अब दो तरीके हो सकते है जिसके तहत कुमार सवामी अपनी सरकार को बचा सकते हैं, पहली तो ये कि अगर सभी बागी विधायक उनकी गठबंधन में वापिस लौट जाएँ, जो होना अभी के हालातों में नामुमकिन है. और दूसरा ये कि किसी भी तरह से सरकार विधायकों में से कुछ का ही समर्थन ले ले. एक तरफ 16 बागी विधायकों में से रामालिंगा रेड्डी नें संकेत दिए हैं की अगर शक्ति परिक्षण का समय आएगा तो वे मौजूदा सरकार को अपना वोट देंगें.
कुल मिलकर इन बागी विधायकों की वजह से कर्नाटक में राजनैतिक अस्थिरता का सामना कर रही कुमार स्वामी सरकार के लिए इन सभी परिस्थितियों और विकल्पों में बहुत ही मुश्किल है. येदियुरप्पा क्या उनकी जगह मुख्यमंत्री बनेंगे. दूसरी ओर कांग्रेस लगातार येदियुरप्पा पर आरोप लगा रही थी कि वो ऑपरेशन लोटस चला रहें हैं. जिसमें उनकी सरकार को कर्नाटक से गिराना चाहते है. विधायकों की खरीद फरोख्त की जा रही है. लेकिन सवाल इस वक़्त ये है की अगर भाजपा वापिस बहुमत सिद्ध करके सत्ता में लौटती है, तो क्या येदियुरप्पा पर भरोसा दिखाया जाएगा. या भाजपा की तरफ से मुख्यमंत्री के रूप में नया चेहरा मिलेगा.
आइये आंकड़ों से समझते हैं वर्तमान में कर्नाटक में किसके पास कितनें विधायक हैं :
कर्नाटक में कुल सीटों की सख्या 224
कांग्रेस 79 विधायक (16 विधायकों नें इस्तीफा दिया है, इनमें से एक विधायक रामालिंगा रेड्डी शक्ति परिक्षण के दौरान सरकार के पक्ष में वोटिंग कर सकते हैं)
जे.डी.एस. 37 विधायक
बी.एस.पी. 01 विधायक
भाजपा के पीला में कुल 107 विधायक -
भाजपा 105 विधायक
निर्दलीय 02 विधायक
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