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रायपुर, 11 जुलाई 2026/राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (National Medical Commission - NMC) के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) ने पंडित जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल (जेएनएम) मेडिकल कॉलेज, रायपुर में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। यह कॉलेज पं. दीनदयाल उपाध्याय मेमोरियल हेल्थ साइंसेज एंड आयुष यूनिवर्सिटी, छत्तीसगढ़ से संबद्ध है।

MARB की ओर से 10 जुलाई 2026 को जारी अनुमति पत्र (Letter of Permission) के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कॉलेज की एमबीबीएस सीटों की संख्या 230 से बढ़ाकर 250*कर दी गई है, यानी कुल *20 नई सीटों की बढ़ोतरी हुई है।

स्थापना से अब तक सीटों में वृद्धि का इतिहास

वर्ष 1963 में 60 एमबीबीएस सीटों के साथ स्थापित पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय ने समय-समय पर अपनी प्रवेश क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की है। प्रारंभिक 60 सीटों से बढ़कर यह संख्या 100, वर्ष 2009 में 150, वर्ष 2019 में 180, वर्ष 2023 में 230 तथा अब एनएमसी की नवीनतम स्वीकृति के पश्चात 250 सीटों तक पहुँच गई है।


स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि सीटों की संख्या बढ़ने से प्रदेश के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे और वे अपने ही राज्य में एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर सकेंगे। स्वास्थ्य मंत्री ने इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और प्रयासों के प्रति आभार भी व्यक्त किया गया।

नक्सल प्रकरण वापसी हेतु हर सप्ताह होगी बैठक, शासकीय वकीलों की बनेगी टीम

प्रभावित परिवारों को मिले हर संभव सहायता

रायपुर, 11 जुलाई 2026/ उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित पुलिस विभाग की समीक्षा बैठक में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में राहत, पुनर्वास एवं विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नक्सल मामलों में जेल में निरुद्ध ऐसे आरोपियों, जिनके विरुद्ध गंभीर जनहानि के प्रकरण नहीं हैं, उनके मामलों की विधिसम्मत समीक्षा कर रिहाई की प्रक्रिया में आवश्यक कार्रवाई की जाए, जिसके लिए विधि विभाग की सहायता से अभियोजन एवं वकीलों का दल बनाकर प्रकरण वापसी पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही प्रत्येक सप्ताह इसकी प्रगति की समीक्षा बैठक संबंधित प्रकरण से जुड़े जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे नक्सल प्रकरण जिनमें जनहानि नहीं हुई है उनमें जेल में निरुद्ध नक्सल आरोपियों की रिहाई आवश्यक है।

अति नक्सल प्रभावित रहे ग्रामों को मिलेंगे 1 करोड़ रुपए

कभी अति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के तीव्र विकास के लिए शासन द्वारा नक्सल मुक्त प्रस्ताव पारित कर ऐसे ग्रामों में 1-1 करोड़ रुपयों के विकास कार्य स्वीकृत किए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को आजीविका प्राप्त होने के साथ ग्रामों का विकास भी होगा। इसके लिए वर्तमान में 50 ग्रामों को चिन्हित किया गया है। जिसमें सुकमा के 20, बीजापुर के 20 एवं नारायणपुर के 10 ग्राम शामिल हैं।

15 अगस्त तक सभी नक्सल मुक्त हुए गांवों में तिरंगा यात्रा

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने निर्देश दिए कि आगामी 15 अगस्त 2026 को सभी नक्सल मुक्त हुए गांवों में तिरंगा फहराया जाएगा, जिससे राष्ट्रीय एकता, विश्वास और जनभागीदारी का संदेश गांव-गांव तक पहुंचेगा।

पीड़ित एवं पुनर्वासित परिवारों को मिले आवास योजना का लाभ

बैठक में उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी नक्सल पीड़ित एवं पुनर्वासित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के विशेष प्रावधानों के तहत आवास उपलब्ध कराया जाए। जिन क्षेत्रों में बड़ी नक्सली घटनाएं हुई हैं, वहां सामुदायिक स्मारकों का निर्माण भी कराया जाए ताकि शहीदों एवं पीड़ितों की स्मृतियों को सम्मान मिल सके। उन्होंने जिलावार नक्सली घटनाओं में शहीद हुए जवानों एवं मृत नागरिकों के मामलों, उनके परिजनों को प्रदान की गई सहायता तथा लंबित प्रकरणों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिजनों को शासन की सभी निर्धारित सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं और किसी भी स्तर पर विलंब न हो।

पुनर्वासितों पर घोषित प्रोत्साहन राशि का एक माह के भीतर होगा भुगतान

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने पुनर्वास नीति का पालन करते हुए पुनर्वासित युवाओं को घोषित प्रोत्साहन राशि का अगले एक माह के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही नक्सल पीड़ितों एवं पुनर्वासितों को दी जाने वाली सुविधाओं के लिए तैयार डेश बोर्ड में जानकारी प्रविष्ट करने को कहा। उन्होंने माओवादियों द्वारा लुटे गए हथियारों की बरामदगी पर अंतर्राज्यीय समिति बनाकर मिलान करने एवं जंगल में कोई भी हथियार ना छूटे यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रमुख सचिव सुश्री निहारिका सिंह बारिक, सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत, एडीजी श्री विवेकानंद सिन्हा सहित गृह विभाग, पुलिस विभाग तथा संबंधित जिलों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

नक्सल प्रकरण वापसी हेतु हर सप्ताह होगी बैठक, शासकीय वकीलों की बनेगी टीम

प्रभावित परिवारों को मिले हर संभव सहायता

रायपुर, 11 जुलाई 2026/ उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित पुलिस विभाग की समीक्षा बैठक में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में राहत, पुनर्वास एवं विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नक्सल मामलों में जेल में निरुद्ध ऐसे आरोपियों, जिनके विरुद्ध गंभीर जनहानि के प्रकरण नहीं हैं, उनके मामलों की विधिसम्मत समीक्षा कर रिहाई की प्रक्रिया में आवश्यक कार्रवाई की जाए, जिसके लिए विधि विभाग की सहायता से अभियोजन एवं वकीलों का दल बनाकर प्रकरण वापसी पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही प्रत्येक सप्ताह इसकी प्रगति की समीक्षा बैठक संबंधित प्रकरण से जुड़े जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे नक्सल प्रकरण जिनमें जनहानि नहीं हुई है उनमें जेल में निरुद्ध नक्सल आरोपियों की रिहाई आवश्यक है।

अति नक्सल प्रभावित रहे ग्रामों को मिलेंगे 1 करोड़ रुपए

कभी अति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के तीव्र विकास के लिए शासन द्वारा नक्सल मुक्त प्रस्ताव पारित कर ऐसे ग्रामों में 1-1 करोड़ रुपयों के विकास कार्य स्वीकृत किए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को आजीविका प्राप्त होने के साथ ग्रामों का विकास भी होगा। इसके लिए वर्तमान में 50 ग्रामों को चिन्हित किया गया है। जिसमें सुकमा के 20, बीजापुर के 20 एवं नारायणपुर के 10 ग्राम शामिल हैं।

15 अगस्त तक सभी नक्सल मुक्त हुए गांवों में तिरंगा यात्रा

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने निर्देश दिए कि आगामी 15 अगस्त 2026 को सभी नक्सल मुक्त हुए गांवों में तिरंगा फहराया जाएगा, जिससे राष्ट्रीय एकता, विश्वास और जनभागीदारी का संदेश गांव-गांव तक पहुंचेगा।

पीड़ित एवं पुनर्वासित परिवारों को मिले आवास योजना का लाभ

बैठक में उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी नक्सल पीड़ित एवं पुनर्वासित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के विशेष प्रावधानों के तहत आवास उपलब्ध कराया जाए। जिन क्षेत्रों में बड़ी नक्सली घटनाएं हुई हैं, वहां सामुदायिक स्मारकों का निर्माण भी कराया जाए ताकि शहीदों एवं पीड़ितों की स्मृतियों को सम्मान मिल सके। उन्होंने जिलावार नक्सली घटनाओं में शहीद हुए जवानों एवं मृत नागरिकों के मामलों, उनके परिजनों को प्रदान की गई सहायता तथा लंबित प्रकरणों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिजनों को शासन की सभी निर्धारित सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं और किसी भी स्तर पर विलंब न हो।

पुनर्वासितों पर घोषित प्रोत्साहन राशि का एक माह के भीतर होगा भुगतान

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने पुनर्वास नीति का पालन करते हुए पुनर्वासित युवाओं को घोषित प्रोत्साहन राशि का अगले एक माह के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही नक्सल पीड़ितों एवं पुनर्वासितों को दी जाने वाली सुविधाओं के लिए तैयार डेश बोर्ड में जानकारी प्रविष्ट करने को कहा। उन्होंने माओवादियों द्वारा लुटे गए हथियारों की बरामदगी पर अंतर्राज्यीय समिति बनाकर मिलान करने एवं जंगल में कोई भी हथियार ना छूटे यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रमुख सचिव सुश्री निहारिका सिंह बारिक, सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत, एडीजी श्री विवेकानंद सिन्हा सहित गृह विभाग, पुलिस विभाग तथा संबंधित जिलों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai releases 29th instalment; ₹ 626.25 crore transferred to over 66 lakh women through DBT

Raipur, July 11, 2026/ Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai on Saturday released the 29th instalment of the Mahtari Vandan Yojana, transferring ₹ 626.25 crore through Direct Benefit Transfer (DBT) to the bank accounts of more than 66 lakh women across Chhattisgarh from his official residence here.

Congratulating the beneficiaries, Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai said the scheme has emerged as a symbol of women's dignity, financial independence and economic empowerment. He said the state government remains committed to increasing women's participation in the economy and making them financially self-reliant.

With the latest release, the government has transferred a cumulative ₹ 18,805.83 crore directly into the bank accounts of beneficiaries in 29 instalments under the scheme, he said.

Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai said the Chhattisgarh Government is implementing Prime Minister Shri Narendra Modi's vision of women's empowerment with full commitment. Recalling his interactions with women during visits across the state, he said many beneficiaries had shared how the monthly assistance had transformed their lives.

Many women have used the financial assistance to start small businesses, while others have taken up tailoring, embroidery and other self-employment activities. Several families have utilised the support for their children's education, healthcare and other essential household needs. These experiences, he said, reflect the scheme's success and its long-term social impact.

Shri Sai said the government is complementing the Mahtari Vandan Yojana with initiatives such as Lakhpati Didi to enhance women's incomes and promote financial self-reliance. He directed officials to complete the e-KYC process at the earliest to ensure that every eligible woman receives the benefits of the scheme, with special emphasis on expediting the exercise in Bastar division.

Launched on March 1, 2024, Mahtari Vandan Yojana provides eligible married women aged 21 years and above with monthly financial assistance of ₹ 1,000 through direct transfer to their bank accounts. Besides providing regular financial support, the scheme has helped strengthen household nutrition, support children's education and healthcare, combat malnutrition and anaemia, and encourage women to take up self-employment.

Women and Child Development Minister Smt. Laxmi Rajwade was present on the occasion.

 

नक्सल मुक्त गांवों की प्राकृतिक खेती बनेगी नई पहचान

एपीडा, कृषि एवं पंचायत विभाग के साथ बनी कार्ययोजना, बस्तर संभाग में होगा विशेष सर्वे और परीक्षण

रायपुर, 11 जुलाई 2026/ बस्तर संभाग के जैविक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बड़े बाजारों तक पहुंचाने तथा किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने शुक्रवार को नवा रायपुर अटल नगर स्थित महानदी भवन (मंत्रालय) में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में बस्तर के उन गांवों की पहचान कर उनका जैविक प्रमाणन कराने के निर्देश दिए, जहां आज तक किसानों ने रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे गांव छत्तीसगढ़ की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर हैं और इनकी जैविक पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया जाना चाहिए।

बस्तर प्रवास के अनुभव से बनी नई पहल

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि हाल ही में नारायणपुर और कांकेर के नक्सल मुक्त हुए ग्रामों के अपने बस्तर प्रवास के दौरान अनेक किसानों ने उन्हें जानकारी दी थी कि उन्होंने अपने खेतों में कभी भी रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे गांवों को चिन्हित कर राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (एनपीओपी) से जोड़ा जाए, ताकि उनके उत्पादों का विधिवत जैविक प्रमाणन कराया जा सके और उन्हें देश के बड़े बाजारों के साथ-साथ यूरोप सहित अन्य विदेशी बाजारों तक पहुंचाया जा सके।

जैविक प्रमाणन से किसानों की आय में होगा बड़ा इजाफा

श्री शर्मा ने कहा कि जैविक प्रमाणन के बाद बस्तर के किसानों को उनके उत्पादों का वर्तमान मूल्य की तुलना में तीन से चार गुना अधिक मूल्य प्राप्त हो सकेगा। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन मिलेगा तथा बस्तर की विशिष्ट कृषि पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

यूरोपीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए बनेगी रणनीति

बैठक में बस्तर के जैविक उत्पादों को यूरोप सहित अन्य देशों के बाजारों तक पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (एनपीओपी), सहभागी गारंटी प्रणाली (पीजीएस) के अंतर्गत आवश्यक प्रमाणन प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्ता, प्रमाणन और विपणन की पूरी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए ताकि बस्तर के उत्पाद वैश्विक बाजार में अपनी अलग पहचान बना सकें। इसके लिए ग्राम स्तर पर सहकारी समितियों का निर्माण कर उत्पादन का हर किसी को भागीदार बनाया जाएगा।

बस्तर के जिलों में जाएंगे संयुक्त दल, होगी टेस्टिंग

उप मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के संचालक श्री अश्विनी देवांगन के साथ दो संयुक्त दल गठित कर नारायणपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, कांकेर और बीजापुर जिलों का दौरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये दल एपीडा और कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर जैविक क्षेत्रों का सर्वेक्षण करेंगे तथा जैविक उत्पादों के लिए आवश्यक परीक्षण और तकनीकी प्रक्रिया पूरी करेंगे। इसके द्वारा पूरे ग्राम पंचायतों को जैविक प्रमाणन दिलाकर बस्तर के उत्पादों को बिहान के छत्तीसकला ब्रांड द्वारा एक्सपोर्ट किया जाएगा।

जैविक प्रमाणन में ली जाएगी छूट

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने एनपीओपी प्रमाणन के लिए आवश्यक तीन सालों की अवधि की आवश्यकता को बस्तर की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए छूट देने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त वनोत्पादों को प्रमाणन की आवश्यकता ना होने से उसे भी एक्सपोर्ट रेडी करने के लिए तैयारी करने को कहा ताकि बस्तर के लोगों को वनोत्पादों का उचित मूल्य प्राप्त हो सके।

प्रमाणन संस्थाओं का भी लिया जाएगा सहयोग

उप मुख्यमंत्री ने जैविक प्रमाणन की प्रक्रिया को गति देने के लिए छत्तीसगढ़ की प्रमाणन संस्थाओं की सेवाएं लेने तथा सभी आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी कदम शीघ्र उठाने के निर्देश भी दिए। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, सचिव श्री भीम सिंह, सचिव श्री धर्मेश साहू, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक श्री तारन प्रकाश सिन्हा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के संचालक श्री अश्विनी देवांगन, एपीडा के अधिकारी, कृषि विभाग के अधिकारी तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री ने जारी की महतारी वंदन योजना की 29वीं किश्त, 66 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में डीबीटी से 626.25 करोड़ रुपये अंतरित

29 किश्तों में अब तक 18,805.83 करोड़ रुपये सीधे महिलाओं के खातों में पहुंचे

'लखपति दीदी' सहित विभिन्न योजनाओं से महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता को मिल रही नई मजबूती

रायपुर 11 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से महतारी वंदन योजना की 29वीं किश्त जारी करते हुए प्रदेश की 66 लाख से अधिक माताओं-बहनों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 626.25 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश की माताओं-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक स्वावलंबन की नई पहचान बन चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज की किश्त के साथ योजना के अंतर्गत अब तक 29 किश्तों में कुल 18,805.83 करोड़ रुपये की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में नारी शक्ति के सशक्तिकरण का जो व्यापक अभियान चल रहा है, छत्तीसगढ़ सरकार उसी संकल्प को पूरी प्रतिबद्धता के साथ धरातल पर उतार रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों के प्रवास के दौरान माताएं और बहनें स्वयं उन्हें बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। अनेक महिलाओं ने इस राशि से छोटे व्यवसाय शुरू किए हैं, कई ने सिलाई-कढ़ाई एवं स्वरोजगार अपनाया है, जबकि बड़ी संख्या में परिवारों ने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति में इसका उपयोग किया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के ये अनुभव इस योजना की वास्तविक सफलता और उसके दूरगामी सामाजिक प्रभाव के प्रमाण हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार महतारी वंदन योजना के साथ-साथ 'लखपति दीदी' जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से भी महिलाओं की आय बढ़ाने, उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर शत-प्रतिशत पात्र महिलाओं तक योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से बस्तर संभाग में इस कार्य को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश भी दिए।

उल्लेखनीय है कि महतारी वंदन योजना 1 मार्च 2024 से प्रदेश में लागू की गई है। योजना के तहत 21 वर्ष या उससे अधिक आयु की पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जाती है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल मिलने के साथ परिवार के पोषण, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, कुपोषण एवं एनीमिया की रोकथाम तथा स्वरोजगार जैसी गतिविधियों को भी नई मजबूती मिली है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पदोन्नत डिप्टी कलेक्टर ने किया अभिनंदन

 

अतिथि विद्वानों की मांगों के संबंध में विचार के लिए सरकार ने गठित की है समिति
उच्च शिक्षा में हमारी सकल पंजीयन दर राष्ट्रीय औसत से भी बेहतर
मप्र को 2029 तक नशामुक्त प्रदेश बनाने सभी एकजुट होकर करेंगे प्रयास
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रदेश स्तरीय अतिथि विद्वान सम्मेलन में हुआ अभिनंदन

 

5,017 करोड़ से बनेगा 98.73 किमी लंबा ग्रीनफील्ड कॉरीडोर
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों की रफ्तार और बढ़ी
फोरलेन कॉरीडोर एक हाइवे नहीं, क्षेत्र के समग्र विकास और अर्थव्यवस्था का बनेगा नया स्पीड ट्रैक
दिसम्बर 2027 तक बनकर तैयार होगा उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन कॉरीडोर
वर्तमान जावरा-उज्जैन मार्ग का किया जाएगा चौड़ीकरण
रतलाम से फोरलेन से जुड़ेगा खाचरौद-नागदा
खाचरौद में बनेगी मटर मंडी, खुलेगी फूड प्रोसेसिंग यूनिट भी
अटलावदा-निनावटखेड़ा चंबल नदी पर बनाया जाएगा बांध
नागदा में खुलेगा नया आईटीआई
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन प्रोजेक्ट का किया भूमि पूजन
केंद्रीय विद्यालय नागदा सहित जन सेवा प्रहरी अभियान का किया शुभारंभ

 

मुख्य सचिव ने ली अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक

रायपुर, प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस समारोह हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी गरिमापूर्वक मनाया जाएगा। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन की तमाम तैयारियों को लेकर अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में स्वतंत्रता दिवस के आयोजन की तैयारियों के संबंध में व्यापक विचार-विमर्श किया गया। बैठक में बताया गया कि राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन प्रातः 9 बजे से होगा।

स्वतंत्रता दिवस समारोह की विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई। स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर शानदार परेड का आयोजन होगा। समारोह स्थल पर परेड कार्यक्रम में भाग लेने वाली टुकड़ियों के निर्धारण एवं रिहर्सल हेतु पुलिस उप महानिरीक्षक छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल द्वारा पुलिस महानिदेशक के मार्ग दर्शन में सभी आवश्यक तैयारियां एवं व्यवस्था की जाएगी। इसी तरह से यातायात, पार्किंग,ट्रैफिक एवं सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस महानिरीक्षक रायपुर द्वारा की जाएगी। कार्यक्रम स्थल पर साफ-सफाई की व्यवस्था तथा मंच/पंडाल व्यवस्था और बैठक व्यवस्था का निर्धारण आयुक्त नगर पालिक निगम रायपुर के द्वारा की जाएगी। स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले कार्यक्रमों का निर्धारण स्कूल शिक्षा विभाग तथा संस्कृति विभाग द्वारा किया जाएगा। स्कूली बच्चों को सांस्कृतिक कार्यक्रम के रिहर्सल कार्यक्रम में सभी व्यवस्थाओं कलेक्टर रायपुर द्वारा की जायेंगी।

इसी तरह से स्वतंत्रता दिवस समारोह के संबंध में अन्य विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। जिला एवं तहसील स्तर पर आयोजित किए जाने वाले स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों के निर्धारण के संबंध में शीघ्र ही निर्देश सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किए जाएंगे। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर 7 से 15 अगस्त तक सभी शासकीय कार्यक्रमों में वंदे मातरम् का गायन किया जाएगा। इसके लिए संस्कृति विभाग दिशा-निर्देश जारी करेगा।

बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, कलेक्टर रायपुर श्री गौरव कुमार सिंह, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सहित अन्य विभाग के अधिकारी शामिल हुए।

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