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रायपुर  जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ प्रवास के दौरान ग्राम पंडरीपानी स्थित कैलाशपति धाम मनकामेश्वर शिव मंदिर पहुंचे। उन्होंने भगवान मनकामेश्वर महादेव के दर्शन कर शिवलिंग पर जल अर्पित किया तथा विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान भोलेनाथ से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी उपस्थित थे।

प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए भगवान भोलेनाथ से मांगा आशीर्वाद

रायपुर  जुलाई 2026/ गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ के ग्राम कोसमनारा स्थित प्रसिद्ध श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा धाम पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गुरु पूर्णिमा गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन अवसर है। गुरुजनों का आशीर्वाद जीवन को सही दिशा देने के साथ आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि कोसमनारा स्थित श्री सत्यनारायण बाबा धाम लोगों की गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा श्रद्धालुओं को आत्मबल और शांति प्रदान करती है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर इस पवित्र धाम में आकर पूजा-अर्चना करना उनके लिए सौभाग्य का अवसर है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार गुरुजनों के आशीर्वाद और जनता के विश्वास के साथ जनकल्याण के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ रही है। सरकार का प्रयास है कि विकास और जनकल्याण की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़े।
इस अवसर पर नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

करोड़ों युवाओं के सुरक्षित भविष्य, ईमानदार प्रतिभा और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की दिशा में ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम - मुख्यमंत्री श्री साय

परीक्षा माफिया, प्रश्नपत्र लीक और संगठित अनियमितताओं पर लगेगा प्रभावी अंकुश

रायपुर  जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 के पारित होने का स्वागत करते हुए इसे देश के करोड़ों युवाओं के सुरक्षित भविष्य, ईमानदार प्रतिभा और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं के सपनों, उनके परिश्रम और उनके भविष्य की रक्षा के लिए निरंतर ठोस एवं प्रभावी निर्णय ले रही है। यह संशोधन उसी दृढ़ संकल्प का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं करोड़ों युवाओं की वर्षों की मेहनत, आशाओं और विश्वास का आधार होती हैं। प्रश्नपत्र लीक, नकल माफिया और संगठित परीक्षा अपराध जैसी गतिविधियां न केवल योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय करती हैं, बल्कि पूरे परीक्षा तंत्र की विश्वसनीयता को भी प्रभावित करती हैं। ऐसे अपराधों पर कठोर और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाया गया यह संशोधन परीक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संशोधन विधेयक के माध्यम से परीक्षा संबंधी अपराधों के विरुद्ध दंडात्मक प्रावधानों को और अधिक कठोर बनाया गया है। इससे परीक्षा माफिया, संगठित आपराधिक गिरोहों तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता में शामिल तत्वों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई का मार्ग और मजबूत होगा। साथ ही परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों एवं सेवा प्रदाताओं की जवाबदेही भी और अधिक सुनिश्चित होगी, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और विश्वसनीय बनेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने हमेशा युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। नई शिक्षा नीति, कौशल विकास, रोजगार सृजन, डिजिटल पारदर्शिता तथा अब परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में यह संशोधन युवाओं के भविष्य को सशक्त बनाने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इससे प्रतिभाशाली और मेहनती युवाओं का विश्वास और अधिक मजबूत होगा तथा निष्पक्ष एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया को नई मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण तभी संभव है, जब युवाओं को उनकी योग्यता और परिश्रम के अनुरूप निष्पक्ष अवसर प्राप्त हों। यह संशोधन उसी सोच को साकार करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है, जो ईमानदार प्रतिभा को संरक्षण देने और परीक्षा सम्बन्धी अनियमितताओं पर कठोर प्रहार करने का कार्य करेगा।

रायपुर, दुर्ग सहित विभिन्न संभागों में बने परीक्षा केंद्र

रायपुर,  जुलाई 2026/ शीघ्रलेखन एवं मुद्रलेखन कम्प्यूटर कौशल परीक्षा परिषद, लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ द्वारा अगस्त 2026 में विभिन्न तिथियों पर मुद्रलेखन एवं कम्प्यूटर मुद्रलेखन कौशल परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। परीक्षा के सफल संचालन के लिए रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, सरगुजा और बस्तर संभागों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।

परीक्षा कार्यक्रम एवं तिथियाँ

01 अगस्त 2026 को अंग्रेजी मुद्रलेखन (गति 10,000 की-डिप्रेशन प्रति घंटा) की परीक्षा 05 परीक्षा केंद्रों में आयोजित की जाएंगी। इसी प्रकार 02 अगस्त 2026 हिन्दी मुद्रलेखन (गति 10,000 की-डिप्रेशन प्रति घंटा) रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, सरगुजा एवं बस्तर में चयनित 05 परीक्षा केंद्रों में आयोजित की जाएंगी।

08 अगस्त 2026 को अंग्रेजी कम्प्यूटर मुद्रलेखन (गति 8,000 की-डिप्रेशन प्रति घंटा) 08 परीक्षा केंद्रों में, 09 अगस्त 2026 को हिन्दी कम्प्यूटर मुद्रलेखन (गति 8,000 की-डिप्रेशन प्रति घंटा) 09 परीक्षा केंद्र एवं 16 अगस्त 2026 को बिलासपुर और सरगुजा संभाग में 01-01 परीक्षा केंद्रों में आयोजित की जाएंगी।

परीक्षार्थियों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश

परीक्षार्थियों को परिषद द्वारा आबंटित परीक्षा केंद्र पर ही निर्धारित बैच एवं समय पर उपस्थित होना अनिवार्य है। परीक्षा कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी परिषद की आधिकारिक वेबसाइट https://ctsp.cg.nic.in पर उपलब्ध है। प्रवेश पत्र डाउनलोड करने की सूचना परीक्षार्थियों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर SMS के माध्यम से भेज दी गई है। परीक्षा केंद्र में प्रवेश हेतु अभ्यर्थियों को मूल पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड या मतदाता परिचय पत्र में से कोई भी एक मूल पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। उप संचालक लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ ने सभी परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति की बैठक सम्पन्न

रायपुर, 29 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने चार नए औद्योगिक पार्क (मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर) विकसित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आयोजित उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अंतर्गत औद्योगिक विकास योजना की राज्य स्तरीय समिति की बैठक में इस प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी प्रदान की गई।

इन 4 जिलों में बनेंगे मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर

समिति की दूसरी बैठक के दौरान प्रदेश के चार जिलों में औद्योगिक पार्क स्थापित करने के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई और उन्हें स्वीकृति दी गई। राजनांदगांव जिले में स्पेशल मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, पटेवा, धमतरी जिले में मल्टी सेक्टर मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, धूम्रपाली, जांजगीर-चांपा जिले में मल्टी सेक्टर मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, सलखान और बस्तर जिले में मल्टी सेक्टर मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, नियानार में औद्योगिक पार्क स्थापित करने के प्रस्तावों पर स्वीकृति दी गई।

केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल

भारत औद्योगिक योजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी औद्योगिक विकास नीति के तहत प्रभावी रूप से लागू किया है। राज्य में इस योजना के सुचारू संचालन और विभिन्न परियोजनाओं को समयबद्ध मंजूरी देने के लिए राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है।

बैठक में राज्य के प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया, जिनमें डॉ. रोहित यादव (सचिव, वित्त विभाग), श्री अंकित आनंद (सचिव, आवास एवं पर्यावरण विभाग), श्री रजत कुमार (सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग), डॉ. सारांश मित्तर (सचिव, ऊर्जा विभाग), सुश्री इफ्फत आरा (विशेष सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग) सहित अन्य संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी शामिल थे।

रायपुर, 29 जुलाई 2026/मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में गृह विभाग की विशेष केन्द्रीय सहायता योजना के अंतर्गत राज्य स्तरीय अंतर्विभागीय समिति की बैठक सम्पन्न हुई।

आधारभूत संरचनाओं के कार्यों की कार्ययोजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा

बैठक में बीजापुर, नारायणपुर, कांकेर एवं सुकमा जिले में विशेष केन्द्रीय सहायता योजना (एससीए) के तहत आधारभूत संरचनाओं, सड़क, पुल-पुलिया, भवन निर्माण कार्यों की कार्ययोजनाओं के अंतर्गत कार्यों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा हुई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्वीकृत कार्यों को तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने जिलेवार कार्ययोजना के तहत स्वीकृत सड़क, पुल एवं पुलिया एवं अन्य निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से पूर्ण, अपूर्ण एवं प्रगतिरत कार्यों की विस्तार से जानकारी ली।

कलेक्टरों को निर्माण कार्यों की प्रगति की लगातार समीक्षा करने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव ने बीजापुर, नारायणपुर, कांकेर एवं सुकमा के कलेक्टरों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए निर्माण कार्यों की स्थिति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कलेक्टरों से निर्माण कार्यों को कार्ययोजना के तहत कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कलेक्टरों को निर्माण कार्यों की प्रगति की लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए है। अधिकारियों ने बताया कि बीजापुर जिले में सड़क के निर्माण के 28, नारायणपुर में 7, सुकमा में 9 कार्यों को पूर्ण कर लिया गया है। इसी तरह से पुल निर्माण के कांकेर में 7, सुकमा में 5 कार्यों को पूर्ण कर लिया गया है। अन्य स्वीकृत कार्यों को पूर्ण कराने का कार्य किया जा रहा है।

बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, पीसीसीएफ श्री अरूण पाण्डेय, गृह विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह सहित अन्य विभागों के अधिकारी एवं वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जिलों के कलेक्टर शामिल हुए।

Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai Honours Outstanding Police Officers and Personnel at Patrika Jazba Police Awards 2026

Raipur, July , 2026/Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai attended the Jazba Police Awards 2026 ceremony held at a private auditorium in Shanti Nagar, Raipur, where he honoured police officers and personnel for their outstanding contributions across various fields of policing. Congratulating the awardees, he said the recognition represents not only individual excellence but also the collective morale, dedication, and spirit of service of the entire police force.

Addressing the gathering, the Chief Minister said that the police are not merely responsible for maintaining law and order but serve as the strongest foundation of security, public trust, and good governance in society. He stated that police personnel remain dedicated to protecting citizens day and night, away from their families, and serving in all weather conditions and challenging circumstances. Their sacrifice, courage, and commitment enable citizens to live peacefully and securely in their homes. Honouring such dedicated police officers and personnel, he said, is an honour for society as a whole.

Shri Sai said he felt a deep sense of pride while interacting with Chhattisgarh's brave, disciplined, and dedicated police personnel. He remarked that the police uniform is not merely a symbol of authority but also of sacrifice, discipline, service, and patriotism. The commitment with which police personnel perform their duties even under the most difficult circumstances, he said, serves as an inspiration to society.

Police Force's Role in the Decisive Victory Against Naxalism Is Historic

Chief Minister Shri Sai said that for many years, Naxalism had hindered the pace of development in Bastar despite its natural beauty, rich mineral resources, and vibrant tribal culture. Today, Bastar has entered a new era of development, trust, and transformation. He credited this change to the visionary leadership of Prime Minister Shri Narendra Modi, the firm strategy of Union Home Minister Shri Amit Shah, and the unmatched courage of the state police and security forces.

He said that the fight against Naxalism was a mission to protect democracy, development, and humanity. Brave police personnel carried out operations in difficult forest terrain without concern for their own lives and played a crucial role in making the state free from fear. He added that this victory would remain an inspiring chapter for future generations.

Sharing his experiences, the Chief Minister said he had met police personnel injured during anti-Naxal operations in hospitals on several occasions. Despite suffering serious injuries, they displayed unwavering determination rather than despair and expressed their resolve to return to duty after recovery to continue the fight against Naxalism. Shri Sai said this indomitable spirit has become Chhattisgarh's greatest strength and has enabled the state to achieve decisive success in moving towards freedom from the menace of Naxalism.

Gyaneshwari Yadav's Achievement Inspires Youth

The Chief Minister made special mention of Chhattisgarh Police Assistant Sub-Inspector Gyaneshwari Yadav, who won the silver medal in the women's 53 kg weightlifting event at the Commonwealth Games 2026. He said that by lifting 199 kilograms, she had brought pride to both the nation and the state while proving that police personnel can excel not only in public service but also in sports. He described her achievement as a source of inspiration for the state's youth, especially young girls.

पत्रिका जज़्बा पुलिस अवार्ड्स-2026 में मुख्यमंत्री श्री साय ने उत्कृष्ट पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को किया सम्मानित

नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक विजय में पुलिस जवानों के अदम्य साहस और बलिदान को बताया ऐतिहासिक

ज्ञानेश्वरी यादव की उपलब्धि का किया विशेष उल्लेख, कहा - खेल और सेवा दोनों में प्रदेश का बढ़ाया गौरव

रायपुर,  जुलाई 2026/ पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज में सुरक्षा, विश्वास और सुशासन की सबसे मजबूत आधारशिला है। पुलिसकर्मी अपने परिवार से दूर रहकर, हर मौसम और हर चुनौती के बीच दिन-रात जनता की सुरक्षा के लिए समर्पित रहते हैं। उनके त्याग, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के कारण ही आम नागरिक अपने घरों में निश्चिंत होकर जीवन जी पाते हैं। ऐसे समर्पित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का सम्मान पूरे समाज का सम्मान है।

मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के शांति नगर स्थित एक निजी सभागार में आयोजित 'जज़्बा पुलिस अवार्ड्स-2026' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने पुलिसिंग के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया और उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे पुलिस बल के मनोबल और सेवा भावना का सम्मान है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उन्हें छत्तीसगढ़ के साहसी, अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मियों के बीच उपस्थित होकर विशेष आत्मीयता और गर्व का अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, बल्कि त्याग, अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी पुलिसकर्मी अपने कर्तव्य का निर्वहन जिस निष्ठा से करते हैं, वह समाज के लिए प्रेरणा का विषय है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में महिलाओं की 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ पुलिस की सहायक उप निरीक्षक ज्ञानेश्वरी यादव का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश्वरी ने 199 किलोग्राम भार उठाकर न केवल देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है, बल्कि यह सिद्ध किया है कि पुलिस बल के जवान सेवा के साथ-साथ खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। उनकी उपलब्धि पूरे प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

नक्सलवाद पर निर्णायक विजय में पुलिस बल की भूमिका ऐतिहासिक

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्षों तक नक्सलवाद ने बस्तर के विकास की गति को बाधित किया। प्राकृतिक सौंदर्य, खनिज संपदा और समृद्ध जनजातीय संस्कृति से परिपूर्ण यह क्षेत्र हिंसा और भय के कारण अपनी वास्तविक क्षमता के अनुरूप आगे नहीं बढ़ पा रहा था। आज बस्तर विकास, विश्वास और परिवर्तन के नए युग में प्रवेश कर चुका है। यह परिवर्तन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ रणनीति तथा राज्य पुलिस और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई लोकतंत्र, विकास और मानवता की रक्षा का अभियान था। हमारे वीर जवानों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना कठिन जंगलों में अभियान चलाया और प्रदेश को भयमुक्त बनाने का कार्य किया। यह विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का अध्याय बनेगी।

घायल जवानों के जज़्बे ने दिलाया आत्मविश्वास

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें कई बार अस्पतालों में नक्सल मोर्चे पर घायल पुलिस जवानों से मिलने का अवसर मिला। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उनके चेहरे पर निराशा नहीं, बल्कि देश और प्रदेश की सेवा का अदम्य संकल्प दिखाई देता था। वे कहते थे कि स्वस्थ होते ही फिर से मोर्चे पर लौटेंगे और नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई को आगे बढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यही अदम्य जज़्बा आज छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी शक्ति बनकर सामने आया और इसी के परिणामस्वरूप प्रदेश नक्सलवाद के अभिशाप से मुक्त होने की दिशा में निर्णायक सफलता प्राप्त कर सका।

Our government is committed to promoting sports in the state; Rs. 100 Crore Allocated for Mukhyamantri Khel Utkrisht Mission: Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai

Chief Minister Shri Sai distributed incentives to 11 individual medal winners and three teams of Khelo India Tribal Games

Raipur, July, 2026/Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai participated in the concluding session of Chhattisgarh's first-ever Sports Conclave, organised by the Department of Sports and Youth Welfare in Raipur on July 28. During the event, he distributed incentives to athletes who won medals for Chhattisgarh at the country's first Khelo India Tribal Games, held in the state earlier this year.

The day-long conclave brought together sports administrators, policymakers, sports scientists, renowned athletes, experts and representatives of sports federations from across the country to deliberate on improving sports infrastructure, talent identification, athlete training and the overall roadmap for sports development in Chhattisgarh.

Addressing the conclave, Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai said the extensive discussions among experts would provide meaningful direction to the state's efforts to strengthen sports and athlete development. He said the conclave would prove to be a milestone in promoting sports in Chhattisgarh. Emphasising the government's commitment to the sector, he said Rs. 100 crore has been allocated in this year's budget under the Mukhyamantri Khel Utkrisht Mission to strengthen sports infrastructure. He also informed that the state government has recently approved a list of 156 outstanding sportspersons, who will receive benefits in government employment in the future.

He said the state has organised initiatives such as the Bastar Olympics, Sarguja Olympics and the Khelo India Tribal Games to provide quality competitive platforms for sportspersons. Nearly four lakh participants took part in the Bastar Olympics, while around 3.5 lakh athletes participated in the Sarguja Olympics. He stressed the need to provide talented sportspersons with adequate opportunities and resources, adding that the government is actively working towards this goal.

Deputy Chief Minister and Minister for Sports and Youth Welfare Shri Arun Sao said the conclave would play a significant role in making Chhattisgarh a leading sporting state. Under the leadership of Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai, consistent efforts are being made to improve sports and athlete development across the state. He said Chhattisgarh's geographical conditions naturally produce physically and mentally strong youth, and the government is preparing a strategy to identify and nurture sporting talent from the primary school level. He added that the valuable suggestions and guidance from experts during the conclave would be incorporated into a comprehensive action plan to ensure effective implementation.

Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai distributed the incentive to 11 individual medal winners and three teams that brought laurels to Chhattisgarh at the Khelo India Tribal Games 2026. The Chief Minister announced the incentives during the closing ceremony of the Games on April 3. Chhattisgarh secured 19 medals, including 3 gold, 10 silver, and 6 bronze in the Khelo India Tribal Games.

Among the medal winners, Nikita won a gold medal in weightlifting. Rishika Kashyap (weightlifting), Anushka Bhagat (swimming), and Lakshman Sodhi, Abhishek, Damru Kumar, Gajendra Thakur and Tilak Barse (athletics) won silver medals. Manish Kumar (athletics), Nikhil Khalko (swimming) and Lucky Babu (weightlifting) secured bronze medals.

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में राज्य के पदक विजेता खिलाड़ियों को दी प्रोत्साहन राशि

खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने छत्तीसगढ़ में गंभीरता से हो रहे काम, उत्कृष्ट खेल मिशन के लिए इस साल 100 करोड़ का प्रावधान - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

राज्य में खेलों के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव - श्री साय

कॉन्क्लेव के सुझावों और निष्कर्षों को शामिल कर बनाएंगे प्रभावी कार्ययोजना - उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव

रायपुर.  जुलाई 2026. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव के समापन सत्र में शामिल हुए। उन्होंने राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित कॉन्क्लेव में विगत मार्च-अप्रैल में छत्तीसगढ़ में हुए देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में राज्य के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की। छत्तीसगढ़ में पहली बार इस स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया था, जिसमें विभिन्न सत्रों में देशभर से आए खेल प्रशासकों, नीति निर्माताओं, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट्स, नामचीन खिलाड़ियों, विशेषज्ञों और खेल संघों के पदाधिकारियों ने छत्तीसगढ़ में खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाओं, खेल प्रतिभाओं की खोज, प्रशिक्षण और सुदृढ़ खेल अधोसंरचना के रोडमैप पर दिनभर मंथन किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि विशेषज्ञों के बीच आज दिनभर हुए गंभीर विचार-विमर्श से राज्य में खेल और खिलाड़ियों की बेहतरी के कार्यों को सार्थक एवं प्रभावी दिशा मिलेगी। राज्य में खेलों के विकास के लिए यह कॉन्क्लेव मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने छत्तीसगढ़ में गंभीरता से काम हो रहे हैं। उत्कृष्ट खेल मिशन के अंतर्गत खेल अधोसंरचना को मजबूत करने इस साल के बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। हमने हाल ही में प्रदेशभर के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची को मंजूरी दी है, जिन्हें आगे जाकर सरकार नौकरी में लाभ देगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खिलाड़ियों को खेलने के लिए अच्छा मंच उपलब्ध कराने बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के आयोजन राज्य में हुए हैं। बस्तर ओलंपिक में करीब चार लाख और सरगुजा ओलंपिक में लगभग साढ़े तीन लाख खिलाड़ियों ने भागीदारी की है। राज्य की खेल प्रतिभाओं को उचित अवसर और संसाधन देने की आवश्यकता है। इसके लिए हम लोग सक्रियता से काम कर रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव कहा कि यह कॉन्क्लेव छत्तीसगढ़ को खेलों के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में बहुत मददगार होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में खेल और खिलाड़ियों की तरक्की और बेहतरी के लिए लगातार काम हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की भौगोलिक परिस्थितियों में प्राकृतिक, शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत युवा निकलते हैं। प्राथमिक कक्षाओं से ही बच्चों की खेल प्रतिभा को पहचान कर उन्हें तराशने और संवारने की कार्ययोजना पर हम काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज विशेषज्ञों के जो अमूल्य सुझाव और मार्गदर्शन प्राप्त हुए हैं, उन पर निश्चित रूप से अमल किया जाएगा। आज के निष्कर्षों को शामिल कर हम विस्तृत कार्ययोजना बनाएंगे और उसे प्रभावी तरीके से क्रियान्वित करेंगे।

खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, ओलंपियन श्री जिन्सन जॉनसन, प्रख्यात शिक्षाविद एवं खेल वैज्ञानिक डॉ. रत्नेश सिंह, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव श्री विक्रम सिसोदिया, हाई परफॉर्मेंस एनॉलिस्ट श्री रोनक कोठारी, पीईएफआई के राष्ट्रीय सचिव डॉ. पियूष जैन, खेलो इंडिया के उप महानिदेशक श्री मयंक श्रीवास्तव और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर श्री राजेश चौहान सहित प्रदेश के अनेक खिलाड़ी, प्रशिक्षक, सभी जिलों के खेल अधिकारी एवं खेल संघों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में कॉन्क्लेव में शामिल हुए।

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