ईश्वर दुबे
संपादक - न्यूज़ क्रिएशन
+91 98278-13148
newscreation2017@gmail.com
Shop No f188 first floor akash ganga press complex
Bhilai
Google Analytics —— Meta Pixel
गाजा सिटी (गाजा पट्टी)। इजराइली सुरक्षा बलों ने शुक्रवार को पांच फिलस्तीनियों की गोली मार कर हत्या कर दी इनमें से चार को गाजा में जबकि एक को वेस्ट बैंक में गोली मारी गई। इसके बाद फिलस्तीनी विद्रोहियों ने दक्षिणी इजराइल में कई रॉकेट दागे। इजराइल के साथ लगी बाड़ पर विरोध प्रदर्शन के बाद गाजा में घातक प्रदर्शन शुरू हो गए।इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। इस खूनखराबे के कारण मिस्र के मध्यस्थों के मिशन में मुश्किल आने की आशंका है जिसने शांति हासिल करने और गाजा के हमास शासकों और इजराइल के बीच पूर्ण संघर्ष को रोकने के लिए अपनी कूटनीति तेज की है। शुक्रवार देर शाम इजराइली सेना ने कहा कि गाजा से दक्षिणी इजराइली समुदायों पर 10 से 12 रॉकेट दागे गये। इससे पहले हजारों फिलस्तीनी सीमा से लगे पांच स्थानों पर एकत्र हुये और उन्होंने टायर जलाए एवं इजराइल के सैनिकों पर पत्थर, ग्रेनेड और पटाखा बम फेंके। इस पर इजराइली सैनिकों ने भी आंसू गैस के गोले छोड़े और जवाबी कार्रवाई की।
नयी दिल्ली। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) छोड़ने के करीब एक महीने बाद तारिक अनवर शनिवार को कांग्रेस में शामिल हो गए। सूत्रों ने बताया कि नयी दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करने के बाद वह पार्टी में शामिल हुए। सूत्रों ने बताया कि अनवर अपने समर्थकों के साथ गांधी से तुगलक लेन स्थित उनके निवास पर मिले जहां उनका पार्टी में स्वागत किया गया। कटिहार लोकसभा सीट से पूर्व सांसद रहे अनवर दोपहर या शाम तक कांग्रेस पार्टी में शामिल होने की औपचारिक घोषणा कर सकते हैं।
राफेल लड़ाकू विमान सौदे पर शरद पवार के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “बचाव” में उतरने के बाद 28 सितंबर को अनवर ने घोषणा की थी कि वह राकांपा से बाहर हो रहे हैं और अपनी लोकसभा सदस्यता भी छोड़ रहे हैं। मीडिया में कहा गया था कि राफेल सौदा मामले में पवार ने मोदी को क्लीन चिट दी है हालांकि पवार ने सफाई दी थी कि मीडिया में उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया और उन्होंने ऐसी कोई क्लीन चिट मोदी को नहीं दी।कांग्रेस की बिहार इकाई के पूर्व अध्यक्ष रहे अनवर ने पवार और दिवंगत पी ए संगमा के साथ मिलकर 1990 में राकांपा बनाई थी। सोनिया गांधी को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) का अध्यक्ष बनाए जाने के विरोध में उन्होंने इस पार्टी का गठन किया गया था। राकांपा इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर और महाराष्ट्र में भी कांग्रेस के साथ गठबंधन में रही।मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर जिले के एक गांव में हथियारबंद करीब 25 बदमाशों ने एक डेयरी पर हमला किया और डेयरी के मालिक को बंधक बनाने के बाद वहां से 18 भैंसों को खोलकर ले गए जिनकी कीमत लगभग 20 लाख रुपये बतायी जा रही है। एक पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि गुरुवार को रतनपुरी गांव में यह घटना हुई है।
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में प्रधान के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाली सूचना के अधिकार से जुड़ी एक महिला कार्यकर्ता के साथ गांव प्रधान के परिजन द्वारा मारपीट का मामला सामने आया है। एक पुलिस अधिकारी ने शनिवार को बताया कि नीलोफर नामक इस महिला के साथ शुक्रवार शाम को उसके गांव पुरबालियान में बने घर में मारपीट की गई। नीलोफर ने प्रधान के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाये थे। प्रधान के परिजन मामला दर्ज होने के बाद फरार हो गये। आरोपियों ने महिला के घर से आभूषण भी लूटे।
नयी दिल्ली। देश में सात मौजूदा सांसदों और 199 विधायकों ने अपने पैन कार्ड विवरण घोषित नहीं किये हैं, जिनकी चुनाव के वक्त नामांकन पत्र भरने के लिए जरूरत होती है। एक रिपोर्ट में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म (एडीआर) और नेशनल इलेक्शन वॉच (एनईडब्ल्यू) की इस रिपोर्ट को 542 लोकसभा सांसदों और 4,086 विधायकों के स्थायी खाता संख्या (पैन) के विवरण के विश्लेषण के बाद तैयार किया गया है।
संसद और राज्य विधानसभा का चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवारों को निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष अपने नामांकन पत्रों के साथ अपने हलफनामों में पैन का विवरण देना होता है। एडीआर ने एक बयान में कहा,‘‘पैन विवरण घोषित नहीं करने वाले सबसे अधिक 51 विधायक कांग्रेस के है। इसके बाद भाजपा के 42 विधायक, माकपा के 25 विधायक हैं।’’ राज्यवार सबसे अधिक संख्या (33) केरल से है। इसके बाद मिजोरम (28) और मध्य प्रदेश (19) हैं।’’दिलचस्प बात यह है कि मिजोरम राज्य विधानसभा में विधायकों की संख्या 40 हैं जिसमें से 28 विधायकों ने पैन विवरण नहीं दिया है।
श्रीनगर। जम्मू कश्मीर के बड़गाम जिले में एक आतंकवादी हमले में केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) का एक अधिकारी शहीद हो गया। पुलिस के एक प्रवक्ता ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया, ‘‘दरम्यानी रात में बड़गाम जिले के वगूरा ग्रिड स्टेशन में आतंकवादियों ने गोलीबारी की जिसमें सीआईएसएफ का एक एएसआई घायल हो गया। हालांकि घटनास्थल पर मौजूद सर्तक संतरी ने हमला विफल कर दिया। प्रवक्ता ने बताया, ‘‘घायल एएसआई राजेन्द्र प्रसाद को अस्पताल ले जाया गया लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।’’
चाउर वाले बाबा शराब बेच रहे हैं ?
राजनांदगांव- राजनांदगांव से भाजपा के डाक्टर रमन सिंह और कांग्रेस से श्रीमती करुणा शुक्ला के नामांकन दाखिल किए जाने के बाद चल रही बहुतायत चर्चा के अनुसार सरसरी तौर पर कहने लगे है कि डा रमन तो जीत ही जायेंगे । क्योंकि एक तो वे बाहरी प्रत्याशी है ऐसे आम लोगो की धरना है और अभी कांग्रेसजनो से परिचय मे ही लगी है लेकिन आज शाम कांग्रेस भवन मे शहर कांग्रेस कमेटी की एक बैठक मे जिस प्रकार से अपने भाषण से मुख्यमंत्री डा रमन के विरुद्ध आक्रमक तेवर में चुनाव लड रही कांग्रेस प्रत्याशी श्रीमती करुणा शुक्ला ने मृतप्राय कांग्रेसियो मे जान फूंकी उससे ऐसा लगता है कि डा रमन के लिए संभावित जीत टक्कर मे बदल सकती है। जब राजनांदगांव से कांग्रेस से उन्हे टिकिट मिलने की खबर आई है तभी से सारे कांग्रेसी एकमत हो गए है और कार्यकारिणी सहित सभी पदाधिकारियों ने एकता से चुनाव मैंदान में मुख्यमंत्री से डटकर मुकाबला करने का संकल्प लिया।
आज शाम कांग्रेस भवन मे आयोजित बैठक मे उस समय सन्नाटा पसर गया जब संचालक बसंत बेहकर व पूर्व शहर अध्यक्ष रमेश राठौर ने वहां बमुश्किल 150 के लगभगा कार्यकर्ताओं को अपने सुझाव के लिए आमंत्रित किया। बैठक मे पूर्व ग्रामीण अध्यक्ष श्रीकिसन खंडेलवाल,नगर निगम मे विपक्ष के नेता हफीज खान,पूर्व महापौर सुदेश देशमुख प्रशांत तिवारी दिनेश शर्मा अशोक पंजवानी,महेश शर्मा आदि उपस्थित थे लेकिन इनमे से कोई भी अपनी जगह से नहीं हिला। इसके पूर्व कुतबुद्दीन सोलंकी व शहर महिला कांग्रेस की अध्यक्ष श्रीमती हेमा देशमुख ने भी प्रभावशाली सुझाव रखे। इसके बाद पूर्व महापौर सुदेश देशमुख आए और बहुत दमदारी से अपनी बाते कहते हुए नगर निगम के महापौर तथा मुख्यमंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए माहौल को गरम किया। उन्होने खाया पीया कुछ नहीं और गिलास फोडा की तर्ज पर कहा कि हमे पत्रकारो के साथ जी ई रोड पर बने फिर उखडे फुट ओवर ब्रिज को दिखाया जाकर निगम के भ्रष्टाचार की पोल खोलना होगा। उन्होने मुख्यमंत्री डा रमन के खिलाफ और भी कडे बोल बोलकर स्वयं के आक्रमक रुख का परिचय दिया।
इसके बाद अंत मे प्रत्याशी करुणा शुक्ला का उद्बोधन हुआ और उन्होने अपनी भाषण कला एवं भाषण के अंशो से उपस्थित कांग्रेसियो के निराश मन को काफी हद तक पलट दिया और कांग्रेसीयो ने उनके उद्बोधन के अंत मे और बीच मे जोरदार तरीके से तालीयां भी बजाई। उन्होने कहा कि यह लडाई अमीर और फकीर के बीच मे है। पैराशूट प्रत्याशी होने की बात पर उन्होने कहा कि राजनांदगांव मे पैराशूट प्रत्याशीयो का प्रदर्शन अच्छा रहा है। उन्होने कहा कि रामसहाय पांडे,धर्मपाल गुप्ताऔर स्वयं डाक्टर रमन इसके उदाहरण है।
श्रीमती शुक्ला ने मुख्यमंत्री पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए काफी कडवे वचन कहे और कहा कि देश मे अनेक मुख्यमंत्री को हमने हारते देखा है। उन्होने कांग्रेसी कार्यकर्ताओ से कहा कि मैने दोनो ही संगठनो मे रहकर अपनी विश्वसनीयता बनाई और इसलिए ही कांग्रेस ने राहूल गांधी ने और कांग्रेस के शीर्षस्थ नेतृत्व ने मुझ पर भरोसा करते हुए राजनांदगांव से प्रत्याशी बनाया है।
उन्होने कहा कि मै काम से डरती नही हूं बल्कि काम मेरे से डरता है इसलिए इस चुनाव मे भाजपा के धनबल से जनबल को विजयी बनाने के लिए एकजुटता से कार्य करते हुए इतिहास बदलना है।
श्रीमती शुक्ला ने डा रमन के नामांकन भरने के दौरान उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शामिल होने पर तंज कसते हुए कहा कि अब मोदी जी भी आएंगे लेकिन इसलिए नही कि यहां से डा रमन भाजपा के प्रत्याशी है बल्कि इसलिए आएंगे क्योंकि यहां से करुणा शुक्ला कांग्रेस की प्रत्याशी है।
उन्होने यह कहकर सब को चौका दिया कि उन्होने अपने चाचाजी श्रद्धेय अटलबिहारी बाजपेयी की स्वीकृति के बाद कांग्रेस मे प्रवेश किया है।उन्होने कहा कि भाजपा व इसके नेतृत्व की सरकार भ्रष्टाचार मे आकंठ डूबी हुई है और चाऊर वाले बाबा प्रदेश मे शराब बेच रहे ,निर्माण कार्यो मे कमीशन का खेल चल रहा है,राजनांदगांव मुख्यमंत्री का निर्वाचन क्षेत्र है और यहां करोडो के फंड का आबंटन होता है। बडे बडे करोडो के गैरजरुरी निर्माण सिर्फ कमीशनबाजी के लिए ही कराए जा रहे है ।छत्तीसगढ़ में भ्रस्ट अधिकारिर्यो का बोलबाला है मुख्यमंत्री के संरक्षण में ये अधिकारी छत्तीसगढ़ को खोखला करने में लगे हैं।
श्रीमती शुक्ला ने अपनी भाषण कला के बारे मे बताया कि वह पांच वर्ष की अवस्था से ही बोलने लगी थी। छात्र जीवन मे वादविवाद प्रतियोगिताओ मे अनेक बार मेडल प्राप्त किया है लेकिन केवल भाषण से ही काम नही बनता। उन्होने अटलजी का उदाहरण देते हुए कहा कि वे भी बहुत ही प्रभावी भाषण देते थे लेकिन 37 साल बाद पी एम बने और वह भी 24 दलों के समर्थन से क्योंकि भाजपा का कोई ढांचा नही था और अटलजी तथा आडवानी जी भाजपा को खडे कर रहे थे। उन्होने कहा कि हमारी स्थिति अलग है क्योंकि हम पहले से ही एक शक्तिशाली संगठन है और इसलिए हमारी विजय को कोई रोक नहीं सकता है।
उन्होने कहा कि देश की आजादी के बाद कांग्रेस ने सत्ता संम्हाली और अनेक राज्यो मे कांग्रेस की सरकारे थी इसलिए कांग्रेस मे संघर्ष करने की प्रवृत्ति कमजोर है। मुझसे अनेक बार जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल अपने काम काज के बारे मे मै पूछते थे तो मै सीधे कहती थी कि संगठन मजबूत करो तभी सत्ता हाथ लगेगी। श्रीमती शुक्ला ने कहा कि पूर्व चुनाव के बूथ वाइज प्राप्त मतों का अध्ययन करते हुए एक लक्ष्य बनाकर चलना होगा तभी बात बनेगी।
उन्होने कहा कि राजनांदगांव से मुख्यमंत्री डाक्टर रमन को हराना कोई कठिन कार्य नही है क्योंकि इस विधानसभा क्षेत्र मे कांग्रेस के लगभग 40 हजार परम्परागत् वोट है। अब हमे 30000 अतिरिक्त मतो को हासिल करना है। यदि हम सब मिलकर बुथ स्तर पर जुट जाए तो हमारी विजय सुनिश्चित है और हम राहूल जी को एक नायाब तोहफा देकर राजनांदगांव कांग्रेस की सर्वश्रेष्ठता सिद्ध करेंगे।
वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के खिलाफ सभी अमेरिकी प्रतिबंध पांच नवंबर से पूरी तरह लागू कर दिए जाएंगे। उन्होंने लेबनान के आतंकवादी समूह हिज्बुल्लाह पर कड़े प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक पर हस्ताक्षर कर उसे कानून बना दिया। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम में कहा कि पांच नवंबर को ईरान के खिलाफ सभी प्रतिबंध फिर से पूरी तरह लागू कर दिए जाएंगे जिन्हें परमाणु समझौते के कारण हटा दिया गया था। ईरान के साथ परमाणु समझौते से अलग होने के बाद ट्रंप ने सभी देशों से ईरान से तेल का आयात कम करने या प्रतिबंधों का सामना करने के लिए कहा।ईरान के तेल का सबसे बड़ा आयातक होने के नाते भारत भी अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में आया। इससे बचने के लिए भारत को या तो अमेरिका से छूट चाहिए होगी या ईरान से तेल का आयात बंद करना होगा। ट्रंप ने कहा, ‘‘हम दुनिया में आतंकवाद के सबसे बड़े प्रायोजक को सबसे खतरनाक हथियार बनाने नहीं देंगे। यह नहीं होगा।’’इससे पहले ट्रंप ने हिज्बुल्लाह इंटरनेशनल फाइनेंसिंग प्रिवेंशन एमेंडमेंट्स एक्ट पर हस्ताक्षर किए जिसमें हिज्बुल्लाह पर अतिरिक्त कड़े प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने कहा, ‘‘हिज्बुल्लाह ने अमेरिकी नागरिकों का अपहरण किया, उन्हें प्रताड़ित किया तथा उनकी हत्या की।
इसमें 1983 में लेबनान के बेरुत में हमारे मरीन बैरकों पर हुआ क्रूर हमला शामिल है जिसमें 241 अमेरिकी मरीन, नाविक और सैनिक मारे गए तथा 128 अन्य अमेरिकी सेवा सदस्य घायल हो गए तथा एक लेबनानी नागरिक भी मारा गया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘फ्रेंच बैरकों के खिलाफ बमबारी में 58 फ्रेंच शांतिरक्षक और पांच लेबनानी नागरिक मारे गए।’’सैंडर्स ने बताया कि यह विधेयक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था से हिज्बुल्लाह को अलग-थलग करेगा और उसके वित्त पोषण को कम करेगा।