतरण को लेकर आखिरकार शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं। स्थानांतरण के लिए तैयार की गई सूची में व्यापक स्तर पर छंटनी और परीक्षण के बाद अंतिम रूप से स्वीकृत शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए हैं।विभागीय स्तर पर तैयार की गई प्रारंभिक सूची में करीब 1,600 शिक्षकों के नाम शामिल थे। इसके बाद सूची की समीक्षा करते हुए समन्वय से संख्या कम करने के निर्देश दिए गए और करीब 1,000 शिक्षकों की संशोधित सूची तैयार की गई। अंतिम परीक्षण में भी निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं पाए गए करीब 400 नामों को सूची से बाहर कर दिया गया। इसके बाद शेष शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए हैं।इन मामलों में नहीं हुआ स्थानांतरण-शिक्षा विभाग द्वारा स्थानांतरण प्रक्रिया में विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था और विद्यार्थियों के हित को प्राथमिकता दी गई। युक्तियुक्तकरण से प्रभावित शिक्षक, एकल शिक्षकीय विद्यालयों में पदस्थ शिक्षक, ऐसे शिक्षक जिनके स्थानांतरण से विद्यालय शिक्षकविहीन हो सकता था, अधिसूचित क्षेत्र से गैर-अधिसूचित क्षेत्र में स्थानांतरण के प्रकरण तथा अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों में पदस्थ शिक्षकों के मामलों का परीक्षण करते हुए उन्हें अंतिम सूची में शामिल नहीं किया गया।विभाग का स्पष्ट मानना रहा कि किसी शिक्षक के स्थानांतरण के कारण विद्यालय में शिक्षकों की कमी नहीं होनी चाहिए और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए।अनुशंसा और प्राप्त आवेदनों के आधार पर तैयार हुई थी सूची। सूत्रों के अनुसार, स्थानांतरण के लिए प्राप्त आवेदनों एवं विभिन्न स्तरों से प्राप्त अनुशंसाओं के आधार पर प्रस्ताव तैयार किए गए थे। इसके बाद विभागीय स्तर पर प्रत्येक प्रकरण का परीक्षण किया गया। प्रारंभिक सूची से लेकर अंतिम सूची तक कई स्तरों पर जांच के बाद करीब 400 नामों को हटाया गया।अब अंतिम रूप से स्वीकृत शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश जारी होने के साथ ही इस पूरी प्रक्रिया को लेकर चल रहा इंतजार समाप्त हो गया है।
अगले चरण में ऑनलाइन तबादले की तैयारी पर भी मंथन
शिक्षक स्थानांतरण की वर्तमान प्रक्रिया के बाद शिक्षा विभाग अब भविष्य की स्थानांतरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, सरल एवं तकनीक आधारित बनाने पर भी विचार कर रहा है। विभागीय स्तर पर शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन लेने की व्यवस्था लागू करने को लेकर मंथन जारी है।यदि ऑनलाइन व्यवस्था लागू होती है तो शिक्षक निर्धारित पोर्टल के माध्यम से स्वयं स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने, दस्तावेजों के डिजिटल प्रबंधन, आवेदन की ऑनलाइन मॉनिटरिंग तथा समयबद्ध निराकरण में मदद मिलने की उम्मीद है।शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में अन्य राज्यों में लागू ऑनलाइन स्थानांतरण प्रणालियों का भी अध्ययन किया जा रहा है। तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं के परीक्षण के बाद शासन स्तर पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।फिलहाल वर्तमान स्थानांतरण प्रक्रिया के तहत अंतिम सूची में शामिल शिक्षकों के आदेश जारी हो चुके हैं, जिससे प्रदेश के हजारों शिक्षक परिवारों की नजरें अब नए पदस्थापना स्थल पर टिक गई हैं।
प्रदेश के 1.10 करोड़ बच्चों और किशोरों को एल्बेंडाजोल की खुराक खिलाकर कृमि संक्रमण से बचाने का अभियान
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर राज्यभर में चलेगा विशेष अभियान, अभिभावकों से बच्चों को दवा अवश्य खिलाने की अपील
रायपुर, 08 अगस्त 2026/बच्चों की सेहत, पढ़ाई और बेहतर भविष्य के रास्ते में सबसे बड़ी लेकिन अक्सर अनदेखी समस्या है पेट में होने वाला कृमि संक्रमण। यही संक्रमण कई बार बच्चों में कुपोषण, एनीमिया, कमजोरी, भूख न लगना, बार-बार बीमार पड़ना तथा पढ़ाई में एकाग्रता की कमी जैसी समस्याओं का कारण बनता है। इन चुनौतियों से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए प्रदेश में 10 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर राज्यभर में 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एल्बेंडाजोल की खुराक खिलाई जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित इस राज्यव्यापी अभियान का उद्देश्य केवल कृमि संक्रमण का उपचार करना नहीं, बल्कि बच्चों को बेहतर पोषण, बेहतर स्वास्थ्य और बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना भी है। अभियान के तहत प्रदेश के लगभग 1.10 करोड़ बच्चों एवं किशोर किशोरियों तक पहुंच उन्हें कृमि मुक्ति हेतु एल्बेंडाजोल खिलाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए शासकीय एवं निजी विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा अन्य संस्थानों के माध्यम से व्यापक स्तर पर दवा सेवन करवाने की व्यवस्था की गई है।
कृमि संक्रमण मुख्य रूप से अस्वच्छ वातावरण के कारण फैलता है। ये संक्रमण आमतौर पर खुले में शौच और खराब स्वच्छता के कारण मिट्टी के संक्रमित होने, संक्रमित मिट्टी के संपर्क के बाद बिना हाथ धोए भोजन करने, दूषित पानी पीने या दूषित भोजन खाने, मानव मल से दूषित मिट्टी पर नंगे पैर चलने तथा शौच के बाद हाथ नहीं धोने जैसी परिस्थितियों में फैलते हैं। संक्रमण होने पर बच्चों के शरीर को भोजन से पर्याप्त पोषक तत्व नहीं मिल पाते, जिससे उनका शारीरिक एवं मानसिक विकास प्रभावित हो सकता है। यही कारण है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाएं नियमित दवा सेवन को बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण का प्रभावी उपाय मानती हैं।
अभियान के अंतर्गत 1 से 2 वर्ष आयु के बच्चों को एल्बेंडाजोल की आधी गोली तथा 2 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों एवं किशोरों को पूरी गोली निर्धारित मानकों के अनुसार खिलाई जाएगी। दवा प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की निगरानी में खिलाई जाएगी, जिससे इसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सके। मैदानी स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों, शिक्षकों तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आवश्यक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा चुका है।
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस को केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम न मानें, बल्कि अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य से जुड़े एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखें। यदि कोई बच्चा 10 अगस्त को किसी कारणवश दवा नहीं खा पाता है, तो उसे मॉप-अप दिवस 17 अगस्त को कृमिनाशक दवा खिलाई जाएगी। इस दवा सेवन से बच्चों में कुपोषण और एनीमिया की समस्या कम करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा उनकी शैक्षणिक क्षमता में सुधार लाने में महत्वपूर्ण मदद मिलती है। इसलिए सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस एवं मॉप-अप दिवस पर कृमिनाशक दवा अवश्य खिलाने का आग्रह किया गया है।
वार्ड 28 पंजरी प्लांट में 33 लाख रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन, वार्ड 9 नवागढ़ी में 8 लाख रुपए के शेड का लोकार्पण
रिंग रोड, नालंदा परिसर, नर्सिंग एवं फिजियोथेरेपी महाविद्यालय सहित शिक्षा-स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता
पंजरी प्लांट में ऑक्सीजोन और ओपन जिम की घोषणा, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया पौधारोपण
रायपुर, अगस्त 2026/ प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने के साथ रायगढ़ शहर में नागरिक सुविधाओं और अधोसंरचना के विस्तार के लिए भी लगातार योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओपी चौधरी ने आज रायगढ़ प्रवास के दौरान नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता ऐसे विकास कार्यों को धरातल पर उतारना है, जिनका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिले और रायगढ़ आने वाले वर्षों में आधुनिक, सुविधायुक्त एवं व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित हो।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने वार्ड क्रमांक 28 पंजरी प्लांट में 33 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन एवं शासकीय स्कूल में बाउंड्रीवाल निर्माण का भूमिपूजन किया। वहीं वार्ड क्रमांक 9 नवागढ़ी में 8 लाख रुपए की लागत से निर्मित शेड का लोकार्पण किया। इन विकास कार्यों से स्थानीय नागरिकों को सामुदायिक गतिविधियों, शिक्षा एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए बेहतर अधोसंरचना उपलब्ध होगी।
समग्र विकास के साथ नागरिक सुविधाओं का विस्तार प्राथमिकता
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि रायगढ़ के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। विकास का उद्देश्य केवल बड़े निर्माण कार्य करना नहीं, बल्कि ऐसी सुविधाएं विकसित करना है, जिनसे आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए।
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि आने वाले वर्षों में रायगढ़ शहर में 10 ऑक्सीजोन विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इससे शहर में हरित क्षेत्र का विस्तार होगा और नागरिकों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। ऑक्सीजोन के साथ सार्वजनिक स्थलों पर स्वास्थ्य, व्यायाम एवं मनोरंजन से जुड़ी सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया जाएगा।
रिंग रोड से मजबूत होगी शहर की अधोसंरचना
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ की बढ़ती जरूरतों और यातायात के दबाव को देखते हुए शहर की अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए बड़े प्रोजेक्ट पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग 600 करोड़ रुपए की लागत से रिंग रोड के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। रिंग रोड के निर्माण से शहर के यातायात को बेहतर बनाने के साथ ही भविष्य के अधोसंरचना विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
श्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ में नालंदा परिसर का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को अध्ययन एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर वातावरण और सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा जिले में नर्सिंग महाविद्यालय एवं फिजियोथेरेपी महाविद्यालय खोलने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
वित्त मंत्री ने कहा कि रायगढ़ में प्रयास विद्यालय पहले से संचालित है और आने वाले समय में शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में संस्थागत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, ताकि जिलेवासियों को उच्च गुणवत्ता की सुविधाओं के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर न रहना पड़े।
पंजरी प्लांट में ऑक्सीजोन और ओपन जिम की सौगात
पंजरी प्लांट में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने क्षेत्रवासियों के लिए पर्यावरण एवं स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण सौगात की घोषणा की। उन्होंने उपभोक्ता फोरम के पास ऑक्सीजोन विकसित करने तथा ओपन जिम स्थापित करने की घोषणा की। इससे क्षेत्र के नागरिकों को हरित वातावरण के साथ व्यायाम एवं स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री चौधरी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान करते हुए कहा कि हरित रायगढ़ के निर्माण में जनभागीदारी महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, श्री सुरेश गोयल, श्री पावन अग्रवाल, श्री आशीष ताम्रकार सहित पार्षदगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
7 से 17 अगस्त तक आयोजित होंगे राज्यस्तरीय देशभक्ति कार्यक्रम
रायपुर, अगस्त 2026 / देश भर में 'हर घर तिरंगा' अभियान 9 से 17 अगस्त 2026 तक मनाया जा रहा है। इस वर्ष यह राष्ट्रव्यापी उत्सव 'वंदे मातरम्' के 150वें वर्ष के स्मरणोत्सव को समर्पित है, जिससे देशभक्ति का माहौल और अधिक बढ़ गया है । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में इस वर्ष का स्वतंत्रता पर्व जनभागीदारी और राष्ट्रप्रेम का व्यापक जनआंदोलन बनने जा रहा है। संस्कृति विभाग द्वारा केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत 7 से 17 अगस्त तक प्रदेशभर में 'हर घर तिरंगा' अभियान, 'वंदे मातरम्' गायन और विभिन्न सांस्कृतिक व देशभक्ति कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया जाएगा।
9 से 17 अगस्त तक 'हर घर तिरंगा' और 7 से 15 अगस्त तक 'वंदे मातरम्' गायन
संस्कृति विभाग के अनुसार, राज्य के सभी जिलों में 9 से 17 अगस्त 2026 तक 'हर घर तिरंगा' अभियान चलाया जाएगा, जबकि 7 से 15 अगस्त तक 'वंदे मातरम्' गायन और संबंधित सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित होंगी। 15 अगस्त को ध्वजारोहण के बाद पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर सामूहिक राष्ट्रगान और वंदे मातरम् गायन होगा।
तिरंगा यात्राएं, रैलियां और मैराथन
अभियान के दौरान सभी जिला मुख्यालयों, विकासखंडों, ग्राम पंचायतों और शैक्षणिक संस्थानों में तिरंगा यात्राएं, बाइक व कार रैलियां, मशाल रैलियां तथा तिरंगा मैराथन आयोजित की जाएंगी। इनमें जनप्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों, पुलिस, NCC, NSS, स्काउट-गाइड और आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता रहेगी।
तिरंगा सेल्फी, कॉन्सर्ट और ऑडियो-वीडियो बूथ
तिरंगा सेल्फी नागरिक अपने घरों पर फहराए गए तिरंगे के साथ सेल्फी लेकर 'हर घर तिरंगा' पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। सार्वजनिक स्थलों पर तिरंगा कैनवास, तिरंगा मेले और देशभक्ति कॉन्सर्ट आयोजित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय स्वदेशी उत्पादों व कारीगरों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। प्रदेशभर में ऑडियो और वीडियो बूथ स्थापित किए जाएंगे, जहां नागरिक स्वयं वंदे मातरम् गाकर अपनी रिकॉर्डिंग अपलोड कर सकेंगे।
14 अगस्त को मनाया जाएगा 'विभाजन विभीषिका स्मरण दिवस'
14 अगस्त को भारत विभाजन की विभीषिका और स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों को याद करते हुए विशेष प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। इस अवसर पर राज्य पुलिस बैंड द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर देशभक्ति गीतों की संगीतमय प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047 के प्रभावी क्रियान्वयन, मॉनिटरिंग और मूल्यांकन को मिलेगी नई गति
रायपुर, अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण( सीजीएसडीएमए) में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) एवं राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के अधिकारियों के साथ संयुक्त समीक्षा बैठक आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित की गई।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमति शम्मी आबिदी ने बताया कि राज्य में आपदा जोखिम न्यूनीकरण, मानसून अवधि की तैयारियों तथा आपदा प्रतिक्रिया तंत्र के बारे में बताया। राज्य में बाढ़, अतिवृष्टि, आकाशीय बिजली एवं भूस्खलन जैसी मौसमी आपदाओं की तैयारियों की समीक्षा की। राज्य एवं जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की कार्यप्रणाली तथा समन्वय व्यवस्था के संबंध में अधिकारियों ने जानकारी दी। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं जिला प्रशासन के मध्य त्वरित प्रतिक्रिया एवं समन्वय को और सुदृढ़ बनाने पर विचार किया गया। इसी तरह से पूर्व चेतावनी प्रणाली सचेत प्लेटफॉर्म एवं सेल ब्रॉडकास्ट आधारित अलर्ट प्रणाली की प्रभावी उपयोग की भी समीक्षा की गई। एनडीएमए के संयुक्त सलाहकार श्री संजीव सही द्वारा राज्य में किये जा रहे आपदा प्रबंधन कार्यों में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग पर प्रकाश डाला।
मॉक एक्सरसाइज, क्षमता निर्माण, सामुदायिक जागरूकता तथा संसाधनों की उपलब्धता पर चर्चा हुई। इसी तरह से आगामी मानसून अवधि के दौरान संवेदनशील जिलों में बेहतर समन्वय एवं त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बढ़ाने, पूर्व तैयारी को मजबूत करने तथा किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके।
बाढ़ नियंत्रण की तैयारियों को लेकर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा बाढ़ नियंत्रण को लेकर कान्फ्रेंस