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विदिशा. श्री दुर्गा उत्सव चल समारोह के दौरान 19 अक्टूबर की रात में हुए पुलिस के लाठीचार्ज के विरोध में बुधवार को विदिशा बंद का ऐलान सनातन श्री हिंदू उत्सव समिति और हिंदू संगठनों ने किया है। मंगलवार दोपहर में बालविहार के पास स्थित लक्ष्मीबाई धन्नालाल अग्रवाल धर्मशाला में सनातन श्री हिंदू उत्सव समिति और हिंदू संगठनों के सदस्यों की बैठक हुई।

 

बैठक में सभी सदस्यों ने बुधवार को बंद करने पर अपनी सहमति दी। एकराय होने के बाद सभी सदस्य वाहनों से शहर में निकले और बंद करने के व्यापारियों का समर्थन मांगा। समिति के सदस्यों का कहना है कि पेट्रोल पंप, सब्जी मंडी और दुकानें बंद रहेंगी। सनातन श्री हिंदू उत्सव समिति के बंद के आह्वान पर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रमसिंह का कहना है कि हमने 20 स्क्वायड टीम गठित की हैं। ये टीमें पूरी नजर रखेंगी।

 

जिले में धारा 144 लागू है और यदि दुकानों को जबरिया बंद कराया तो जेल भेजने की कार्रवाई होगी। एसपी विनीत कपूर का कहना है कि बंद को लेकर शहर में 200 से ज्यादा का बल तैनात किया जाएगा। हर चौराहे और तिराहे पर नजर रखी जाएगी। एसपी ने बताया कि एएसपी ने सभी पक्षों के लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। 

ज्योतिष और द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की हैसियत सनातन (हिंदू) धर्म में धर्म सम्राट की है। हालांकि, देश के अलावा दुनिया में भी उनके शिष्यों की संख्या लाखों में है, लेकिन उन्हें वैसी तरजीह नहीं मिलती, जिसके वे हकदार हैं। उनकी साफगोई की वजह से उन्हें विवादों में घसीटने की भी कोशिश की जाती है। हालांकि, कभी कभी स्वरूपानंद स्वयं विवादित बयान देते हैं। ऐसे लोगों की तादाद भी कम नहीं है, जो उन्हें कांग्रेसी शंकराचार्य कहते हैं। साईं बाबा को लेकर वे जो बयान देते हैं, वह भी विवाद की वजह बनते हैं। इन सभी विषयों पर मध्य प्रदेश के पत्रकार राजेन्द्र चतुर्वेदी ने शंकराचार्य स्वामी स्वरूपापंद सरस्वती ने विस्तार से बात की। प्रस्तुत हैं, उसी चर्चा के संपादित अंश.. ..।
 
-स्वामीजी, गंगा की रक्षा के लिए लंबे समय तक अनशन पर बैठे प्रो. जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद अब हमारे बीच नहीं रहे। उनके निधन के लिए आप किसे जिम्मेदार मानते हैं?
 
-प्रोफेसर जीडी अग्रवाल के पास गंगा को बचाने के लिए एक पूरी कार्ययोजना थी। वह आईआईटी कानपुर में प्रोफेसर थे और उच्चकोटि के पर्यावरणविद, इसलिए उनकी योजना पर गौर किया जाना चाहिए था। उनसे बात की जानी चाहिए थी, लेकिन उनसे किसी सत्ताधारी ने बात नहीं की। प्रोफेसर अग्रवाल की मौत के लिए जिम्मेदार भी वही हैं, जिन्होंने उनसे बात नहीं की।
 
-अग्रवाल सम्मेलन नाम की संस्था का आरोप है कि प्रोफेसर की हत्या कराई गई है? 
 
-प्रोफेसर जीडी अग्रवाल को अनशन स्थल से जबरन उठाकर ऋषिकेश के ही एम्स में भर्ती कराया गया। यह काम ऋषिकेश के जिला प्रशासन ने किया था। जिन लोगों ने उन्हें अनशन स्थल से उठाया, उनकी जिम्मेदारी थी कि वे प्रोफेसर अग्रवाल की रक्षा करते, लेकिन जब वे अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा पाए, तो उन पर आरोप लगेगा ही।
 
-मतलब, आप मानते हैं कि आरोप सही है?
 
-प्रोफेसर अग्रवाल से बात करने के लिए केंद्र या उत्तराखंड सरकार का कोई प्रतिनिधि भले ही नहीं गया, लेकिन ये दोनों सरकारें उनके अनशन के कारण परेशान थीं। अग्रवाल 111 दिन तक अनशन पर बैठे रहे। सरकारों को उम्मीद रही होगी कि वे अपना अनशन समाप्त कर देंगे, लेकिन जब नहीं किया, तो उन्हें अनशन स्थल से उठवाकर हो सकता है कि कोई शरारत कर दी गई हो। मैं किसी भी आशंका को खारिज नहीं कर सकता।
 
-गंगा की सफाई के लिए केंद्र सरकार नमामि गंगे योजना चला रही है, आप उसके काम से संतुष्ट हैं?
 
-वाराणसी जाकर देखो, तो पता चलेगा कि गंगा पहले से भी ज्यादा प्रदूषित हो गई है। फ्रांस के राष्ट्रपति भारत आए, तो हमारे प्रधानमंत्री जी ने वाराणसी में नाव में गंगा में उनके साथ सैर की। लेकिन जो गंदा पानी गंगा में गिरता है, उसके स्रोतों को सजावट करने के बहाने ढंक दिया गया, ताकि फ्रांसीसी राष्ट्रपति को गंगा की सफाई का भ्रम हो जाए। जैसा चकमा उन्हें दिया गया, वैसा ही पूरे देश को दिया जा रहा है। नमामि गंगे योजना गंगा सफाई का भ्रम फैलाने का जरिया बन गई है।
 
-लगता है कि आप मोदी सरकार से बहुत नाराज हैं? मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार से भी आप नाराज होंगे?
 
-नहीं, मैं किसी से नाराज नहीं हूं। लेकिन मैंने यहां गोटेगांव में करोड़ों रुपये खर्च करके अस्पताल बनवाया था। उसे न तो मुझे शुरू करने दिया जा रहा है, न प्रदेश सरकार ही शुरू कर रही है। अगर यह अस्पताल प्रारंभ हो जाता, तो इस इलाके के लाखों लोगों को फायदा होता। लेकिन अच्छी-खासी इमारत नष्ट होने के कगार पर पहुंच गई है। न सरकार खुद कुछ कर रही है, न मुझे करने दे रही है।
 
-मध्य प्रदेश में चुनाव की सरगर्मियां प्रारंभ हो गई हैं। आप किस पार्टी की जीत देखना चाहते हैं?
 
-मुझे किसी की हार जीत से कोई मतलब नहीं है। मैं यह चाहता हूं कि जनता वर्तमान सरकार का पुराना घोषणा पत्र देखें। देखें कि उसमें किए गए वादे क्या पूरे हुए हैं? अगर उसमें किए गए वादे पूरे नहीं हुए, तो इस बार जो घोषणा पत्र आएगा, उसके वादे कैसे पूरे होंगे? बस यही कहना चाहूंगा कि जनता सोच-समझकर मतदान करे।
 
-स्वामी जी, शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने अब तक कैसा काम किया?
 
-उसमें कुछ भी उल्लेखनीय नहीं है। 
 
-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या है?
 
-केवल झूठ बोलना। झूठ बोलने के अलावा उन्होंने अब तक तो कुछ भी नहीं किया। हां, देश को नुकसान पहुंचाने वाले काम बहुत से किए हैं। नोटबंदी ने उन लोगों को सड़क पर खड़ा कर दिया, जिन लोगों के पास रोजगार थे। जीएसटी ने छोटे व्यापारियों को नुकसान पहुंचाया। सीमा पर जवान सुरक्षित नहीं हैं, खेतों में किसान सुरक्षित नहीं हैं। माल्या और नीरव मोदी जैसे लोगों ने बैंकों को बर्बाद कर दिया है। बेरोजगारी बढ़ रही है। 
 
-इसीलिए तो कुछ लोग आपको कांग्रेसी शंकराचार्य कहते हैं?
 
-भाई, मैं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहा हूं। उस समय तो कांग्रेस के अलावा और कोई था ही नहीं। अंग्रेजों के खिलाफ मैंने जो भी किया, वह कांग्रेस का झंडा लेकर ही किया। यदि इसके लिए मुझे कांग्रेसी कहा जाता है, तो मुझे इस पर गर्व है। बाकी तो मैं शंकराचार्य हूं और शंकराचार्य किसी पार्टी का नहीं होता। वह पूरे सनातन समाज का होता है, पूरी मानव जाति का होता है।
 
-स्वतंत्रता संग्राम जब चल रहा था, उस समय आरएसएस तो था?
 
-था, लेकिन देश की आजादी में उसका कोई योगदान नहीं है। 
 
-आरएसएस वाले तो कहते हैं कि उनका आजादी के आंदोलन में योगदान था, लेकिन वामपंथी इतिहासकारों ने उसकी चर्चा नहीं की?
 
-वे लोग गलत कहते हैं। आजादी की लड़ाई कई-कई तरीके से लड़ी गई। कोई जेल गया, कोई फांसी पर चढ़ गया। किसी ने अंग्रेजों के खिलाफ किताबें लिखीं, किसी ने लेख लिखे। आरएसएस के कितने लोग जेल गए? कितने लोग फांसी पर चढ़े? अगर उसके किसी विचारक ने अंग्रेजों के खिलाफ कहीं एक शब्द भी लिखा हो, तो उसे देश के सामने रखा जाए। लेकिन ये लोग कुछ नहीं बता पाएंगे, जब कुछ किया ही नहीं, तो बताएंगे क्या?
 
-आप हिंदू धर्म के सबसे बड़े संत हैं और आरएसएस हिंदुओं का सबसे बड़ा संगठन। आप दोनों की पटरी क्यों नहीं बैठती?
 
-आरएसएस को हिंदू धर्म की समझ ही नहीं है। मैंने कहा कि साईं कोई भगवान नहीं है, वह प्रेत है, हिंदुओं को उसकी पूजा नहीं करनी चाहिए। इस पर आरएसएस के भैयाजी जोशी ने कहा कि आरएसएस के कई स्वयंसेवक साईं की पूजा करते हैं। अरे भाई, स्वयंसेवक अगर किसी की पूजा करने लगेंगे, तो क्या वह भगवान हो जाएगा? आपने शाखाओं में अपने स्वयंसेवकों को क्यों नहीं बताया कि साईं प्रेत है, उसकी पूजा मत करना, भगवान की पूजा करना। ये लोग साईं की पूजा करते हैं और बात राम मंदिर की करते हैं। मोहन भागवत का कहना है कि हिंदुओं में विवाह एक अनुबंध होता है। भागवत यह भी नहीं जानते कि हिंदू धर्म में विवाह सात जन्मों का बंधन होता है और बात हिंदुत्व की करते हैं। ये हिंदुत्व के बारे में कुछ नहीं जानते।
 
-आप किसी पर भी आरोप लगा देते हैं, जबकि आप पर भी आरोप है कि आपका यह आश्रम पहाड़ी पर कब्जा करके बनाया गया है?
 
-मैं किसी पर गलत आरोप नहीं लगा सकता। अगर मैंने किसी के बारे में कुछ कहा है, तो आओ, तथ्य से, तर्क से और शास्त्रों के प्रमाण से उसे गलत साबित करो। मैं तो हमेशा संवाद के लिए तैयार रहता हूं। रही बात पहाड़ी पर कब्जा करने की, तो यह पहाड़ी मैंने लीज पर ली है। अगर मैं गलत होता, तो ये लोग जेल में डाल देते। ये लोग पहाड़ी पर कब्जा करने का आरोप इसलिए लगाते हैं, ताकि मेरी छवि खराब हो। ये नहीं जानते कि मैं शंकराचार्य हूं, मेरी कोई छवि नहीं है। मैं अपना धर्म ठीक से निभा रहा हूं। मैं आप लोगों से प्राप्त भिक्षा का भोजन ग्रहण करता हूं।
 
- राजेन्द्र चतुर्वेदी

बेंगलुरू। कर्नाटक के एक संगठन ने तीन नवंबर को होने वाले सनी लियोन के एक समारोह को बाधित करने की धमकी दी है। संगठन अदाकारा के बहुभाषी फिल्म में ‘वीरमादेवी’ की भूमिका निभाने के लिए खिलाफ है। ‘कन्नड़ रक्षणा वेदिके’ के अध्यक्ष के हरीश ने मंगलवार को पत्रकारों को बताया कि हमे सनी लियोनी के समारोह में प्रस्तुति देने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन हम उनके वीरमादेवी की भूमिका निभाने का विरोध करेंगे, जिन्हें कन्नड़ के लोग देवी की तरह मानते हैं।

उन्होंने कहा कि लियोनी का वीरमादेवी की भूमिका निभाना अनुचित है। पुलिस आयुक्त टी सुनील कुमार ने कहा कि पुलिस ने लियोनी के समारोह के लिए सशर्त अनुमति दी है। इस महीने की शुरूआत में भी ‘कन्नड़ रक्षणा वेदिके’ के सदस्यों ने लियोनी के खिलाफ प्रदर्शन कर उनके पोस्टर जलाए थे।

मुंबई। उच्चतम न्यायालय ने इस बार दिवाली में प्रदूषण को कम करने के मकसद से सिर्फ ‘ग्रीन पटाखे’ या आतिशबाजी जलाने की अनुमति दी है। मंगलवार को न्यायालय के इस फैसले के बाद पटाखा विनिर्माताओं ने कहा कि ग्रीन आतिशबाजी जैसी कोई चीज नहीं हे, वहीं पर्यावरणविदों ने कहा कि प्रशासन को शीर्ष अदालत के फैसले का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए। दूसरी ओर सोशल मीडिया पर इस फैसले के बाद ‘मजाक‘ शुरू हो गया। कई लोग ने सोशल मीडिया पर पटाखों को हरा रंग में पोस्ट किया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उनके पास पटाखों के शोर या डेसिबल का स्तर तथा धुएं का स्तर पता करने का कोई उपकरण नहीं है। इसके अलावा उन्हें खुद अपने हिसाब से देखना होगा कि पटाखा अधिक प्रदूषण तो नहीं कर रहा या बहुत तेज शोर वाला तो नहीं है। दिल्ली के एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘इस बात की निगरानी करना काफी मुश्किल होगा कि दुकानदार दिशानिर्देशों का पालन कर रहे हैं या नहीं क्योंकि दिवाली पर पटाखे थोक में बिकते हैं। बीट अधिकारियों को इस बारे में बताना होगा जिससे नियमों का उल्लंघन नहीं हो। न्यायालय के फैसले के अनुसार यदि किसी इलाके में प्रतिबंधित आतिशबाजी बिकती है तो इसकी जिम्मेदारी क्षेत्र के थाना प्रभारी या एसएचओ की होगी।

उद्योग संगठनों का कहना है कि दिवाली से पहले उच्चतम न्यायालय द्वारा आतिशबाजी या पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल के लिए कड़े नियम लागू करने के फैसले से बिक्री पर असर पड़ने का अंदेशा है। पटाखा कारोबार ज्यादातर असंगठित क्षेत्र में होता है और पटाखों की सालाना बिक्री करीब 20,000 करोड़ रुपये है। वहीं पर्यावरणविदों तथा स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब समाज को अधिक जिम्मेदारी वाले तरीके से त्योहार मनाने चाहिए। पर्यावरण वैज्ञानिक डी साहा ने कहा कि प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इन नियमों का अनुपालन कड़ाई से हो। साहा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) में भी रह चुके हैं। उन्होंने पीटीआई भाषा से कहा कि एक समाज के रूप में हम त्योहारों, शादी ब्याह या अन्य आयोजनों पर पटाखे फोड़ते हैं, लेकिन इसकी बड़ी कीमत होती हैं इससे पर्यावरण और स्वास्थ्य को नुकसान होता है। ऐसे में हमें अधिक जिम्मेदारी वाला व्यवहार करना चाहिए। शोर के जोर के संबंधी नियमों के बारे में साहा ने कहा कि पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीसो) विस्फोटक पदार्थों के संदर्भ में जन सुरक्षा पहलू से संबंधित नियमनों पर काम करता है। 

तमिलनाडु फायरवर्क्स एंड एमोरकेस मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने कहा कि वे पहले ही आतिशबाजी का विनिर्माण पीसो की अनुमति के बाद कर रहे हैं। एसोसिएशन के महासचिव के मरियप्पन ने कहा कि सिर्फ ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल से बात नहीं बनेगी क्योंकि ऐसी कोई चीज नहीं है। एसोसिएशन ने अदालत के फैसले पर पुनर्रीक्षा याचिका दायर करने का फैसला किया है। मरियप्पन ने कहा कि तमिलनाडु के शिवकासी और आसपास आठ लाख लोग पटाखा उद्योग से जुड़े हैं और मौजूदा साल का उत्पादन पहले ही पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि हम न्यायालय को बताना चाहते हैं कि हम ग्रीन आतिशबाजी का उत्पादन नहीं कर सकते। हम विनिर्माण में रसायन का इस्तेमाल कम कर सकते हैं लेकिन इसमें अधिक समय लगेगा। 
 
सिस्टम आफ द एयर क्वालिटी एंड वेदर फॉरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के गुफरान बेग ने कहा कि ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल और आतिशबाजी के लिए समय सीमित करना सही कदम हैं। उन्होंने कम प्रदूषण तथा कम भभक वाले पटाखों को हरित या ग्रीन आतिशबाजी कहा जा सकता है। सोशल मीडिया पर हालांकि ग्रीन पटाखों को लेकर मजाक और मीम्स का सिलसिला चला। कुछ लोगों ने हरे रंग को कुछ राजनीतिक दलों से जोड़ा। वहीं बहुत से लोगों ने पटाखों को हरा कर तस्वीरें पोस्ट की हैं। वहीं कई अन्य से प्रसिद्ध हस्तियों तथा अभिनेताआों की हरे रंग के कपड़े पहने तस्वीरें डालीं। 
 
इस बीच, कनफेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि पटाखों की सालाना बिक्री 15,000 से 20,000 करोड़ रुपये है। इसमें 5,000 करोड़ रुपये चीन से आयातित पटाखों का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले से पटाखों की बिक्री निश्चित रूप से प्रभावित होगी। हालांकि इसका ज्यादा कारोबार असंगठित क्षेत्र में होता है ऐसे में बिक्री में नुकसान का अनुमान लगाना मुश्किल है। खंडेलवाल ने कहा कि स्थायी कारोबारियों के अलावा पटाखों की बिक्री अस्थायी लाइसेंस के जरिये की जाती है। उन्होंने कहा, ‘‘हम सरकार से अपील करते हैं कि वह अस्थायी लाइसेंस तेजी से जारी करे, जिससे कारोबारी अपना स्टॉक निकाल सकें।’’ 
 
उन्होंने कहा कि चीन से आयातित पटाखे ज्यादा हानिकारक है। त्योहारी सीजन में वायु की गुणवत्ता में सुधार के लिए शीर्ष न्यायालय का फैसला स्वागतयोग्य है। रिटेलर्स एसोसिएशन आफ इंडिया के कुमार राजगोपालन ने कहा कि पर्यावरण की दृष्टि से उच्चतम न्यायालय का फैसला सही है। इससे पटाखों की बिक्री पर अंकुश लगेगा और साथ बेहतर गुणवत्ता वाले पटाखों की बिक्री हो सकेगी।

बासेल। दुनिया के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी रोजर फेडरर ने कड़े मुकाबले में मंगलवार को यहां सर्बिया के फिलिप क्राजिनोविच को हराकर स्विस इंडोर टेनिस टूर्नामेंट के दूसरे दौर में जगह बनाई। आठ बार के चैंपियन फेडरर ने तीन सेट तक चले मुकाबले में 6-2 4-6 6-4 से जीत दर्ज की।

 
फेडरर पर 1998 में किशोर खिलाड़ी के रूप में यहां पदार्पण के बाद से टूर्नामेंट में सबसे जल्दी बाहर होने का खतरा मंडरा रहा था लेकिन वह तीसरे और निर्णायक सेट में दमदार खेल दिखाकर जीत दर्ज करने में सफल रहे।
 
दूसरे दौर में फेडरर का सामना येन लेनार्ड स्ट्रफ से होगा जिन्होंने आस्ट्रेलिया के जान मिलमैन को 7-6 (7/3), 6-2 से हराया। मिलमैन ने ही अमेरिकी ओपन में फेडरर को हराया था।
वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सऊदी अरब के अधिकारियों ने पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या मामले को ‘‘छिपाने की सबसे बदतर कोशिश’’ की। चौतरफा घिरने के बाद आखिरकार सऊदी अरब ने कबूल किया है कि वॉशिंगटन पोस्ट के लिए लिखने वाले 59 वर्षीय खशोगी की हत्या इस्तांबुल स्थित उसके वाणिज्य दूतावास में की गई थी। ओवल ऑफिस में मंगलवार को ट्रंप ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘उनकी (सऊदी अरब) बहुत ही खराब मंशा थी। इस मामले को और बदतर बनाया गया। और यह मामले को दबाने की इतिहास की सबसे बदतर कोशिश है। बहुत ही आसानी से। बेहद घटिया करतूत। इसकी कभी कल्पना नहीं की जा सकती थी।
किसी ने वास्तव में गड़बड़ी की। और उन्होंने अब तक के सबसे बदतर ढंग से मामले को छिपाने की कोशिश की।’’ कभी शाही परिवार के करीबी रहे खशोगी बाद में सऊदी अरब के वली अहद (क्राउन प्रिंस) मोहम्मद बिन सलमान के धुर आलोचक बन गए थे। खशोगी अपनी होनेवाली शादी के लिए दस्तावेज लेने 2 अक्टूबर को इस्तांबुल स्थित सऊदी सरकार के वाणिज्य दूतावास गए थे, जिसके बाद वह लापता हो गए थे। इस घटना से सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की अंतरराष्ट्रीय छवि को बहुत ही गंभीर नुकसान पहुंचा है। तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने इस मामले में पूरी जांच करने की बात कही है। सीआईए निदेशक जीना हास्पेल अभी तुर्की में हैं और उनके जल्द अमेरिका लौटने की संभावना है।

नयी दिल्ली। सीबीआई घूसकांड मामले में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि यह जांच सरकार के अदंर नहीं आती और सरकार इसकी जांच नहीं करेगी। हम नहीं जानते कौन सही है और कौन गलत। हालांकि, इसकी जांच के सीबीआई और सीवीसी का अधिकार क्षेत्र है। 

 

नयी दिल्ली। विपक्षी पार्टियों ने सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को पद से हटाए जाने के लिए भाजपा सरकार की निंदा की है। वर्मा और सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच टकराव चल रहा है और केंद्र ने दोनों ही अधिकारियों को छुट्टी पर भेज दिया है। इस बीच झालावाड़ में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि CBI चीफ आलोक वर्मा राफेल सौदे के पेपर इकट्ठा कर रहे थे, इसलिए उनकी छुट्टी की गई है। राहुल गांधी ने कहा कि कल रात को चौकीदार ने CBI निदेशक को हटा दिया। 

 
इसके अलावा कांग्रेस ने वर्मा को छुट्टी पर भेजे जाने को एजेंसी की स्वतंत्रता खत्म करने की अंतिम कवायद बताया है जबकि माकपा ने सरकार के इस फैसले को गैरकानूनी करार दिया। वहीं आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार से सीबीआई निदेशक को छुट्टी पर भेजे जाने के पीछे की वजह की बताने को कहा है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने हैरत जाहिर करते हुए सवाल किया कि क्या वर्मा को, राफेल घोटाले में भ्रष्टाचार की जांच करने की उत्सुकता की वजह से ‘हटाया’ गया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस संबंध में जवाब भी मांगा। 
 
( ईश्वर दुबे)  भिलाई। भिलाईनगर विधानसभा क्षेत्र से युवा नेता एवं महापौर देवेंद्र यादव की टिकट फाइनल होने से यह बात तो साफ है कि कांग्रेस इस बार सत्ता की बागडोर अपने हाथ मे लेने के लिए केवल योग्यता और जीत का माद्दा रखने वाले प्रत्याशियों को ही टिकट दे रही है। भिलाईनगर से देवेंद्र यादव की दावेदारी का विरोध करने वाले कांग्रेसियों की राहुल गांधी के आगे नहीं चली और टिकट लगभग फाइनल हो चुका है। भिलाईनगर की सीट में परंपरागत रूप से प्रेमप्रकाश और बदरूद्दीन कुरैशी ही चुनाव मैदान में आमने सामने होते थे इस बार चुनावी खेल युवा नेता और दिग्गज मंत्री के बीच खेला जाएगा। देवेंद्र यादव के पास युवा जोश और मंत्री प्रेमप्रकाश के पास विकास की गाथा है। देवेंद्र यादव महापौर रहते हुए जनता के बीच अब नया चेहरा भी नहीं रहे, जनमानस तक उनकी पहुँच बन चुकी है। सर्वसुलभ उपलब्धता, व्यवहार कुशलता के परिचय के बल पर वे मंत्री प्रेमप्रकाश को कड़ी टक्कर देंगे इस बात में कोई दोमत नहीं है। बहरहाल भिलाईनगर के चुनाव में भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशी की बीच कड़ा मुकाबला होने के आसार हैं युवा नेता देवेंद्र यादव हर प्रकार से मजबूत प्रत्याशी हैं युवाओं की फौज उनके साथ है। भिलाईनगर का चुनावी महासंग्राम इस बार रोचक और 19- 20 से जीत के अंतर वाला परिणाम सामने आएगा।

नयी दिल्ली। मोदी सरकार में सीबीआई का “राजनीतिक प्रतिशोध के हथियार” के तौर पर इस्तेमाल किये जाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को यह भी कहा कि प्रमुख जांच एजेंसी का पतन हो रहा है और वह “खुद से ही जंग लड़ रही है।’’ सरकार पर हमला बोलने के लिए ट्विटर पर उन्होंने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में दूसरे नंबर की हैसियत रखने वाले अधिकारी राकेश अस्थाना को रिश्वत मामले में आरोपी बताया गया है। 

ट्वीट किया, “प्रधानमंत्री का चहेता व्यक्ति, गोधरा एसआईटी का चर्चित चेहरा, सीबीआई में दूसरे नंबर की हैसियत पाने वाला गुजरात कैडर का अधिकारी, अब रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।”उन्होंने कहा, “इन प्रधानमंत्री के शासन में सीबीआई राजनीतिक प्रतिशोध लेने का हथियार बन गई है। एक संस्थान जो पतन की ओर बढ़ रहा है वह खुद से ही जंग लड़ रहा है।” कांग्रेस अध्यक्ष और उनकी पार्टी अस्थाना को सीबीआई का विशेष निदेशक नियुक्त किए जाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगातार हमलावर रही है। 
 

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