ईश्वर दुबे
संपादक - न्यूज़ क्रिएशन
+91 98278-13148
newscreation2017@gmail.com
Shop No f188 first floor akash ganga press complex
Bhilai
55 प्रतिशत अनुदान से स्थापित की ड्रिप सिंचाई प्रणाली, कम पानी में बढ़ा उत्पादन और आय
रायपुर, 02 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती के लिए निरंतर प्रोत्साहित कर रही है। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को नई तकनीकों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने के प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों के तहत संचालित सूक्ष्म सिंचाई योजना किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है। योजना के अंतर्गत ड्रिप एवं स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सिंचाई प्रणालियों पर अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे कम पानी में अधिक उत्पादन संभव हो रहा है।
सरगुजा जिले के विकासखंड लुण्ड्रा अंतर्गत ग्राम पंचायत झेराडीह के प्रगतिशील किसान श्री आनन्द राम पैकरा ने सूक्ष्म सिंचाई योजना का लाभ लेकर अपनी खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ा है। उनके पास कुल 0.909 हेक्टेयर कृषि भूमि है, जिसमें 0.509 हेक्टेयर में धान तथा 0.400 हेक्टेयर में टमाटर एवं गोभी जैसी सब्जियों की खेती की जाती है। उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन एवं तकनीकी सहयोग से उन्होंने लगभग डेढ़ एकड़ क्षेत्र में ड्रिप सिंचाई प्रणाली स्थापित की, जिसके लिए उन्हें शासन से 55 प्रतिशत अनुदान प्राप्त हुआ।
श्री आनन्द राम पैकरा बताते हैं कि पहले पारंपरिक सिंचाई पद्धति में अधिक पानी, समय और श्रम लगता था तथा खेत में समान रूप से सिंचाई करना कठिन होता था। ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाने के बाद पानी सीधे पौधों की जड़ों तक आवश्यक मात्रा में पहुंच रहा है। इससे जल की बचत होने के साथ पौधों का विकास बेहतर हुआ है और फसल की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार आया है। उन्होंने बताया कि ड्रिप प्रणाली के माध्यम से उर्वरकों का उपयोग भी अधिक प्रभावी ढंग से किया जा रहा है। पौधों को आवश्यकता के अनुसार पोषक तत्व मिलने से टमाटर एवं गोभी की फसल अधिक स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण तैयार हो रही है। उत्पादन बढ़ने के साथ खेती की लागत में कमी आई है, जिससे सब्जी उत्पादन पहले की अपेक्षा अधिक लाभकारी बन गया है।
राज्य शासन द्वारा सूक्ष्म सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देकर जल संरक्षण, उत्पादन वृद्धि और किसानों की आय में बढ़ोतरी के लक्ष्य को साकार किया जा रहा है। सरगुजा सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में किसान शासन की योजनाओं का लाभ लेकर पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए वैज्ञानिक एवं तकनीक आधारित कृषि को अपना रहे हैं, जिससे कृषि अधिक टिकाऊ, लाभकारी और आत्मनिर्भर बन रही है।
स्ट्रेंथिंग डिजिटल जस्टिस राज्य स्तरीय कार्यशाला में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा— आम नागरिक को त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध न्याय दिलाना नए कानूनों का मूल उद्देश्य
समन्वित प्रयासों से नए कानूनों और डिजिटल न्याय प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ बनेगा देश का अग्रणी राज्य - मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा
ई-साक्ष्य, ई-समन, न्याय श्रुति, सीसीटीएनएस और आईसीजेएस जैसी डिजिटल व्यवस्थाओं से न्याय प्रणाली हो रही अधिक प्रभावी और जवाबदेह
नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य में सतत प्रशिक्षण, मॉनिटरिंग और तकनीकी क्षमता विकास पर विशेष जोर
रायपुर, 02 अगस्त 2026/ वर्तमान समय की आवश्यकताओं और बदलती चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए नए आपराधिक कानून भारत की न्याय व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन के वाहक बने हैं। इन कानूनों का उद्देश्य केवल अपराधियों को दंडित करना नहीं, बल्कि आम नागरिक को त्वरित, पारदर्शी, सुलभ और समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराना है। आधुनिक तकनीक, डिजिटल प्रणालियों और वैज्ञानिक साक्ष्यों को न्याय प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाकर न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी, विश्वसनीय और जवाबदेह बनाया गया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर में आयोजित "स्ट्रेंथिंग डिजिटल जस्टिस" राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुराने औपनिवेशिक कानूनों के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू किए गए हैं। इन कानूनों की मूल भावना नागरिक-केंद्रित न्याय व्यवस्था की स्थापना है, जिसमें पीड़ित को शीघ्र न्याय मिले और अपराधी कानून के शिकंजे से बच न सके।
उन्होंने कहा कि पुराने कानून ऐसे समय में बने थे, जब डिजिटल तकनीक, सीसीटीवी, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और आधुनिक फॉरेंसिक विज्ञान का अस्तित्व नहीं था। आज अपराधों की प्रकृति बदल चुकी है और तकनीक न्याय व्यवस्था का अनिवार्य हिस्सा बन गई है। नए कानूनों ने डिजिटल साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तथा वैज्ञानिक फॉरेंसिक जांच को विधिक मान्यता देकर अपराध अनुसंधान और अभियोजन को नई मजबूती प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की शाखा प्रारंभ होने से अपराध अनुसंधान और न्यायिक प्रक्रिया को नई दिशा मिलेगी। ई-साक्ष्य जैसी व्यवस्था इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के सुरक्षित संरक्षण और उनकी प्रामाणिकता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के उपयोग से न्याय प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और प्रभावी हुई है। पहले समन की तामील में कई दिन लग जाते थे, जबकि अब ई-समन के माध्यम से सूचना तत्काल संबंधित व्यक्ति तक पहुंच रही है और उसकी डिजिटल ट्रैकिंग भी संभव हो गई है। न्याय श्रुति जैसी व्यवस्था न्यायालयीन कार्यवाही के सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के साथ-साथ ऑनलाइन एवं हाइब्रिड सुनवाई को भी अधिक सक्षम बना रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) के माध्यम से देशभर के पुलिस थाने डिजिटल रूप से एक-दूसरे से जुड़े हैं। इससे अपराधियों का रिकॉर्ड तत्काल उपलब्ध हो जाता है और पुलिस को त्वरित कार्रवाई में सुविधा मिलती है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के सभी थाने ऑनलाइन मोड में कार्यरत हैं तथा राज्य में अब तक 1 लाख 97 हजार 547 एफआईआर ऑनलाइन दर्ज की जा चुकी हैं। नागरिकों को डिजिटल हस्ताक्षरित एफआईआर की प्रति भी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) न्यायपालिका, पुलिस, अभियोजन, जेल और अन्य संबंधित संस्थाओं के बीच सुरक्षित डिजिटल समन्वय स्थापित कर रहा है। इससे सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान संभव हुआ है और न्यायिक प्रक्रिया में होने वाली अनावश्यक देरी में उल्लेखनीय कमी आई है।
100-week 'Nasha Mukt Yuva for Viksit Bharat Sankalp Abhiyan' to raise awareness among youth against substance abuse
Raipur, August 2, 2026/ Governor Shri Ramen Deka and Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai on Sunday attended the state-level programme of the 'Nasha Mukt Yuva for Viksit Bharat Sankalp Abhiyan' at Lok Bhavan in Raipur, as Prime Minister Shri Narendra Modi virtually launched the nationwide campaign from New Delhi.
Addressing the nation virtually, Prime Minister Shri Narendra Modi said drug abuse affects not only individuals but also families and society. He said the country's youth have a vital role in achieving the goal of a developed India and urged them to channel their energy and talent towards nation-building by staying away from addiction. He also called on young people to encourage their families, friends and communities to embrace a drug-free lifestyle.
Students, youth, representatives of educational institutions, voluntary organisations and youth groups participated in the programme and pledged to contribute to a drug-free India and raise awareness about the harmful effects of substance abuse.
The programme also highlighted the physical, mental, social and economic consequences of substance abuse and encouraged young people to adopt healthy lifestyles and positive values.
Meanwhile, this nationwide campaign will run for 100 weeks across the country. Schools, colleges, universities, the National Service Scheme (NSS), National Cadet Corps (NCC), My Bharat youth organisations and other youth groups will organise awareness rallies, pledge ceremonies, poster and painting competitions, debates, essay writing, street plays, cultural programmes, short film screenings, social media campaigns and community outreach activities.
MLA Shri Purandar Mishra, Governor's Secretary Dr C. R. Prasanna, Legal Adviser Smt. Satyabhama Ajay Dubey, Raipur Collector Dr Gaurav Kumar Singh, officials from various departments, representatives of educational institutions and a large number of students and youth were present.
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से देशव्यापी अभियान का किया शुभारंभ, युवाओं से किया नशामुक्त भारत के निर्माण का आह्वान
100 सप्ताह तक चलेगा जन-जागरूकता अभियान, विद्यालयों, महाविद्यालयों और युवा संगठनों के माध्यम से होंगे व्यापक कार्यक्रम
रायपुर 2 अगस्त 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर आज देशभर में प्रारंभ हुए ‘नशा मुक्त युवा विकसित भारत संकल्प अभियान’ के तहत राजधानी रायपुर स्थित लोक भवन में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल श्री रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में बड़ी संख्या में युवा, छात्र-छात्राएं, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि, स्वयंसेवी संगठन तथा विभिन्न युवा संगठनों के सदस्य शामिल हुए। कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया और समाज को नशे के दुष्प्रभावों से मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दोहराया।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से देशभर के युवाओं को संबोधित करते हुए 100 सप्ताह तक चलने वाले इस राष्ट्रव्यापी जन-जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति में युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है और यदि युवा नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और क्षमता का सकारात्मक उपयोग करें, तो भारत को विकसित राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं से स्वयं नशामुक्त जीवन अपनाने के साथ-साथ अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी इस दिशा में जागरूक करने का आह्वान किया।
लोक भवन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का सीधा प्रसारण बड़ी संख्या में उपस्थित युवाओं ने उत्साहपूर्वक देखा। राज्यपाल श्री रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्ति की शपथ ली। कार्यक्रम में युवाओं को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, सकारात्मक सोच विकसित करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश दिया गया।
उल्लेखनीय है कि ‘नशा मुक्त युवा विकसित भारत संकल्प अभियान’ 2 अगस्त 2026 से प्रारंभ होकर आगामी 100 सप्ताह तक देशभर में संचालित किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), माय भारत युवा संगठन तथा अन्य युवा संगठनों के सहयोग से विविध जन-जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इनमें नशामुक्ति शपथ कार्यक्रम, जागरूकता रैलियाँ, पोस्टर एवं चित्रकला प्रतियोगिताएँ, वाद-विवाद, निबंध लेखन, नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, लघु फिल्म प्रदर्शन, सोशल मीडिया अभियान तथा सामुदायिक संवाद जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे।
अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना, उन्हें सकारात्मक जीवन मूल्यों से जोड़ना तथा विकसित भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय और जिम्मेदार भागीदारी सुनिश्चित करना है। केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से यह अभियान समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाकर इसे जनभागीदारी का व्यापक आंदोलन बनाया जाएगा।
इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, विधिक सलाहकार श्रीमती सत्यभामा अजय दुबे, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में युवा एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
बाबा नीब करौरी महाराज के कलात्मक चित्र का अनावरण
प्राकृतिक खेती सेहत और आमदनी का सबसे अच्छा स्रोत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
झाबुआ में प्राकृतिक खेती के सबसे उन्नत अवसर
कृषि सखियों से प्राकृतिक खेती से हो रही आमदनी और प्राकृतिक तकनीकों के बारे में जाना
हरदा जिला कृषि क्षेत्र में नंबर वन
कृषि के हर क्षेत्र में विकास के लिये सरकार संकल्पित
मुख्यमंत्री ने हरदा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित किया
CG Tent and Decor Expo will strengthen local businesses, create new opportunities for entrepreneurs: Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai
रायपुर अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को अग्रिम कर हस्तांतरण के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारी संघवाद की भावना को सशक्त बनाने वाला ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि राज्यों की विकास आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए समय से पहले कर हिस्सेदारी उपलब्ध कराना केंद्र सरकार की संवेदनशील, दूरदर्शी और विकासोन्मुखी सोच का परिचायक है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को अग्रिम कर हस्तांतरण के रूप में ₹3,602 करोड़ की राशि प्राप्त होने से प्रदेश में अधोसंरचना विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विभिन्न विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन को और गति मिलेगी। इससे सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे कार्यों को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी और विकास के लाभ अंतिम व्यक्ति तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच विश्वास, सहयोग और समन्वय की भावना ही विकसित भारत के निर्माण का मजबूत आधार है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार निरंतर राज्यों को सशक्त बनाने तथा उनकी वित्तीय क्षमता को मजबूत करने के लिए प्रभावी निर्णय ले रही है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के प्रति प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार का निरंतर सहयोग विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को और मजबूती प्रदान करेगा।
छत्तीसगढ़ में उद्योग और व्यापार के लिए अनुकूल वातावरण, नई उद्योग नीति से निवेश को मिल रही नई गति
सीजी टेंट एंड डेकोर एक्सपो-2026 में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
रायपुर अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के लाभांडी स्थित एक निजी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित सीजी टेंट एंड डेकोर एक्सपो-2026 में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया, विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा देशभर से आए टेंट एवं इवेंट उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों से संवाद किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन किसी भी उद्योग को नई दिशा देने, आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और व्यापारिक अवसरों का विस्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ आज उद्योग और व्यापार के लिए देश के सबसे अनुकूल राज्यों में तेजी से उभर रहा है। राज्य सरकार की नई उद्योग नीति को देश-विदेश में सकारात्मक प्रतिसाद मिल रहा है। निवेशकों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है और प्रदेश आर्थिक प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां उद्योग, व्यापार और उद्यमिता समान रूप से विकसित हों तथा युवाओं को अधिकाधिक रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हों।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीजी टेंट एंड डेकोर एक्सपो-2026 नवाचार, कौशल विकास और व्यावसायिक साझेदारी का प्रभावी मंच है। इस तीन दिवसीय आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से आए विशेषज्ञ, निर्माता, सप्लायर और व्यवसायी अपने अनुभव, तकनीक और नए उत्पाद साझा कर रहे हैं। इससे छत्तीसगढ़ के स्थानीय व्यवसायियों को आधुनिक उपकरणों, नवीन डिजाइनों और बदलते बाजार की आवश्यकताओं को समझने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि आज इवेंट और टेंट उद्योग तेजी से बदल रहा है। आधुनिक तकनीक, आकर्षक डिज़ाइन, बेहतर प्रबंधन और गुणवत्ता इस क्षेत्र की नई पहचान बन चुके हैं। ऐसे आयोजनों से स्थानीय उद्यमियों को राष्ट्रीय स्तर के अनुभव प्राप्त होंगे, जिससे उनका व्यवसाय और अधिक प्रतिस्पर्धी एवं सशक्त बनेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि टेंट एवं इवेंट उद्योग हमारी अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। विवाह समारोहों से लेकर सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और शासकीय आयोजनों तक आपकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रहती है। आप केवल टेंट और सजावट की व्यवस्था नहीं करते, बल्कि लोगों के जीवन के सबसे महत्वपूर्ण और यादगार अवसरों को सुंदर, व्यवस्थित और गरिमामय स्वरूप प्रदान करते हैं। यह उद्योग लाखों लोगों की खुशियों और सामाजिक आयोजनों का अभिन्न हिस्सा बन चुका है।
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र ने हजारों युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार उपलब्ध कराया है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग इस व्यवसाय से जुड़े हैं। विशेष रूप से महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से टेंट व्यवसाय से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी अभियान के अंतर्गत आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी अनेक महिलाओं ने टेंट एवं संबंधित गतिविधियों को अपनी आजीविका का माध्यम बनाया है। इससे उनके परिवारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के एक्सपो से छोटे और मध्यम स्तर के टेंट व्यवसायियों को भी नई दिशा मिलेगी। उन्हें आधुनिक मशीनों, उपकरणों, सजावटी सामग्री, डिजिटल प्रबंधन और व्यवसाय विस्तार के नए अवसरों की जानकारी प्राप्त होगी, जिससे वे अपने कारोबार को और अधिक व्यवस्थित एवं लाभकारी बना सकेंगे।