ईश्वर दुबे
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12.07 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का किसानों को वितरण
रायपुर, अगस्त 2026/ प्रदेश में खेती किसानी का कार्य जोरों पर है। राज्य में 25 अगस्त की स्थिति में राज्य के 47.40 लाख हेक्टेयर क्षेत्रों में लक्ष्य का 97 प्रतिशत बोनी पूर्ण हो चुकी है। इस खरीफ सीजन में 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 12.07 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का किसानों को वितरण किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश किसानों को सुगमता से मिले खाद-बीज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किसानों को खेती-किसानी में सहुलियतें प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक सहयोग करने संबंधित अधिकारियों निर्देशित किए गए हैं। उन्होंने किसानों को उनकी मांग के अनुसार सुगमता के साथ प्रमाणित खाद-बीज का वितरण करने को कहा हैं। खाद-बीज वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही सोसायटियों में पर्याप्त खाद-बीज का भण्डारण कर सतत निगरानी करने को कहा गया है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा इन पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।
राज्य में अब तक 47.40 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों की हो चुकी बोनी
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के किसानों को अब तक 12.07 लाख मीट्रिक टन खाद और 4.58 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया जा चुका है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में मानसून के साथ शुरू हुए खेती-किसानी में बोनी का रकबा भी निरंतर बढ़ते जा रहा है। खेती का प्रारंभिक कार्य लगभग अंतिम चरण में है। राज्य में अब तक 47.40 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों जैसे धान, मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली, रामतिल आदि की बोनी हो चुकी है, जो लक्ष्य का 97 प्रतिशत है। इस खरीफ सीजन में राज्य सरकार ने 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य रखा है।
12.07 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का किसानों को वितरण
प्रदेश में इस खरीफ सीजन में 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उक्त लक्ष्य के विरूद्ध 16.67 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में भंडारण किया गया है। उक्त भंडारण के विरूद्ध 12.07 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 72 प्रतिशत है।
4.58 लाख क्विंटल बीज का किसानों को वितरण
इसी प्रकार खरीफ सीजन 2026 के लिए बीज निगम द्वारा प्रदेश में 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरूद्ध 4.80 लाख क्विंटल बीज का भंडारण कर अब तक 4.58 लाख क्विंटल बीज का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो मांग का 93 प्रतिशत है।
प्रदेश में अब तक 839.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज
अधिकारियों ने बताया कि 25 अगस्त सुबह तक की स्थिति में प्रदेश में अब तक 839.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिमी है। गौरतलब है कि औसत दर्ज वर्षा जिलों की आज तक की औसत वर्षा पिछले 10 वर्षाे के आधार पर 810.2 मिमी. से 29.2 मिली मीटर अधिक है। गत वर्ष इसी अवधि में 821.0 मिली मी. वर्षा दर्ज की गई थी।
जरूरतमंद किसानों को 7778.76 करोड़ रूपये का अल्पकालीन कृषि ऋण का वितरण
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार किसानों को खेती-किसानी में सहूलियते हो इस उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अल्प कालीन कृषि ऋण उपलब्ध करा रहे है। चालू खरीफ सीजन 2026 के लिए 24 अगस्त की स्थिति में 7778.76 करोड़ रूपए का ऋण वितरण किया है, जबकि गत वर्ष इसी अवधि में 6449.95 करोड़ रूपए का ऋण वितरण किया गया था। इस वर्ष किसानों को 8800 करोड़ रूपए ऋण वितरण किये जाने का लक्ष्य रखा गया है।
रायपुर, 25 अगस्त 2026/मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को निवास कार्यालय में संसदीय संकुल विकास परियोजना मिनवाखाड़ पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया।
इस अवसर पर कृषि एवं आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, विधायक श्री प्रबोध मिंज उपस्थित थे।
‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में राष्ट्ररक्षा के संकल्प और भाई-बहन के स्नेह का हुआ भावपूर्ण संगम
शहीद उपनिरीक्षक श्री युगल किशोर वर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री की कलाई पर बांधी राखी, भावुक हुए मुख्यमंत्री श्री साय
शहीदों के परिवार हमारे अपने परिवार : उनके सम्मान और हर सुख-दुःख में साथ खड़ी है सरकार - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
सुरक्षा बलों के लगभग 800 जवानों को स्कूली बेटियों, दिव्यांग बेटियों और महिला समूहों की दीदियों ने बांधी राखी
रक्षाबंधन से पहले लगभग 68 लाख बहनों को महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में मिलेंगे 631 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने रायपुर जिले के पांच अभिनव प्रोजेक्ट्स का किया शुभारंभ
रायपुर 25 अगस्त 2026/ रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले राजधानी रायपुर में आज भाई-बहन के स्नेह और राष्ट्ररक्षा के संकल्प का भावपूर्ण संगम देखने को मिला। बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में केंद्रीय सुरक्षा बलों, सेना और पुलिस के जवानों की कलाइयों पर जब स्कूली बेटियों, दिव्यांग बेटियों और महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों ने रक्षा सूत्र बांधे तो पूरा वातावरण आत्मीयता, सम्मान और कृतज्ञता के भाव से भर उठा।
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब वर्ष 2017 में रक्षाबंधन के ठीक एक दिन पूर्व नक्सली मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए शहीद उपनिरीक्षक श्री युगल किशोर वर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री इस अवसर पर भावुक हो उठे। उन्होंने शहीद श्री वर्मा के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए शहीद जवानों के परिवारों के साथ सदैव खड़े रहने का संकल्प दोहराया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राखी का यह धागा केवल भाई-बहन के स्नेह का बंधन नहीं, बल्कि एक शहीद परिवार के विश्वास और अपनत्व का प्रतीक है। हमारे वीर जवानों का बलिदान और उनके परिवारों का त्याग छत्तीसगढ़ कभी नहीं भूल सकता। शहीदों के परिवार हमारे अपने परिवार हैं और उनके सम्मान, स्वाभिमान तथा हर सुख-दुःख में उनके साथ खड़े रहने का यह रिश्ता सदैव अटूट रहेगा।
नक्सलवाद के अंत से बहनों को मिला सुरक्षा और विश्वास का सबसे बड़ा उपहार
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि देश और छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद के आतंक से मुक्त कराने के लिए हमारे सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस का परिचय दिया है और अनेक जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया है। नक्सलवाद के अंत की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़ हमारी बहनों के लिए सुरक्षा और विश्वास का सबसे बड़ा उपहार है। अब वह समय आ रहा है जब नक्सल हिंसा के कारण किसी बहन का सुहाग नहीं उजड़ेगा, किसी मां को अपना बेटा नहीं खोना पड़ेगा और किसी बहन को अपने भाई के सकुशल घर लौटने की चिंता नहीं सताएगी।
उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प तथा सुरक्षा बलों के साहस और पराक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता ने बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में शांति और विकास के नए युग का मार्ग प्रशस्त किया है। इस परिवर्तन में बस्तर की जनता का विश्वास और सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बस्तर की पहचान हिंसा से नहीं, बल्कि शांति, विकास, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, पर्यटन और नई संभावनाओं से होगी। लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण विकास से वंचित रहे क्षेत्रों तक सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार के अवसर तेजी से पहुंचाए जा रहे हैं। सरकार का संकल्प बस्तर को देश के श्रेष्ठ और विकसित आदिवासी अंचलों में शामिल करना है।
जवानों की कलाइयों पर सजी बहनों की राखी
‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में सीआईएसएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, सेना और पुलिस के लगभग 800 जवान शामिल हुए। स्कूली छात्राओं, दिव्यांग बेटियों, स्वच्छता दीदियों, ड्रोन दीदियों, लखपति दीदियों और महिला स्व-सहायता समूहों की बहनों ने जवानों की कलाइयों पर राखी बांधी और राष्ट्र तथा समाज की सुरक्षा में उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा आत्मीय और अद्भुत दृश्य पहली बार देखा है। देश और प्रदेश की सुरक्षा के लिए घर-परिवार से दूर रहकर कठिन परिस्थितियों में अपने कर्तव्य का निर्वहन करने वाले जवानों को जब इतनी बड़ी संख्या में बहनों ने राखी बांधी तो रक्षाबंधन का पर्व अपने व्यापक अर्थ में साकार होता दिखाई दिया। हमारे जवान केवल सीमाओं और समाज के सुरक्षा प्रहरी नहीं, बल्कि प्रदेश की बहनों के भाई भी हैं।
इस अवसर पर सुरक्षा बलों के जवानों ने भी बहनों की रक्षा, सम्मान और सुरक्षा का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों के जवानों के शौर्य और समर्पण को नमन करते हुए नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई में उल्लेखनीय योगदान देने वाले जवानों का सम्मान किया।
बहनों का स्नेह मेरी सबसे बड़ी शक्ति : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें छत्तीसगढ़ की लाखों-करोड़ों बहनों का अपार स्नेह और आशीर्वाद मिला है। बहनों का यही विश्वास और अपनापन जनसेवा के लिए नई ऊर्जा देता है। राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के साथ उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण आज शासन की नीतियों के केंद्र में है। छत्तीसगढ़ में 2 लाख 42 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों से करीब 30 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। लखपति दीदी अभियान ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है और प्रदेश की 13 लाख 85 हजार बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिलाएं अब परिवार की आर्थिक शक्ति बनने के साथ गांव और समाज के विकास का नेतृत्व भी कर रही हैं।
रक्षाबंधन से पहले लगभग 68 लाख बहनों को 631 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की माताओं-बहनों के आर्थिक स्वावलंबन और आत्मसम्मान का मजबूत आधार बनी है। योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के पावन पर्व को ध्यान में रखते हुए महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में लगभग 68 लाख बहनों के बैंक खातों में करीब 631 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रदेश की माताएं-बहनें आर्थिक रूप से मजबूत बनें, अपने छोटे-बड़े निर्णय स्वयं ले सकें और अपने त्योहार पूरे उत्साह एवं सम्मान के साथ मना सकें।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री साय को भी रक्षा सूत्र बांधा। मुख्यमंत्री ने बहनों का आशीर्वाद प्राप्त करते हुए उनके सुख, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
देश की एकता और जवानों के सम्मान का दिलाया संकल्प
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों को देश की एकता, अखंडता और सम्मान की रक्षा के लिए जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने तथा देश के वीर जवानों के प्रति सदैव सम्मान का भाव रखने का संकल्प दिलाया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा केवल वर्दीधारी जवानों का दायित्व नहीं है। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह देश की एकता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करे तथा राष्ट्रविरोधी शक्तियों के विरुद्ध सजग रहे। जवानों के प्रति सम्मान की भावना समाज और नई पीढ़ी में और मजबूत हो, ‘स्नेह की डोर’ जैसे आयोजन इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।
वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई में केंद्रीय सुरक्षा बलों और पैरामिलिट्री फोर्स का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के संकल्प और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने साहस के साथ नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई लड़ी है।
उन्होंने कहा कि एक समय नक्सल हिंसा के कारण अनेक परिवारों ने अपने बेटे, भाई और जीवनसाथी खोए, लेकिन अब परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। वह दिन दूर नहीं जब किसी बहन को यह नहीं कहना पड़ेगा कि उसका भाई ड्यूटी पर गया था और लौटकर नहीं आया। उन्होंने समाज से वैचारिक रूप से भी सजग रहने और देश की एकता-अखंडता को कमजोर करने वाली प्रवृत्तियों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
रायपुर जिले को मिले पांच अभिनव प्रोजेक्ट्स
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायपुर जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों द्वारा तैयार पांच अभिनव प्रोजेक्ट्स—‘हरित पोषणम्’, ‘प्रोजेक्ट निरामय’, ‘तिरंगा शक्ति फेस्ट’, ‘प्रोजेक्ट अहिगुण्डिकः’ और ‘रायपुर अनफिल्टर्ड’ का शुभारंभ किया।
‘हरित पोषणम्’ के माध्यम से आंगनबाड़ियों और महिला समूहों को फलदार पौधे तथा सब्जियों के उन्नत बीज उपलब्ध कराकर पोषण वाटिकाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर पौष्टिक आहार की उपलब्धता बढ़ाने के साथ महिलाओं और समुदाय को पोषण अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ना है।
‘प्रोजेक्ट निरामय’ के अंतर्गत रायपुर जिले के 215 उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के 65 हजार 920 छात्र-छात्राओं की स्वास्थ्य एवं रक्त जांच की जाएगी। जांच में स्वास्थ्य संबंधी समस्या पाए जाने पर आवश्यकतानुसार निःशुल्क उपचार की व्यवस्था भी की जाएगी।
‘तिरंगा शक्ति फेस्ट’ के माध्यम से रायपुर में प्रत्येक माह सामाजिक समरसता, संस्कृति, सुशासन, युवा नेतृत्व और राष्ट्रभावना से जुड़े विभिन्न आयोजन किए जाएंगे। इसका उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं को सामाजिक सरोकारों और राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ना है।
‘रायपुर अनफिल्टर्ड’ के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठित हस्तियों, कलाकारों और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों के जीवन, अनुभव और विचारों को पॉडकास्ट के माध्यम से सामने लाया जाएगा।
‘प्रोजेक्ट अहिगुण्डिकः’ के माध्यम से जिले के सौंरा (सपेरा) समुदाय के परिवारों को शासन की मुख्यधारा और जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, जॉब कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं और आवश्यक दस्तावेजों का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने की पहल की जाएगी।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री सुनील सोनी, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र कुमार साहू, छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कांवड़िया, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह सहित जनप्रतिनिधि, सुरक्षा बलों के अधिकारी-जवान, स्कूली विद्यार्थी, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्य और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
मंत्री पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राजेश अग्रवाल एवं सचिव, छत्तीसगढ़ शासन डॉ. एस भारती दासन विभागीय गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर आज छत्तीसगढ संवाद के आडिटोरियम (अटल नगर, नवा रायपुर) में संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए
जिला और संभाग स्तर पर होंगे कृषि नवाचार संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि संकाय के विद्यार्थियों, किसानों और कृषि स्टार्ट-अप प्रतिनिधियों से किया संवाद
रवीन्द्र भवन में हुआ कृषि नवाचार संवाद कार्यक्रम
पदोन्नति, शासकीय सेवक का अपने काम के प्रति समर्पण का सम्मान है
वन संपदा, जंगल और वन्य प्राणियों की सुरक्षा में वनकर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पदोन्नति प्राप्त वन अधिकारियों-कर्मचारियों को लगाए स्टार
वन सुरक्षा कर्मियों पर केंद्रित वीडियो फिल्म का हुआ प्रदर्शन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने पदोन्नति देने के लिए किया आभार व्यक्त
वन विभाग के कुल 4 हजार 506 अधिकारी-कर्मचारियों को मिली है पदोन्नति
राज्य सरकार हमेशा श्रमिकों के साथ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी करेंगे 119.89 करोड़ रुपए की आवासीय परियोजना का भूमिपूजन एवं शिलान्यास
रायपुर, अगस्त 2026/ नवा रायपुर अटल नगर में आवासीय सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। मुख्य अतिथि आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी 25 अगस्त को दोपहर 12.00 बजे नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-12 फेस-2 में 119.89 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित आवासीय परियोजना का भूमिपूजन एवं शिलान्यास करेंगे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब एवं अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव करेंगे।छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा विकसित की जा रही इस परियोजना से विभिन्न आय वर्ग के लोगों को आधुनिक एवं सुविधायुक्त आवास उपलब्ध होंगे।
नवा रायपुर अटल नगर में आधुनिक अधोसंरचना, स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त वातावरण, बेहतर कनेक्टिविटी, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुविधाओं तथा शासकीय एवं निजी कार्यालयों के विस्तार के कारण आवासीय भवनों की मांग लगातार बढ़ रही है। इसे देखते हुए मंडल द्वारा आवासीय परियोजनाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
सेक्टर-12 फेस-2 में 348 भवनों का निर्माण
सेक्टर-12 फेस-2 में शेष 29.20 एकड़ भूमि पर HIG एवं MIG श्रेणी के कुल 348 भवनों का निर्माण किया जाएगा। इन भवनों का बेस विक्रय मूल्य 45.70 लाख रुपए से 85.17 लाख रुपए तक निर्धारित किया गया है। आवासों की बढ़ती मांग के कारण इस परियोजना को लेकर नागरिकों में विशेष रुचि देखी जा रही है।
704 नए फ्लैट का भी होगा निर्माण
सेक्टर-12 फेस-2 में आवासों की बढ़ती मांग को देखते हुए आगामी चरण में 704 नए फ्लैट का निर्माण भी शीघ्र किया जाएगा। इनमें 128 HIG, 320 MIG एवं 256 LIG श्रेणी के फ्लैट शामिल हैं। इन आवासों का बेस विक्रय मूल्य 16.76 लाख रुपय से 40.47 लाख रुपए तक प्रस्तावित है। इससे विभिन्न आय वर्ग के परिवारों को नवा रायपुर अटल नगर में आधुनिक एवं सुव्यवस्थित आवास उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
नवा रायपुर में मंडल की आवासीय परियोजनाओं का लगातार विस्तार
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में योजनाबद्ध तरीके से आवासीय कॉलोनियों का विकास किया जा रहा है। मंडल ने वर्ष 2007 में सेक्टर-27 की 154 एकड़ भूमि पर अपनी प्रथम आवासीय कॉलोनी का शुभारंभ किया था। यहां 2665 स्वतंत्र भवन एवं फ्लैट का निर्माण वर्ष 2014 में पूर्ण कर आबंटियों को सौंपा गया।
इसी क्रम में वर्ष 2011 में सेक्टर-29 की 145 एकड़ भूमि पर द्वितीय आवासीय कॉलोनी प्रारंभ की गई। यहां 3012 स्वतंत्र भवन एवं फ्लैट का निर्माण वर्ष 2015 में पूर्ण कर आबंटियों को प्रदान किया गया।
प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत सेक्टर-16, 30 एवं 34 की 43 एकड़ भूमि पर वर्ष 2016 में आवास निर्माण प्रारंभ किया गया। इस परियोजना में कमजोर आय वर्ग के लिए 2312 EWS एवं 2232 LIG, कुल 4544 फ्लैट का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से 1871 भवनों का आधिपत्य हितग्राहियों को सौंपा जा चुका है, जहां हितग्राही निवासरत हैं।
वहीं, सेक्टर-12 फेस-1 में 40.06 एकड़ भूमि पर वर्ष 2018 में आवासीय परियोजना प्रारंभ की गई थी। यहां HIG एवं MIG श्रेणी के 450 स्वतंत्र भवनों का निर्माण एवं विकास कार्य पूर्ण कर आबंटियों को भवन सौंपे जा चुके हैं।
स्वच्छ वातावरण और आधुनिक सुविधाओं से बढ़ रही आवासों की मांग
नवा रायपुर अटल नगर शासकीय एवं निजी कार्यालयों के साथ आधुनिक अधोसंरचना के केंद्र के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। यहां स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त वातावरण, सुव्यवस्थित यातायात, आधुनिक शिक्षा व्यवस्था और बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध होने के कारण लोगों की आवासीय रुचि लगातार बढ़ रही है।
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल जनसामान्य की आवास संबंधी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। मंडल द्वारा विभिन्न आय वर्ग के लोगों को गुणवत्तापूर्ण, सुव्यवस्थित एवं आधुनिक सुविधाओं से युक्त आवास उपलब्ध कराने के साथ-साथ नवा रायपुर अटल नगर के सुनियोजित एवं समग्र विकास को गति दी जा रही है।
रायपुर, अगस्त 2026/ राजधानी रायपुर के मुक्ताकाशी मंच पर घुमड़ते बादलों, सावन की फुहारों और सुर-ताल की मनोहारी संगति के बीच ‘पावस प्रसंग’ का भव्य सांस्कृतिक आयोजन हुआ। प्रकृति के मनोहारी परिवेश में शास्त्रीय नृत्य और संगीत की भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने वर्षा ऋतु की अनुभूतियों को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम के दौरान वातावरण कभी बादलों की गरज से गूंजा तो कभी शास्त्रीय सुरों और घुंघरुओं की झंकार से संगीतमय हो उठा।
‘पावस प्रसंग’ में वर्षा ऋतु के विविध भावों को कथक नृत्य और शास्त्रीय गायन के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में सुश्री शाश्वती बैनर्जी ने कथक नृत्य की भावपूर्ण प्रस्तुति से सावन की उमंग, बादलों की गरज और वर्षा की रिमझिम को नृत्य मुद्राओं के माध्यम से साकार किया। उनकी प्रस्तुति में भाव, लय और ताल का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
इसके साथ ही मेघा बोस ने शास्त्रीय गायन की मनोहारी प्रस्तुति दी। उनके सुमधुर स्वरों ने पावस ऋतु की कोमल अनुभूतियों को स्वर प्रदान किया और उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुक्ताकाशी मंच पर शास्त्रीय संगीत की यह प्रस्तुति विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रही।
सुश्री इशिका गिरी ने भी कथक नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति देकर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। उनकी नृत्य प्रस्तुति में शास्त्रीय नृत्य की बारीकियों के साथ वर्षा ऋतु के उल्लास और सौंदर्य का प्रभावी चित्रण दिखाई दिया। वहीं मेवाती घराने के शास्त्रीय गायक श्री प्रदीप कुमार चौबे ने अपनी सुमधुर गायकी से पावस ऋतु की अनुभूतियों को सुरों में पिरोया। उनकी प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को सुरमयी बना दिया।
कलाकारों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान साहित्य परिषद के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा ने मंच पर प्रतिभागी कलाकारों को सम्मानित किया। उन्होंने कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय शास्त्रीय कला परंपरा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है और कला के प्रति नई पीढ़ी की रुचि भी बढ़ती है।
कार्यक्रम के संचालक डॉ. संजय कनौजे ने भी कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने प्रस्तुतियों की प्रशंसा करते हुए कलाकारों को विभिन्न मंचों पर सम्मान और प्रोत्साहन दिए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कला और संस्कृति समाज को संवेदनशील बनाने के साथ हमारी परंपराओं को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
कला प्रेमियों से सजा मुक्ताकाशी मंच
कार्यक्रम में उप संचालक श्री उमेश मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार एवं फोटोग्राफर श्री दीपेंद्र दीवान तथा श्री उदयभान सिंह सहित बड़ी संख्या में कला प्रेमी, श्रोता और दर्शक उपस्थित रहे। खुले आकाश के नीचे बादलों से घिरे मनोहारी वातावरण में शास्त्रीय संगीत और कथक की प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को पावस ऋतु के सौंदर्य का अनूठा अनुभव कराया।
‘पावस प्रसंग’ की शाम प्रकृति और कला के अद्भुत संगम की साक्षी बनी। एक ओर आसमान में घुमड़ते बादल और सावन की फुहारें थीं, तो दूसरी ओर मंच पर कथक की लय, घुंघरुओं की झंकार और शास्त्रीय गायन के मधुर सुर। कलाकारों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने सावन के रंग, उमंग और संवेदनाओं को इस तरह साकार किया कि मुक्ताकाशी मंच पर पावस केवल मौसम नहीं, बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक अनुभूति बन गया।
जनसुविधा आधारित ई-बस रूट तैयार करने, 30 सितम्बर तक प्रगतिरत आवासों को पूर्ण करने, वेस्ट-टू-एनर्जी के लिए व्यवहारिक वित्तीय मॉडल और 15वें वित्त आयोग के कार्यों की बेहतर प्लानिंग के दिए निर्देश
रायपुर. अगस्त 2026. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आज मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री ई-बस योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत प्रस्तावित वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना तथा 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने योजनाओं की व्यवहारिकता, वित्तीय पक्ष, समयबद्ध क्रियान्वयन तथा नागरिकों को मिलने वाले लाभों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने इन योजनाओं के क्रियान्वयन में जनसुविधा, समग्र योजना, समयबद्धता, वित्तीय व्यवहार्यता और दीर्घकालिक स्थिरता को प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की समय-सीमा में पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुमित अग्रवाल भी बैठक में मौजूद थे।
प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बैठक में प्रधानमंत्री ई-बस योजना के तहत रायपुर में ई-बसों के संचालन को व्यवस्थित, सुविधाजनक और अधिक जनोपयोगी बनाने के लिए व्यापक रूट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई-बसों के रूट निर्धारित करते समय रायपुर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों के साथ स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थलों को शामिल करें, ताकि शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सके और अधिक से अधिक नागरिक सार्वजनिक परिवहन का लाभ उठा सकें। उन्होंने प्रस्तावित बस रूटों की व्यवहारिकता, यात्री आवागमन एवं कनेक्टिविटी का आकलन करने के लिए विस्तृत सर्वे प्लान तैयार कराने के निर्देश दिए। साथ ही पीपीपी मॉडल के आधार पर बस-स्टॉप्स की सूची तैयार करने तथा बस-स्टॉप्स का निर्धारण यात्रियों की सुविधा और आवश्यकता के अनुरूप करने को कहा।
प्रमुख सचिव ने यात्रियों की सुविधा और आम नागरिकों की भुगतान क्षमता को ध्यान में रखते हुए युक्तिसंगत एवं सुविधाजनक किराया निर्धारित करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई-बस योजना को आधुनिक एवं नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए नवीन तकनीकों का प्रभावी उपयोग किया जाए। बस-रूट, बस-स्टॉप, बसों की उपलब्धता एवं यात्री सुविधाओं से संबंधित व्यवस्थाओं को तकनीक आधारित बनाते हुए ऐसी कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे यात्रियों को सुगम, सुरक्षित और बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सके।
श्री बोरा ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों को मिशन अवधि की अंतिम निर्धारित तिथि 30 सितम्बर 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरीय निकायों में शेष एवं निर्माणाधीन आवासों की संख्या के आधार पर साप्ताहिक लक्ष्य निर्धारित कर विशेष ड्राइव चलाने तथा आवास निर्माण को मिशन मोड में पूर्ण करने को कहा। उन्होंने प्रत्येक नगरीय निकाय स्तर पर आवासों की प्रगति की नियमित समीक्षा करने और जहां निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है, वहां आवश्यक समन्वय कर कार्यों में तेजी लाने को कहा।
प्रमुख सचिव ने जिला कलेक्टरों को भी जिले में शेष आवासों को पूर्ण कराने के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने तथा उनकी सतत समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन एवं नगरीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से लंबित आवासों को समय-सीमा में पूर्ण कराया जाए। आवास निर्माण में आने वाली तकनीकी, प्रशासनिक व अन्य समस्याओं की समयबद्ध पहचान कर उनका निराकरण सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने हितग्राहियों के आवास निर्माण की वास्तविक प्रगति के आधार पर योजना के प्रावधानों के अनुसार किस्त की राशि का भुगतान समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि हितग्राहियों को आवश्यक वित्तीय सहायता मिल सके और निर्माण कार्य में गति बनी रहे।
रायपुर, अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code - UCC) लागू करने शासन द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति की उपस्थिति में आगामी 27 अगस्त 2026 को राजधानी के कन्वेंशन हॉल, न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन, रायपुर में एक राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की जा रही है।
इस महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय पर व्यापक विचार-विमर्श करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 200 जिनमें आयेाग, निगम, मंडल, विभिन्न सामाजिक संगठनों, समाज प्रमुखों, विकास प्राधिकरणों के प्रदाधिकारियों, प्रबुद्ध नागरिक, जनप्रतिनिधि और विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है। बैठक में शामिल होने वाले प्रतिनिधियों के विचार, अनुभव और सुझाव कानून के भावी स्वरूप को गढ़ने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बैठक में समान नागरिक संहिता के विभिन्न प्रावधानों, सामाजिक प्रभावों और व्यावहारिक पहलुओं पर गहराई से चर्चा की जाएगी। राज्य शासन का उद्देश्य एक ऐसा समावेशी और संतुलित प्रारूप तैयार करना है जो राज्य के सभी वर्गों के हितों का ध्यान रख सके। विस्तृत चर्चा/सुझाव हेतु विभिन्न समूह को पृथक से भी आमंत्रित किया जाएगा, समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code - UCC) का online सुझाव इस पर भी दिया जा सकता है
प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा पदस्थापना आदेश जारी, 15 दिनों में ज्वाइनिंग के निर्देश
उच्चतम न्यायालय में स्थगन के निराकरण के दो दिनों के भीतर विभाग ने जारी किए नियुक्ति आदेश
बड़ी संख्या में युवा इंजीनियरों की नियुक्ति से जल जीवन मिशन एवं अन्य कार्यों में आएगी और गति – उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव
रायपुर. अगस्त 2026. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने 111 उप अभियंताओं की नियुक्ति के आदेश जारी किए हैं। इनमें 101 सिविल अभियंता और 10 विद्युत/यांत्रिक अभियंता शामिल हैं। प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा नियुक्ति के साथ ही सभी चयनित उप अभियंताओं की पदस्थापना के आदेश भी जारी किए गए हैं। चयनितों को नियुक्ति आदेश जारी होने के 15 दिनों के भीतर पदस्थापना कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने कहा गया है। निर्धारित तिथि तक उपस्थित नहीं होने की स्थिति में नियुक्ति स्वयंमेव निरस्त मानी जाएगी।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में उप अभियंता (सिविल) के 118 पदों तथा उप अभियंता (विद्युत/यांत्रिकी) के 10 पदों पर भर्ती के लिए व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा अप्रैल-2025 में लिखित परीक्षा ली गई थी। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद जुलाई-2025 में विभाग द्वारा व्यापम की मेरिट सूची के अनुसार अभ्यार्थियों के दस्तावेज परीक्षण और पदस्थापना विकल्प के संबंध में कांउसलिंग के बाद उच्चतम न्यायालय में दायर स्थगन के कारण नियुक्ति प्रक्रिया विलंबित रही। उच्चतम न्यायालय द्वारा 20 अगस्त 2026 को याचिका के निराकरण के बाद उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर विभाग ने तत्काल 22 अगस्त को प्रथम चरण में अनुशंसित चयन सूची के अनुसार सिविल के 101 उप अभियंताओं तथा विद्युत/यांत्रिकी के 10 उप अभियंताओं के पदस्थापना आदेश जारी कर दिए हैं।
उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव ने एक साथ इतनी बड़ी संख्या में नियुक्ति पर खुशी जताते हुए कहा कि युवा इंजीनियरों की विभाग में नियुक्ति से विभागीय कार्यों, विशेषकर जल जीवन मिशन के कार्यों में गति आएगी। उच्चतम न्यायालय से प्रकरण के निराकरण के तत्काल बाद हमने नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर पदस्थापना आदेश जारी किए हैं। इन युवा इंजीनियरों की ऊर्जा और तकनीकी दक्षता का लाभ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को मिलेगा।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने सभी चयनितों को पदस्थापना कार्यालय में उपस्थिति देते समय शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, स्थाई जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, सक्षम मेडिकल बोर्ड का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र एवं अन्य प्रमाण पत्रों की मूल प्रति अनिवार्यतः प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मूल तकनीकी शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र के साथ कक्षा दसवीं की अंकसूची जिसमें जन्मतिथि अंकित हो या मूल जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है। ??
डौण्डीलोहारा में आयोजित समारोह में 67 लाख 28 हजार 918 बहनों के खाते में 631 करोड़ से अधिक की राशि का करेंगे अंतरण
रायपुर, अगस्त 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय 25 अगस्त को बालोद जिले के विकासखण्ड मुख्यालय डौण्डीलोहारा के लाल रघुवीर सिंह स्टेडियम में आयोजित बिहान दीदी एवं स्व-सहायता समूह के सम्मान समारोह के अवसर पर महतारी वंदन योजना के 31वीं किस्त 67 लाख 28 हजार 918 हितग्राहियों के खाते में 631 करोड़ 38 लाख 37 हजार 700 रूपये की राशि का अंतरण करेंगे।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु भैय्या के द्वारा रक्षाबंधन के ठीक पूर्व महतारी वंदन योजना की राशि बहनों के खातें में सीधे अंतरण कर लाभान्वित करेंगे। राज्य सरकार के इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से प्रतिमाह मिलने वाली राशि महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक सशक्तिकरण एवं चिकित्सा, स्वास्थ्य तथा सुपोषण के लिए अत्यंत मददगार साबित हो रहा है। इसके अलावा इस राशि का उपयोग राज्य की महिलाओं के द्वारा बेटियों की सुरक्षित एवं सुखद भविष्य हेतु सुकन्या समृद्धि योजना में जमा करने के साथ-साथ विभिन्न आर्थिक गतिविधियों के निष्पादन में भी सहायक सिद्ध हो रहा है। महतारी वंदन योजना से अब तक 30 किस्तों में 19 हजार 444 करोड़ की सहायता राशि बहनों को प्रदान की जा चुकी है। ज्ञातव्य है कि सितंबर 2026 की 31वीं किस्त की सहायता राशि का भुगतान सितंबर माह में किया जाना है, लेकिन मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा बहनों को सौगात के तौर पर सितंबर माह की राशि को राखी त्योहार के पूर्व बहनोें के खातें में अंतरित किया जाएगा।
श्रमिक परिवारों के बच्चे आगे बढ़ेंगे, तभी विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का सपना होगा पूरा
अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से श्रमिकों के प्रतिभावान बच्चों को प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
मुख्यमंत्री ने श्रमिक परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों का किया सम्मान, उनके साथ बैठकर किया भोजन और साझा किए अपने जीवन के अनुभव
मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा - बड़े सपने देखें, खूब मेहनत करें और देश-प्रदेश की सेवा का संकल्प लेकर आगे बढ़ें
1 लाख 45 हजार 841 श्रमिकों के खातों में डीबीटी से अंतरित हुई 39.67 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि
श्रमिक कल्याण की 67 योजनाओं से मिल रही सामाजिक सुरक्षा, ढाई वर्षों में 774 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि सीधे श्रमिकों के खातों में
रायपुर अगस्त 2026/ श्रमिक हमारे विकास की मजबूत नींव हैं। अपने परिश्रम से वे सड़कें, भवन, पुल और विकास की अनेक संरचनाएं खड़ी करते हैं। ऐसे श्रमिक परिवारों के बच्चों को अच्छी शिक्षा और जीवन में आगे बढ़ने के समान अवसर देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। श्रमिक परिवारों के बच्चे पढ़-लिखकर आगे बढ़ेंगे, अपने सपनों को पूरा करेंगे, तभी विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का संकल्प भी साकार होगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।
समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने योजना के अंतर्गत अध्ययनरत बच्चों से आत्मीय संवाद किया और शिक्षा, खेल, कला तथा सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के अंतर्गत 1 लाख 45 हजार 841 श्रमिकों को 39 करोड़ 67 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की गई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को आज व्यवस्थित यूनिफॉर्म में, आत्मविश्वास के साथ अंग्रेजी में संवाद करते और शिक्षा के साथ खेल तथा अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते देखकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। इन बच्चों का आत्मविश्वास इस बात का प्रमाण है कि उचित अवसर और अच्छी शिक्षा मिले तो कोई भी परिस्थिति प्रतिभा को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती।
उन्होंने कहा कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना की शुरुआत पिछले वर्ष 100 बच्चों के साथ की गई थी। इस वर्ष इसका विस्तार करते हुए 200 बच्चों को योजना के अंतर्गत प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में शिक्षा का अवसर दिया गया है। प्रदेश के सभी 33 जिलों से चयनित प्रतिभावान बच्चे राजकुमार कॉलेज, दिल्ली पब्लिक स्कूल और रुंगटा पब्लिक स्कूल जैसे प्रतिष्ठित विद्यालयों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन विद्यालयों में अपने बच्चों को पढ़ाना कभी श्रमिक परिवारों के लिए कठिन सपना हुआ करता था, आज राज्य सरकार उस सपने को साकार कर रही है। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना केवल बच्चों को अच्छे विद्यालयों में प्रवेश दिलाने की योजना नहीं है, बल्कि उन्हें बेहतर वातावरण, आत्मविश्वास और अपने सपनों को पूरा करने के लिए समान अवसर देने की पहल है।
श्रमिकों के परिश्रम से खड़ी होती है विकास की मजबूत बुनियाद
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश और देश के निर्माण में श्रमिकों के योगदान को नमन करते हुए कहा कि शहरों की ऊंची इमारतों से लेकर गांवों की सड़कों तक और बड़े पुलों से लेकर विकास की अनेक अधोसंरचनाओं के पीछे श्रमिकों का परिश्रम है। सरकार का दायित्व है कि राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और समृद्धि सुनिश्चित की जाए।