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Development Works to Be Approved by Gram Panchayats and Gram Sabhas

Raipur, August , 2026/Chief Minister Szri Vishnu Deo Sai on Thursday launched the statewide ‘Meri Beti–Mera Abhiman’ campaign under the Viksit Bharat–Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin) (VB-G RAM G) during a press conference at Mahanadi Bhawan, Nava Raipur. He announced that the special campaign will be conducted from August 15, 2026, to January 26, 2027, with a focus on strengthening the dignity of daughters, improving rural sanitation, enhancing social infrastructure, and promoting water conservation.

As part of the campaign, toilets for girls will be constructed in all government schools in rural areas, while cremation grounds with waiting sheds will be developed in every village. The Chief Minister said 6,671 girls' toilets will be built at a cost of Rs. 286.85 crore, with each unit costing Rs. 4.30 lakh. Similarly, cremation grounds with waiting sheds will be constructed in 6,524 villages at a cost of Rs. 391.44 crore. In contrast, an additional 549 cremation grounds will be developed at a cost of Rs. 18.22 crore.

Giving priority to water conservation, Shri Sai announced that 10,027 closed or defunct borewells across the state will be fitted with sand filters and recharge structures at a cost of Rs. 52.14 crore. He said these structures will help improve groundwater recharge, conserve rainwater, and reduce drinking water shortages in rural areas. He directed officials to approve all priority works and begin implementation without delay.

The Chief Minister said the VB-G RAM G Yojana, which came into effect across the country on July 1, 2026, is the largest rural employment and development initiative undertaken so far. Under the scheme, all development works will be selected with the approval of Gram Panchayats and Gram Sabhas. The daily wage rate has been increased to Rs. 300. He said the scheme would play a key role in realising Prime Minister Shri Narendra Modi's vision of Viksit Bharat 2047.

He informed that Chhattisgarh will receive nearly Rs. 6,855 crore under MGNREGA and VB-G RAM G during the current financial year, representing the largest financial investment in rural employment and infrastructure in the state's history. The Government of India has already released the first instalment of over Rs. 1,538 crore.

Shri Sai said the scheme has been designed to balance the interests of both farmers and workers. To ensure adequate labour availability during agricultural operations, works under the scheme can be suspended for up to 60 days in a year, preventing disruption to farming activities while safeguarding employment opportunities.

The Chief Minister said 318 categories of development works have been included under four major sectors—107 water conservation and augmentation works, 90 rural infrastructure works, 86 livelihood promotion works, and 35 climate adaptation and disaster management works. Water conservation activities will include ponds, check dams, recharge structures, irrigation expansion, soil conservation, and plantation. At the same time, rural infrastructure works will cover roads, culverts, Panchayat buildings, Anganwadi centres, additional classrooms, libraries, laboratories, kitchen sheds, waste management systems, cremation grounds, and veterinary hospitals.

बलौदाबाजार के ऐतिहासिक विकास और युवाओं के स्वर्णिम भविष्य के लिए प्रतिबद्ध

42 लाख रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की हुई घोषणा

रायपुर,  अगस्त 2026/ रायपुर जिला के तिल्दा विकासखंड के ग्राम बहेसर और तुलसी मार्ग के बीच की दूरी को कम करने वाली नई सड़क के भूमिपूजन अवसर पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि जीवन में संघर्ष से मिली सफलता ही इतिहास रचती है। एक साधारण परिवार या मजदूर का बच्चा जब मेहनत के बल पर आईएएस या आईपीएस बनता है, तो वह पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन जाता है। उन्होंने युवाओं से महापुरुषों के विचारों से सीख लेते हुए बिना किसी नकारात्मक प्रतिस्पर्धा के एक-दूसरे के सहयोग से आगे बढ़ने का आह्वान किया।

42 लाख रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की हुई घोषणा

मंत्री श्री वर्मा ने ​क्षेत्रीय जनभावनाओं और बुनियादी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों की सौगात दी। जिसमें बहेसर में साइकिल स्टैंड निर्माण के लिए 5 लाख रुपये, रंगमंच के समीप ज्योति कलश हेतु 5 लाख रुपये और रघुनंदन वर्मा के घर से मुख्य मार्ग तक सीसी रोड निर्माण के लिए 5 लाख रुपये की घोषणा शामिल है। इसके साथ ही शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बहेसर के प्राथमिक शाला में दो नए कमरों के निर्माण के लिए 10 लाख रुपये तथा जर्जर हो चुके पूर्व माध्यमिक शाला भवन के पुनर्निर्माण हेतु 10 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की। उन्होंने विश्वास जताया कि ये सभी कार्य क्षेत्र के विकास को एक नई दिशा देंगे।

ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों से पूरे प्रदेश का कायाकल्प हो रहा है

​मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में करोड़ों रुपये के विकास कार्यों से पूरे प्रदेश का कायाकल्प हो रहा है। छत्तीसगढ़ निरंतर विकास की ओर अग्रसर हो रहा है। उन्होंने अपने राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन के सफर को याद करते हुए कहा कि उन्होंने एक प्राथमिक शाला के शिक्षक के रूप में अपनी सेवा की शुरुआत की थी। उनका उद्देश्य सत्ता, पैसा या रुतबा हासिल करना कभी नहीं रहा, बल्कि बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र में ऐसे ऐतिहासिक कार्य करना है जिन्हें हमेशा याद रखा जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूल मंत्र पर काम कर रही है। किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को आर्थिक संबल देने का कार्य कर रही है।

SASCI 2026-27 के तहत प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने वाला देश का पहला राज्य बना छत्तीसगढ़

सीबीजी इकोसिस्टम के विकास के लिए भारत सरकार ने स्वीकृत किए 50 करोड़ रुपये

स्वच्छ ऊर्जा, किसानों की आय में वृद्धि और हरित अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया बल

रायपुर  अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में स्वच्छ ऊर्जा, हरित विकास और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में छत्तीसगढ़ को एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उपलब्धि प्राप्त हुई है। राज्य में कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) इकोसिस्टम के विकास के लिए किए जा रहे नवाचारों और प्रभावी प्रयासों की सराहना करते हुए भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पूंजीगत निवेश विशेष सहायता योजना (SASCI) 2026-27 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को 50 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की है। इस योजना के तहत यह प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जैव ईंधन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ तेजी से राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रहा है और यह उपलब्धि उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग तथा छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को इस सफलता के लिए बधाई दी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति राज्य के कृषि, ऊर्जा और पर्यावरण क्षेत्र में परिवर्तनकारी भूमिका निभाएगी। इससे कृषि अवशेषों का वैज्ञानिक उपयोग सुनिश्चित होगा, किसानों को अतिरिक्त आय का नया स्रोत मिलेगा तथा पराली और अन्य जैव अवशेषों के बेहतर प्रबंधन से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करते हुए हरित अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को जैव ईंधन एवं स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना है। सीबीजी नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में निवेश, रोजगार, किसानों की आय, जैविक खेती और पर्यावरण संरक्षण को नई गति मिलेगी तथा विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को और अधिक मजबूती प्राप्त होगी।

राज्य सरकार ने कम्प्रेस्ड बायोगैस परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति-2026 को 8 जून 2026 को अधिसूचित किया है। इस नीति के माध्यम से राज्य में उपलब्ध कृषि अपशिष्ट, पैडी स्ट्रॉ तथा अन्य बायोमास का वैज्ञानिक रूपांतरण कर औद्योगिक एवं वाणिज्यिक उपयोग के लिए स्वच्छ गैसीय ईंधन का उत्पादन किया जाएगा। इससे किसानों को बायोमास की आपूर्ति से अतिरिक्त आय प्राप्त होगी, वहीं संयंत्रों से प्राप्त जैविक खाद जैविक खेती को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने सीबीजी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने, उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वित कार्यप्रणाली विकसित करने पर विशेष जोर दिया है। इसी क्रम में 3 अगस्त 2026 को मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर में प्रमुख सचिव, ऊर्जा विभाग श्री सुबोध कुमार सिंह की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बैठक में राज्य में सीबीजी परियोजनाओं के त्वरित विकास के लिए बायोमास संग्रहण व्यवस्था, सिंगल विंडो क्लीयरेंस, जैव उर्वरक के उपयोग, विभागीय समन्वय तथा निवेश प्रोत्साहन जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रमुख सचिव ने सभी विभागों को समयबद्ध एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुमित सरकार ने राज्य में सीबीजी संयंत्रों की स्थापना, निवेश संभावनाओं, नीति के क्रियान्वयन तथा भावी कार्ययोजना पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इस अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग, कृषि, नगरीय प्रशासन एवं विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, पशुधन विकास, परिवहन तथा पर्यावरण संरक्षण मंडल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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PARAS Portal to Enable Real-Time Monitoring, State-Level Review of Key Government Schemes to be conducted Every Month

Raipur, August , 2026/ Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai today directed officials to ensure transparent, effective and time-bound implementation of public welfare schemes so that every eligible citizen receives the benefits of government programmes. Chairing the first State-level review meeting of the PARAS (Project Assessment, Review and Analysis System) Portal at the Ministry, Mahanadi Bhawan, he said the platform would strengthen good governance through real-time monitoring of flagship schemes and public services. Reviewing CM Helpline 1076, Seva Setu, AgriStack, Viksit Bharat G-Ram G, the DBN-funded Mobile Tower Project and School Education initiatives, Shri Sai made it clear that negligence in implementation would not be tolerated and departments must achieve their targets.

Chief Minister Expresses Dissatisfaction Over Pending Land Demarcation Cases

Expressing concern over delays in land demarcation, Shri Sai said complaints continue to pour in despite orders from competent authorities. He directed Collectors to ensure disposal of every pending case within the prescribed timeframe through regular monitoring. Collectors were given instructions to take strict action against negligence found at any level.

Ensure a 100 Per Cent Farmers Registration on AgriStack

Chief Minister Shri Sai directed district administrations to ensure 100 per cent registration of all the eligible farmers under AgriStack, describing it as the foundation for extending multiple government benefits beyond paddy procurement. He instructed Collectors to conduct special registration drives and warned that officials would be held accountable if any eligible farmer is deprived of benefits due to negligence.

CM Helpline to Be Developed into Effective Public Grievance Redressal Mechanism

Shri Sai said CM Helpline 1076 should evolve into a robust public grievance redressal mechanism, reducing the need for citizens to visit government offices. He sought focused action plans from the Energy, Panchayat and Rural Development, and Revenue Departments and directed underperforming districts to improve grievance disposal. Officials informed the meeting that the helpline has received over 1.10 lakh complaints, with more than 65,000 resolved, while 55.29 per cent of complainants expressed satisfaction.

More Services to Be Made Available Online with Seva Setu

Reviewing Seva Setu, Chief Minister said that that 721 notified services of 27 departments are currently available online. He directed departments to integrate all remaining services and make it available online. He also gave instructions to create awareness through Gram Panchayats, Common Service Centres (CSCs) and Atal Digital Seva Kendras to improve citizens' access to online services.

Priority for Gram Panchayat Development

Reviewing the Viksit Bharat G-Ram G programme, Shri Sai directed officials to accord priority to basic infrastructure projects in every Gram Panchayat. Pending proposals should be approved without delay so that development works can begin at the earliest.

Review of Mobile Connectivity and School Education

At the meeting, Shri Sai reviewed progress in the installation of 476 DBN-funded mobile towers and directed the officials concerned to ensure timely completion of the project and improve digital connectivity in remote areas. He also reviewed the implementation of the Free Textbook Distribution Scheme, Uniform Distribution, Saraswati Cycle Yojana and the Pradhan Mantri Poshan Shakti Nirman Yojana, issuing necessary directions.

15 अगस्त से 26 जनवरी तक चलेगा विशेष अभियान, हर गांव में मुक्तिधाम और हर बालिका के लिए स्कूलों में बनेगा शौचालय

वीबी-जी राम जी मिशन से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति, 6,855 करोड़ रुपए से रोजगार और आधारभूत सुविधाओं का होगा विस्तार

6,671 बालिका शौचालय, 6,524 मुक्तिधाम-प्रतीक्षालय, 10,027 डिफंक्ट बोरवेल में बनेंगे रिचार्ज पिट

ग्राम पंचायत , ग्राम सभा के अनुमोदन से स्वीकृत होंगे कार्य

रायपुर, अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज महानदी भवन, नवा रायपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में विकसित भारत–रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) वीबी-जी राम जी के अंतर्गत राज्यव्यापी 'मेरी बेटी–मेरा अभिमान' अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने घोषणा की कि 15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक चलने वाले इस विशेष अभियान के दौरान प्रदेश के प्रत्येक गांव में मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय का निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों के सभी शासकीय विद्यालयों में बालिकाओं के लिए शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान बेटियों के सम्मान, ग्रामीण स्वच्छता, सामाजिक गरिमा और आधारभूत सुविधाओं को सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार का ऐतिहासिक कदम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के शासकीय विद्यालयों में 286.85 करोड़ रुपए की लागत से 6,671 बालिका शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। प्रत्येक शौचालय की लागत 4.30 लाख रुपए निर्धारित की गई है। इसी प्रकार प्रदेश के 6,524 गांवों में 391.44 करोड़ रुपए की लागत से प्रतीक्षालय सहित मुक्तिधाम बनाए जाएंगे, जिनकी प्रति इकाई लागत 6 लाख रुपए होगी। इसके अतिरिक्त 18.22 करोड़ रुपए की लागत से 549 मुक्तिधामों का भी निर्माण किया जाएगा, जिनकी प्रति इकाई लागत 3.32 लाख रुपए निर्धारित की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य के 10,027 बंद अथवा डिफंक्ट बोरवेलों में 52.14 करोड़ रुपए की लागत से सैंड फिल्टर एवं रिचार्ज संरचनाओं का निर्माण कराया जाएगा। प्रति इकाई लागत लगभग 52 हजार रुपए निर्धारित की गई है। इससे भू-जल स्तर में वृद्धि होगी, वर्षा जल का बेहतर संरक्षण होगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल स्वीकृत कर शीघ्र प्रारंभ कराया जाए।

ग्रामीण विकास और रोजगार का सबसे बड़ा अभियान
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना पूरे देश में 1 जुलाई 2026 से लागू हुई है। योजना के अंतर्गत सभी विकास कार्यों का चयन ग्राम सभा की स्वीकृति से किया जाएगा तथा मजदूरी की दर बढ़ाकर 300 रुपए प्रतिदिन कर दी गई है। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत–2047' के संकल्प को गांव-गांव तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगी। उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में मनरेगा और वीबी-जी राम जी के माध्यम से राज्य को लगभग 6,855 करोड़ रुपए प्राप्त होंगे, जो ग्रामीण रोजगार और विकास कार्यों के लिए राज्य में अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय निवेश है। भारत सरकार से योजना की प्रथम किस्त के रूप में 1,538 करोड़ रुपए से अधिक की वित्तीय स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है।

किसानों और श्रमिकों दोनों के हितों का रखा गया विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना में किसानों और श्रमिकों दोनों के हितों का संतुलित ध्यान रखा गया है। कृषि कार्यों के दौरान श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वर्ष में 60 दिनों तक योजना के कार्य बंद रखने का प्रावधान किया गया है, जिससे खेती और रोजगार दोनों प्रभावित न हों।

रामलला दर्शन योजना से बुजुर्गों, महिलाओं एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों का वर्षों पुराना सपना हो रहा है साकार

रायपुर, अगस्त 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार जनआस्था, सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक पर्यटन को जनकल्याण से जोड़ते हुए प्रदेशवासियों के वर्षों पुराने सपनों को साकार कर रही है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में पर्यटन विभाग द्वारा संचालित रामलला दर्शन योजना प्रदेश के हजारों श्रद्धालुओं के लिए श्रद्धा, सेवा और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बन चुकी है। इसी कड़ी में अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन से सरगुजा संभाग के 850 श्रद्धालुओं को लेकर भारत गौरव ट्रेन श्री अयोध्या धाम में प्रभु श्री रामलला तथा श्री काशी विश्वनाथ धाम के दर्शन के लिए श्रद्धा और उत्साह के वातावरण में रवाना हुई।
रेलवे स्टेशन पर सुबह से ही भक्ति और उल्लास का अनूठा वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालु भगवान श्रीराम के जयघोष के साथ स्टेशन पहुंचे। पूरा परिसर जय श्रीराम, हर-हर महादेव और जय सियाराम के उद्घोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं के चेहरों पर अपने आराध्य के दर्शन का उत्साह और भावनात्मक खुशी स्पष्ट दिखाई दे रही थी। अनेक परिवार पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे, जहां परिजनों ने तिलक लगाकर और पुष्पवर्षा कर यात्रियों को शुभ यात्रा की मंगलकामनाओं के साथ विदा किया।
भारत गौरव ट्रेन को जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर श्रीमती मंजूषा भगत (महापौर), श्री हरविंदर सिंह टिनी (सभापति), श्रीमती नीरूपा सिंह (जिला पंचायत अध्यक्ष) सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल, जिला प्रशासन तथा भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत करते हुए यात्रा की शुभकामनाएं दीं।
रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत श्रद्धालुओं को श्री अयोध्या धाम में प्रभु श्री रामलला के दिव्य दर्शन तथा श्री काशी विश्वनाथ धाम में बाबा विश्वनाथ के दर्शन एवं पूजन का सौभाग्य प्राप्त होगा। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सम्मान का विशेष ध्यान रखा गया है। पूरी यात्रा का संचालन पर्यटन विभाग एवं आईआरसीटीसी के समन्वय से सुव्यवस्थित रूप से किया जा रहा है।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को आरामदायक रेल यात्रा, स्वच्छ एवं सुरक्षित आवास, पौष्टिक शुद्ध शाकाहारी भोजन, पेयजल, स्थानीय परिवहन, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा व्यवस्था तथा अनुभवी एस्कॉर्ट दल की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं तथा दिव्यांग यात्रियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विशेष सहायता की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, ताकि प्रत्येक श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के अपनी आध्यात्मिक यात्रा पूर्ण कर सके।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सोच है कि आर्थिक स्थिति किसी भी श्रद्धालु की आस्था के मार्ग में बाधा नहीं बननी चाहिए। इसी भावना के अनुरूप रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के हजारों श्रद्धालुओं को निःशुल्क धार्मिक यात्रा का अवसर प्रदान किया जा रहा है। यह योजना केवल दर्शन कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेशवासियों को उनकी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन गई है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने श्रद्धालुओं के लिए संदेश देते हुए कहा कि रामलला दर्शन योजना मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के संवेदनशील नेतृत्व की ऐसी जनकल्याणकारी पहल है, जिसके माध्यम से प्रदेश के श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम और बाबा विश्वनाथ के पावन दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। यह यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों और सामाजिक समरसता को सशक्त बनाने का अभियान है। मैं सभी श्रद्धालुओं से प्रार्थना करता हूं कि वे प्रभु श्रीराम और बाबा विश्वनाथ से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, खुशहाली और सभी नागरिकों के कल्याण की कामना करें तथा यात्रा से लौटकर अपने अनुभव समाज के साथ साझा करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित हों।

विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव के लिए पोषण एवं बाल कल्याण पर राज्य नीति आयोग–यूनिसेफ का मंथन

दो आबकारी उपनिरीक्षक निलंबित

सहायक जिला आबकारी अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा

रायपुर अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ में शराब दुकानों में अधिक कीमत पर बिक्री और अन्य गंभीर अनियमितताओं के मामलों में आबकारी विभाग ने एक ही दिन तीन बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने बलौदाबाजार-भाटापारा और बालोद के दो आबकारी उपनिरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि 53 पेटी अवैध शराब प्रकरण में बालोद की सहायक जिला आबकारी अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा शासन को भेजी गई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

आबकारी आयुक्त द्वारा जारी आदेश के अनुसार, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की रोहासी देशी कम्पोजिट शराब दुकान में अधिक कीमत पर शराब बिक्री की शिकायत पर मूल शिकायत के अनुरूप कार्रवाई नहीं करने तथा दुकान के सीसीटीवी सिस्टम को अद्यतन नहीं रखने के कारण आबकारी उपनिरीक्षक पी. माधव राव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

वहीं, धमतरी जिले के अर्जुनी थाना क्षेत्र में 25 जुलाई को जब्त 53 पेटी अवैध देशी एवं विदेशी शराब की जांच में होलोग्राम के आधार पर शराब का स्रोत बालोद जिले की अरकार देशी कम्पोजिट शराब दुकान पाया गया। जांच में निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में थोक बिक्री सामने आने पर संबंधित वृत्त प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक आशा राम शाक्य को भी निलंबित कर दिया गया है।

इसी प्रकरण में अरकार शराब दुकान की प्रभारी एवं सहायक जिला आबकारी अधिकारी निलोफर जैन के शिथिल नियंत्रण और कर्तव्य के प्रति लापरवाही को गंभीर मानते हुए आबकारी आयुक्त ने उनके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग को भेज दी है।

आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि शराब दुकानों के संचालन में किसी भी प्रकार की अनियमितता, अधिक मूल्य पर बिक्री अथवा नियमों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा भविष्य में भी ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

निर्माण श्रमिकों के हित में मंडल की बैठक में लिए गए अहम फैसले

रायपुर,  अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिको की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति के सुधार हो रहा है। विभाग के अधिकारी यह सुनिश्चित करें की शासन की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक श्रमिकों को मिले। प्रदेश के श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने आज छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की बैठक को सम्बोधित करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किये।

छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की पंचम कार्यकाल की नवम बैठक आज गुरूवार को नवा रायपुर स्थित मण्डल कार्यालय में श्रम मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन श्री लखन लाल देवांगन, मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, उप सचिव श्रम विभाग श्री विपुल गुप्ता, अपर श्रमायुक्त श्री एस.एल. जांगड़े, कल्याण प्रशासक श्री सुनील मिश्रा, मण्डल के सचिव श्री गिरीश रामटेके सहित श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। नवीन सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के अनुरूप श्रमिक कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का निर्णय लिया गया। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत राज्य के 20 चयनित विद्यालयों में 200 निर्माण श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 6वीं में निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में निर्माण श्रमिकों के बच्चों को इंजीनियरिंग, मेडिकल, प्रबंधन तथा अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययन हेतु प्रदान की जाने वाली शैक्षणिक सहायता राशि का एकरूपीकरण करने का निर्णय भी लिया गया, जिससे अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन मिल सके। इसी प्रकार अटल करियर निर्माण योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1,000 निर्माण श्रमिकों के बच्चों को नीट (NEET) एवं जेईई (JEE) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराने का अनुमोदन किया गया।

बैठक को संबोधित करते हुए श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन एवं डॉ. रामप्रताप सिंह अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल ने कहा कि राज्य सरकार निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारों के समग्र विकास और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के हित में नई योजनाएँ प्रारंभ करने तथा वर्तमान योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए सरकार सतत प्रयासरत है, ताकि प्रत्येक पात्र निर्माण श्रमिक तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुँच सके।

 

शहरी एवं बड़ी ग्राम पंचायतों के विकास तथा बेहतर प्रबंधन के लिए कार्य योजना बनाने के दिये निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा

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